कच्चे दूध के फायदे और नुकसान – Raw Milk Benefits and Side Effects in Hindi

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दूध स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद माना जाता है। यह शरीर में पोषक तत्वों की पूर्ति कर सकता है। यही कारण है कि इसके गुणों को आयुर्वेद में भी स्वीकार किया गया है। माना जाता है कि दूध को उबालने से उसमें मौजूद पोषक तत्व कम हो जाते हैं। इसलिए, स्वास्थ्य के लिए कच्चा दूध ज्यादा लाभकारी बताया जाता है। ऐसे में कई लोगों के मन में सवाल उठ सकता है कि स्वास्थ्य के लिए कच्चे और उबले दूध में से कौन-सा दूध बेहतर है? इसी बात को ध्यान में रखते हुए हम स्टाइलक्रेज के इस लेख में कच्चा दूध पीने के फायदे और नुकसान दोनों बता रहे हैं। इससे आप खुद तय कर पाएंगे कि कच्चे दूध का इस्तेमाल करना चाहिए या नहीं।

शुरू करते हैं लेख

आइए सबसे पहले कच्चा दूध हमारी सेहत के लिए क्यो अच्छा है, इस बारे में जान लेते हैं।

कच्चा दूध आपकी सेहत के लिए क्यों अच्छा है?

दूध प्रोटीन, विटामिन्स, मिनिरल्स और फैटी एसिड्स से भरपूर होता है, जो शरीर के लिए कई तरह से फायदेमंद हो सकता है (1)। वहीं, एनसीबीआई (National Center for Biotechnology Information) पर उपलब्ध एक शोध के मुताबिक, लोगों का मानना है कि कच्चा दूध पाइस्चराइज्ड मिल्क (कच्चे दूध को उबालकर उसमें मौजूद बैक्टीरिया को नष्ट किया जाता है) की तुलना में स्वास्थ्य के लिए ज्यादा फायदेमंद होता है। साथ ही यह आसानी से पच जाता है (2)। इसके अलावा, गाय का कच्चा दूध पीने से एलर्जी संबंधित बीमारी होने की आशंका कम होती है (3)। इन सभी तथ्यों को देखते हुए कच्चे दूध को फायदेमंद माना जा सकता है।

इसके विपरीत विशेषज्ञों के मुताबिक, कच्चे दूध में बैक्टीरिया हो सकते हैं, जिसके कारण कई बीमारियां हो सकती हैं। इसलिए, दूध को हमेशा उबालकर पीने की सलाह दी जाती है (4)। ऐसे में कच्चा दूध पीने के फायदे और नुकसान दोनों को ध्यान में रखते हुए ही इसे इस्तेमाल में लाना चाहिए। इसलिए, बेहतर होगा कि कच्चे दूध के सेवन से पूर्व एक बार डॉक्टर से बात जरूर की जाए।

पढ़ते रहें लेख

यहां हम कच्चा दूध पीने के फायदे से जुड़े दावों के बारे में बात करेंगे।

कच्चा दूध पीने के फायदे को लेकर होने वाले दावे – Common Claims about the Benefits of Raw Milk in Hindi

दूध स्वास्थ्य के लिए संपूर्ण व संतुलित आहार माना जाता है। कई लोगों का मानना है कि कच्चा दूध सेहत के लिए ज्यादा फायदेमंद हो सकता है। इसे लेकर अलग-अलग दावे किए जाते रहे हैं। नीचे हम इसके बारे में विस्तार से जानकारी दे रहे हैं:

1. एलर्जी से बचाव

माना जाता है कि कच्चे दूध का उपयोग एलर्जी से बचाव में अहम भूमिका निभा सकता है। कई शोध में भी इसकी पुष्टि हुई है। एनसीबीआई पर छपे एक रिसर्च के अनुसार, उबले हुए दूध की तुलना में कच्चा दूध पीने वाले बच्चों को अस्थमा होने का खतरा कम हो सकता है। फिलहाल, इसे लेकर अधिक शोध की आवश्यकता है (5)। एक अन्य शोध के अनुसार, बच्चों को पैदा होने के पहले वर्ष में कच्चा दूध पिलाने से एलर्जी और अस्थमा दोनों के जोखिम को कम करने में मदद मिली (3)। इस आधार पर कच्चा दूध को फायदेमंद माना जा सकता है। वहीं, एक्सपर्ट्स की मानें तो कच्चे दूध में हानिकारक बैक्टीरिया होते हैं, जिससे कई रोगों के होने का खतरा भी हो सकता है। खासकर उन्हें, जिनकी शारीरिक प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होती है (6)।

