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लहसुन के फायदे और नुकसान – Garlic (Lahsun) Benefits and Side Effects in Hindi

लहसुन के फायदे और नुकसान – Garlic (Lahsun) Benefits and Side Effects in Hindi Hyderabd040-395603080 June 3, 2019

लहसुन (lahsun) एक ऐसी खाद्य सामाग्री है, जो कई सब्ज़ियों का ज़ायका बढ़ा देती है। लहसुन का तड़का बेजान से बेजान सब्ज़ी के स्वाद को कई गुणा बढ़ा देता है। लगभग हर रसोई में पाई जाने वाली ये खाद्य सामाग्री सिर्फ़ सब्ज़ियों का स्वाद ही नहीं बढ़ाती, बल्कि यह  सेहत के लिए भी बहुत फ़ायदेमंद है। आज हम इस लेख में आपको लहसुन के कुछ ऐसे ही फ़ायदों के बारे में बताने जा रहे हैं।

विषय सूची


लहसुन के औषधीय गुण – Medicinal Properties of Garlic in Hindi

एक समय था जब आज की तरह जगह-जगह दवा की दुकानें नहीं होती थीं। तब लहसुन का इस्तेमाल आयुर्वेदिक उपचार के लिए भी होता था। लहसुन एंटी-वायरल, एंटी-फंगल, एंटी-ऑक्सिडेंट और एंटी-बैक्टिरीयल गुणों से भरपूर होता है। इसमें एलीसीन (Allicin) और दूसरे सल्फ़र यौगिक मौजूद होते हैं। साथ ही लहसुन में एजोइन (ajoene) जैसा तत्व और एलीन (allein)  जैसा यौगिक भी मौजूद होता है, जो लहसुन को और ज़्यादा असरदार औषधि बना देते हैं। हालांकि, इन तत्वों और यौगिकों की वजह से ही लहसुन का स्वाद कड़वा होता है। लेकिन, यही घटक लहसुन को संक्रमण दूर करने की क्षमता भी देते हैं।(1) आइए अब एक-एक करके लहसुन के लाभकारी गुणों के बारे में जानते हैं:

लहसुन के फ़ायदे – Benefits of garlic in hindi 

सेहत/स्वास्थ्य के लिए लहसुन के फायदे – Health Benefits of Garlic in Hindi

1. वज़न घटाने में मदद करता है लहसुन – Garlic for weight loss

1. वज़न घटाने में मदद करता है लहसुन - Garlic for weight loss Pinit

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आजकल हर किसी की व्यस्त दिनचर्या होती है। घर और काम के बीच तालमेल बनाने के चक्कर में लोग अपनी सेहत पर ज़्यादा ध्यान नहीं दे पाते हैं। खान-पान ठीक नहीं होने और नियमित रूप से व्यायाम न कर पाने की वजह से लोग मोटापे की बीमारी का शिकार भी होने लगे हैं।

हालांकि, कई बार लोग नियमित रूप से व्यायाम करने की और खान-पान  में परहेज़ करने की कोशिश करते हैं, लेकिन  वे ज़्यादा दिनों तक ऐसा नहीं कर पाते हैं। ऐसे में लहसुन बढ़ते वज़न को रोकने में काफ़ी हद तक मददगार साबित हो सकता है। यह एडीपोजेनिक ऊत्तकों की अभिव्यक्ति को रोकने में मदद करता है, थर्मोजेनेसिस को बढ़ाता है और हानिकारक कोलेस्ट्रॉल को कम करता है। अपने इन अनोखे गुणों की वजह से लहसुन आपको मोटापे से राहत दिला सकता है। (2) (3)

इस्तेमाल का तरीका

– आप हर रोज़ खाली पेट कच्चे लहसुन की कुछ कलियों का सेवन कर सकते हैं। उसके कुछ देर बाद आप गुनगुने पानी में नींबू का शरबत बनाकर भी पी सकते हैं।

– आप हर रोज़ सब्ज़ी या सूप में डालकर भी लहसुन खा सकते हैं।

ध्यान दें कि अगर आपको कोई एलर्जी है, तो  अपने आहार में लहसुन को शामिल करने से पहले डॉक्टर से सलाह ज़रूर लें।

2. हाई ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करता है लहसुन – Garlic for high blood pressure

इन दिनों लोगों में हाई ब्लड प्रेशर का खतरा बहुत तेज़ी से बढ़ रहा है। इसे नियंत्रित करने के लिए कुछ लोग दवाओं का सहारा लेते हैं, तो कुछ लोग घरेलू नुस्खे अपनाते हैं। हाई ब्लड प्रेशर में घरेलू उपाय के तौर पर लहसुन का सेवन काफ़ी उपयोगी साबित हुआ है। दरअसल, लहसुन में बायोएक्टिव सल्फ़र यौगिक, एस-एललिस्सीस्टीन मौजूद होता है, जो ब्लड प्रेशर को 10 mmhg (सिस्टोलिक प्रेशर) और 8 mmhg (डायलोस्टिक प्रेशर) तक कम करता है। चूंकि सल्फर की कमी से भी हाई ब्ल्ड प्रेशर की समस्या होती है,  इसलिए शरीर को ऑर्गनोसल्फर यौगिकों वाला पूरक आहार देने से ब्लड प्रेशर को स्थिर करने में मदद मिल सकती है। (4)

