सामग्री और उपयोग
Stylecraze

त्वचा, बाल और स्वास्थ्य के लिए केसर के 26 फायदे – Saffron (Kesar) Benefits in Hindi

त्वचा, बाल और स्वास्थ्य के लिए केसर के 26 फायदे – Saffron (Kesar) Benefits in Hindi April 9, 2019

केसर को दुनिया के चुनिंदा खास मसालों में गिना जाता है। इसका आकर्षक रंग और मनमोहक खुशबू इसे सबसे अलग बनाती है। अक्सर इसका इस्तेमाल दूध या दूध से बने पकवानों का जायका बढ़ाने के लिए किया जाता है। आपको बता दें कि यह खास खाद्य पदार्थ सिर्फ जायका बढ़ाने तक सीमित नहीं है, बल्कि विश्व भर में यह अपने औषधीय गुणों के लिए भी लोकप्रिय है। इस लेख में हम आपको केसर के विभिन्न स्वास्थ्य लाभों के बारे में बताने जा रहे हैं, जानिए यह सामान्य सा दिखने वाला खाद्य पदार्थ आपको किस प्रकार फायदा पहुंचा सकता है।

केसर क्या है – What is Saffron in Hindi

केसर को क्रोकस सैटाइवस नाम के फूल से निकाला जाता है। इसका वैज्ञानिक नाम भी क्रोकस सैटाइवस ही है। इसका इस्तेमाल भोजन में मसाले व कलर एजेंट के रूप में किया जाता है। यह दिखने में छोटे-छोटे धागों जैसा होता है। सामान्य से दिखने वाले केसर को दुनिया के सबसे महंगे मसालों में गिना जाता है।

भारत में इसे विभिन्न नामों के साथ जाना जाता है, जैसे हिंदी में केसर, बंगाली में जाफरान, तमिल में कुमकुमापू, तेलुगु में कुमकुमा पुब्बा और अरबी भाषा में जाफरान आदि। माना जाता है कि इस खास मसाले को सबसे पर्शिया या उसके आसपास खोजा गया था। इसके बाद यह यूरेशिया, उत्तरी अमेरिका, उत्तरी अफ्रीका व ओशनिया जैसे देशों में पहुंचा। केसर का पौधा आमतौर पर भूमध्यसागरीय या समान जलवायु वाले क्षेत्र में उगता है। केसर के फूल का रंग बैंगनी होता है और इसकी खुशबू कुछ शहद जैसी होती है। इसका पौधा 20-30 सेमी ऊंचाई तक बढ़ता है। यह पौधा अपने फूलों के साथ अक्टूबर और फरवरी के बीच विकसित होता है।

विश्वभर में केसर की विभिन्न किस्मों की खेती होती है, जिनमें से कुछ लोकप्रिय किस्में इस प्रकार हैं –

पद्मगढ़ी – इसे कश्मीर में उगाया जाता है और इसे सबसे अच्छी किस्म माना जाता है। इसे मोंगरा या लच्छा केसर भी कहा जाता है।

पारसिका कुमकुम – यह केसर की बड़ी आकार की किस्मों में से एक है।

मधुगंधी – यह आकार में मोटा होता है और इसकी त्वचा खुरदरी होती है।

बहिल्का – यह केसर की छोटी किस्म होती है, जिसका रंग सफेद होता है।

अन्य लोकप्रिय किस्में हैं सरगोल (ईरान) और क्रीम (स्पेन)।

केसर का संक्षिप्त इतिहास – History of Saffron in Hindi

केसर की खेती और इसका उपयोग 3,500 से भी ज्यादा वर्षों से किया जा रहा है। इसका व्यापार और उपयोग पूरे महाद्वीपों में किया जाता है। शरीर से जुड़े 90 से ज्यादा विकारों के उपचार के लिए केसर का इस्तेमाल किया जाता है। प्राचीन ग्रीक कहानियों के अनुसार वहां के सैनिक केसर के लिए लंबा और जोखिम भरा सफर तय करते थे।

वहीं, अन्य कहानियों के अनुसार मिस्र की प्रसिद्ध रानी क्लियोपेट्रा स्नान में केसर का प्रयोग करती थी। मिस्र के चिकित्सकों ने इस मसाले का उपयोग गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल बीमारी के इलाज के लिए भी किया था। वहीं, रोमन में इसे डियोड्रेंट के रूप में इस्तेमाल किया जाता था।

आपके लिए केसर क्यों जरूरी है?

हिप्पोक्रेट्स (जिन्हे फादर ऑफ मेडिसिन कहा जाता है) के लेखन के अनुसार, केसर सर्दी, खांसी, पेट की समस्या, गर्भाशय रक्तस्राव, अनिद्रा, पेट फूलना और यहां तक कि हृदय रोग के लिए भी सटीक उपचार है। शरीर के लिए केसर के फायदे बहुत हैं। यह मैंगनीज से समृद्ध होता है, जो ब्लड शुगर को नियंत्रित करने के साथ-साथ हड्डियों, टिशू और सेक्स हार्मोन के निर्माण में मदद करता है (1)। इसमें विटामिन-सी भी होता है, जो संक्रमण से लड़ता है और आयरन को अब्जॉर्ब करने में मदद करता है।

केसर में 150 से अधिक वाष्पशील यौगिक होते हैं। केसर के अधिकांश स्वास्थ्यवर्धक गुणों का श्रेय क्रोसिन को दिया जा सकता है, जो केसर का एक खास कंपाउंड है। इसे दूध के साथ लेने के भी कई फायदे हैं। यह दूध के साथ मिलकर पाचन तंत्र को बेहतर करता है, भूख में सुधार लाता है, त्वचा को स्वस्थ रखता है और प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करता है। ऐसा माना जाता है कि केसर का दूध पीने से नींद अच्छी आती है। केसर का तेल त्वचा को चमकदार बनाता है। केसर का पानी भी कई औषधीय गुणों से भरपूर होता है।

