किशमिश और शहद के फायदे – Amazing Benefits of Raisins and Honey in Hindi

Written by , (शिक्षा- एमए इन जर्नलिज्म मीडिया कम्युनिकेशन)

स्वास्थ्य के लिए किशमिश के फायदे तो लगभग कई लोगों को पता है। वहीं, अगर इसी किशमिश में शहद जैसे पौष्टिक खाद्य पदार्थ को मिला दिया जाए तो इसके लाभ दोगुने हो सकते हैं। स्टाइलक्रेज का हमारा यह लेख इसी विषय पर है। यहां हम न किशमिश और शहद खाने के फायदे बताएंगे, बल्कि स्वास्थ्य लाभ के लिए शहद और किशमिश खाने का तरीका भी साझा करेंगे। साथ ही पाठकों के साथ पारदर्शिता रखते हुए हम किशमिश और शहद के नुकसान की भी जानकारी देंगे, ताकि शहद और किशमिश का संतुलित मात्रा में सेवन किया जाए। तो शहद और किशमिश के फायदे जानने के लिए लेख को अंत तक पढ़ें।

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चलिए, अब जानते हैं कि किशमिश और शहद के फायदे किस तरह के हो सकते हैं।

किशमिश और शहद के फायदे – Benefits of Raisins and Honey in Hindi

किशमिश और शहद को साथ में सेवन करने से अनेक लाभ हो सकते हैं। हालांकि, ध्यान रखें कि शहद और किशमिश का सेवन बीमारियों से बचाव या उनके लक्षणों को कम कर सकता है। इन्हें बीमारी का इलाज समझने की भूल न करें। गंभीर स्वास्थ्य समस्या के लिए डॉक्टर या विशेषज्ञ से सलाह लें। तो, अब जानते हैं बीमारियों से बचाव के लिए किशमिश और शहद खाने के फायदे, जो कुछ इस प्रकार हैं:

1. वजन बढ़ाने के लिए

अगर बढ़ता वजन चिंता का विषय है, तो कम वजन होना भी समस्या हो सकती है। वजन बढ़ाने के लिए शहद और किशमिश खाने के फायदे देखे जा सकते हैं। एक वैज्ञानिक रिसर्च की मानें, तो शहद युक्त डाइट से बच्चों का वजन बढ़ने की बात सामने आई है (1)। इसके अलावा, शहद को वजन बढ़ाने वाले डाइट लिस्ट में भी शामिल किया गया है (2)। वहीं, किशमिश में अच्छी मात्रा में कैलोरीज होते हैं (3)। साथ ही इसमें फ्रुक्टोज होते हैं, जो वजन बढ़ाने का काम कर सकते हैं (4)। इस आधार पर माना जा सकता है कि इसका सेवन वजन को बढ़ाने में सहायता कर सकता है।

हालांकि, सीधे तौर पर अभी इस विषय में शोध की आवश्यकता है, क्योंकि किशमिश का नाम मोटापे के जोखिम से बचाने वाले डाइट में भी शामिल है (5)। हां, शहद के साथ अगर किशमिश को लिया जाए, तो हो सकता है यह कॉम्बिनेशन वजन बढ़ाने में सहायक हो। ऐसे में बेहतर है इस बारे में एक बार डाइटीशियन की सलाह भी ली जाए। वहीं, एक साल से कम उम्र के बच्चों को शहद बिल्कुल न दें, क्योंकि इससे बोटुलिज्म (Botulism) जैसी स्वास्थ्य समस्या हो सकती है (6)।

2. कब्ज से राहत

कब्ज से राहत दिलाने के लिए किशमिश शहद खाने के फायदे देखे जा सकते हैं। दरअसल, किशमिश में भरपूर मात्रा में फाइबर होता है, जो कब्ज की परेशानी में उपयोगी हो सकता है (7)। वहीं, शहद को भी कब्ज के लिए लाभकारी माना गया है (8)। दरअसल, एनसीबीआई (नेशनल सेंटर फॉर बायोटेक्नोलॉजी इंफॉर्मेशन) की वेबसाइट पर प्रकाशित रिसर्च के मुताबिक, शहद आंतों में हानिकारक बैक्टीरिया को कम कर कब्ज की समस्या से राहत दिलाने का काम कर सकता है (9)। इसके साथ ही, आयुर्वेद के अनुसार शहद पाचन क्रिया में सुधार करने में भी सहायक हो सकता है (10)। इस आधार पर माना जा सकता है कि अगर शहद और किशमिश का एक साथ सेवन किया जाए तो कब्ज की समस्या में सुधार होने के साथ-साथ पाचन क्रिया भी बेहतर हो सकती है।

