लेमन ग्रास तेल के फायदे, उपयोग और नुकसान – Lemongrass Oil Benefits and Side Effects in Hindi

by

लेमनग्रास यानी एक ऐसी घास, जिसकी खुशबू नींबू जैसी होती है। कुछ लोग इसे आम घास समझने की गलती कर देते हैं, लेकिन लेमनग्रास और इससे बनने वाले तेल से सेहत को कई तरह के फायदे मिल सकते हैं। स्टाइलक्रेज के इस आर्टिकल में हम खासतौर से लेमनग्रास तेल के फायदे के बारे में बता रहे हैं। यहां लेमनग्रास ऑयल बनाने की विधि और इसके उपयोग का तरीका भी बताया गया है। सावधानी के तौर पर अधिक मात्रा में इसका इस्तेमाल करने से होने वाले लेमनग्रास तेल के नुकसान पर भी हम प्रकाश डालेंगे।

स्क्रॉल करें 

चलिए, सीधे जानते हैं कि लेमनग्रास तेल के फायदे क्या होते हैं।

लेमन ग्रास तेल के फायदे – Benefits of Lemongrass Oil in Hindi

लेमन ग्रास तेल में कई औषधीय गुण होते हैं, जिसकी वजह से यह सेहत के लिए फायदेमंद होता है। हम यहां स्पष्ट कर दें कि लेमनग्रास ऑयल किसी बीमारी का इलाज नहीं है, बल्कि उससे बचाव का एक तरीका हो सकता है। बस, तो बिन देर किए जानते हैं सेहत के लिए लेमन ग्रास ऑयल के फायदों के बारे में।

1. कोलेस्ट्रोल को नियंत्रित करने के लिए 

अगर कोई रक्त में कोलेस्ट्रोल के बढ़ते स्तर से परेशान हैं, तो लेमनग्रास ऑयल का उपयोग फायदेमंद साबित हो सकता है। इस विषय पर चूहों पर हुए शोध में पाया गया है कि लेमन ग्रास तेल में कोलेस्ट्रोल को कम करने वाला प्रभाव होता है। फिलहाल, यह स्पष्ट नहीं है कि कौन से तत्व के कारण लेमन ग्रास ऑयल यह प्रभाव प्रदर्शित करता है (1)

2. पाचन में सुधार के लिए 

लेमन ग्रास तेल स्वास्थ्य के लिए कई प्रकार से फायदेमंद हो सकता है। एनसीबीआई (National Center for Biotechnology Information) की वेबसाइट पर प्रकाशित शोध में पाया गया कि लेमन ग्रास तेल पाचन में सहायक हो सकता है (2)। अन्य स्टडी के मुताबिक, लेमन ग्रास ऑयल का सेवन करने से पाचन बेहतर होने के साथ ही कब्ज की परेशानी भी दूर हो सकती है (3)। इसमें मौजूद कौन-सा गुण पाचन में मदद करता है, इसके लेकर अधिक शोध की आवश्यकता है।

3. कैंसर से बचाव में 

कैंसर से बचाव में भी लेमनग्रास तेल मदद कर सकता है। एक रिसर्च के अनुसार, लेमन ग्रास ऑयल में सिट्रल कंपाउंड और कीमोथेरेप्यूटिक एजेंट होते हैं। इनकी मदद से फेफड़ों के शुरुआती चरण के कैंसर के बढ़ने की गति को धीमा किया जा सकता है (4)। ध्यान रहे कि कैंसर का उपचार लेमनग्रास ऑयल नहीं हो सकता है। यह महज बचाव का एक तरीका है। कैंसर के इलाज के लिए डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी है।

