कोकम के फायदे और नुकसान – Kokum Benefits and Side Effects in Hindi

Medically Reviewed By Neha Srivastava, PG Diploma In Dietetics & Hospital Food Services
Written by , (एमए इन जर्नलिज्म)

भारत में विभिन्न प्रकार के फल पाए जाते हैं। कुछ जाने-पहचाने, तो अनजाने। ऐसा ही एक अनजाना फल है ‘कोकम’। कोकम को औषधीय फल माना जाता है। यह दिखने में सेब जैसा नजर आता है। इस फल को वर्षों से औषधीय और मसाले के रूप में प्रयोग किया जा रहा है। स्टाइलक्रेज के इस लेख में हम इसी फल के बारे में विस्तार से आपको जानकारी देने जा रहे हैं। यहां हम कोकम खाने के फायदे के साथ-साथ कोकम खाने के नुकसान के बारे में भी विस्तार से बताएंगे।

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लेख में सबसे पहले कोकम क्या है इसके बारे में जानते हैं।

कोकम क्या है – What Is Kokum in Hindi

कोकम को औषधीय फल माना जाता है। इसका वैज्ञानिक नाम गार्सिनिया इंडिका (garcinia indica) है। यह गोवा और गुजरात में पाया जाने वाला फल है। इसे वर्षों से औषधीय और मसाले के रूप में प्रयोग किया जा रहा है। इसका सेवन शरीर में ठंडक पहुंचाने के साथ ही तमाम तरह की शारीरिक समस्याओं के लिए फायदेमंद माना जा सकता है।

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लेख के इस भाग में हम कोकम के फायदे के बारे में बता रहे हैं।

कोकम के फायदे – Benefits of Kokum in Hindi

कोकम न सिर्फ सेहतमंद रहने में मदद करता है, बल्कि विभिन्न स्वास्थ्य समस्याओं से उबरने में भी मदद कर सकता है, जिसके बारे में नीचे विस्तार से बताए जा रहे हैं। वहीं, अगर कोई गंभीर रूप से बीमार है, तो उसे इस फल का सेवन करने के साथ-साथ डॉक्टर से चेकअप करवाना भी जरूरी है।

1. डायरिया के लिए

डायरिया की स्थिति में कोकम फल कुछ हद तक राहत दिला सकता है। दरअसल, कोकम फल में एंटी-डायरिया गुण पाया जाता है, जिसके कारण इसका सेवन करने से यह डायरिया के उपचार में मदद कर सकता है (1)। इस स्थिति में कोकम फल के जूस को डायरिया से ग्रसित व्यक्ति को पिलाया जा सकता है।

2. एंटी-फंगल और एंटी-ऑक्सीडेंट के रूप में

एंटी-फंगल और एंटी-ऑक्सीडेंट के रूप में भी कोकम फल का सेवन किया जा सकता है। कोकम फल में एंटी-फंगल और एंटी- ऑक्सीडेंट दोनों गुण पाए जाते हैं (2)। चूहों पर किए गए एक अध्ययन में पाया गया कि कोकम फल में मौजूद एंटी-फंगल गुण की मदद से अल्सर के प्रभाव को कुछ कम किया जा सकता है (3)।

वहीं, कोकम फल को एंटी-ऑक्सीडेंट के रूप में भी इस्तेमाल किया जा सकता है। दरअसल, कोकम में एंथोसायनिन्स (Anthocyanins) नामक फाइटोन्यूट्रिएंट्स पाया जाता है, जिसमें सक्रिय एंटी-ऑक्सीडेंट गुण होता है। इसमें मौजूद एंटी-ऑक्सीडेंट गुण त्वचा को फ्री- रेडिकल्स डैमेज से बचाने में मदद कर सकता है (4)। इसलिए, डॉक्टरी सलाह के अनुसार इस फल को सुबह के समय खाया जा सकता है।

3. ट्यूमर से बचाव के लिए

ट्यूमर से बचे रहने के लिए भी कोकम फल का सेवन सक्रिय रूप से अपना गुण दिखा सकता है। दरअसल, कोकम फल में एंटी-ट्यूमर एक्टिविटी पाई जाती है, जो ट्यूमर होने के जोखिम को करने में उपयोगी साबित हो सकता है। इसके अलावा, चूहे पर किए गए टेस्ट में पाया गया है कि इसके सेवन से त्वचा के ऊपर होने वाले ट्यूमर को ठीक करने में मदद मिल सकती है (1)। बेशक, चूहों पर किए गए परीक्षण में इसके परिणाम अच्छे पाए गए हैं, फिर भी इसका सेवन डॉक्टर की सलाह पर ही करें।

