लौंग के 15 फायदे, उपयोग और नुकसान – All About Clove (Laung) in Hindi

Medically reviewed by Neha Srivastava (Nutritionist), Nutritionist
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लौंग बेशक आकार में छोटा होता है, लेकिन लौंग के फायदे चमत्कारी हैं। सदियों से लौंग का उपयोग आयुर्वेदिक औषधीयों में किया जाता रहा है। इसमें कई ऐसे जरूरी औषधीय गुण हैं, जो शरीर से जुड़ी कई परेशानियों को कम करने में मदद कर सकते हैं। यूं तो लोग इसका इस्तेमाल सर्दी-खांसी से बचने के लिए अभी भी करते हैं, लेकिन लौंग के फायदे कई ऐसे भी हैं, जिनके बारे में शायद ज्यादा लोगों को पता न हो। इन्हीं फायदों पर प्रकाश डालने के लिए हम यहां लौंग के लाभ और उपयोग के बारे में बता रहे हैं।

जानें विस्तार से

सबसे पहले हम आपको बता रहे हैं कि लौंग क्या है।

लौंग क्या है?

लौंग एक सदाबाहर पेड़ होता है। इस पेड़ के फूलों की सूखी कलियों का इस्तेमाल प्राचीन काल से किया जाता रहा है। भारत में लौंग का इस्तेमाल मसाले के रूप में काफी प्रचलित है। इसका वैज्ञानिक नाम सीजिजियम अरोमैटिकम (Syzygium Aromaticum) है। लगभग 9 साल बाद लौंग के एक वृक्ष में कली लगती है, जिसे सुखाने पर लौंग बनाया जा सकता है।

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लौंग क्या होता है, यह तो आप जान गए हैं। अब हम आपको लौंग के गुण के बार में बताएंगे।

लौंग के औषधीय गुण

लौंग के औषधीय गुण की वजह से ही सदियों से इसका इस्तेमाल किया जाता रहा है। इसमें एंटी-माइक्रोबियल और एंटी-ऑक्सीडेंट प्रभाव होता है। इसके अलावा, इसमें एंटी-वायरल और एनाल्जेसिक गुण भी है, जो कई तरह से शरीर को फायदा पहुंचा सकते हैं (1)। शायद इसी वजह से सदियों से आयुर्वेद में लौंग के फायदे का इस्तेमाल लोगों को स्वस्थ रखने के लिए किया जाता रहा है। लौंग के फायदे के बारे में आगे विस्तार से बताया गया है।

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आगे हम लौंग के फायदे के बारे में बता रहे हैं।

लौंग के फायदे – Benefits of Clove in Hindi

लौंग खाने से क्या फायदा होता है? अगर यह सवाल अक्सर आपके दिमाग में घूमता है, तो नीचे दिए गए लौंग के फायदों को पढ़ें। यहां रिसर्च के आधार पर हमने जानकारी दी है। बस लौंग का इस्तेमाल करते समय यह बात याद रखें कि यह गंभीर बीमारी का इलाज नहीं है। महज स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से बचाव का एक तरीका है। 

1. ओरल हेल्थ

लौंग की कलियां ओरल माइक्रो ऑर्गेनिज्म (मुंह में उत्पन्न होने वाले सूक्ष्म जीवों) को 70 प्रतिशत कम कर सकती हैं। इसी वजह से कई टूथपेस्ट में लौंग का इस्तेमाल किया जाता है। तुलसी, टी-ट्री ऑयल के साथ लौंग का इस्तेमाल करके घर पर ही बनाया गया माउथ वॉश ओरल हेल्थ को बेहतर रख सकता है (2)

लौंग का तेल भी विभिन्न पीरियडोंटल पैथोजेन (Periodontal Pathogens) से बचाव कर सकता है। यह वो बैक्टीरिया होते हैं, जो मसूड़ों में इंफेक्शन का कारण बनते हैं (2)। दांतों में होने वाले दर्द को कम करने के लिए लौंग काफी फायदेमंद माना जाता है। लौंग में यूजेनॉल (Eugenol) नामक तत्व दांतों के दर्द को कम करने का काम कर सकता है। यह प्लाक और कैरिज से भी दांतों को बचा सकता है (3) 

