केले की चाय पीने के 11 फायदे और नुकसान – Banana Tea Benefits and Side Effects in Hindi

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आपने ग्रीन टी, लेमन टी, पिपरमिंट टी आदि के बारे में तो सुना ही होगा, लेकिन क्या आपने कभी बनाना टी के बारे में सुना है। अगर नहीं तो कोई बात नहीं। स्टाइलक्रेज के इस लेख में हम बात करने वाले हैं, केले की चाय की। जी हां, आपको जानकर हैरानी होगी कि केले से बनी चाय न केवल शरीर को तरोताजा रखती है, बल्कि सेहत के लिए भी बेहद फायदेमंद मानी जाती है। यही वजह है कि स्टाइलक्रेज के इस लेख में हम केले की चाय के फायदे के साथ ही इसे बनाने की विधि भी बता रहे हैं।

शुरू करते हैं लेख

केले की चाय पीने के नुकसान – Side Effects of Banana Tea in Hindi

 तो आइए केले की चाय होती क्या है, पहले हम इस बारे में थोड़ा जान लेते हैं।

केले की चाय क्या है?

केले की चाय के फायदे और केले की चाय के नुकसान जानने से पहले समझना जरूरी है कि केले की चाय क्या है? तो बता दें केले की चाय एक प्रकार की हर्बल टी होती है, जो गर्म पानी में केले को उबालकर बनाई जाती है। केले की चाय केले के छिलके के साथ या बिना छिलके के भी बनाई जा सकती है। हालांकि, आमतौर पर लोग बनाना टी बनाने के लिए केले को छिलके के साथ ही इस्तेमाल करते हैं। वहीं कुछ लोग इसमें स्वाद के लिए अन्य सामग्रियों को भी शामिल करते हैं।

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यहां हम विस्तार से केले की चाय के फायदे समझने का प्रयास करेंगे।

केले की चाय पीने के फायदे – Benefits of Banana Tea in Hindi

यहां हम केले की चाय पीने के फायदों का जिक्र करने वाले है। उससे पहले यहां हम स्पष्ट कर दें कि केले या केले के छिलके की चाय किसी बीमारी का इलाज नहीं है। यह केवल समस्या के लक्षणों को कम कर सकती है। तो चलिए अब जानते हैं, केले की चाय पीने के फायदे क्या हैं।

1. एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर

रिसर्च की मानें तो तनाव या फिर अन्य कारणों से शरीर में पैदा होने वाले फ्री रेडिकल्स (मुक्त कण) कैंसर, गठिया, पार्किंसंस रोग, अल्जाइमर रोग सहित अन्य गंभीर समस्याओं का कारण बन सकते हैं। इससे राहत पाने के लिए केले के छिलके की चाय फायदेमंद मानी जा सकती है। ऐसा इसलिए क्योंकि, केले के छिलके का अर्क एंटीऑक्सीडेंट (मुक्त कणों को नष्ट करने वाला) गुण से भरपूर होता है (1)। वहीं केले का अर्क भी शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट प्रभाव प्रदर्शित करता है (2)। इस गुण के कारण केले की चाय मुक्त कणों के कारण होने वाली शारीरिक समस्याओं से राहत पाने में उपयोगी साबित हो सकती है।

2. एंटी बैक्टीरियल गुण

कई तरह के संक्रमण से भी राहत पाने के लिए केले की चाय के फायदे देखे जा सकते हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि केले के छिलके का अर्क एंटी बैक्टीरियल (संक्रमण से लड़ने वाला) गुण से समृद्ध होता है। इस बात की जानकारी एक रिसर्च से होती है। इस शोध के अनुसार, केले के छिलके के अर्क में  केले के छिलके का जलीय अर्क एक बेहतर एंटी बैक्टीरियल एजेंट साबित हो सकता है (3)। वहीं एक अन्य शोध में माना गया है कि केले और केले के छिलके दोनों में एंटीबैक्टीरियल प्रभाव पाया जाता है (4)। ऐसे में केले की चाय को जीवाणुओं के कारण होने वाली बीमारियों के उपचार में मददगार माना जा सकता है।

3. नींद में सहायक

केले की चाय के फायदे अनिद्रा की समस्या में भी सहायक माने जाते हैं। इसलिए इसे रात को अच्छी नींद के उपाय के तौर पर भी इस्तेमाल किया जा सकता है। दरअसल, एक शोध में इस बात का जिक्र साफ तौर से मिलता है कि केले का छिलका व्यक्ति के नींद में सुधार करने में सहायक हो सकता है। वजह यह है कि केले के छिलके में ट्रिप्टोफैन नाम का एक खास तत्व पाया जाता है, जो नींद में सुधार कर सकता है (5)। इस आधार पर यह माना जा सकता है कि केले के छिलके की चाय नींद में सहायक हो सकती है।

