खर्राटे का इलाज और घरेलू उपाय – How to Stop Snoring in Hindi

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खर्राटे लेना एक ऐसी समस्या है, जो ग्रसित से ज्यादा दूसरों को परेशान करती है। जो व्यक्ति खर्राटे लेता है, उसे तो इसका एहसास कम ही होता है, लेकिन साथ में सोने वाले की नींद पूरी तरह खराब हो जाती है। ऐसे में, अगले दिन टोके जाने पर अक्सर शर्मिंदगी महसूस होती है और मन में आता होगा कि खर्राटे बंद करना बहुत जरूरी है। स्टाइलक्रेज के इस लेख में हम खर्राटों के बारे में विस्तार से बात करेंगे। इनके कारण के साथ, यहां आप खर्राटों का इलाज और खर्राटे बंद करने के उपाय के बारे में भी अच्छी तरह जान पाएंगे। पाठक ध्यान दें कि इस लेख में दिया गया खर्राटे का देसी इलाज इन्हें कम करने में कुछ हद तक मदद कर सकता है, लेकिन समस्या अगर ज्यादा है, तो डॉक्टरी इलाज जरूर करवाएं।

जानिए विस्तार से

लेख के पहले भाग में जानिए खर्राटे आने के कारण।

खर्राटे आने का कारण – Causes of Snoring Hindi

खर्राटे का घरेलू उपचार जानने से पहले जानिए इसके कारण। खर्राटे कई कारणों से आ सकते हैं, जिनके बारे में हमने नीचे बताया है (1) –

  • अधिक वजन होना
  • गर्भावस्था की पहली तिमाही से टिश्यू में सूजन
  • एलर्जी या जुखाम के कारण बंद नाक
  • नेजल पोलिप्स (नाक के अंदर बिना कैंसर वाली गांठ)
  • मुंह के ऊपर के टिश्यू में सूजन
  • जीभ का सामान्य से अधिक बड़ा होना
  • बुढ़ापे, नींद की गोलियों या सोते समय शराब के सेवन के कारण कमजोर मांसपेशियां।
  • कुछ मामलों में यह स्लीप एपनिया के कारण भी हो सकता है।

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लेख के अगले भाग में आप जानेंगे खर्राटे बंद करने के उपाय के बारे में।

खर्राटे का घरेलू उपाय – Home Remedies for Snoring in Hindi

खर्राटे की समस्या को कम करने के लिए नीचे बताए गए घरेलू नुस्खों का उपयोग कर सकते हैं। ये इस समस्या को कुछ हद तक कम करने में सहायता कर सकते हैं। नीचे विस्तार से पढ़िए घर पर खर्राटे का इलाज इन हिंदी।

1. जैतून के तेल से खर्राटे का उपचार

जैसा कि हमने बताया कि खर्राटे आने के कारण में स्लीप एपनिया भी शामिल है (1)। इस कारण इसका इलाज करने के लिए स्लीप एपनिया का इलाज करने वाली रेमेडी का उपयोग किया जा सकता है, जैसे जैतून का तेल। एनसीबीआई की वेबसाइट पर प्रकाशित एक शोध के अनुसार जैतून का तेल मेडिटेरेनियन डाइट का एक मुख्य भाग है और यह डाइट स्लीप एपनिया से आराम दिलाने में मददगार हो सकती है। इसके अलावा, जैसा कि हमने ऊपर बताया कि बढ़ता वजन भी खर्राटों का कारण बन सकता है। ऐसे में मेडिटेरेनियन डाइट वजन नियंत्रण को बढ़ावा देकर खर्राटों की समस्या को कुछ हद तक कम करने का काम कर सकती है (2)। हालांकि, जैतून का तेल सीधे तौर पर किस प्रकार खर्राटों के लिए फायदेमंद हो सकता है, फिलहाल, इसपर अभी और शोध किए जाने की आवश्यकता है।

कैसे इस्तेमाल करें

  • एक चम्मच जैतून का तेल और एक चम्मच शहद मिलाएं।
  • इसे रोजाना रात को सोने से पहले खर्राटे की दवा के रूप में खाएं।
  • इसके अलावा, मेडिटेरेनियन डाइट का भी पालन किया जा सकता है।

2. खर्राटे का इलाज करे हल्दी

ऑब्सट्रक्टिव स्लीप एपनिया सिंड्रोम एक ऐसी बीमारी है, जिसमें सांस का प्रवाह धीमा होने के कारण नींद खुलने लगती है। खर्राटों को स्लीप एपनिया का एक मुख्य लक्षण माना जाता है। खर्राटे का घरेलू उपचार करने और इनसे आराम पाने के लिए एंटीइन्फ्लामेट्री खाद्य पदार्थ जैसे हल्दी का उपयोग किया जा सकता है। हालांकि, इसकी कार्यप्रणाली पर अभी और शोध की आवश्यकता है (3)।

कैसे इस्तेमाल करें?