2. सर्दी-खांसी

लौंग के गुण में खांसी और सर्दी से बचाव भी शामिल है। लौंग में एंटीइंफ्लेमेटरी प्रभाव होता है, जो सर्दी और खांसी को कम कर सकता है। दरअसल, यह एक्सपेक्टोरेंट की तरह काम करता है, जो पूरे बलगम को मुंह से निकालकर ऊपरी श्वसन तंत्र को साफ कर सकता है (4) 

3. डायबिटीज

लौंग का इस्तेमाल मधुमेह को कुछ हद तक नियंत्रित करना भी शामिल है। मधुमेह वो चिकित्सकीय स्थिति है, जिसके अंतर्गत रक्त में शर्करा की मात्रा अधिक हो जाती है। लौंग ब्लड ग्लूकोज को कम करके डायबिटीज को कंट्रोल कर सकता है (5)

एक अन्य शोध में कहा गया है कि लौंग में एंटीहाइपरग्लाइसेमिक, हाइपोलिपिडेमिक और हेपेटोप्रोटेक्टिव गुण होते हैं। यह डायबिटीज की समस्या को कम करने के साथ ही लिपिड में सुधार करने और लिवर को बचाने का काम कर सकता है (6)। लोंग के साथ ही लौंग का तेल भी ग्लूकोज को कम करने, लिपिड प्रोफाइल को सुधारने और किडनी संबंधी समस्या से डायबिटीज के मरीजों को बचाने का काम कर सकता है (7)

4. इंफ्लेमेशन से लड़ने के लिए

लौंग इंफ्लेमेशन से लड़ने में भी मददगार हो सकता है। लौंग में यूजेनॉल (Eugenol) नामक कंपाउंड पाया जाता है, जो शरीर में एंटीइंफ्लेमेटरी एंजेंट की तरह कार्य कर सकता है। यह कंपाउंड इंफ्लेमेशन के कारण होने वाली बीमारियों और स्किन संबंधी समस्याओं से बचाने का काम कर सकता है (8)। इंफ्लेमेशन की वजह से होने वाले एक्ने को कम करने में भी लौंग लाभदायक हो सकता है (9) 

5. पाचन के लिए लौंग खाने के फायदे

लौंग शरीर के एंजाइम्स को उत्तेजित और पाचन तंत्र को बूस्ट करने का काम कर सकता है।  इसका सेवन आंत में होने वाली जलन के स्तर को कम कर सकता है और अपच की समस्या को ठीक कर सकता है। लौंग पाचन संबंधी समस्या जैसे पेट का फूलना, गैस, अपच, मतली, डायरिया और उल्टी के लक्षणों से राहत दिला सकता है। इसके अलावा, लौंग और इसका तेल पेप्टिक अल्सर के लक्षण को भी कम कर सकता है (4) (10)

लौंग का तेल गैस्ट्रिक म्यूकस को बढ़ाने में मदद करता है, जो पेट को सुरक्षा प्रदान करता है, लेकिन इस संबंध में अभी और रिसर्च की जरूरत है। वहीं, लौंग में 1 चम्मच शहद मिलाकर सोने से पहले लेने की सलाह दी जाती है। हां, पाचन संबंधी परेशानी बढ़ने पर डॉक्टर से संपर्क जरूर करें।

6. वजन कम करने के लिए लवंग खाने के फायदे

वजन कम करने में लौंग भी मदद कर सकता है। पौष्टिक डाइट के साथ ही नियमित रूप से लौंग का सेवन वजन नियंत्रित करने के लिए किया जा सकता है। डाइटिशियन नेहा श्रीवास्तव के मुताबिक, लौंग मेटाबॉलिज्म को बढ़ावा देकर वैट मैनेजमेंट में मदद कर सकता है। घरेलू उपाय के साथ ही वजन कम करने के लिए योग व एक्सरसाइज करना भी जरूरी है।

7. कैंसर के लिए लौंग के लाभ

मेडिकल शोध के अनुसार लौंग ट्यूमर को बढ़ने से रोक सकता है। लौंग के एथिल एसीटेट अर्क में एंटी-ट्यूमर गतिविधि पाई गई है, जिस वजह से इसका इस्तेमाल कैंसर के जोखिम को कम करने के लिए किया जा सकता है। रिसर्च में बताया गया है कि ओलिक एसिड की मौजूदगी की वजह से लौंग एंटी-ट्यूमर प्रभाव को प्रदर्शित कर सकता है (13)। रिसर्च में लौंग के एंटी-ट्यूमर प्रभाव की क्षमता को जांचने के लिए अधिक शोध की सलाह दी गई है।

