खाली पेट नीम खाने के फायदे – Benefits of Eating Neem on Empty Stomach in Hindi

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नीम की पत्तियों का स्वाद भले ही कड़वा हो, लेकिन इसके औषधीय गुण शरीर के स्वास्थ्य के लिए मीठे हो सकते हैं। घरेलू उपाय के साथ-साथ आयुर्वेदिक औषधि के तौर पर भी लोग नीम का उपयोग कई सालों से करते आ रहे हैं। वहीं, स्टाइलक्रेज के एक लेख के जरिए हम पहले ही नीम के औषधीय गुणों व फायदों की जानकारी आप तक पहुंचा चुके हैं। इस बार हम स्टाइलक्रेज के इस लेख में खासतौर पर खाली पेट नीम खाने के फायदे बता रहे हैं। इस आर्टिकल के जरिए पाठक खाली पेट नीम खाने का तरीका भी जानेंगे। जैसा कि हर औषधि के कुछ संभावित दुष्परिणाम भी हो सकते हैं, इसी तरह खाली पेट नीम खाने के नुकसान क्या हो सकते हैं, यह भी आप लेख के अंत में पढ़ेंगे। तो बिना देर करते हुए पढ़ें खाली पेट नीम खाने के फायदे।

लेख विस्तार से पढ़ें

सबसे पहले जानते हैं सुबह खाली पेट नीम की पत्ती खाने के फायदे।

खाली पेट नीम खाने के फायदे – Benefits of Eating Neem on Empty Stomach in Hindi

सुबह खाली पेट नीम खाने के फायदे में खून का साफ होना और शरीर से विषाक्त तत्वों का निकलना शामिल है (1)। इनके अलावा भी खाली पेट नीम खाने के फायदे कई सारे हैं। नीम के ये फायदे ठीक उसी तरह प्रभाव डाल सकते हैं, जो सामान्य समय या भरे पेट नीम खाने से होते हैं। इसी आधार पर हम नीचे सुबह खाली पेट नीम की पत्तियां खाने के फायदे साझा कर रहे हैं :

1. मधुमेह के लिए

नीम का सेवन खाली पेट करें या भरे पेट, इसके औषधीय गुण उपयोगी हो सकते हैं। इन्हीं गुणों में मधुमेह की समस्या से बचाव भी शामिल है। दरअसल, एनसीबीआई  (National Center for Biotechnology Information) की वेबसाइट पर प्रकाशित एक स्टडी में नीम में एंटी-डायबिटिक गुण की पुष्टि हुई है। नीम में मौजूद हाइड्रॉलकोहॉलिक अर्क (Hydroalcoholic) में एंटी-हाइपरग्लाइसेमिक प्रभाव (ब्लड शुगर कम करने वाला प्रभाव) प्रदर्शित करने की बात सामने आई है। वहीं, आयुर्वेद में भी नीम को मधुमेह की समस्या के लिए उपयोगी माना गया है (2)।

वहीं, जानवरों पर किए गए एक अन्य शोध में भी नीम को ब्लड शुगर लेवल को नियंत्रित करने और मधुमेह के जोखिम को कम करने की बात सामने आई है (3)। ऐसे में मधुमेह के जोखिम को कम करने के लिए डायबिटीज डाइट में सुबह खाली पेट नीम खाने का विकल्प चुन सकते हैं। 

2. मुंह के स्वास्थ्य के लिए

खाली पेट नीम खाने के फायदे में मुंह के स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या से बचाव भी शामिल है। कई टूथपेस्ट और माउथवॉश में नीम का उपयोग किया जाता है। एनसीबीआई की वेबसाइट पर प्रकाशित स्टडी के अनुसार नीम युक्त टूथपेस्ट या माउथवाश का उपयोग मुंह के स्वास्थ्य के लिए उपयोगी पाया गया है। दरअसल, नीम की पत्तियां दांतों में प्लाक को बढ़ाने वाले स्ट्रेप्टोकोकस म्यूटन (Streptococcus Mutans) जैसे बैक्टीरिया को बढ़ने से रोक सकता है और मुंह को स्वस्थ रख सकता है। इतना ही नहीं नीम का उपयोग दांतों की सड़न मुंह के संक्रमण और मसूड़ों के रक्तस्राव के उपचार में भी लाभकारी हो सकता है (4)। इस आधार पर मान सकते हैं कि खाली पेट नीम खाने से ओरल हेल्थ की देखभाल हो सकती है।