केसर में मौजूद पोषक तत्व – The Nutritional Profile Of Saffron in Hindi

लगभग 100 ग्राम केसर में 310 किलोकैलोरी, 65.37 ग्राम कार्बोहाइड्रेट, 11.43 ग्राम प्रोटीन, 5.85 ग्राम फैट और 0mg कोलेस्ट्रॉल होता है। इसमें फाइबर डाइटरी 3.9 ग्राम, कैल्शियम 111mg, कॉपर, 0.328mg, आयरन 11.10mg, मैग्नीशियम 264mg और मैंगनीज 28mg आदि भी मौजूद होते हैं।

पोषक तत्वमात्राआरडीए का प्रतिशत
ऊर्जा310 Kcal15.5%
कार्बोहाइड्रेट65.37 g50%
प्रोटीन11.43 g21%
कुल फैट5.85 g29%
कोलेस्ट्रॉल0 mg0%
डाइटरी फाइबर3.9 g10%
विटामिन्स
फोलेट93 µg23%
नियासिन1.46 mg9%
पाइरिडोक्सिन1.010 mg77%
राइबोफ्लेविन0.267 mg20%
विटामिन-ए530 IU18%
विटामिन-सी80.8 mg135%
इलेक्ट्रोलाइट
सोडियम148 mg10%
पोटैशियम1724 mg37%
मिनरल्स
कैल्शियम111 mg11%
कॉपर0.328 mg37%
आयरन11.10 mg139%
मैग्नीशियम264 mg66%
मैंगनीज28.408 mg1235%
फास्फोरस252mg36%
सेलेनियम5.6 µg10%
जिंक1.09 mg10%

अभी तक हमने जाना केसर आपके लिए क्यों जरूरी है, आगे जानिए शरीर की कौन-कौन सी समस्याओं के लिए केसर किस प्रकार फायदेमंद है –

केसर के विभिन्न स्वास्थ्य लाभ – Health Benefits Of Saffron in Hindi

केसर एक गुणकारी खाद्य पदार्थ है, जो कई तरह के औषधीय गुणों से समृद्ध होता है। यह पाचन स्वास्थ्य और सांस संबंधी दिक्कतों को सुधारने से लेकर कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों की रोकथाम भी कर सकता है। शायद आपको पता न हो, केसर एक कारगर कामोत्तेजक के रूप में भी काम करता है। नीचे जानिए केसर के विभिन्न शारीरिक फायदों के बारे में –

1. कैंसर से लड़ता है

अध्ययनों के अनुसार केसर का इस्तेमाल कर कैंसर से पीड़ित चूहों की स्थिति में सुधार देखा गया है। अध्ययन से पता चला कि केसर में पाए जाने वाले अहम तत्व क्रोसिन ने कोलोरेक्टल कैंसर कोशिकाओं की वृद्धि को रोक दिया था। प्रोस्टेट कैंसर के मामलों में भी इसका समान प्रभाव दिखा। इसके अलावा स्कीन कैंसर में भी केसर ने प्रमुख भूमिका दिखाई (2)।

केसर कैरोटेनॉयड्स से समृद्ध है, जो इसके एंटीकैंसर गुणों में योगदान कर सकता है। केसर में मौजूद क्रोसिन ब्रेस्ट कैंसर और ल्यूकेमिया को रोक सकता है (3), लेकिन इस पर अभी और शोध की जरूरत है।

अमेरिकन काउंसिल ऑफ साइंस एंड हेल्थ की एक रिपोर्ट के अनुसार, केसर में क्रोसेटिन (क्रोसिन से संबंधित कैरोटीनॉयड) होता है, जो दो प्रकार के मानव कैंसर के प्रसार को रोक सकता है (4)। यह उस एंजाइम को रोकता है, जो कैंसर कोशिकाओं में विशेष रूप से सक्रिय है।

एक अन्य अध्ययन के अनुसार, क्रोसेटिनिक एसिड (क्रोसेटिन से एक शुद्ध यौगिक) में अग्नाशय के कैंसर को रोकने की क्षमता है। वास्तव में, यह कंपाउंड कैंसर स्टीम कोशिकाओं को बाधित करता है और उन्हें नष्ट करता है। साथ ही कैंसर को लौटने से रोकता है (5)।

हालांकि, इन गुणों के बावजूद केसर को पूरी तरह से एंटीकैंसर नहीं माना जा सकता, इस पर अभी और अध्ययन की आवश्यकता है।

2. गठिया का इलाज

Treatment of Arthritis Pinit

Image: Shutterstock

एक इटालियन अध्ययन में कहा गया है कि केसर में क्रोसेटिन होता है, जो सेरेब्रल ऑक्सिजनेशन को बढ़ा सकता है, जिससे गठिया के इलाज में आसानी हो सकती है (6)। यूनिवर्सिटी ऑफ मैरीलैंड मेडिकल सेंटर के अनुसार, मीडो केसर (केसर का एक प्रकार) गाउट से राहत दिला सकता है। हालांकि, इस किस्म के केसर का सेवन लीवर, किडनी व बोन मेरो समस्या से ग्रस्त बुजुर्गों व गर्भवती महिलाओं को नहीं करना चाहिए।

