लोकाट के फायदे और नुकसान – Loquat Benefits and Side Effects in Hindi

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=सभी जानते हैं कि सेहत और स्वास्थ्य के लिए फल फायदेमंद माने जाते हैं। वहीं, कुछ फल ऐसे हैं, जो मूलत: भारत के नहीं हैं, लेकिन इनके विशेष गुणों के कारण अब इन्हें भारत में भी उगाया जाने लगा है। स्टाइलक्रेज के इस लेख में हम ऐसे ही एक विदेशी फल के बारे में बता रहे हैं, जिसे लोकाट के नाम से जाना जाता है। लेख में आपको लोकाट के फायदे के साथ-साथ इससे जुड़ी कुछ अन्य जानकारियां भी मिलेंगी। स्वास्थ्य के लिहाज से यह फल गुणकारी है। यह हम सभी को कई बीमारियों से बचाए रखने में सक्षम है। वहीं, अगर कोई बीमार है, तो यह जल्द ठीक होने में मदद कर सकता है। हां, गंभीर बीमारी की अवस्था में सिर्फ फल के भरोसे न रहकर डॉक्टर से सही इलाज करवाना जरूरी है।

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लोकाट से जुड़ी अन्य बातों के बारे में तो हम बात करेंगे ही, लेकिन उससे पहले थोड़ा लोकाट के बारे में जान लेते हैं।

लोकाट क्‍या है? – What are Loquat in Hindi

लोकाट मुख्य रूप से चीन में पाए जाने वाले वृक्ष का फल है, जिसे कोरिया, ताइवान और जापान के साथ-साथ भारत के कई राज्यों (पंजाब, दिल्ली, हरियाणा, महाराष्ट्र, असम, उत्तर प्रदेश व हिमाचल प्रदेश) में उगाया जाता है। इसका वैज्ञानिक नाम एरियोबोट्रिया जैपोनिका है। इसे भारत में लुकाठ या लुगाट के नाम से जाना जाता है। यह एक सदाबहार वृक्ष का फल है, जो लगभग हर मौसम में हरा-भरा रहता है। इसके वृक्ष की ऊंचाई करीब पांच से छह मीटर तक होती है और चौड़ाई में यह किसी झाड़ी की तरह फैलता है। इसका फल स्वाद में हल्का खट्टा और मीठा होता है। कई अहम पोषक तत्वों की मौजूदगी के कारण इस फल को स्वास्थ्यवर्धक माना गया है। यही कारण है कि स्वास्थ्य संबंधी कई समस्याओं से राहत पाने के लिए इसे उपयोग में लाया जाता है, जिसके बारे में आगे लेख में बताया गया है।

आइए, अब हम लेख के अगले भाग में लोकाट फल के फायदे किन-किन समस्याओं में काम आ सकते हैं, इस बारे में थोड़ा विस्तार से जान लेते हैं।

लोकाट के फायदे – Benefits of Loquat in Hindi

1. हृदय स्वास्थ्य के लिए लाभदायक

हृदय स्वास्थ्य को बनाए रखने और उससे संबंधित जोखिमों को दूर रखने के लिए लोकाट का उपयोग फायदेमंद साबित हो सकता है। दरअसल, लोकाट फल में फेनोलिक यौगिक मौजूद होते हैं, जो इसे शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट और एंटी इंफ्लेमेटरी गुणों से समृद्ध बनाते हैं (1)। विशेषज्ञों के मुताबिक, फेनोलिक यौगिक के ये गुण मुक्त कणों से हृदय को पहुंचने वाली क्षति और हृदय की कोशिकाओं में आने वाली सूजन को दूर कर हृदय स्वास्थ्य को बनाए रखने में मददगार साबित हो सकते हैं (2)। वहीं, एनसीबीआई (National Center for Biotechnology Information) की वेबसाइट पर प्रकाशित एक शोध के अनुसार लोकाट की पत्तियों में कार्डियो प्रोटेक्टिव (हृदय स्वास्थ्य को बनाए रखने वाले) प्रभाव पाए जाते हैं (3)। ऐसे में फल के साथ लोकाट की पत्तियों को भी हृदय संबंधी जोखिमों को दूर रखने के लिए उपयोग में लाया जा सकता है।

2. कैंसर से करे बचाव

लोकाट फल के फायदे कैंसर की समस्या से बचाने में भी कारगर साबित हो सकते हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक, इसमें स्तन कैंसर की बढ़ती कोशिकाओं को रोकने की क्षमता पाई जाती है। वहीं, कुछ हद तक यह उन कोशिकाओं के प्रभाव को भी कम करने में सहायक साबित हो सकता है। दूसरी ओर इसमें शरीर के अन्य भागों में होने वाले कैंसर के प्रभाव को रोकने की क्षमता पाई जाती है (4)। इस कारण यह कहा जा सकता है कि लोकाट फल के साथ-साथ इसकी पत्तियों का सेवन कैंसर के जोखिमों से बचाने में मददगार साबित हो सकता है। ध्यान रहे कि अगर किसी को कैंसर है, तो उसे डॉक्टर से उचित उपचार करना चाहिए। इसे सिर्फ किसी घरेलू उपचार की मदद से ठीक करना संभव नहीं है।