3. प्रतिरक्षा प्रणाली के लिए

शहद और किशमिश के फायदे प्रतिरक्षा प्रणाली के लिए भी देखे जा सकते हैं। दरअसल, किशमिश में ट्राइटरपेनोइड्स (Triterpenoid) नामक एक प्रकार का केमिकल कंपाउंड पाया जाता है। इस कंपाउंड में इम्युनोमॉड्यूलेटरी (Immunomodulatory) प्रभाव होता है, इस प्रभाव को इम्यून सिस्टम को मजबूत करने के लिए जाना जाता है। साथ ही इसमें एंटी वायरल, एंटी बैक्टीरियल गुण होते हैं, जो बीमारियों से बचाव में सहायक हो सकते हैं (11)। आयुर्वेद में भी किशमिश को रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाले खाद्य पदार्थ की लिस्ट में शामिल किया गया है (12)।

वहीं, दूसरी तरफ शहद को भी इम्यून बूस्टर खाद्य पदार्थ माना जाता है (13)। दरअसल, इसमें एंटी इन्फ्लेमेटरी, एंटी माइक्रोबियल गुण होते हैं। साथ ही इसमें मौजूद फ्लेवेनॉइड में एंटी कैंसर गुण मौजूद होते हैं, जो कैंसर के जोखिम को कम कर सकते हैं (14)। तो रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के घरेलू उपाय में शहद और किशमिश उपयोगी माना जा सकता है।

4. रक्तचाप को नियंत्रित करने के लिए

किशमिश शहद खाने के फायदे उच्च रक्तचाप के मरीज पर भी नजर आ सकते हैं। इससे जुड़ी एक मेडिकल रिसर्च की मानें, तो किशमिश में पोटेशियम पाया जाता है। पोटेशियम रक्तचाप को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है (15)। इस विषय में हुए एक शोध के मुताबिक, 12 हफ्तों तक एक दिन में तीन बार किशमिश के सेवन से उच्च रक्तचाप की समस्या में कमी देखी गई है (16)। इसके अलावा, शहद में क्वेरसेटिन (Quercetin- एक प्रकार का पॉलीफेनॉल) पाया जाता है , जो कि रक्तचाप को कम करने में कुछ हद तक सहायता कर सकता है (17)। ऐसे में कहा जा सकता है कि इन दोनों खाद्य पदार्थों की मदद से रक्तचाप को नियंत्रित किया जा सकता है। वहीं, अगर कोई ब्लड प्रेशर की दवा का सेवन कर रहा हो तो बेहतर हैं इन्हें अपने आहार में शामिल करने से पहले डॉक्टर से सलाह लें।

5. एनीमिया

खून की कमी की समस्या में भी शहद और किशमिश के फायदे देखे जा सकते हैं। दरअसल, शरीर में आयरन की कमी भी एनीमिया की समस्या के कारणों में से एक है। ऐसे में आयरन युक्त खाद्य पदार्थ के सेवन से इस समस्या से बचा जा सकता है। इन खाद्य पदार्थों में किशमिश भी शामिल है, जो शरीर में आयरन की पूर्ति कर सकता है (18)। साथ ही शहद में आयरन होने के साथ-साथ कॉपर और मैग्नेशियम भी मौजूद होते हैं, जो शरीर में हीमोग्लोबिन (Hemoglobin – एक प्रकार का प्रोटीन) के स्तर को बढ़ाने में सहायक हो सकते हैं (19)। बता दें कि शरीर में आयरन की कमी से हीमोग्लोबिन का स्तर भी कम हो सकता है, जो एनीमिया का कारण बन सकता है ()। एनीमिया (खून की कमी) के लिए डाइट चार्ट में किशमिश और शहद को शामिल करना अच्छा ऑप्शन हो सकता है।

