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लो ब्लड प्रेशर (निम्न रक्तचाप) के कारण, लक्षण और घरेलू उपाय – Low Blood Pressure Symptoms

लो ब्लड प्रेशर (निम्न रक्तचाप) के कारण, लक्षण और घरेलू उपाय – Low Blood Pressure Symptoms May 15, 2019

बार-बार चक्कर या अचानक धुंधला दिखने के पीछे एक अहम कारण ब्लड प्रेशर लो होना भी हो सकता है। यह एक चिकित्सीय स्थिति है ,जिसमें सामान्य रक्तचाप कम हो जाता है। इस अवस्था को हाइपोटेंशन भी कहा जाता है। वयस्कों में सामान्य रक्तचाप 120/80 mmHg से कम होता है, लेकिन हाइपोटेंशन की स्थिति में रक्तचाप 90/60 mmHg से कम हो जाता है। ब्लड प्रेशर लो की समस्या किसी भी उम्र के व्यक्ति को हो सकती है, जो ह्रदय रोग जैसी घातक बीमारी का कारण बन सकती है (1)। ऐसा नहीं है कि इसका इलाज नहीं किया जा सकता।

स्टाइलक्रेज के इस लेख में हमारे साथ जानिए बीपी लो को ठीक करने के सबसे सटीक घरेलू उपचारों के बारे में, जो जल्द अच्छे परिणाम देने की क्षमता रखते हैं। उससे पहले हम यह जान लेते हैं कि बीपी किन कारणों से कम होता है।

लो बीपी के कारण – Causes of Low BP in Hindi

लो ब्लड प्रेशर की समस्या के पीछे कई कारण हो सकते हैं, जिनमें से मुख्य इस प्रकार हैं (2)।

  • तनाव, भय, असुरक्षा या दर्द (बेहोशी के सबसे सामान्य कारण)
  • निर्जलीकरण (Dehydration) जो रक्त की मात्रा को कम करता है।
  • जरूरत से ज्यादा रक्तदान
  • आंतरिक रक्तस्राव ( Internal bleeding)
  • गहरी चोट जिससे रक्त का बहाव ज्यादा हो गया हो।
  • गर्भावस्था
  • उच्च रक्तचाप के लिए दवाएं
  • अवसाद (Depression) के लिए दवाएं
  • हृदय रोग
  • एलर्जी
  • संक्रमण
  • नर्वस सिस्टम डिसऑर्डर, पार्किंसंस रोग

लो बीपी के कारण के बाद आगे जानिए, लो बीपी लो होने के लक्षण के बारे में। 

लो ब्लड प्रेशर के लक्षण – Symptoms of Low BP in Hindi 

बीपी लो होने के लक्षण निम्नलिखित हो सकते हैं, जिनसे रक्तचाप कम होने का पता लगाया जा सकता है (1)।

  • चक्कर आना
  • धुंधला दिखना
  • उलझन में रहना
  • कमजोरी
  • थकान
  • मतली
  • त्वचा का ठंडा होना
  • अत्यधिक पसीना निकलना
  • नाड़ी कमजोर होना
  • सांस लेने में दिक्कत आदि

ब्लड प्रेशर चार्ट – Blood Pressure Chart in Hindi 

रक्तचाप की श्रेणी सिस्टोलिक MM HG (UPPER #)डायस्टोलिक MM HG (LOWER #)
न्यून रक्तचाप100 से कमऔर60 से कम
सामान्य120 से कमऔर80 से कम
ऊपर उठा हुआ120-129और80 से कम
उच्च रक्त चाप

(हाइपरटेंशन) स्टेज 1

130-139या80-89
उच्च रक्त चाप

(हाइपरटेंशन) स्टेज 2

140 या उससे अधिकया90 या उससे ज्यादा
उच्च रक्तचाप से संकट

(आपातकालीन देखभाल की तलाश करें)

180 से अधिकऔर/या120 से ज्यादा

लो ब्लड प्रेशर (निम्न रक्तचाप) के घरेलू उपाय – Home Remedies for Low Blood Pressure in Hindi

1. कॉफी

1. कॉफी Pinit

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सामग्री :
  • 1-2 चम्मच कॉफी पाउडर
  • चीनी (आवश्यकतानुसार)
  • 1 कप गर्म पानी
बनाने की प्रक्रिया :

