लीवर सिरोसिस के कारण, लक्षण और घरेलू उपाय – Liver Cirrhosis Home Remedies in Hindi

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लीवर शरीर का सबसे बड़ा और एक महत्वपूर्ण अंग है। यह न सिर्फ खाना पचाने, बल्कि उर्जा को संचित करने और शरीर से विषाक्त पदार्थों को निकालने में भी मदद करता है (1)। शरीर की कार्यप्रणाली को सही तरीके से चलाने में इसकी अहम भूमिका होती है, लेकिन कभी-कभी खान-पान संबंधी गड़बड़ी और अन्य स्वास्थ्य संबंधी लापरवाही लीवर से जुड़ी गंभीर बीमारियों का कारण बन जाती हैं। इनमें एक नाम लीवर सिरोसिस का भी है। आइये, स्टाइलक्रेज के इस लेख के माध्यम से जानते हैं कि लीवर सिरोसिस क्या है और लीवर सिरोसिस के कारण क्या-क्या हो सकते हैं।

इस लेख में लीवर सिरोसिस का इलाज किस प्रकार किया जा सकता है, इस संबंध में भी जानकारी दी गई है। लेख में कुछ लीवर सिरोसिस के लिए घरेलू उपाय भी बताए गए हैं, जो इसके लक्षणों के प्रभाव को कुछ हद तक कम करने में मददगार साबित हो सकते हैं।

सबसे पहले जरूरी है लीवर सिरोसिस के बारे में पूरी जानकारी हासिल करना। लेख में सबसे पहले जानिए लीवर सिरोसिस के बारे में।

लीवर सिरोसिस क्या है – What is Liver Cirrhosis in Hindi

लीवर सिरोसिस, धीरे-धीरे बढ़ने वाला एक गंभीर रोग है, जो लीवर के टिश्यू को बुरी तरह प्रभावित करता है और लीवर की कार्यप्रणाली को बाधित करता है। इसे क्रानिक लीवर डिजीज का अंतिम चरण माना जाता है। इस स्थिति में लीवर के टिश्यू जख्मी हो जाते हैं और सामान्य रूप से काम करना बंद कर देते हैं। ये जख्मी टिश्यू (Scar Tissue) वो सारे काम नहीं कर पाते, जो एक स्वस्थ लीवर के टिश्यू करते हैं, जैसे प्रोटीन का निर्माण, संक्रमण से लड़ना, उर्जा को संचित करना, रक्त को साफ करना और पाचन में मदद करना (2) (3) (4)। लेख में आगे लीवर सिरोसिस के प्रकार, कारण, लक्षण और इलाज को विस्तारपूर्वक बताया गया है।

अब बारी आती है लीवर सिरोसिस के स्टेज के बारे में जानने की।

लीवर सिरोसिस के चरण – Stages of Liver Cirrhosis in Hindi

लीवर सिरोसिस के दो अलग-अलग चरण हैं (5)-

कम्पेंसेटेड (Compensated) – यह लीवर सिरोसिस का वो चरण होता है, जिसमें लक्षण नजर नहीं आते है। इस चरण में लक्षणों के न दिखने पर लीवर सिरोसिस का पता लगाना मुश्किल हो सकता है।

डीकम्पेंसेटेड (Decompensated) – यह लीवर सिरोसिस का गंभीर स्टेज होता है। इसमें व्यक्ति अपने स्वास्थ्य में तेजी से गिरावट महसूस करता है। इस चरण में कई गंभीर जटिलताएं देखी जा सकती हैं, जैसे जलोदर (Ascites, अत्यधिक तरल के जमा होने से पेट फूलना) और हेपेटिक एन्सेफ्लोपैथी (लीवर डैमेज की वजह से मस्तिष्क कार्यप्रणाली का निष्क्रिय होना)।

आगे लीवर सिरोसिस के कारणों के बारे में जानें।

लीवर सिरोसिस के कारण – Causes of Liver Cirrhosis in Hindi

क्यों होता लीवर सिरोसिस? आखिर लीवर सिरोसिस के कारण क्या है? इसी सवाल का जवाब हम नीचे बता रहे हैं (2) (6) (7) (8) –