3. कैंसर से बचाव

कैंसर से बचाव के लिए भी नीम लाभकारी हो सकता है। दरअसल, नीम के अर्क में एंटी कैंसर गुण होने की पुष्टि हुई है। इसका एंटी कैंसर गुण पेट के कैंसर, फेफड़े का कैंसर, स्किन कैंसर, प्रोस्टेट कैंसर और स्तनों के कैंसर से बचाव करने के लिए उपयोगी हो सकता है (5)।

वहीं, एनसीबाई की वेबसाइट पर प्रकाशित एक स्टडी में, नीम का एंटी कैंसर प्रभाव कैंसर कोशिकाओं को फैलने से रोकने में उपयोगी पाया गया है। साथ ही नीम को मुंह के कैंसर से बचाव के लिए उपयोगी पाया गया है। वहीं, इस विषय में अभी और बड़े पैमाने पर शोध की आवश्यकता है (6)। हालांकि, इन सीमित शोध के आधार पर ही खुद को स्वस्थ रखने के लिए और कैंसर के जोखिम को कम करने के लिए खाली पेट नीम की पत्तियां चबाना प्रभावी विकल्प हो सकता है। वहीं, अगर किसी को कैंसर की परेशानी है, तो घरेलू उपाय करने के बजाय, बेहतर है डॉक्टरी सलाह लें।

4. एंटीबैक्टीरियल प्रभाव

एनसीबीआई पर मौजूद अध्ययन से पुष्टि होती है कि नीम की पत्तियों के रस में मौजूद क्वेरसेटिन (Quercetin) और बी-साइटोस्टरोल (ß-Sitosterol) पॉलीफेनोलिक फ्लेवोनोइड में एंटीबैक्टीरियल और एंटीफंगल गुण होते हैं (7)। नीम की पत्तियों का यह एंटीबैक्टीरियल गुण शरीर को संक्रमित करने वाले बैक्टीरिया (Pathogenic Bacteria) से बचाव करने में प्रभावी हो सकता है (8)। ऐसे में बैक्टीरियल संक्रमण से बचाव के लिए खाली पेट नीम का सेवन उपयोगी हो सकता है।

5. पाचन के लिए

पेट व पाचन प्रक्रिया को बेहतर बनाने के लिए भी खाली पेट नीम खाने के फायदे हो सकते हैं। बता दें कि कई सालों से आयुर्वेदिक चिकित्सा में अल्सर और अन्य प्रकार की गैस्ट्रिक समस्याओं के लिए नीम का उपयोग किया जाता रहा है। वहीं, नीम का सेवन शरीर से विषाक्त पदार्थों और हानिकारक बैक्टीरिया को निकालकर पाचन क्रिया को बेहतर बनाने में सहायक हो सकता है (9)। ऐसे में नीम के अधिक फायदे के लिए खाली पेट नीम के सेवन का विकल्प चुन सकते हैं।

6. त्वचा के लिए

सुबह खाली पेट नीम की पत्ती खाने के फायदे में स्वस्थ त्वचा भी शामिल है। दरअसल, नीम मे एंटीबैक्टीरियल और एंटी-इन्फ्लमेट्री गुण मौजूद होते हैं। नीम के ये गुण कील-मुंहासों की समस्या से बचाव कर सकते हैं (10)। इसके अलावा, खाली पेट नीम का सेवन शरीर से विषाक्त पदार्थों को निकालने में मदद कर सकता है, जिससे खून साफ होने में मदद मिल सकती है (1)। वहीं लोगों का मानना है कि शरीर से विषाक्त तत्व निकलने से त्वचा स्वस्थ हो सकती है।

