कान में दर्द के कारण और घरेलू उपचार – Earache (Ear Pain) Home Remedies in Hindi

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इस भागदौड़ भरी जिंदगी में लोगों को कई तरीके की शारीरिक समस्याओं का सामना करना पड़ता है। कान का दर्द भी इन्हीं में से एक है, जो एक या फिर दोनों कानों में हो सकता है। यह किसी के लिए भी तकलीफदेह हो सकता है। कभी-कभी यह दर्द कम समय के लिए ही होता है, लेकिन कुछ मामलों में यह लंबे समय के लिए भी रह सकता है। ऐसे में इसका इलाज जरूरी हो जाता है। यही कारण है कि स्टाइलक्रेज के इस लेख में हम कान दर्द का रामबाण इलाज बताने वाले हैं। तो चलिए हमारे साथ जानिए कान दर्द का घरेलू उपचार। साथ ही जानिए कान में दर्द के कारण और लक्षण।

शुरू करते हैं लेख

आइये, सबसे पहले कान में दर्द के कारण को जान लेते हैं।

कान में दर्द के कारण – Causes of Earache Hindi

नीचे जानिए कान में दर्द के विभिन्न कारण (1) :

  • जबड़े का गठिया
  • कम समय तक कान में संक्रमण
  • लंबे समय तक कान में संक्रमण
  • कान में किसी प्रकार की चोट
  • इयर वैक्स का अधिक जमाव या कान में किसी चीज का फंस जाना
  • कान के पर्दे में छेद होना
  • साइनस का इन्फेक्शन
  • गले में खराश
  • टेम्पोरोमैंडिबुलर ज्वाइंट सिंड्रोम (जबड़े के जोड़ व आसपास की मांसपेशियां से जुड़ी समस्या)
  • दांतों से जुड़ा संक्रमण

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कान में दर्द के लक्षण नीचे बताए गए हैं।

कान में दर्द के लक्षण – Earache Symptoms in Hindi

कान में दर्द कोई बीमारी नहीं है, बल्कि यह अपने आप में एक लक्षण है, जो कान से जुड़े संक्रमण, जैसे ओटाइटिस मीडिया (मिडिल ईयर से जुड़ा संक्रमण) व स्वीमर्स ईयर (कान की बाहरी कैनाल से जुड़ा संक्रमण) के अलावा ऊपर बताए गए कान दर्द के कारणों की वजह से सामने आ सकता है (1)। हालांकि, कान में दर्द के साथ कुछ संभावित निम्नलिखित परेशानियां भी देखने को मिल सकती हैं :

  • कान में अधिक या कम दर्द की अनुभूति।
  • कान दर्द के कारण असहजता।
  • अधिक तेज आवाज को सुनने में परेशानी।
  • कान दर्द के कारण चिड़चिड़ापन।

आगे है रोचक जानकारी

लेख के इस हिस्से में हमारे साथ जानिए कान दर्द का रामबाण इलाज।

कान दर्द के घरेलू उपचार – 24 Effective Home Remedies for Ear Pain in Hindi

कान में दर्द के लिए कान दर्द का घरेलू उपचार किया जा सकता है। यहां हमने 24 घरेलू नुस्खों का जिक्र किया है, जो कान के दर्द का इलाज करने में कुछ हद तक मददगार हो सकते हैं। लेकिन, हम यह स्पष्ट कर दें कि यहां बताए गए घरेलू उपाय कान में दर्द का डॉक्टरी इलाज नहीं है। इनका इस्तेमाल केवल इसके प्रभाव को कुछ हद कम करने में मददगार साबित हो सकता है। आइये, अब जानते हैं क्या है कान दर्द का घरेलू उपचार :

1. लहसुन

सामग्री :

  • लहसुन – एक से दो कली
  • सरसों का तेल – एक चम्मच

उपयोग करने का तरीका :

  • लहसुन की कलियों को अच्छे से छिलकर छोटे-छोटे टुकड़ों में काट लें।
  • अब इसके टुकड़ों को सरसों तेल में डालकर कर गर्म कर लें।
  • इसके बाद ठंडा होने पर इसे छान लें और दो से तीन बूंद कान में डालें।
  • आराम मिलने तक इसका प्रयोग रोजाना दो से तीन बार किया जा सकता है।

कैसे है फायदेमंद :

कान में दर्द होना कष्टदायक हो सकता है। इससे राहत पाने के लिए कान दर्द के घरेलू उपचार के तौर पर लहसुन का उपयोग फायदेमंद हो सकता है। एनसीबीआई (National Center for Biotechnology Information) की वेबसाइट पर मौजूद एक रिसर्च से इस बात की पुष्टि होती है। इस शोध के मुताबिक, प्राकृतिक सामग्रियों से बना इयर ड्रॉप जिसमें लहसुन का अर्क भी शामिल है, कान दर्द में लाभकारी हो सकता है (2)।

इसके अलावा, लहसुन में एलिसिन (allicin) और एस-एलिल सिस्टीन (s-allyl cysteine) नामक यौगिक मौजूद होते हैं, जो एंटी माइक्रोबियल गतिविधि प्रदर्शित कर सकते हैं। इसका यह गुण कान में बैक्टीरिया के कारण होने वाले संक्रमण के इलाज में मददगार साबित हो सकता है (3)। इससे बैक्टीरियल इन्फेक्शन के कारण होने वाले कान दर्द का रामबाण इलाज किया जा सकता है।