3. आंखों की रोशनी में सुधार

केसर के फायदे में आंखों की रोशनी में सुधार होना भी शामिल है। एक स्पेनिश अध्ययन में कहा गया है कि केसर में मौजूद नैचुरल कंपाउंड रेटिना को रोकने में मदद कर सकते हैं। यह रेटिना के कार्य में काफी सुधार करता है। पुरानी चोट से होने वाली फोटोरिसेप्टर हानि को रोकने में केसर सक्षम पाया गया है (7)।

सिडनी विश्वविद्यालय की एक रिपोर्ट के अनुसार, बुजुर्गों में दृष्टि में सुधार के लिए केसर प्रभावी पाया गया है। परीक्षण में देखा गया कि केसर की गोलियां लेने के बाद रोगी की दृष्टि में सुधार हुआ। केसर सेल मेमरेन की फैटी एसिड सामग्री को रेगुलेट करने वाले जीन को प्रभावित करता है और यह दृष्टि कोशिकाओं को अधिक लचीला बनाती है। अध्ययन से यह पता चलता है कि एक रेटिनाइटिस पिगमेंटोसा जैसी आनुवांशिक बीमारी के इलाज में भी केसर सक्षम है, जो युवाओ में स्थायी अंधापन का कारण बनता है (8)।

4.अनिद्रा

कुछ अध्ययनों का कहना है कि केसर अनिद्रा को ठीक कर सकता है (9)। केसर पर किए गए अन्य अध्ययन भी तनाव के साथ-साथ अनिद्रा पर केसर के सकारात्मक प्रभाव की बात करते हैं (10)।

एक अन्य अध्ययन के अनुसार केसर का खास तत्व क्रोसिन चूहों में ‘नॉन रैपिड आई मूवमेंट स्लीप’ में सुधार करता पाया गया। नींद के बाद चूहों पर क्रोसिन का कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं देखा गया (11)।

5. मस्तिष्क स्वास्थ्य

कई अध्ययनों से पता चलता है कि केसर स्मरण शक्ति में सुधार करने में प्रभावी है। इस तरह के एक अध्ययन में, एक दिन में 30 मिलीग्राम केसर का सेवन करने से अल्जाइमर के रोगियों की स्थिति में सुधार देखा गया।

चूहों पर किए गए केसर के क्रोसिन और एथेनॉल अर्क (extract) के प्रयोग ने एंटीडिप्रेसेंट प्रभाव प्रदर्शित किया। कुछ अध्ययन केसर के जरिए मूड बदलने की भी बात करते हैं। इसके अलावा केसर को सिजोफ्रेनिया (मानसिक विकार) के रोगियों द्वारा सहन करता देखा गया है, जिसके कोई गंभीर दुष्प्रभाव नहीं थे।

केसर के अर्क से न्यूरोटॉक्सिक का प्रभाव भी कम होते देखा गया है। अर्क ने डोपामाइन और ग्लूटामेट जैसे महत्वपूर्ण न्यूरोट्रांसमीटर का उत्पादन भी बढ़ा दिया था (12)।

एक अध्ययन सेरेब्रल इस्किमिया पर भी केसर की एक सुरक्षात्मक भूमिका की बात करता है (13)। केसर के ये सभी लाभ इसके एंटीऑक्सीडेंट गुण के कारण हैं। हालांकि, यह ध्यान रखना भी जरूरी है कि केसर की बड़ी मात्रा का सेवन करना घातक हो सकता है (14)। इसे उपयोग करने से पहले अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें।

6. अस्थमा का इलाज

रिपोर्ट बताती है कि अस्थमा के इलाज के लिए केसर का उपयोग प्राचीन काल से किया जा रहा है। पारंपरिक चिकित्सा में केसर के उपयोग का उल्लेख किया गया है (15), लेकिन इस पर अभी शोध सीमित हैं। इसलिए, अधिक जानकारी के लिए अपने चिकित्सक से जरूर परामर्श करें।

7. पाचन को बढ़ावा

केसर अपने एंटीऑक्सीडेंट और एंटी इंफ्लेमेटरी गुणों के माध्यम से पाचन को बढ़ावा देने और पाचन विकारों के इलाज में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है (16)। यह पेप्टिक अल्सर और अल्सरेटिव कोलाइटिस के इलाज में भी फायदा दिखा सकता है।

8. भर सकता है घाव

केसर घावों को भी ठीक कर सकता है, खासकर जो जलने के कारण घाव बनते हैं। जले हुए घावों का उपचार करने में यह खास खाद्य पदार्थ प्रभावी पाया गया है (17)।

9. प्रतिरक्षा और ऊर्जा स्तर

केसर में मौजूद कैरोटीनॉयड सकारात्मक रूप से प्रतिरक्षा प्रणाली में सुधार कर सकता है। एक अध्ययन में पाया गया है कि प्रतिदिन 100 मिलीग्राम केसर बिना किसी हानिकारक प्रभाव के अस्थाई इम्यूनोमॉड्यूलेटरी गतिविधि के लिए सहायक हो सकता है (18)।

चूहों पर किए गए अध्ययन के दौरान केसर की पंखुड़ी का अर्क एंटीबॉडी प्रतिक्रिया बढ़ाने में सक्रिय पाया गया (19)। माना जाता है कि केसर ऊर्जा के स्तर में सुधार करता है, लेकिन इस पर अभी सटीक साक्ष्य उपलब्ध नहीं है।

10. गर्भावस्था के दौरान

during pregnancy Pinit

Image: Shutterstock

एक ईरानी अध्ययन के अनुसार, गर्भावस्था के दौरान केसर गर्भाशय ग्रीवा को बढ़ा सकता है। इस अध्ययन के अनुसार, केसर का सेवन करने वाली महिलाओं में सी-सेक्शन की संख्या भी कम थी (20)।