इसके अलावा नीम का उपयोग त्वचा को मॉइस्चराइज करने के लिए भी किया जाता रहा है (4)। इस आधार पर मान सकते हैं कि त्वचा को स्वस्थ रखने के लिए खाली पेट नीम का सेवन त्वचा के लिए उपयोगी हो सकता है।

7. बालों के लिए

नीम के फायदे बालों के लिए भी देखे जा सकते हैं। नीम में एंटीफंगल और एंटीबैक्टीरियल गुण होते हैं, जो रूसी का कारण बनने वाले फंगस को कम करने में मदद कर सकते हैं (11)। वहीं नीम की पत्तियां बालों को स्वस्थ रखने में सहायक हो सकती है। हालांकि, शोध में बालों के लिए नीम की पत्तियों के पेस्ट से बाल कंडिशन और सुलझे हुए होने का जिक्र मिलता है(1)। ऐसे में अनुमान के तौर पर हम यह कह सकते हैं कि लगाने के साथ-साथ अगर नीम की पत्तियों का सेवन किया जाए, तो इसका असर भी बालों पर सीधे तौर पर हो सकता है।

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अब हम बताएंगे खाली पेट नीम खाने का सही तरीका।

खाली पेट नीम के उपयोग का तरीका

खाली पेट नीम खाने के फायदे जानने के बाद जाहिर सी बात है कि कई लोग इसे अपने रूटीन का हिस्सा बनाना चाह रहे होंगे। अब नीम है ही इतना फायदेमंद, लेकिन इसके कड़वे स्वाद को भी अनदेखा नहीं किया जा सकता है। ऐसे में लेख के इस भाग में हम खाली पेट नीम के उपयोग के तरीके के बारे में जानकारी दे रहे हैं। यहां हम खाली पेट नीम कैसे व कितनी मात्रा में खाएं, इसकी जानकारी दे रहे हैं। तो खाली पेट नीम का उपयोग कुछ इस तरह करें :

कैसे खाएं :

  • नीम की ताजी हरी पत्तियां लें।
  • उसे साफ पानी में अच्छे से धोएं।
  • फिर इसे सीधे तौर पर चबा कर खा सकते हैं।
  • इसकी कड़वाहट कम करने के लिए नीम की पत्तियों को शहद के साथ भी खा सकते हैं।
  • इच्छानुसार नीम की पत्ती या छाल का जूस निकालकर पी भी सकते हैं।
  • इसके अलावा, नीम की पतली टहनियों का इस्तेमाल सुबह के समय खाली पेट दातुन (दांत साफ करने का एक तरीका) के रूप में भी किया जा सकता है।

कब खाएं :

  • सुबह उठकर ब्रश करने के बाद खाली पेट नीम खा सकते हैं।

कितना खाएं :

खाली पेट नीम खाने की सही खुराक की बात करें तो एक दिन नीम की नई 2 से 3 ताजी पत्तियों का सेवन किया जा सकता है(1)। हालांकि, नीम की खुराक व्यक्ति की उम्र और मौजूदा स्वास्थ्य स्थिति पर भी निर्भर कर सकता है। इसलिए, खाली पेट नीम का सेवन कितनी मात्रा में कर सकते हैं, इस बारे में डॉक्टरी सलाह लेना बेहतर विकल्प हो सकता है।

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अंत में जानें, खाली पेट नीम खाने के नुकसान के बारे में।

खाली पेट नीम खाने के नुकसान – Side Effects of Eating Neem on Empty Stomach In Hindi

नीम का इस्तेमाल एक औषधी के रूप में किया जाता है। हालांकि, यहां बताए गए नीम के नुकसान इसके अधिक मात्रा में सेवन के आधार पर दिए गए हैं। ऐसे में भरे पेट या खाली पेट नीम खाने के नुकसान दोनों ही मामलों में हो सकते हैं। जिसके बारे में नीचे विस्तार से जानकारी दी गई है। तो खाली पेट नीम खाने के नुकसान कुछ इस प्रकार हैं:

  • अधिक मात्रा में नीम की पत्तियों का सेवन करने के बाद स्टोमाटाइटिस (Stomatitis- मुंह में सूजन) जैसे एलर्जी के मामले देखे गए थे। इस लिहाज से अधिक मात्रा में खाली पेट नीम खाने के नुकसान में एलर्जी की समस्या हो सकती है (12)।
  • अध्ययनों के अनुसार नीम का उपयोग अनचाहे गर्भ को समाप्त करने के लिए भी किया जा सकता है (13)। इस लिहाज से गर्भवती महिलाओं को नीम का सेवन करने से पहले डॉक्टरी सलाह लेनी चाहिए, क्योंकि नीम गर्भपात का कारण बन सकता है।
  • नीम में एंटी फर्टिलिटी प्रभाव की बात भी सामने आई है। एक स्टडी के अनुसार नीम की पत्तियों के अर्क का प्रभाव कुछ हद तक पुरुषों की प्रजनन क्षमता को प्रभावित कर सकता है  (14)। हालांकि, नीम के सेवन से नपुंसकता से जुड़ा कोई नकारात्मक परिणाम स्पष्ट तौर से नहीं देखा गया (15)। ऐसे में बेहतर होगा कि सावधानी के तौर पर पुरूष नीम के सेवन के दौरान डॉक्टरी परामर्श भी लें, साथ ही नीम के अधिक सेवन से बचें।
  • जैसा कि लेख में बताया गया है कि नीम में ब्लड शुगर कम करने वाला गुण होता है (2)। इस वजह से लो ब्लड शुगर की समस्या वाले व्यक्तियों को नीम का सेवन करने से पहले डॉक्टरी सलाह लेनी चाहिए। वहीं, अगर कोई डायबिटीज की दवा का सेवन कर रहा हो बेहतर है नीम के सेवन से पहले डॉक्टरी सलाह भी ले लें।
  • अगर किसी को किडनी की समस्या है, तो बेहतर है डॉक्टरी सलाह के बाद ही नीम का सेवन करें। दरअसल, एनसीबीआई की वेबसाइट पर प्रकाशित एक चीनी अध्ययन में नीम युक्त हर्बल दवा के सेवन से किडनी फेलियर के जोखिम की बात सामने आई है (16)। हालांकि, किडनी की समस्या में नीम का प्रभाव कितना शामिल था, शोध में स्पष्ट तौर पर इस बारे में जानकारी नहीं दी गई है, लेकिन सावधानी के तौर पर इसका सीमित मात्रा में या डॉक्टरी सलाह के अनुसार ही सेवन करें।

तो दोस्तों, इस लेख में आपने खाली पेट नीम खाने के फायदे से जुड़ी जानकारी विस्तार से पढ़ी ली होगी। लेख में बताए गए, नीम के विभिन्न गुणों और प्रभावों से पता चलता है कि यह कई स्वास्थ्य समस्याओं से बचाव में लाभकारी हो सकता है। इसके बाद भी नीम को स्वास्थ्य समस्याओं का इलाज नहीं समझा जा सकता है। हां, यह बीमारी के लक्षणों को कुछ हद तक कम करने या बीमारी के जोखिम को कम करने में मदद जरूर कर सकता है। वहीं, खाली पेट नीम की पत्तियों का सेवन करने के दौरान इसकी मात्रा का भी ध्यान रखें क्योंकि हमने खाली पेट नीम खाने के नुकसान के बारे में भी जानकारी दी है। ऐसे में इसकी सुरक्षित मात्रा के लिए डॉक्टरी सलाह लेना जरूरी हो सकता है। उम्मीद है कि यह लेख आपके लिए उपयोगी साबित होगा। आगे हम पाठकों द्वारा खाली पेट नीम खाने से जुड़े कुछ सवालों के जवाब भी साझा कर रहे हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या नीम की पत्तियों का सेवन प्रतिदिन किया जा सकता है?

