लोकाट के फायदे और नुकसान – Loquat Benefits and Side Effects in Hindi

by

सभी जानते हैं कि सेहत और स्वास्थ्य के लिए फल फायदेमंद होते हैं। इनमें कुछ ऐसे फल भी शामिल हैं, जो मूलत: भारत के नहीं हैं, लेकिन गुणों के कारण उन्हें अब भारत में भी उगाया जाने लगा है। स्टाइलक्रेज के इस लेख में हम ऐसे ही एक विदेशी फल के बारे में बता रहे हैं, जिसे लोकाट कहा जाता है। स्वास्थ्य के लिहाज से यह फल गुणकारी होता है, इसलिए हमने लोकाट के फायदे और उपयोग से जुड़ी हर छोटी-बड़ी जानकारी दी है। साथ ही सावधानी के तौर पर हमने लोकाट के नुकसान के बारे में भी बताया है।
स्क्रॉल करें

सबसे पहले हम बता रहे हैं कि लोकाट क्या होता है।

लोकाट क्‍या है – What are Loquat in Hindi

लोकाट मुख्य रूप से चीन में होने वाला फल है, जिसे स्पेन और जापान के साथ-साथ भारत के कई राज्यों में भी उगाया जाता है। इसका वैज्ञानिक नाम एरियोबोट्रिया जैपोनिका है। यह एक सदाबहार वृक्ष का फल है, जिसका स्वाद हल्का खट्टा और मीठा होता है। कई अहम पोषक तत्वों से समृद्ध होने के कारण इस फल को स्वास्थ्यवर्धक माना जाता है (1)। यही कारण है कि स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से राहत पाने के लिए इसे उपयोग में लाया जाता है, जिसके बारे में आगे लेख में बताया गया है।

पढ़ते रहिए

आगे जानिए कि सेहत के लिए लोकाट के फायदे क्या-क्या हो सकते हैं।

लोकाट के फायदे – Benefits of Loquat fruit in Hindi

लोकाट का उपयोग कई प्रकार से स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के लिए किया जाता है। यहां हम आपको बता रहे हैं कि सेहत के लिए लोकाट के फायदे क्या होते हैं। बस ध्यान दें कि यह किसी गंभीर बीमारी का इलाज नहीं है, बल्कि स्वस्थ रहने और जरूरी पोषक तत्वों की पूर्ति में मदद कर सकता है।

1. हृदय स्वास्थ्य के लिए लाभदायक

हृदय स्वास्थ्य और उससे संबंधित जोखिमों को दूर रखने के लिए लोकाट का उपयोग फायदेमंद साबित हो सकता है। इसमें मौजूद फेनोलिक यौगिक के कारण यह शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट और एंटी इंफ्लेमेटरी प्रभाव दिखाता है (2)। विशेषज्ञों के मुताबिक, फेनोलिक यौगिक का ये गुण मुक्त कणों से हृदय को पहुंचने वाली क्षति और हृदय की कोशिकाओं में आने वाली सूजन को दूर करके हृदय को स्वस्थ बनाए रख सकता है (3)।

वहीं, एनसीबीआई (National Center for Biotechnology Information) की वेबसाइट पर प्रकाशित एक शोध के अनुसार, लोकाट की पत्तियों में कार्डियो प्रोटेक्टिव (हृदय को रोग से बचाने वाला) प्रभाव होता (4)। ऐसे में फल के साथ लोकाट की पत्तियों को भी हृदय संबंधी जोखिमों को दूर रखने के लिए उपयोग में लाया जा सकता है।

2. कैंसर से करे बचाव

लोकाट के फायदे में कैंसर से बचाव भी शामिल है। विशेषज्ञों के मुताबिक, लोकाट की पत्तियों और बीज के अर्क में स्तन कैंसर की बढ़ती कोशिकाओं को रोकने और इसके प्रभाव को कुछ हद तक कम करने की क्षमता हो सकती है। स्तन कैंसर के साथ ही शरीर के अन्य भागों में होने वाले ट्यूमर से भी यह बचाव कर सकता है (5)। ध्यान रहे कि अगर किसी को कैंसर है, तो उसे डॉक्टर से उचित उपचार करना चाहिए। इसे सिर्फ किसी घरेलू उपचार की मदद से ठीक करना संभव नहीं है।