2. अस्थमा से बचाता है कच्चा दूध

बच्चों में अस्थमा से राहत के लिए दूध पीने की सलाह दी जाती है (7)। वहीं, एनसीबीआई पर उपलब्ध एक शोध के मुताबिक, कच्चा दूध पीने वाले बच्चों में अस्थमा और हे फीवर होने का खतरा कम पाया गया। साथ ही यह भी माना गया कि कच्चे दूध में मौजूद व्हे प्रोटीन इस काम में अहम भूमिका निभाता है। बता दें इस शोध में 8,334 स्कूल के बच्चों को शामिल किया गया था (8)। एक अन्य शोध में पाया गया कि कच्चा दूध पीने से बच्चों की प्रतिरक्षा प्रणाली मजबूत होती है, जिससे बच्चे का शरीर कई संक्रमण का सामना बेहतर तरीके से कर सकता है (9)। दूसरी तरफ कच्चे दूध में मौजूद हानिकारक बैक्टीरिया की वजह से डॉक्टर इसे बच्चों के लिए सुरक्षित नहीं मानते हैं (4)।

3. पोषक तत्वों से भरपूर

कच्चा दूध प्रोटीन, कैल्शियम, कार्बोहाइड्रेट व अन्य कई पोषक तत्वों से समृद्ध होता है (1)। इसमें मौजूद कैल्शियम, फास्फोरस, विटामिन-डी, विटामिन-के और मैग्नीशियम हड्डियों के विकास के साथ ही दांतों के स्वास्थ्य को बनाए रखने में भी मदद कर सकते हैं (10)। एक अन्य शोध में जिक्र मिलता है कि दूध का सेवन चाइल्डहुड ओबेसिटी (बचपन में बढ़ा हुआ वजन), हृदय रोग, टाइप 2 डायबिटीज के जोखिम को कम कर  सकता है (11)। कई लोगों का मानना है कि दूध को उबालने से उसमें मौजूद पोषक तत्व नष्ट हो जाते हैं। वहीं, इसे लेकर शोध में पाया गया है कि दूध को पॉइस्चराइज करने से उसके पोषक तत्वों में कोई खास बदलाव नहीं होता है। वहीं, अल्ट्रा-पॉइस्चराइजेशन और अल्ट्रा-उच्च तापमान विधि द्वारा दूध को पॉइस्चराइज करने से उसके पोषक तत्वों में मामूली अंतर ही देखा जाता है (12)।

4. फैटी एसिड्स से भरपूर

दूध को लेकर दावा किया जाता है कि उबालने से इसमें मौजूद फैटी एसिड कम हो सकते हैं, लेकिन शोध में कच्चे और पॉइस्चरीकृत दूध के फैटी एसिड प्रोफाइल में कोई खास अंतर नहीं पाया गया। एक शोध में गाय के दूध के 12 सैंपल लिए गए। इन्हें कच्चा, पॉइस्चराइज और यूएचटी (इसमें गाय के दूध से बैक्टीरिया को नष्ट करने के लिए कुछ सेकंड के लिए उच्च तापमान से निकाला जाता है) में बांटा गया। तीनों दूध की तुलना की गई, तो इनमें मौजूद प्रमुख तत्वों व फैटी एसिड में कोई खास अंतर नहीं पाया गया (13)।

5. एक्जिमा रोग के लिए

एनसीबीआई (नेशनल सेंटर फॉर बायोटेक्नोलॉजी इंफॉर्मेशन) की वेबसाइट पर मौजूद एक शोध में जिक्र है कि दूध में कई ऐसे गुण होते हैं, जो अस्थमा, एलर्जी और एक्जिमा रोग से सुरक्षा प्रदान कर सकते हैं (14)। वहीं शोधकर्ताओं के अनुसार, इसका सेवन सुरक्षित नहीं है। इसका स्वास्थ्य पर बुरा असर हो सकता है। इसलिए दूध के फायदों को हासिल करने के लिए हमेशा इसे उबालकर ही आहार में शामिल करने की सलाह दी जाती है।