प्रारंभिक अध्ययनों से यह भी पता चलता है कि फेफड़े, त्वचा और डाइजेस्टिव कैंसर के मामलों में लौंग का तेल एक कीमोप्रीवेंटिव भूमिका (Chemopreventive role) निभा सकता है (4)। ध्यान दें कि लौंग कैंसर का इलाज नहीं है। यह बस बचाव का एक तरीका हो सकता है। कैंसर से ग्रस्त होने पर डॉक्टर से इलाज करवाना अनिवार्य है।

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8. स्ट्रेस के लिए लौंग खाने के फायदे

लौंग में एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं, जो तनाव की वजह से होने वाले पैथोलॉजिकल परिवर्तनों की रोकथाम में मदद कर सकता है। शोध में कहा गया है कि लौंग में मौजूद एंटी-स्ट्रेस एक्टिविटी तनाव को कम तो कर सकती है, लेकिन यह स्पष्ट नहीं है कि लौंग किस तरह तनाव से बचा सकता है (12)।

लौंग का तेल संचार प्रणाली को उत्तेजित यानी स्ट्यूमिलेट करता है और मानसिक थकावट व थकान को कम कर सकता है। इसे अनिद्रा, स्मृति हानि, चिंता और अवसाद को कम करने में सहायक माना जाता है (4)

9. सिरदर्द और दांत दर्द

पारंपरिक रूप से सिरदर्द से राहत के लिए लौंग का उपयोग किया जाता रहा है (13)। लौंग में एनाल्जेसिक गुण होते हैं, जो दांत दर्द से भी राहत दिला सकता है। इसके अलावा, लौंग का तेल भी दांत और सिर दर्द को कम करने में मदद कर सकता है (4)। लौंग के तेल को दांत में लगाने से और लौंग व उसके तेल को सूंघने से सिरदर्द कम हो सकता है (14)। 

10. लिवर के लिए लवंग खाने के फायदे

लौंग का पानी पीने के फायदे में लिवर स्वास्थ्य भी शामिल है (4)। एक स्टडी में कहा गया है कि पैरासिटामोल की वजह से होने वाले लिवर इंजरी को कम करने में लौंग मदद कर सकता है। यह साइटोप्लाज्मिक एंजाइम्स में सुधार करके लिवर इंजरी से बचाव कर सकता है (14)। ध्यान दें कि लिवर संबंधी समस्या के लिए लौंग पर निर्भर नहीं रहा जा सकता है। इसके लिए डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी है।

11. टेस्टोस्टेरोन के स्तर के लिए लौंग

बनारस हिंदू विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं का कहना है कि लौंग का प्रयोग अगर संयमित मात्रा किया जाए, तो यह टेस्टोस्टेरोन के उत्पादन में मदद कर सकता है। हालांकि, रिसर्च में कहा गया है कि इसकी अधिक मात्रा टेस्टोस्टेरोन उत्पादन को कम भी कर सकती है (15)। 

12. अस्थमा के लिए लौंग के उपाय

लौंग में यूजेनॉल (Eugenol) कंपाउंड होता है, जिसे अस्थमा के लिए अच्छा माना जाता है। एक शोध के अनुसार, यह कंपाउंड एंटीअस्थमेटिक प्रभाव को प्रदर्शित करता है, जिस वजह से अस्थमा से होने वाली परेशानी को कम करने में लौंग सहायता कर सकता है। रिसर्च में कहा गया है कि लौंग में मौजूद ब्रोन्कोडायलेटर और इम्यूनोमॉड्यूलेटरी गुणों की वजह से यह एंटी-अस्थमेटिक ड्रग जैसी क्षमता दिखा सकता है (16)।

लौंग के तेल की सुगंध नाक की नली को साफ करने में मदद करते हैं। साथ ही अस्थमा, खांसी, जुकाम, साइनस, ब्रोंकाइटिस जैसी समस्याओं को शांत कर सकते हैं। अस्थमा से राहत पाने के लिए लौंग व इसके तेल के साथ शहद और लहसुन के मिश्रण का सेवन किया जा सकता है (14)।  

