खुजली दूर करने के उपाय और इलाज – Itchy Skin (Khujli) Remedies in Hindi

Medically reviewed by Dr. Zeel Gandhi, Ayurvedic Doctor
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खुजली की समस्या किसी को भी हो सकती है। जहां कई बार यह त्वचा में नमी की कमी के कारण होती है, तो वहीं दूसरी ओर इसके पीछे का कारण कीटाणु और संक्रमण भी हो सकते हैं (1)। खुजली होने पर त्वचा को खुरचने से भले ही कुछ देर के लिए आराम मिल जाए, लेकिन इससे समस्या कम नहीं होती, बल्कि और भी बढ़ सकती है। कुछ मामलों में यह समस्या गंभीर हो जाती है और खुजली से छुटकारा पाना मुश्किल हो जाता है। इन परिस्थितियों में खुजली का घरेलू इलाज अपनाया जा सकता है। स्टाइलक्रेज के इस लेख में जानिए कि घरेलू नुस्खों से खुजली कैसे दूर करें।

तो आइए शुरू करें

सबसे पहले आपको बताते हैं खुजली के प्रकार के बारे में।

खुजली के प्रकार -Types of Itching in Hindi

खुजली के चार प्रकार बताएं गए हैं (2) : 

1.न्यूरोजेनिक खुजलीइस प्रकार की खुजली उन विकारों के कारण होती है, जो त्वचा के अलावा अन्य अंगों को प्रभावित करते हैं। इसमें किडनी, लिवर, खून और कैंसर से जुड़ी समस्याएं शामिल हैं। यह खुजली केंद्रीय तंत्रिका तंत्र के जरिए फैलती है।

2.साइकोजेनिक खुजलीसाइकोजेनिक खुजली को एक मनोवैज्ञानिक रोग माना जाता है। इस प्रकार की खुजली में सामान्य त्वचा पर खुजली करने की तीव्र इच्छा होती है। माना जाता है कि इस प्रकार की खुजली डिप्रेशन, एंग्जायटी और अन्य मानसिक विकारों के कारण हो सकती है।

3.न्यूरोपैथिक खुजलीइस प्रकार की खुजली केंद्रीय या पेरिफेरल न्यूरॉन्स (नर्वस सिस्टम से जुड़ा) को क्षति पहुंचने के कारण होती है। यह खुजली तंत्रिका तंत्र से जुड़े विकारों जैसे पैरेस्थेसिया (हाथों में लगातार सुई चुभने जैसा एहसास) के कारण हो सकती है। यह विकार कई बार खुजली के साथ दर्द का भी कारण बन सकते हैं।

4.प्रुरिटोसेप्टिव खुजलीइस खुजली के लिए अक्सर त्वचा विशेषज्ञ से परामर्श किया जाता है। यह खुजली सूजन या किसी स्किन डैमेज के कारण हो सकती है। यह बढ़ती उम्र या स्किन एलर्जी के कारण भी हो सकती है।

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आगे जानिए खुजली होने के कारण के बारे में। 

खुजली के कारण – Causes of Itching in Hindi

शरीर में खुजली होने का कारण एक नहीं होता। यह कई कारणों से हो सकती है, जैसे (1) :

  • स्किन एजिंग
  • डर्मेटाइटिस (त्वचा पर लाल, खुजलीदार चकत्ते)
  • साबुन, केमिकल या अन्य किसी चीज से जलन
  • रूखी त्वचा
  • पित्ती (हाइव्स)
  • सोरायसिस (त्वचा पर खुजली, रैशेज और चकत्ते)
  • कीड़े का काटना/डंक
  • रैशज
  • सनबर्न
  • चिकनपॉक्स
  • स्किन एलर्जी
  • हेपेटाइटिस
  • आयरन की कमी (एनीमिया)
  • किडनी से जुड़े विकार
  • पीलिया और लिवर से जुड़े विकार
  • गर्भावस्था
  • किसी दवा का दुष्प्रभाव

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खुजली के कारण के बाद, लेख के अगले भाग में जानिए खुजली के लक्षण के बारे में।

