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लैवेंडर तेल के 17 फायदे, उपयोग और नुकसान – Lavender Oil Benefits, Uses and Side Effects in Hindi

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लैवेंडर तेल के 17 फायदे, उपयोग और नुकसान – Lavender Oil Benefits, Uses and Side Effects in Hindi Hyderabd040-395603080 November 7, 2019

लैवेंडर के फूल से बनने वाले लैवेंडर ऑयल को गुणकारी माना गया है। लैवेंडर ऑयल एक खास एसेंशियल ऑयल है, जो थकान और स्ट्रेस के अलावा, कई शारीरिक समस्याओं से उबरने में मदद कर सकता है। स्टाइलक्रेज के इस लेख में हम लैवेंडर ऑयल के फायदे बता रहे हैं, लेकिन यहां यह जानना जरूरी है कि लेख में बताए गए लैवेंडर तेल के गुण सिर्फ विभिन्न समस्याओं के लक्षणों को कम करने में मदद कर सकते हैं। लेख में बताए गए उपाय मेडिकल ट्रीटमेंट नहीं हैं और बेहतर इलाज के लिए डॉक्टरी परामर्श जरूरी है। इस लेख में जानिए कि लैवेंडर का तेल क्या है और शरीर के लिए इसका इस्तेमाल किस प्रकार किया जा सकता है। साथ ही आप पढ़ेंगे कि लैवेंडर तेल के नुकसान क्या-क्या हो सकते हैं।

आइए, अब आपको बताते हैं कि लैवेंडर ऑयल कितने प्रकार के होते हैं।

लैवेंडर के प्रकार – Types of Lavender Oil in Hindi

वैसे तो इसकी 30 से ज्यादा प्रजातियां हैं, लेकिन इसे 4 खास प्रकार में बांटा जा सकता है, जिनके बारे में नीचे बताया गया है (1):

  • इंग्लिश लैवेंडर : यह पौधा ज्यादा ठंड में भी जीवित रह सकता है और इसकी खुशबू सबसे अच्छी होती है, लेकिन इस लैवेंडर से ऑयल सबसे कम निकलता है (2)।
  • फ्रेंच लैवेंडर : इसके पौधे अन्य लैवेंडर के मुकाबले आकार में कुछ बड़े होते हैं। इसकी पत्तियां हरे और ग्रे रंग की होती हैं। इनकी खुशबू सबसे तेज होती है (1)। लैवेंडर के इस प्रकार को ज्यादा ठंड की जरूरत नहीं होती। यह लगभग 10 डिग्री फारेनहाइट तापमान में भी उग जाता है (3)।
  • स्पाइक लैवेंडर : इस लैवेंडर के पौधे घास की तरह दिखते हैं (1)। ये मेडिटरेनियन क्षेत्र में पाए जाते हैं। इसके पौधे इंग्लिश लैवेंडर से छोटे होते हैं और इसकी ऊंचाई लगभग 200 से 700 मीटर होती है (4)।
  • लैवेंडिन : लैवेंडर का यह प्रकार इंग्लिश लैवेंडर और स्पाइक लैवेंडर का हाइब्रिड होता है। इसकी खेती खासकर उद्योग के लिए ही की जाती है, क्योंकि यह सबसे ज्यादा खूबसूरत होते हैं और सबसे ज्यादा तेल भी इन्ही में से निकलता है (3)।

लेख के अगले भाग में आप जानेंगे लैवेंडर तेल के फायदे के बारे में।

लैवेंडर तेल के फायदे – Benefits of Lavender Oil in Hindi

लैवेंडर तेल के फायदे की बात करें, तो यह एक ऐसा एसेंशियल ऑयल है, जिसके कई फायदे हैं। शरीर में सूजन व दर्द के साथ-साथ नींद न आने की समस्या और बाल झड़ने जैसी समस्याओं के लिए इस खास तेल का इस्तेमाल किया जा सकता है। इन सब के अलावा, लैवेंडर ऑयल आपको रिलैक्स करने में मदद कर सकता है और संक्रमण, कीड़े के काटने, बर्न और अकड़न से भी आराम दिला सकता है (1)। लैवेंडर तेल के फायदे के बारे में विस्तार से जानिए लेख के आने वाले भागों में।

