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लौंग के फायदे, उपयोग और नुकसान – Clove (Laung) Benefits, Uses and Side Effects in Hindi

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लौंग के फायदे, उपयोग और नुकसान – Clove (Laung) Benefits, Uses and Side Effects in Hindi Hyderabd040-395603080 July 26, 2019

लौंग बेशक आकार में छोटा है, लेकिन इसके कई चमत्कारी फायदे हैं। आपको जानकर हैरानी होगी कि लौंग सर्दी-खांसी से लेकर मधुमेह और अस्थमा जैसी गंभीर बीमारियों के इलाज में भी काम आता है। लौंग, सदाबहार पेड़ की खूशबूदार सूखी पुष्प कलियां होती हैं। सामान्यतः इसका इस्तेमाल भोजन बनाने और धार्मिक अनुष्ठानों में किया जाता है, लेकिन लौंग का प्रयोग प्राचीन समय से एक आयुर्वेदिक जड़ी-बूटी के रूप में भी किया जा रहा है। इसमें कई जरूरी औषधीय तत्व मौजूद होते हैं, जो शरीर से जुड़ी परेशानियों को दूर करने में मदद करते हैं। इस लेख में हम आपको लौंग के फायदे, शरीर के लिए इसका उपयोग और लौंग के नुकसानों के बारे में बताने जा रहे हैं।

विषय सूची


लौंग के फायदे – Benefits of Clove in Hindi

1. ओरल हैल्थ

क्यों और कैसे है लाभकारी

दांतों में होने वाले दर्द को कम करने के लिए लौंग काफी फायदेमंद माना जाता है। लौंग में यूजेनिया नामक तत्व दांतों के दर्द को कम करने का काम करता है। इसका इस्तेमाल करने के लिए आप निम्नलिखित बिंदुओं का पालन करें –

  • जब भी आपको दांतों में दर्द महसूस हो 2-3 साबुत लौंग अपने मुंह में रख लें।
  • लौंग का रस मुंह के लार के साथ मिलकर अपना दर्द निवारण काम शुरू कर देगा।
  • 3-4 मिनट तक रखे रहने के बाद आप लौंग को दांतों से तोड़ लें, ताकि इसका असर पूरे मुंह में हो जाए।
  • लौंग को आप मुंह में 20-30 मिनट तक रख सकते हैं।

अगर आपके दांतों में अत्यधिक दर्द है, तो आप 5-6 लौंग का चूर्ण बनाकर, जिस दांत में दर्द हो रहा है वहां लगा सकते हैं। इस प्रकार आप लौंग के जरिए दांतों के दर्द का इलाज कर सकते हैं (1)।

2. सर्दी-खांसी

सर्दी और खांसी जैसी आम समस्या के निवारण के लिए भी लौंग एक कारगर घरेलू नुस्खा है। लौंग में एंटीबैक्टीरियल, एंटीइंफ्लेमेंटरी, एंटीफंगल, एंटीऑक्सीडेंट और एंटीसेप्टिक गुण पाए जाते हैं, जो सर्दी और जुकाम से निजात दिलाने का काम करते हैं। सर्दी-खांसी से निजात पाने के लिए आप इस तरह से लौंग का इस्तेमाल कर सकते हैं –

  • खांसी होने पर आप 2-3 लौंग के फूल को मुंह में रखकर अच्छी तरह चबाएं और उसके रस को गले तक उतरने दें। ऐसा करने से लौंग के एंटीबैक्टीरियल और एंटीइंफ्लेमेंटरी गुण गले के संक्रमण को दूर कर आपको आराम देंगे। बेहतर फायदे के लिए आप लौंग को 10-15 मिनट तक अच्छी तरह चबाएं (2)।
  • सर्दी-जुकाम से राहत पाने के लिए आप ब्लैक-टी में लौंग का इस्तेमाल कर सकते हैं। ब्लैक-टी बनाते समय उसमें बस 1-2 लौंग डाल दें। फिर चाय को धीरे-धीरे पिएं, ताकि उसकी गर्माहट आपके गले, नाक और छाती तक पहुंचे।

