कुष्ठ रोग के कारण, लक्षण और इलाज – Leprosy Causes, Symptoms and Treatment in Hindi

Medically reviewed by Suvina Attavar (Dermatologist & Hair transplant surgeon)
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त्वचा संबंधित समस्याओं को छिपा पाना आसान नहीं होता। अगर कोई व्यक्ति किसी त्वचा रोग से ग्रसित है, तो उसका दूसरों से मिलना-जुलना कम हो जाता है। साथ ही दूसरे भी उसे छूने से कतराते हैं। कुष्ठ रोग भी ऐसी ही बीमारी है, जो त्वचा को बुरी तरह से प्रभावित करती है। इससे ग्रसित व्यक्ति शारीरिक और मानसिक दोनों रूपों से पीड़ित रहता है। मानसिक इसलिए, क्योंकि कुष्ठ रोग के मरीज से अक्सर अन्य व्यक्ति दूरी बनाते हैं। यह एक गंभीर समस्या है, जिसके विषय में जानकारी रखना जरूरी है। इसलिए, स्टाइलक्रेज के इस लेख में हम आपको कुष्ठ रोग होने के कारण और कुष्ठ रोग से बचाव के साथ-साथ कुष्ठ रोग का इलाज के बारे में जानकारी दे रहे हैं।

आइए सबसे पहले जानते हैं कि आखिर यह कुष्ठ रोग होता क्या है?

कुष्ठ रोग क्या है? – What is Leprosy in Hindi

कुष्ठ रोग एक त्वचा संबंधी संक्रामक बीमारी है, जो माइकोबैक्टीरियम लेप्री (Mycobacterium Leprae) नामक संक्रमण के कारण होती है। यह बैक्टीरिया त्वचा में तेजी से संक्रमण को फैलाने का काम करता है। कुष्ठ रोग दो प्रकार के होते हैं, एक ट्यूबरकुलॉयड (Tuberculoid) और दूसरा लैप्रोमैटस (Lepromatous)। अधिकतर मामलों में कुष्ठ रोग हाथ वाले भाग पर होता है। इस रोग के कारण त्वचा पर घाव, नसों की क्षति (Nerve Damage) और मांसपेशियों में कमजोरी हो सकती है। यह बच्चे से लेकर बूढ़े तक किसी भी उम्र के व्यक्ति को हो सकता है (1)।

अगर कुष्ठ रोग के कारणों के बारे में सोच रहे हो, तो इस बारे में जानने के लिए लेख के अगले भाग को पढ़ें।

कुष्ठ रोग के कारण और जोखिम कारक – Causes and Risk Factors of Leprosy in  Hindi

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जैसा कि हमने आपको ऊपर बताया कि कुष्ठ रोग एक संक्रामक बीमारी है, जो माइकोबैक्टीरियम लेप्री नामक बैक्टीरिया के कारण होती है। कुष्ठ रोग का संक्रमण एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति को प्रभावित कर सकता है। नीचे जानिए यह संक्रमण किस प्रकार फैल सकता है – (1) (2):

  • संक्रमित व्यक्ति के खांसने या छींकने पर यह संक्रमण दूसरे व्यक्ति को प्रभावित कर सकता है।
  • संक्रमित व्यक्ति को अगर जुकाम है, तो उसकी नाक से निकलने वाला तरल कुष्ठ रोग के बैक्टीरिया को फैला सकता है।
  • संक्रमित व्यक्ति से गले या हाथ मिलाने से।
  • बड़ों की तुलना में बच्चों में इसके फैलने का जोखिम ज्यादा रहता है।
  • कमजोर रोग प्रतिरोधक क्षमता वाले व्यक्ति इस संक्रमण की चपेट में जल्दी आ सकते हैं।

कुष्ठ रोग के लक्षण को समझने के लिए लेख के अगले हिस्से को पढ़ें।

कुष्ठ रोग के लक्षण – Symptoms of Leprosy in Hindi

कुष्ठ रोग के लक्षणों को निम्नलिखित बिंदुओं के माध्यम से जाना जा सकता है – (1), (3),(4) :

  • त्वचा के रंग में परिवर्तन।
  • त्वचा पर स्पर्श, दर्द और गर्मी महसूस न होना।
  • हफ्ते और महीनों बाद भी घाव का ठीक न होना।
  • मांसपेशियों में कमजोरी।
  • हाथ और पैरों में सुन्नपन।
  • बालों का झड़ना।
  • रूखी त्वचा।
  • पैरों के तलवों पर अल्सर।
  • बंद नाक और नाक से खून आना।