खुजली के लक्षण – Symptoms of Itching in Hindi

पूरे शरीर में खुजली होना, अपने आप में कोई बीमारी नहीं है और इसीलिए इसके कोई लक्षण नहीं है। हां, खुजली किसी अन्य बीमारी का लक्षण हो सकती है और इस कारण खुजली का इलाज समय रहते करवाना जरूरी है (3)।

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लेख के अगले भाग में जानिए घरेलू नुस्खों से खुजली कैसे दूर करें।

खुजली के घरेलू उपाय – Home Remedies for Itching in Hindi

नीचे खुजली के लिए घरेलू उपाय बताए गए हैं, जो खुजली से कुछ हद तक आराम दिलाने में मदद कर सकते हैं। हम यहां बता दें कि ये घरेलू नुस्खे खुजली का इलाज नहीं हैं और समस्या गंभीर होने की स्थिति में डॉक्टरी इलाज करवाना जरूरी है।

1. बेकिंग सोडा

सामग्री :

  • आधा कप बेकिंग सोडा
  • एक बाथटब में गुनगुना पानी

कैसे करें इस्तेमाल? 

  • नहाते समय बाथटब में आधा कप बेकिंग सोडा मिला लें।
  • अब इस पानी में लगभग 15-20 मिनट के लिए शरीर को डुबोकर बैठ जाएं।
  • अंत में साफ पानी से नहा लें।

कैसे है लाभदायक : 

खुजली का उपाय करने के लिए बेकिंग सोडा प्रयोग में लाया जा सकता है। गुनगुने पानी में बेकिंग सोडा (सोडियम बाइकार्बोनेट) डालकर स्नान करने से खुजली से छुटकारा मिल सकता है। इसमें मौजूद एंटीफंगल गुण त्वचा पर संक्रमण फैलाने वाले फंगस को खत्म करके खुजली का घरेलू उपाय करने में मदद कर सकते हैं (4)।

2. तुलसी

सामग्री :

  • एक मुट्ठी तुलसी की पत्तियां
  • एक बाल्टी गुनगुना पानी

कैसे करें इस्तेमाल?

  • खुजली के लिए घरेलू उपाय करने के लिए एक बाल्टी पानी में एक मुट्ठी तुलसी की पत्तियां उबाल लें।
  • अब इस पानी से स्नान करें।
  • चाहें तो तुलसी की पत्तियों का पेस्ट बनाकर प्रभावित जगह पर लगाया जा सकता है।

कैसे है लाभदायक :

तुलसी एक गुणकारी औषधि है, जिसका इस्तेमाल खुजली के लिए घरेलू उपाय के रूप में किया जा सकता है। तुलसी में मौजूद एंटीमाइक्रोबियल गुण त्वचा पर संक्रमण फैलाने वाले कीटाणुओं को खत्म करके त्वचा को संक्रमण मुक्त रखने में मदद कर सकते हैं। वहीं, इसके एंटीइंफ्लेमेटरी गुण सूजन से आराम दिलाने में सहायक हो सकते हैं (5)।

3. नींबू

सामग्री :

  • एक-दो नींबू
  • कॉटन पैड

कैसे करें इस्तेमाल?

  • खुजली की दवा के रूप में एक या दो नींबू का रस निकाल लें।
  • अब कॉटन पैड को नींबू के रस में डुबोएं और खुजली वाले स्थान पर लगाएं।
  • अगर त्वचा संवेदनशील है, तो नींबू के रस में थोड़ा पानी भी मिला सकते हैं।

कैसे है लाभदायक :

खुजली का उपचार करने के लिए नींबू का उपयोग किया जा सकता है। नींबू में एंटीएजिंग गुण पाए जाते हैं, जो बढ़ती उम्र के कारण होने वाली खुजली का घरेलू इलाज करने में मदद कर सकते हैं (6)। साथ ही, नींबू विटामिन-सी से समृद्ध होता है (7)। विटामिन-सी त्वचा को डर्मेटाइटिस जैसी समस्याओं से आराम दिलवा सकता है, जिससे खुजली से छुटकारा मिल सकता है (8)।

4. एलोवेरा जेल

सामग्री :

  • एलोवेरा जेल (आवश्यकतानुसार)

कैसे करें इस्तेमाल?