अगले भाग में जानिए स्वास्थ्य के लिए लैवेंडर तेल के फायदे क्या हैं।

सेहत/स्वास्थ्य के लिए लैवेंडर तेल के फायदे – Health Benefits of Lavender Oil in Hindi

1. नींद न आना

बेहतर नींद के लिए लैवेंडर ऑयल का उपयोग अच्छा उपाय साबित हो सकता है। दरअसल, इस तेल की खुशबू दिमाग को शांत कर मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य को बेहतर करती है। इस प्रकार यह नींद को बढ़ावा देने में मदद कर सकता है। इसके लिए लैवेंडर ऑयल की अरोमाथेरेपी का उपयोग किया जा सकता है (1)।

2. चिंता और अवसाद (डिप्रेशन) के लिए लैवेंडर तेल के फायदे

लैवेंडर ऑयल में एंटी-एंग्जायटी और एंटी-डिप्रेसन्ट गुण पाए जाते हैं, जो चिंता और अवसाद के लक्षणों को कम कर सकते हैं। यह चिंता की वजह से होने वाली बचैनी और व्याकुलता को भी कम कर सकते हैं। लैवेंडर तेल में रोजमेरी और टी ट्री एसेंशियल ऑयल को मिलाकर मूड स्विंग और मनोवैज्ञानिक स्ट्रेस को कम किया जा सकता है। इसके लिए आप डिफ्यूजर में लैवेंडर ऑयल की कुछ बूंदें डालकर कमरे में रख सकते हैं (1)।

3. सिरदर्द के लिए लैवेंडर ऑयल

एक वैज्ञानिक शोध में पाया गया है कि लैवेंडर ऑयल की अरोमाथेरेपी माइग्रेन के सिरदर्द को कम करने में असरदार साबित हो सकती है। इस शोध के लिए माइग्रेन से पीड़ित 129 लोगों को लैवेंडर ऑयल की अरोमाथेरेपी दी गई और इनमें से 92 लोगों को फायदा मिला। अगर आप भी सिरदर्द से पीड़ित हैं, तो डिफ्यूजर में लैवेंडर तेल की कुछ बूंदें डालकर अरोमाथेरेपी ले सकते हैं (5)।

4. घाव भरने में करे मदद

लैवेंडर का तेल कोलेजन को बढ़ाने में मदद करता है, जिससे घावों को जल्दी भरने में मदद मिलती है। इसके साथ ही यह त्वचा की सूजन, लालपन और दर्द को भी कम करने में मदद करता है। ताजे घाव पर लैवेंडर ऑयल की कुछ मात्रा लगाने से आपको फायदा मिल सकता है। हालांकि, इसे लगाने की प्रक्रिया के बारे में एक बार डॉक्टर से बात अवश्य कर लें (6)।

5. जी मिचलाना कम करे

गर्भावस्था के दौरान जी मिचलाना या उल्टी जैसा लगना आम बात है। कई बार ऐसा सामान्य हालत में भी हो सकता है, जिसके कई कारण हो सकते हैं, जैसे खाने से एलर्जी, गैस या किसी दवाई का दुष्प्रभाव (7)। ऐसे में लैवेंडर ऑयल की अरोमाथेरेपी लेने से आराम मिल सकता है। शोध में पाया गया है कि यह रोज (गुलाब) एसेंशियल ऑयल की तुलना में बेहतर परिणाम देता है। इसके लिए आप लैवेंडर तेल की कुछ बूंदें डिफ्यूजर में डालकर कमरे में रख सकते हैं (8)।

6. ब्लोटिंग और अपच से आराम

पेट फूलने की समस्या को ब्लोटिंग कहा जाता है। इस दौरान आपको पेट भरा और फूला हुआ लगता है। ऐसा ज्यादा खाने की वजह से हो सकता है, लेकिन इसके कुछ अन्य कारण भी हो सकते हैं, जैसे – कब्ज, इर्रिटेबल बोउल सिंड्रोम (आंत से जुड़ा विकार) व स्ट्रेस आदि (9)। अगर आप भी इस समस्या से पीड़ित हैं, तो आप लैवेंडर तेल के फायदे ले सकते हैं।