6. एंटीमाइक्रोबियल

मान्यता है कि कच्चे दूध में एंटीमाइक्रोबियल गुण अधिक होते हैं, जो हानिकारक रोगाणुओं को नियंत्रित करने के साथ दूध को लंबे समय तक खराब नहीं होने देते हैं। वहीं, कच्चे दूध से संबंधित एक शोध में भी इस बात को स्वीकार किया गया है कि दूध में कुछ मात्रा में एंटीबायोटिक (बैक्टीरिया को नष्ट करने वाला) प्रभाव पाया जाता है (15)। इस आधार पर माना जा सकता है कि कच्चे दूध का सेवन शरीर में कुछ हद तक बैक्टीरिया के प्रभाव को कम करने में मदद कर सकता है।

हालांकि, एक शोध इस बात को भी स्पष्ट करता है कि दूध को उबालने से इसमें मौजूद पोषक तत्वों में कोई बदलाव नहीं होता है। साथ ही कच्चे दूध में कई हानिकारक बैक्टीरिया भी मौजूद होते हैं, जिस कारण इसका सेवन कई बीमारियों को जन्म दे सकता है (16)। ऐसे में कच्चे दूध के फायदे को लेकर किया गया यह दावा पूरी तरह से गलत नहीं कहा जा सकता है, लेकिन सुरक्षा की दृष्टि से दूध को हमेशा उबालकर ही इस्तेमाल करना चाहिए।

7. स्किन के लिए फायदेमंद

माना जाता है कि दमकती त्वचा लिए कच्चा दूध बेहद उपयोगी होता है। प्राचीन समय से लोग त्वचा के लिए दूध का इस्तेमाल करते रहे हैं। आयुर्वेद में भी त्वचा पर दूध लगाने का जिक्र किया जाता है। दूध से संबंधित एक शोध में जिक्र मिलता है कि इसमें रेटिनॉल नाम का खास तत्व होता है (17)। यह तत्व शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट (मुक्त कणों को नष्ट करने वाला) प्रभाव प्रदर्शित करता है, जो प्राकृतिक रंगत को बरकरार रखने में मदद कर सकता है (18)। एक अन्य शोध में जिक्र मिलता है कि कच्चे दूध के पाउडर का इस्तेमाल त्वचा को हाइड्रेट कर जवां बनाने में सहायक हो सकता है। साथ ही यह डार्क स्पॉट्स को दूर करने और एक्ने से निजात दिलाने में भी उपयोगी हो सकता है (19)। इस आधार पर चेहरे पर कच्चा दूध लगाने के फायदे काफी हद तक प्रभावी माने जा सकते हैं।

लेख में आगे बढ़ें

आइए, अब लेख में आगे बढ़कर कच्चे दूध में मौजूद पोषक तत्वों से जुड़ी जानकारी भी हासिल कर लेते हैं।

कच्चे दूध के पौष्टिक तत्व – Raw Milk Nutritional Value in Hindi

नीचे दिए गए चार्ट के माध्यम से हम कच्चे दूध में मौजूद पोषक तत्वों के बारे में विस्तार से जा सकते हैं (1)।

पोषक तत्वमात्रा प्रति 100 ग्राम
ऊर्जा67 kcal
प्रोटीन3.75 g
कार्बोहाइड्रेट4.58 g
कुल फैट (lipid)4.58 g
शुगर4.58 g
कैल्शियम121 mg
पोटैशियम153 mg
सोडियम50 mg
  फैटी एसिड (टोटल सैचुरेटेड)2.5 g
कोलेस्टेरॉल15 mg

और भी है आगे

लेख के अगले भाग में हम कच्चे और पारंपरिक दूध में क्या बेहतर है, यह समझने का प्रयास करेंगे।