वहीं, कुछ रिपोर्ट का कहना है कि गर्भावस्था के दौरान केसर का सेवन करने से गर्भपात होने की आशंका हो सकती है। इसलिए, गर्भावस्था में केसर का सेवन अपने चिकित्सक से पूछकर ही करें।

11. मासिक धर्म के लक्षणों से राहत

मासिक धर्म के लक्षणों से राहत देने में केसर की भूमिका पर कम साक्ष्य मौजूद हैं। केसर युक्त एक ईरानी हर्बल दवा प्राइमेरी डिसमेनोरिया (माहवारी के दौरान पेट में होने वाली ऐंठन) से राहत देने में कारगर पाई गई थी (21)।

12. हृदय स्वास्थ्य

केसर के फायदे में एंटीऑक्सीडेंट गुण भी शामिल है, जो आर्टरी और रक्त वाहिकाओं (Blood Vessels) को स्वस्थ बनाए रखने में मदद करता है। केसर के एंटीइंफ्लेमेटरी गुण हृदय पर अपना सकारात्मक प्रभाव डालते हैं। केसर राइबोफ्लेविन का एक बड़ा स्त्रोत माना जाता है, जो हृदय के लिए महत्वपूर्ण विटामिन के रूप में काम करता है।

इतना ही नहीं इसमें मौजूद क्रोसेटिन रक्त में कोलेस्ट्रॉल के स्तर को नियंत्रित करते हैं और एथेरोस्क्लेरोसिस की गंभीरता को कम करते हैं (22)। केसर रक्तचाप को भी कम कर सकता है, जो दिल के दौरे का कारण बनता है (23)।

13. लिवर स्वास्थ्य

एक अध्ययन के अनुसार कैंसर के साथ लीवर मेटास्टेसिस से पीड़ित रोगियों पर केसर अपना सकारात्मक प्रभाव दिखा सकता है (24)। लीवर के खराब होने पर केसर उसे सुरक्षा प्रदान कर सकता है। यह लीवर विषाक्तता (टॉक्सिसिटी) के उपचार में भी कारगर साबित हो सकता है (25)।

14. कामोत्तेजक के रूप में

अध्ययन के अनुसार, केसर इंसानों में सेक्सुअल फंक्शन में सुधार कर सकता है, वो भी बिना किसी दुष्प्रभाव के (26)। इरेक्टाइल डिसफंक्शन वाले पुरुषों पर किए गए अध्ययन में केसर मामूली रूप से प्रभावी साबित हुआ, लेकिन इसका कोई साइड इफेक्ट नहीं था।

पुरुष प्रजनन प्रणाली के लिए भी केसर फायदेमंद है। एक अन्य अध्ययन में, केसर में क्रोसिन ने सामान्य नर चूहों में इरेक्शन समयावधि में सुधार किया था। चूहों पर केसर का यह प्रभाव इंसानों में भी देखा जाना संभव है (27)।

केसर स्पर्म के निर्माण और पुरुष बांझपन जैसी स्थितियों पर प्रभावी पाया गया है। हालांकि, यह शुक्राणुओं की संख्या में वृद्धि नहीं करता है, लेकिन पुरुष बांझपन के उपचार में मदद कर सकता है (28)।

केसर में क्रोसिन भी पाया जाता है, जो निकोटीन के उपयोग से पुरुष प्रजनन प्रणाली को होने वाले नुकसान को उलट सकता है (29)।

15. कीट के काटने से राहत

केसर का अर्क कीट के काटने से त्वचा को राहत देने का काम भी कर सकता है, लेकिन इस पर अभी और शोध होना बाकी है।

16. दर्द-सूजन से राहत

द यूनिवर्सिटी ऑफ मैनचेस्टर के एक अध्ययन से पता चला है कि मिस्र के लोग दर्द-सूजन का इलाज करने के लिए केसर का इस्तेमाल करते थे। केसर एंटीइंफ्लेमेटरी गुण से समृद्ध होता है, इसलिए यह इंफ्लेमेशन से राहत देने का काम कर सकता है।

इस्कीमिया (रक्त प्रवाह में कमी) के कारण एक्यूट किडनी इंजरी की स्थिति में केसर सुरक्षात्मक भूमिका निभा सकता है (30)। केसर की पंखुड़ियों के अर्क में एंटीइंफ्लेमेटरी गुण होते हैं (31)।

कई स्रोत इस बात को भी सामने रखते हैं कि केसर रक्त प्रवाह में सुधार करता है और कोशिकाओं के निर्माण व मरम्मत को बढ़ावा देने के साथ-साथ बुखार व दांत दर्द का इलाज भी कर सकता है। ध्यान रहे कि इस पर अभी सीमित शोध उपलब्ध हैं, इसलिए इनमें से किसी भी बीमारी के लिए केसर का उपयोग करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर करें।

त्वचा का लिए केसर के फायदे – Skin Benefits of Saffron in Hindi

आंतरिक स्वास्थ्य के साथ-साथ त्वचा के लिए भी केसर खाने के फायदे कई हैं। नीचे जानिए केसर किस तरह आपकी कोमल त्वचा को लाभ पहुंचाता है –

