लहसुन के तेल के फायदे, उपयोग और नुकसान – Garlic Oil Benefits, Uses and Side Effects in Hindi

Medically reviewed by Neha Srivastava (Nutritionist), Nutritionist
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आयुर्वेद में मानव जीवन के स्वास्थ्य का सार छुपा हुआ है। समय-समय पर होने वाले वैज्ञानिक शोध भी आयुर्वेदिक औषधि का समर्थन करते हैं। ऐसी ही एक औषधि है लहसुन। इसका वैज्ञानिक नाम एलियम सैटाइवम (Allium sativum) है। लहसुन का सबसे ज्यादा इस्तेमाल भोजन में किया जाता हैं। इसकी महक खाने के स्वाद को दोगुना कर देती है। औषधि के रूप में कच्चे और भुने लहसुन का इस्तेमाल तो सदियों से होता आ रहा है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि लहसुन का तेल भी बनाया जा सकता है? जी हां, लहसुन का तेल कई प्रकार की स्वास्थ्य समस्याओं में गुणकारी होता है। स्टाइलक्रेज के इस आर्टिकल में हम लहसुन के तेल के फायदे, इस्तेमाल और नुकसान के बारे में महत्वपूर्ण जानकारियां देंगे। आइए, जानते हैं लहसुन के तेल के चमत्कारी गुणों के बारे में।

नीचे विस्तार से जानें

लेख की शुरुआत हम इसके फायदों के साथ ही करते हैं।

लहसुन के तेल के फायदे – Benefits of Garlic Oil in Hindi

कान का दर्द हो या जोड़ों का दर्द, दादी-नानी के नुस्खों में लहसुन के तेल का जिक्र जरूर होता है। लहसुन के तेल के गुणों की लंबी लिस्ट है। पहले जमाने में लहसुन से बने नुस्खों का प्रयोग काफी किया जाता था। बेशक, अब हम ये सभी घरेलू नुस्खे भूल चुके हैं, लेकिन ये आज भी उतने ही असरकारी हैं। आइए, आपको विस्तार से समझाते हैं कि लहसुन का तेल किस समस्या में कितना फायदेमंद है। हम इन तमाम फायदों की पुष्टि वैज्ञानिक प्रमाण के साथ करने का प्रयास करेंगे।

1. हृदय को रखता है सुरक्षित

लहसुन का तेल हृदय रोग के जोखिम को कम करने में मददगार हो सकता है। एनसीबीआई (नेशनल सेंटर फॉर बायोटेक्नोलॉजी इंफॉर्मेशन) की वेबसाइट पर प्रकाशित एक शोध की माने, तो हृदय के लिए लहसुन फायदेमंद है। इसमें कई तरह के कंपाउंड पाए जाते हैं, मुख्य रूप से सल्फर, जो उच्च रक्तचाप को कम करते हैं और एथेरोस्क्लेरोसिस (हृदय संबंधी रोग) से बचाते हैं। साथ ही ये कंपाउंड एलडीएल यानी खराब कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम कर सकते हैं और एचडीएल यानी अच्छे कोलेस्ट्रॉल की मात्रा को बढ़ा सकते हैं। फिलहाल, यह बताना मुश्किल है कि लहसुन में पाए जाने वाले ये गुणकारी कंपाउंड कौन से हैं। इस संबंध में और रिसर्च किए जाने की जरूरत है (1)

2. फंगल इंफेक्शन में लहसुन का तेल

एनसीबीआई में प्रकाशित एक शोध के अनुसार, लहसुन का तेल फंगल इंफेक्शन के लिए जिम्मेदार बैक्टीरिया को नष्ट करने की क्षमता रखता है। इस शोध के अनुसार, लहसुन के तेल में एंटीफंगल गुण पाए जाते हैं, जो फंगल का कारण बनने वाले बैक्टीरिया को पनपने से रोकते हैं (2)। इसलिए, लहसुन के तेल का उपयोग फंगल इंफेक्शन को ठीक करने में किया जा सकता है।