13. हड्डियों के लिए लौंग

हड्डियों को मजबूत बनाने में भी लौंग सहायक हो सकता है। दरअसल, लौंग में मैंगनीज होता है, जो हड्डियों को मजबूत बना सकता है (4)। एक रिसर्च में कहा गया है कि लौंग के हाइड्रोक्लोरिक अर्क में मौजूद यूजेनॉल हाइपोगोनैडल ऑस्टियोपोरोसिस (हड्डी संबंधी रोग) के खिलाफ लड़कर हड्डी-संरक्षण का कार्य कर सकता है (17)। 

14. कान का दर्द

लौंग के फायदे में कान के दर्द से राहत दिलाना भी शामिल है। कान के दर्द के लिए लौंग के तेल को उसमें मौजूद दर्द निवारक और एनेस्थेटिक नेचर की वजह से इस्तेमाल किया जा सकता है। इससे थोड़े समय के लिए दर्द का एहसास कम व खत्म हो सकता है। लौंग के तेल को अन्य तेल के साथ मिलाकर कॉटन की मदद से एयर कैनाल के पास रखा जा सकता है। इससे दर्द कम होने के साथ ही कान के संक्रमण से भी राहत मिल सकती है (4) 

15. एक्ने

त्वचा पर होने वाले एक्ने और पिम्पल को कम करने में भी लौंग का उपयोग किया जा सकता है। लौंग में मौजूद यूजेनॉल कंपाउंड एक्ने के कारण होने वाले इंफ्लेमेटरी रिस्पॉन्स को कम कर सकता है। अर्थात एक्ने बैक्टीरिया की वजह से होने वाले स्किन इंफ्लेमेशन को भी कम करने में लौंग सहायक हो सकता है (9)। इसी वजह से घर पर लौंग के उपाय के लिए एक्ने को भी जाना जाता है। 

आगे है और जानकारी 

लौंग में मौजूद पोषक तत्वों की जानकारी हम नीचे दे रहे हैं।

लौंग के पौष्टिक तत्व – Nutritional Value of Clove in Hindi

लौंग के पौष्टिक तत्वों की विस्तृत जानकारी नीचे टेबल के माध्यम से दी गई है। जानें लौंग में कौन-कौन से विटामिन, मिनरल्स और अन्य पौष्टिक तत्व होते हैं (18)।

पोषक तत्व मात्रा प्रति 100 ग्राम 
पानी9.87 g
एनर्जी274 kcal
प्रोटीन5.97 g
कुल फैट13 g
कार्बोहाइड्रेट65.5 g
फाइबर33.9  g
शुगर2.38 g
ग्लूकोज1.14 g
फ्रुक्टोज1.07 g
कैल्शियम632 mg
आयरन11.83 mg
मैग्नीशियम259 mg
फास्फोरस104 mg
पोटेशियम1020 mg
सोडियम277 mg
जिंक2.32 mg
सेलेनियम7.2 µg
कॉपर0.368 mg
मैंगनीज60.1 mg
विटामिन-सी0.2 mg
थियामिन0.158 mg
राइबोफ्लेविन0.22 mg
नियासिन1.56 mg
विटामिन-बी0.391 mg
फोलेट25 µg
कोलीन37.4 mg
बीटेन1.4 mg
विटामिन ए8 RAE
कैरोटीन-बीटा45 µg
विटामिन ई (अल्फा-टोकोफेरॉल)8.82 mg
विटामिन के (फाइलोक्विनोन)142 µg
फैटी एसिड, टोटल सैचुरेटेड3.952 g
फैटी एसिड, टोटल मोनोअनसैचुरेटेड1.393 g
फैटी एसिड, टोटल पॉलीसैचुरेटेड3.606 g

बने रहें हमारे साथ

आगे जानते हैं लौंग के उपयोग क्या-क्या हो सकते हैं।

लौंग का उपयोग – How to Use Clove in Hindi

लौंग का उपयोग दैनिक जीवन में कई तरह से किया जा सकता है। क्या है लौंग का उपयोग करने का तरीका आइए नीचे जानते हैं।

