लो ब्लड प्रेशर (निम्न रक्तचाप) के कारण, लक्षण, इलाज और घरेलू उपाय – Low Blood Pressure (Hypotension) in Hindi

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बार-बार चक्कर आना या अचानक धुंधला दिखने के पीछे एक अहम कारण ब्लड प्रेशर लो होना भी हो सकता है। यह एक चिकित्सीय स्थिति है ,जिसमें सामान्य रक्तचाप कम हो जाता है। इस अवस्था को हाइपोटेंशन भी कहा जाता है। वयस्कों में सामान्य रक्तचाप 120/80 mmHg से 90/60 mmHg के बीच रहता है, लेकिन हाइपोटेंशन की स्थिति में रक्तचाप 90/60 mmHg से कम हो जाता है। ब्लड प्रेशर लो होने पर हृदय रोग जैसी घातक बीमारी भी हो सकती है (1)। स्टाइलक्रेज के इस लेख में हम न सिर्फ लो ब्लड प्रेशर के लक्षण की जानकारी देंगे, बल्कि निम्न रक्तचाप के घरेलू उपचार भी बताएंगे। साथ ही लेख में लो ब्लड प्रेशर चार्ट भी दिया गया है। उससे पहले हम बीपी लो होने के कारण जान लेते हैं।

आगे विस्तार से पढ़ें

इससे पहले कि निम्न रक्तचाप के लक्षण और उपचार जानें, उससे पहले जानते हैं ब्लड प्रेशर लो के प्रकार।

लो बीपी के प्रकार – Types of Low BP in Hindi

नीचे पढ़ें लो बीपी के विभिन्न प्रकारों के बारे में (2) :

  1. सीवियर हाइपोटेंशन (Severe hypotension)- ऐसा अचानक होने वाली खून की कमी, शॉक लगने से, गंभीर संक्रमण, दिल का दौरा या गंभीर एलर्जिक रिएक्शन (एनाफिलेक्सिस) के कारण हो सकता है।
  1. ऑर्थोस्टैटिक हाइपोटेंशन (Orthostatic hypotension)- जब अचानक शरीर के पोजीशन में बदलाव होता है, तब ऐसा हो सकता है। आसान शब्दों में समझा जाए, तो अगर कोई बैठे या लेटे रहने के बाद अचानक से खड़ा होता है, तब ऑर्थोस्टैटिक हाइपोटेंशन हो सकता है। इस प्रकार का निम्न रक्तचाप आमतौर पर केवल कुछ सेकंड या मिनट तक रहता है।
  1. पोस्टप्रांडियल ऑर्थोस्टेटिक हाइपोटेंशन- (Postprandial Orthostatic hypotension)- अगर भोजन करने के ठीक बाद रक्तचाप में गिरावट होता है, तो उसे पोस्टप्रांडियल ऑर्थोस्टेटिक हाइपोटेंशन कहते हैं। यह ऑर्थोस्टेटिक हाइपोटेंशन का ही एक प्रकार है। बुजुर्ग, वयस्कों और विशेष रूप से पार्किंसंस रोग से ग्रस्त लोगों को यह होने का जोखिम अधिक रहता है।
  1. न्यूरली मेडिएटेड हाइपोटेंशन (Neurally mediated hypotension – NMH)- यह तब हो सकता है, जब कोई व्यक्ति लंबे समय से खड़ा रहता है। ऐसा आमतौर पर बच्चों और वयस्कों को हो सकता है। भावनात्मक रूप से परेशान करने वाली घटनाएं भी रक्तचाप में इस गिरावट का कारण बन सकती हैं।

आगे है और जानकारी

प्रकार जानने के बाद अब पता करते हैं कि बीपी लो होने के कारण क्या-क्या हो सकते हैं। 

लो बीपी के कारण – Causes of Low BP Hindi

लो ब्लड प्रेशर की समस्या के पीछे कई कारण हो सकते हैं, जिनमें से मुख्य इस प्रकार हैं (3)।

  • तनाव, भय, असुरक्षा या दर्द (बेहोशी के सबसे सामान्य कारण)
  • निर्जलीकरण (Dehydration) जो रक्त की मात्रा को कम करता है।
  • जरूरत से ज्यादा रक्तदान
  • आंतरिक रक्तस्राव ( Internal bleeding)
  • गहरी चोट जिससे रक्त का बहाव ज्यादा हो गया हो।
  • गर्भावस्था
  • उच्च रक्तचाप के लिए दवाएं
  • अवसाद (Depression) के लिए दवाएं
  • हृदय रोग
  • एलर्जी
  • संक्रमण
  • नर्वस सिस्टम डिसऑर्डर, पार्किंसंस रोग

लो बीपी के कारण के बाद आगे जानिए, बीपी लो होने के लक्षण के बारे में। 

लो ब्लड प्रेशर के लक्षण – Symptoms of Low BP in Hindi

बीपी लो होने के लक्षण से रक्तचाप कम होने का पता लगाया जा सकता है (1) (2)। बी पी लो के लक्षण कुछ इस प्रकार हैं :

  • बी पी लो के लक्षण में शामिल है चक्कर आना।
  • धुंधला दिखना भी लो ब्लड प्रेशर के लक्षण में शामिल है।
  • उलझन में रहना लो ब्लड प्रेशर के लक्षणों में से एक हो सकता है।
  • लो बीपी के लक्षण में है कमजोरी।
  • थकान भी लो बीपी के लक्षणों में से एक हो सकता है।
  • लो बीपी के लक्षण में है मतली।
  • त्वचा का ठंडा होना भी लो बीपी के लक्षण में शामिल है।
  • लो बीपी के लक्षण के दौरान शरीर से अधिक पसीना निकलता भी नजर आ सकता है।
  • नाड़ी कमजोर होना लो बीपी के लक्षण में से एक हो सकता है।
  • सांस लेने में दिक्कत होना भी लो बीपी के लक्षण हो सकते हैं।