3. मधुमेह

Madhumeh Ke liye Laung Pinit

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लौंग का इस्तेमाल शरीर से जुड़ी गंभीर बीमारियों के लिए भी किया जाता है, जिसमें मधुमेह भी शामिल है। मधुमेह वो चिकित्सकीय स्थिति है, जिसके अंतर्गत रक्त में शर्करा की मात्रा अधिक हो जाती है। मधुमेह को नियंत्रित करने के लिए आप लौंग का सेवन कर सकते हैं (3)। लौंग में विटामिन-के और जरूरी मिनरल्स (जिंक, कॉपर, मैग्नीशियम ) पाए जाते हैं। इसके अलावा, इसमें एंटीऑक्सीडेंट गुण भी मौजूद रहता है। इसका रोजाना इस्तेमाल रक्त में शकर्रा की मात्रा को कम कर देता है। आप डायबिटीज के लिए लौंग का प्रयोग यहां बताई गई विधि के अनुसार कर सकते हैं।

  • लौंग का इस्तेमाल करने के लिए आप एक गिलास गर्म पानी में 4-5 लौंग डाल दें और 15 मिनट के लिए उसे पानी में रहने दें।
  • 15 मिनट बाद पानी से लौंग निकाल दें और पानी को धीरे-धीरे पिएं।
  • यह प्रक्रिया रोज सुबह दोहराएं।
  • हर हफ्ते अपने मधुमेह स्तर की जांच करें।
  • अगर मधुमेह के स्तर में कोई बदलाव नहीं होता है, तो डॉक्टर के पास जरूर जाएं।

4. सूजन

लौंग खाने का एक फायदा सूजन की समस्या से निजात भी है। लौंग में यूजेनिया नामक तत्व पाया जाता है, जो इसे एक कारगर एंटीइंफ्लेमेटरी (4) एंजेंट बनाता है। गले और मसूड़ों में होने वाली सूजन को इसके जरिए ठीक किया जा सकता है। लौंग का एंटी इंफ्लेमेटरी गुण कैनडिडा (एक प्रकार का फंगस) से लड़ने में मदद करता है। आप सूजन व दर्द के लिए निम्नलिखित तरीके से लौंग का टोटका अपना सकते हैं।

  • मसूड़े के दर्द और सूजन के लिए लौंग के तेल की कुछ बूंदों को संक्रमित जगह पर लगाकर धीरे-धीरे 1-2 मिनट तक हल्की मसाज करें।
  • गले के संक्रमण और सूजन को कम करने के लिए आप एक गिलास गर्म पानी में एक छोटे चम्मच लौंग के चूर्ण को मिलाकर गरारे कर सकते हैं।
  • आप चाहें तो ब्लैक-टी में एक लौंग डालकर भी इसका सेवन कर सकते हैं।

5. पाचन तंत्र

पेट की समस्याओं से निजात पाने के लिए भी लौंग का इस्तेमाल किया जाता है। लौंग में मौजूद यूजेनिया जैसे यौगिक पेट के अल्सर को कम कर सकते हैं (5)। लौंग में मौजूद फाइबर पाचन तंत्र को मजबूत बनाने में मदद करता है। कब्ज जैसी समस्याओं से राहत पाने के लिए आप लौंग का इस्तेमाल कर सकते हैं। लौंग के एंटीबैक्टीरियल, एंटीस्पास्मोडिक और एनेस्थेटिक गुण कब्ज के दौरान पेट में होने वाले दर्द से राहत पहुंचाने में मदद कर सकते हैं। बेहतर पाचन तंत्र के लिए आप लौंग का इस प्रकार सेवन कर सकते हैं (6) –

  • आप लौंग की चाय बना सकते हैं, जिसके लिए आप एक कप पानी में 1-2 लौंग तोड़कर डाल दें और 5-6 मिनट तक अच्छी तरह उबालें। आप चाहें तो इसमें स्वाद के लिए चुटकी भर नमक का भी इस्तेमाल कर सकते हैं। इस प्रकार आप लौंग की चाय बना सकते हैं। इस चाय का सेवन आप सुबह और रात में करें।
  • आप चाहें तो 2-3 लौंग को सीधे चबा-चबाकर खा सकते हैं।
  • आप 2-3 लौंग को आग में भूनकर भी खा सकते हैं।