4. हृदय स्वास्थ्य के लिए

कोकम फल का सेवन हृदय रोगों से बचाए रखने का भी काम कर सकता है। एक वैज्ञानिक रिसर्च के अनुसार, कोकम फल में बी-कॉम्प्लेक्स विटामिन, पोटैशियम, मैंगनीज और मैग्नीशियम जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं। ये सभी गुण हृदय गति और ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करने में मदद कर सकते हैं। साथ ही स्ट्रोक और हृदय रोग के जोखिम को भी कम करने में लाभदायक असर दिखा सकते हैं (1)।

इसके अलावा, इसमें कार्डियोप्रोटेक्टिव गुण (Cardioprotective – हृदय स्वास्थ्य के लिए सुरक्षात्मक गुण) भी पाया जाता है (1)। चिकित्सक की सलाह पर इसे आहार में शामिल कर सकते हैं।

5. पेट की गैस के लिए

पेट की गैस से ज्यादातर लोग परेशान होते हैं, लेकिन कोकम के फायदे ऐसे लोगों की परेशानी को खत्म कर सकते हैं। कोकम का सेवन पाचन संबंधी कई समस्याओं, जैसे – पेट फूलना, कब्ज व अपच आदि के साथ-साथ पेट में गैस की समस्या को भी ठीक कर सकता है (1)।

इसके अलावा, कोकम में ठंडक प्रदान करने वाला गुण होता है इसलिए गर्मियों में कोकम शर्बत का सेवन फायदेमंद हो सकता है। ये एसिडिटी को को कम कर सकता है और साथ ही बॉडी को हाइड्रेट रख सकता है। हालांकि, कोकम इन सभी समस्याओं में किस प्रकार लाभदायक हो सकता है, इस पर अभी अधिक वैज्ञानिक प्रमाण की आवश्यकता है। गैस की समस्या को दूर करने के लिए कोकम का इस्तेमाल डॉक्टरी सलाह पर कर सकते हैं।

6. लिवर स्वास्थ्य के लिए

लिवर के अच्छे स्वास्थ्य के लिए भी कोकम फल का सेवन फायदेमंद हो सकता है। एक वैज्ञानिक रिसर्च के अनुसार, कोकम फल में विभिन्न बायोएक्टिव यौगिक जैसे गार्सिनोल (Garcinol) होते हैं, जो एंटीऑक्सीडेंट, एंटी-बैक्टीरियल और एंटीफंगल गुण की तरह काम कर सकते हैं। ये गुण लिवर को स्वस्थ रखने व कैंसर से बचाने में मदद कर सकते हैं (5)। ऐसी स्थिति में डॉक्टर से मिलें और मेडिकल ट्रीटमेंट के बारे में भी जानकारी लें।

वहीं, एनसीबीआई (नेशनल सेंटर फॉर बायोटेक्नोलॉजी इंफॉर्मेशन) की वेबसाइट पर प्रकाशित एक मेडिलक रिसर्च में भी कहा गया है कि कोकम फल के प्रयोग से लिवर संबंधी विकारों को दूर करने में मदद मिल सकती है (6)।

7. बवासीर की स्थिति में

कोकम खाने के लाभ में बवासीर के जोखिम को कम करना भी शामिल है, क्योंकि इसमें एंटी-पाइल्स गुण पाए जाते हैं (2)। इस विकार से बचे रहने के लिए इसके फल, छिलके और कोकम के पेड़ की पत्तियों का भी इस्तेमाल जूस के रूप में कर सकते हैं। फिलहाल, इस संबंध में और मेडिकल रिसर्च की जरूरत है। साथ ही बवासीर की गंभीर स्थिति में मेडिकल ट्रीटमेंट भी जरूरी है।

8. जलने की स्थिति में

जलने की स्थिति में भी कोकम फल का उपयोग लाभ पहुंचा सकता है (1)। जलने की अवस्था में कोकम फल को आयुर्वेदिक औषधि की तरह प्रयोग किया जा सकता है (4)। इसके लिए कोकम के बीज को हटाकर उसके गूदे को दही के साथ मिलाकर प्रभावित स्थान पर लगा सकते हैं। जलने की स्थिति ज्यादा गंभीर हो, तो बिना देरी किए मेडिकल ट्रीटमेंट जरूर करवाना चाहिए।