कच्चे दूध के फायदे बनाम पारंपरिक दूध: Raw Milk vs Pasteurized Milk

  • इस बात में कोई दो राय नहीं है कि कच्चे दूध में पारंपरिक दूध की तुलना में अधिक पोषक तत्व होते हैं, इसलिए कच्चे दूध को ज्यादा फायदेमंद माना जाता है (20)।
  • कच्चा दूध जरूरी विटामिन्स से लबरेज होता है, लेकिन दूध निकालते समय हाइजिन का खास ख्याल रखने की जरूरत होती है। दरअसल, इस दौरान गाय का मल, स्तन का संक्रमण, त्वचा पर मौजूद बैक्टीरिया, मिट्टी, गंदे कपड़े आदि दूध के संपर्क में आ सकते हैं, जिससे दूध कीटाणुओं से दूषित हो सकता है। पॉइस्चराइजेशन तकनीक की मदद से दूध में मौजूद सभी सूक्ष्मजीवों को नष्ट कर दिया जाता है (20)। यहीं कारण है कि कच्चे दूध में ज्यादा पोषक तत्व होने के बावजूद इसे उबालकर पीने की सलाह दी जाती है।
  • दूध को उबालने से उसमें मौजूद कुछ एंजाइम्स नष्ट हो जाते हैं। इसके विपरीत शोधकर्ताओं का मानना है कि ये एंजाइम्स मानव स्वास्थ्य के लिए जरूरी नहीं हैं। इसलिए, दूध को उबालकर पीने से भी इसके पोषक तत्व पाए जा सकते हैं (20)।
  • कई लोगों का मानना है कि पॉइस्चराइज्ड मिल्क से लैक्टोज इंटॉलरेंस (दूध को पचाने में शरीर की अक्षमता) की परेशानी नहीं होती है, जबकि ऐसा नहीं है। जो लोग मिल्क प्रोटीन के प्रति संवेदनशील होते हैं, उनमें रॉ व पॉइस्चराइज्ड दोनों मिल्क से ही लैक्टोज इंटॉलरेंस की दिक्कत हो सकती है (6)।
  • दूध को खराब होने से बचाने के लिए भी इसे पॉइस्चराइज किया जाता है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि दूध को रूम टेंपरेचर पर रखा जा सकता है। दूध को पॉइस्चराइज करने के बाद इसे खराब होने से बचाने के लिए फ्रिज में रखने की जरूरत होती है (6)।
  • कई बार कच्चा दूध घातक बैक्टीरिया की उपस्थिति के कारण स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है, जबकि पॉइस्चराइज मिल्क आपको तंदुरुस्त रखने में मदद कर सकता है (6)।

अंत तक पढ़ें

आगे हम कच्चा दूध पीने से होने वाले नुकसान के बारे में बताएंगे।

कच्चे दूध के नुकसान – Side Effects of Raw Milk in Hindi

दूध स्वास्थ्य के लिए वरदान समान होता है, लेकिन कच्चा दूध पीना शरीर के लिए हानिकारक भी हो सकता है। इसलिए, यहां हम कच्चा दूध पीने के नुकसान बता रहे हैं, जो इस प्रकार देखने को मिल सकते हैं (6):

  • कच्चे दूध में ई-कोलाई, साल्मोनेला, हिस्टीरिया, कैम्पिलोबैक्टर जैसे कई खतरनाक बैक्टीरिया मौजूद हो सकते हैं, जो फूड पॉइजनिंग का कारण बन सकते हैं।
  • कच्चे दूध में पाए जाने वाले यह हानिकारक बैक्टीरिया व्यक्ति को गंभीर रूप से बीमार भी कर सकते हैं। सीडीसी के अनुसार, कुछ लोगों में कच्चा दूध का सेवन किडनी फेल, स्ट्रोक, पैरालिसिस का कारण बन सकता है।
  • बच्चों, प्रेग्नेंट महिलाओं व कमजोर इम्यून सिस्टम वाले लोग खासतौर से एचआईवी एड्स, कैंसर व ट्रांसप्लांट के मरीजों के लिए कच्चा दूध पीना हानिकारक साबित हो सकता है।
  • मिल्क प्रोटीन से सेंसिटिव लोगों में कच्चा व पॉइस्चराइज दोनों तरह के दूध से ही एलर्जी की शिकायत हो सकती है।

इस लेख में हमने आपको कच्चा दूध पीने के फायदे और नुकसान दोनों के बारे में बताया। कच्चे दूध से मिलने वाले फायदे दूध को उबालकर पीने से भी हासिल किए जा सकते हैं। बेशक, कच्चे दूध के फायदे अधिक हैं, लेकिन इस बात का भी ध्यान रखना जरूरी है कि इससे स्वास्थ्य पर बुरा असर भी पड़ सकता है। इसलिए, दूध को हमेशा उबालकर ही इस्तेमाल में लाएं। वहीं, कच्चा दूध पीने के नुकसान जानने के बावजूद इससे होने वाले फायदों से प्रेरित होकर कोई इसे इस्तेमाल में लाना चाहता है, तो इसके सेवन से पूर्व डॉक्टरी परामर्श अवश्य लें। उम्मीद हैं कि इस लेख के माध्यम से कच्चे दूध से संबंधित हर जानकारी आपको मिल गई होगी। इसलिए, कच्चे दूध से जुड़ी जानकारी अपने तक ही सीमित न रखें, बल्कि अपने दोस्तों व परिचितों के साथ भी जरूर साझा करें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या कच्चा दूध पीना ज्यादा फायदेमंद होता है?