2. तुलसी या नीम का रस

सामग्री :

  • तुलसी का तेल – 2 से 3 बूंद
  • या नीम के बीज – 5 से 6

उपयोग करने का तरीका :

  • तुलसी के तेल को रूई की मदद से कान के मुंह और आसपास लगा लें।
  • अगर चाहें, तो तुलसी के जगह नीम के बीजों का भी इस्तेमाल कर सकते हैं।
  • नीम के बीज को साफ कर पीस लें और उसका रस निकाल लें।
  • फिर इसके रस की दो बूंद कान में डालें।
  • दर्द से राहत मिलने तक रोजाना दो बार यह उपाय किया जा सकता है।

कैसे है फायदेमंद :

गले और कान में दर्द से राहत पाने के लिए तुलसी का इस्तेमाल करना लाभकारी माना जा सकता है। इससे संबंधित एक शोध से जानकारी मिलती है कि तुलसी के तेल का उपयोग इयर ड्रॉप के लिए किया जाता है। दरअसल, इसमें दर्द निवारक प्रभाव होते हैं, जो कान दर्द से राहत दिलाने में मदद कर सकते हैं (4)।

वहीं, कान दर्द से राहत पाने के लिए नीम का उपयोग भी फायदेमंद साबित हो सकता है। बताया जाता है कि पारंपरिक चिकित्सा में नीम के बीज का उपयोग आंख और कान के संक्रमण से छुटकारा पाने के लिए भी किया जाता रहा है (5)। वहीं, हम ऊपर बता चुके हैं कि कान में संक्रमण के कारण कान दर्द हो सकता है। इस आधार पर इयर पेन रिलीफ होम रेमेडी के तौर पर तुलसी या फिर नीम का उपयोग कारगर माना जा सकता है।

3. गर्म सिकाई

सामग्री :

  • हॉट पैड या एक बड़ा सूती कपड़ा

उपयोग करने का तरीका :

  • सूती कपड़े को कई तह में मोड़ दें।
  • अब गैस पर तवा गर्म कर लें।
  • फिर गर्म तवे पर सूती कपड़े को कुछ सेकंड के लिए गर्म करें।
  • जब यह हल्का गर्म हो जाए, तो कान के आस-पास और गले की सिकाई करें।
  • अगर चाहें, तो गर्म सिकाई के लिए बाजार में मिलने वाले हॉट पैड का भी इस्तेमाल कर सकते हैं।
  • इसका उपयोग दर्द महसूस होने पर दिन में दो बार किया जा सकता है।

कैसे है फायदेमंद :

इयर प्रॉब्लम से राहत पाने के लिए गर्म सिकाई भी मददगार साबित हो सकती है। एनसीबीआई की वेबसाइट पर मौजूद एक केस स्टडी में इस बात का जिक्र मिलता है कि एक महिला जिसे कान में दर्द की शिकायत थी, उसने जब अपने कानों की गर्म सिकाई की, तो उसे थोड़े समय के लिए दर्द से राहत महसूस हुई (6)। हालांकि, इसके पीछे कौन सा गुण काम करता है, फिलहाल इस बारे में अभी और शोध किए जाने की आवश्यकता है।

4. ठंडी सिकाई

सामग्री :

  • कोल्ड पैक या कोई गिला कपड़ा

उपयोग करने का तरीका :

  • कान के बाहरी हिस्से पर 20 मिनट के लिए एक कोल्ड पैक या गिला कपड़ा रखकर सिकाई करें।
  • दिन भर में दो बार इसका उपयोग किया जा सकता है।

कैसे है फायदेमंद :

कान दर्द से राहत पाने के लिए गर्म सिकाई के अलावा ठंडी सिकाई भी फायदेमंद मानी जाती है। माना जाता है कि कोल्ड पैक दर्द को कम करने के लिए एक प्रभावी तरीका साबित हो सकता है (1)। ऐसे में कान के दर्द से राहत पाने के लिए ठंडी सिकाई की मदद ली जा सकती है।

5. ऑलिव ऑयल

सामग्री :

  • ऑलिव ऑयल – 2 से 3 बूंद

उपयोग करने का तरीका :

  • ऑलिव ऑयल को हल्का गर्म कर लें।
  • अब इसकी 2 से 3 बूंद कान में डालें।
  • इस प्रक्रिया को दिन भर में दो से तीन बार दोहरा सकते हैं।

कैसे है फायदेमंद :

कान दर्द का उपाय जैतून के तेल के इस्तेमाल से भी किया जा सकता है। दरअसल, एनसीबीआई की वेबसाइट पर मौजूद एक रिसर्च में साफ तौर से इस बात का जिक्र मिलता है कि प्राकृतिक सामग्रियों से बना इयर ड्रॉप जिसमें ऑलिव ऑयल भी शामिल है, कान दर्द में लाभकारी हो सकता है (2)।