एक कप गर्म पानी में कॉफी और चीनी मिलाएं और धीरे-धीरे पिएं।

कितनी बार करें :

रोजाना दो कप कॉफी पिएं।

कैसे है लाभदायक :

लो बीपी का इलाज करने के लिए आप कॉफी का सेवन कर सकते हैं। कॉफी कैफीन का एक समृद्ध स्रोत है, जो आपके कम रक्तचाप को बढ़ाने का काम कर सकता है (3)।

2. नमक का पानी

सामग्री :
  • आधा चम्मच नमक
  • 1 गिलास पानी
बनाने की प्रक्रिया :
  • एक गिलास पानी में आधा चम्मच नमक मिलाएं।
  • अब इस घोल को पिएं।
कितनी बार करें :

जब भी कम रक्तचाप का अनुभव हो नमक के पानी का सेवन करें।

कैसे है लाभदायक :

लो बीपी के उपाय में आप नमक को शामिल कर सकते हैं। नमक की संतुलित मात्रा शरीर में रक्त प्रवाह को नियंत्रित करने काम कर सकती है (4), लेकिन नमक में मौजूद सोडियम की अधिक मात्रा रक्तचाप को बढ़ाने का काम भी कर सकती है (5)।

नोट – इस घरेलू उपचार को डॉक्टर के कहने पर ही आजमाएं, क्योंकि अधिक नमक का सेवन लो बीपी में भी हानिकारक साबित हो सकता है।

3. तुलसी

3. तुलसी Pinit

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सामग्री :
  • 10-15 तुलसी के पत्ते
  • 1 चम्मच शहद
बनाने की प्रक्रिया :
  • 10 से 15 तुलसी के पत्तों को कुचलकर रस निकाल लें।
  • इस रस को शहद के साथ अच्छी तरह मिलाएं।
  • अब इस मिश्रण का सेवन करें।
कितनी बार करें :

रोजाना सुबह इस मिश्रण का सेवन करें।

कैसे है लाभदायक :

जड़ी-बूटियों में सबसे उच्च तुलसी औषधीय गुणों से भरपूर होती है, जिसमें एंटीइंफ्लेमेटरी और कार्डियोप्रोटेक्टिव गुणों मौजूद होते हैं। इसके अलावा, तुलसी में विटामिन-सी जैसे पोषक तत्व भी मौजूद होते हैं (6)। तनाव, अवसाद और थकान के कारण भी बीपी लो हो सकता है। ऐसे में तुलसी में मौजूद विटामिन-सी इन स्थितियों उबरने में हमारी मदद करता है (7)।

4. लिकोराइस

सामग्री :
  • लिकोराइस का 1 चम्मच
  • 1 कप पानी
  • शहद स्वादानुसार
बनाने की प्रक्रिया :
  • एक कप पानी में एक चम्मच लिकोराइस डालें।
  • इसे सॉस पैन में 5 मिनट के लिए उबाल लें।
  • फिर इसे थोड़ी देर हल्का ठंडा होने दें।
  • अब इसमें शहद मिलाएं और सेवन करें।
कितनी बार करें :

इस चाय को रोजाना 2 से 3 बार पीना चाहिए।

कैसे है लाभदायक :

लो बीपी का इलाज करने के लिए आप लिकोराइस का उपाय कर सकते हैं। इसकी जड़ें हाइपोटेंशन से पीड़ित व्यक्तियों के लिए लाभदायक हो सकती हैं। एक रिपोर्ट के अनुसार लिकोराइस रक्तचाप को बढ़ाकर लो ब्लड प्रेशर की स्थिति को सुधार सकता है (8)।

5. रोजमेरी तेल

5. रोजमेरी तेल Pinit

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सामग्री :
  • रोजमेरी तेल की 6 बूंदें
  • एक चम्मच नारियल या जैतून का तेल
कैसे करें इस्तेमाल :
  • नारियल या जैतून के तेल में रोजमेरी तेल को मिलाएं।
  • तेल के इस मिश्रण से पूरे शरीर की मालिश करें।
  • आप चाहें तो नहाने के पानी में भी रोजमेरी की कुछ बूंदें मिला सकते हैं।
कितनी बार करें

