काले अंगूर के फायदे और नुकसान – Black Grapes Benefits and Side Effects in Hindi

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अंगूर रस से भरा हुआ एक स्वादिष्ट मौसमी फल है। गर्मियों में अंगूर को बड़े शौक से खाया जाता है। बाजार में हरे, लाल और काले अंगूर खूब मिलते हैं। इनमें से काले अंगूर को सेहत के लिए अच्छा माना जाता है। काले अंगूर के फल को खाने के साथ-साथ इसका जूस निकालकर भी पिया जाता है। इतना ही नहीं, इसे सूखाकर ड्राई फ्रूट की तरह भी इस्तेमाल किया जा सकता है। स्टाइलक्रेज के इस आर्टिकल में हम काले अंगूर के बारे में ही बात करेंगे। यहां हम काले अंगूर के फायदे के साथ-साथ इसके कुछ नुकसान से भी आपको अवगत कराएंगे। काले अंगूर के बारे में लेख में जानकारी देने से पहले आपको यह बताना भी जरूरी है कि पोषक तत्वों और लाभ के मामले में काले व हरे अंगूर लगभग एक जैसे ही होते हैं। इन दोनों अंगूर का साइंटिफिक नाम भी एक ही है, विटिस विनिफेरा (Vitis vinifera)।

नीचे विस्तार से पढ़ें

आइए, अब जानते हैं कि काले अंगूर स्वास्थ्य के लिए कैसे उपयोगी हो सकते हैं।

काले अंगूर के फायदे – Benefits of Black Grapes in Hindi

1. मधुमेह में उपयोगी है काला अंगूर

काले अंगूर में रेसवेरेट्रॉल नामक रसायन होता है (1)। अंगूर में पाए जाने वाले रेसवेरेट्रॉल में एंटी-हाइपरग्लाइसेमिक प्रभाव पाया जाता है, जो इंसुलिन के स्तर को सही रखने में मदद कर सकता है (2)। एनसीबीआई (नेशनल सेंटर फॉर बायोटेक्नोलॉजी इंफार्मेशन) की ओर से उपलब्ध एक शोध में बताया गया है कि डायबिटीज से ग्रस्त चूहों पर रेसवेरेट्रॉल का प्रयोग किया था। शोध के दौरान पाया गया कि रेसवेरेट्रॉल में एंटी-डायबिटिक प्रभाव होता है। परिणामस्वरूप डायबिटीज से ग्रस्त चूहों की स्थिति में सुधार पाया गया। वहीं, रेसवेरेट्रॉल का उपयोग मधुमेह की दवाओं में भी किया जाता है (3)

2. हृदय को स्वस्थ रखने में काले अंगूर के फायदे

काले अंगूर में मौजूद पॉलीफेनोल्स उच्च रक्तचाप की समस्या से बचाते हैं, जो हृदय रोग का कारण बन सकते हैं। ये पॉलीफेनोल्स रक्त वाहिकाओं की अंदरूनी कोशिकाओं के कार्य में सुधार करते हैं, जिससे रक्त का सही प्रवाह बना रह सकता है, साथ ही ये उन एंजाइम की गतिविधि को घटाते हैं, जो ब्लड प्रेशर से जुड़े हार्मोन में परिवर्तन लाते हैं (4)। अंगूर में पाए जाने वाले पॉलीफेनोल्स में एंटी-प्लेटलेट प्रभाव भी होता है, जो प्लेटलेट्स को इकट्ठा होने से रोकता है। इससे स्ट्रोक या दिल के दौरे को रोका जा सकता है (5)। काले अंगूर के इन्हीं गुणों को देखते हुए इन्हें हृदय की सेहत के लिए अच्छा माना जाता है।