  • खुजली का घरेलू उपाय करने के लिए प्राकृतिक एलोवेरा जेल को प्रभावित त्वचा पर लगाएं।

कैसे है लाभदायक :

एलोवेरा का उपयोग खुजली होने पर घरेलू उपाय के रूप में किया जा सकता है। एनसीबीआई (नेशनल सेंटर फॉर बायोटेक्नोलॉजी इनफार्मेशन) द्वारा प्रकाशित शोध में पाया गया है कि एलोवेरा में मॉइस्चराइजिंग गुण होते हैं, जो रूखी त्वचा के कारण होने वाली खुजली से छुटकारा दिलाने में सहायक हो सकते हैं। इसके अलावा, एलोवेरा में एंटीएजिंग गुण भी मौजूद होते हैं, जो बढ़ती उम्र के कारण हो रही खुजली से आराम पहुंचा सकते हैं (9)। इसलिए, सूखी खुजली का इलाज करने के लिए एलोवेरा काम आ सकता है।

5. सेब का सिरका

सामग्री :

  • एक कप सेब का सिरका
  • नहाने योग्य गर्म पानी

कैसे करें इस्तेमाल?

  • नहाने के पानी में एक कप सेब का सिरका मिलाएं।
  • खुजली के लिए घरेलू उपचार करने के लिए लगभग 15 मिनट तक इसमें शरीर को डुबोकर रखें।
  • बाद में साफ पानी से नहा लें।

कैसे है लाभदायक :

जैसा कि हम खुजली के प्रकार में बता चुके हैं कि यह कई प्रकार की होती है। उन्ही में से एक प्रकार तंत्रिका तंत्र में समस्या होने के कारण खुजली का होना भी है। तंत्रिका तंत्र से जुड़ी ऐसी ही एक समस्या है वरिकॉसिटी (Varicosity) जिसमें नसें सूज कर ट्विस्ट होने लगती हैं (10)। माना जाता है कि इस समस्या के कारण होने वाली खुजली के घरेलू नुस्खों में सेब का सिरका उपयोग किया जा सकता है (11)।

6. नीम

सामग्री :

  • 10-15 नीम के पत्ते
  • पानी (आवश्यकतानुसार)

कैसे करें इस्तेमाल?

  • नीम की पत्तियों को पानी के साथ पीसकर पेस्ट बना लें।
  • इस पेस्ट को खुजली वाली जगह पर लगाएं और कुछ घंटों के लिए छोड़ दें।
  • पानी में नीम की पत्तियों को उबालकर नहा भी सकते हैं।

कैसे है लाभदायक :

नीम की पत्तियों में एंटीबैक्टीरियल, एंटीफंगल एवं एंटीवायरल गुण पाए जाते हैं, जो खुजली को कम करने में मदद कर सकते हैं। ये कई तरह के बैक्टीरिया, फंगस और वायरस को दूर रखते हैं, जो त्वचा के संक्रमण का कारण बन सकते हैं। इसके अलावा, इसमें एंटीइन्फ्लामेट्री गुण भी पाए जाते हैं, जो सूजन से आराम दिलाने में मदद कर सकते हैं (12)।

7. ओटमील बाथ

सामग्री :

  • दो कप ओट्स
  • चार कप पानी
  • एक साफ सूती कपड़ा
  • नहाने योग्य गर्म पानी

कैसे करें इस्तेमाल?

  • ओटमील को ग्राइंड कर चार कप पानी में कुछ मिनट के लिए भिगो दें।
  • अब ओटमील को एक सूती कपड़े में रखें और इसे कस लें।
  • बाथटब में नहाने योग्य गर्म पानी भर लें और खुजली के लिए घरेलू उपाय करने के लिए कपड़े में बंधे हुए ओटमील को पांच-दस मिनट के लिए पानी में डाल दें।
  • अब लगभग 15 से 20 मिनट के लिए इस पानी में स्नान करें।

कैसे है लाभदायक :