6. रक्त संचार

Blood circulation Ke liye Laung Pinit

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लौंग रक्त शोधक के रूप में कार्य करता है और रक्त प्रवाह को बेहतर करता है (7)। यह रक्त से विषाक्त पदार्थों को खत्म करने में भी मदद करता है और शरीर में एंटीऑक्सीडेंट स्तर को बढ़ाता है। एंटीऑक्सीडेंट गुण प्लेटलेट को शुद्ध करने के साथ-साथ प्रतिरक्षा प्रणाली को सुचारू रूप से चलाने में मदद करते हैं।

  • आप इसके लिए लौंग के तेल का इस्तेमाल कर सकते हैं। शरीर में इसकी मालिश करने से रक्त प्रवाह में मदद मिलती है।
  • लौंग का तेल एक फायदेमंद औषधी के रूप में काम करता है, यह रक्त प्रवाह के अवरोधक जैसे हाथ-पैरों में मोच और दर्द को भी ठीक करता है।

7. कैंसर

लौंग आम शारीरिक समस्या से लेकर कैंसर जैसी गंभीर बीमारी के इलाज में भी इस्तेमाल किया जाता है। लौंग में एंटीसेप्टिक, जीवाणुरोधी, एंटीफंगल, और एंटीवायरल गुण के साथ-साथ एंटीकैंसर गुण भी पाए जाते हैं (8)। मेडिकल शोध के अनुसार लौंग के औधषी गुण ट्यूमर को बढ़ने से रोकते हैं और कैंसर सेल्स को समाप्त करते हैं। लौंग एंटीऑक्सीडेंट का एक बड़ा स्रोत है, जो सूजन और कैंसर से हमारी रक्षा करता है। यहां जानिए किस प्रकार करें लौंग का उपाय –

  • लौंग का प्रयोग आप भोजन में कर सकते हैं।
  • एक कप गर्म पानी में एक चम्मच लौंग का चूर्ण डालकर सुबह और रात को पी सकते हैं।

नोट : कैंसर के लिए लौंग का इस्तेमाल का डॉक्टर की सलाह पर करें।

8. तनाव

तनाव ऐसी समस्या से है, जिससे विश्व की एक बड़ी आबादी ग्रसीत है। इसे पूर्ण रूप से समाप्त तो नहीं किया जा सकता, लेकिन इसे नियंत्रित जरूर किया जा सकता है। आपको जानकर हैरानी होगी कि लौंग का एक फायदा तनाव से मुक्ति भी (9) है। लौंग एक प्राकृतिक एंटीऑक्सिडेंट की तरह काम करता है, जिसका इस्तेमाल कर आप तनाव की समस्या से निजात पा सकते हैं। नीचे जानिए किस प्रकार करें लौंग का इस्तेमाल –

  • लौंग के तेल की कुंछ बूंदों से माथे की अच्छी तरह मसाज करें। लौंग की सुगंध आपके मस्तिष्क को शांत कर तनाव से मुक्त देगी।

9. सिरदर्द

सिरदर्द जैसी आम समस्याओं के लिए भी लौंग काफी फायदेमंद है। लौंग के एंटीऑक्सीडेंट, एंटीफंगल और एंटीवायरल गुण सिरदर्द की समस्या को खत्म करने का काम करते हैं। शोध में माना गया है कि सिरदर्द के मामले में लौंग पेरासिटामोल की तरह असरदार है (10)। यहां हम बता रहे हैं कि किस प्रकार करें लौंग का उपाय –

  • 4-5 लौंग को पीसकर साफ रूमाल में रखें और सूंघे। इसे थोड़ी-थोड़ी देर में सूंघते रहें।

10. टेस्टोस्टेरोन स्तर

बढ़ती उम्र और गंभीर शारीरिक बीमारियों (मधुमेह व गुर्दे संबंधी समस्या आदि) के कारण पुरुषों में टेस्टोस्टेरोन का स्तर घटने लगता है। टेस्टोस्टेरोन वो हार्मोन होते हैं, जो यौन शक्ति को बढ़ाने में मदद करते हैं। माना गया है कि लौंग के कामोत्तेजक तत्व पुरुष में टेस्टोस्टेरोन स्तर को बढ़ाने में मदद करते हैं। अगर आपको टेस्टोस्टेरोन संबंधी कुछ शिकायत है, तो आप डॉक्टर की सलाह पर लौंग का सेवन कर सकते हैं (11)। आप लौंग का सेवन इस प्रकार कर सकते हैं –