इस्तेमाल का तरीका

-हर रोज़ कच्चे या सूखे लहसुन की कुछ कलियों का सेवन करें।

3. डायबिटीज़ से लड़ने में मदद करता है लहसुन- Garlic for diabetes

हर रोज़ बदलती और असंतुलित जीवनशैली की वजह से कई लोग डायबिटीज़ यानी मधुमेह की बीमारी का शिकार हो रहे हैं। लेकिन काफ़ी कम ही लोग जानते हैं कि लहसुन का सेवन करने से डायबिटीज़ पर लगाम लगाई जा सकती है। आईआईसीटी (भारत) के वैज्ञानिकों ने प्रयोगशाला में चूहों को लहसुन खिलाया।  इसके बाद चूहों के खून में ग्लूकोज़ और ट्राइग्लिसराइड के स्तर में कमी पाई गई। इसके अलावा, चूहों के शरीर में इंसुलिन संवेदनशीलता में भी वृद्धि देखने को मिली (5)। इसलिए, अगर आपको डायबिटीज़ का संदेह है या डायबिटीज़ है तो आप लहसुन का सेवन करें। यह शरीर में शुगर के स्तर को नियंत्रित कर इंसुलिन की मात्रा बढ़ाता है।

इस्तेमाल का तरीका

हर रोज़ दो से तीन कच्ची लहसुन की कलियों का सेवन करें।

4. सर्दी-ज़ुकाम से बचाता है लहसुन – Garlic for cough and cold

सर्दी-ज़ुकाम से बचाता है लहसुन - Garlic for cough and cold in hindi Pinit

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मौसम में बदलाव की वजह से सर्दी-ज़ुकाम होना बहुत ही आम बात है। लेकिन, ज़रूरी नहीं कि इन बीमारियों के उपचार के लिए हर बार अंग्रेज़ी दवाओं का ही सेवन किया जाए। दरअसल, लहसुन में एंटी-बैक्टीरियल, एंटी-वायरल, एंटी-फ़ंगल और एंटी-ऑक्सिडेंट गुणों की भरमार होती है। इसमें एलियानेस (या एलियान) नामक एंजाइम मौजूद होता है, जो एलिसिन नामक सल्फ़र युक्त यौगिक में परिवर्तित होता है। यह यौगिक सफ़ेद रक्त कोशिकाओं को बढ़ाता है, जो सर्दी-ज़ुकाम के वायरस से लड़ने में मदद करता है। (6)

इस्तेमाल का तरीका

– आप चाहें तो कच्चे लहसुन की कलियां खा सकते हैं।

– आप सूप में भी लहसुन डालकर पी सकते हैं।

– आप लहसुन की चाय भी पी सकते हैं।

– लहसुन की कुछ कलियों को आप घी में भूनकर भी खा सकते हैं।

5. कोलेस्ट्रॉल की रोकथाम में मददगार है लहसुन – Garlic for Cholesterol

ज़्यादा तेल-घी वाले खान-पान की वजह से लोगों को कोलेस्ट्रॉल बढ़ने की समस्या भी हो रही है। अमेरिकी वैज्ञानिकों ने अपनी एक जांच में पाया है कि पुराने लहसुन में के सेवन से शरीर में एलडीएल कोलेस्ट्रॉल (जो कि हानिकारक कोलेस्ट्रॉल होता है) के स्तर को कम करने में मदद मिल सकती है। (7) हालांकि, अभी तक लहसुन के इस गुण को लेकर वैज्ञानिकों के बीच आम सहमति नहीं बन पाई है।

इस्तेमाल का तरीका

– एलडीएल कोलेस्ट्रॉल को कम करने के लिए आप हर रोज़ एक से दो लहसुन की कलियां खा सकते हैं।

6. दिल से जुड़ी बीमारियों से लड़ने में मददगार है लहसुन – Garlic for heart disease

जैसा कि हम जानते हैं, हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज़ और हाई कोलेस्ट्रॉल जैसी बीमारियों का हृदय संबंधी रोगों से सीधा रिश्ता होता है। ऐसे में लहसुन का सेवन हृदय संबंधी रोगों की रोकथाम में असरदार साबित हो सकता है। (8)

इस्तेमाल का तरीका

– हर रोज़ कच्चे लहसुन की कलियां खाएं।

7. गठिया में लहसुन खाने से मिलती है राहत – Benefit of Garlic for Arthritis

गठिया में लहसुन खाने से मिलती है राहत - Benefit of Garlic for Arthritis in hindi Pinit