लंबे वक्त तक शराब का सेवन और हेपेटाइटिस सी इसके सबसे मुख्य कारण हैं। इसके अलावा भी कई अन्य कारण हैं जैसे –

  • फैटी लीवर (लीवर में फैट जमा होना)
  • हेपेटाइटिस बी (हेपेटाइटिस बी वायरस के कारण लीवर में सूजन या संक्रमण होना)
  • पित्त नली के विकार (Bile Duct Disorders)
  • अगर परिवार में किसी को लीवर की बीमारी रही हो।
  • ऑटोइम्यून हेपेटाइटिस जिसमें लीवर में सूजन की समस्या हो जाती है।
  • कुछ दवाइयों का साइड इफेक्ट।

अब बारी आती है इस बीमारी के लक्षणों पर गौर करने की। लेख के इस भाग में हम लीवर सिरोसिस के लक्षण के बारे में जानकारी देंगे।

लीवर सिरोसिस के लक्षण – Symptoms of Liver Cirrhosis in Hindi

नीचे जानिए लीवर सिरोसिस के लक्षण क्या-क्या हो सकते हैं (2) (6) (7) (8)।

  • थकावट या ऊर्जा की कमी महसूस होना
  • भूख न लगना और वजन कम होना
  • मतली और पेट में दर्द होना
  • त्वचा पर खुजली होना
  • त्वचा पर छोटी, लाल मकड़ी जैसी रक्त वाहिकाएं दिखना
  • बाल झड़ना
  • मूत्र के रंग में बदलाव होना
  • मल का रंग काला हो जाना
  • त्वचा का पीला पड़ना और जॉन्डिस के लक्षण दिखना
  • हथेलियों का लाल होना
  • पुरुषों में नपुंसकता और अंडकोष का सिकुड़ना।
  • पैरों में या पेट में तरल पदार्थ जमने से सूजन की समस्या।
  • पेट के बाएं तरफ के ऊपरी हिस्से में हल्का-हल्का सा दर्द होना।
  • मस्तिष्क संबंधी समस्या होना जैसे – भूलना, किसी काम में ध्यान न लगना या या उलझन महसूस होना।

आगे हम लीवर सिरोसिस के कुछ घरेलू उपायों की जानकारी देंगे।

लीवर सिरोसिस के लिए घरेलू उपाय – Home Remedies for Liver Cirrhosis in Hindi

ध्यान रहे कि नीचे बताए गए घरेलू उपाय सिर्फ लीवर सिरोसिस के लक्षणों को कुछ हद तक कम करने में मदद कर सकते हैं। इन उपायों को लीवर सिरोसिस का इलाज समझने की भूल न करें। साथ ही अगर कोई व्यक्ति लीवर सिरोसिस के लिए डॉक्टरी इलाज करा रहा है तो इन घरेलू उपायों को आजमाने से पहले डॉक्टर से सलाह जरूर लें।

1. मिल्क थीस्ल

सामग्री
  • एक से दो चम्मच मिल्क थीस्ल चाय
  • एक कप गर्म पानी
  • शहद
बनाने की विधि
  • एक कप गर्म पानी में एक से दो चम्मच मिल्क थीस्ल टी डालें।
  • 5 से 10 मिनट के लिए उसे गर्म पानी में डाले रखें और फिर फिर छान लें।
  • पीने से पहले गर्म चाय में स्वादानुसार शहद मिलाएं।
  • इस चाय को रोजाना एक से दो बार पी सकते हैं।
कैसे फायदेमंद है?