3. सूजन को कम करने में सहायक

सूजन को नियंत्रित करने में भी लोकाट खाने के फायदे हासिल किए जा सकते हैं। जैसा कि हम लेख में पहले बता चुके हैं कि लोकाट फल फेनोलिक यौगिकों से समृद्ध होता है। इन्हीं की मौजूदगी के कारण लोकाट फल में एंटी इंफ्लेमेटरी (सूजन को कम करने वाला) प्रभाव पाया जाता है (1)। इस कारण यह कहना गलत नहीं होगा कि शरीर के बाहरी या आंतरिक अंगों में होने वाली सूजन को कम करने में लोकाट फल अधिक उपयोगी साबित हो सकता है।

4. डायबिटीज को करे नियंत्रित

इंटरनेशनल जर्नल ऑफ मोल्युकुलर साइंसेज द्वारा लोकाट पर किए गए शोध के मुताबिक, लोकाट के संपूर्ण पेड़ में एंटीडायबिटिक (ब्लड शुगर को कम करने वाला) गुण पाया जाता है। वहीं, इस गुण के कारण इसकी पत्तियों और बीजों के अर्क को इंसुलिन की सक्रियता बढ़ाकर ब्लड शुगर की मात्रा को नियंत्रित करने में प्रभावी माना गया है (5)। इस प्रकार लोकाट खाने के फायदे में डायबिटीज से बचना भी शामिल है। वहीं, अगर किसी को डायबिटीज है, तो उसे डॉक्टर की सलाह पर ही इसका सेवन करना चाहिए।

5. आंखों के विकारों में फायदेमंद

विटामिन-सी व ए के साथ-साथ जिंक और कॉपर कुछ ऐसे पोषक तत्व हैं, जिन्हें आंखों के स्वास्थ्य के लिए लाभकारी माना जाता है (6)। वहीं, लोकाट फल में इन सभी पोषक तत्व की कुछ न कुछ मात्रा उपलब्ध होती है (7)। इस लिहाज हम इसे आंखों के लिए फायदेमंद कह सकते हैं। लोकाट वृक्ष से संबंधित शोध में इस बात का जिक्र मिलता है कि इस फल का उपयोग आंखों की रोशनी बढ़ाने में भी सहायक हो सकता है (8)। ऐसे में यह माना जा सकता है कि लोकाट फल का उपयोग कर उम्र संबंधी होने वाली आंखों की समस्याओं से बचा जा सकता है।

6. हड्डियों के स्वास्थ्य के लिए उपयोगी

हड्डियों को स्वस्थ बनाए रखने में भी लोकाट खाने के फायदे बड़े काम आ सकते हैं। दरअसल, कैल्शियम, प्रोटीन, मैग्नीशियम, फास्फोरस और पोटैशियम कुछ ऐसे पोषक तत्व हैं, जो हड्डियों के स्वास्थ्य के लिए उपयोगी माने जाते हैं (9)। ये सभी तत्व लोकाट फल में अच्छी मात्रा में पाए जाते हैं (7)। वहीं, दूसरी ओर इसकी पत्तियों में हड्डियों के क्षरण (हड्डियों का घनत्व कम होना) को रोकने की क्षमता पाई जाती है (10)। इस कारण लोकाट फल और इसकी पत्तियों को हड्डियों के स्वास्थ्य के लिए लाभदायक माना जा सकता है।

लोकाट फल के फायदे जानने के बाद अब हम आपको इसके पौष्टिक तत्वों के बारे में विस्तृत जानकारी दे रहे हैं।

लोकाट के पौष्टिक तत्व – Loquat Nutritional Value in Hindi

आइए, नीचे दिए गए चार्ट के माध्यम से हम लोकाट के पौष्टिक तत्वों के बारे में जान लेते हैं (7)

पोषकतत्वयूनिटमात्राप्रति 100 ग्राम
पानीg86.73
एनर्जीKcal47
प्रोटीनg0.43
टोटल लिपिड (फैट)g0.2
कार्बोहाइड्रेटg12.14
फाइबर (टोटल डाइटरी)g1.7
मिनरल
कैल्शियमmg16
आयरनmg0.28
मैग्नीशियमmg13
फास्फोरसmg27
पोटैशियमmg266
सोडियमmg1
जिंकmg0.05
कॉपरmg0.04
मैंगनीजmg0.148
सेलेनियमµg0.6
विटामिन
विटामिन सीmg1
थियामिनmg0.019
राइबोफ्लेविनmg0.024
नियासिनmg0.18
विटामिन बी-6mg0.1
फोलेट (डीएफई)µg14
विटामिन ए (आरएई)µg76
विटामिन ए (आईयू)IU1528
लिपिड
फैटी एसिड (सैचुरेटेड)g0.04
फैटी एसिड (मोनोअनसैचुरेटेड)g0.008
फैटी एसिड (पॉलीअनसैचुरेटेड)g0.091