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लहसुन हड्डियों के लिए भी काफी लाभदायक है। ऐसा पाया गया है कि लहसुन के सेवन से ऑस्टियोपोरोसिस और गठिया जैसी हड्डियों की बीमारी से जूझ रहे रोगियों को काफ़ी राहत मिलती है। वैज्ञानिकों ने प्रयोगों के ज़रिए साबित किया है कि लहसुन अंडाइक्टोमी-प्रेरित हड्डी सोखन को दबाने में सक्षम है। (9) इसके अलावा, शोधकर्ताओं ने यह भी पता लगाया है कि लहसुन डायलिल डाइसल्फाइड मैट्रिक्स को कम करने वाले एंज़ाइमों को दबाने में मदद करता है। इस तरह लहसुन हड्डियों को होने वाले नुकसान को भी रोकता है। (10)

इस्तेमाल का तरीका

– आप हर रोज़ एक या दो लहसुन की कलियों का सेवन कर सकते हैं।

8. गर्भावस्था में लहसुन के सेवन से होने वाले लाभ- Garlic during pregnancy

गर्भावस्था के शुरुआती दौर में लहसुन को सीमित मात्रा में खाने में शामिल कर किया जा सकता है। इस समय लहसुन का प्रभाव भ्रूण पर कम पड़ता है (11)। हालांकि, गर्भावस्था की दूसरी और तीसरी तिमाही में लहसुन का प्रयोग थोड़ा सोच समझकर करना चाहिए। इस दौरान लहसुन का गलत प्रभाव पड़ने से खून का पतला होना, पेट खराब होना या लो ब्लड प्रेशर होने जैसी परेशानियां हो सकती हैं। इसलिए, गर्भावस्था में लहसुन खाने से पहले अपने डॉक्टर की सलाह ज़रूर लें।(12)

इस्तेमाल का तरीका

आप अपने भोजन में  सीमित मात्रा में लहसुन को शामिल कर सकते हैं, लेकिन एक बार इस बारे में अपने डॉक्टर से ज़रूर सलाह लें।

9. रोगों से लड़ने की क्षमता बढ़ाता है लहसुन – Garlic to improve immune system in hindi

लहसुन में फाइटोन्यूट्रिएंट होते हैं, जो एक प्रकार का एंटीऑक्सीडेंट होता है। एंटीऑक्सिडेंट हमारे शरीर से विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालते हैं और शरीर में ऑक्सीडेटिव तनाव को कम करते हैं। दूसरे शब्दों में, एंटीऑक्सीडेंट आपको बीमार पड़ने से बचाते हैं। शोधकर्ताओं ने यह भी पाया है कि लहसुन खाने से हमारे शरीर में कई तरह की प्रतिरक्षा कोशिकाओं की संख्या में वृद्धि होती है। (13)

इस्तेमाल का तरीका

– रोगों से लड़ने की अपनी क्षमता बढ़ाने के लिए हर रोज़ दो से तीन लहसुन की कलियों का सेवन करें।

10. लीवर को सेहतमंद रखता है लहसुन – Benefit of garlic for fatty liver

जिन लोगों को लीवर में सूजन की शिकायत होती है, उनके लिए एक सीमित मात्रा में लहसुन का सेवन करना उपयोगी साबित हो सकता है। वैज्ञानिकों ने पाया कि लहसुन में पाए जाने वाले एस-एलील्मर कैप्टोसाइटिस्टीन (एसएएमसी) हेपेटिक चोटों के उपचार में मददगार होते हैं। वहीं, लहसुन का तेल एंटीऑक्सीडेटिव गुणों से भरपूर होता है, जो लीवर की सूजन से बचाव करता है। (14) (15)

हालांकि, अगर आपको पेट से जुड़ी समस्या ज़्यादा है या आपको लहसुन खाने के बाद कुछ परेशानी होती है, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।

इस्तेमाल का तरीका

– आप चाहें तो एक या दो लहसुन की कलियों को बारीक काटकर पालक की स्मूदी में मिलाकर उसका सेवन कर सकते हैं।

11. कैंसर से बचाता है लहसुन – Benefit of garlic for cancer

लहसुन में डायलिसिल्फ़ाइड मौजूद होता है, जो ऑक्सीडेटिव तनाव को रोकने में मदद करता है। लहसुन में मौजूद सेलेनियम कैंसर से लड़ने वाले गुणों के लिए जाना जाता है। साथ ही सेलेनियम डीएनए उत्परिवर्तन और अनियंत्रित सेल प्रसार और मेटास्टेसिस को भी रोकता है।  (16)

लहसुन ट्यूमर और पेट के कैंसर की आशंका को कुछ हद तक कम करता है। (17)

इसलिए, अगर आप कैंसर के खतरे को कम करना चाहते हैं, तो स्वस्थ जीवन शैली के साथ लहसुन का नियमित सेवन करें।

