किडनी स्टोन (पथरी) में आहार – क्या खाएं और क्या न खाएं – Diet for Kidney Stones in Hindi

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सभी जानते हैं कि गलत खान-पान कई घातक और गंभीर बीमारियों को न्यौता दे सकता है। किडनी स्टोन भी एक ऐसी ही समस्या है, जो खान-पान में की गई लापरवाही का नतीजा हो सकती है। ऐसे में डॉक्टरी इलाज तो जरूरी है ही, लेकिन लिए जाने वाले आहार में बिना संयम इसे खत्म नहीं किया जा सकता। यही कारण है कि स्टाइलक्रेज के इस लेख में हम आपको किडनी स्टोन आहार से जुड़ी कुछ अहम बातें बताने जा रहे हैं। हालांकि आपको यह भी ध्यान रखना होगा कि किडनी स्टोन चार प्रकार का होता है। इसलिए, किडनी स्टोन के प्रकार पर ही निर्भर करता है कि आपको किडनी स्टोन में क्या खाना चाहिए और पथरी में क्या नहीं खाना चाहिए (1)। ऐसे में किडनी स्टोन के प्रकार को जानने के लिए डॉक्टरी परामर्श और जांच अतिआवश्यक हैं।

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पथरी में क्या खाएं? किडनी स्टोन से पीड़ित हर मरीज यह जानना चाहता है, तो आइए सबसे पहले हम इसी बारे में बात कर लेते हैं।

पथरी (किडनी स्टोन) के लिए आहार – Diet for Kidney stones in Hindi

किडनी स्टोन में क्या खाना चाहिए? इस सामान्य सवाल का जवाब देने के लिए लेख के इस भाग में हम किडनी स्टोन आहार से जुड़ी जानकारी देने जा रहे हैं। साथ ही हम यह भी बताएंगे कि निम्न आहार किस तरह से इस समस्या में मददगार साबित हो सकते हैं। तो आइए बिना इधर-उधर की बात किए हम क्रमवार किडनी स्टोन के लिए आहार में शामिल खाद्य पदार्थों के बारे में जानने का प्रयास करते हैं।

1. फाइबर से भरपूर खाद्य

किडनी स्टोन के लिए आहार से संबंधित एनसीबीआई (National Center for Biotechnology Information) के एक शोध में माना गया है कि फाइबर से भरपूर फल और सब्जियों का सेवन किडनी स्टोन के बनने की प्रक्रिया को रोकने में मदद कर सकती है (2)। यही कारण है कि विशेषज्ञ भी किडनी स्टोन की समस्या में हाई फाइबर वाले खाद्य लेने की सलाह देते हैं। साथ ही आपको ध्यान रखना होगा कि फाइबर युक्त खाद्य किडनी स्टोन बढ़ने के जोखिम को कम तो कर सकते हैं, लेकिन यह किडनी स्टोन की समस्या को ठीक करने में कारगर नहीं है।

2. साइट्रिक फ्रूट

कोरियन जर्नल ऑफ यूरोलॉजी द्वारा किए गए एक शोध में जिक्र मिलता है कि साइट्रिक एसिड (साइट्रस फ्रूट में मौजूद एक अहम तत्व) किडनी स्टोन बनने की प्रक्रिया को रोक सकता है। शोध में माना गया है कि नींबू और लाइम (साइट्रस फल) का सेवन कैल्सियम ऑक्सालेट के क्रिस्टल बनने की प्रक्रिया को रोक सकता है। ये क्रिस्टल किडनी स्टोन के रूप में जाने जाते हैं (3)। इसलिए, किडनी स्टोन के लिए आहार में साइट्रस फल शामिल करने की सलाह दी जाती है।

3. नारियल पानी

जैसा कि आपको लेख में ऊपर बताया जा चुका है कि हाई फाइबर से युक्त खाद्य पदार्थ किडनी स्टोन बनने की प्रक्रिया को रोकने में कारगर साबित हो सकते हैं। ऐसे में नारियल पानी, जो फाइबर से भरपूर है, एंटीलिथोजेनिक (पथरी बनने की प्रक्रिया को रोकने वाला) प्रभाव प्रदर्शित करता है। इस बात की पुष्टि बायोवेड रिसर्च इंटरनेशनल द्वारा चूहों पर किए गए एक शोध से होती है (4)। ऐसे में नारियल पानी का सेवन किडनी स्टोन के बड़े जोखिमों को रोकने में काफी हद तक मददगार माना जा सकता है।