17. चमकदार त्वचा

radiant skin Pinit

Image: Shutterstock

चमकदार और चिकनी त्वचा पाने के लिए आप केसर का इस प्रकार फेस पैक बना सकते हैं –

  • 1 चम्मच चंदन पाउडर, 2-3 केसर के रेशे और 2 चम्मच दूध लें। इन सभी को अच्छी तरह मिला लें।
  • चेहरे को साफ पानी से धो लें और कपड़ें से अच्छी तरह पोंछ लें।
  • अब बनाए गए केसर के मिश्रण को अपने चेहरे पर लगाएं और थोड़ी देर तक फेज पर मसाज करें।
  • 20 मिनट के लिए चेहरे पर मिश्रण लगा रहने दें और बाद में साफ पानी से चेहरा धो लें।
  • अच्छे परिणाम के लिए आप यह प्रक्रिया सप्ताह में एक बार दोहरा सकते हैं।

18. दमकती साफ त्वचा

प्राकृतिक रूप से दमकती साफ त्वचा पाने के लिए आप केसर का इस प्रकार इस्तेमाल कर सकते हैं –

  • दो घंटे के लिए दूध में केसर के कुछ रेशे भिगोएं।
  • अब इस दूध को अपने पूरे चेहरे व गर्दन पर मलें।
  • कुछ मिनटों के बाद चेहरा और गर्दन धो लें।
  • इसका नियमित रूप से उपयोग करने से आप प्राकृतिक रूप से दमकती साफ त्वचा पा सकते हैं।

आप चेहरे के लिए केसर की यह विधि भी अपना सकते हैं –

  • आवश्यकतानुसार चिरौंजी और केसर को दूध में भिगोकर रात भर रखें।
  • सुबह इस मिश्रण को पीस लें और चेहरे व गर्दन पर लगाएं।
  • मिश्रण अच्छी तरह सूख जाने के बाद साफ पानी से धो लें।

चेहरे को आकर्षक बनाने के लिए आप केसर को दूध के साथ ले सकते हैं। बेशक, कई लोग गर्भवती माताओं को केसर मिला दूध देते हैं, ताकि गर्भ में पल रहे बच्चे को गोरा और चमकता हुआ रंग मिल सके, लेकिन इसका समर्थन करने वाला कोई सटीक साक्ष्य उपलब्ध नहीं है।

इसके अलावा आप नहाने के पानी में केसर का इस्तेमाल कर सकते हैं। इसके लिए आप केसर के कुछ रेशों को नहाने के हल्के गर्म पानी में 20 मिनट के लिए डाल दें और स्नान करें। केसर की यह विधि भी आपकी त्वचा के रंग को साफ कर सकती है।

19. मुंहासे और दाग धब्बों का इलाज

केसर ऐंटीफंगल गुण से समृद्ध होता है, जो मुंहासों, दाग धब्बों और ब्लैकहेड्स का उपचार करने का काम करता है। नीचे जानिए किस प्रकार करें केसर का इस्तेमाल –

  • पांच-छह तुलसी की पत्तियों के साथ केसर के 10-12 रेशों का पेस्ट बना लें और उसे अपने चेहरे पर लगाएं।
  • 10 से 15 मिनट तक पेस्ट को चेहरे पर लगा रहने दें और बाद में साफ पानी से चेहरा धो लें।

केसर और तुलसी का इस प्रकार इस्तेमाल कर आप मुंहासों और दाग-धब्बों से छुटकारा पा सकते हैं। तुलसी के पत्ते मुंहासे और दाने पैदा करने वाले बैक्टीरिया को खत्म करने का काम करते हैं। चेहरे के धब्बों के लिए आप रोजाना दो बार केसर का दूध चेहरे पर लगा सकते हैं।

20. बेजान त्वचा का इलाज

बेजान त्वचा को आकर्षक बनाने के लिए आप केसर का इस प्रकार इस्तेमाल कर सकते हैं –

  • एक चम्मच पानी में केसर के दो-तीन रेशें डालें और रात भर के लिए छोड़ दें।
  • अगली सुबह पानी का रंग पीला हो जाएगा।
  • अब इस केसर के पानी में एक चम्मच दूध, दो-तीन बूंदें जैतून या नारियल के तेल की और एक चुटकी चीनी मिलाएं।
  • फिर इस मिश्रण में ब्रेड का एक टुकड़ा डुबोएं और उसे अपने चेहरे पर लगाएं।
  • इसे 15 मिनट तक सूखने दें, बाद में साफ पानी से धो लें।
  • यह मास्क बेजान त्वचा के साथ-साथ काले घेरे को भी मिटा देगा।

यह रक्त संचालन में मदद कर आपकी त्वचा को एक्सफोलिएट (त्वचा की मृत कोशिकाओं का बाहर निकलना) भी करता है, जिससे आपकी त्वचा चिकनी और चमकदार बनती है।

21. जगमगाती त्वचा के लिए केसर

जगमगाती त्वचा के लिए आप केसर का इस प्रकार इस्तेमाल कर सकते हैं-

  • आवश्यकतानुसार शहद में केसर के कुछ रेशे अच्छी तरह मिलाएं।
  • अब इस मिश्रण को अपने चेहरे पर लगाएं और मसाज करें।
  • यह प्रक्रिया त्वचा को ऑक्सीजन प्रदान कर रक्त संचालन में मदद करेगी। नियमित रूप से इस फेस पैक का उपयोग करने से आपके चेहरे को चमकता हुआ रंग मिलेगा।

22. आपकी त्वचा को करता है टोन

केसर आपकी त्वचा को टोनिंग करने में मदद कर सकता है। इसके लिए केसर के कुछ रेशों को गुलाब जल में भिगोना है और फेस स्क्रब करने के बाद इसे अपने चेहरे पर लगाना है।

23. त्वचा का टेक्सचर

त्वचा के टेक्सचर में सुधार करने के लिए आप केसर का इस प्रकार इस्तेमाल कर सकते हैं –