  • आप सुबह-शाम एक लौंग सीधे ले सकते हैं।
  • इसके अलावा, एक कप गर्म पानी में एक चम्मच लौंग का चूर्ण मिलाकर ले सकते हैं।

11. अस्थमा

Asthma Ke liye Laung Pinit

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अस्थमा या दमा एक जानलेवा बीमारी है, जो सीधे हमारी श्वास नली को प्रभावित करती है। इस बीमारी के अंतर्गत मरीज को सांस लेने में दिक्कत होती है और दौड़ने या ज्यादा चलने से सांस फूलने लगती है। माना गया है कि अस्थमा की समस्या को लौंग के जरिए बहुत हद तक कम किया जा सकता है। अस्थमा लगातार हो रहे सर्दी-जुकाम व साइनेस जैसी समस्या से भी हो सकता है। लौंग के एंटीफंगल, एंटीबैक्टीरियल और एंटी इंफ्लेमेटरी गुण अस्थमा के संक्रमणों को खत्म कर मरीज को राहत दिलाने का काम करते हैं। इस प्रकार अपनाएं लौंग का टोटका –

  • अस्थमा के लिए आप लौंग के तेल का इस्तेमाल कर सकते हैं।
  • आप लौंग के तेल की कुछ मात्रा लेकर अच्छी तरह छाती, गले और नाक के नजदीक वाले भाग पर मसाज करें।
  • आप लौंग को शहद के साथ भी ले सकते हैं। इसके लिए आपको 30 एमएल पानी में 6 लौंग को अच्छी तरह उबालना होगा। फिर इसे छान कर एक चम्मच पानी निकालकर आधे चम्मच शहद के साथ लें। यह प्रक्रिया आप दिन में तीन बार करें (12)।

नोट : अस्थमा के लिए लौंग का इस्तेमाल डॉक्टर की सलाह पर करें।

12. मतली (जी-मिचलाना)

फूड पाइजनिंग और अन्य पेट संबंधी परेशानियों की वजह से मतली (जी-मिचलाना) और उल्टी की समस्या जाती है। ये शारीरिक परेशानियां पाचन तंत्र की गड़बड़ी की तरह इशारा करती हैं। इस स्थिति में लौंग आपकी काफी मदद कर सकता है (2)। लौंग में एंटीफंगल, एंटीबैक्टीरियल और एंटीबायोटिक गुण मौजूद होते हैं। यहां जानिए, किस प्रकार करें लौंग का इस्तेमाल –

  • मतली की समस्या से निजात पाने के लिए आप लौंग की चाय बना सकते हैं।
  • लौंग की चाय बनाने के लिए आप एक कप पानी में 2 लौंग और चुटकी भर दालचीनी चूर्ण डाल दें और गर्म होने के लिए रख दें।
  • फिर पानी में उबाल आने पर आवश्यकतानुसार चीनी डालें।
  • अब इस गर्म पानी को एक कप में डालें और उसमें टी-बैग डालकर धीरे-धीरे पिएं।

13. जोड़ों का दर्द

उम्र बढ़ने के साथ-साथ कुछ शारीरिक समस्या बिना दस्तक दिए शरीर को जकड़ लेती हैं, जिनमें जोड़ों का दर्द भी शामिल है। लौंग में एंटीइंफ्लेमेटरी और एंटीसेप्टिक गुण पाए जाते हैं, जो इस समस्या से आपको निजात दिला सकते हैं (13)। यहां हम बता रहे हैं कि जोड़ों के दर्द के लिए लौंग किस प्रकार है फायदेमंद –

  • लौंग के तेल की कुछ बूंदों का इस्तेमाल कर आप जोड़ों की सुबह-शाम मालिश करें।

14. कान का दर्द

कान का दर्द एक आम समस्या है, जो बच्चों से लेकर बड़ों को प्रभावित कर सकता है। इस समस्या से निपटने के लिए आप लौंग के तेल का उपाय कर सकते हैं। नीचे जानिए किस प्रकार करें प्रयोग –

  • एक चम्मच लौंग और शीशम के तेल को हल्का गर्म कर लें (12)।
  • अब इस मिश्रित तेल की 4-5 बूंदों को कान में डालें।