पौष्टिक तत्वों के बारे में जानने के बाद अब हम लोकाट का उपयोग किन-किन तरीकों से किया जा सकता है, इस बारे में बता रहे हैं।

लोकाट का उपयोग – How to Use Loquat in Hindi

लोकाट का उपयोग करने के लिए आप निम्न तरीकों को इस्तेमाल में ला सकते हैं।

  • मध्यम आकार के लोकाट के दो से तीन फल धोकर ऐसे ही खाए जा सकते हैं।
  • करीब 20 एमएल तक इसकी पत्तियों से बने काढ़े को आप उपयोग में ला सकते हैं।
  • इसके दो से तीन बीजों को पत्तियों के साथ काढ़ा बनाने में इस्तेमाल किया जा सकता है।
  • आप लोकाट के दो से चार फूलों को चाय बनाने के लिए भी उपयोग में ला सकते हैं।
  • आप इसका काढ़ा बनाने के लिए फूलों, पत्तियों और बीजों को संयुक्त रूप से भी इस्तेमाल कर सकते हैं।

लेख के अगले भाग में हम लोकाट के नुकसान से जुड़ी कुछ आवश्यक जानकारियां देंगे।  

लोकाट के नुकसान – Side Effects of Loquat in Hindi

फिलहाल, लोकाट के नुकसान के संबंध में कोई भी साक्ष्य उपलब्ध नहीं हैं, फिर भी इसकी अधिक मात्रा के सेवन से कुछ दुष्प्रभावों की आशंका प्रकट की जाती है। आइए, उन दुष्परिणामों पर डालते हैं एक नजर।

  • डायबिटीज की दवा लेने वाले रोगियों को इसका अधिक मात्रा में सेवन नहीं करना चाहिए। कारण यह है कि इसमें एंटी डायबिटिक प्रभाव पाया जाता है, जिस कारण रोगी का ब्लड शुगर काफी कम हो जाने की आशंका रहती है (5)
  • माना जाता है कि इसके बीज और पत्तियों में कुछ विषैले पदार्थ भी पाए जाते हैं। हालांकि, औषधि के रूप में इसका उपयोग करने पर इनका कोई खास प्रभाव नहीं होता, लेकिन अधिक मात्रा में सेवन करने से कुछ दुष्परिणाम प्रदर्शित हो सकते हैं।
  • कुछ लोगों में लोकाट फल को खाने से एलर्जी की समस्या हो सकती है। खासकर उन्हें, जिन्हें फूड एलर्जी की समस्या है।

लोकाट फल के फायदे के साथ-साथ आपको लेख के माध्यम से लोकाट के पेड़ के बारे में भी विस्तृत जानकारी मिली। साथ ही आपने यह भी जाना कि लोकाट के फायदे में केवल फल ही नहीं, बल्कि इस पेड़ की पत्तियां, बीज और जड़ भी कई समस्याओं में लाभकारी साबित हो सकते हैं। ऐसे में अगर आप भी लोकाट का उपयोग किसी रोग के लिए करने के बारे में सोच रहे हैं, तो पहले लेख में दी गई सभी जानकारियों को अच्छे से पढ़ लें। साथ ही इस बात को भी ध्यान में रखें कि इसका इस्तेमाल आपको बताई गई समस्याओं से राहत दिला सकता है, लेकिन किसी भी समस्या का पूर्ण उपचार डॉक्टरी सलाह से ही संभव है। ऐसे में पूर्ण इलाज के लिए डॉक्टरी परामर्श जरूर लें, ताकि आपको लोकाट खाने के फायदे का व्यापक और अनुकूल लाभ हासिल हो सके। साथ ही इस फल से जुड़ा कोई अन्य सवाल हो, तो उसे नीचे दिए कमेंट बॉक्स के माध्यम से हम तक जरूर पहुंचाएं।

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Ankit Rastogi

अंकित रस्तोगी ने साल 2013 में हिसार यूनिवर्सिटी, हरियाणा से एमए मास कॉम की डिग्री हासिल की है। वहीं, इन्होंने अपने स्नातक के पहले वर्ष में कदम रखते ही टीवी और प्रिंट मीडिया का अनुभव लेना शुरू कर दिया था। वहीं, प्रोफेसनल तौर पर इन्हें इस फील्ड में करीब 6 सालों का अनुभव है। प्रिंट, टीवी और डिजिटल मीडिया में इन्होंने संपादन का काम किया है। कई डिजिटल वेबसाइट पर इनके राजनीतिक, स्वास्थ्य और लाइफस्टाइल से संबंधित कई लेख प्रकाशित हुए हैं। इनकी मुख्य रुचि फीचर लेखन में है। इन्हें गीत सुनने और गाने के साथ-साथ कई तरह के म्यूजिकल इंस्ट्रूमेंट बजाने का शौक भी हैं।

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