  • आधा कप पानी को 10 मिनट तक उबालें।
  • इस पानी में केसर के चार से पांच रेशे और चार चम्मच दूध का पाउडर मिलाएं।
  • ठंडा होने पर इस मिश्रण को अपने चेहरे पर लगाएं।
  • 10 से 15 मिनट तक मिश्रण चेहरे पर लगा रहने दें और बाद में ठंडे पानी से चेहरा धो लें।
  • इस प्रकार आप अपने चेहरे के टेक्सचर में सुधार कर सकते हैं।

24. शुष्क त्वचा का उपचार

Dry skin treatment Pinit

Image: Shutterstock

अगर आपकी त्वचा शुष्क है, तो आप नींबू और केसर के साथ एक फेस मास्क बना सकते हैं। नींबू त्वचा को गहराई से साफ करता है, जबकि केसर त्वचा को चमक प्रदान करता है। आप इस प्रकार केसर और नींबू का फेस मास्क बना सकते हैं –

  • एक चम्मच केसर पाउडर के साथ नींबू के रस की कुछ बूंदें मिलाएं।
  • अगर आपकी त्वचा ज्यादा शुष्क है, तो आप दूध की कुछ बूंदें इसमें मिला सकते हैं।
  • मिश्रण को मुलायम होने तक अच्छी तरह मिलाएं।
  • अब इसे चेहरे पर लगाएं और 20 मिनट के लिए सूखने के लिए छोड़ दें। बाद में साफ पानी से चेहरा धो लें।

25. भरता है चोट के घाव को

माना जाता है कि अतीत में युद्ध के समय घायल योद्धाओं के घावों का इलाज करने के लिए केसर के अर्क का इस्तेमाल किया जाता था। केसर का अर्क हीलिंग गुण से समृद्ध होता हो, जो घाव को जल्द भरने का काम कर सकता है।

बालों के लिए केसर के फायदे – Hair Benefits of Saffron in Hindi

26. बालों के झड़ने से रोकता है

बालों के लिए भी केसर खाने के फायदें कई हैं। केसर एंटीऑक्सीडेंट गुणों से समृद्ध होता है और यह बालों की झड़ने की समस्या से आपको निजात दिला सकता है। यह खास खाद्य पदार्थ बालों के रोम की मरम्मत करता है और बालों के विकास में मदद करता है।
बालों के लिए इस प्रकार करें केसर का इस्तेमाल :

  • आवश्यकतानुसार दूध में केसर के कुछ रेशे भिगोएं और मिश्रण में लिकोराइस मिलाएं।
  • मिश्रण को अच्छी तरह मिलाकर पेस्ट बना लें।
  • अब मिश्रण को स्कैल्प और बालों पर अच्छी तरह लगाएं।
  • मिश्रण को 15 मिनट के लिए छोड़ दें और बाद में ठंडे पानी से सिर धो लें।
  • बालों के लिए यह प्रक्रिया सप्ताह में दो बार दोहराएं।

गंजेपन से निपटने के लिए भी इसी उपाय का इस्तेमाल किया जा सकता है।

कहां से खरीदें केसर – Where To Buy Saffron in Hindi

आप अपने निकटतम सुपरमार्केट से केसर खरीद सकते हैं या फिर आप इसे ऑनलाइन भी मंगवा सकते हैं।

केसर एक बहुउपयोगी मसाला है, जो न सिर्फ नमकीन, बल्कि मीठे व्यंजनों में जान डाल सकता है। इसकी खूबी सिर्फ इसके स्वादिष्ट स्वाद और खुशबू तक सीमित नहीं है, बल्कि यह भोजन की खूबसूरती को भी बढ़ाता है। व्यंजन में आप इसका इस्तेमाल इसके रेशों और इसे पीस कर दोनों तरीके से कर सकते हैं। अगर आप केसर का इस्तेमाल गार्निशिंग के लिए कर रहे हैं, तो फिर केसर के रेशों का इस्तेमाल करें। वहीं, दूसरी ओर अगर आप केसर को अपनी डिश के साथ मिलाकर इस्तेमाल करना चाहते हैं, तो इसे पीसकर प्रयोग में लाएं।

नीचे कुछ कुकिंग टिप्स आपको बताएं जा रहे हैं, ताकि आप केसर का अधिकतम लाभ प्राप्त कर सकें।

यह जरूरी नहीं कि आप केसर का पाउडर बाजार से ही खरीद कर लाएं, आप इसे घर में भी बना सकते हैं। केसर को पीसने के लिए आप ओखली और मूसली का इस्तेमाल कर सकते हैं। अगर नमी के कारण आपको केसर पीसने में दिक्कत आ रही है, तो आप चुटकी भर चीनी इसमें मिलाकर पीस सकते हैं। इस प्रकार आप आसानी से केसर को पीस सकते हैं।

आप केसर का पानी भी बना सकते हैं। इसके लिए आप केसर में तीन-पांच चम्मच गर्म या गुनगुना पानी मिला सकते हैं। केसर के पानी को जार में रखा भी जा सकता है। केसर का पानी दूध और सिरके के साथ भी बनाया जा सकता है।

कैसे चुनें और स्टोर करें केसर – How to choose and store saffron in Hindi

चयन

केसर का सही चुनावा करना महत्वपूर्ण है। केसर सुपरमार्केट और विशेष दुकानों में पूरे वर्ष उपलब्ध रहता है। यह तीन रूपों में उपलब्ध है – केसर के रेशे, केसर टिप्स और केसर का पाउडर।

केसर के रेशे या पाउडर किसी प्रतिष्ठित दुकान से ही खरीदे जाने चाहिए। इसे हवा और प्रकाश से बचाने के लिए फॉइल में पैक किया जाना चाहिए। केसर की भारी मात्रा आमतौर पर लकड़ी के बक्से में बेची जाती है।

