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कमल ककड़ी के फायदे और नुकसान – Lotus Root (Kamal Kakdi) Benefits and Side Effects in Hindi

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कमल ककड़ी के फायदे और नुकसान – Lotus Root (Kamal Kakdi) Benefits and Side Effects in Hindi Hyderabd040-395603080 November 19, 2019

कमल – भारत का राष्ट्रीय पुष्प, जिसकी गिनती दुनिया के चुनिंदा खूबसूरत फूलों में की जाती है। इसका उपयोग सदियों से चिकित्सकीय रूप से किया जा रहा है। वैसे जितना सुंदर यह फूल होता है, उतनी ही स्वादिष्ट और पोषण से भरपूर इसकी जड़ होती है। जी हां, कमल की जड़ जिसे आम भाषा में कमल ककड़ी कहा जाता है, जो हम सभी को स्वस्थ रखने में समर्थ मानी जाती है। इस लेख में हम आपको कमल ककड़ी के फायदे के बारे में बता रहे हैं। कमल ककड़ी के फायदे आपको बीमारी के लक्षणों से राहत पाने में मदद कर सकते हैं, लेकिन किसी बीमारी का इलाज साबित नहीं हो सकते। इसलिए, गंभीर बीमारी की अवस्था में डॉक्टरी परामर्श जरूरी है। इस अवस्था में कमल ककड़ी इलाज व दवा के प्रभाव को जरूर बढ़ा सकते हैं।

स्टाइलक्रेज के इस लेख में हम आपको कमल ककड़ी के फायदे के साथ कमल ककड़ी के नुकसान के विषय में भी जानकारी देंगे। आइए, सबसे पहले हम यह जान लेते हैं कि कमल ककड़ी किसे कहा जाता है।

कमल ककड़ी क्‍या है? – What is Lotus Root in Hindi

कमल ककड़ी, जिसे अंग्रेजी में लोटस रूट भी कहा जाता है। यह असल में कमल के पौधे की जड़ होती है। माना जाता है कि इसकी तुलना किसी भी अन्य सब्जी से नहीं की जा सकती। “द सेक्रेड लोटस” के नाम से जाना जाने वाला यह पौधा खासकर भारत, चीन और पर्शिया में पाया जाता है (1)। विज्ञान जगत में कमल को नेलुम्बो नुसिफेरा (Nelumbo Nucifera) के नाम से जाना जाता है। कमल ककड़ी में कमल के फूल की ही तरह कई गुण पाए जाते हैं। हालांकि, कमल की तुलना में कमल ककड़ी में ये गुण कुछ कम मात्रा में हो सकते हैं।

लेख के अगले भाग में हम कमल ककड़ी के फायदे के बारे में विस्तार से बता रहे हैं।

कमल ककड़ी के फायदे – Benefits of Lotus Root (Kamal Kakdi) in Hindi

1. दस्त में आराम

दस्त की समस्या से आराम पाने में कमल ककड़ी का उपयोग घरेलू नुस्खे के तौर पर किया जा सकता है। शोध में पाया गया है कि कमल ककड़ी में एंटी डायरिया गुण होते हैं, जो डायरिया से आराम पाने में मदद कर सकते हैं (2)। हां, अगर दस्त गंभीर अवस्था में हैं, तो जल्द से जल्द डॉक्टर से चेकअप करवाना चाहिए।

2. सूजन को करे कम

कमल ककड़ी कई गुणों से भरपूर होती है और ऐसा ही एक गुण है एंटी इंफ्लेमेटरी। दरअसल, कमल ककड़ी के मेथेनॉल अर्क को एक प्रभावी एंटी इंफ्लेमेटरी एजेंट माना गया है। चूहों पर किए गए एक शोध में यह पता चला है कि कमल ककड़ी का उपयोग इन्फ्लेमेशन को कम करने में प्रभावशाली साबित हो सकता है (3)। इसलिए, कहा जा सकता है कि कमल ककड़ी के फायदे सूजन को कम करने में भी मिल सकते हैं।

3. कैंसर में कमल ककड़ी के फायदे

कमल ककड़ी के फायदे कई बीमारियों से लड़ने में मिल सकते हैं। यहां तक कि कैंसर का खतरा कम करने में भी यह मदद कर सकता है। कमल ककड़ी में मौजूद बायोटिक फाइटोकेमिकल्स को औषधि के रूप में उपयोग किया जाता है। ये कंपाउंड पेट में कैंसर की कोशिकाओं को पनपने से रोकने में मदद कर सकते हैं (4)। यहां हम स्पष्ट कर दें कि कैंसर एक घातक बीमारी है। अगर कोई इस रोग से पीड़ित है, तो उसे डॉक्टर से उचित इलाज करवाना चाहिए। इस अवस्था में कमल ककड़ी इलाज व दवा के प्रभाव को कुछ हद तक बढ़ा सकती है और साथ ही कैंसर से उबरने में मदद कर सकती है।

