लोबान तेल के फायदे, उपयोग और नुकसान – Frankincense Oil (Loban Ka Tel) Benefits and Side Effects in Hindi

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आपने लोबान का नाम तो सुना ही होगा, लेकिन क्या लोबन के तेल से परिचित हैं? आपको जानकर हैरानी होगी कि लोबान की तरह ही लोबान का तेल भी शरीर के लिए फायदेमंद होता है। स्टाइलक्रेज के इस आर्टिकल में जानिए लोबान तेल के फायदे के बारे में। साथ ही हम बताएंगे कि लोबाल तेल का उपयोग कैसे करना है और इसके नुकसान क्या-क्या हो सकते हैं? पाठक ध्यान दें कि लोबान का तेल किसी भी समस्या का डॉक्टरी इलाज नहीं है। यह केवल समस्या के प्रभाव को कुछ हद तक कम करने में मदद कर सकता है।

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सबसे पहले हम आपको बता रहे हैं कि लोबान तेल कैसे बनता है।

लोबान तेल क्या है?

लोबान को शल्लकी के नाम से भी जाना जाता है और जिस प्रकार शल्लकी के फायदे होते हैं, ठीक वैसे ही लोबान के तेल के भी कई फायदे हैं। लोबान का तेल बोसवेलिया पेड़ों से प्राप्त सुगंधित राल से तैयार किया जाता है। यह सेहत के लिए कई प्रकार से फायदेमंद हो सकता है। लोबान के तेल में एंटीबैक्टीरियल और एंटीफंगल जैसे गुण पाए जाते हैं, जो कई प्रकार की शारीरिक समस्या पर सकारात्मक प्रभाव दिखा सकते हैं (1)। लोबान के तेल से होने वाले शारीरिक फायदों को नीचे विस्तार से बताया गया है।

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यहां हम सेहत के लिए लोबान तेल के फायदे के बारे में बता रहे हैं। 

लोबान तेल के फायदे – Benefits of Frankincense Oil (Loban Ke Tel) in Hindi

1. जोड़ों की समस्या में

जोड़ों में दर्द की समस्या सामान्य भी हो सकती है और अर्थराइटिस के लक्षण के रूप में भी सामने आ सकती है। यहां लोबान तेल का उपयोग लाभकारी साबित हो सकता है। एनसीबीआई (नेशनल सेंटर फॉर बायोटेक्नोलॉजी इंफार्मेशन) की वेबसाइट पर प्रकाशित एक रिसर्च के अनुसार, लोबान के तेल में एंटी इंफ्लेमेटरी गुण पाए जाते हैं। यह गुण अर्थराइटिस में होने वाली सूजन की समस्या में फायदेमंद हो सकता है (2)।

2. आंत में सुधार के लिए 

क्रोहन रोग (आंतों की सूजन) पेट दर्द, गंभीर दस्त, वजन घटने और कुपोषण की समस्या का कारण बन सकता है (3)। लोबान का तेल इस समस्या को दूर करने में मदद कर सकता है। इस विषय पर एनसीबीआई की वेबसाइट पर एक शोध उपलब्ध है। शोध के अनुसार, लोबान के अर्क के इस्तेमाल से इस रोग को कुछ हद तक कम किया जा सकता है (4)। इसके अलावा, एक अन्य शोध में 400 मिलीग्राम लोबान के अर्क का उपयोग प्रतिदिन तीन बार 6 सप्ताह तक कोलेजनस कोलाइटिस के रोगियों पर किया गया। कोलेजनस कोलाइटिस (एक प्रकार की आतों की सूजन) आंत को प्रभावित करती है। शोध में पाया गया कि लोबान के अर्क का उपयोग कोलेजनस कोलाइटिस को कम करने में फायदेमंद हो सकता है (5)। फिलहाल, लोबान के किस गुण से यह संभव हो सका, यह अभी शोध का विषय है।

3. अस्थमा के लिए

लोबान तेल का उपयोग अस्थमा की समस्या में भी फायदेमंद हो सकता है। एक शोध के अनुसार, लोबान के अर्क में कई प्रकार के औषधीय गुण पाए जाते हैं। उन्हीं में से एक है एंटीइंफ्लेमेटरी। यह गुण अस्थमा के जोखिम और इससे जुड़ी सूजन को कम करने में मदद कर सकता है (6)। फिलहाल, इस विषय पर अभी और शोध किए जाने की आवश्यकता है।