केसर खरीदते समय यह सुनिश्चित करें कि वे गहरे लाल रंग के हों। इनका सिरा नारंगी होना चाहिए और इनमें कोई रंग भिन्नता नहीं होनी चाहिए। ध्यान रहे कि इनमें पीले रंग का कोई निशान नहीं होना चाहिए, क्योंकि उनकी कोई उपयोगिता नहीं होती।

लाल रंग, बेहतर केसर की गुणवत्ता है। यदि सिरा नारंगी नहीं हैं, तो इसका मतलब है कि केसर खराब गुणवत्ता का है और हो सकता है कि वो रंगा हुआ हो। सफेद धब्बे वाले केसर के रेशे, जिनमें पीले रंग हो, उनसे बचा जाना चाहिए। केसर के रेशे छूने में कठोर, मगर टूटने योग्य होने चाहिए।

रंग के आधार पर केसर का पाउडर पहचानना थोड़ा मुश्किल होता है, क्योंकि इसमें मिलावट होने की आशंका अधिक होती है। आमतौर पर इसका रंग केसर के रेशें या सिरे की तुलना में हल्का होता है। बेहतर गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए, इसे एक प्रतिष्ठित ब्रांड या व्यापारी से खरीदा जाना चाहिए। अगला कदम इसकी सुगंध की जांच करना है। केसर में एक मजबूत और ताजी सुगंध होनी चाहिए। इसकी सुगंध मीठी होनी चाहिए न की खराब।

केसर रेशे और पाउडर दोनों रूपों में उपलब्ध होता है। अगर संभव हो तो रेशे को पसंद करना उचित रहेगा, क्योंकि पीसे हुए केसर की शेल्फ लाइफ केसर के रेशों की तुलना में कम होती है। यह आमतौर पर अन्य सामग्रियों के साथ मिश्रित होता है और इसमें केसर की असली गुणवत्ता व स्वाद का अभाव होता है।

इसके अलावा, केसर महंगा मसाला है। अगर यह कम कीमत पर उपलब्ध है, तो यह खराब गुणवत्ता का हो सकता है या नकली भी हो सकता है।

स्टोर

केसर को एयरटाइट कंटेनर में स्टोर किया जाना चाहिए। अच्छा होगा कि केसर से भरा जार ठंडी, अंधेरी और सूखी जगह पर रखा जाए। केसर के लिए आदर्श स्टोर तापमान 68° F से कम और आर्द्रता 40% से कम होनी चाहिए।

अन्य जड़ी-बूटियों और मसालों की तरह, केसर भी प्रकाश के प्रति संवेदनशील होता है, इसलिए पारदर्शी कंटेनर में रखते समय इसे पहले फॉइल में लपेट लें। केसर के धागे आपस में चिपके न इसलिए जार में रखने से पहले रेशो को अलग-अलग कर लें। इस तरह आप आराम से एक-एक रेशे को बाहर निकाल सकते हैं।

अगर केसर को ठीक से स्टोर किया जाए, तो यह कई वर्षों तक रह सकता है। स्टोर किए गए केसर को दो साल के भीतर उपयोग करने की सलाह दी जाती है। उम्र बढ़ने के साथ-साथ इसका स्वाद और बढ़ जाता है।

केसर के चुनाव और स्टोर के बाद जानिए केसर की कुछ खास रेसिपी के बारे में।

1. टमाटर केसर का शोरबा

सामग्री

  • एक चुटकी केसर
  • एक छोटा कटा हुआ प्याज
  • दो बड़े चम्मच जैतून का तेल
  • दो बारीक कटे हुए लहसुन
  • दो डिब्बे कटे हुए टमाटर (सूखे)
  • 2 कप क्लैम जूस
  • सूखी सफेद वाइन के 2 कप
  • एक चौथाई चम्मच काली मिर्च
  • चार कॉड फिलेटस

प्रक्रिया

  • एक कढ़ाही लें और मध्यम आंच पर तेल गर्म करें।
  • प्याज को 5 मिनट या नरम होने तक पकाएं।
  • लहसुन, टमाटर, ड्राई वाइट वाइन और क्लैम का रस डालें।
  • अब इसमें नमक, काली मिर्च व कॉड डालें और धीरे-धीरे हिलाएं।
  • अब आंच को कम कर दें।
  • थोड़ी देर के लिए पैन को ढक दें और पांच-सात मिनट के लिए पकाएं।
  • अब मछली के ऊपर शोरबा डालकर बाउल में परोसें।

2. केसर दूध की चाय

आप केसर का इस्तेमाल कर केसर दूध की चाय भी बना सकते हैं। यह बनाना बहुत ही आसान है। इसके लिए आप –

  • केसर के कुछ रेशों को एक कप गर्म पानी में डाल दें।
  • केसर के स्वाद को हल्का करने के लिए आप इसमें शहद मिला सकते हैं। शहद में एंटीऑक्सीडेंट गुण भी होते हैं।
  • पांच-आठ मिनट के लिए केसर को गर्म पानी में डला रहने दें और बाद में रेशों को निकाल लें।
  • अब इस पानी की चाय बनाकर धीरे-धीरे इसकी चुस्कियां लें।

3. केसर चावल

सामग्री

  • आवश्यकतानुसार केसर के रेशें
  • मक्खन के दो बड़े चम्मच
  • आवश्यकतानुसार इलायची, लौंग और दालचीनी
  • एक छोटा कटा प्याज
  • एक कप लंबे चावल
  • एक चम्मच नमक
  • दो कप गर्म पानी

प्रक्रिया

  • केसर के रेशों को दो चम्मच गर्म पानी में भिगोएं।
  • मध्यम आंच पर सॉस पैन में मक्खन पिघलाएं।
  • इलायची, लौंग और दालचीनी डालकर दो मिनट भूनें, बीच-बीच में हिलाते रहें।
  • प्याज डालें और हिलाएं।
  • चावल डालें और हिलाएं।
  • इसे लगातार हिलाते हुए 5 मिनट तक पकाएं।
  • शोरबा में नमक और केसर डालकर हिलाएं।
  • उबलते शोरबा में डालो और नमक और केसर में हलचल करें।
  • अब बर्तन को ढंक दें ताकि चावल पानी को पूरी तरह सोख ले। इसमें 40 मिनट का समय लगेगा।

केसर के बारे में तथ्य जो आपको पता होना चाहिए?