कुष्ठ रोग के इलाज के बारे में जानने के लिए पढ़ते रहें यह आर्टिकल।

कुष्ठ रोग का इलाज – Treatment of Leprosy in Hindi

जब कोई रोग उत्पन्न होता हैं, तो उसका समय पर इलाज करना जरूरी होता है। यहां हम कुष्ठ रोग के इलाज के बारे में विस्तार से जानकारी दे रहे हैं (1):

एंटीबायोटिक दवाई कुष्ठ रोग के इलाज में एंटीबायोटिक दवाई मददगार साबित हो सकती हैं। यह कुष्ठ रोग उत्पन्न करने वाले बैक्टीरिया से लड़ने का काम करती हैं। इससे कुष्ठ रोग का इलाज सफलतापूर्वक हो सकता है। इन एंटी बायोटिक दवाइयों में डेप्सोन (Dapsone), रिफैम्पिन (Rifampin), क्लोफाजिमिन (Clofazamine), फ्लोरोक्विनोलोन (Fluoroquinolones), मैक्रोलाइड्स (Macrolides) और मीनोसाइक्लिन (Minocycline) शामिल हैं। यहां तक कि सरकार कुष्ठ रोग के इलाज के लिए एमडीटी नामक किट भी प्रदान करती है।

एंटीइंफ्लेमेटरी दवाई कई बार कुष्ठ रोग के कारण सूजन भी होने का जोखिम बढ़ जाता है। ऐसे में एंटी इंफ्लेमेटरी दवाइयों का उपयोग कर सूजन को कम किया जा सकता है। इन दवाइयों में एस्पिरिन (Aspirin), प्रेडनिसोन (Prednisone) और थैलिडोमाइड (Thalidomide) शामिल हैं।

कुष्ठ रोग से बचने के उपाय के बारे में लेख के अगले हिस्से में जानेंगे।

कुष्ठ रोग से बचने के उपाय – Prevention Tips for Leprosy in Hindi

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जब हम किसी व्यक्ति को रोग की चपेट में आते देखते हैं, तो ऐसे में हम उस रोग से बचने का प्रयास करते हैं। कुष्ठ रोग भी कुछ इस तरह का रोग है, जिससे बचने के लिए आप नीचे बताए गए उपाय को अपना सकते हैं।

  • कुष्ठ रोग से प्रभावित व्यक्ति के संपर्क में आने से बचें (2)।
  • बैसिलस कलमेटे-गुएरिन (Bacillus Calmette-Guerin) टीकाकरण करने पर कुष्ठ रोग से बचा जा सकता है (5)।
  • किसी भी प्रकार के संक्रमण से बचने के लिए खुद को साफ-सुथरा रखें।
  • पौष्टिक आहार का सेवन करें, ताकि आपकी रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत बनी रहे।

बेशक, कुष्ठ रोग खतरनाक संक्रामक रोग है, लेकिन इसे ठीक किया जा सकता है। इसे न सिर्फ ठीक किया जा सकता है, बल्कि इससे बचना भी बेहद आसान है। इसलिए, अगर आपके आसपास कोई कुष्ठ रोगी दिखाई दे, तो उससे घृणा न करें, बल्कि उसका उचित उपचार कराएं। कुष्ठ रोगी को आपके स्नेह और उचित देखभाल की जरूरत है। हम उम्मीद करते हैं कुष्ठ रोग पर लिखा यह लेख आपके लिए उपयोगी साबित होगा। स्वास्थ्य संबंधी ऐसे ही अन्य लेख पढ़ने के लिए जुड़े रहिए स्टाइलक्रेज से।

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Sources

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    1. Leprosy
      https://medlineplus.gov/ency/article/001347.htm
    2. Leprosy
      https://idph.iowa.gov/cade/disease-information/leprosy
    3. Leprosy (Hansen’s Disease) Fact Sheet
      https://phpa.health.maryland.gov/IDEHASharedDocuments/Leprosy.pdf
    4. Leprosy – Hansen’s Disease (Mycobacterium leprae)
      https://www.ndhealth.gov/Disease/Documents/faqs/Leprosy.pdf
    5. Risk and Protective Factors for Leprosy Development Determined by Epidemiological Surveillance of Household Contacts
      https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC2223848/
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भूपेंद्र वर्मा ने सेंट थॉमस कॉलेज से बीजेएमसी और एमआईटी एडीटी यूनिवर्सिटी से एमजेएमसी किया है। भूपेंद्र को लेखक के तौर पर फ्रीलांसिंग में काम करते 2 साल हो गए हैं। इनकी लिखी हुई कविताएं, गाने और रैप हर किसी को पसंद आते हैं। यह अपने लेखन और रैप करने के अनोखे स्टाइल की वजह से जाने जाते हैं। इन्होंने कुछ डॉक्यूमेंट्री फिल्म की स्टोरी और डायलॉग्स भी लिखे हैं। इन्हें संगीत सुनना, फिल्में देखना और घूमना पसंद है।

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