4. गठिया के इलाज में 

गठिया की समस्या होने पर जोड़ों में दर्द और सूजन की शिकायत होती है। इस परेशानी को कम करने के लिए लेमन ग्रास तेल का उपयोग किया जा सकता है। इस तेल में एंटीइंफ्लेमेटरी प्रभाव होता है, जो गठिया के कारण होने वाली सूजन और दर्द से राहत देने में मदद कर सकता है (5)। इस तेल की अरोमाथेरेपी और मालिश दोनों से गठिया के लक्षणों को ठीक किया जा सकता है (6)

5. नर्वस सिस्टम स्वास्थ्य के लिए 

लेमन ग्रास एसेंशियल ऑयल से तंत्रिका तंत्र यानी नर्वस सिस्टम को स्वस्थ रखने में मदद मिल सकती है। इसमें नेर्विन (Nervine) यानी नसों को शांत करने वाला प्रभाव होता है। यह तेल नर्वस सिस्टम के लिए टॉनिक की तरह काम कर सकता है (7)

साथ ही यह दिमाग के कार्य को प्रेरित करके बेहोशी, घबराहट, चक्कर आना, अल्जाइमर (भूलने की बीमारी) और पार्किंसंस रोग (शारीरिक संतुलन बनाने में समस्या) जैसे तंत्रिका विकार से बचाव में भी इसे सहायक माना गया है। यह तेल तंत्रिका को शांत करके चिंता और तनाव के कारण होने वाली थकान को भी दूर कर सकता है (7)

6. सिरदर्द से राहत दिलाता है 

लेमन ग्रास तेल का उपयोग सिरदर्द की समस्या को दूर करने के लिए भी किया जा सकता है। एनसीबीआई की वेबसाइट पर प्रकाशित एक भारतीय अध्ययन के अनुसार, लेमन ग्रास एसेंशियल ऑयल का उपयोग सिरदर्द के घरेलू इलाज के रूप में सालों से किया जा रहा है (8)। दरअसल, लेमन ग्रास में एनाल्जेसिक यानी दर्द निवारक गुण होता है। यह गुण सिरदर्द से राहत दिला सकता है (7)

7. बॉडी को डिटॉक्सीफाई करता है 

लेमन ग्रास ऑयल में ड्यूरेटिक यानी मूत्रवर्धक गुण होता है। यह प्रभाव हानिकारक विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालकर शरीर को साफ करने में मदद कर सकता है। डिटॉक्सिफिकेशन से शरीर के विभिन्न अंग जैसे किडनी और लिवर बेहतर तरीके से काम करते हैं। साथ ही यह यूरिक एसिड के स्तर को कम करने में मदद कर सकता है। साथ ही इससे पाचन स्वास्थ्य बेहतर रहता है (7)

8. प्राकृतिक डिओडोराइजर 

लेमन ग्रास का उपयोग प्राकृतिक डिओडोराइजर यानी शरीर की दुर्गंध दूर करने वाले पदार्थ की तरह किया जा सकता है। एक स्टडी में पाया गया है कि लेमन ग्रास ऑयल में क्लिंजिंग और एंटी बैक्टीरियल गुण होते हैं। ये गुण दुर्गंध पैदा करने वाले बैक्टीरिया को खत्म करके शरीर को साफ रख सकते हैं। साथ ही इसमें नींबू जैसी खुशबू भी होती है, जो शरीर को तरोताजा एहसास दे सकता है। इसका इस्तेमाल पैरों की दुर्गंध को दूर करने के लिए भी किया जा सकता है (7)

9. मांसपेशियों को रिलैक्स करने में सहायक 

एक शोध के मुताबिक, लेमन ग्रास ऑयल में एंटीस्पास्मोडिक गुण यानी मांशपेशियों की ऐंठन को कम करने वाला गुण होता है (2)। इस ऑयल को प्रभावित हिस्से पर लगाकर आराम मिल सकता है। एक अन्य रिसर्च के अनुसार, इसमें मौजूद एनाल्जेसिक गुण भी मांसपेशियों के दर्द से राहत दिला सकता है (7)