4. हृदय स्वास्थ्य को बनाए रखे

बनाना टी बेनिफिट्स में हृदय रोगों के जोखिमों को कम करना भी शामिल है। दरअसल, एक रिसर्च से इस बात की जानकारी मिलती है कि केले के अर्क में दो बायोएक्टिव कंपाउंड फेनोलिक्स और फ्लेवोनोइड्स मौजूद होते हैं, जो हृदय रोगों के जोखिमों को कम करने में मदद कर सकते हैं (6)। ऐसे में यह कहा जा सकता है कि बनाना टी हृदय को स्वस्थ बनाए रखने में मददगार साबित हो सकता है। ।

5. वजन घटाने में मददगार

केले की चाय के फायदे वजन कम करने में भी सहायक हो सकते हैं। विशेषज्ञों की मानें तो केले के जूस में एंटी ओबेसिटी प्रभाव मौजूद होता है। इस प्रभाव के कारण केले का जूस मोटापा कम करने में प्रभावी असर दिखा सकता है (7)। इस आधार पर वजन कम करने के लिए केले की चाय को वेट लॉस डाइट में शामिल करना लाभकारी साबित हो सकता है।

6. अवसाद में लाभकारी

अवसाद को दूर करने के लिए भी केले की चाय फायदेमंद साबित हो सकती है। दरअसल, केले  पर हुए शोध से इस बात का पता चलता है कि केले और केले के छिलके के अर्क में  एंटी डिप्रेशन (अवसाद करने वाला) प्रभाव प्रदर्शित कर सकता है (8)। ऐसे में यह माना जा सकता है कि डिप्रेशन को दूर करने के लिए केले के छिलके की चाय  बनाकर पीना फायदेमंद हो सकता है ।

7. आंखों की रोशनी बढ़ाए

आंखों की सेहत के लिए भी केले की चाय फायदेमंद साबित हो सकती है। दरअसल, आंखों की रोशनी जाने का एक प्रमुख कारण मोतियाबिंद को माना जाता है और मोतियाबिंद की समस्या से राहत पाने के लिए केला मददगार साबित हो सकता है। ऐसा इसलिए क्योंकि केले में फ्लेवोनोइड्स नामक कंपाउंड मौजूद होता है, जो एंटीऑक्सीडेंट प्रभाव प्रदर्शित कर सकता है और यह मोतियाबिंद से बचाव के लिए सहायक माना जाता है। इस बात की पुष्टि एनसीबीआई की वेबसाइट पर मौजूद एक शोध से होती है (9)। इस आधार पर यह कहना गलत नहीं होगा कि आंखों की रोशनी को बढ़ाने के लिए बनाना टी फायदेमंद साबित हो सकती है।

8. चीनी की कम मात्रा

प्राकृतिक मिठास से भरपूर चाय के तौर पर भी बनाना टी का उपयोग किया जा सकता है। ऐसा इसलिए क्योंकि केले में पर्याप्त मात्रा में शुगर मौजूद होती है। वहीं बात करें अगर केले के रस में मौजूद चीनी की तो 100 ग्राम केले के रस में 3.9 ग्राम शुगर की मात्रा पाई जाती है(10)। वहीं एक अन्य शोध में भी साफ तौर से इस बात का जिक्र मिलता है कि टाइप -2 मधुमेह के उपचार और नियंत्रण के लिए केले के अर्क का उपयोग किया जा सकता है (11)। ऐसे में डायबिटीज से ग्रस्त व्यक्तियों के लिए केले की चाय काफी हद तक लाभकारी साबित हो सकती है।

9. कैंसर

केले की चाय के फायदे कैंसर के जोखिम को कम करने में भी सहायक हो सकते हैं। दरअसल, लेख में बताया जा चुका है कि केले के छिलके के अर्क में एंटीऑक्सीडेंट प्रभाव मौजूद होता है। ऐसे में केले के छिलके के अर्क में मौजूद यह गुण मुक्त कणों के कारण होने वाले कैंसर के जोखिमों को भी कुछ हद तक कम कर सकता है (1)। इसके अलावा, एक अन्य रिसर्च में इस बात की जानकारी मिलती है कि केले के अर्क में फाइटोकेमिकल्स मौजूद होते हैं, जो कैंसर की रोकथाम के लिए अधिक प्रभावी माने जाते हैं (12)। इस आधार पर यह कहा जा सकता है कि केले और केले के छिलके की चाय कैंसर के जोखिमों को कम करने में कुछ हद तक प्रभावी हो सकती है। इसके बावजूद यह ध्यान रखना जरूरी है कि कैंसर एक घातक और जानलेवा बीमारी है, जिसका पूर्ण इलाज डॉक्टरी सलाह पर ही निर्भर करता है।