  • फ्लेवरिंग एजेंट के रूप में इसका इस्तेमाल भारतीय व्यंजनों, अचार और सॉस में किया जा सकता है।
  • लौंग के गुण और खूशबू की वजह से इसे एरोमाथेरेपी के लिए भी इस्तेमाल कर सकते हैं।
  • लौंग को उबालकर इसके पानी को माउथ वॉश की तरह उपयोग कर सकते हैं।
  • लौंग को भोजन में मसाले के रूप में इस्तेमाल कर सकते हैं।
  • एक कप गर्म पानी में एक चौथाई चम्मच लौंग का चूर्ण डालकर सुबह और रात को पी सकते हैं।
  • लौंग के तेल की कुछ बूंदों से माथे की मसाज करके तनाव से राहत पा सकते हैं। घरेलू लौंग के टोटके में यह उपाय शामिल है।
  • मसूड़े के दर्द और सूजन के लिए लौंग के तेल की कुछ बूंदों को संक्रमित जगह पर लगाकर धीरे-धीरे 1-2 मिनट तक हल्की मसाज कर सकते हैं।
  • गले के संक्रमण और सूजन को कम करने के लिए एक गिलास गर्म पानी में एक छोटे चम्मच लौंग के चूर्ण को मिलाकर गरारा कर सकते हैं।
  • ब्लैक-टी में एक लौंग डालकर भी इसका सेवन कर सकते हैं। इसे सर्दी-जुकाम ठीक करने के लिए घरेलू लौंग के टोटके भी कहा जाता है।
  • लौंग को सीधे मुंह में डालकर चबा सकते हैं।
  • 4-5 लौंग को पीसकर साफ रूमाल में रखकर सूंघ सकते हैं।

अंत तक पढ़ें

साबुत लौंग के लाभ के साथ ही लौंग के तेल के फायदे भी कई हैं। इसी वजह से हम आगे लौंग का तेल बनाने की विधि बता रहे हैं।

लौंग का तेल बनाने की विधि

लौंग और लौंग के तेल के फायदे के बारे में आप ऊपर जान चुके हैं। अब हम घर में लौंग का तेल बनाने की विधि बता रहे हैं।

सामग्री:

  • 12-15 साबुत लौंग या एक चम्मच लौंग का पाउडर।
  • 100 एमएल जैतून का तेल।

बनाने की विधि:

  • एक कांच की बोतल में पहले जैतून का तेल डालें।
  • फिर साबुत लौंग या फिर लौंग का पाउडर डाल दें।
  • ऐसा करने के बाद बोतल का ढक्कन टाइट से बंद करके उसे अच्छा से हिला लें।
  • अब करीब 10 से 14 दिन तक बोतल को रोज हिलाएं और ऐसे ही रहने दें।
  • 14 दिन के बाद लौंग के गुण जैतून तेल में समा जाएंगे और लौंग का तेल बनकर तैयार हो जाएगा।
  • चाहें, तो बोतल में से साबुत लौंग या लौंग के पाउडर को छान कर निकाल सकते हैं।
  • अन्यथा, उन्हीं के साथ तेल का इस्तेमाल कर सकते हैं।

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चलिए, आगे जानते हैं कि लौंग को लंबे समय तक सुरक्षित कैसे रखा जा सकता है। उसके बाद लौंग खाने के नुकसान के बारे में जानेंगे।

लौंग को लंबे समय तक सुरक्षित कैसे रखें?

लौंग की कलियां सालों-साल तक खराब नहीं होती हैं। इसको लंबे समय तक सुरक्षित रखने के लिए कुछ खास जतन करने की आवश्यकता नहीं पड़ती है। बस लौंग को सूर्य की रोशनी से दूर एयरटाइट डब्बे में डालकर रख दें। इससे लौंग की खुशबू बनी रहती है और किसी तरह की नमी उसमें नहीं आती है। लौंग का पाउडर अगर खरीद रहे है, तो उसे फ्रिज में एयर टाइट कंटेनर में डालकर स्टोर करके रख सकते हैं।

लौंग खाने के फायदे और नुकसान दोनों होते हैं। लौंग के फायदे, तो आप ऊपर जान ही चुके हैं। अब हम लौंग खाने के नुकसान के बारे में बता रहे हैं।

लौंग के नुकसान – Side Effects of Clove in Hindi

नियमित रूप से एक या दो लौंग खाने के कई फायदे होते हैं, लेकिन इसका अधिक सेवन करने से इसके नुकसान भी हो सकते हैं। अगर आप भी सोच रहे हैं कि ज्यादा लौंग खाने से क्या होता है, तो नीचे पढ़ें लौंग के नुकसान के बारे में (4) (15) (1) (19)।