10. प्रतिरक्षा को बढ़ावा 

कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली के कारण बीमारियां आसानी से व्यक्ति को घेर लेती हैं। ऐसे में लेमन ग्रास ऑयल मदद कर सकता है। एक शोध के अनुसार, यह तेल शरीर के लिए टॉनिक की तरह कार्य करता है। यह शरीर में पोषक तत्वों के अवशोषण में मदद करके इम्यून सिस्टम को मजबूत बना सकता है। रिसर्च में बताया गया है कि लेमन ग्रास ऑयल से श्वसन प्रणाली, पाचन तंत्र, तंत्रिका तंत्र और शरीर की अन्य कार्य प्रणालियों को बेहतर किया जा सकता है (7)

11. नींद के लिए 

अनिद्रा की समस्या से छुटकारा पाने के लिए भी लेमनग्रास ऑयल का उपयोग किया जा सकता है। शोध में पाया गया है कि लेमनग्रास ऑयल में एंग्जियोलाइटिक (Anxiolytic) प्रभाव होता है। यह तनाव को कम करके मूड काे ठीक करने और नींद की गुणवत्ता को सुधारने में मददगार हो सकता है (8)

12. वैरिकाज नसों की समस्या के लिए 

वैरिकाज नसों की सूजन को कहा जाता है। आमतौर पर वैरिकाज नसें पैरों में होती हैं, लेकिन शरीर के अन्य हिस्सों में भी ये हो सकती हैं। बवासीर भी एक प्रकार की वैरिकाज नस ही है (9)। इससे राहत पाने के लिए लेमन ग्रास ऑयल की मदद ली जा सकती है। एक अध्ययन में पाया गया है कि लेमन ग्रास ऑयल में एंटीइंफ्लेमेटरी गुण होता है। माना जाता है कि इस प्रभाव की वजह से यह तेल नसों की सूजन को भी कम कर सकता है (10)

13. नेल फंगस का इलाज करता है 

नेल फंगस को ठीक करने के लिए भी लेमनग्रास ऑयल उपयोगी है। लेमनग्रास ऑयल में मौजूद एंटीफंगल गुण नाखून के फंगल का घरेलू इलाज करने में मदद कर सकता है (11)। इसके अलावा, लेमनग्रास ऑयल में फंगीसीडल प्रभाव भी होता है। इससे एथलीट फुट यानी पैर के इंफेक्शन से राहत मिल सकती है। बताया जाता है कि इस तेल से बाहरी व आंतरिक दोनों प्रकार के फंगल इंफेक्शन ठीक हो सकते हैं (7)

14. त्वचा की समस्या के लिए 

लेमन ग्रास ऑयल में एंटीइंफ्लेमेटरी गुण होता है, जो स्किन रेश और लाल पैच को कम कर सकता है (12)। इसके अलावा, लेमन ग्रास ऑयल में एस्ट्रिंजेंट और टोनिंग प्रभाव होते हैं, जो ढीली व लटकी हुई त्वचा में कसावट लाने में मदद कर सकते हैं। शोध में आगे इस बात का भी जिक्र है कि इसमें सूदिंग गुण होता है, जो त्वचा की सूजन और खुजली की समस्या को कम करने में मददगार हाे सकता है (7)

15. बालों के लिए 

सेहत और त्वचा के साथ ही लेमन ग्रास का उपयोग बालों के लिए भी किया जा सकता है। शोध में पाया गया है कि लेमन ग्रास ऑयल में एंटीडैंड्रफ गुण होता है। इससे डैंड्रफ की समस्या और इसके कारण होने वाली खुजली से छुटकारा मिल सकता है (13)। जब बालों में रूसी होती है, तो एलोपेशिया यानी गंजेपन की समस्या का जोखिम बढ़ सकता है (14)। ऐसे में डैंड्रफ की समस्या को दूर करके लेमन ग्रास ऑयल बालों को झड़ने से भी रोक सकता है।