9. वजन को कम करने में

वजन को कम करने में भी कोकम के फायदे देखे जा सकते हैं। दरअसल, कोकम में मौजूद गार्सिनोल और हाइड्रोक्सीसाइट्रिक एसिड जैसे कंपाउंड, वजन को नियंत्रित रखने में अहम भूमिका निभा सकते हैं (4)। ऐसे में कहा जा सकता है कि वजन कम करने के लिए कोकम का उपयोग लाभकारी हो सकता है ।

10. दिमाग के लिए

कोकम के फायदे दिमाग के लिए भी हासिल किए जा सकते हैं। एक रिसर्च में इस बात का साफतौर पर जिक्र मिलता है कि कोकम में न्यूरोप्रोटेक्टिव यानी मस्तिष्क को स्वस्थ और सुरक्षित रखने वाले प्रभाव होता है (4) । ऐसे में कहा जा सकता है कि मस्तिष्क के लिए कोकम का उपयोग लाभकारी हो सकता है।

11. इम्यूनिटी सुधार के लिए

एक रिसर्च पेपर के अनुसार, कोकम का उपयोग इम्यूनिटी को बेहतर बनाने के लिए भी किया जा सकता है (7)। रोग प्रतिरोधक क्षमता से कमजोर लोग अपने आहार में फल या जूस के तौर पर कोकम को शामिल कर सकते हैं। इसमें मौजूद गुण शरीर की इम्यूनिटी को बेहतर बनाने के लिए लाभकारी हो सकते हैं। ऐसे में कहा जा सकता है कि इम्यूनिटी कमजोर होने की वजह से बार बार बीमार पड़ने वाले लोगों के लिए कोकम फायदेमंद माना जा सकता है।

12. त्वचा की जलन के लिए

ज्वलनशील त्वचा के उपचार के लिए भी कोकम के फायदे देखे जा सकते हैं। कोकम फल को शर्बत के रूप में इस्तेमाल करके सूर्य और अन्य कारणों से होने वाली त्वचा की जलन को कम करने और स्किन डैमेज को रोकने में मदद मिल सकती है (8)। वहीं, कॉस्मेटिक इंडस्ट्री में भी कोकम का उपयोग होता है, कोकम बटर का उपयोग फुट क्रीम में किया जाता है। हालांकि यह किस विशेष गुण के कारण इसमें मदद कर सकता है, इस पर अभी वैज्ञानिक शोध जारी है। इसलिए डॉक्टर की परामर्श के बाद इसका सेवन किया जा सकता है।

नोट : कोकम के फायदे यहीं तक सिमित नहीं है। हम कुछ एक्स्ट्रा जानकारी के तौर पर बता दें कि कोकम मे हाइड्रॉक्सी साइट्रिक एसिड (HCA) होता है। इसका सेवन न सिर्फ वजन घटाने के लिए फैट बर्निंग एजेंट की तरह किया जा सकता है, बल्कि यह कोलेस्ट्रॉल और चिंता की समस्या को भी कम करने में मददगार हो सकता है।

आइए, अब जानते हैं कि कोकम फलों का उपयोग कैसे कर सकते हैं।

कोकम का उपयोग – How to Use Kokum in Hindi

कोकम फल को निम्न प्रकार से उपयोग किया जा सकता है:

  • कोकम फल को धोने के बाद ऊपरी छिलके को उतारकर, इसे अन्य फलों की तरह खाया जा सकता है।
  • कोकम फल के जूस को पीने में इस्तेमाल किया जा सकता है।
  • इसे स्मूदी के रूप में भी उपयोग कर सकते हैं।
  • इसका शरबत बनाकर पीने के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं।
  • कोकम को फ्रूट सलाद के रूप में खाने के साथ इस्तेमाल किया जा सकता है।
  • कोकम को खाने का स्वाद बढ़ाने के लिए फ्लेवरिंग एजेंट की तरह भी उपयोग कर सकते हैं। इसे दाल, सांभर और सब्जी में खटास के लिए उपयोग किया जा सकता है।

कब खाएं – फल को सुबह नाश्ते के बाद खाया जा सकता है। गर्मियों में जूस के रूप में इसका सेवन कर सकते हैं। यह ठंडक प्रभाव देने के साथ-साथ, पेट में गैस की समस्या को भी खत्म करने के लिए लाभदायक हो सकता है (3)। खाने के बाद इसका सेवन किया जा सकता है।

कितना खाएं – दिन भर में इसके 1-3 फलों को खास सकते हैं, लेकिन इसके सेवन की सही मात्रा की जानकारी के लिए आहार विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें।