  • रक्त का पतलापन
  • आंखों में जलन
  • स्किन एलर्जी
  • कोमा
  • लिवर डैमेज
  • अधिक सेवन पुरुषों में टेस्टोस्टेरोन नामक हार्मोन को कम कर सकता है।
  • गर्भावस्था में इसका इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।
  • अधिक सेवन विषाक्तता का कारण बन सकता है।

सदियों से लोग का उपयोग अच्छी सेहत के साथ ही स्वास्थ्य से संबंधित कई समस्याओं के प्रभाव को कम करने के लिए किया जाता रहा है। उम्मीद करते हैं कि अब आपको लौंग खाने से क्या होता है, इस सवाल का जवाब मिल गया होगा। इस लेख में बताए गए लौंग खाने फायदों को अपनाकर हर कोई एक स्वस्थ जिंदगी जी सकता है। बस लौंग का सेवन करते समय यह ध्यान दें कि लौंग खाने से नुकसान भी हो सकते हैं, इसलिए इसका सेवन संयमित मात्रा में ही करें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

एक दिन में कितने लौंग ले सकते हैं?

लौंग प्रति दिन 2.5 मिलीग्राम प्रति किलो वजन के हिसाब से लिया जा सकता है। इससे अधिक का सेवन करने से विषाक्तता हो सकती है (1)। मोटे तौर पर कहें, तो एक व्यक्ति दो से तीन लौंग की कलियों का सेवन कर सकता है। लौंग के फायदे और नुकसान इसकी मात्रा पर ही निर्भर करता है।

लौंग के लिए एक अच्छा विकल्प क्या है?

वैसे तो लौंग का कोई विकल्प हो नहीं सकता है, लेकिन अगर किसी को लौंग से एलर्जी हो, तो वह जायफल का इस्तेमाल कर सकता है। जायफल को लौंग का निकटतम विकल्प माना जाता है।

क्या लौंग का तेल मनुष्यों के लिए विषाक्त है?

अधिक मात्रा में सेवन करने या फिर बिना डायल्यूट किए इस्तेमाल करने से यह विषाक्त हो सकता है।

लौंग के अन्य नाम क्या हैं?

लौंग का अंग्रेजी नाम क्लोव (Clove) है। उर्दू, मराठी और कन्नड़ में इसे लवंग कहा जाता है।

क्या लौंग ब्लड सर्कुलेशन को बेहतर करता है?

हां, लौंग के सेवन से ब्लड सर्कुलेशन बेहतर हो सकता है (19)।

क्या लौंग से फेफड़े में खून आता है?

इस तथ्य से जुड़ा कोई वैज्ञानिक शोध उपलब्ध नहीं है। इसकी संयमित मात्रा सुरक्षित मानी जाती है। हां, क्लोव सिगरेट पीने से लंग्स इंजरी हो सकती है (20)।

लौंग की तासीर कैसी होती है?

लौंग की तासीर गर्म होती है।

क्या लौंग का पानी पीना फायदेमंद है?

लेख में बताए गए सभी फायदे लौंग का सेवन, उसके तेल के इस्तेमाल व लौंग का पानी विशेषकर चाय के रूप में लेने से मिल सकते हैं।

रात को सोते समय लौंग खाने से क्या होता है?

रातों के समय यदि दो लौंग मुंह में रखी जाती हैं, तो खांसी नियंत्रित होने के साथ ही नींद भी बेहतर हो सकती है ।

क्या खाली पेट लौंग खाने से फायदे हैं?

खाली पेट लौंग खाने से खांसी दूर हो सकती है। साथ ही स्ट्रेस दूर करने और वजन कम करने में भी खाली पेट लौंग खाना फायदेमंद हो सकता है।

20 संदर्भ (Sources) :

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विनिता पंगेनी ने एनएनबी गढ़वाल विश्वविद्यालय से मास कम्यूनिकेशन में बीए ऑनर्स और एमए किया है। टेलीविजन और डिजिटल मीडिया में काम करते हुए इन्हें करीब चार साल हो गए हैं। इन्हें उत्तराखंड के कई पॉलिटिकल लीडर और लोकल कलाकारों के इंटरव्यू लेना और लेखन का अनुभव है। विशेष कर इन्हें आम लोगों से जुड़ी रिपोर्ट्स करना और उस पर लेख लिखना पसंद है। इसके अलावा, इन्हें बाइक चलाना, नई जगह घूमना और नए लोगों से मिलकर उनके जीवन के अनुभव जानना अच्छा लगता है।

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