3. कैंसर से बचाव में काले अंगूर के फायदे

कैंसर की रोकथाम में अंगूर प्रभावशाली हो सकता है। इस विषय पर कई रिसर्च हो चुकी हैं कि कैंसर के विभिन्न रूपों को पनपने से रोकने में काले अंगूर का उपयोग अहम भूमिका निभा सकता है (6)। काले अंगूर के छिलके में प्रचुर मात्रा में रेसवेरेट्रॉल पाया जाता है। यह एपोप्टोसिस को यानी कैंसर कोशिका के नष्ट होने की प्रक्रिया को प्रेरित करता है और कैंसर को फैलने से रोकता है। एनसीबीआई की वेबसाइट पर प्रकाशित एक अध्ययन में बताया गया है कि रेसवेरेट्रॉल में एंटी-कैंसर प्रभाव होता है, जो पेट, प्रोस्टेट, ब्रेस्ट और फेफड़ों के कैंसर को पनपने से रोक सकता है (7)

इतना ही नहीं काले अंगूर के बीज और रस में भी कैंसर रोधी तत्व पाए जाते हैं (8)। अंगूर में पाए जाने वाले अन्य शक्तिशाली एंटीकैंसर घटक कैटेचिन और एन्थोकायनिन हैं, जो कैंसर से बचाव में मदद कर सकते हैं (9)। हां, अगर किसी को कैंसर है, तो उसे डॉक्टर से इलाज करना चाहिए। इस अवस्था में घरेलू उपचार कारगर साबित नहीं हो सकते।

4. मस्तिष्क को स्वस्थ रखने में अंगूर के फायदे

काले अंगूर में पाए जाने वाला रेसवेरेट्रॉल मस्तिष्क को स्वस्थ रखने में भी मदद कर सकता है। रेसवेरेट्रॉल का सेवन मूड को सुधार सकता है और बढ़ती उम्र में भूलने की समस्या को भी कम कर सकता है (10)। एनसीबीआई की वेबसाइट पर उपलब्ध एक शोध के अनुसार, रेसवेरेट्रॉल का सेवन अल्जाइमर की समस्या में आराम पहुंचा सकता है। फिलहाल, यह शोध चूहों पर किया गया था। मनुष्य पर इसके प्रभाव को जानने के लिए और शोध किए जाने की जरूरत है (11)

5. आंखों के लिए उपयोगी हैं काले अंगूर

आंखों के लिए भी काले अंगूर फायदेमंद हो सकते हैं। चूहों पर किए गए एक रिसर्च के अनुसार, अंगूर का सेवन करने पर यह ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस से लड़कर रेटिना की रक्षा कर सकता है (12)। काले अंगूर में पाया जाने वाला रेसवेरेट्रॉल तत्व  एंटी-ऑक्सीडेटिव, एंटी-एपोप्टोटिक(कोशिका बचाव), एंटी-ट्यूमरोजेनिक और एंटी-इंफ्लेमेटरी प्रभाव रखता है। इन्हीं कारणों से अंगूर का सेवन ग्लूकोमा, मोतियाबिंद, उम्र संबंधी नेत्र विकार (AMD) और मधुमेह संबंधी रेटिनोपैथी जैसे आंखों के रोगों से बचाव कर सकता है (13)

6. हड्डियों के लिए काले अंगूर के फायदे

काले अंगूर में मौजूद रेसवेरेट्रॉल तत्व हड्डियों के लिए भी फायदेमंद है। यह बोन डेंसिटी (हड्डियों के घनत्व) को बढ़ाने में सहायक हो सकता है। एनसीबीआई की वेबसाइट पर इसी संबंध में एक रिसर्च पेपर उपलब्ध है। इस रिसर्च पेपर में कहा गया है कि हड्डियों पर अंगूर के प्रभाव को जानने के लिए चूहों पर रिसर्च की गई थी, जिसमें पाया गया कि हड्डियोंं को स्वस्थ रखने में अंगूर लाभदायक है (14)। अभी मनुष्यों पर यह परीक्षण किया जाना बाकी है।