लेख में बने रहें

लेमन ग्राम ऑयल के फायदे के बाद अब इसका उपयोग कैसे करना है, यह जान लेते हैं।

लेमन ग्रास तेल का उपयोग – How to Use Lemongrass Oil in Hindi

लेमन ग्रास तेल का उपयोग कई प्रकार से किया जा सकता है। चलिए, नीचे इसके बारे में जान लेते हैं (2)

  • लेमन ग्राम ऑयल का उपयोग सिरदर्द को दूर करने के लिए बाम की जगह किया जा सकता है।
  • इस तेल से मांशपेशियों की मालिश की जा सकती है।
  • रूई में इस तेल की दो-तीन बूंदें डालकर सूंघ सकते हैं।
  • गर्म पानी में इस तेल की बूंदें डालकर भाप ले सकते हैं।
  • लेमन एसेंशियल ऑयल में नारियल का तेल मिलाकर बालों में लगा सकते हैं।
  • स्किन पर लगाने के लिए भी इसका इस्तेमाल किया जा सकता है।

मात्रा: लेमनग्रास तेल का सेवन कितनी मात्रा में किया जाना चाहिए, इस विषय पर कोई सटीक शोध उपलब्ध नहीं है। हां, कुछ रिसर्च पेपर में इसका त्वचा पर उपयोग और कम मात्रा में सेवन का जिक्र जरूर मिलता है (3)। इसी वजह से अगर कोई इसका सेवन करना चाह रहा है, तो ऐसा डॉक्टर की सलाह पर ही करें।

आगे जानें कुछ खास

अब जानते हैं कि लेमनग्रास ऑयल तैयार कैसे किया जाता है।

लेमन ग्रास तेल बनाने की विधि – How to Make Lemongrass Oil in Hindi 

घर में लेमनग्रास ऑयल को आसानी से बनाया जा सकता। बस जरूरत है कुछ आसान स्टेप्स को फॉलो करने की, जो हम नीचे बता रहे हैं:

सामग्री:

  • लेमन ग्रास के 5 से 8 डंठल
  • 100ml जैतून का तेल (बेस ऑयल)

विधि:

  • सबसे पहले लेमन ग्रास डंठल को धोकर बारीक काट लें।
  • अब इसे अच्छे से ग्राइंड करें।
  • इसके बाद एक जार में जैतून का तेल डालें और उसमें ग्राइंड किया हुआ लेमनग्रास डाल दें।
  • इसे कम से कम दो से तीन दिन तक तेज धूप में रखें।
  • जब जैतून के तेल से लेमन ग्रास की खुशबू आने लगे, तो इसे छानकर एक कांच के जार में डाल लें।
  • बस तैयार है आपका लेमन ग्रास ऑयल है।

बने रहें हमारे साथ 

आगे जानिए कि लेमनग्रास ऑयल को सुरक्षित कैसे रख सकते हैं।

लेमन ग्रास तेल को लंबे समय तक सुरक्षित कैसे रखें – How to Store Lemongrass Oil in Hindi 

  • लेमनग्रास ऑयल को लंबे समय तक सुरक्षित रखने के लिए इसे एक एयरटाइट कंटेनर में डालकर रखें।
  • सूरज की सीधी रोशनी से इस तेल के जार को दूर रखें।
  • तेल को प्लास्टिक की जगह कांच के जार में रखा जाए, तो बेहतर होगा।
  • लेमन ग्रास ऑयल को ठंडी जगह पर रखें।

चलिए, अब जानते हैं कि लेमन ग्रास ऑयल को कहां से खरीद सकते हैं।

लेमन ग्रास तेल कहां से खरीदें?