इस्तेमाल का तरीका

– आप हर रोज़ कम से कम लहसुन की एक कच्ची कली का सेवन करें।

12. फ़ंगल संक्रमण से बचाता है लहसुन – Benefit of garlic for fungal infection

फ़ंगल संक्रमण से बचाता है लहसुन - Benefit of garlic for fungal infection in hindi Pinit

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लहसुन में एंटी-फ़ंगल, एंटी-बैक्टीरियल, एंटी-पैरासिटिक गुण पाए जाते हैं, जो फ़ंगल संक्रमण, जैसे – दाद और कैंडिडा से लड़ने में हमारी मदद करते हैं। (18)

इस्तेमाल का तरीका

-आप फ़ंगल-संक्रमण से प्रभावित जगह पर लहसुन का तेल लगा सकते हैं। लेकिन, इस बारे में एक बार अपने डॉक्टर से भी परामर्श ज़रूर कर लें।

13. किडनी संक्रमण को रोकता है लहसुनदे – Benefit of garlic for kidney infection

लहसुन किडनी संक्रमण की रोकथाम में भी मदद करता है। वैज्ञानिकों ने पाया है कि लहसुन उस पी. एरुजिनोसा के विकास को रोकने में मदद कर सकता है, जो यूटीआई और गुर्दे के संक्रमण के लिए ज़िम्मेदार होता है। (19)

इस्तेमाल का तरीका

– किडनी संक्रमण से  बचाव के लिए हर रोज़ दो से तीन लहसुन की कलियों का सेवन करें।

14. लहसुन दिलाता है गैस और एसिडिटी से राहत – Benefit of garlic for gastritis

आजकल लोग गलत खान-पान के कारण एसिडिटी यागैस की समस्या के शिकार हो जाते हैं। ऐसे में सब्ज़ी पकाते समय उसमें हल्का लहसुन डालें। इस तरह से पकाई गई सब्ज़ी खाने से आपको गैस ओर एसिडिटी से राहत मिल सकती है। हालांकि, अगर आपको ज़्यादा परेशानी है, तो लहसुन से परहेज़ करें। (20)

इस्तेमाल का तरीका

– सब्ज़ी पकाते समय चुटकी भर या चम्मच में थोड़ा सा बारीक कटा लहसुन या लहसुन का पेस्ट डालें। ध्यान रखें कि कच्चे लहसुन का सेवन न करें, वरना एसिडिटी की समस्या बढ़ सकती है।

15. हाई ब्लड शुगर के स्तर को घटाता है लहसुन – Benefit of garlic for blood sugar

अगर आप हाई ब्लड शुगर की समस्या से पीड़ित हैं, तो आपको अपने आहार में लहसुन को शामिल करना चाहिए। कुवैत के वैज्ञानिकों ने लैब में पशुओं पर कच्चे और उबले हुए लहसुन का प्रयोग करके पता लगाया है, कि  कच्चे लहसुन में ब्लड शुगर के स्तर को कम करने की क्षमता होती है। (21)

इस्तेमाल का तरीका

ब्लड शुगर लेवल को कम करने के लिए रोज़ाना एक या दो लहसुन की कलियां खाएं।

16. बुखार या ठंड लगने पर राहत देता है लहसुन – Benefit of garlic for fever and common cold

बुखार या ठंड लगने पर राहत देता है लहसुन - Benefit of garlic for fever and common cold in hindi Pinit

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ठंड लगने पर या बुख़ार होने पर अगर लहसुन का उपयोग किया जाए,ये तो रोगी को बहुत हद तक राहत मिल सकती है।

इस्तेमाल का तरीका

– आप चाहें तो दो-तीन लहसुन की कलियां खा सकते हैं। अगर कच्चा लहसुन खाना पसंद न हो, तो आप गर्म सरसों तेल में एक-दो लहसुन की कलियां डालकर उससे शरीर की मालिश कर सकते हैं।

17. गले की खराश से राहत देता है लहसुन – Benefit of garlic for sore throat

लहसुन में मौजूद एंटीबैक्टीरियल गुण गले में ख़राश जैसी परेशानी से हमारा बचाव करते हैं। लहसुन में एलीसिन नाम का ऑर्गनॉसुल्फ़र यौगिक भी होता है, जो संक्रमण से लड़ने में मदद करता है।  हालांकि, यह साबित करना मुश्किल है कि लहसुन गले में खराश की परेशानी को पूरी तरह से ठीक कर सकता है या नहीं।

इस्तेमाल का तरीका

– जब भी गले में खराश जैसा महसूस हो, तो सरसों तेल में एक या दो लहसुन की कलियां डालकर उसे गुनगुना होने तक गर्म करें। इसके बाद गुनगुने तेल को हल्का-हल्का गले के आस-पास लगाएं। तकलीफ़ अगर ज़्यादा बढ़े तो डॉक्टर से संपर्क करें।