इसके सेवन से कुछ नुकसान भी हो सकते हैं, जो लेख के इस भाग में बताने जा रहे हैं।

कोकम के नुकसान – Side Effects of Kokum in Hindi

हालांकि, कोकम फल खाने के ज्यादा नुकसान तो नहीं हैं, लेकिन फिर भी इसका सीमित मात्रा में ही उपयोग करें। यहां हम कोकम फल को अधिक मात्रा में खाने से होने वाले कुछ दुष्प्रभावों के बारे में बता रहे हैं :

  • जिन लोगों को त्वचा संबंधी कोई एलर्जी है, तो उन्हें इसके सेवन से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लेनी चाहिए।
  • अगर कोई किसी गंभीर बीमारी का इलाज करवा रहा है, तो उस स्थिति में डॉक्टर की सलाह पर ही इसका सेवन करें, नहीं तो इलाज के असर को कम भी कर सकता है।

इस लेख में आपने जाना कि कोकम खाने से किन-किन स्वास्थ्य विकारों को दूर करने में मदद मिल सकती है। हालांकि, इसके कुछ नुकसान भी हो सकते हैं, जिनके लिए सावधानी अवश्य बरतें। इसके सेवन से पहले इसे अच्छी तरह धोएं जरूर। ध्यान दें कि इसके सेवन के दौरान अगर आपको कोई स्वास्थ्य समस्या या कुछ अन्य लक्षण नजर आएं, तो इसका सेवन रोक दें। चिकित्सकीय परामर्श के बाद ही इसका सेवन शुरू करें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल :

कोकम शरबत कब पीना चाहिए?

गर्मी के दिनों में सुबह के समय कोकम शरबत पीना अच्छा माना जाता है। हालांकि, आहार में इसे शामिल करने से पहले इसकी मात्रा का ध्यान रखें।

क्या कोकम को सीधे खा सकते हैं?

हां, कोकम फल को सीधे खा सकते हैं।

क्या कोकम के सेवन से वजन बढ़ता है?

नहीं, कोकम में गार्सिनोल और हाइड्रोक्सीसाइट्रिक एसिड जैसे कंपाउंड होते हैं, जो वजन को नियंत्रित रखने के लिए जाने जाते हैं (4)।

कोकम का सेवन त्वचा के लिए अच्छा है?

हां, कोकम का उपयोग त्वचा को डैमेज होने से रोकने में मददगार हो सकता (8)।

क्या कोकम बालों के लिए अच्छा है?

हां, कोकम में मौजूद फैटी एसिड बालों की मजबूती और उनके विकास के लिए जरूरी माने जाते हैं (9)।

Sources

Articles on StyleCraze are backed by verified information from peer-reviewed and academic research papers, reputed organizations, research institutions, and medical associations to ensure accuracy and relevance. Read our editorial policy to learn more.

  1. A Phytopharmacological Review on Garcinia indica
    https://www.florajournal.com/vol3issue4/Oct2015/3-2-16.1.pdf
  2. The chemistry and medicinal uses of the underutilized Indian fruit tree Garcinia indica Choisy (kokum): A review
    https://pubag.nal.usda.gov/catalog/505848
  3. Antimicrobial and Cytotoxic Effects of Garcinia indica
    http://citeseerx.ist.psu.edu/viewdoc/download?doi=10.1.1.415.2367&rep=rep1&type=pdf
  4. Kokum (Garcinia Indica) and its Many Functional Components as Related to the Human Health: A Review
    http://jakraya.com/journal/pdf/6-jfrtArticle_1.pdf
  5. Bioactive Constituents of Kokum and its Potential Health Benefits.pdf
    https://www.academia.edu/35030848/Bioactive_Constituents_of_Kokum_and_its_Potential_Health_Benefits.pdf
  6. Antibacterial Activity of Polyphenols of Garcinia Indica
    https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC3374570/#ref7
  7. Organic colours for Ayurvastra from kokum fruits and rinds
    https://www.plantsjournal.com/archives/2016/vol4issue6/PartB/4-5-30-710.pdf
  8. Emerging role of Garcinol the antioxidant chalcone from Garcinia indica Choisy and its synthetic analogs
    https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC2743703/
  9. A COMPARISON ON THE PHYSICO-CHEMICAL PARAMETERS OF SEEDBUTTERS OF SELECTED INDIAN GARCINIA SPP.
    https://www.mutagens.co.in/jgb/vol.03/6/01.pdf
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Neha Srivastava

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Neha Srivastava - Nutritionist M.Sc -Life Science PG Diploma in Dietetics & Hospital Food Services. I am a focused health... more

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