इसके अलावा, जैतून के तेल का इस्तेमाल इयर वैक्स को नरम करने के लिए किया जा सकता है, जिससे यह कान से आसानी से निकल सकता है (7) इस आधार पर यह कहना गलत नहीं होगा कि जैतून का तेल वैक्सी इयर के साथ-साथ कान दर्द का रामबाण इलाज साबित हो सकता है।

6. सरसों का तेल

सामग्री :

  • सरसों का तेल – 2 से 3 बूंद

उपयोग करने का तरीका :

  • सरसों के तेल को हल्का गर्म कर लें।
  • अब इसकी दो से तीन बूंद कान में डालें।
  • राहत मिलने तक रोजाना दिन में दो बार यह उपाय कर सकते हैं।

कैसे है फायदेमंद :

सरसों तेल की मदद से भी कान दर्द का घरेलू उपाय किया जा सकता है। एक अध्ययन में इस बात का जिक्र मिलता है कि कान का दर्द दूर करने के लिए गुनगुना सरसों का तेल और तुलसी का मिश्रण उपयोगी साबित हो सकता है (8)। यही नहीं, सरसों के तेल का इस्तेमाल वैक्सी इयर की समस्या से भी राहत दिला सकता है। एक शोध की मानें, तो कान साफ करने के लिए घरेलू उपचार के तौर पर सरसों का तेल बेहद कारगर साबित हो सकता है (9)। इस आधार पर यह माना जा सकता है कि सरसों का तेल कान दर्द से राहत दिलाने के अलावा कान की सफाई के लिए उपयोगी साबित हो सकता है।

7. प्याज

सामग्री :

  • प्याज का रस

उपयोग करने का तरीका :

  • प्याज के रस को हल्का गर्म कर लें।
  • अब इसकी दो से तीन बूंद कान में डालें।
  • जब भी दर्द महसूस हो, यह उपाय किया जा सकता है।

कैसे है फायदेमंद :

कान दर्द का रामबाण इलाज प्याज की मदद से भी किया जा सकता है। इस संबंध में एनसीबीआई की वेबसाइट पर एक रिसर्च मौजूद है, जिसमें कान का दर्द कम करने के लिए प्याज के इस्तेमाल की बात कही गई है (10)। इसके अलावा, प्याज पर हुए एक अन्य अध्ययन में बताया गया है कि गुनगुने प्याज के रस की 5-6 बूंदों को कान में डालने से कान दर्द से राहत मिल सकती है (11)। हालांकि, यह कितना प्रभावी होगा, इसे लेकर अभी और शोध किए जाने की आवश्यकता है।

8. अदरक

सामग्री :

  • अदरक का एक छोटा टुकड़ा

उपयोग करने का तरीका :

  • अदकर को पीसकर उसका रस निकाल लें।
  • अब इसके रस की कुछ बूंद को कान के मुंह और कान के आसपास लगा लें।
  • जब भी दर्द महसूस हो, यह उपाय किया जा सकता है।

कैसे है फायदेमंद :

अदरक का उपयोग करके भी कान दर्द का घरेलू उपचार किया जा सकता है। इस बात की जानकारी एक शोध से मिलती है। शोध के मुताबिक, अदरक के रस की बूंदों से कान का दर्द ठीक हो सकता है (12)। इसके अलावा, यूनाइटेड स्टेट के नेब्रास्का विश्वविद्यालय द्वारा किए गए एक शोध में पाया गया कि अदरक में एनाल्जेसिक (दर्द निवारक) गुण पाया जाता है (13)।

यह दर्द से राहत दिलाने में कारगर साबित हो सकता है। यही कारण है कि कान दर्द का घरेलू उपाय करने के लिए अदरक भी सहायक सिद्ध हो सकता है।

9. सेंधा नमक

सामग्री :

  • सेंधा नमक – आधा चम्मच
  • गर्म पानी – एक कप

उपयोग करने का तरीका :

  • गर्म पानी में सेंधा नमक मिला लें।
  • अब इससे कान में भाप लें।
  • दिन में दो बार इस प्रक्रिया को दोहराया जा सकता है।

कैसे है फायदेमंद :

कान दर्द से राहत पाने के लिए सेंधा नमक का उपयोग फायदेमंद साबित हो सकता है। इस बारे में एक शोध से पता चलता है कि नमक और पानी का घोल कान की तकलीफ को दूर करने में सहायक हो सकता है। यही नहीं, नमक-पानी के घोल से गरारा करने पर गले की खराश भी कम हो सकती है (14)। बता दें कि गले की खराश को भी कान दर्द का एक कारण माना गया है (1)।

ऐसे में, यह कहना गलत नहीं होगा कि सेंधा नमक और पानी के इस्तेमाल से गले में खराश के कारण हो रहे कान दर्द से राहत मिल सकती है।

10. नीलगिरी का तेल

सामग्री :

  • नीलगिरी का तेल – 2 से 4 बूंद

उपयोग करने का तरीका :

  • एक कॉटन बॉल में नीलगिरी का तेल लगा लें।
  • फिर उस रूई को कान के मुंह पर रख दें।
  • समस्या के दिनों में प्रतिदिन एक बार ऐसा कर सकते हैं।

कैसे है फायदेमंद :