18. दमा में राहत देता है लहसुन – Benefit of garlic for asthma

अस्थमा यानी दमा के मरीज़ों के लिए भी लहसुन काफ़ी लाभकारी है। सरसों के तेल में लहसुन पकाकर उस तेल से अगर नाक, गले और फेफड़ों के पास मालिश की जाए, तो यह छाती में जमे कफ़ से निजात दिला सकता है। वैज्ञानिकों को इस बात के सबूत भी मिले हैं कि लहसुन अस्थमा से होने वाले दुष्प्रभावों को कम कर सकता है। (22) (23)

इस्तेमाल का तरीका

– आप चाहें तो एक या दो लहसुन की कलियां खा सकते हैं या लहसुन और सरसों का तेल लगा सकते हैं। हालांकि, एक बार अपने डॉक्टर से इस बारे में सलाह ज़रूर लें।

19. कान दर्द होने पर राहत देता है लहसुन – Benefit of garlic for earache

कान में होने वाले हल्के संक्रमण या दर्द में भी लहसुन फ़ायदेमंद होता है। लहसुन में मौजूद एंटीबैक्टीरियल, एंटीफ़ंगल और एंटीवायरल गुण कान के दर्द या संक्रमण से राहत दिलाते हैं।

इस्तेमाल का तरीका

आप चाहें तो लहसुन का तेल कान में लगा सकते हैं। ये तेल बाज़ार में उपलब्ध होता है। इसके अलावा, आप घर पर भी लहसुन का तेल बना सकते हैं।

20. योनि संक्रमण से छुटकारा दिलाता है लहसुन – Benefit of garlic for yeast infection

अक्सर महिलाएं योनि संक्रमण जैसी समस्या के बारे में सबके साथ चर्चा नहीं कर पाती हैं। इस वजह से कई बार यह समस्या गंभीर बीमारी का रूप ले लेती है। जबकि, घर में मौजूद रहने वाले लहसुन के ज़रिए इस समस्या पर काबू पाया जा सकता है। जी हां, वैज्ञानिकों ने पाया है कि लहसुन कैंडिडा नामक संक्रमण की रोकथाम करने में काफ़ी असरदार होता है। (24)

इस्तेमाल का तरीका

सीमित मात्रा में लहसुन का सेवन करके योनि के संक्रमण से छुटकारा पाया जा सकता है। हालांकि, एक बार डॉक्टर से भी इस बारे में बात ज़रूर करें क्योंकि हर किसी की शारीरिक क्रिया थोड़ी अलग होती है। इसके अलावा, लहसुन को सीधे प्रभावित जगह पर न लगाएं।

21. दांत दर्द से निजात दिलाता है लहसुन – Benefit of garlic for toothache

वज्ञानिकों का मानना है कि लहसुन को माउथवॉश के तौर पर इस्तेमाल करना काफ़ी लाभदायक हो सकता है। (25) इसके अलावा, ऐसे टूथपेस्ट या माउथवॉश का इस्तेमाल करना भी अच्छा होता है, जिसमें लहसुन के गुण मौजूद हो। (26)

इस्तेमाल का तरीका

– अगर आपको दांत दर्द की शिकायत है, तो हर रोज़ एक कच्चे लहसुन की कली चबाएं। इसके अलावा, आप एक लहसुन की कली में सेंधा नमक लगाकर दर्द वाले दांत पर लगाएं। इससे आपको दांत के दर्द से आराम मिलेगा।

त्वचा की खूबसूरती बढ़ाता है लहसुन – Skin Benefits of Garlic

सिर्फ़ सेहत ही नहीं, बल्कि आजकल अच्छा दिखना और त्वचा का सही तरीक़े से ध्यान रखना भी बहुत ज़रूरी है। इस काम में भी लहसुन आपकी मदद कर सकता है।

22. मुंहासे और पिंपल से छुटकारा दिलाता है लहसुन – Benefit of garlic for acne/pimples

मुंहासे और पिंपल से छुटकारा दिलाता है लहसुन - Benefit of garlic for acne/pimples in hindi Pinit

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शरीर में विषाक्त पदार्थों के जमा होने से  या फिर किसी संक्रमण की वजह से कील-मुंहासे हो सकते हैं। ऐसे में लहसुन का नियमित सेवन कील-मुंहासों से छुटकारा दिलाने में मददगार साबित हो सकता है।

इस्तेमाल का तरीका

– आप ठंडे पानी के साथ एक लहसुन की कली का सेवन कर सकते हैं। इसके अलावा खूब पानी पिएं ताकि आपके शरीर में पानी की सही मात्रा बनी रहे।

23. सोरायसिस की रोकथाम में कारगर है लहसुन – Benefit of garlic for psoriasis

सोरायसिस एक प्रकार का त्वचा रोग है, जिसमें खुजली होने लगती है और त्वचा लाल हो जाती है। यह बीमारी ज़्यादातर सिर की त्वचा, कोहनी और घुटनों को प्रभावित करती है।  इस बीमारी का कोई इलाज तो नहीं है, लेकिन लहसुन खाने से इसके प्रभाव को कम किया जा सकता है। लहसुन में डायलिल सल्फ़ाइड और एजेन जैसे यौगिक होते हैं। ये यौगिक न्यूक्लिअर ट्रांसमिशन कारक कप्पा बी (जिसकी वजह से सोरायसिस होता है) को निष्क्रिय कर देते हैं। (27)