4. हर्बल टी

कुछ विशेष पेड़-पौधे और जड़ी-बूटियां किडनी स्टोन बनने की प्रक्रिया को रोकने में मदद कर सकती हैं। इस बात की पुष्टि एशियन पैसेफिक जर्नल ऑफ ट्रोपिकल डिजीज द्वारा किए गए एक शोध से होती है। शोध में माना गया कि हॉर्स रैडिश के बीज, बेल की पत्तियां और फल, ग्रीन अमरनाथ, शुगर बीट व जंगली गाजर जैसी कई प्राकृतिक सामग्रियां है, जिनमें किडनी स्टोन की रोकथाम के गुण होते हैं (5)। ऐसे में यह कहना गलत नहीं होगा कि इन हर्बल सामग्रियों से तैयार चाय या काढ़े का उपयोग किडनी स्टोन को बढ़ने से रोकने में मदद कर सकता है।

5. नींबू

जैसा कि हम आपको पहले भी बता चुके हैं कि साइट्रस फल में पथरी बनने की प्रक्रिया को रोकने का गुण पाया जाता है। वहीं, नींबू एक साइट्रस फल है (3)। इसलिए, यह कहा जा सकता है कि नींबू का सेवन कर पथरी बनने के जोखिम को कम करने में मदद मिल सकती है।

6. गन्ने का रस

वैसे तो गन्ने के रस के कई स्वास्थ्य लाभ हैं, लेकिन विशेषज्ञों के मुताबिक गन्ने का रस किडनी स्टोन की समस्या में सहायक साबित हो सकता है (6)। इस आधार पर यह कहा जा सकता है कि किडनी स्टोन आहार में गन्ने के रस को भी शामिल किया जा सकता है।

7. अनाज और फलियां

अनाज और फलियों का उपयोग भी किडनी स्टोन बनने की प्रक्रिया को बाधित कर होने वाले जोखिम को कम करने में मदद कर सकती हैं। दरअसल, एनसीबीआई के एक शोध में जिक्र मिलता है कि अनाज और फलियां फायटेट तत्व से समृद्ध होती हैं। यह खास तत्व किडनी में स्टोन बनने की प्रक्रिया की रोकथाम करने में मददगार साबित हो सकता है (2)। ऐसे में किडनी स्टोन की समस्या से पीड़ित व्यक्ति अपने आहार में इन्हें शामिल कर सकते हैं।

8. लो ऑक्सालेट वाले फल एवं सब्जियां

विशेषज्ञों के मुताबिक हाई ऑक्सालेट वाले खाद्य किडनी स्टोन की समस्या को बढ़ा सकते हैं। इसलिए, इस समस्या के दौरान लो ऑक्सालेट वाले फल और सब्जियों को लेने की सलाह दी जाती है। हालांकि, इस बात का ध्यान जरूर रखना चाहिए कि इनका सेवन भी संतुलित मात्रा में ही किया जाए। बता दें कि लो ऑक्सालेट वाले फल और सब्जियों में मुख्य रूप से आर्टिचोक्स, एस्पैरेगस, लेट्यूस, मटर, सेब, नाशपाती और खरबूजा शामिल है (2)।

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पथरी में क्या खाएं, जानने के बाद अब हम आपको बताएंगे कि पथरी में क्या नहीं खाना चाहिए।

पथरी (किडनी स्टोन) में क्या नहीं खाना चाहिए – Foods to Avoid For Kidney stones in Hindi

विशेषज्ञों के मुताबिक हाई ऑक्सालेट और हाई सोडियम से युक्त खाद्य और एनीमल प्रोटीन किडनी स्टोन की समस्या को बढ़ा सकते हैं। इसलिए, ऐसे पदार्थों के सेवन से इस दौरान बचने की सलाह दी जाती है, जो कुछ इस प्रकार हैं (1) (7) (8):

  • नट्स और नट्स से बने उत्पाद
  • मूंगफली
  • पालक
  • गेंहू का चोकर
  • मांस
  • अंडा
  • मछली
  • दूध, दही, मक्खन और अन्य दुग्ध उत्पाद
  • सोया मिल्क, सोया फूड और सोया बटर
  • टोफू
  • सूरजमुखी के बीज
  • मूली, गाजर, प्याज, लहसुन और अन्य हाई ऑक्सालेट व सोडियम युक्त सब्जियां

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लेख के अगले भाग में अब हम किडनी स्टोन आहार को किडनी स्टोन डाइट चार्ट के माध्यम से समझने का प्रयास करेंगे।

पथरी (किडनी स्टोन) के लिए नमूना डाइट चार्ट – Sample Diet Chart for Kidney Stone in Hindi

लेख के इस भाग में हम किडनी स्टोन डाइट चार्ट के एक सैंपल के माध्यम से किडनी स्टोन में लिए जाने वाले आहार के बारे में बताने का प्रयास करेंगे।