लैवेंडर ऑयल मलप्रवाह को आसान बनाकर आपको ब्लोटिंग के कारण जैसे – कब्ज व इर्रिटेबल बोउल सिंड्रोम से आराम दिला सकता है (10)। इसके अलावा, यह खास तेल अपच में भी लाभदायक हो सकता है। दरअसल, तनाव के कारण भी अपच की समस्या हो सकती है (11), जबकि लैवेंडर ऑयल की अरोमाथेरेपी के जरिए तनाव को कम किया जा सकता है (12)।

7. प्राकृतिक परफ्यूम की तरह काम करे

लैवेंडर की मनमोहक खुशबू की वजह से इसका उपयोग परफ्यूम के रूप में किया जा सकता है (1)। परफ्यूम के रूप में इस्तेमाल करने से यह आपको महकता हुआ तो रखता ही है, साथ ही यह मूड भी ठीक करता है और आपको तरोताजा रखने में मदद कर सकता है।

आप चाहें तो इसकी कुछ बूंदें अपने बाथटब में भी डाल सकते हैं। परफ्यूम की तरह उपयोग करने से आपको लगातार इसकी खुशबू भी आती रहेगी, जिससे आपको लैवेंडर तेल के फायदे जैसे सिरदर्द से आराम भी मिल सकते हैं, जिसके बारे में हम आपको ऊपर बता चुके हैं (13)। आप चाहें तो लैवेंडर ऑयल की कुछ बूंदें अपनी कलाई और गले के आसपास लगा सकते हैं।

8. मांसपेशियों के लिए लाभदायक

अगर आप मांसपेशियों की अकड़न से पीड़ित हैं, तो उससे राहत पाने के लिए आप लैवेंडर ऑयल का उपयोग कर सकते हैं (14)। लैवेंडर के तेल के गुण मांसपेशियों को रिलैक्स करने में मदद कर सकते हैं। इसके साथ ही यह जोड़ों के दर्द से आराम दिलाने में भी मदद कर सकता है। इसके लिए आप लैवेंडर ऑयल की कुछ बूंदें प्रभावित जगह पर लगाकर उससे मसाज कर सकते हैं (15)।

स्वास्थ्य के लिए लैवेंडर तेल के फायदे बताने के बाद, आइए आपको बता दें कि यह त्वचा के लिए किस प्रकार फायदेमंद है।

त्वचा के लिए लैवेंडर तेल के फायदे – Skin Benefits of Lavender Oil in Hindi

त्वचा को स्वस्थ रखने के लिए कई तरह के एसेंशियल ऑयल का उपयोग किया जाता है और उन्हीं में एक नाम लैवेंडर ऑयल का भी है। नीचे जानिए त्वचा के लिए लैवेंडर तेल के फायदे।

1. मुंहासों को दूर करे

मुंहासों को दूर करने में भी लैवेंडर के फायदे देखे जा सकते हैं। दरअसल, यह एक कारगर एंटी एक्ने की तरह काम कर मुंहासों की समस्या से निजात दिला सकता है। नीचे जानिए कैसे कर सकते हैं, इसका इस्तेमाल – (16)

सामग्री :
  • दो से तीन बूंद लैवेंडर ऑयल
  • रूई
विधि :
  • रूई की मदद से लैवेंडर ऑयल को प्रभावित त्वचा पर लगाएं।
  • पूरी तरह आराम न आने तक इस प्रयोग को दिन में दो से तीन बार कर सकते हैं।

2. एक्जिमा से आराम

एक्जिमा ऐसी स्थिति होती है, जिसमें त्वचा रूखी व पपड़ीदार पड़ जाती है और उस पर रैशेज हो जाते हैं। इस दौरान त्वचा पर सूजन भी आ सकती है। इस समस्या को डर्मेटाइटिस भी कहा जाता है (17)। इस समस्या से आराम पाने के लिए लैवेंडर तेल का उपयोग किया जा सकता है। शोध में पाया गया है कि लैवेंडर ऑयल का उपयोग डर्मेटाइटिस के लक्षणों को कम करने में मदद कर सकता है (18) (16)।

सामग्री :
  • दो चम्मच नारियल का तेल
  • दो बूंद लैवेंडर ऑयल
  • दो बूंद टी ट्री ऑयल
विधि :
  • एक बाउल में सारी सामग्री को मिला लें।
  • इससे प्रभावित क्षेत्र पर लगाकर मसाज करें।