नीलगिरी के तेल का इस्तेमाल करके भी कान दर्द का घरेलू उपाय किया जा सकता है। दरअसल, नीलगिरी के तेल का इस्तेमाल कई शारीरिक समस्याओं में किया जाता है। बताया जाता है कि नीलगिरी के तेल में एनाल्जेसिक प्रभाव मौजूद होते हैं, जो दर्द से आराम दिलाने में मददगार साबित हो सकते हैं (15)।

इसके अलावा, एनसीबीआई की वेबसाइट पर प्रकाशित एक शोध के अनुसार, यूकेलिप्टस ऑयल एंटीवायरल (वायरल संक्रमण को रोकने वाला) और एंटी बैक्टीरियल (बैक्टीरिया को पनपने से रोकने वाला) गुण प्रदर्शित कर सकता है (16)। इसके ये दोनों गुण कान में इंफेक्शन को फैलाने वाले वायरस या बैक्टीरिया के प्रभाव को कम करने में प्रभावी हो सकते हैं।

11. रबिंग अल्कोहल

सामग्री :

  • रबिंग अल्कोहल – आवश्यकतानुसार
  • व्हाइट विनेगर – आवश्यकतानुसार

उपयोग करने का तरीका :

  • रबिंग अल्कोहल के साथ व्हाइट विनेगर को समान मात्रा में मिलाएं।
  • अब एक ड्रॉपर की मदद से इसकी दो से तीन बूंद प्रभावित कान में डालें।
  • जब भी दर्द महसूस हो, यह उपाय किया जा सकता है।

कैसे है फायदेमंद :

एनसीबीआई की वेबसाइट पर प्रकाशित एक रिसर्च के मुताबिक, समान मात्रा में सफेद सिरका और रबिंग अल्कोहल से बनाया गया इयर ड्रॉप स्वीमर्स इयर (बाहरी कान का संक्रमण) में आराम पहुंचा सकता है (17)। इससे कुछ हद तक संक्रमण के कारण हो रहे कान के दर्द से राहत मिल सकती है। हालांकि, इस विषय पर अभी और शोध किए जाने की आवश्यकता है।

बने रहें हमारे साथ

12. नारियल का तेल

सामग्री :

  • नारियल का तेल – 1 चम्मच
  • तुलसी के पत्ते – 1 से 2

उपयोग करने का तरीका :

  • नारियल के तेल में तुलसी के पत्तों को डाल कर हल्का गर्म कर लें।
  • इसके बाद एक ड्रॉपर की मदद से दो से तीन बूंद इसे कान में डालें।
  • समस्या के दिनों में रोजाना दो बार इसका उपयोग करें।

कैसे है फायदेमंद :

त्वचा के लिए नारियल तेल के फायदे तो है ही। इसके अलावा, इसका उपयोग कान दर्द की दवा के तौर पर भी किया जा सकता है। इस बारे में प्रकाशित एक शोध से जानकारी मिलती है कि नारियल के तेल में एंटी माइक्रोबियल (बैक्टीरिया से बचाने वाला) और एंटी फंगल (फंगल संक्रमण से बचाने वाला) प्रभाव मौजूद होते हैं।

इसके ये दोनों गुण कान को बैक्टीरियल और फंगल संक्रमण से बचाने में मददगार साबित हो सकते हैं (18)। इसके अलावा, नारियल तेल में एनाल्जेसिक प्रभाव यानी दर्द से राहत दिलाने वाले गुण भी मौजूद होते हैं (19)। ऐसे में हम कह सकते हैं कि नारियल तेल का उपयोग कुछ हद तक कान दर्द का घरेलू उपचार करने में मददगार हो सकता है।

13. अरंडी

सामग्री :

  • अरंडी के पत्ते – 3 से 4

उपयोग करने का तरीका :

  • अरंडी के पत्तों को अच्छे से साफ कर लें।
  • फिर पत्तों को पीसकर उसका रस निकाल लें।
  • अब इसके रस की कुछ बूंद कान में डालें।
  • अगर चाहें, तो इसकी जगह अरंडी का तेल इस्तेमाल कर सकते हैं।
  • दर्द महसूस होने पर रोजाना दो बार यह उपाय करें।

कैसे है फायदेमंद :

कान दर्द का घरेलू उपचार करने के लिए अरंडी का इस्तेमाल भी सहायक माना जा सकता है। बताया जाता है कि आयुर्वेदिक उपचार के तौर पर अरंडी का इस्तेमाल सालों से किया जाता रहा है। कान दर्द से राहत पाने के लिए भी इसका उपयोग लाभकारी माना जा सकता है।

एक शोध में इस बात का साफ तौर से जिक्र मिलता है कि अरंडी के पत्तों का इस्तेमाल कान दर्द से निजात दिलाने में सहायक साबित हो सकता है (20)। हालांकि, यह कितना प्रभावी होगा, इसे लेकर अभी और शोध किए जाने की आवश्यकता है।

14. लैवेंडर का तेल

सामग्री :

  • लैवेंडर तेल की कुछ बूंदें

उपयोग करने का तरीका :

  • लैवेंडर तेल से कान के आस पास मालिश करें।
  • अगर चाहें, तो गर्म पानी में लैवेंडर तेल की कुछ बूंदों को डालकर भाप भी ले सकते हैं।
  • इसका इस्तेमाल दिन में दो बार किया जा सकता है।