मिल्क थीस्ल में एक यौगिक होता है, जिसे सिलीमरिन (Silymarin) कहा जाता है। सिलीमरिन एंटीऑक्सीडेंट गुण को प्रदर्शित कर सकता है। इतना ही नहीं इसमें हेपाटोप्रोटेक्टिव गुण भी पाया गया है (9)। एनसीबीआई (National Center for Biotechnology Information) की वेबसाइट पर प्रकाशित एक शोध के अनुसार, शराब की वजह से लीवर की समस्या, एक्यूट और क्रॉनिक वायरल हेपेटाइटिस और विषैले पदार्थों की वजह से होने वाले लीवर रोग की स्थिति में सिलीमरिन का उपयोग फायदेमंद साबित हो सकता है (10)। फिलहाल, इंसानों पर इसके बेहतर प्रभाव जानने के लिए अभी और शोध की आवश्यकता है।

इसके अलावा, ‘दी जर्मन कमिशन ई’ ने भी मिल्क थीस्ल को विषाक्त पदार्थों के कारण होने वाली लीवर की समस्या और लीवर सिरोसिस के उपचार के लिए सहायक माना है (11)। अन्य शोध भी बताते हैं कि मिल्क थीस्ल का उपयोग लीवर को क्षति पहुंचाने वाले विषाक्त पदार्थों से बचाव का काम कर सकता है (12) (13)।

2. अदरक

सामग्री
  • एक अदरक का छोटा टुकड़ा
  • एक कप गर्म पानी
  • स्वादानुसार शहद
बनाने की विधि
  • एक कप गर्म पानी में अदरक को कूटकर डालें।
  • 5 से 10 मिनट बाद इसे छान लें।
  • फिर इसमें स्वादानुसार शहद मिलाकर इस चाय का सेवन करें।
  • इस चाय को हर रोज एक से दो बार पी सकते हैं।
कैसे फायदेमंद है?

अदरक के फायदे कई सारे हैं। लीवर सिरोसिस के लिए अदरक एक प्राकृतिक उपाय हो सकता है। दरअसल, एनसीबीआई की वेबसाइट पर इससे जुड़ा एक शोध उपलब्ध है। शोध में पाया गया कि नॉन अल्कोहलिक फैटी लीवर डिजीज (NAFLD, लीवर में फैट का जमाव) से जूझ रहे जिन लोगों ने 12 हफ्तों तक दो ग्राम अदरक के सप्लीमेंट का सेवन किया, उनमें से कुछ पर सकारात्मक प्रभाव देखे गए (14)। जैसा कि हम ऊपर बता चुके हैं कि लीवर सिरोसिस का एक कारण फैटी लीवर डिजीज भी है। इस आधार पर कहा जा सकता है कि अदरक, लीवर सिरोसिस के जोखिम को कुछ हद तक कम करने में एक सहायक भूमिका निभा सकता है। फिलहाल, इस विषय पर अभी और शोध की आवश्यकता है।

3. अलसी के बीज का तेल

ऐसे तो अलसी के लाभ अनेक हैं, लेकिन अलसी के बीज का तेल भी गुणकारी माना जाता है। अलसी के बीज का तेल अपने एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण के साथ गट माइक्रोबायोटा (Gut Microbiota – आंत के बैक्टीरिया) में सुधार कर अल्कोहलिक लीवर की बीमारी को ठीक करने में मदद कर सकता है (15)। इस बीमारी की गंभीरता को देखते हुए बेहतर है कि अलसी के बीज के तेल के उपयोग से पहले व्यक्ति एक बार डॉक्टरी परामर्श जरूर लें।

4. ग्रीन टी

सामग्री
  • एक चम्मच ग्रीन टी या एक ग्रीन टी बैग
  • एक कप गरम पानी
  • शहद स्वादानुसार
बनाने की विधि
  • एक कप गर्म पानी में एक चम्मच ग्रीन टी मिलाएं या एक ग्रीन टी डालें।
  • इसे लगभग पांच मिनट तक गर्म पानी में रखें।
  • जब चाय थोड़ी ठंडी हो जाए तो इसमें स्वादानुसार शहद मिलाकर इसका सेवन करें।
  • हर दूसरे दिन एक से दो बार इसका सेवन किया जा सकता है।
कैसे फायदेमंद है?