इस्तेमाल का तरीका

दो से तीन लहसुन की कलियों को हरे प्याज़, ब्रोकली और चुकंदर के रस के साथ मिलाकर उसका सेवन करें। लेकिन, अगर आपको इनमें से किसी भी चीज़ से एलर्जी है, तो एक बार अपने डॉक्टर से सलाह ज़रूर लें।

24. खुजली से राहत देता है लहसुन – Benefit of garlic for eczema

खुजली जैसी त्वचा संबंधी परेशानी किसी चीज़ से एलर्जी के कारण होती है। ऐसे में खुजली से राहत पाने के लिए लहसुन खाना उपयोगी हो सकता है। हालांकि, इसका कोई ठोस वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। दरअसल, खुजली से राहत दिलाने के मामले में लहसुन की सफलता या असफलता  रोगी के शरीर पर निर्भर करती है। किसी व्यक्ति को अगर लहसुन से एलर्जी है, तो यह एक्ज़िमा को बढ़ा सकता है। लेकिन जिनको लहसुन से कोई एलर्जी नहीं है, उनके लिए लहसुन का सेवन फ़ायदेमंद साबित हो सकता है।

इस्तेमाल का तरीका

– शुरुआत में हर रोज़ पानी के साथ एक या दो लहसुन की कलियों का सेवन करें। लेकिन अगर आपको एक्ज़िमा की शिकायत है, तो आपको लहसुन का सेवन शुरू करने से पहले डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।

25. दाद में राहत देता है लहसुन – Benefit of garlic for ringworm

दाद में राहत देता है लहसुन - Benefit of garlic for ringworm in hindi Pinit

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जैसा कि हम पहले ही बता चुके हैं, लहसुन में एंटीफंगल और एंटीबैक्टीरियल गुण होते हैं। ये गुण किसी भी तरह के संक्रमण से शरीर को बचा सकते हैं। इसलिए, जिस व्यक्ति को दाद की बीमारी होती है, उसे अपने भोजन में हल्की मात्रा में लहसुन को शामिल करने की राय दी जाती है। हालांकि, लहसुन दाद की बीमारी से पूरी तरह छुटकारा नहीं दिला सकता। लेकिन, यह दाद की वजह से होने वाली खुजली से राहत दिला सकता है।

इस्तेमाल का तरीका

आप अपने भोजन में एक निश्चित मात्रा में लहसुन को शामिल कर सकते हैं। हालांकि, ऐसा करने से पहले डॉक्टर से सलाह ज़रूर लें।

26. छाले या फोड़े को ठीक करने में मदद करता है लहसुन – Benefit of garlic for boils

लहसुन में एलिन, एलिसिन और एजोइन जैसे सल्फ़र यौगिक मौजूद होते हैं, जो छाले या फोड़े को ठीक होने में मदद करते हैं। साथ ही लहसुन में एंटीबैक्टीरियल, एंटीवायरल और एंटीसेप्टिक गुण भी होते हैं, जो बैक्टीरिया को मारते हैं और छाले या फोड़े को बढ़ने से रोकते हैं।

इस्तेमाल का तरीका

– अगर आपको साबूत लहसुन खाना पसंद नहीं, तो आधा चम्मच से भी कम लहसुन का पेस्ट या एक लहसुन की कली को बारीक़ काटकर खाने में उपयोग करें।

27. झुर्रियों को कम करता है लहसुन – Benefit of garlic for anti-aging in hindi

कई बार लोगों की त्वचा पर समय से पहले झुर्रियां नज़र आने लगती हैं।दरअसल, ऐसा गलत खान-पान, तनाव, सूर्य की हानिकारक किरणों और बदलती जीवनशैली की वजह से होता है। ऐसे में अगर लहसुन का सेवन किया जाए, तो समय से पहले चेहरे पर पड़ने वाली झुर्रियों से बचा जा सकता है। लहसुन में एस-एलिल सिस्टीन पाया जाता है जो त्वचा को सूर्य की हानिकारक किरणों और झुर्रियों से बचाने में मदद करता है। लहसुन में एंटीऑक्सिडेंट और एंटीइंफ्लैमटोरी गुण भी होते हैं, जो झुर्रियां कम करने में मदद करते हैं। (28)

इस्तेमाल का तरीका

– सुबह नींबू और शहद के साथ लहसुन की एक कली खाएं। अगर इनमें से किसी चीज़ से आपको एलर्जी हो तो, इन्हें खाने से पहले एक बार डॉक्टर से ज़रूर संपर्क करें।

28. स्ट्रेच मार्क को मिटाने में मदद करता है लहसुन – Benefit of garlic for stretch marks

स्ट्रेच मार्क को मिटाने में मदद करता है लहसुन - Benefit of garlic for stretch marks in hindi Pinit