कैसे है फायदेमंद :

कान दर्द की दवा के लिए लैवेंडर का तेल उपयोगी माना जा सकता है। यही कारण है कि प्राकृतिक सामग्रियों से बने इयर ड्रॉप में लैवेंडर तेल का उपयोग किया जाता है (2)। इसके अलावा, एनसीबीआई की वेबसाइट पर एक शोध मौजूद है, जिसमें बताया गया है कि लैवेंडर के तेल में दर्द को कम करने की क्षमता होती है।

साथ ही यह एंटी इंफ्लामेटरी गुण से भी समृद्ध होता है, जो कान की सूजन को कम करने में सहायक हो सकता है (21)। इस आधार पर यह कहना गलत नहीं होगा कि कान दर्द से आराम पाने के लिए लैवेंडर ऑयल मददगार हो सकता है।

15. पुदीने का तेल

सामग्री :

  • पुदीने का तेल – 4 से 5 बूंदें

उपयोग करने का तरीका :

  • रूई की मदद से पुदीने के तेल को कान के आस पास लगा लें।
  • चाहें, तो दो-तीन बूंद पुदीने के तेल की रूई पर डालकर उसे कान के मुंह पर रख सकते हैं।

कैसे है फायदेमंद :

कान में दर्द का घरेलू उपाय करने के लिए पुदीना के तेल के फायदे भी देखे जा सकते हैं। दरअसल, पुदीने का तेल एंटी बैक्टीरियल (बैक्टीरिया को पनपने से रोकने वाला) गुण से समृद्ध होता है। इसका यह गुण कान को बैक्टीरियल संक्रमण से बचाने में मददगार हो सकता है (22)।

इस आधार पर यह माना जा सकता है कि बैक्टीरियल संक्रमण के कारण हुए कान में फुंसी का इलाज और कान में दर्द से आराम पाने के लिए पुदीने का तेल एक बेहतर विकल्प साबित हो सकता है। फिलहाल, इस विषय पर अभी और शोध किए जाने की जरूरत है।

16. टी ट्री ऑयल

सामग्री :

  • टी ट्री ऑयल – 3 से 4 बूंद
  • जैतून का तेल – 6 से 8 बूंद

उपयोग करने का तरीका :

  • दोनों तेलों को आपस में मिला लें।
  • अब इस मिश्रण से कान के आसपास मालिश करें।
  • इसके अलावा, कान के बाहरी हिस्से पर भी तेल लगा सकते हैं।
  • दर्द महसूस होने पर ऐसा किया जा सकता है।

कैसे है फायदेमंद :

कान में दर्द हो तो क्या करें, इस सवाल का जवाब है टी ट्री ऑयल। जी हां, टी ट्री ऑयल की मदद से भी कान में दर्द का घरेलू उपाय किया जा सकता है। दरअसल, टी ट्री ऑयल में एंटी फंगल (फंगस से लड़ने वाला) प्रभाव मौजूद होता है, जो फंगस के कारण कान में फैले संक्रमण के खिलाफ प्रभावी हो सकता है (23)।

वहीं, जैसा कि हमने लेख के शुरुआत में बताया कि कान में दर्द का एक कारण कान में फैले संक्रमण को भी माना गया है (1)। इस आधार पर यह माना जा सकता है कि टी ट्री ऑयल का उपयोग करके फंगल संक्रमण के कारण हो रहे कान दर्द का उपाय किया जा सकता है।

17. अजवाइन का तेल

सामग्री :

  • अजवाइन का तेल – 4 से 5 बूंद

उपयोग करने का तरीका :

  • अजवाइन के तेल से कान के बाहरी हिस्से पर और पीछे के भाग की मालिश करें।
  • दर्द का एहसास होने पर दिन में दो से तीन बार कान की मालिश कर सकते हैं।

कैसे है फायदेमंद :

अगर किसी को कान के नीचे दर्द की समस्या है, तो इससे निजात पाने के लिए अजवाइन के तेल का इस्तेमाल करना लाभकारी साबित हो सकता है। बता देंकि फंगल इन्फेक्शन को दूर करने के लिए अजवाइन के तेल को उपयोग में लाया जा सकता है।

इस बात की पुष्टि एक शोध में की गई है। इस शोध के मुताबिक, इसमें एंटी बैक्टीरियल (बैक्टीरिया को नष्ट करने वाले) गुण के साथ एंटी-फंगल (फंगस को नष्ट करने वाला) प्रभाव भी पाया जाता है (24)। ऐसे में, संक्रमण के कारण हो रहे कान दर्द से थोड़ी राहत मिल सकती है।

इसके अलावा, एक अन्य शोध के मुताबिक, अजवाइन तेल युक्त नस्ल स्प्रे क्रोनिक राइनोसिनिटिस (नसल कैविटी से जुड़ी सूजन की समस्या) के लक्षणों को कम कर सकता है, जिसमें कान में दर्द होना भी शामिल है (25)।

18. एसेंशियल ऑयल

सामग्री :

  • लेमन ग्रास एसेंशियल ऑयल की कुछ बूंदें
  • या दालचीनी के तेल की कुछ बूंदें

उपयोग करने का तरीका :