एनसीबीआई की वेबसाइट पर प्रकाशित कई शोधों में यह बात सामने आयी है कि ग्रीन टी का उपयोग लीवर संबंधी समस्याओं के जोखिम को कम करने में सहायक हो सकता है (16)। खासतौर पर ग्रीन टी का हेपाटोप्रोटेक्टिव गुण नॉन अल्कोहलिक लीवर की बीमारी के जोखिम को कम करने में मदद कर सकता है (17) (18)। साथ ही इस बात को भी अनदेखा नहीं किया जा सकता कि इसका जरूरत से ज्यादा सेवन लीवर की बीमारी को बढ़ा भी सकता है (19)। बेहतर है कि इसके सेवन से पहले एक बार डॉक्टरी सलाह ली जाए।

लेख के इस भाग में हम लीवर सिरोसिस का इलाज कैसे किया जा सकता है, इस बारे में बता रहे हैं।

लीवर सिरोसिस का इलाज – Liver Cirrhosis Treatment in Hindi

लीवर सिरोसिस लाइलाज है, लेकिन निम्नलिखित उपचार के जरिए इसकी स्थिति को बदतर होने से (कुछ मामलों में) कुछ हद तक बचाया जा सकता है (2) (6) (7) –

लीवर डैमेज के कारणों का इलाज – हेपेटाइटिस (बी या सी) वायरस संक्रमण या लीवर डैमेज के अन्य कारणों का पता कर इलाज करना।

आहार और जीवन शैली में बदलाव – कम वसा वाले पौष्टिक आहार, हाई प्रोटीन डाइट का सेवन और व्यायाम।

शराब से परहेज – शराब लीवर को नुकसान पहुंचाने का काम करती है, इसलिए इसका परहेज जरूरी है।

दवाइयां – रक्तचाप कम करने के लिए और रक्तस्राव के जोखिम को कम करने के लिए बीटा-ब्लॉकर्स मेडिसीन और अत्यधिक तरल निकालने के लिए मूत्रवर्धक दवाइयों का सेवन।

कुछ दवाइयों से परहेज – नॉन स्टेरायडल इंफ्लामेटरी ड्रग्स (NSAID) और सेडेटिव (नींद की दवा) दवाइयां।

नियमित रूप से मेडिकल जांच – डॉक्टर के कहे अनुसार नियमित रूप से जांच करवाते रहें।

इंडोस्कोपिक जांच  –  पेट या भोजन-नलिका में वेरिकोज वेंस का पता लगाने के लिए इंडोस्कोपिक जांच भी जरूरी है।

लीवर ट्रांसप्लांट – गंभीर मामलों में डॉक्टर लीवर ट्रांसप्लांट के लिए भी कह सकता है।

लेख के इस भाग में हम लीवर सिरोसिस से बचाव के बारे में बता रहे हैं।

लीवर सिरोसिस से बचाव  – Prevention Tips for Liver Cirrhosis in Hindi

नीचे पढ़ें लीवर सिरोसिस से बचाव के कुछ उपाय (7)।

  • शराब का सेवन न करें।
  • हेपटाइटिस बी की वजह से लीवर सिरोसिस का खतरा हो सकता है, इसलिए हेपटाइटिस बी से बचाव के लिए वैक्सीन लगवाएं।
  • जंक फूड से दूर रहें और पौष्टिक आहार का सेवन करें।
  • व्यायाम करें।

जैसा कि हमने बताया कि लीवर सिरोसिस एक लाइलाज बीमारी है, इसलिए इससे बचे रहने के लिए स्वस्थ आहार और स्वस्थ दिनचर्या का पालन करना अति आवश्यक है। अगर कोई व्यक्ति लीवर से जुड़ी किसी बीमारी के चपेट में आ चुका है, तो वो उसका जल्द से जल्द सटीक उपचार जरूर कराए। हम उम्मीद करते हैं लेख के जरिए आपको इस घातक बीमारी से जुड़ी आवश्यक जानकारी प्राप्त हो गई होगी। साथ ही हम आपके स्वस्थ शरीर की कामना करते हैं, जिससे आपको कभी लीवर सिरोसिस का इलाज कराने की नौबत न आए। आपको यह लेख कैसा लगा, इसके बारे में हमें कमेंट के जरिए लिख भेजें। इसके अलावा, इस लेख से जुड़ा कोई सवाल हो तो उसे भी हमारे साथ कमेंट बॉक्स में साझा करें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

लीवर सिरोसिस का उपचार क्या है?