रोजाना एक बार जरूर करें।

कैसे है लाभदायक :

लो बीपी के उपाय में आप रोजमेरी तेल को शामिल कर सकते हैं। इसमें कपूर होता है, जो आपके श्वास तंत्र के साथ-साथ रक्त संचालन को भी उत्तेजित करता है। इसके अलावा, रोजमेरी तेल अपने एंटीहाइपोटेंसिव गुण से निम्न रक्तचाप को ठीक कर सकता है (9)।

6. जिनसेंग

सामग्री :
  • 1 चम्मच जिनसेंग टी
  • 1 कप पानी
  • शहद (स्वादानुसार)
बनाने की प्रक्रिया :
  • एक कप पानी में एक चम्मच जिनसेंग टी मिलाएं।
  • इसे सॉस पैन में पांच मिनट के लिए उबाल लें।
  • एक-दो मिनट के लिए इसे ठंडा होने दें।
  • अब इसमें शहद मिलाएं और सेवन करें।
कितनी बार करें :

समस्या के दिनों में रोजाना 2 से 3 बार इस चाय को पिएं।

कैसे है लाभदायक :

जिनसेंग निम्न रक्तचाप की स्थिति में फायदेमंद हो सकता है। यह हाइपोटेंशन से पीड़ित लोगों में रक्तचाप बढ़ाने का काम कर सकता है (10)।

7. चुकंदर

सामग्री :
  • चुकंदर (आवश्यकतानुसार)
बनाने की प्रक्रिया :
  • जूसर की मदद से चुकंदर का एक कप जूस निकालें और पिएं।
कितनी बार करें :

दिन में दो बार एक हफ्ते के लिए।

कैसे है लाभदायक :

लो बीपी का इलाज करने के लिए चुकंदर फायदेमंद हो सकता है। चुकंदर नाइट्रेट नामक खास तत्व से समृद्ध होता है, जो हाइपोटेंशन से पीड़ित लोगों में रक्तचाप बढ़ाने का काम कर सकता है, (11) (12)।

8. ग्रीन टी

8. ग्रीन टी Pinit

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सामग्री :
  • 1 चम्मच ग्रीन टी
  • 1 कप गर्म पानी
बनाने की प्रक्रिया :
  • एक कप गर्म पानी में एक चम्मच ग्रीन टी मिलाएं।
  • 5 से 10 मिनट तक पानी में ग्रीन टी रहने दें और छान लें।
  • अब धीरे-धीरे चाय का आनंद लें।
कितनी बार करें :

निम्न रक्तचाप की स्थिति में रोजाना 2 से 3 बार ग्रीन टी पीनी चाहिए।

कैसे है लाभदायक :

कॉफी की तरह ही ग्रीन टी भी कैफीन का अच्छा स्रोत है, जो निम्न रक्तचाप से पीड़ित लोगों के लिए फायदेमंद हो सकता है। एक अध्ययन के अनुसार, कैफीन के सेवन से सिस्टोलिक और डायस्टोलिक रक्तचाप बढ़ सकता है (13)।

9. नींबू का रस

सामग्री :
  • आधा नींबू
  • एक गिलास पानी
बनाने की प्रक्रिया :

एक गिलास पानी में आधा नींबू निचोड़ें और पी जाएं।

कितनी बार करें :

रोजाना सुबह खाली पेट एक गिलास नींबू पानी पिएं।

कैसे है लाभदायक :

निर्जलीकरण के कारण हाइपोटेंशन से पीड़ित लोगों कि लिए नींबू का रस कारगर उपाय हो सकता है। हाइपोटेंशन का एक कारण शरीर में तरल की कमी भी है (2)। वहीं, नींबू पानी शरीर में तरल की मात्रा को सामान्य करने में मदद करता है। नींबू पानी न सिर्फ शरीर में पानी की कमी को पूरा करता है, बल्कि शरीर में विटामिन्स व मिनरल्स की पूर्ति भी करता है। नींबू पानी को एक कारगर एनर्जी बूस्टर कहा गया है (14)।

10. किशमिश

सामग्री :

मुट्ठी भर किशमिश

कैसे खाएं :

मुट्ठी भर किशमिश को दिनभर में थोड़ा-थोड़ा खाएं।

कितनी बार करें :