  • ऊपर बताए गए किसी भी तेल से कान के बाहरी हिस्से और आसपास मालिश करें।
  • समस्या के दिनों में प्रभावित हिस्से की मालिश दिन में 3 से 4 बार कर सकते हैं।

कैसे है फायदेमंद :

कान में दर्द से राहत पाने के लिए एसेंशियल ऑयल बेहद लाभकारी माने जा सकते हैं। बताया जाता है कि लेमन ग्रास एसेंशियल ऑयल और दालचीनी के तेल में एंटी फंगल (फंगस से लड़ने वाला) गुण मौजूद होते हैं (22)। ऐसे में, इसका उपयोग कान में फंगल संक्रमण के कारण होने वाले कान दर्द और कान में फुंसी का इलाज करने में मददगार हो सकता है। फिलहाल, इस विषय पर अभी और शोध किए जाने की आवश्यकता है।

19. हाइड्रोजन पेरोक्साइड

सामग्री :

  • हाइड्रोजन पेरोक्साइड – 3 प्रतिशत
  • हल्का गर्म पानी

उपयोग करने का तरीका :

  • हाइड्रोजन पेरोक्साइड को गुनगुने पानी में मिलाएं।
  • फिर इस मिश्रण की दो-तीन बूंद प्रभावित कान में ड्रॉपर की मदद से डालें।
  • 10 से 12 मिनट के बाद कान को साफ कर लें।
  • इसका उपयोग दिन में एक बार किया जा सकता है।

कैसे है फायदेमंद :

कान में दर्द होना और वैक्सी इयर दोनों से राहत पाने के लिए हाइड्रोजन पेरोक्साइड एक लाभकारी उपाय माना जा सकता है। एनसीबीआई की वेबसाइट पर प्रकाशित शोध के मुताबिक, कई इयर ड्रॉप में हाइड्रोजन पेरोक्साइड का इस्तेमाल किया जाता है, जिससे कान की सफाई में मदद मिल सकती है (26)।

इसके अलावा, हाइड्रोजन पेरोक्साइड एंटी बैक्टीरियल गुण से भी समृद्ध होता है, जो बैक्टीरियल संक्रमण से लड़ने में मददगार साबित हो सकता है (24)। इस आधार पर यह माना जा सकता है कि कान के दर्द के साथ-साथ हाइड्रोजन पेरोक्साइड बैक्टीरिया के कारण होने वाली कान में फुंसी का इलाज भी कर सकता है।

20. तिल का तेल

सामग्री :

  • तिल का तेल – आधा चम्मच
  • लहसुन की कलियां – 1 से 2

उपयोग करने का तरीका :

  • तिल के तेल में लहसुन की कलियों को छोटे टुकड़ों में काट कर मिला लें।
  • फिर इसे थोड़ी देर के लिए हल्का गर्म करें।
  • इसके बाद इसकी दो बूंद कान में डालें।
  • जब भी दर्द महसूस हो, ऐसा किया जा सकता है।

कैसे है फायदेमंद :

कान में दर्द हो, तो क्या करें, सवाल का जवाब है तिल के तेल का उपयोग। जी हां, तिल के तेल का इस्तेमाल करके भी इयर प्रॉब्लम से छुटकारा पाया जा सकता है। एक शोध से इस बात की जानकारी मिलती है कि कान के दर्द के साथ-साथ कानों से स्राव के उपचार के लिए तिल के तेल का उपयोग करना फायदेमंद साबित हो सकता है (28)। ऐसे में यह कहना गलत नहीं होगा कि तिल के तेल और लहसुन का मिश्रण कान दर्द की दवा के रूप में एक बेहतर विकल्प साबित हो सकता है।

21. सेब का सिरका

सामग्री :

  • सेब का सिरका – 3 से 4 बूंद
  • पानी – आधा चम्मच

उपयोग करने का तरीका :

  • सबसे पहले सेब के सिरके में पानी को मिला लें।
  • अब इसमें एक कॉटन बॉल डुबोएं और दो बूंदें कान में डालें।
  • समस्या के दिनों में रोजाना दो बार ऐसा किया जा सकता है।

कैसे है फायदेमंद :

कान दर्द से राहत पाने के लिए सेब का सिरके का उपयोग करना फायदेमंद हो सकता है। दरअसल, एप्पल साइडर विनेगर में एंटी इफेक्टिव प्रभाव मौजूद होता है, जो इंफेक्शन से बचाने में सहायक माना जा सकता है। इसके अलावा, शोध में जिक्र मिलता है कि 2 प्रतिशत एसिटिक सॉल्यूशन के साथ डाइल्यूटेड विनेगर कान के संक्रमण में लाभकारी हो सकता है (29)। ऐसे में अगर संक्रमण के कारण कान में दर्द हो रहा हो, तो एप्पल साइडर विनेगर का इस्तेमाल कर इससे राहत पाई जा सकता है।

22. लौंग का तेल

सामग्री :

  • लौंग का तेल – 3 से 4 बूंद
  • तिल का तेल – 3 से 4 बूंद

उपयोग करने का तरीका :