  • अपने एशियाई अभियानों के दौरान, अलेक्जेंडर द ग्रेट ने लड़ाई में लगने वाले घावों को ठीक करने के लिए पर्शियन केसर का इस्तेमाल किया था।
  • केसर का उपयोग कीटनाशक के रूप में भी किया जाता है।
  • 28.35 ग्राम केसर मसाले को बनाने में 4,500 केसर के फूल लगते हैं।
  • दुनिया भर में अकेले ईरान लगभग 90% केसर का उत्पादन करता है।
  • कुछ इत्रों में केसर का भी उपयोग किया जाता है।
  • केसर को पतझड़ में काटा जाता है और यह प्रक्रिया हाथ से की जाती है।
  • केसर के फूल को कपड़े के लिए डाई के रूप में भी इस्तेमाल किया जा सकता है।
  • आप अपना खुद का केसर उगा सकते हैं। इसके लिए जल निकासी वाली मिट्टी और अधिक धूप की आवश्यकता होती है। केसर की जड़ों को तीन से पांच इंच की गहराई में लगाएं और इस बात का ध्यान रखें कि एक जड़ से दूसरी जड़ के बीच की दूरी छह इंच होनी चाहिए। केसर के पौधे को वर्ष में एक बार खाद दी जा सकती हैं। 60 केसर के फूलों से लगभग 1 बड़ा चम्मच मसाला तैयार हो सकता है।

केसर के आश्चर्यजनक लाभ जानने के बाद इसके दुष्प्रभावों के बारे में बात करते हैं।

केसर के दुष्प्रभाव – Side Effects Of Saffron in Hindi

गर्भावस्था और स्तनपान के दौरान

गर्भावस्था के दौरान केसर की अधिक मात्रा में लेने से समस्याएं खड़ी सकती हैं। इससे गर्भपात की आशंका बढ़ जाती है। स्तनपान के समय केसर का सेवन करना चाहिए या नहीं, इस संबंध में अपर्याप्त जानकारी है। इसलिए, उपयोग से बचें और सुरक्षित रहे।

बाइपोलर डिसऑर्डर

यह मानसिक विकार होता है। केसर आपके मूड को प्रभावित कर सकता है, बाइपोलर डिसऑर्डर से पीड़ित लोगों में उत्तेजना भर कर सकता है। अगर आपकी भी स्थिति ऐसी ही है, तो केसर से दूर रहें।

लो ब्लड प्रेशर

केसर लेने से रक्तचाप बहुत कम हो सकता है। जो लो ब्लड प्रेशर वाले होते हैं या जो उच्च रक्तचाप के इलाज के लिए दवाएं ले रहे हैं, उन्हें इसका ध्यान रखना चाहिए।

हृदय स्थिति

केसर हृदय को प्रभावित कर सकता है। इसलिए, अगर आपको ह्रदय संबंधि कोई परेशानी है, तो कृपया अपने चिकित्सक से परामर्श करें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

केसर इतना महंगा क्यों है?

केसर की खेती पूरी तरह हाथ और पारंपरिक तरीके से की जाती है, इसलिए यह महंगा है।

केसर के रेशे की तुलना में केसर पाउडर के फायदे क्या हैं?

आप केसर के पाउडर को सीधे अपने पकवान में मिला सकते हैं, लेकिन केसर के रेशे के साथ ऐसा नहीं है।

केसर इतना दुर्लभ क्यों है?

यह दुर्लभ नहीं है, बस इसे इकट्ठा करना मुश्किल है, इसलिए यह महंगा है।

मैं असली केसर का परीक्षण कैसे करूं?

केसर के कुछ रेशे अपनी जीभ पर रखें और उन्हें चूसें। फिर उन्हें बाहर निकालकर टिशू पेपर पर रगड़ें। अगर टिशू पीले रंग का हो जाता है, तो वह असली हैं।

भोजन में केसर का क्या कार्य है?

भोजन में रंग और स्वाद के लिए इसका इस्तेमाल किया जाता है।

मुझे शुद्ध और प्राकृतिक केसर कहां से मिल सकता है?

आप केसर को अपने निकटतम सुपरमार्केट से खरीद सकते हैं। केसर लेने से पहले यह चेक जरूर कर लें कि उसके पैक पर आईएसओ 3632-1:2011 का मार्क जरूर होना चाहिए।

केसर भले महंगा है, लेकिन इसकी थोड़ी-सी मात्रा ही काफी है और इतना खरीदना हर किसी के लिए आसान है। केसर को आप अपनी दिनचर्या में शामिल करके इसके गुणों का लाभ उठा सकते हैं। आपको यह लेख कैसा लगा हमें कमेंट बॉक्स में बताना न भूलें। अन्य जानकारी के लिए आप अपना सवाल हमसे पूछ सकते हैं।

संबंधित आलेख