जैसा कि हमने पहले ही इस लेख में जानकारी दे दी है कि लीवर सिरोसिस एक लाइलाज बीमारी है, लेकिन कुछ चीजों का परहेज और पालन इसकी स्थिति को बदतर होने से बचा (कुछ मामलो में) सकता है। इसके लिए शराब का सेवन पूरी तरह बंद कर दें और कम फैट वाले पौष्टिक आहार का सेवन करें। साथ ही डॉक्टर के कहे अनुसार दवाइयों का सेवन करें और नियमित रूप से अपनी जांच करवाते रहें। डॉक्टर उन बीमारियों का इलाज भी कर सकते हैं, जो लीवर सिरोसिस की वजह बनती हैं। अगर स्थित बहुत ज्यादा गंभीर हो गई है तो डॉक्टर लिवर ट्रासप्लांट का निर्णय भी ले सकते हैं (2) (6) (7)।

लीवर सिरोसिस का अंतिम स्टेज क्या है?

क्रॉनिक लिवर फेल्योर (Chronic liver failure) लीवर सिरोसिस का अंतिम स्टेज होता है (20)।

सिरोसिस को ठीक होने में कितना समय लगता है?

जैसा कि हम पहले भी बता चुके हैं कि सिरोसिस का कोई विशिष्ट उपचार नहीं है। हालांकि, डॉक्टर उन रोगों का इलाज कर सकते हैं, जो सिरोसिस का कारण बनते हैं। इन कारणों का समय रहते इलाज सिरोसिस की गंभीरता को कुछ हद तक कम और लिवर डैमेज के जोखिम से बचाव में मदद कर सकता है (21)। लिवर सिरोसिस का कारण बनने वाली बीमारियों के इलाज में कितना समय लग सकता है, यह मरीज की स्थिति और बीमारी की गंभीरता पर निर्भर करता है।

शराब लीवर को कैसे प्रभावित कर सकती है?

लंबे समय तक अत्यधिक शराब का सेवन लीवर को बुरी तरह प्रभावित कर सकता है। दरअसल, शराब की वजह से लीवर में फ्री रेडिकल्स और हानिकारक बाय प्रोडक्ट उत्पन्न होते हैं, जो लीवर की कार्यप्रणाली को बाधित करने का काम करते हैं। यही खतरनाक बाय प्रोडक्ट शराब की वजह से होने वाले लिवर डैमेज का कारण बनते हैं (22)।

एक दिन में कितना शराब का सेवन लीवर की समस्या का कारण बन सकता है?

लंबे वक्त तक हर रोज 30 ग्राम से अधिक शराब (Pure Alcohol) का सेवन लीवर की समस्या का कारण बन सकता है (23)।

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Arpita Biswas

अर्पिता ने पटना विश्वविद्यालय से मास कम्यूनिकेशन में स्नातक किया है। इन्होंने 2014 से अपने लेखन करियर की शुरुआत की थी। इनके अभी तक 1000 से भी ज्यादा आर्टिकल पब्लिश हो चुके हैं। अर्पिता को विभिन्न विषयों पर लिखना पसंद है, लेकिन उनकी विशेष रूचि हेल्थ और घरेलू उपचारों पर लिखना है। उन्हें अपने काम के साथ एक्सपेरिमेंट करना और मल्टी-टास्किंग काम करना पसंद है। इन्हें लेखन के अलावा डांसिंग का भी शौक है। इन्हें खाली समय में मूवी व कार्टून देखना और गाने सुनना पसंद है।

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