पूरे बॉडी में खुजली का इलाज करने के लिए ओटमील बाथ का सहारा लिया जा सकता है। पुराने समय से इसका उपयोग जेरोटिक डर्माटोज (एक तरह का डर्मेटाइटिस) से जुड़ी खुजली और असहजता से आराम पाने के लिए किया जा रहा है। माना जाता है कि इसमें मौजूद सेपोनिंस (एक प्रकार केमिकल कंपाउंड) त्वचा को साफ रखने में मदद कर सकता है। इसके अलावा, ओटमील त्वचा को मॉइस्चराइज करने के साथ-साथ त्वचा पर सूदिंग प्रभाव भी डाल सकता है। वहीं, इसमें मौजूद एंटीइंफ्लेमेटरी प्रभाव त्वचा से जुड़े इंफ्लेमेशन को कम करने में मदद कर सकता है (13)। इस तरह ओटमील का उपयोग खुजली के घरेलू नुस्खे के रूप में किया जा सकता है।

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8. नारियल का तेल

सामग्री :

  • नारियल का तेल (आवश्यकतानुसार)

कैसे करें इस्तेमाल?

  • गुनगुने पानी से स्नान कर लें और शरीर को अच्छी तरह सूखा लें।
  • अब आवश्यकतानुसार नारियल का तेल लें और प्रभावित जगह पर लगाएं।
  • पूरे बॉडी में खुजली का इलाज करने के लिए पूरे शरीर पर तेल से मालिश कर सकते हैं।

कैसे है लाभदायक :

नारियल तेल का उपयोग खुजली होने पर घरेलू उपाय के रूप में किया जा सकता है। माना जाता है कि यह बच्चों में एक्जिमा और डर्मेटाइटिस के लक्षण को कम करने में मदद कर सकता है। इसके अलावा, यह रूखी त्वचा (खुजली का एक कारण) को नम बनाए रखने में भी मदद कर सकता है (14)।

9. पुदीना

सामग्री :

  • दो-तीन बूंद पेपरमिंट ऑयल
  • आधा कप पानी

कैसे करें इस्तेमाल?

  • खुजली के घरेलू नुस्खे के लिए आधे कप पानी में दो-तीन बूंद पेपरमिंट ऑयल डालें।
  • अब इसमें कॉटन बॉल को भिगोकर खुजली से प्रभावित त्वचा पर लगाएं।

कैसे है लाभदायक :

पेपरमिंट ऑयल एक प्रकार के हाइब्रिड पुदीने से बना एसेंशियल ऑयल होता है। पेपरमिंट ऑयल का उपयोग घर में खुजली का उपाय करने के लिए एक प्रभावी, सुरक्षित और सस्ते नुस्खे की तरह किया जा सकता है। हालांकि, इसकी कार्यप्रणाली के बारे में शोध में साफ तौर पर नही बताया गया है। इसलिए, इस पर और शोध की आवश्यकता है (15)।

10. मेथी के बीज

सामग्री :

  • एक-दो कप मेथी के बीज

कैसे करें इस्तेमाल?

  • मेथी के बीजों को एक घंटे के लिए पानी में भिगो दें।
  • भीगे हुए मेथी के दानों को थोड़े से पानी के साथ पीसकर गाढ़ा पेस्ट बनाएं।
  • अब खुजली का घरेलू इलाज करने के लिए पेस्ट को खुजली से प्रभावित क्षेत्र पर लगाएं।
  • पेस्ट सूखने पर त्वचा को पानी से धो लें।

कैसे है लाभदायक :

त्वचा से जुड़े विकारों से आराम पाने के लिए मेथी के बीज का उपयोग किया जा सकता है। माना जाता है कि मेथी के बीज के मेथनॉलिक अर्क में एंटीइन्फ्लामेट्री गुण पाए जाते हैं, जो इंफ्लेमेटरी रोग जैसे एक्जिमा के कारण होने वाली सूजन को कम करने में सहायक हो सकते हैं। इस आधार पर कहा जा सकता है कि मेथी के बीज का उपयोग खुजली होने के कारण जैसे एक्जिमा से आराम दिलाने का काम कर सकता है (16)।

11. शहद

सामग्री :

  • शहद (आवश्यकतानुसार)

कैसे करें इस्तेमाल?