10. हड्डियों को मजबूत बनाए

बनाना टी बेनेफिट्स में हड्डियों की मजबूती भी शामिल है। दरअसल, एक शोध से इस बात की जानकारी मिलती है। शोध में जिक्र मिलता है कि केले के छिलके के जलीय अर्क में पोटेशियम की समृद्ध मात्रा पाई जाती है (13)। बता दें कि (14)। इसके अलावा, अन्य शोध से यह भी पता चलता है कि केले में विटामिन-ए मौजूद होता है, जबकि केले का छिलका फास्फोरस से समृद्ध होता है। वहीं ये दोनों तत्व हड्डियों को स्वस्थ बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं (15) (16)।

11. गर्भावस्था में लाभदायक

केले की चाय का सेवन प्रेगनेंसी के दौरान भी फायदेमंद साबित हो सकता है। ऐसा इसलिए क्योंकि केले का अर्क फोलिक एसिड से समृद्ध होता है। वहीं रिसर्च की मानें तो फोलिक एसिड कई चयापचय कार्यों (metabolic functions) में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इसके अलावा गर्भावस्था के दौरान महिलाओं को पर्याप्त मात्रा में फोलिक एसिड के सेवन की सलाह दी जाती है (17)। वजह यह है कि फोलिक एसिड गर्भावस्था के दौरान भ्रूण के विकास में मदद करने के साथ ही होने वाले बच्चे में जन्म दोष (जैसे :- दिमाग और रीढ़ से संबंधित विकार) को दूर रखने में मदद करता है (18)। ऐसे में केले की चाय गर्भवती महिलाओं के लिए लाभकारी साबित हो सकती है ।

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केले और केले के छिलके की चाय के फायदे जानने के बाद अब इसमें मौजूद पौष्टिक तत्वों को जानिए।

केले की चाय के पौष्टिक तत्व – Banana Tea Nutritional Value in Hindi

जैसा कि हमने बताया कि बनाना टी को बनाने के लिए केले को पानी में उबालकर बनाया जाता है। इसलिए केले में मौजूद पोषक तत्वों को ही केले की चाय के पोषक तत्वों के रूप में देखा जा सकता है (10):

पोषक तत्व        मात्रा प्रति 100 ग्राम
ऊर्जा20 किलो कैलोरी
कार्बोहाइड्रेट4.51 ग्राम
शुगर3.94 ग्राम
कैल्शियम6 एमजी
मैग्नीशियम23 एमजी
फोस्फोरस6 एमजी
पोटेशियम239  एमजी
सोडियम3 एमजी
विटामिन-सी3.4 एमजी

पढ़ते रहें लेख

अब हम केले की चाय का उपयोग करने के तरीके जानेंगे।

केले की चाय का उपयोग – How to Use Banana Tea in Hindi

यहां हम केले की चाय का उपयोग करने के कुछ आसान तरीके बता रहे हैं, जो कुछ इस प्रकार हैं :

केले की चाय को कैसे पिएं :

  • केले की चाय को सीधे पीने के लिए इस्तेमाल में लाया जा सकता है।
  • वहीं चाहें तो केले की चाय में थोड़ी दालचीनी मिलाकर पी सकते हैं।
  • इसके अलावा बनाना टी में शहद मिलाकर भी इसका सेवन किया जा सकता है।

केले की चाय को कब और कितनी पिएं :

अन्य हर्बल टी की तरह केले की चाय भी एक हर्बल चाय है। ऐसे में एक कप केले की चाय का सेवन सुबह और शाम को किया जा सकता है। हालांकि, इसके बारे में वैज्ञानिक प्रमाण का अभाव है। इसलिए इसके सेवन से पहले एक बार डॉक्टरी परामर्श जरूर लें।

अभी बाकी है जानकारी

लेख के इस हिस्से में जाने केले की चाय बनाने की विधि।

केले की चाय बनाने की विधि

जैसा कि हमने लेख में बताया कि केले की चाय दो तरीकों से बनाई जाती है। इसलिए यहां हम बारी-बारी से दोनों तरीकों से केले की चाय बनाने की विधि बता रहे हैं, जो इस प्रकार है :

1. छिलके सहित केले की चाय बनाने की विधि

 सामग्री :

  • पानी – एक से दो कप
  • केला – एक
  • एक चुटकी दालचीनी (वैकल्पिक)
  • एक चम्मच शहद (वैकल्पिक)

बनाने का तरीका :

  • एक पैन में 2 से 3 कप पानी डालकर उसे उबाल लें।
  • दूसरी तरफ केले को छिलके सहित अच्छे से साफ कर लें और उसके दोनों किनारों को काट कर हटा दें।
  • अब केले को टुकड़ों में काट कर उबलते पानी में डाल दें और 15-20 मिनट तक उबलने दें।
  • जब यह अच्छे से उबल जाए, तो इसे कप में इसे छान लें। फिर इसमें दालचीनी और शहद मिलाएं और पी लें।