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एक उम्र के बाद महिलाओं के बदन पर स्ट्रेच मार्क का दिखना आम बात है। आएये दिन महिलाएं स्ट्रेच मार्क से निजात पाने के लिए कुछ न कुछ नुस्खें आज़माती रहती हैं।  वैसे तो स्ट्रेच मार्क्स के निशान को पूरी तरह मिटाना मुश्किल है, लेकिन इसे लहसुन की मदद से कम किया जा सकता है।

इस्तेमाल का तरीका

– दो से तीन लहसुन की कलियों को सरसों के तेल में गर्म करें और फिर गुनगुना होने के बाद तेल को स्ट्रेच मार्क के निशान पर लगाएं। आप चाहें तो सरसों तेल की जगह जैतून का तेल भी इस्तेमाल कर सकती हैं।

बालों को झड़ने से रोकता है लहसुन – Hair Benefits of Garlic

29. लहसुन बालों को झड़ने से रोके – Benefit of garlic for hair fall

आज के समय में बालों का झड़ना एक आम समस्या है। आमतौर पर धूल, प्रदूषण, अशुद्ध पानी और खराब खान-पान की वजह से बाल झड़ने की समस्या होती है। वैज्ञानिकों ने पाया है कि लहसुन का जेल और बीटामेथेसोन वालरेट बाल झड़ने की समस्या पर रोक लगा सकता है। (30)

इस्तेमाल का तरीका

– आप अगर मांसाहारी हैं, तो मछली में लहसुन का उपयोग कर सकते हैं। इससे बालों को फ़ायदा हो सकता है। इसके अलावा, आप पालक के स्मूदी के साथ लहसुन का सेवन कर सकते हैं।

30. रूसी यानी डैंड्रफ़ को कम करता है लहसुन – Benefit of garlic for dandruff

रूसी यानी डैंड्रफ़ को कम करता है लहसुन - Benefit of garlic for dandruff in hindi Pinit

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बालों में डैंड्रफ़ की समस्या आजकल बहुत आम हो चली है।  डैंड्रफ़ के कारण बाल खराब होने लगते हैं और झड़ने लगते हैं। आपको ये जानकर हैरानी हो सकती है कि लहसुन के सेवन से यह समस्या कम हो सकती है। दरअसल, लहसुन में मौजूद एंटी बायोटीक, एलिसिन और अन्य एंटीऑक्सिडेंट में एंटी फ़ंगल, एंटी बैक्टीरियल और एंटी इंफ़्लैमेटरी गुण होते हैं।  इन गुणों की वजह से लहसुन कुछ हद तक डैंड्रफ़ से निजात दिला सकता है।

इस्तेमाल का तरीका

– आप लहसुन को अपने हर रोज़ के खाने में शामिल कर सकते हैं।

लहसुन में मौजूद पौष्टिक तत्व – Garlic Nutritional Value in Hindi

लहसुन में कई महत्वपूर्ण पौष्टिक तत्व, जैसे – फ्लैवोनोइड्स, ओलिगोसाक्राइड, एलिन और एलिसिन मौजूद होते हैं। ये पौष्टिक तत्व अच्छे स्वास्थ्य के लिए ज़रूरी होते हैं। इसके अलावा लहसुन में प्रचूर मात्रा में सल्फ़र भी पाया जाता है।

एनर्जी149 कैलोरी7.5 %
कार्बोहाइड्रेट33.06 ग्राम25%
प्रोटीन6.36 ग्राम11%
कुल वसा0.5 ग्राम2%
कोलेस्ट्रॉल0 मिलीग्राम0%
डाएटरी फ़ाइबर2.1 ग्राम
विटामिन
फ़ॉलेट3 माइक्रोग्राम1%
नियासिन0.700 मिलीग्राम4%
पैंटोथेनिक एसिड0.596 मिलीग्राम12%
पायरीडॉक्सीन1.235 मिलीग्राम95%
रीबोफ़्लैविन0.110 मिलीग्राम8%
थायमिन0.200 मिलीग्राम17%
विटामिन-ए9 IU1%
विटामिन-सी31.2 मिलीग्राम52%
विटामिन-ई0.08 मिलीग्राम0.5%
विटामिन-के1.7 माइक्रोग्राम1.5%
एलेक्ट्रोलाइट
सोडियम153 मिलीग्राम10%
पोटैशियम401 मिलीग्राम8.5%

 

मिनरल
कैल्शियम181 मिलीग्राम18%
कॉपर0.299 मिलीग्राम33%
आयरन1.70 मिलीग्राम21%
मैग्नीशियम25 मिलीग्राम6%
मैंगनीज़1.672 मिलीग्राम73%
फ़ॉस्फ़ोरस153 मिलीग्राम22%
सेलेनियम14.2 माइक्रोग्राम26%
ज़िंक1.160 मिलीग्राम10.5%
मफ़ायटो-न्यूट्रिएंट्स
बीटा कैरोटीन (Carotene-ß)5 माइक्रोग्राम
बीटा क्रिप्टोजैन्थिन (Crypto-xanthin-ß)0 माइक्रोग्राम
लुटेइन ज़ियेजैंथिन (Lutein-zeaxanthin)16 माइक्रोग्राम