  • खुजली के लिए घरेलू उपचार करने के लिए खुजली व चकत्तों वाले क्षेत्र पर शहद लगाएं।
  • कम से कम 20 मिनट तक शहद को लगा रहने दें।
  • 20 मिनट बाद साफ पानी से त्वचा पर लगे शहद को धीरे से पोंछ लें।

कैसे है लाभदायक :

खुजली होने के कारण बहुत सारे हो सकते हैं, जिनमें से कुछ आम है, त्वचा से जुड़े विकार जैसे सोरायसिस और एक्जिमा। इनके कारण असहनीय खुजली होती है और इस तरह की खुजली होने पर घरेलू उपाय के रूप में शहद का उपयोग किया जा सकता है। माना जाता है कि शहद के एंटीमाइक्रोबियल और एंटीइन्फ्लामेट्री गुण त्वचा के लिए लाभदायक हो सकते हैं। शहद में मौजूद एंटीइन्फ्लामेट्री गुण इन त्वचा समस्याओं से जुड़ी सूजन को कम करने में मदद कर सकता है। वहीं, एंटीमाइक्रोबियल गुण इन्हें बैक्टीरियल प्रभाव से बचाने में मदद कर सकते हैं। इसलिए, माना जा सकता है शहद इन त्वचा समस्याओं से कुछ हद तक आराम दिलाकर, इनसे होने वाली खुजली को कम कर सकता है (17)।

12. लहसुन

सामग्री :

  • लहसुन की दो-तीन कलियां
  • आधा कप जैतून का तेल

कैसे करें इस्तेमाल?

  • लहसुन की कलियों को छोटा-छोटा काट लें और जैतून के तेल के साथ गर्म कर लें।
  • गर्म करने के बाद तेल को रातभर के लिए इसी तरह छोड़ दें।
  • अगली सुबह, इस तेल को खुजली का घरेलू इलाज करने के लिए प्रभावित क्षेत्र पर लगाएं।
  • 20 से 30 मिनट तक तेल त्वचा पर लगा रहने दें और बाद में साफ कपड़े से पोंछ लें।

कैसे है लाभदायक :

जैसा कि हम बता चुके हैं कि त्वचा पर खुजली किसी संक्रमण के कारण भी हो सकती है। ऐसे में खुजली का उपचार करने के लिए लसहुन का उपयोग किया जा सकता है। मेडिकल शोध में पाया गया है कि लहसुन में एंटीएलर्जिक और एंटीइन्फ्लामेट्री गुण मौजूद होते हैं (18)। ये गुण त्वचा से जुड़ी एलर्जी और सूजन को कम कर खुजली से बचाव में मददगार हो सकते हैं। इस प्रकार लसहुन का उपयोग खुजली का इलाज करने के लिए किया जा सकता है।

13. एसेंशियल ऑयल

सामग्री :

  • एक-दो बूंद टी ट्री एसेंशियल ऑयल
  • एक बूंद सिनेमन (दालचीनी) एसेंशियल ऑयल
  • एक बूंद लेमनग्रास एसेंशियल ऑयल
  • तीन बड़े चम्मच कैरियर तेल (नारियल या जैतून का तेल)

कैसे करें इस्तेमाल?

  • तीनों एसेंशियल ऑयल को कैरियर तेल के साथ मिलाएं।
  • अब इस मिश्रण को सीधे खुजली वाली त्वचा पर लगाएं और इसे सूखने दें।

कैसे है लाभदायक :

खुजली का घरेलू उपाय करने के लिए एसेंशियल ऑयल का उपयोग भी किया जा सकता है। माना जाता है कि टी ट्री, सिनेमन और लेमनग्रास एसेंशियल ऑयल में एंटीसेप्टिक गुण होते हैं, जो डर्मेटाइटिस के कारण हुई खुजली को कम करने में मदद कर सकते हैं (19)। ध्यान रखें कि एसेंशियल ऑयल को सीधे त्वचा पर न लगाएं। इनका उपयोग किसी केरियर ऑयल (नारियल/जैतून) में मिलाकर ही करें।

14. विटामिन

ऊपर बताए गए उपाय के अलावा, खुजली से बचे रहने के लिए विटामिन से भरपूर खाद्य पदार्थों का भी सेवन भी किया जा सकता है। विटामिन-ए, सी और ई त्वचा को संक्रमण से होने वाली खुजली से बचाए रखने में मदद कर सकते हैं। विटामिन-ए त्वचा कोशिकाओं को स्वस्थ और पोषित रखने का काम कर सकता है (20)।