2. बिना छिलके वाली केले की चाय

सामग्री :

  • पानी – एक से दो कप
  • केला – एक
  • एक चुटकी दालचीनी (वैकल्पिक)
  • एक चम्मच शहद (वैकल्पिक)

चाय बनाने की विधि :

  • एक पैन में 2 से 3 कप पानी डालकर उसे उबाल लें।
  • अब एक केला छीलें और उसके दोनों किनारों को काट कर हटा दें।
  • इसके बाद केले को उबलते पानी में डालकर करीब 5 से 10 मिनट तक उबलने दें।
  • 10 मिनट बाद गैस बंद कर दें और कप में पानी को छान लें।
  • अब तैयार चाय में एक चुटकी दालचीनी और एक चम्मच शहद मिलाकर पी लें।

अंत तक पढ़ें लेख

लेख के अंत में जाने केले की चाय पीने के नुकसान क्या हो सकते हैं।

केले की चाय पीने के नुकसान – Side Effects of Banana Tea in Hindi

चलिए अब जरा केले की चाय पीने के नुकसान क्या हो सकते हैं, इस बारे में भी जान लेते हैं।

  • केले के छिलके के जलीय अर्क में पोटेशियम की समृद्ध मात्रा पाई जाती है। ऐसे में अधिक मात्रा में इसका सेवन हाइपरकलेमिया (खून में सामान्य से अधिक मात्रा में पोटेशियम का होना ) की समस्या का कारण बन सकता है(13) (19)।
  • इसके अलावा, किडनी की समस्याओं वाले लोगों बनाना टी के सेवन से पहले डॉक्टर से सलाह जरूर लेना चाहिए। बता दें कि केले के जूस में समृद्ध मात्रा में पोटेशियम मौजूद होता है, जो उनके लिए हानिकारक हो सकती है (20) (10)।
  • इसके अलावा, केले को पानी में उबालने से पहले उसे अच्छे से साफ जरूर कर लें। केले में लगी गंदगी, शरीर को नुकसान पहुंचा सकती है।
  • कुछ लोगों को केला एलर्जी का कारण बन सकता है (21)। ऐसे में बनाना टी के सेवन से परहेज करें। 

बनाना टी भी एक हर्बल चाय है। इस लेख में हमने इसके फायदों के बारे में विस्तार से बताया है। इसके अलावा यहां हमने बड़े ही सरल शब्दों इस चाय को बनाने की विधि भी दी है। ताकि कोई भी केले की चाय को आसानी से अपने रूटीन में शामिल कर इसके फायदे हासिल कर सके। वहीं केले की चाय का लाभ उठाने के लिए इसकी ली जाने वाली मात्रा का भी खास ख्याल रखें, नहीं तो इसके कुछ हानिकारक प्रभाव दिख सकते हैं। मुमकिन है, आपको यह लेख पसंद आया होगा। ऐसे ही अन्य लेख पढ़ने के लिए हमारी वेबसाइट स्टाइलक्रेज पर विजिट करते रहें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या मैं रात को बनाना टी पी सकता हूं?

अगर रात को नींद न आने की समस्या है को ऐसे में रात के समय केले के छिलके की चाय पी सकते हैं। जैसा कि हमने लेख में बताया केले के छिलके में पाया जाने वाला ट्रिप्टोफैन, नींद में सुधार कर सकता है (5)। ऐसे में रात में बनाना टी पीना फायदेमंद हो सकता है।

क्या बनना टी चाय के जैसी होती है?

नहीं, बनाना टी और चाय एक जैसे नहीं होते। यह केले का अर्क है, जिसे चाय के रूप में लिया जाता है।

क्या बनना टी में कैफीन होता है?

नहीं, बनाना टी में चाय का इस्तेमाल नहीं किया जाता है, इसलिए इसमें कैफीन नहीं होती है।

क्या केले की चाय वजन घटाने में मदद कर सकती है?

हां, वजन घटाने में केले की चाय सहायक हो सकती है। लेख में हमने इसकी जानकारी विस्तार पूर्वक दी है (7)।

21 Sources

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Aviriti Gautam

आवृति गौतम ने सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ साउथ बिहार से मास कम्युनिकेशन में एमए किया है। इन्होंने अपने करियर की शुरूआत डिजिटल मीडिया से ही की थी। इस क्षेत्र में इन्हें काम करते हुए दो वर्ष से ज्यादा हो गए हैं। आवृति को स्वास्थ्य विषयों पर लिखना और अलग-अलग विषयों पर विडियो बनाना खासा पसंद है। साथ ही इन्हें तरह-तरह की किताबें पढ़ने का, नई-नई जगहों पर घूमने का और गाने सुनने का भी शौक है।

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