  • खर्राटों से राहत पाने के लिए रोजाना रात को सोने से पहले गर्म दूध में हल्दी डालकर पी सकते हैं।

3. लहसुन से खर्राटों का देसी इलाज

लहसुन का उपयोग सदियों से कई शारीरिक समस्याओं का इलाज करने के लिए किया जा रहा है। खर्राटे आने का इलाज भी लहसुन की मदद से किया जा सकता है। ऑब्सट्रक्टिव स्लीप एपनिया सिंड्रोम के लक्षण जैसे खर्राटों से निजात पाने के लिए लहसुन का उपयोग किया जा सकता है। बताया जाता है कि अपने एंटीइन्फ्लामेट्री गुणों के कारण यह खर्राटों से आराम दिलाने में मददगार हो सकता है (3)।

कैसे इस्तेमाल करें?

  • खर्राटे का देसी इलाज करने के लिए रोजाना सोने से पहले या शाम को एक लहसुन की कली, घी में रोस्ट करके चबाई जा सकती है।

4. पेपरमिंट ऑयल से करें खर्राटे का इलाज

एसेंशियल ऑयल को कई बीमारियों का इलाज करने के लिए उपयोग किया जाता है और खर्राटे बंद करने का इलाज भी इसका उपयोग करके किया जा सकता है। पेपरमिंट ऑयल का उपयोग भी ऐसी समस्या के लिए किया जा सकता है। बताया जाता है कि इसमें एंटी इन्फ्लामेट्री और एंटीमाइक्रोबियल गुण होते हैं, जो नींद में खर्राटे आने का इलाज करने में सहायक हो सकते हैं (4)। जहां एंटी इन्फ्लामेट्री गुण टिश्यू की सूजन को कम कर सकते हैं, वहीं एंटीमाइक्रोबियल गुण एलर्जी का कारण बनने वाले जीवाणु को कम करने में सहायक हो सकते हैं। इन कारणों से खर्राटे का घरेलू उपचार करने के लिए पेपरमिंट ऑयल का उपयोग किया जा सकता है।

कैसे इस्तेमाल करें?

  • नींद में खर्राटे का इलाज करने के लिए रोजाना सोने से पहले पेपरमिंट ऑयल की कुछ बूंदों को रूमाल पर डालकर कुछ देर सूंघा जा सकता है।
  • चाहें, तो डिफ्यूजर में डालकर भी पेपरमिंट ऑयल को सूंघ सकते हैं।

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5. बिच्छू बूटी है खर्राटे का आयुर्वेदिक इलाज

खर्राटे आने के कारण कई हो सकते हैं और एलर्जी एवं बंद नाक (रायनाइटिस) भी उनमें से एक है। अगर आस-पास किसी को इन कारणों से खर्राटे आते होंं, तो उनके लिए बिच्छू बूटी का उपयोग किया जा सकता है। दरअसल, इनमें एंटीइन्फ्लामेट्री गुण होते हैं, जो इस प्रकार की एलर्जी से आराम पाने और खर्राटे का देसी इलाज करने में मदद कर सकते हैं (5)।

कैसे इस्तेमाल करें?

  • इसके लिए एक चम्मच बिच्छू बूटी को गर्म पानी में मिलाएं।
  • फिर पांच मिनट बाद पानी को छानकर रात को सोने से पहले इसे खर्राटे की दवा के रूप में पिएं।
  • इस प्रक्रिया को रोजाना दोहराएं।

6. भाप करेगी खर्राटे का उपचार

जुखाम के कारण जब अक्सर नाक ब्लॉक हो जाती है, तो व्यक्ति मुंह से सांस लेने लगता है, जिससे खर्राटे की समस्या उत्पन्न हो सकती है। ऐसे में, नींद में खर्राटे आने का इलाज करना जरूरी हो जाता है। इसके लिए नाक से भाप लेकर, ब्लॉक नाक को खोला जा सकता है। माना जाता है कि यह तकनीक बंद नाक, स्लीप एपनिया और खर्राटे का इलाज करने में लाभदायक हो सकती है (6)।

कैसे इस्तेमाल करें?