नहीं, प्रतिदिन नीम की पत्तियों के सेवन से बचें। नीम के अधिक सेवन से नीम के नुकसान भी हो सकते हैं, जिसके बारे में लेख में पहले ही जानकारी दी गई है।

एक दिन में कितने नीम के पत्ते खाए जा सकते हैं?

आप एक दिन में नीम की 2 से 3 ताजी पत्तियों का सेवन कर सकते हैं (1)। फिर भी हम यही सलाह देंगे कि इसके बारे में आपको डॉक्टरी सलाह लेनी चाहिए।

क्या हम रोजाना नीम का पानी पी सकते हैं?

नीम का पानी या जूस पीना सुरक्षित होता है, लेकिन कोई अगर रोजाना नीम का पानी पीना चाहता है, तो इसके बारे में एक बार अपने डॉक्टर की सलाह जरूर लें।

क्या नीम त्वचा की रंगत को निखार सकता है?

नीम त्वचा का रंग कितना साफ कर सकता है, इस बारे में उचित वैज्ञानिक प्रमाण उपलब्ध नहीं हैं। हालांकि, त्वचा के लिए भी नीम का इस्तेमाल किया जा सकता है। जैसा कि लेख में बताया है कि नीम में एंटी बैक्टीरियल गुण होता है, जो बैक्टीरिया के कारण होने वाले एक्ने की समस्या को कम कर सकता है। साथ ही, नीम में विटामिन ई भी है, जो त्वचा के रूखेपन की समस्या को कम कर सकता है। इसके अलावा, त्वचा को टोन करने व ब्लैकहेड्स साफ करने के लिए नीम की पत्तियों को पानी में उबालकर उस पानी का भी इस्तेमाल कर सकते हैं (1)। इस आधार पर माना जा सकता है कि नीम त्वचा को साफ और बेदाग बनाने में उपयोगी हो सकता है।

क्या नीम रक्त को शुद्ध करता है?

नीम की पत्तियां क्लींजर की तरह काम कर सकती है। यह खून और शरीर को अंदर से साफ कर सकती है। खाली पेट नीम खाने के फायदे पाने के लिए नीम और शहद के मिश्रण का सेवन कर सकते हैं (1)।

क्या बालों के लिए नीम अच्छा है?

बालों के लिए नीम के फायदे हम लेख में आपको पहले ही बता चुके हैं। इसके अलावा, बालों के लिए नीम के तेल का उपयोग भी लाभकारी हो सकता है। नीम के तेल से स्कैल्प की मालिश करने से स्कैल्प में रक्त का संचार बढ़ सकता है और बालों के विकास को मदद मिल सकती है (1)।

सुबह खाली पेट नीम खाने के फायदे क्या हैं?

सुबह खाली पेट नीम खाने के फायदे में शरीर में ब्लड सर्कुलेशन में सुधार हो सकता है (1)। खाली पेट नीम खाने के ऐसे अन्य फायदे से जुड़ी जानकारी भी लेख में विस्तार से दी गई है। अगर आपने अभी तक यह लेख नहीं पढ़ा है, तो सुबह खाली पेट नीम की पत्ती खाने के फायदे जानने के लिए आप यह लेख शुरू से लेकर अंत तक जरूर पढ़ें।

क्या कब्ज के लिए खाली पेट नीम का सेवन किया जा सकता है?

यह हम लेख में पहले ही बता चुके हैं कि नीम के सेवन से गैस्ट्रिक समस्याओं के जोखिम को कम करने में मदद मिल सकती है (8)। वहीं कब्ज के मरीजों में पेट फूलने की समस्या हो सकती है (17)। ऐसे में इस आधार पर मान सकते हैं कि नीम कब्ज के लक्षण को कुछ हद तक कम कर सकता है। वहीं, सीधे तौर पर कब्ज के लिए नीम प्रभावकारी हो सकता है या नहीं, इस विषय में स्टडी की आवश्यकता है।

Sources

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