नोट : कुछ मामलों में लैवेंडर तेल के उपयोग से एक्जिमा की स्थिति बिगड़ती हुई देखी गई है। इसलिए, एक्जिमा के लिए इसका उपयोग करने से पहले एक बार डॉक्टर से परामर्श अवश्य कर लें (19)।

3. कीड़े काटने के घाव को भरे

शोध में पाया गया है कि कीड़े काटने के घावों को भरने के लिए लैवेंडर ऑयल का उपयोग किया जा सकता है। यह घावों को ठीक करता है और उन्हें जल्दी भरने में मदद करता है (1)। लैवेंडर तेल को अच्छा कीटरोधक भी माना जाता है। इसकी मदद से मच्छर, मक्खी और अन्य कीड़े शरीर से दूर रहते हैं (20)।

सामग्री :
  • दो से तीन बूंद लैवेंडर तेल
  • रूई
विधि :
  • रूई की मदद से लैवेंडर ऑयल को प्रभावित त्वचा पर लगाएं।
  • पूरी तरह आराम न आने तक इस प्रयोग को दिन में दो से तीन बार किया जा सकता है।

4. प्राकृतिक टोनर

लैवेंडर के तेल में सूदिंग इफेक्ट्स होते हैं, जो त्वचा को आराम पहुंचाने में मदद करते हैं। साथ ही इसमें एंटीसेप्टिक गुण होते हैं, जो त्वचा को साफ रखने में मदद कर सकते हैं (21)। इसके इन गुणों की वजह से इसका उपयोग टोनर के रूप में किया जा सकता है।

सामग्री :
  • दो बूंद लैवेंडर ऑयल
  • एक छोटा चम्मच विच हेजल
  • रूई
विधि :
  • एक बाउल लैवेंडर तेल और विच हेजल को अच्छी तरह मिला लें।
  • चेहरे को क्लीनजर की मदद से साफ कर लें।
  • चेहरे को साफ करने के बाद रूई की मदद से टोनर को चेहरे पर लगाएं।
  • अंत में चेहरे को साफ पानी से धो लें और मॉइस्चराइजर लगा लें।

5. शरीर को डिटॉक्स करे

शरीर को डिटॉक्स करने के लिए आप लैंवेडर ऑयल का इस्तेमाल कर सकते हैं। लैंवेडर में मौजूद एंटीबैक्टीरियल गुण त्वचा को साफ करने में मदद कर सकते हैं। इसके अलावा, यह तेल मांसपेशियों को रिलैक्स करता है और इसके एंटीडिप्रेसेंट गुण दिमाग को शांत करने में मदद करते हैं (22)।

सामग्री :
  • मुट्ठी भर एप्सम सॉल्ट
  • आधा कप बेकिंग सोडा
  • 10 बूंदें लैवेंडर ऑयल
विधि :
  • अपने बाथटब को गुनगुने पानी से भर लें।
  • पूरा भर जाने के बाथटब में सारी सामग्रियों को डाल दें और अच्छी तरह मिला दें।
  • जब सभी सामग्रियां अच्छी तरह से घुल जाए, तो लगभग 15-20 मिनट तक स्नान करें। स्नान करते वक्त कुछ देर शरीर को पानी में डूबाकर भी रखें।
  • अंत में में साफ पानी से शॉवर लें।

लैवेंडर तेल के फायदे में आखिरी भाग में जानिए बालों के लिए लैवेंडर तेल के फायदे।

बालों के लिए लैवेंडर तेल के फायदे – Hair Benefits of Lavender Oil in Hindi

एसेंशियल ऑयल का उपयोग सेहत और त्वचा के साथ-साथ बालों के लिए भी किया जा सकता है। बालों के लिए लैवेंडर तेल के फायदे के बारे में लेख के इस भाग में जानिए।

1. एलोपेसिया के ट्रीटमेंट के लिए

एलोपेसिया एक तरह का रोग है, जिसमें बाल पैच के रूप में झड़ने लगते हैं और गंजापन होने लगता है। इसमें बाल एक पैटर्न में झड़ते हैं, जिसके वजह से स्कैल्प दिखने लगता है (23)। इस समस्या से आराम पाने के लिए लैवेंडर एसेंशियल ऑयल का उपयोग किया जा सकता है। शोध में पाया गया है कि एलोपेसिया के उपचार के लिए जोजोबा या ग्रेपसीड तेल के साथ-साथ लैवेंडर ऑयल को मिलाकर इस्तेमाल में लाया जा सकता है (24)।