7. सूजन से राहत देते हैं काले अंगूर

काले अंगूर में विभिन्न तरह के पॉलीफेनॉल्स पाए जाते हैं, जिनमें एंटीऑक्सीडेंट और एंटीइंफ्लेमेटरी गुण होता है, जो सूजन को कम करने में मदद कर सकते हैं (15)। काले अंगूर का उपयोग सूजन कम करने में इसलिए भी प्रभावी हो सकता है, क्योंकि इसमें मौजूद एंथोसाइनेंस तत्व में एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होता है (16)

8. बेहतर नींद के लिए काले अंगूर के फायदे

काला अंगूर अनिद्रा की स्थिति को सुधार सकता है। अनिद्रा या इंसोमनिया ऐसी बीमारी हैं, जिसमें व्यक्ति पर्याप्त नींद नहीं ले पाता है। वहीं, अंगूर में नींद को बढ़ाने वाला तत्व मेलाटॉनिन पाया जाता है(17)। इसलिए, कहा जा सकता है कि सोने से पहले अंगूर का सेवन करने से नींद की गुणवत्ता को बेहतर किया जा सकता है ।

9. लंबी आयु के लिए काले अंगूर

कई प्राणियों पर हुए अध्ययन से यह साबित हुआ है कि काले अंगूर में पाया जाने वाला रेसवेरेट्रॉल नामक तत्व आयु को बढ़ाने में मदद कर सकता है। इसका कारण यह है कि रेस्वेरेट्रॉल प्रोटीन के एक समूह को बढ़ाता है, जिसका नाम है सर्टिन (sirtuins) है (18)। यह प्रोटीन समूह शरीर में कोशिकाओं को स्वस्थ रखने का काम करता है (19)। इसलिए, नियमित रूप से अंगूर का सेवन करना स्वस्थ और लंबा जीवन जीने में लाभदायक सिद्ध हो सकता है।

आगे है और जानकारी

यहां तक हमने जाना कि काले अंगूर का उपयोग कितना लाभकारी हो सकता है। आइए, अब जानते हैं कि अंगूर में कौन-कौन से पोषक तत्व पाए जाते हैं ।

काले अंगूर के पौष्टिक तत्व – Black Grapes Nutritional Value in Hindi

काले अंगूर में प्रचुर मात्रा में पौष्टिक तत्व मौजूद हैं। आइए, जानते हैं कि 100 ग्राम अंगूर में कौन-कौन से पौष्टिक तत्व कितनी मात्रा में मौजूद होते हैं (20)

पौष्टिक तत्वप्रति 100 ग्राम
ऊर्जा (एनर्जी )57 कैलोरी
प्रोटीन0.81 ग्राम
  फैट0.47 ग्राम
कार्बोहाइड्रेट13.93 ग्राम
मैग्नीशियम14 मिलीग्राम
कैल्शियम37 मिलीग्राम
आयरन0.26 मिलीग्राम
फोलेट2 माइक्रोग्राम
विटामिन सी6.5 मिलीग्राम
विटामिन ए3 माइक्रोग्राम

पढ़ते रहें आर्टिकल

आइए, अब आगे जानते हैं कि काले अंगूर का उपयोग कैसे किया जा सकता है ।

काले अंगूर का उपयोग – How to Use Black Grapes in Hindi

काले अंगूर स्वास्थ्य के लिए वरदान हैं। इसका प्रयोग कई प्रकार से किया जा सकता है, जिसके बारे में नीचे बताया गया है।