नहीं, कच्चा दूध पीना स्वास्थ्य के लिए सही नहीं होता है। लेख में ऊपर बताया गया है कि दूध को उबालने के बाद भी उसके पोषक तत्वों में कोई खास अंतर नहीं आता है। वहीं दूसरी तरफ, कच्चे दूध में बैक्टीरिया के होने की संभावना रहती है, जिस वजह से कच्चे दूध का सेवन स्वास्थ्य के लिए हानिकारक साबित हो सकता है। यहीं कारण है कि कच्चे दूध से परहेज करने की सलाह दी जाती है (6)।

क्या कच्चा दूध पीना सुरक्षित है?

कच्चा दूध पीना बिल्कुल सुरक्षित है। बशर्ते दूध को निकालते समय हाइजीन का खास ध्यान रखा गया हो। हालांकि, दूध को निकालते समय उसके दूषित होने की संभावना अधिक होती है, जिस वजह से यह स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो जाता है। इसलिए दूध को उबालने की जरूरत होती है (21) (6)।

क्या कच्चा दूध मेरा वजन बढ़ा सकता है?

हां, वजन बढ़ाने के मामले में कच्चा दूध उबले हुए दूध के मुकाबले अधिक कारगर साबित हो सकता है (21)।

कच्चा या उबला हुआ दूध, दोनों में क्या है बेहतर?

लेख में ऊपर जानकारी दी गई है कि उबले दूध की तुलना में कच्चे दूध में ज्यादा पोषण होते हैं (12)। एनसीबीआई की साइट पर उपलब्ध एक शोध से जिक्र मिलता है कि दूध को उबालने से उसमें मौजूद पोषक तत्वों में कमी आ सकती है। साथ ही कार्बोहाइड्रेट व प्रोटीन के हानिकारक प्रभाव हो सकते हैं (22)। वहीं, इस बात को भी अनदेखा नहीं किया जा सकता है कि कच्चा दूध कई बीमारियों का कारण बन सकता है। इसलिए, उबला हुआ दूध पीना बेहतर माना जाता है (6)।

क्या गाय का कच्चा दूध पीना फायदेमंद है?

हां, गाय का कच्चा दूध सेहत के लिए फायदेमंद होता है। इस बारे में हमने ऊपर लेख में विस्तार से बताया है। यह कई रोग जैसे अस्थमा व एक्जिमा आदि से बचाव में मदद कर सकता है (14)। बस ध्यान रहे कि यह स्वास्थ्य के लिए तभी फायदेमंद साबित होगा, जब गाय का दूध निकालते समय सही हाइजिन का ध्यान रखा जाए। इसका मतलब गाय के जरिए दूध में किसी तरह के बैक्टीरिया ट्रांसफर न हुए हों (21)।

सुबह खाली पेट कच्चा दूध पीने के फायदे?

सुबह खाली पेट कच्चा दूध पीने से फायदे मिल सकते हैं या नहीं, यह स्पष्ट तौर पर कहना थोड़ा मुश्किल है। हां, खाली पेट दूध पीने के फायदे जरूर माने गए हैं। दरअसल, खाली पेट पीएच का स्तर काफी कम होता है, जो ज्यादातर बैक्टीरिया को नष्ट कर सकता है। खाली पेट दूध पीने से पीएच स्तर तेजी से बढ़ता है। इससे प्रोबायोटिक बैक्टीरिया (पाचन में सहायक बैक्टीरिया) बिना नष्ट हुए छोटी आंत तक पहुंच जाते हैं (23)।

वहीं कच्चा दूध इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाने के साथ वायरस, एलर्जी व कैंसर से सुरक्षा प्रदान कर सकता है। इसके अलावा, यह पेट को साफ करने और भूख को नियंत्रित में भी सहायक है (22)। इस आधार पर यह माना जा सकता है कि कच्चा दूध भी खाली पेट पीना उतना ही सहायक हो सकता है, लेकिन इस बात का कोई स्पष्ट प्रमाण उपलब्ध नहीं है।

23 संदर्भ (Sources):

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