2. बालों का झड़ना कम करे

हमारे पूरे जीवन में बालों के बढ़ने के तीन चरण होते हैं। एनागेन (बाल बढ़ते हैं), टेलोजन (बाल झड़ते हैं) और केटागन (एनागेन और टेलोजन के बीच का चरण)। बालों में लैवेंडर तेल से मसाज करने से केटागन चरण को आने से रोका जा सकता है और एनागेन चरण को लंबे समय बनाए रखने में मदद मिल सकती है। इस प्रकार यह आपके बालों को झड़ने से रोक सकता है और उन्हें बढ़ने में मदद कर सकता है (25)।

3. रूसी और जुओं को हटाए

जुएं एक तरह की पैरासाइट होती हैं, जो स्कैल्प में पनपती हैं और वहीं अंडे देती हैं, जिससे इनकी संख्या बढ़ती जाती है। बालों में जुएं होने से बालों में खुजली होती है और यह आगे चल कर संक्रमण में बदल सकता है (26)। लैवेंडर ऑयल में एंटीसेप्टिक और एंटी माइक्रोबियल गुण होते हैं, जो जुओं और उनके अंडों को खत्म करने में मदद करते हैं। इसके साथ ही लैवेंडर तेल के फायदे आपको रूसी को खत्म करने में भी मिल सकते हैं (21)।

ऊपर बताई गई तीनों समस्याओं के लिए आप नीचे बताए गए तरीकों से लैवेंडर तेल को उपयोग कर सकते हैं।

सामग्री :
  • तीन से चार बूंद लैवेंडर ऑयल
  • दो से तीन चम्मच जैतून का तेल
विधि :
  • एक बाउल में जैतून का तेल लें और लैवेंडर ऑयल को डालकर मिक्स कर लें।
  • इस तेल से अपने स्कैल्प की लगभग 20 मिनट तक मसाज करें।
  • 20 मिनट तक मसाज करने के बाद तेल को लगभग 10 मिनट और बालों में लगा रहने दें।
  • अंत में बालों को शैम्पू करके धो लें।

4. प्राकृतिक कंडीशनर के रूप में काम करे

कंडीशनर का काम होता है बालों की चमक बढ़ाना, उलझे बालों को सुलझाना और उनमें नमी व खूबसूरती बनाए रखना। इसके लिए कुछ प्रकार के तेल का भी उपयोग किया जा सकता है (27)। ऐसा ही एक तेल है लैवेंडर ऑयल। यह बालों को चमकदार बनाए रखता है (28)। कंडीशनर के रूप में यह कितना प्रभावशाली होगा, इस पर ज्यादा शोध उपलब्ध नहीं हैं।

सामग्री :
  • एक कप पानी
  • तीन से चार बूंद लैवेंडर ऑयल
विधि :
  • एक कप पानी में लैवेंडर ऑयल की कुछ बूंदें मिला लें।
  • शैम्पू करने के बाद इस पानी से अपने बालों को धोएं।
  • लगभग 15 मिनट तक इस पानी को बालों में रहने दें और फिर साफ पानी से बाल धो लें।

अब आप जान चुके हैं कि लैवेंडर तेल क्या है और इसके फायदे क्या हैं। लेख के अगले भाग में जानिए कि आप लैवेंडर के तेल का उपयोग किस प्रकार कर सकते हैं।

लैवेंडर तेल का उपयोग – How to Use Lavender Oil in Hindi

नीचे बताए गए तरीकों से आप लैवेंडर ऑयल का उपयोग अपने शरीर और स्वास्थ्य के लिए कर सकते हैं।

  1. अरोमाथेरेपी : अरोमाथेरेपी के लिए लैवेंडर ऑयल की तीन से चार बूंदें डिफ्यूजर में डाल कर कमरे में रख सकते हैं। अगर आप किसी खास समस्या जैसे सिरदर्द या स्ट्रेस के लिए अरोमाथेरेपी ले रहे हैं, तो पहले किसी विशेषज्ञ से परामर्श जरूर लें।
  2. मसाज : आप चाहें तो नारियल, जैतून या किसी अन्य मसाज के लिए उपयोग होने वाले तेल में लैवेंडर तेल की तीन से पांच बूंदें डालकर उससे अपने शरीर या स्कैल्प की मसाज कर सकते हैं। इस प्रक्रिया को हफ्ते में दो बार दोहराया जा सकता है।
  3. फेस मास्क : आप अपने फेस मास्क या फेस पैक में लैवेंडर ऑयल की दो से तीन बूंदें मिला सकते हैं। इस प्रयोग को हफ्ते में दो बार दोहराया जा सकता है। अगर आप किसी खास समस्या जैसे मुंहासों या डर्मेटाइटिस के लिए लैवेंडर ऑयल का उपयोग कर रहे हैं, तो उपयोग से पहले एक बार डॉक्टर से परामर्श अवश्य कर लें।