3. त्वचा और घावों में लहुसन के तेल के उपयोग

इस संबंध में एनसीबीआई की वेबसाइट पर एक शोध को प्रकाशित किया गया है। यह रिसर्च मादा चूहों पर किया गया था। शोध के बाद वैज्ञानिकों ने पुष्टि करते हुए कहा कि लहसुन का तेल एंटीबैक्टीरियल और एंटीइंफ्लेमेटरी गुणों से भरपूर है। इसमें घाव भरने की क्षमता पाई जाती है (3)। एक अन्य अध्ययन की माने, तो लहसुन के अर्क (एक्सट्रेक्ट) में सोरायसिस जैसे त्वचा रोग को ठीक करने की क्षमता होती है। लहसुन के तेल में भी लहसुन का अर्क कुछ मात्रा में होता है, जिस कारण यह सोरायसिस में लाभकारी हो सकता है (4)।

4. रोग प्रतिरोधक व एंटीइंफ्लेमेटरी गुण

रोध प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होने से शरीर बीमारियों से घिर जाता है। इससे बचने के लिए जरूरी है कि ऐसे खाद्य पदार्थों को डाइट में शामिल किया जाए, जिनमें इम्यूनमॉड्यूलेशन (रोग प्रतिरोधक क्षमता को सुचारू करने वाला) प्रभाव हो। इस मामले में लहसुन पर भरोसा किया जा सकता है। एनसीबीआई की वेबसाइट पर उपलब्ध एक शोध पेपर के अनुसार, लहसुन में इम्यूनमॉड्यूलेशन और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होता है। लहसुन के इन गुणों का परीक्षण अभी जानवरों पर ही किया गया है (5)।

5. तंत्रिका तंत्र के लिए लहसुन के तेल के फायदे

लहसुन में मौजूद बायोएक्टिव कंपाउंड न्यूरोनल फिजियोलॉजी (तंत्रिका कार्यप्रणाली) और ब्रेन फंक्शन (मस्तिष्क कार्यप्रणाली) में लाभदायक साबित हो सकते हैं। साथ ही लहसुन के अर्क में एंटीऑक्सीडेंट गुण पाए जाते हैं, जो ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस और फ्री रेडिकल्स के असर को कम कर सकते हैं। ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस और फ्री रेडिकल्स नर्व सिस्टम को प्रभावित करते हैं। इस बात की जानकारी एनसीबीआई की वेबसाइट पर मौजूद एक रिसर्च से मिलती है (6)। लहसुन का तेल तंत्रिका तंत्र संबंधी समस्याओं पर कैसे काम करता है, इस विषय पर और शोध की जरूरत है।

6. दांत दर्द और मुंह के घाव में लहसुन के तेल के फायदे

मुंह को स्वस्थ रखने में लहसुन के तेल के फायदे देखे गए हैं। यह दांतों को हानिकारक बैक्टीरिया से दूर रखता है। लहसुन के तेल के नियमित इस्तेमाल से दांतों में होने वाली पीड़ादायक समस्याओं से छुटकारा पाया जा सकता है। अपने एंटीमाइक्रोबियल गुण के कारण लहसुन मुंह के छालों और घावों में भी असरकारी है। साथ ही इसे माउथवॉश की तरह भी इस्तेमाल किया जा सकता है (7) (8)।

7. आंत में मौजूद जीवाणुओं पर प्रभावी लहसुन का तेल

लहसुन के तेल में पेट दर्द और फूड पॉइजनिंग के लिए जिम्मेदार बैक्टीरिया के असर को कम करने की क्षमता देखी गई है। लहसुन के तेल में एंटीबैक्टीरियल गुण पाए जाते हैं, जो इस तरह के बैक्टीरिया को खत्म कर सकते हैं। अभी इस संबंध में और शोध की जरूरत है (9)। इसके साथ ही जानकारों की मानें तो यह प्राकृतिक रूप से शरीर को डिटॉक्सीफाई करने में भी सहायक हो सकता है।