लहसुन के प्रकार – Types of Garlic in Hindi

शायद आपको जानकर हैरानी होगी कि लहसुन दो प्रकार के होते हैं-

सामान्य लहसुन – इसका इस्तेमाल हम आमतौर पर अपनी रसोई में रोज़ाना करते हैं।

कश्मीरी लहसुन – यह लहसुन शुद्ध वातावरण में उगाया जाता है। दरअसल, इसकी खेती हिमालय की तराई वाले इलाकों में की जाती है।

लहसुन खाने का सही समय और तरीका – Best Way to Eat Garlic in Hindi

यूं तो लहसुन को लगभग रोज़ाना खाने में इस्तेमाल किया जा सकता है। लेकिन, सुबह के समय इसका सेवन करने से सबसे ज़्यादा फ़ायदा होता है।

लहसुन के सेवन से जुड़ी सावधानियां –

– किसी भी चीज़ का ज़रूरत से ज़्यादा इस्तेमाल नुक़सान पहुंचा सकता है।इसलिए, एक दिन में दो से ज़्यादा लहसुन की कलियां न खाएं।

– अगर आपको एसिडिटी की शिकायत है, तो कच्चे लहसुन के सेवन से परहेज़ करें।

लहसुन को लम्बे समय तक सुरक्षित रखने का तरीका – How to Store Garlic in Hindi?

लहसुन को लम्बे समय तक सुरक्षित रखने का तरीका - How to Store Garlic in Hindi Pinit

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कई घरों में लोग ज़्यादा मात्रा में लहसुन खरीद कर रख लेते हैं, लेकिन उन्हें इसके भंडारण का सही तरीका पता नहीं होता। इसलिए, नीचे हम आपको लहसुन को लंबे समय तक सुरक्षित रखने का तरीका बताने जा रहे हैं।

–  लहसुन को फ़्रिज में न रखकर, किसी हवादार स्थान पर रखें।

– ताज़े लहसुन को पैक करके न रखें। ऐसा करने से लहसुन अंकुरित होकर खराब हो सकता है।

– ज़रूरत के हिसाब से ही लहसुन के कंद को तोड़कर कलियां निकालें, क्योंकि साबूत लहसुन के मुकाबले कलियां जल्दी खराब हो जाती हैं।

लहसुन को सही ढंग से स्टोर करने के बाद भी इस्तेमाल करने से पहले उसकी जांच ज़रूर करें।  अगर लहसुन नर्म हो या अंकुरित हो गया हो, तो उसका इस्तेमाल न करें। इसके अलावा, आप सूंघ लें कि कहीं लहसुन की गंध अजीब तो नहीं हो गई। अगर ऐसा हो तो इसका इस्तेमाल न करें।

लहसुन के नुकसान – Side Effects of Garlic in Hindi

इतने सारे फ़ायदे जानने के बाद आपको शायद यह जानकर हैरानी होगी कि इस गुणकारी लहसुन के कुछ दुष्प्रभाव भी हैं। नीचे हम लहसुन के कुछ नुकसान के बारे में आपको बताने जा रहे हैं-

  1. लहसुन खाने से आपके मुंह से दुर्गंध आने की समस्या हो सकती है।
  2. अगर आप कच्चा लहसुन खा रहे हैं, तो आपको गैस, उलटी, पेट खराब होने या पेट फूलने की परेशानी हो सकती है।
  3. ज़्यादा लहसुन खाने से आपको रक्तस्त्राव की समस्या हो सकती है। इसलिए, अगर आपकी कोई सर्जरी होने वाली है, तो उससे पहले लहसुन का सेवन न करें।
  4. अगर आपको लहसुन से एलर्जी है, तो इसके सेवन से आपको त्वचा संबंधी परेशानियां हो सकती हैं।

किन लोगों को लहसुन नहीं खाना चाहिए – Who should avoid garlic in hindi

  • अगर आपको लीवर से जुड़ी कोई समस्या है, तो ज़्यादा लहसुन का सेवन करने से लीवर को नुकसान हो सकता है।
  • लो ब्लड प्रेशर के मरीज़ लहसुन से परहेज़ करें, क्योंकि इससे ब्लड प्रेशर और कम हो सकता है।
  • माइग्रेन के मरीज़ लहसुन से परहेज़ करें।

इसमें कोई दो राय नहीं है कि हर चीज़ के फ़ायदे और नुकसान दोनों ही होते हैं। ऐसे में ज़रूरत है तो बस थोड़ी सतर्कता की, थोड़ी सावधानी की। अगर आपको भी लहसुन के किसी औषधीय गुण के बारे में पता हो, तो नीचे कमेंट बॉक्स में उसके बारे में बताना न भूलें।

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