वहीं, विटामिन-सी और ई एंटीऑक्सीडेंट गुणों से समृद्ध होते हैं, जो त्वचा को फ्री रेडिकल्स से बचाए रख सकते हैं। फ्री रेडिकल्स स्किन एजिंग का कारण बन सकते हैं, जो खुजली के कारणों में शामिल है (21) (22)। खट्टे फल, हरी सब्जियां, अंडे, दूध आदि विटामिन से भरपूर होते हैं, जिनका सेवन किया जा सकता है (23) (24)।

आगे जानें अन्य जानकारी

लेख के अगले भाग में जानिए खुजली के जोखिम कारकों के बारे में।

खुजली के जोखिम कारक – Risk Factors of Itching in Hindi

खुजली के कारणों को ही खुजली का जोखिम कारक समझा जा सकता है, क्योंकि इनकी वजह से खुजली की समस्या उत्पन्न होती है। उदाहरण के तौर पर अगर किसी की त्वचा रूखी है तो उसे खुजली होने की आशंका ज्यादा होती है। वहीं, अगर कोई त्वचा से जुड़ी किसी बीमारी या संक्रमण से ग्रसित है तो उस व्यक्ति को भी खुजली होने की आशंका बढ़ जाती है।

पढ़ते रहें लेख

आगे जानिए खुजली का इलाज किस तरह किया जा सकता है।

खुजली का इलाज – Treatment For Itching in Hindi

खुजली का इलाज करने के लिए डॉक्टर निन्मलिखित दवाइयां दे सकता है (25) :

  • एंटिहिस्टामाइन्स (Antihistamines) – इसका उपयोग एलर्जी से जुड़ी खुजली से आराम पाने के लिए किया जा सकता है।
  • डॉक्सेपिन (Doxepin) – इसका उपयोग एंग्जायटी से जुड़ी खुजली से आराम पाने के लिए किया जा सकता है।
  • नालोक्सोन (Naloxone) और नलट्रेक्सोन (Naltrexone) – इनका इस्तेमाल यूरेमिया (किडनी से संबंधित) और कोलेस्टेसिस (लिवर से संबंधित) जैसी समस्याओं से होने वाली खुजली के लिए किया जाता है।
  • फ्लुक्सोटाइन (Fluoxetine) – कोलेस्टेसिस के कारण होने खुजली से आराम पाने के लिए इस दवा का भी उपयोग किया जा सकता है।
  • मिरताजपाइन (Mirtazapine) – इसका उपयोग रात में सोते समय होने वाली खुजली (Nocturnal Pruritus) और कोलेस्टेसिस के लक्षणों में मौजूद खुजली से राहत पाने के लिए किया जा सकता है।
  • थैलिडोमाइड (Thalidomide) – इसका उपयोग एक्जिमा, सोरायसिस जैसी समस्याओं के कारण हो रही खुजली से आराम पाने के लिए किया जा सकता है।
  • गाबापेंटिंन (Gabapentin) – न्यूरोपैथिक खुजली (खुजली का एक प्रकार) से राहत पाने में इस दवा का उपयोग किया जा सकता है।

नोट: खुजली की दवा का सेवन डॉक्टर से परामर्श किए बिना न करें।

पढ़ते रहें

आने वाले भाग में पढ़िए खुजली की समस्या में किस तरह के खाद्य पदार्थ का सेवन करना चाहिए।

खुजली के लिए आहार – Diet For Itching in Hindi

खुजली के लिए आहार इसपर निर्भर करता है कि खुजली किस कारण हो रही है। कई बार शरीर में खुजली होने का कारण किसी खाद्य पदार्थ जैसे फल, सब्जी या नट से एलर्जी भी हो सकती है। इन मामलों में एलर्जी वाले खाद्य पदार्थों से बचना जरूरी है। इस वजह से खुजली के लिए आहार के बारे में डाइटीशियन से परामर्श करने की सलाह दी जाती है। नीचे कुछ आम खाद्य पदार्थों के बारे में बताया जा रहा है, जो फूड एलर्जी का कारण बन सकते हैं (26) –