8. लहसुन के तेल में एंटीवायरल गुण

वैज्ञानिक अध्ययन द्वारा यह भी साबित हुआ है कि लहसुन के अर्क में एंटीवायरल गुण पाए जाते हैं। यह ह्यूमन साइटोमेगालोवायरस (HCMV) को नियंत्रित कर सकता है। HCMV ऐसा वायरस है, जो मानव शरीर में सामान्यतः रहता है, लेकिन जिनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कम हैं, उनके लिए संक्रमण का कारण बन सकता है। लहसुन का तेल इस वायरस के संक्रमण से बचने के लिए बेहतरीन विकल्प हो सकता है (10)।

9. कीट-पतंगों से सुरक्षा देने में लहसुन के तेल के फायदे

लहसुन का तेल परजीवी कीट-पतंगों व मच्छर आदि से छुटकारा दिलाने में फायदेमंद हो सकता है। एक शोध के अनुसार, लहसुन के तेल का इस्तेमाल करने से मच्छर के लार्वा खत्म हो सकते हैं। साथ ही आकार में छोटे-छोटे कीटों पर भी इसका असर हो सकता है। लहसुन का तेल छोटे कीटों की प्रजनन क्षमता को बाधित कर सकता है, जिससे उनके फैलने का डर कम हो सकता है (11)।

10. बालों के लिए लहसुन का तेल

बाल झड़ना आजकल एक आम समस्या हो गई है। इसके पीछे कई कारण हो सकते हैं जैसे – आनुवंशिक, पर्यावरण या फिर हेयर प्रोडक्ट में मौजूद केमिकल। बाल झड़ने के पीछे एक अन्य कारण पोषक तत्वों की कमी भी है। जिंक, आयरन, सेलेनियम और फोलेट जैसे खनिज स्वस्थ बालों के लिए आवश्यक हैं (12)। वहीं, लहसुन में ये सभी तत्व प्रचुर मात्रा में होते हैं (13)। इसलिए, लहसुन खाना और तेल के रूप में लगाना बालों के स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद हो सकता है। साथ ही अभी बालों पर लहसुन का तेल कितना कारगर है, इस पर और रिसर्च किए जाने की जरूरत है।

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आइए, अब जानते हैं कि लहसुन का उपयोग कैसे और कितनी मात्रा में करना उचित है।

लहसुन के तेल का उपयोग – How to Use Garlic Oil in Hindi

लहसुन के तेल को प्रयोग करने के लिए इसे घर में बनाया जा सकता है। इसके अलावा, लहसुन का तेल बोतलबंद भी मिलता है, जिसे आप किसी भी अच्छे आयुर्वेदिक ब्रांड से खरीद सकते हैं। इसकी गंध बहुत तेज होती है। अगर आपको इसकी गंध से परेशानी है, तो आप लहसुन के तेल के कैप्सूल भी इस्तेमाल कर सकते है, लेकिन ये सिर्फ खाद्य के रूप इस्तेमाल होते हैं। इसलिए, लगाने के लिए लहसुन का तेल ही बेहतर विकल्प है।

कब लगाएं – इसे सुबह नहाने से आधा या एक घंटा पहले लगा सकते हैं। इसके बाद केमिकल रहित शैंपू से बाल धो सकते हैं।

कितनी मात्रा में इस्तेमाल करें – लहसुन के तेल की कोई विशेष मात्रा का जिक्र कहीं नहीं मिलता है। इस संबंध में डॉक्टर ही बेहतर बता सकते हैं कि किसे कितनी मात्रा इस्तेमाल करनी चाहिए।

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आइए, अब जानते हैं कि घर में लहसुन का तेल कैसे बनाया जा सकता है।

लहसुन के तेल बनाने की विधि

लहसुन का तेल दो तरीके से बनाया जा सकता है। लहसुन को किसी भी आम तेल जैसे सरसों या जैतून के तेल में पकाकर या फिर लहसुन की कलियों को कुछ दिन किसी सामान्य तेल में डुबोकर रखने से बनाया जा सकता है। आइए, दोनों विधि के बारे में विस्तार से जानते हैं।

पहली विधि –

  • एक पैन या कड़ाही में लहसुन की चार से पांच कलियों को बारीक कूट कर डाल दें।
  • अब इसमें 120 मिली लीटर जैतून का तेल मिलाएं।
  • इस मिश्रण को हल्की आंच पर पकने दें।
  • लहसुन को हल्का लाल होने तक पकाएं।
  • अब इस मिश्रण को ठंडा करके एक शीशी में भर लें।
  • अगर आप तेल में लहसुन के टुकड़े नहीं चाहते हैं, तो इसे छानकर भी शीशी में भरा जा सकता है।