लेमन ग्रास ऑयल को किसी भी सुपर मार्केट से खरीदा जा सकता है। इसके अलावा, यह ऑनलाइन शॉपिंग वेबसाइट से भी आसानी से मिल जाता है।

अंत तक पढ़ें लेख

लेख के अगले हिस्से में हम लेमन ग्रास ऑयल के नुकसान के बारे में बता रहे हैं। 

लेमन ग्रास तेल के नुकसान – Side Effects of Lemongrass Oil in Hindi

भले ही लेमन ग्रास तेल के नुकसान अधिक नहीं हैं, लेकिन सावधानी के तौर पर इन्हें जानना जरूरी है। इसी वजह से नीचे हम लेमनग्रास तेल से होने वाले नुकसान के बारे में बता रहे हैं।

  • संंवेदनशीलन त्वचा वालों को इसका उपयोग करने से एलर्जी हो सकती है।
  • लो शुगर वालों के लिए इसका एंटीडायबिटिक गुण नुकसानदायक हो सकता है (15)
  • हम ऊपर बता ही चुके हैं कि लेमन ग्रास ऑयल में मूत्रवर्धक गुण होता है, जिसके कारण बार-बार पेशाब आ सकता है।

लेमनग्रास तेल के फायदे के बारे में जितनी बात की जाए उतनी कम है। इस तेल की मनमोहक खुशबू टेंशन को दूर करती है और इसके प्राकृतिक गुण स्वास्थ्य संबंधी परेशानी से बचाव करने में मदद कर सकते हैं। ऐसे में अगर इस तेल को ‘सर्वगुण सम्पन्न’ कहा जाए, तो शायद गलत नहीं होगा। जी हां, लेमनग्रास ऑयल का उपयोग अच्छी सेहत के साथ ही त्वचा और बालों के लिए भी किया जा सकता है। बस किसी भी गंभीर बीमारी में इस तेल के भरोसे न रहें, बल्कि डॉक्टर से संपर्क करके इलाज करवाएं।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

लेमनग्रास ऑयल और लेमन ऑयल में क्या अंतर है?

लेमनग्रास ऑयल को लेमनग्रास की डंठल से बनाया जाता है, जबकि लेमन ऑयल को नींबू के छिलकों से बनाया जाता है।

क्या लेमनग्रास तेल खाने योग्य है?

हां, लेमनग्रास तेल की कुछ बूंदों का सेवन किया जा सकता है (3)

क्या लेमनग्रास एसेंशियल ऑयल शिशु के लिए सुरक्षित है?

नहीं, शिशु को मां के दूध के अलावा कुछ नहीं देना चाहिए।

क्या लेमनग्रास ऑयल थायराइड में फायदेमंद होता है?

इस विषय में कोई भी शोध उपलब्ध नहीं है। इसी वजह से थायराइड के लिए लेमन ग्रास ऑयल का उपयोग करने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें।

15 संदर्भ (Sources):

Stylecraze has strict sourcing guidelines and relies on peer-reviewed studies, academic research institutions, and medical associations. We avoid using tertiary references. You can learn more about how we ensure our content is accurate and current by reading our editorial policy.
Was this article helpful?
The following two tabs change content below.

Saral Jain

सरल जैन ने श्री रामानन्दाचार्य संस्कृत विश्वविद्यालय, राजस्थान से संस्कृत और जैन दर्शन में बीए और डॉ. सी. वी. रमन विश्वविद्यालय, छत्तीसगढ़ से पत्रकारिता में बीए किया है। सरल को इलेक्ट्रानिक मीडिया का लगभग 8 वर्षों का एवं प्रिंट मीडिया का एक साल का अनुभव है। इन्होंने 3 साल तक टीवी चैनल के कई कार्यक्रमों में एंकर की भूमिका भी निभाई है। इन्हें फोटोग्राफी, वीडियोग्राफी, एडवंचर व वाइल्ड लाइफ शूट, कैंपिंग व घूमना पसंद है। सरल जैन संस्कृत, हिंदी, अंग्रेजी, गुजराती, मराठी व कन्नड़ भाषाओं के जानकार हैं।

ताज़े आलेख

scorecardresearch