खाने का समय लिया जाने वाला आहार
सुबह का नाश्तासेब, संतरा और मौसमी फल के साथ सीरल्स का सेवन करें। आप चाहें तो इन फलों के जूस का सेवन भी कर सकते हैं।
दोपहर का खानाआर्टिचोक्स, एस्पैरेगस, लेट्यूस या मटर की सब्जी और रोटी का सेवन करें।
शाम का नाश्ताहर्बल टी, नारियल पानी, गन्ने का रस ले सकते हैं। वहीं, आप चाहें तो हाई फाइबर वाले स्नैक्स भी इस्तेमाल में ला सकते हैं।
रात का खानाफलियों से बनी सब्जी या लो ऑक्सालेट युक्त सब्जियों के साथ रोटी खाने के लिए इस्तेमाल में ला सकते हैं।

नोट- ऊपर दिया गया किडनी स्टोन डाइट चार्ट एक नमूना मात्र है, जो किडनी स्टोन के लिए आहार में शामिल चीजों को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है। आवश्यक पोषण के आधार पर एक बेहतर आहार चार्ट के लिए एक बार डॉक्टर से परामर्श अवश्य करें।

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किडनी स्टोन डाइट चार्ट के बाद लेख के अगले भाग में अब हम पथरी से बचाव की कुछ आसन टिप्स बताएंगे।

पथरी (किडनी स्टोन) के लिए कुछ और टिप्स – Other Tips For Kidney stones in Hindi

निम्न बिन्दुओं के माध्यम से हम पथरी की समस्या से बचाव संबंधी कुछ अहम बातें जान सकते हैं (1)।

  • प्रतिदिन करीब छह से आठ गिलास पानी पिएं।
  • अगर शरीर का वजन सामान्य से अधिक है, तो उसे कम करने का प्रयास करें।
  • अगर खाने के लिए सील बंद कोई स्नैक्स या अन्य खाद्य लेने जा रहे हैं, तो उसकी पैकिंग पर सोडियम और साल्ट की मात्रा चेक करें और लो सोडियम और साल्ट वाले खाद्य को ही सेवन में लाएं।
  • नियमित रूप से व्यायाम करें या थोड़ा टहलें जरूर।

लेख के माध्यम से आप जान गए होंगे कि किडनी स्टोन की समस्या थोड़ी जटिल जरूर है, लेकिन सही खान-पान के जरिए इस समस्या में कुछ हद तक राहत पाई जा सकती है। वहीं खान-पान में किया गया यह छोटा-सा परिवर्तन डॉक्टरी इलाज के प्रभाव को भी बढ़ा सकता है। बेहतर होगा कि आप लेख में बताएं गए किडनी स्टोन आहार को अच्छे से समझें। ताकि आप खुद इस बात का निर्धारण कर पाएं कि किडनी स्टोन से पीड़ित व्यक्ति पथरी में क्या खाएं और पथरी में क्या नहीं खाना चाहिए। उम्मीद है इस समस्या से संबंधित जानकारी हासिल करने में यह लेख आपके लिए काफी उपयोगी साबित हुआ होगा।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या शराब के कारण किडनी स्टोन की समस्या हो सकती है?

जी बिल्कुल, शराब का अधिक सेवन से किडनी स्टोन की समस्या हो सकती है (9)। इसलिए, किडनी स्टोन की समस्या से पीड़ित व्यक्ति को शराब का सेवन बिल्कुल भी नहीं करना चाहिए।

क्या पानी पीने से किडनी की पथरी निकल जाती है?

पानी पीने से किडनी की पथरी नहीं निकलती। हां, यह जरूर है कि पानी किडनी में पथरी बनने की प्रक्रिया को रोकने में मदद कर सकता है (10)। यही वजह है कि डॉक्टर किडनी स्टोन की समस्या में छह से आठ गिलास तक पानी पीने की सलाह देते हैं (1)।

10 संदर्भ (Source):

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Ankit Rastogi

अंकित रस्तोगी ने साल 2013 में हिसार यूनिवर्सिटी, हरियाणा से एमए मास कॉम की डिग्री हासिल की है। वहीं, इन्होंने अपने स्नातक के पहले वर्ष में कदम रखते ही टीवी और प्रिंट मीडिया का अनुभव लेना शुरू कर दिया था। वहीं, प्रोफेसनल तौर पर इन्हें इस फील्ड में करीब 6 सालों का अनुभव है। प्रिंट, टीवी और डिजिटल मीडिया में इन्होंने संपादन का काम किया है। कई डिजिटल वेबसाइट पर इनके राजनीतिक, स्वास्थ्य और लाइफस्टाइल से संबंधित कई लेख प्रकाशित हुए हैं। इनकी मुख्य रुचि फीचर लेखन में है। इन्हें गीत सुनने और गाने के साथ-साथ कई तरह के म्यूजिकल इंस्ट्रूमेंट बजाने का शौक भी हैं।

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