  • लौंग के तेल और तिल के तेल को आपस में मिलाकर हल्का गर्म कर लें।
  • इसके बाद एक कॉटन बॉल की मदद से इस मिश्रण की दो-तीन बूंद को कान में डालें।
  • जब भी दर्द हो, यह उपाय किया जा सकता है।

कैसे है फायदेमंद :

कान दर्द का घरेलू उपचार करने के लिए लौंग के तेल के उपयोग के साथ-साथ तिल के तेल का इस्तेमाल करना फायदेमंद साबित हो सकता है। इससे संबंधित एक शोध में इस बात की जानकारी मिलती है कि लौंग और तिल के तेल का मिश्रण कान में दर्द को ठीक करने में उपयोगी साबित हो सकता है (30)। यही कारण है कि लौंग के तेल को कान दर्द का रामबाण इलाज माना गया है।

23. मुलेन ऑयल

सामग्री :

  • मुलेन का तेल – 2-3 बूंदें
  • उपयोग करने का तरीका :
  • मुलेन के तेल को ड्रॉपर की मदद से कान में डालें।
  • दर्द से राहत मिलने तक रोजाना दो बार इसका प्रयोग कर सकते हैं।

कैसे है फायदेमंद :

मुलेन के तेल की सहायता से भी कान के दर्द को कम किया जा सकता है। इस बात की पुष्टि एनसीबीआई की वेबसाइट पर प्रकाशित एक शोध से होती है। इस शोध में बताया गया है कि मुलेन के फूलों से बना तेल कान के दर्द से आराम दिलाने में सहायक साबित हो सकता है (31)। ऐसे में कान दर्द का घरेलू उपचार करने के लिए मुलेन का तेल एक कारगर उपाय साबित हो सकता है।

24. कैलेंडुला

सामग्री :

  • कैलेंडुला के पत्ते – 5 से 6

उपयोग करने का तरीका :

  • कैलेंडुला के पत्ते को अच्छे से धोकर पीस लें और उसका रस निकाल लें।
  • अब इसके रस की दो-तीन बूंदों को रूई या फिर ड्रॉपर की मदद से कान में डालें।
  • दिन भर में दो बार इसका उपयोग कर सकते हैं।

कैसे है फायदेमंद :

कैलेंडुला भी कान में दर्द हो, तो क्या करें, सवाल का जवाब हो सकता है। इस विषय पर हुए एक शोध में साफ तौर से इस बात का जिक्र मिलता है कि कैलेंडुला का इस्तेमाल कई प्रकार के संक्रमण से बचाव के लिए किया जाता है। कान का संक्रमण भी इसी में शामिल है। बताया जाता है कि कई इयर ड्रॉप में कैलेंडुला का उपयोग किया जाता है (32)। यही कारण है कि कान दर्द के घरेलू नुस्खों के लिस्ट में कैलेंडुला को शामिल किया जा सकता है।

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कान दर्द का घरेलू उपाय जानने के बाद इसके मेडिकल ट्रीटमेंट के बारे में भी जान लीजिए।

कान दर्द के लिए मेडिकल ट्रीटमेंट – Medical treatment for Ear-Pain in Hindi

अगर घरेलू नुस्खों की मदद से कान का दर्द ठीक नहीं हो पा रहा है, तो ऐसे में मेडिकल ट्रीटमेंट की सलाह दी जा सकती है। यहां हम कुछ ऐसे ही मेडिकल ट्रीटमेंट के बारे में बता रहे हैं, जिनकी मदद से कान के दर्द से राहत मिल सकती है :

1. एंटीबायोटिक्स : अगर कान में दर्द संक्रमण की वजह से है, तो ऐसे में कान दर्द की दवा के तौर पर एंटीबायोटिक दवाओं की सलाह दी जा सकती है (33)।

2. एनेस्थेटिक ड्रॉप : कान दर्द से राहत पाने के लिए एनेस्थेटिक्स ड्रॉप के इस्तेमाल की भी सलाह दी जा सकती है। यह तीव्र दर्द से आराम दिलाने में मददगार साबित हो सकता है (34)।

3. इयर ड्रॉप : इयर पेन से निजात पाने के लिए एंटीबायोटिक या स्टेरॉयड युक्त इयर ड्रॉप का भी उपयोग किया जा सकता है। यह कान के संक्रमण के लक्षणों से प्रभावी रूप से छुटकारा दिला सकते हैं (35)।

4. स्टेरॉयड नस्ल स्प्रे : कान के संक्रमण को कम करने के लिए एक स्टेरॉयड नस्ल स्प्रे का भी उपयोग किया जा सकता है (1)। इसके इस्तेमाल से भी दर्द से कुछ हद तक राहत मिल सकती है।

नोट : बिना डॉक्टरी परामर्श के किसी भी कान की दवा का इस्तेमाल न करें।

बने रहें लेख में

कान दर्द का इलाज जानने के बाद जानिए, इयर पेन के लिए डॉक्टरी परामर्श कब करें।

कान में दर्द के लिए डॉक्टर की सलाह कब लेनी चाहिए?