3. सूजन कम करने में सहायक

सूजन कम करने के लिए भी लोकाट खाने के फायदे हो सकते हैं। जैसा कि हम लेख में पहले ही बता चुके हैं कि लोकाट फल फेनोलिक यौगिकों से समृद्ध होता है। इनकी मौजूदगी के कारण लोकाट फल एंटी इंफ्लेमेटरी इफेक्ट दिखाता है (2)। यह प्रभाव शरीर में होने वाली सूजन को कम करने में मदद कर सकता है (6)।

4. कोलेस्ट्रॉल के लिए

कोलेस्ट्रॉल के स्तर को नियंत्रित करने के लिए लिए भी लोकाट का उपयोग किया जा सकता है। शोध में पाया गया कि लोकाट की पत्तियों के अर्क में एंटी एथेरोस्क्लोरोटिक (Anti Atherosclerotic) गतिविधि होती है। यह एक्टिविटी कोलेस्ट्रॉल को बढ़ने से रोकने में मददगार हो सकती है, क्योंकि यह धमनियों में सभी तरह के वसा को जमने से रोक सकता है (7)।

5. आंखों के लिए

लोकाट से संबंधित शोध में इस बात का जिक्र भी मिलता है कि इस फल का उपयोग आंखों की रोशनी बढ़ाने में मददगार हो सकता है (8)। दरअसल, विटामिन-सी व ए के साथ-साथ जिंक और कॉपर जैसे पोषक तत्वों को आंखों के स्वास्थ्य के लिए लाभकारी माना जाता है (9)। लोकाट फल में ये सभी पोषक तत्वों होते हैं (10)। इसी लिहाज से कहा जा सकता है कि लोकाट आंखों को स्वस्थ रखने में फायदेमंद हो सकता है।

6. हड्डियों के स्वास्थ्य के लिए उपयोगी

लोकाट का उपयोग हड्डियों की मजबूती के लिए भी किया जा सकता है। चूहों के पर किए गए शोध से पता चलता है कि लोकाट में पाए जाने वाले कुछ बायोएक्टिव कंपाउंड बोन मिनरल डेंसिटी को कम होने से बचा सकते हैं (11)।

इसके अलावा कैल्शियम, प्रोटीन, मैग्नीशियम, फास्फोरस और पोटैशियम कुछ ऐसे पोषक तत्व हैं, जो हड्डियों के स्वास्थ्य के लिए उपयोगी माने जाते हैं (12)। ये सभी तत्व लोकाट फल में अच्छी मात्रा में पाए जाते हैं (10)। इस कारण लोकाट फल और इसकी पत्तियों को हड्डियों के स्वास्थ्य के लिए लाभदायक माना जाता है।

7. याददाश्त के लिए

लोकाट का उपयोग याददाश्त को सुधारने के लिए भी किया जा सकता है। इस विषय पर हुए शोध में पाया गया है कि लोकाट में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट प्रभाव फ्री रेडिकल्स के कारण होने वाले ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस को सुधार सकता है। साथ ही यह न्यरोनल सेल डेथ को रोकने का भी काम करता है। इससे कॉग्निटिव डिफिक्ट्स यानी मस्तिष्क संबंधी परेशानी से बचा जा सकता है। इसमें मेमोरी लॉस यानी याददाश्त की कमजोरी से बचाव भी शामिल है (13)।

8. पाचन में सुधार

लोकाट का उपयोग पाचन की समस्या को दूर करने के लिए भी किया जा सकता है। इस विषय पर हुए रिसर्च में पता चला है कि लोकाट का फल कई प्रकार की समस्याओं को दूर करने के साथ ही इम्यून सिस्टम और पाचन को सुधारने में फायदेमंद हो सकता है (8)। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि लोकाट का कौन सा गुण और तत्व इसमें मदद करता है।

पढ़ना जारी रखें

लोकाट के फायदे के बाद लोकाट में पाए जाने वाले पोषक तत्वों के बारे में जानते हैं।

लोकाट के पौष्टिक तत्व – Loquat Nutritional Value in Hindi

लोकाट में कई प्रकार के पोषक तत्व पाए जाते हैं, जो लोकाट को सेहत के लिए फायदेमंद बनाते हैं। यहां हम टेबल के माध्यम से लोकाट में मौजूद पोषक तत्वों के बारे में बता रहे हैं(10)।