15. मुंहासे

Acne Ke liye Laung Pinit

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युवा अवस्था में मुंहासों की समस्या आम है, जो सीधा आपके चेहरे की खूबसूरती को प्रभावित करती है। लौंग में एंटीबैक्टीरियल और एंटीफंगल गुण पाए जाते हैं, जो आपको इस समस्या से निजात दिला सकते हैं। यहां हम बता रहे हैं कि मुंहासों के लिए किस प्रकार लौंग का प्रयोग किया जा सकता है –

  • आधा चम्मच लौंग का तेल और आधा चम्मच तुलसी के तेल को आपस में मिलाकर मुंहासे की जगह पर लगाएं। यह प्रक्रिया आप रात को सोने से पहले करें।
  • ध्यान रहे, आप लौंग के तेल को सीधा चेहरे पर न लगाएं, क्योंकि यह आपके चेहरे की त्वता को जला भी सकता है (14)।

नोट : अगर आप किसी गंभीर शारीरिक समस्या से ग्रसित हैं, तो इन घरेलू उपायों को अपनाने से पहले डॉक्टर से परामर्श जरूर ले लें।

लौंग के पौष्टिक तत्व – Nutritional Value of Clove in Hindi

पोषक तत्वमात्राआरडीए का प्रतिशत
एनर्जी47 kcal2%
कार्बोहाइड्रेट10.51g8%
प्रोटीन3.27 g6%
कुल फैट0.15 g0.5%
कोलेस्ट्रॉल0mg0%
फाइबर आहार5.4 g14%
विटामिन
फोलाटेस68 µg17%
नियासिन1.046 mg6.5%
पैंटोथैनिक एसिड0.338 mg7%
पाइरीडॉक्सिन0.116 mg9%
राइबोफ्लेविन0.066 mg5%
थायमिन0.072 mg6%
विटामिन-ए13 IU0.5%
विटामिन-सी11.7 mg20%
विटामिन-ई0.1 9 mg1%
विटामिन-के14.8 μgμg 12%
इलेक्ट्रोलाइट्स
सोडियम94 mg6%
पोटैशियम370 mg8%
मिनरल्स
कैल्शियम44 mg4%
कॉपर0.231 mg27%
आयरन1.28 mg16%
मैग्नीशियम60 mg15%
मैंगनीज0.256 mg11%
फास्फोरस90 mg13%
सेलेनियम7.2 µg13%
जिंक2.32 mg21%
फाइटो पोषक तत्व
कैरोटीन-बी8 µg_
क्रिप्टोक्सैंथिन-बी0 µg_
ल्यूटिन – जीएक्सैंथिन464 µg_

लौंग के नुकसान – Side Effects of Clove in Hindi

अब तक आप समझ गए होंगे कि लौंग स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद है, लेकिन इसका अधिक सेवन कई परेशानियां भी खड़ी कर सकता है। अत्यधिक लौंग खाने से इन समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है :

  • गुर्दे और आंत संबंधी समस्या
  • रक्त का पतलापन
  • जलन
  • खुजली
  • एलर्जी
  • कामोत्तेजना पर नकारात्मक प्रभाव आदि

लौंग एक असरदार खाद्य पदार्थ है, जिसका इस्तेमाल कर आप शरीर की कई गंभीर समस्याओं से निजात पा सकते हैं। इस लेख में बताए गए लौंग खाने फायदों को अपनाकर आप एक स्वस्थ जिंदगी जी सकते हैं। आपको हमारा यह लेख कैसा लगा नीचे कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं और अपने अनुभव भी हमारे साथ शेयर करें।

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Nripendra Balmiki

नृपेंद्र बाल्मीकि एक युवा लेखक और पत्रकार हैं, जिन्होंने उत्तराखंड से पत्रकारिता एवं जनसंचार में स्नातकोत्तर (एमए) की डिग्री प्राप्त की है। नृपेंद्र विभिन्न विषयों पर लिखना पसंद करते हैं, खासकर स्वास्थ्य संबंधी विषयों पर इनकी पकड़ अच्छी है। नृपेंद्र एक कवि भी हैं और कई बड़े मंचों पर कविता पाठ कर चुके हैं। कविताओं के लिए इन्हें हैदराबाद के एक प्रतिष्ठित मीडिया संस्थान द्वारा सम्मानित भी किया जा चुका है।

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