  • शेलफिश, जैसे कि झींगा, लॉबस्टर और केकड़ा
  • मूंगफली
  • ट्री नट्स जैसे कि अखरोट, काजू
  • मछली जैसे सैल्मन
  • दूध
  • अंडे
  • गेहूं
  • सोयाबीन

पढ़ते रहें लेख

खुजली के लिए आहार के बाद जानिए खुजली से बचाव के उपाय के बारे में।

खुजली से बचाव के उपाय – Prevention Tips For Itching in Hindi

अगर आप यह सोच रहे हैं कि खुजली कैसे दूर रखें तो उसके लिए नीचे दिए गए बचाव उपायों को अपनाया जा सकता है (25) (1):

  • रोज साफ पानी से नहाएं।
  • हल्के मटेरियल जैसे सूती कपड़े पहनें।
  • गर्म पानी से नहाने से बचें।
  • त्वचा को मॉइस्चराइज रखें।
  • ज्यादा केमिकल वाले साबुन का उपयोग न करें।
  • माइल्ड साबुन का उपयोग करें जो त्वचा को रूखा न करे।
  • सूखे और साफ कपड़े पहनें।

अंत तक पढ़ें

खुजली से बचाव के उपाय के बाद, आइए आपको बताते हैं डॉक्टर से मिलना कब जरूरी हो जाता है।

कब लेनी चाहिए डॉक्टर की सलाह? 

नीचे बताए गए मामलों में डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी हो जाता है (1) :

  • खुजली गंभीर रूप ले ले।
  • आसानी से आराम न मिले।
  • कारण समझ न आए।
  • पूरे शरीर में खुजली होना।
  • शरीर पर बार-बार पित्ती की समस्या हो।

खुजली एक आम समस्या है, जो किसी की भी त्वचा को निशाना बना सकती है। शरीर की सही देखभाल और नियमित सफाई की मदद से इससे बचा जा सकता है। वहीं, खुजली होने पर घरेलू उपाय को अपना कर इससे कुछ हद तक आराम पाया जा सकता है, लेकिन अगर उनसे आराम न मिले तो खुजली का इलाज करना जरूरी है। हम आशा करते हैं कि अब आप समझ गए होंगे कि खुजली कैसे दूर करें। कई अन्य शारीरिक समस्याओं के घरेलू उपचार जानने के लिए पढ़ते रहे स्टाइलक्रेज।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

  • क्या ऊपर बताए गए घरेलू उपायों से दाने वाली खुजली का उपचार हो सकता है?

जैसा कि हम बता चुके हैं कि खुजली कई कारणों से हो सकती है। ऐसे में उस कारण को जानकर उसके अनुसार उपाय अपनाना फायदेमंद होगा। वहीं, दाने वाली खुजली की स्थिति में अच्छा होगा कि घरेलू उपाय की जगह डॉक्टरी उपचार करवाया जाए।

  • क्या ये घरेलू नुस्खे सूखी खुजली का इलाज कर सकते है?

सूखी खुजली अक्सर त्वचा में नमी की कमी के कारण हो सकती है। ऐसे में, उन नुस्खों को अपनाया जा सकता है, जो त्वचा को नम बनाए रखने में मदद कर सकते हैं, जैसे शहद और एलोवेरा।

  • खुजली पूरी तरह से कम होने में कितना समय लग सकता है?

यह व्यक्ति, खुजली के कारण और खुजली की गंभीरता पर निर्भर करता है।

26 संदर्भ (References) :

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Soumya Vyas

सौम्या व्यास ने माखनलाल चतुर्वेदी विश्वविद्यालय, भोपाल से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में बीएससी किया है और इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ जर्नलिज्म एंड न्यू मीडिया, बेंगलुरु से टेलीविजन मीडिया में पीजी किया है। सौम्या एक प्रशिक्षित डांसर हैं। साथ ही इन्हें कविताएं लिखने का भी शौक है। इनके सबसे पसंदीदा कवि फैज़ अहमद फैज़, गुलज़ार और रूमी हैं। साथ ही ये हैरी पॉटर की भी बड़ी प्रशंसक हैं। अपने खाली समय में सौम्या पढ़ना और फिल्मे देखना पसंद करती हैं।

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