4. खांसी से राहत दिलाए

खांसी से राहत पाने के लिए भी कमल ककड़ी का उपयोग किया जा सकता है। वैज्ञानिक शोध में पाया गया है कि कमल ककड़ी के गुण खांसी से आराम पाने में मदद कर सकते हैं (5)। फिलहाल, इस संबंध में ज्यादा शोध उपलब्ध नहीं है कि यहां इसके कौन से गुण काम करते हैं। इसलिए, खांसी के लिए कमल ककड़ी का उपयोग करने से पहले डॉक्टर से परामर्श अवश्य लें।

5. एनीमिया के लिए

शरीर में आयरन की कमी एनीमिया का कारण बनती है। शरीर में आयरन की कमी से पर्याप्त हीमोग्लोबिन नहीं बन पाता (6)। वहीं, कमल के इथेनॉल अर्क में हेमाटोपोईएटिक प्रभाव (रक्त कोशिकाओं को बढ़ाने वाले गुण) होते हैं, जो आयरन की कमी से होने वाले एनीमिया से आराम दिला सकते हैं (7)। कमल ककड़ी में आयरन भी पाया जाता है (8), लेकिन इस संबंध में ज्यादा शोध उपलब्ध नहीं है कि कमल ककड़ी इसमें कितना प्रभावशाली होगी। इसलिए, इसका उपयोग करने से पहले एक बार डॉक्टर से परामर्श अवश्य कर लें।

6. पोटेशियम से समृद्ध

पोटेशियम शरीर के लिए जरूरी खनिज है। यह कोशिकाओं को ठीक से काम करने में मदद करता है और इसकी कमी से कब्ज, थकान व कमजोर मांसपेशियां जैसी समस्याएं हो सकती हैं (9)। ऐसे में कमल ककड़ी का सेवन करने से फायदा मिल सकता है। कमल ककड़ी पोटेशियम का समृद्ध स्रोत होती है, जिसे आहार में शामिल किया जा सकता है (8)।

7. मधुमेह और कोलेस्ट्रोल को नियंत्रित करे

कमल ककड़ी के फायदे कोलेस्ट्रोल और मधुमेह (ब्लड शुगर) को नियंत्रित करने में भी मिल सकते हैं। कमल ककड़ी में डाइटरी फाइबर पाए जाते हैं, जो ब्लड कोलेस्ट्रोल को कम करने में मदद कर सकते हैं (10)। साथ ही कमल ककड़ी का इथेनॉल अर्क शरीर में इंसुलिन का प्रभाव बढ़ाकर खून में ग्लूकोज का स्तर कम करने में मदद कर सकता है (11)। इन समस्याओं का इलाज करने के लिए आप डॉक्टरी परामर्श पर दवाइयों के साथ कमल ककड़ी का उपयोग कर सकते हैं।

8. मुंहासों से आराम दिलाए

कमल के फूल को त्वचा से जुड़ी कई समस्याओं का समाधान करने के लिए उपयोग किया जाता है, जैसे झुर्रियां, महीन रेखाएं व दाग धब्बों को कम करना आदि। इन्हीं में मुंहासों का नाम भी शामिल है (5)। इसके अलावा, कमल ककड़ी में भरपूर मात्रा में विटामिन-सी भी पाया जाता है (8)। वहीं, वैज्ञानिक रूप से सिद्ध किया गया है कि विटामिन-सी मुंहासों से आराम दिला सकता है (12)। इस प्रकार मुंहासों को खत्म करने में कमल ककड़ी मददगार साबित हो सकती है।

9. शरीर को डिटॉक्सिफाई करे

शरीर को डिटॉक्सिफाई करने का मतलब होता है, शरीर से विषाक्त पदार्थों को निकालना (13)। कमल ककड़ी के फायदे आपके शरीर से विषाक्त पदार्थों को निकालने में मदद कर सकते हैं। कमल ककड़ी में एंटीऑक्सीडेंट गुण पाए जाते हैं (14)। ये एंटीऑक्सीडेंट गुण लिवर और किडनी पर ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस का प्रभाव कम करते हैं और शरीर को डिटॉक्सिफाई करने में मदद कर सकते हैं (15)।

10. बालों के लिए लाभदायक

बालों के खराब होने का एक बड़ा कारण ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस को माना गया है। इसकी वजह से बालों के झड़ने और समय से पहले से सफेद होने की समस्या का सामना करना पड़ सकता है (16)। ऐसे में ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस को कम करने के लिए कमल ककड़ी में मौजूद विटामिन-सी एक प्रभावी एंटी-ऑक्सीडेंट की तरह काम कर सकता है और बालों को ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस से बचाने में मदद कर सकता है। इसके अलावा, कमल ककड़ी में मौजूद आयरन बालों को जल्दी सफेद होने से बचाने में लाभदायक साबित हो सकता है (8) (17)।