4. ओरल हेल्थ के लिए 

जिंजीवाइटिस (Gingivitis) को मसूड़ों की सूजन के रूप में जाना जाता है। लोबान तेल का इस्तेमाल इस समस्या को दूर करने में कारगर हो सकता है। इस संबंध में एक शोध एनसीबीआई की वेबसाइट पर उपलब्ध है। शोध में पाया गया कि लोबान के तेल में एंटीइन्फ्लेमेटरी गुण पाया जाता है। यह गुण प्लाक की वजह से होने वाली जिंजीवाइटिस की समस्या से आराम दिलाने में मदद कर सकता है (7)।

5. कैंसर से बचाव

लोबान का तेल कैंसर से बचाव में कुछ हद तक मदद कर सकता है। एनसीबीआई की वेबसाइट पर प्रकाशित शोध के अनुसार, लोबान के तेल में एंटीकैंसर गुण पाए जाते हैं, जो कैंसर से बचाव का काम कर सकते हैं। इसके अलावा, शोध में पाया गया कि लोबान का तेल ट्यूमर के विकास को रोकने में भी लाभदायक हाे सकता है (8)। यहां पर हम यह स्पष्ट कर दें कि लोबान का तेल कैंसर का उपचार नहीं हो सकता है। इसलिए, अगर कोई इस बीमारी से ग्रस्त है, तो उसे डॉक्टर से इलाज करवाना चाहिए।

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6. मधुमेह को कम करे

रक्त में शुगर की अधिक मात्रा मधुमेह की समस्या का कारण बनती है। इस समस्या को दूर करने के लिए लोबान तेल के फायदे हो सकते हैं। इस विषय पर कई शोध संस्थाओं ने शोध किया और पाया कि लोबान के अर्क में एंटीडायबिटिक गुण पाए जाते हैं। लोबान के तैलिय अर्क में पाए लाने वाले ये गुण रक्त में मौजूद शुगर को कम करने में कारगर हो सकते हैं। इससे मधुमेह को नियंत्रित किया जा सकता है (9)।

7. याददाश्त में सुधार के लिए

चूहों पर किए गए शोध के अनुसार, लोबान तेल का उपयोग सीखने और याददाश्त को बढ़ाने के लिए किया जा सकता है। इसकी पुष्टि करने के लिए 20 चूहों की याददाश्त को बढ़ाने के लिए लोबान के अर्क के प्रभाव की जांच की गई। अध्ययन में पाया गया कि लोबान के अर्क का उपयोग करना स्मृति पर अनुकूल प्रभाव दिखा सकता है। साथ ही इस बात पर भी प्रकाश डाला कि इसके प्रभाव को बेहतर तरीके से जानने के लिए और अध्ययन की आवश्यकता है (10)। इसके अलावा, एक अन्य शोध में पाया गया कि लोबान तेल के मुख्य घटकों में से एक बोसवेलिक एसिड भी है (1)। बोसवेलिक एसिड के उपयोग द्वारा आंशिक रूप से स्मृति में सुधार किया जा सकता है (11)। फिलहाल, इस विषय पर अभी और गहन शोध की आवश्यकता है।

8. हृदय रोग से बचाव

लाेबान तेल का उपयोग हृदय संबंधी समस्याओं काे दूर करने में फायदेमंद हो सकता है। शोध में पाया गया कि लोबान के तेल में कई गुणों के साथ ही कार्डियोप्रोटेक्टिव गुण भी पाए जाते हैं, जो हृदय रोग को दूर करने में कुछ हद तक मददगार हो सकते हैं (12)। हृदय रोग की समस्या होने पर डॉक्टरी जांच जरूर करवानी चाहिए, क्योंकि लोबान का तेल हृदय रोग का इलाज नहीं है।

9. हार्मोन संतुलन और तनाव को दूर करने के लिए

एनसीबीआई की वेबसाइट पर प्रकाशित एक शोध के अनुसार लोबान का तेल स्ट्रेस हार्मोन स्तर को कम कर सकता है। इसमें पाए जाने वाले लिमोनेन और α-पीनिन के अलावा एंटीऑक्सीडेंट गुण स्ट्रेस हार्मोन के ऊपर सकारात्मक प्रभाव दिखा सकते हैं। हालांकि, यह किस प्रकार इस हार्मोंन को नियंत्रित कर सकता है, यह शोध का विषय है। वहीं, दूसरी ओर इस शोध में यह भी जिक्र मिलता है कि लोबान का तेल नींद को बढ़ावा देकर तनाव से आराम दिलाने में मददगार हो सकता है (13)।