6. ऊर्जा के लिए

शरीर की ऊर्जा को बढ़ाने के लिए भी शहद और किशमिश खाने के फायदे हो सकते हैं। एनसीबीआई की वेबसाइट पर प्रकाशित रिसर्च की जानकारी के मुताबिक, शहद में मौजूद फ्रुक्टोज (Fructose) धीरे-धीरे रक्त में प्रवेश कर शरीर को निरंतर ऊर्जा देने का काम कर सकता है। इसके साथ ही शहद कार्बोहाइड्रेट का अच्छा स्त्रोत है, जिस कारण यह व्यायाम करने वाले व्यक्तियों के लिए उपयोगी हो सकता है (20)। बता दें कि शरीर कार्बोहाइड्रेट को ग्लूकोज में बदलता है और यही ग्लूकोज शरीर को ऊर्जा प्रदान कर सकता है (21)।

वहीं, दूसरे शोध के अनुसार, किशमिश को सालों से इसके एनर्जेटिक स्नैक्स के रूप जाना जाता है, जो शरीर को अधिक समय तक ऊर्जा प्रदान करने में सहायक हो सकता है। ऐसा इसमें मौजूद पोषक तत्वों के कारण मान सकते हैं (22)। इसके अलावा, खेलकूद के दौरान भी किशमिश का सेवन लगातार शरीर को ऊर्जा प्रदान करने में उपयोगी पाया गया है (23)। ऐसे में शरीर को अधिक ऊर्जावान बनाए रखने के लिए शहद और किशमिश का सेवन एक साथ करना लाभकारी हो सकता है। शहद किशमिश की गुणवत्ता को बढ़ा सकता है, जिससे सेहत को लाभ मिल सकते हैं।

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इस लेख के अगले भाग में हम शहद और किशमिश खाने का तरीका बताने जा रहे हैं।

किशमिश और शहद का उपयोग – How to Use Raisins and Honey in Hindi

किशमिश और शहद को साथ में मिलाकर कई तरह से सेवन किया जा सकता है। इन दोनों को साथ में खाने के तरीके कुछ इस प्रकार हैं:

कब और कैसे खाएं:

  • किशमिश को शहद में मिलाकर सुबह नाश्ते के साथ सेवन कर सकते हैं।
  • किशमिश और शहद को केक में इस्तेमाल कर दोपहर या शाम को खा सकते हैं।
  • सुबह नाश्ते में शहद और किशमिश को ओटमील में खा सकते हैं।
  • कुछ किशमिश चबाने के बाद शहद का सेवन कर सकते हैं।

कितना खाएं: वैसे तो एक दिन में किशमिश को 80 से 90 ग्राम यानी लगभग आधा कप तक लेने की सलाह दी जाती है (24)। हालांकि, जब इसके साथ शहद लेने की बात आती है, तो बेहतर सुझाव के लिए डायटीशियन की मदद लेना उचित होगा।

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आगे जानिए, किशमिश और शहद के नुकसान किस तरह के हो सकते हैं।

किशमिश और शहद के नुकसान – Side Effects of Raisins and Honey in Hindi

जिस प्रकार शहद किशमिश खाने के फायदे होते हैं, उसी तरह इसके कुछ नुकसान भी हो सकते हैं। किशमिश और शहद के नुकसान में ये शामिल है:

  • किशमिश और शहद के नुकसान एलर्जी के रूप में भी दिखाई दे सकते हैं। दरअसल, किशमिश के सेवन से मुंह में खुजली या मतली जैसी समस्या हो सकती है (25)। वहीं, शहद एनाफाइलेक्सिस (Anaphylaxis- एक प्रकार की एलर्जी) का कारण बन सकता है (26)।
  • जैसे कि हमने लेख में पहले ही जानकारी दी है कि शहद वजन बढ़ाने में सहायक हो सकता है (1)। ऐसे में इसके अधिक सेवन से वजन बढ़ने का जोखिम हो सकता है। वहीं, किशमिश में फ्रुक्टोज होता है (4)। बता दें कि फ्रुक्टोज फलों में पाया जाने वाला शुगर होता है और इसके अधिक सेवन से वजन बढ़ने का जोखिम हो सकता है (27)। हालांकि, इस विषय में अभी और शोध की आवश्यकता है, लेकिन बेहतर है इसका सेवन सिमित मात्रा में किया जाए।
  • शहद के सेवन से फूड पॉइजनिंग की समस्या हो सकती है। इससे बोटुलिज्म (Botulism) हो सकता है, जो कि खासतौर पर बच्चों को प्रभावित कर सकता है। ऐसे में 1 साल से कम उम्र के बच्चों को शहद न दें और वहीं 1 साल से बड़ी उम्र के बच्चों को शहद देने से पहले डॉक्टरी सलाह लें (6)।
  • किशमिश का सेवन दस्त का कारण बन सकता है (28)। इसके अलावा, किशमिश में फाइबर मौजूद होता है, जिसका ज्यादा सेवन पेट फूलने या गैस जैसी समस्या का कारण बन सकता है (7)। वहीं, शहद लैक्सेटिव प्रभाव डाल सकता है, जिससे पेट से जुड़ी समस्या हो सकती है (29)।

तो ये थे किशमिश और शहद के फायदे से जुड़ी कुछ खास जानकारियां। अगर किशमिश और शहद जैसे पोषक तत्वों से भरपूर दो खाद्य पदार्थों को एक साथ आहार में शामिल करना चाहते हैं, तो बेहतर होगा कि दोनों को कम मात्रा में शामिल करें। इसमें कोई शक नहीं है कि इन दोनों का सेवन फायदेमंद हो सकता है, पर इसे अत्यधिक मात्रा में लेने से कुछ नुकसान भी हो सकते हैं। वहीं, किसी स्वास्थ्य समस्या से पीड़ित व्यक्ति या गर्भवती को इसे आहार में शामिल करने से पहले डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए। हम उम्मीद करते हैं कि इस लेख में दी गई सभी जानकारी आपके काम आएगी। नीचे अब हम किशमिश और शहद के साथ में सेवन से संबंधित सवालों के जवाब देने जा रहे हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल:

खाली पेट किशमिश और शहद खाने के फायदे क्या हो सकते हैं?

खाली पेट किशमिश और शहद के सेवन से जुड़े लाभ के विषय में अभी शोध की आवश्यकता है। ऐसे में हम यह अनुमान लगा सकते हैं कि खाली पेट भी किशमिश और शहद के फायदे वैसे ही हो सकते हैं, जैसे भरे पेट या अन्य समय में सेवन करने से होते हैं। इस आधार पर हम कह सकते हैं कि खाली पेट शहद किशमिश के लाभ वही हो सकते हैं, जो ऊपर लेख में बताए गए हैं ।

क्या मैं किशमिश और शहद रोज खा सकता हूं?

जी हां, सिमित मात्रा में रोजाना किशमिश और शहद लिया जा सकता है। हालांकि, बेहतर है इसका हर रोज सेवन करने से पहले डॉक्टरी सलाह ली जाए। इसलिए, क्योंकि किसी भी चीज की अधिकता उसके फायदे के बदले नुकसान का कारण बन सकता है।

क्या मैं रात में किशमिश और शहद ले सकता हूं?

रात में सोने से पहले किशमिश और शहद लिया जा सकता है। हालांकि, बेहतर है इस विषय में एक बार डॉक्टर या डाइटीशियन से सलाह ली जाए।

क्या किशमिश और शहद से वजन बढ़ेगा?

जी हां, किशमिश और शहद वजन को बढ़ाने का काम कर सकता है। हमने पहले ही लेख में यह जानकारी दी है कि शहद के सेवन से वजन बढ़ सकता है (1)। वहीं, किशमिश में फ्रुक्टोज होता है, जिस कारण इसका अधिक सेवन वजन बढ़ने का कारण हो सकता है (4)। इसके अलावा, एक चौथाई कप किशमिश में लगभग 100 की मात्रा में कैलोरीज होते हैं, जिस कारण इसका अधिक सेवन वजन संतुलित करने या घटाने के बजाय बढ़ा सकता है (30)।

Sources

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