  • खर्राटे बंद करना चाहते हैं, तो किसी एक बड़े बर्तन में गर्म पानी लें।
  • पानी इतना गर्म होना चाहिए कि उसमें से भांप निकल रही हो।
  • फिर, सिर पर एक तौलिया ओढ़ें और मुंह को कवर करते हुए धीरे-धीरे भांप लें।

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खर्राटे बंद करने के उपाय जानने के बाद, आइए आपको बताते हैं, इससे जुड़ी डाइट के बारे में।

खर्राटे में परहेज – What to Avoid During Snoring in Hindi

अगर कोई व्यक्ति खर्राटे बंद करना चाहता है, तो उन्हें नीचे बताए गए खाद्य पदार्थों का सेवन नहीं करना चाहिए (7) (8) –

  1. शराब
  2. जंक फूड
  3. अधिक तला हुआ
  4. अधिक कार्बोहाइड्रेट युक्त खाद्य पदार्थ जैसे (केक, पेस्ट्री, कैंडी,  सोडा, शुगर सिरप आदि) (9)

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लेख के अगले भाग में जानिए योग से खर्राटे बंद करने का इलाज।

खर्राटे के लिए योग – Yoga for Snoring in Hindi

नेशनल सेंटर फॉर बायोटेक्नोलॉजी इनफार्मेशन की वेबसाइट पर प्रकाशित एक शोध में यह बताया गया है कि स्लीप एपनिया और उसके लक्षण जैसे खर्राटों का इलाज करने के लिए योग का सहारा लिया जा सकता है। इस शोध में बताया गया है कि योग का उपयोग फिजियोथेरेपी की जगह खर्राटों का देसी इलाज करने के लिए किया जा सकता है (9)। इसके लिए कुछ श्वास योग और प्राणायाम किए जा सकते हैं, जिन्हें प्रतिदिन करने से खर्राटों का घरेलू उपचार करने में सहायता मिल सकती है, जैसे (10) –

1. भुजंगासन

Bhujangasana

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करने की विधि :

  • भुजंगासन करने के फायदे उठाने के लिए सबसे पहले एक शांत जगह पर योगा मैट बिछाएं और पेट के बल लेट जाएं।
  • अब अपने पैरों को तना हुआ रखें और पैरों के बीच थोड़ी दूरी बनाएं।
  • अब अपनी हथेलियों को सीने के पास लाएं।
  • अब गहरी सांस भरे और हथेलियों पर दबाव डालते हुए शरीर को नाभि तक उठाएं।
  • नाभि तक शरीर उठाने के बाद आसमान की ओर अपना मुंह करें।
  • कुछ देर इसी अवस्था में रहने का प्रयास करें और सामान्य रूप से सांस लेते रहें।
  • इसके बाद धीरे-धीरे सांस छोड़ते हुए प्रारंभिक अवस्था में आ जाएं।
  • खर्राटे कम करने के उपाय के लिए इस प्रक्रिया को चार से पांच बार दोहराएं।

2. ताड़ासन

Palm tree

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करने की विधि

  • ताड़ासन करने की विधि को अपनाने के लिए सबसे पहले एक खुली और शांत जगह पर योगा मैट बिछाएं।
  • अब इस योगा मैट पर दोनों पैरों के बीच थोड़ी दूरी रखते हुए, रीढ़ की हड्डी सीधी करके खड़े हो जाएं।
  • अब दोनों हथेलियों को आपस में फंसाकर ऊपर उठाएं और बिना कोहनी से मोड़ें सर के ऊपर तक ले जाएं।
  • इसके बाद, शरीर को ऊपर की ओर धकेलते हुए, अपने पंजों के बल खड़ें हो जाएं।
  • जब शरीर पूरी तरह तन जाए, तो इस मुद्रा में कुछ देर खड़ें रहें।
  • इस दौरान सामान्य रूप से सांस लेते रहें।
  • इसके बाद धीरे धीरे सांस छोड़ते हुए, वापस सीधे खड़े हो जाएं।
  • इस योगासन को 10 से 12 बार दोहराएं।

3. अनुलोम-विलोम

Anilom

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करने की विधि

  • किसी भी अन्य योगासन की तरह, अनुलोम विलोम को करने के लिए भी एक साफ और शांत जगह पर अपनी योगा मैट बिछा लें।
  • अगर आप पद्मासन कर पाते हैं, तो उस मुद्रा में बैठ जाएं, वरना आप साधारण रूप से आलती-पालथी लगा कर भी बैठ सकते हैं।
  • इस दौरान अपनी रीढ़ की हड्डी को सीधा और कंधों को ढीला रखें। अपनी बाईं हथेली को बाएं घुटने पर रखें और हथेली को ज्ञान मुद्रा में रखें।
  • इसके बाद अपनी दाएं हाथ की तर्जनी और मध्यमा उंगली को दोनों आईब्रो के बीच में रखें।
  • अपने अंगूठे को बाई नासिका पर और अनामिका एवं छोटी उंगली को दाई नासिका पर रखें।
  • अब अंगूठे से बाई नासिका को दबाते हुए, दाई नासिका को खोलें और उससे सांस लें।
  • पूरी सांस खींचने के बाद, उंगलियों से दाई नासिका बंद करें और सांस को दो से तीन सेकंड तक रोकें।
  • इसके बाद, दाई नासिका को दबाएं रखें और बाई से सांस बाहर छोड़ें।
  • अब बाई नासिका से सांस अंदर लें और कुछ देर रुकें और दाई से बाहर छोड़ें।
  • इसके बाद दोबारा दाई नासिका से सांस अंदर लें और पूरी प्रक्रिया को दोहराएं।
  • इस प्रक्रिया को लगभग 10 से 12 बार दोहराएं।

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आगे जानें इस समस्या के लिए कब जाएं डॉक्टर के पास।

खर्राटों के लिए डॉक्टर को कब दिखाएं?