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लोबान तेल के औषधीय गुण जानने के बाद, यहां हम लोबान तेल के पौष्टिक तत्व के बारे में बता रहे हैं।

 लोबान तेल के पौष्टिक तत्व – Frankincense Oil Nutritional Value in Hindi

लोबान के तेल में पाए जाने वाले प्रमुख घटक इस प्रकार हैं, α-थुजीन (12%), α-पाइनीन (8%),  सेबीनीन (2.2%), लिमोनिन (1.9%), लिनालूल (0.9%), पेरिलीन (0.5%), मिथाइलचविकोल (11.6%), मिथाइलुगेनोल (2.1%), केसेन (0.9%), सेम्ब्रिन ए (0.5%) और सेम्ब्रेनोल (1.9%)। इसके अलावा भी इसमें कई कंपाउंड पाए जाते हैं (14)।

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लोबान तेल के औषधीय गुण और प्रमुख घटक के बाद, नीचे जानिए इसके उपयोग के बारे में।

लोबान तेल का उपयोग – How to Use Frankincense Oil in Hindi

लोबान के तेल के लाभ के लिए इसका उपयोग कई प्रकार से किया जा सकता है। नीचे जानिए इसके उपयोग के विभिन्न तरीके।

  • लोबान के तेल का इस्तेमाल शरीर की सूजन को कम करने के लिए किया जा सकता है।
  • टूथपेस्ट में इसकी एक बूंद को मिलाकर ब्रश करने से मसूड़ों की समस्या, दांत में दर्द और मुंह की दुर्गंध को दूर करने में मदद मिल सकती है। दांतों के लिए इसे इस्तेमाल करने से पहले डॉक्टरी परामर्श जरूर लें।
  • सिर दर्द में लोबान का तेल आराम पहुंचाने का काम कर सकता है।
  • लोबान के तेल का उपयोग इत्र और त्वचा की देखभाल करने वाले उत्पादों में भी किया जा सकता है।

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उपयोग के बाद इस भाग में जानिए लोबान तेल के नुकसान के बारे में।

लोबान तेल के नुकसान – Side Effects of Frankincense Oil in Hindi

लोबान तेल के नुकसान से जुड़ा कोई सटीक वैज्ञानिक शोध उपलब्ध नहीं है। नीचे हम इसके अर्क से होने वाले कुछ अनुमानित नुकसानों के बारे में बता रहे हैं (15)।

  • इससे गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल (पेट से संबंधित) से जुड़ी समस्या भी हो सकती है।

आर्टिकल के माध्यम से आपने लोबान के तेल के फायदे और उपयोग का बारे में जाना, साथ ही इस बारे में भी जाना कि छोटी-सी समस्या से लेकर गंभीर रोग में लोबान का तेल किस प्रकार सकारात्मक प्रभाव दिखा सकता है। साथ ही पाठक इस बात का भी ध्यान रखें कि लोबान का तेल किसी भी समस्या का डॉक्टरी इलाज नहीं है। यह केवल समस्या से बचाव और इसके प्रभाव को कुछ हद तक कम कर सकता है। गंभीर शारीरिक समस्या से पीड़ित व्यक्ति अपना डॉक्टरी उपचार जरूर करवाएं। उम्मीद करते हैं कि यह लेख आपके लिए मददगार साबित होगा। 

15 संदर्भ (Sources):

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Saral Jain

सरल जैन ने श्री रामानन्दाचार्य संस्कृत विश्वविद्यालय, राजस्थान से संस्कृत और जैन दर्शन में बीए और डॉ. सी. वी. रमन विश्वविद्यालय, छत्तीसगढ़ से पत्रकारिता में बीए किया है। सरल को इलेक्ट्रानिक मीडिया का लगभग 8 वर्षों का एवं प्रिंट मीडिया का एक साल का अनुभव है। इन्होंने 3 साल तक टीवी चैनल के कई कार्यक्रमों में एंकर की भूमिका भी निभाई है। इन्हें फोटोग्राफी, वीडियोग्राफी, एडवंचर व वाइल्ड लाइफ शूट, कैंपिंग व घूमना पसंद है। सरल जैन संस्कृत, हिंदी, अंग्रेजी, गुजराती, मराठी व कन्नड़ भाषाओं के जानकार हैं।

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