किशमिश का सेवन रोजाना करें।

कैसे है लाभदायक :

एड्रेनालाइन इंसफिशंसी ऐसी स्थिति है, जिसमें एड्रेनालाइन ग्रंथि पर्याप्त हार्मोन का उत्पादन करना बंद कर देती हैं और निम्न रक्तचाप की समस्या हो सकती है (15)। किशमिश एड्रेनालाइन इंसफिशंसी की समस्या को ठीक करने में मदद कर सकती है। किशमिश में सोडियम की मात्रा पाई जाती है, जो एड्रेनालाइन इंसफिशंसी के कई मामलों में कारगर साबित हो सकती है (16), (17)। एड्रेनालाइन इंसफिशंसी में सोडियम की कितनी मात्रा लेनी चाहिए, उस बारे में आपको डॉक्टर ही बेहतर बता सकते हैं।

11. विटामिन्स

11. विटामिन्स Pinit

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लो ब्लड प्रेशर का उपचार करने के लिए आप विटामिन्स की मदद ले सकते हैं। निम्न रक्तचाप को बढ़ाने में विटामिन-बी12 आपकी मदद कर सकता है। विटामिन-बी12 का उपयोग एनीमिया के इलाज के लिए किया जाता है (18), जो हाइपोटेंशन का मुख्य कारण है। वहीं, विटामिस-सी तनाव को दूर कर लो बीपी से राहत दिला सकता है (6)।

आप विटामिन के लिए बादाम, पालक, शकरकंद, अंडे, दूध, पनीर, अंगूर, संतरे और मछली का सेवन कर सकते हैं। आप इन विटामिनों के लिए अतिरिक्त सप्लीमेंट भी ले सकते हैं, लेकिन अपने डॉक्टर से सलाह लेने के बाद ही।

लो ब्लड प्रेशर से बचाव – Prevention Tips for Low BP in Hindi

लो बीपी से बचने के लिए आप निम्नलिखित टिप्स का पालन कर सकते हैं-

  • ऐसे आहार का सेवन करें, जिसमें नमक की मात्रा अधिक हो।
  • पानी और फलों के रस का अत्यधिक सेवन करें।
  • गर्मियों के दौरान खुद को अच्छी तरह से हाइड्रेटेड रखें।
  • शराब व धूम्रपान से दूरी बनाए रखें।
  • रक्त प्रवाह को बढ़ावा देने के लिए नियमित व्यायाम करें।
  • सोते समय सिर के नीचे तकिया लगाएं।

लो बीपी (निम्न रक्तचाप) में आहार – Low Blood Pressure Diet in Hindi

डाइट चार्ट

  • मछली, मांस, चिकन, अंडे, दूध, और दूध उत्पाद जैसे विटामिन-बी12 से समृद्ध खाद्य पदार्थों का सेवन करें (19)।
  • पालक, संतरा, चिकन व साबुत अनाज जैसे फोलेट्स युक्त भोजन का सेवन करें (20)।
  • डिब्बाबंद सूप व पनीर जैसे नमकीन खाद्य पदार्थों का सेवन करें।
  • कैफीन आपके रक्तचाप को अस्थायी रूप से बढ़ाने में मदद कर सकता है। इससे लिए आप कॉफी पी सकते हैं।

इन खाद्य पदार्थों के सेवन से बचें –

  • ज्यादा कार्बोहाइड्रेट वाले भोजन से बचें।
  • शराब का सेवन न करें।

आहार और उपचार संबंधी सावधानी बरतकर आप निम्न रक्तचाप की स्थिति से बच सकते हैं। फिर भी अगर लो बीपी से जुड़ा कोई भी लक्षण नजर आता है, तो तुरंत बीपी की जांच कराएं और अच्छे डॉक्टर से उपचार कराएं। साथ ही लेख में बताए गए घरेलू उपाय भी आजमा सकते हैं, लेकिन हालत गंभीर होने की स्थिति में अच्छा होगा कि आप सीधे डॉक्टर से संपर्क करें। अगर आपको इन घरेलू उपचार से कोई फायदा होता है, तो अपने अनुभव नीचे दिए कमेंट बॉक्स में साझा करें। लो बीपी से जुड़ी अन्य जानकारी के  लिए आप हमसे सवाल भी पूछ सकते हैं।

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