नोट – लहसुन के टुकड़ों को काला न होने दें। जलने पर इसके गुण समाप्त हो सकते हैं। इसे 5 दिन के अंदर-अंदर इस्तेमाल करें, वरना इसमें बैक्टीरिया पनपने का डर होता है।

दूसरी विधि –

  • लहसुन की 10 कलियों को छिल कर कूट लें।
  • इन्हें किसी एक लीटर के एयरटाइट जार में डालें।
  • अब इस जार में अपनी पसंद का कोई भी वेजिटेबल ऑयल मिला लें।
  • इस मिश्रण को किसी छायादार स्थान पर रखें।
  • दो दिन बाद इस तेल का प्रयोग किया जा सकता है।

नोट – आप इस तेल को फ्रिज में स्टोर करके रख सकते हैं। इसे साल भर इस्तेमाल किया जा सकता है।

नीचे है और जानकारी

हमने अभी लहसुन का तेल तैयार करने की विधि के बारे में जाना, लेकिन लहसुन के तेल कुछ साइड इफेक्ट भी है। आइए, उन्हें भी जान लेते हैं।

लहसुन के तेल से नुकसान – Side Effects of Garlic Oil in Hindi

लहसुन के तेल का उपयोग बहुत विस्तृत हैं, लेकिन इसके नुकसान को भी अनदेखा नहीं किया जा सकता। लहसुन के तेल के नुकसान क्या-क्या हो सकते हैं, इस पर अभी शोध किए जाने की जरूरत है। लहसुन के तेल से होने वाले नुकसान से जुड़ी कुछ जानकारियां इस प्रकार हैं –

  • एक शोध के अनुसार, लहसुन के तेल में पाया जाने वाला एलिसन (Allicin) में हेपेटोटॉक्सिक (लीवर के लिए खतरनाक) प्रभाव होता है। यह शोध चूहों पर किया गया। 15 दिन तक लगातार 100 मिलीग्राम लहसुन के नियमित सेवन से उनका लीवर नकारात्मक रूप से प्रभावित पाया गया (11)। ध्यान रहे कि अधिक मात्रा में इसका सेवन नुकसानदायक हो सकता है।
  • इस शोध में रक्त में ग्लाइकोजान की मात्रा में भी कमी पाई गई, जो डायबिटीज होने का लक्षण हैं (11)

हर चीज की अति बुरी होती है, इसलिए किसी भी चीज के ज्यादा सेवन से बचें। वहीं, अगर कोई गंभीर बीमारी से जूझ रहा हैं, तो लहसुन के तेल का सेवन चिकित्सक की सलाह पर ही करें। बेशक, लहसुन का तेल एक घरेलू नुस्खा है, लेकिन इसकी तुलना मेडिकल ट्रीटमेंट से नहीं की जा सकती। इसलिए, गंभीर बीमारी की अवस्था में डॉक्टर से संपर्क करना ही सही निर्णय है। स्टाइलक्रेज की साइट पर आपको स्वास्थ्य से जुड़े और भी कई आर्टिकल पढ़ने को मिलेंगे, तो जुड़े रहें हमारे साथ।

Sources

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औली त्यागी उभरती लेखिका हैं, जिन्होंने हरिद्वार (उत्तराखंड) से पत्रकारिता और जनसंचार में एम.ए. की डिग्री हासिल की है। औली को लेखन के क्षेत्र में दो साल का अनुभव है। औली प्रतिष्ठित दैनिक अखबार और कम्युनिटी रेडियो स्टेशन से ट्रेनिंग ले चुकी हैं। औली सामाजिक मुद्दों पर लिखना पसंद करती हैं। लेखन के अलावा इन्हें वीडियो एडिटिंग और फोटोग्राफी का तकनीकी ज्ञान भी हैं। इन्हें हिंदी और उर्दू साहित्य में विशेष रुचि है।

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