  • पके हुए काले अंगूर खाने में बेहद स्वादिष्ट लगते हैं, इसलिए आप इन्हें सीधे खा सकते हैं।
  • काले अंगूर का प्रयोग फ्रूट सलाद में किया जा सकता है ।
  • काले अंगूर का जूस भी हेल्दी ड्रिंक साबित हो सकता है ।
  • इन्हें आप किसी भी फ्रूट स्मूदी या शेक में इस्तेमाल कर सकते हैं ।
  • काले अंगूर दिखने में भी आकर्षक होते हैं। इसलिए, इन्हें आप किसी मीठी डिश की ड्रेसिंग में भी इस्तेमाल कर सकते हैं।
  • स्वीट योगर्ट के साथ काले अंगूर मिलाकर खाए जा सकते हैं, यह स्वादिष्ट कस्टर्ड की तरह लगता है।
  • अंगूर का सेवन किसी भी टाइम किया जा सकता है, इसके लिए कोई प्रतिबंध नहीं है।

लेख अंत तक पढ़ें

अभी हमने जाना कि अंगूर का उपयोग किस तरह किया जा सकता है। इस लेख में आगे जानते हैं कि काले अंगूर के नुकसान क्या-क्या हो सकते हैं।

काले अंगूर के नुकसान – Side Effects of Black Grapes in Hindi

बेशक काले अंगूर स्वास्थ्य के लिए अच्छे होते हैं, लेकिन इसके नुकसान को भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। आइए, जानते हैं कि क्या हैं काले अंगूर के नुकसा

  • काले अंगूर का सेवन संतुलित मात्रा में ही करना चाहिए, इसके अधिक सेवन से पेट से जुड़ी समस्या हो सकती हैं, क्योंकि इसमें अघुलनशील फाइबर (इनसॉल्युबल फाइबर) पाया जाता है (21)
  • गर्भवती महिलाओं को अंगूर का सेवन डॉक्टर से पूछकर ही करना चाहिए, क्योंकि गर्भावस्था बेहद संवेदनशील समय होता है। इस दौरान थोड़ी-सी लापरवाही भी गर्भवती महिला व शिशु के संकट का कारण बन सकती है।
  • जैसा कि हम पहले ही बता चुके हैं कि अंगूर में एंटी प्लेटलेट्स प्रभाव होता है, जो रक्त का थक्का बनने से रोकता है। अंगूर का यह गुण हानिकारक भी हो सकता है। विशेष तौर पर सर्जरी के दौरान काले अंगूर ज्यादा खून बहने का कारण बन सकते हैं, इसलिए सर्जरी से दो हफ्ते पहले काले अंगूर का सेवन छोड़ दें (5)

स्टाइलक्रेज के इस लेख में बताया गया है कि काले अंगूर का सेवन कितना लाभकारी हो सकता है। साथ ही काले अंगूर के नुकसान भी हैं, जिनका ध्यान रखा जाना चाहिए। उम्मीद करते हैं कि यह जानकारी आपको पसंद आई होगी। पुरानी कहावत है कि अति हर चीज की बुरी होती है, इसलिए काले अंगूरों का सेवन भी सीमित मात्रा में करना सही रहता है। अगर आप किसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे हैं, तो काले अंगूर के नियमित सेवन से पहले डॉक्टर से सलाह जरूर लें। स्वच्छ आहार और स्वस्थ दिनचर्या को अपनाते हुए खुशहाल जीवन की ओर कदम बढ़ाएं और इस लेख को ज्यादा से ज्यादा शेयर करें।

21 सन्दर्भ sources

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Auli Tyagi

औली त्यागी उभरती लेखिका हैं, जिन्होंने हरिद्वार (उत्तराखंड) से पत्रकारिता और जनसंचार में एम.ए. की डिग्री हासिल की है। औली को लेखन के क्षेत्र में दो साल का अनुभव है। औली प्रतिष्ठित दैनिक अखबार और कम्युनिटी रेडियो स्टेशन से ट्रेनिंग ले चुकी हैं। औली सामाजिक मुद्दों पर लिखना पसंद करती हैं। लेखन के अलावा इन्हें वीडियो एडिटिंग और फोटोग्राफी का तकनीकी ज्ञान भी हैं। इन्हें हिंदी और उर्दू साहित्य में विशेष रुचि है।

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