नीचे बताई गईं परिस्थितियों में खर्राटों के लिए डॉक्टर को दिखा सकते हैं (1) –

  • जब वजन बहुत बढ़ने लगे।
  • ध्यान केंद्रित करने में समस्या होना या याददाश्त कमजोर होने लगे।
  • सुबह उठने पर भी थका हुआ महसूस होना।
  • सुबह सिरदर्द होने पर खर्राटों का इलाज अवश्य करवाएं।
  • दिन भर नींद जैसा महसूस होना।
  • खुद से नाक बजने का इलाज करने के बाद भी फायदा न होना।

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लेख के अगले भाग में जानिए खर्राटों से जुड़ी कुछ जटिलताओं के बारे में।

खर्राटे के जोखिम और जटिलताएं – Snoring Risks and Complications in Hindi

खर्राटे अपने आप में कोई बीमारी नहीं है, यह सिर्फ किसी अन्य बीमारी का लक्षण है। इस कारण इसकी अपने आप में कोई जटिलता नहीं है। इससे कुछ आम बातें हो सकती हैं, जैसे पार्टनर की नींद खराब होना, नींद पूरी न होने के कारण दिन भर थकान महसूस होना आदि। यह सबके साथ हो, ऐसा जरूरी नहीं है, जिस कारण इस बारे में वैज्ञानिक प्रमाण उपलब्ध नही हैं। इन सभी आम समस्याओं के कारण खर्राटे बंद करना जरूरी है।

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नीचे नींद में खर्राटे का इलाज करने के लिए कुछ टिप्स के बारे में बताया गया है।

खर्राटे बंद करने के लिए कुछ और टिप्स – More Tips for Snoring in Hindi

नींद में खर्राटे का उपाय करने के लिए कुछ टिप्स को भी ध्यान में रखा जा सकता है, जैसे –

  • खर्राटे बंद करने का इलाज करने के लिए शराब का सेवन न करें।
  • जंक फूड का सेवन न करें।
  • कई बार किसी खास करवट में सोने से भी खर्राटे की समस्या कम हो जाती है। फिलहाल, इससे जुड़ा कोई वैज्ञानिक शोध उपलब्ध नहीं है।
  • अधिक वजन भी इसके कारणों में शामिल है। ऐसे में वजन कम करना भी खर्राटे बंद करने का तरीका हो सकता है।
  • खर्राटे कम करने के उपाय के लिए संतुलित आहार का सेवन करें।
  • खर्राटे बंद करने का इलाज करने के लिए ठंडी चीजों का सेवन न करें।
  • अधिक स्ट्रेस न लें और शांत मन से सोने की कोशिश करें।

खर्राटे का इलाज करने के लिए हमने आपको लेख में बेहतरीन उपायों के बारे में बताया है। हम आशा करते हैं कि इस लेख को पढ़कर आपको यह समझ आ गया होगा कि खर्राटे कैसे बंद करें और खर्राटे की दवाई क्या है। अगर आपके आस-पास कोई है, जिनके खर्राटों से आप परेशान हैं, तो आप उन्हें घर पर खर्राटे बंद करने की दवा ट्राई करवा सकते हैं। हमें उम्मीद है कि इससे उन्हें और आपको फायदा जरूर होगा। अगर आपको खर्राटे बंद करने का तरीका पसंद आया हो, तो इसे अपने दोस्तों के साथ शेयर करना न भूलें।

10 संदर्भ (Sources) :

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Soumya Vyas

सौम्या व्यास ने माखनलाल चतुर्वेदी विश्वविद्यालय, भोपाल से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में बीएससी किया है और इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ जर्नलिज्म एंड न्यू मीडिया, बेंगलुरु से टेलीविजन मीडिया में पीजी किया है। सौम्या एक प्रशिक्षित डांसर हैं। साथ ही इन्हें कविताएं लिखने का भी शौक है। इनके सबसे पसंदीदा कवि फैज़ अहमद फैज़, गुलज़ार और रूमी हैं। साथ ही ये हैरी पॉटर की भी बड़ी प्रशंसक हैं। अपने खाली समय में सौम्या पढ़ना और फिल्मे देखना पसंद करती हैं।

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