लेख के अगले भाग में जानिए लैवेंडर तेल के नुकसान के बारे में।

लैवेंडर तेल के नुकसान – Side Effects of Lavender Oil in Hindi

लैवेंडर ऑयल के लगभग सभी फायदों के बारे में आप जान चुके हैं, लेकिन उसके साथ लैवेंडर तेल के नुकसान के बारे में जानना भी जरूरी है, जो कुछ प्रकार हो सकते हैं (1)।

  • लैवेंडर तेल का लम्बे समय तक उपयोग करने से हार्मोनल असंतुलन हो सकता है। इस वजह से कुछ लड़कों में ज्ञ्नेकोमास्टिया (Gynecomastia) की समस्या देखी गई है। इसमें पुरुषों की छाती का आकार सामान्य से अधिक हो जाता है और देखने में खराब लगता है।
  • लैवेंडर का तेल शरीर में एस्ट्रोजन (मादा हॉर्मोन) का प्रभाव बढ़ाकर एण्ड्रोजन (नर हॉर्मोन) के प्रभाव को कम करता है। इस वजह से पुरुषों में भी महिलाओं के लक्षण दिख सकते हैं, जैसे हमने ऊपर वाले पॉइंट में बताया (29)।
  • जिन लोगों को लैवेंडर से एलर्जी है, उन्हें इस तेल का उपयोग करने से बचना चाहिए।
  • लैवेंडर तेल के नुकसान इसका सेवन करने से भी हो सकते हैं। इसका सेवन करने से मलती, उल्टी और पाचन क्रिया से जुड़ी अन्य समस्या का सामना करना पड़ सकता है।
  • गर्भवती और स्तनपान करवाने वाली महिलाओं को लैवेंडर तेल का सेवन न करने की सलाह दी जाती है। किसी अन्य तरीके से इसका उपयोग करने से पहले भी एक बार डॉक्टर से परामर्श करना अच्छा विचार हो सकता है।

अब आप यह अच्छी तरह समझ गए होंगे कि लैवेंडर तेल कई समस्याओं के कुछ लक्षणों को कम करने में रामबाण के रूप में काम कर सकता है। इतना ही नहीं, इसके प्रयोग से आप विभिन्न बीमारियों से बचे भी रह सकते हैं। साथ ही लैवेंडर तेल के नुकसान से घबराने की जरूरत नहीं है। सही मात्रा और सही परामर्श से इसका उपयोग करने पर आप पूरी तरह सुरक्षित रहेंगे। लैवेंडर तेल के फायदे उठाने के लिए आप डॉक्टर की सलाह पर आज से ही इसे अपनी दिनचर्या में शामिल कर सकते हैं। नीचे कमेंट बॉक्स में लिख कर हमें बताना न भूलें कि इसका उपयोग आपके लिए कितना फायदेमंद रहा। साथ ही, अगर आपके मन में इस लेख से जुड़ा कोई सवाल है, तो आप वो भी हमसे पूछ सकते हैं।

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Soumya Vyas

सौम्या व्यास ने माखनलाल चतुर्वेदी विश्वविद्यालय, भोपाल से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में बीएससी किया है और इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ जर्नलिज्म एंड न्यू मीडिया, बेंगलुरु से टेलीविजन मीडिया में पीजी किया है। सौम्या एक प्रशिक्षित डांसर हैं। साथ ही इन्हें कविताएं लिखने का भी शौक है। इनके सबसे पसंदीदा कवि फैज़ अहमद फैज़, गुलज़ार और रूमी हैं। साथ ही ये हैरी पॉटर की भी बड़ी प्रशंसक हैं। अपने खाली समय में सौम्या पढ़ना और फिल्मे देखना पसंद करती हैं।

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