पोषक तत्वमात्रा प्रति 100 g
पानी86.73 g
कैलोरी47 kcal
प्रोटीन0.43 g
फैट0.2 g
कार्बोहाइड्रेट12.14 g
फाइबर1.7 g
कैल्शियम16 mg
आयरन0.28 mg
मैग्नीशियम13 mg
फास्फोरस27 mg
पोटैशियम266 mg
सोडियम1 mg
जिंक0.05 mg
कॉपर0.04 mg
मैंगनीज0.148 mg
सेलेनियम0.6 µg
विटामिन सी1 mg
थियामिन0.019 mg
राइबोफ्लेविन0.024 mg
नियासिन0.18 mg
विटामिन बी60.1 mg
फोलेट14 µg
विटामिन ए RAE76 µg
विटामिन ए1528 IU
फैटी एसिड टोटल सैचुरेटेड0.04 g
फैटी एसिड टोटल मोनोअनसैचुरेटेड0.008 g
फैटी एसिड टोटल पॉलीअनसैचुरेटेड0.091 g

स्क्रॉल करें

लोकाट के पोषक तत्वों के बाद यहां लोकाट के उपयोग के बारे में जानते हैं।

लोकाट का उपयोग – How to Use Loquat in Hindi

लोकाट का उपयोग निम्न तरीकों से किया जा सकता है।

  • मध्यम आकार के लोकाट के दो से तीन फल धोकर ऐसे ही खाए जा सकते हैं।
  • इसकी पत्तियों से बने काढ़े को उपयोग में ला सकते हैं।
  • लोकाट के दो से चार फूलों को चाय बनाने के लिए भी उपयोग कर सकते हैं।
  • इसका काढ़ा बनाने के लिए फूल और पत्तियों को संयुक्त रूप से इस्तेमाल कर सकते हैं।
  • लोकाट फल का उपयोग जैम बनाने के लिए भी किया जा सकता है।

पढ़ते रहिए

हम आगे लोकाट के चयन और स्टोर से जुड़ी कुछ आवश्यक जानकारी साझा कर रहे हैं।

लोकाट का चयन कैसे करे और लंबे समय तक सुरक्षित कैसे रखें?

लोकाट का उपयोग करने के पहले अच्छी गुणवत्ता वाले लोकाट का चयन करना और लंबे समय तक स्टोर करने के बारे में जानना जरूरी है। यहां हम इन्हीं से संबंधित कुछ टिप्स दे रहे हैं।

  • हमेशा पीले और ठोस लोकाट का चयन करना चाहिए।
  • लोकाट खरीदने से पहले देख लें कि वह सड़ा हुआ या ज्यादा पुराना न हो।
  • इसकी खुशबू भी जांच लें। अगर इससे खराब व सड़ी हुई गंध आ रही है, तो इसे न खरीदें।
  • लोकाट को रेफ्रिजरेटर में 10 से 15 दिनों तक आसानी से स्टोर करके रख सकते हैं।
  • इसका जैम बनाकर भी लंबे समय तक स्टोर किया जा सकता है।

लेख में बने रहें

लोकाट के उपयोग और चयन के बाद जानते हैं लोकाट के नुकसान के बारे में।

लोकाट के नुकसान – Side Effects of lokat in Hindi

लोकाट के नुकसान के संबंध में कोई साक्ष्य उपलब्ध नहीं है। फिर भी इसकी अधिक मात्रा के सेवन से कुछ दुष्प्रभाव हो सकते हैं। आइए, उन दुष्परिणामों पर एक नजर डालते हैं।

  • डायबिटीज की दवा लेने वाले रोगियों को इसका अधिक मात्रा में सेवन नहीं करना चाहिए। कारण यह है कि इसमें एंटी डायबिटिक प्रभाव होता है, जिस कारण रोगी का ब्लड शुगर बहुत कम हो सकता है (7)।
  • इसमें साइनोजेनिक ग्लाइकोसाइड्स (Cyanogenic Glycosides) कंपाउंड होता है, जो पेट में साइनाइड (Cyanide) रिलीज करता है। इस वजह से माना जाता है कि इसकी अधिक मात्रा से विषाक्तता हो सकती है (14)।
  • कुछ लोगों को लोकाट फल खाने से एलर्जी भी हो सकती है। खासकर फूड एलर्जिक लोगों को यह हो सकता है।