आइए, अब आपको बता दें कि कमल ककड़ी में कौन-कौन से पोषक तत्व किस मात्रा में पाए जाते हैं।

कमल ककड़ी के पौष्टिक तत्व – Lotus Root Nutritional Value in Hindi

कमल ककड़ी में मौजूद पोषक तत्व निम्न प्रकार से हैं (8) :

पोषक तत्वमात्रा प्रति 100 ग्राम
मॉइश्चर72.14 प्रतिशत
स्टार्च10.05 ग्राम
कार्बोहाइड्रेट16.03 ग्राम
प्रोटीन2.60 ग्राम
फैट0.10 ग्राम
फाइबर4.20 ग्राम
ऐश1.18 ग्राम
मिनरल
कैल्शियम40.00 माइक्रोग्राम
फास्फोरस58.00 माइक्रोग्राम
आयरन1.07 माइक्रोग्राम
पोटैशियम450.00 माइक्रोग्राम
विटामिन
विटामिन -सी38.00 माइक्रोग्राम

कमल ककड़ी के फायदे और उसके पोषक तत्वों के बारे में जानने के बाद, लेख के अगले भाग में जानिए कि कमल ककड़ी का उपयोग किस तरह किया जा सकता है।

कमल ककड़ी का उपयोग – How to Use Lotus Root in Hindi

कमल ककड़ी का उपयोग आप नीचे बताए गए तरीके से कर सकते हैं-

  • आप इसके छोटे छोटे टुकड़े करके और इस पर अपनी पसंद का मसाला मिलाकर, फ्राई करके खा सकते हैं।
  • आप चाहें तो इसका अचार बना सकते हैं।
  • आप चाहें तो इसे उबाल कर इसका उपयोग सलाद में भी कर सकते हैं।
  • आप इसकी सब्जी या कोफ्ते भी बना सकते हैं।
  • आप इसकी मदद से फ्राई रायता (दही में घी और जीरे से छोंक लगा कर) भी बना सकते हैं।

लेख के अगले भाग में जानिए कमल ककड़ी के नुकसान के बारे में।

 कमल ककड़ी के नुकसान – Side Effects of Lotus Root in Hindi

अभी तक कमल ककड़ी के नुकसान पर कोई शोध उपलब्ध नहीं है, जिस वजह से यह कहना मुश्किल है कि कमल ककड़ी के नुकसान हैं या नहीं। इसके बावजूद, हम यही सलाह देंगे कि इसका सेवन आप नियंत्रित मात्रा में ही करें। इसके अलावा, अगर आप इसका उपयोग किसी खास बीमारी का इलाज करने के लिए कर रहे हैं, तो एक बार डॉक्टर से परामर्श अवश्य कर लें। ध्यान रखें कि कमल ककड़ी किसी भी बीमारी का इलाज नहीं कर सकती। यह सिर्फ बीमारी के लक्षणों को कम करने में सहायता कर सकती है।

उम्मीद करते हैं कि अब आप अच्छी तरह समझ गए होंगे कि कमल ककड़ी आपके स्वास्थ के लिए किस तरह फायदेमंद हो सकती है। यह आपको कई बीमारियों के लक्षणों से आराम दिलाने में मदद कर सकती है। फिलहाल, कमल ककड़ी के फायदे पर अभी और शोध की आवश्यकता है। नियंत्रित रूप से उपयोग करने से आप कमल ककड़ी के नुकसान से बच सकते हैं, जो संभवतः इसका जरूरत से ज्यादा सेवन करने से हो सकते हैं। तो आज से ही कमल ककड़ी को अपने आहार में शामिल करें और इसके लाभों का फायदा उठाएं। साथ ही, कमेंट बॉक्स में लिख कर हमें यह जरूर बताएं कि यह लेख आपको कैसा लगा।

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Soumya Vyas

सौम्या व्यास ने माखनलाल चतुर्वेदी विश्वविद्यालय, भोपाल से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में बीएससी किया है और इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ जर्नलिज्म एंड न्यू मीडिया, बेंगलुरु से टेलीविजन मीडिया में पीजी किया है। सौम्या एक प्रशिक्षित डांसर हैं। साथ ही इन्हें कविताएं लिखने का भी शौक है। इनके सबसे पसंदीदा कवि फैज़ अहमद फैज़, गुलज़ार और रूमी हैं। साथ ही ये हैरी पॉटर की भी बड़ी प्रशंसक हैं। अपने खाली समय में सौम्या पढ़ना और फिल्मे देखना पसंद करती हैं।

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