यहां बताए गए लक्षणों के सामने आने पर बिना देर किए डॉक्टर के पास जाना चाहिए (1) :

  • तेज बुखार के साथ असहनीय कान का दर्द।
  • कान का संक्रमण सामान्य से अलग लग रहा हो।
  • कान दर्द के साथ चक्कर आना।
  • सिरदर्द, कान के आसपास सूजन या चेहरे की मांसपेशियों में कमजोरी।
  • अगर कान का तेज दर्द अचानक बंद हो जाता है (यह कान का पर्दा फटने का संकेत हो सकता है)।
  • इसके अलावा, दर्द, बुखार या चिड़चिड़ापन बदतर हो जाए और 24 से 48 घंटों के भीतर इसमें कोई सुधार न हो।

अभी बाकी है जानकारी

लेख के अंत में जाने इयर प्रॉब्लम से बचाव के लिए क्या करना चाहिए।

कान में दर्द से बचाव – Preventing Ear-Pain in Hindi

कान दर्द से बचाव के लिए कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है। तो चलिए जान लेते हैं वो टिप्स (1) :

  • धूम्रपान से बचें, खासकर बच्चों में सामने न करें।
  • कान में किसी वस्तु को न डालें।
  • नहाने या तैरने के बाद कानों को अच्छी तरह सुखाएं।
  • जिस चीज से एलर्जी है, उसका इस्तेमाल न करें।
  • प्लेन के सफर के दौरान बबलगम चबा सकते हैं।

तो दोस्तों, इस लेख को पढ़ने के बाद आपको कान दर्द से जुड़ी जरूरी जानकारी मिल गई होगी। जैसा कि हमने लेख में बताया कि यह समस्या किसी को भी हो सकती है। ऐसे में, इस समस्या से निजात पाने के लिए बताए गए कान दर्द के घरेलू उपाय किए जा सकते हैं। वहीं, इससे बचे रहने के लिए लेख में शामिल कान दर्द से बचने के टिप्स फॉलो जरूर करें। अगर कान दर्द की समस्या गंभीर हो, तो तुरंत डॉक्टर के पास जाएं। उम्मीद करते हैं कि यह लेख आपके लिए मददगार साबित होगा।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल :

मुझे कैसे पता चलेगा कि कान का दर्द गंभीर है?

डॉक्टर की सलाह कब लेनी चाहिए, वाले सेक्शन में हमने विस्तार से इस विषय में बताया है।

रात के समय कान में अधिक दर्द क्यों होता है?

रात के समय कान में अधिक दर्द क्यों होता है, इस बारे में कोई सटीक वैज्ञानिक प्रमाण मौजूद नहीं है। इसलिए, इस विषय के बारे में डॉक्टर से सलाह लें।

कान दर्द के संकेत क्या हैं?

कान में दर्द होना खुद में एक संकेत है, जो कान के संक्रमण या फिर अन्य कारणों की वजह से हो सकता है (1)। लेख में हमने इस बारे में विस्तार से बताया है।

कान के दर्द को तुरंत कैसे दूर कर सकते हैं?

कान के दर्द को तुरंत दूर नहीं किया जा सकता है। लेख में बताए गए घरेलू उपाय भी असर दिखाने में समय ले सकते हैं। वहीं, किसी के कान में तेज दर्द हो रहा हो, तो ऐसी स्थिति में उसे बिना देर किए डॉक्टर के पास जाना चाहिए।

मुझे कान के दर्द के साथ कैसे सोना चाहिए?

कान दर्द के दौरान पीठ के बल सीधे सोना चाहिए (1)।

क्या कान के संक्रमण अपने आप चले जाते हैं?

हां, अगर संक्रमण हल्का है, तो कुछ दिनों या हफ्तों में अपने आप चला जाता है। लेकिन, कभी-कभी यह लंबे समय तक रह सकता है और दुर्लभ मामलों में यह आस-पास के ऊतकों में फैल सकता है (36)।

संक्रमण के बिना कान दर्द का कारण क्या है?

संक्रमण के अलावा भी कान दर्द के कई कारण हो सकते हैं। जैसे – जबड़े का गठिया, कान में किसी वस्तु का फंस जाना, कान के पर्दे में छेद होना, दांतों में दर्द या गले में खराश होना आदि (1)।

क्या विक्स कान के दर्द में मदद करता है?

कान के दर्द में विक्स मदद कर सकता है या नहीं, फिलहाल इस बारे में शोध की कमी है।

मैं कान के दर्द के लिए रूई पर क्या डाल सकता हूं?

कान दर्द से राहत पाने के लिए लेख में बताए गई सामग्रियों को रूई में डाल कर इस्तेमाल कर सकते हैं। जैसे – लौंग का तेल, तिल का तेल आदि (30)।

Sources

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आवृति गौतम ने सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ साउथ बिहार से मास कम्युनिकेशन में एमए किया है। इन्होंने अपने करियर की शुरूआत डिजिटल मीडिया से ही की थी। इस क्षेत्र में इन्हें काम करते हुए दो वर्ष से ज्यादा हो गए हैं। आवृति को स्वास्थ्य विषयों पर लिखना और अलग-अलग विषयों पर विडियो बनाना खासा पसंद है। साथ ही इन्हें तरह-तरह की किताबें पढ़ने का, नई-नई जगहों पर घूमने का और गाने सुनने का भी शौक है।

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