लोकाट के फायदे के बारे में हम बता ही चुके हैं। साथ ही आपने यह भी जाना कि लोकाट के फायदे में केवल फल ही नहीं, बल्कि इसके पेड़ की पत्तियां और बीज भी शामिल हैं। ऐसे में अगर आप भी लोकाट का उपयोग स्वस्थ रहने या किसी समस्या से बचाव के लिए करने की सोच रहे हैं, तो पहले लेख में दी गई सभी जानकारियों को अच्छे से पढ़ लें। साथ ही इस बात को भी ध्यान में रखें कि यह बताई गई समस्याओं से राहत दिला सकता है, लेकिन किसी भी समस्या का पूर्ण इलाज नहीं है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या लोकाट के पत्ते जहरीले होते हैं?

हां, लोकाट के नए पत्ते हल्के जहरीले माने जाते हैं (14)।

क्या आपको लोकाट फल खाने से एलर्जी हो सकती है?

लोकाट का फल कुछ लोगों में एलर्जी का कारण बन सकता है। हालांकि, इस बात का कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है।

क्या लोकाट बीज खाने योग्य हैं?

लोकाट के बीज से बने पाउडर का उपयोग कुछ लोग करते हैं। हालांकि, इसमें भी कुछ टॉक्सिक प्रभाव होता है, इसलिए इसका सेवन डॉक्टर की सलाह के बिना नहीं करना चाहिए (15)।

पके हुए लोकाट की पहचान कैसे कर सकते हैं?

पके हुए लोकाट के फल की पहचान उसके रंग से कर सकते हैं। पके हुए लोकाट का रंग पीला या नारंगी होता है।

लोकाट का स्वाद कैसा होता है?

पकने पर फल का स्वाद खट्टा-मीठा होता है।

क्या लोकाट को रेफ्रीजरेट करना चाहिए?

हां, यदि आप इसे लंबे समय तक स्टोर करना चाहते हैं, तो रेफ्रिजरेट कर सकते हैं।

क्या लोकाट आम से संबंधित फल है?

नहीं, यह फल आम से संबंधित नहीं है।

क्या लोकाट का छिलका खाने योग्य है?

हां, लोकाट के छिलके को खाया जा सकता है।

कमक्वाट (Kumquat) और लोकाट के बीच अंतर क्या है?

लोकाट फल सेब, नाशपाती और आड़ू के परिवार से संबंधित है और कमक्वाट ऑरेंज परिवार से संबंध रखता है। कम्क्वाट को सबसे छोटे आकार वाला संतरा भी कहा जाता है।

15 संदर्भ (Sources):

Stylecraze has strict sourcing guidelines and relies on peer-reviewed studies, academic research institutions, and medical associations. We avoid using tertiary references. You can learn more about how we ensure our content is accurate and current by reading our editorial policy.
Was this article helpful?
The following two tabs change content below.

Saral Jain

सरल जैन ने श्री रामानन्दाचार्य संस्कृत विश्वविद्यालय, राजस्थान से संस्कृत और जैन दर्शन में बीए और डॉ. सी. वी. रमन विश्वविद्यालय, छत्तीसगढ़ से पत्रकारिता में बीए किया है। सरल को इलेक्ट्रानिक मीडिया का लगभग 8 वर्षों का एवं प्रिंट मीडिया का एक साल का अनुभव है। इन्होंने 3 साल तक टीवी चैनल के कई कार्यक्रमों में एंकर की भूमिका भी निभाई है। इन्हें फोटोग्राफी, वीडियोग्राफी, एडवंचर व वाइल्ड लाइफ शूट, कैंपिंग व घूमना पसंद है। सरल जैन संस्कृत, हिंदी, अंग्रेजी, गुजराती, मराठी व कन्नड़ भाषाओं के जानकार हैं।

ताज़े आलेख

scorecardresearch