निम्न रक्तचाप के लक्षण के बाद आर्टिकल के इस हिस्से में हम लो ब्लड प्रेशर चार्ट के बारे में बता रहे हैं।

ब्लड प्रेशर चार्ट – Blood Pressure Chart in Hindi

लो ब्लड प्रेशर चार्ट कुछ इस प्रकार है (4) : 

रक्तचाप की श्रेणीसिस्टोलिक (Upper)डायस्टोलिक (Lower)
सामान्य (Normal BP)120 से कम80 से कम
न्यून रक्तचाप (low bp)90 से कम60 से कम
उच्च रक्त चाप (High BP)130 या उससे ज्यादा80 या उससे ज्यादा

नोट : पहले 140/90 होने पर हाई बीपी माना जाता था, लेकिन अब 130/80 को हाई बीपी की श्रेणी में रखा गया है।

पढ़ते रहें यह आर्टिकल

अब जानते हैं कि निम्न रक्तचाप के घरेलू उपचार के लिए क्या-क्या किया जा सकता है।

लो ब्लड प्रेशर (निम्न रक्तचाप) के घरेलू उपाय – Home Remedies for Low Blood Pressure in Hindi

 निम्न रक्तचाप के घरेलू उपचार कुछ इस प्रकार हैं :

1. बीपी लो के लिए कॉफी

सामग्री :

  • 1-2 चम्मच कॉफी पाउडर
  • चीनी (आवश्यकतानुसार)
  • 1 कप गर्म पानी

उपयोग का तरीका :

  • एक कप गर्म पानी में कॉफी व चीनी मिलाएं और धीरे-धीरे पिएं।
  • जब तक लो बीपी की समस्या ठीक न हो, तब तक रोज एक कप पिएं।
  • जिन्हें लो बीपी की समस्या है, वो हर रोज कॉफी को अपनी डाइट में शामिल कर सकते हैं।

कैसे फायदेमंद हो सकता है?

कॉफी बीपी बढ़ाने का तरीका हो सकता है। पोस्टपेंडियल ऑर्थोस्टेटिक हाइपोटेंशन यानी खाने के ठीक बाद होने वाली लो बीपी की समस्या के लिए कॉफी लाभकारी हो सकता है। एनसीबीआई की वेबसाइट पर प्रकाशित एक शोध में यह बात सामने आई है। दरअसल, कॉफी को कैफीन का समृद्ध स्रोत माना गया है, जो लो बीपी में उपयोगी हो सकता है (5)। इसके साथ ही कॉफी ऑर्थोस्टैटिक हाइपोटेंशन यानी अचानक पोजीशन बदलने के कारण होने वाले लो बीपी के लिए भी असरदार घरेलू उपाय हो सकती है। ध्यान रहे कॉफी का जरूरत से ज्यादा सेवन करना डिहाइड्रेशन का कारण बन सकता है। इसलिए, डॉक्टर की सलाह पर ही इसकी मात्रा तय करें (6)।

2. ब्लड प्रेशर लो के लिए नमक पानी घोल 

सामग्री :

  • आधा चम्मच नमक
  • 1 गिलास पानी

उपयोग का तरीका :

  • एक गिलास पानी में आधा चम्मच नमक मिलाएं।
  • अब इस घोल को पिएं।
  • इसे हर कुछ घंटे में पिएं, जब तक कि बेहतर महसूस न हो।

कैसे फायदेमंद हो सकता है?

अगर लो बी पी के उपाय की बात की जाए, तो अधिकतर लोग घरेलू उपाय के तौर पर नमक पानी का घोल पीने की सलाह देते हैं। ऐसे में जिनको लो बीपी है, खासतौर से जिन्हें न्यूरली मेडिएटेड हाइपोटेंशन है, उनके लिए डाइट में अधिक मात्रा में नमक शामिल करना लाभकारी हो सकता है (2)। यह बीपी बढ़ाने का तरीका आसान और असरदार हो सकता है।

3. ब्लड प्रेशर लो के लिए तुलसी

सामग्री :

  • 8 से 10 तुलसी की पत्तियां
  • एक से डेढ़ कप पानी
  • एक छोटा नींबू
  • एक सॉस पैन

उपयोग का तरीका :

  • एक सॉस पैन लें और उसमें पानी व तुलसी की पत्तियां डालकर गैस पर चढ़ा दें।
  • इसे थोड़ी देर उबलने दें।
  • इस बीच एक कटोरी में नींबू का रस निकाल लें।
  • फिर जब पानी उबल जाए, तो उसे छानकर कप में निकाल लें।
  • उसके बाद इसमें नींबू का रस मिला लें।
  • फिर इसका सेवन करें।

कैसे फायदेमंद हो सकता है?

तुलसी का उपयोग कई सालों से न सिर्फ पूजा-पाठ में बल्कि औषधि के रूप में भी किया जाता रहा है। अगर बात करें लो बीपी की, तो तुलसी का उपयोग फायदेमंद हो सकता है। इसकी पुष्टि 18 से 30 वर्ष की महिलाओं पर किए गए शोध से हुई है। तुलसी के जूस का उपयोग हाइपोटेंशन में लाभकारी हो सकता है (7)। हैरानी की बात यह है कि तुलसी निम्न के साथ-साथ उच्च रक्तचाप को संतुलित करने में भी सहायक हो सकती है (8)। देखा जाए तो तुलसी मुख्य रूप से रक्तचाप को संतुलित रखने का काम करती है।

4. लो ब्लड प्रेशर के लिए मुलेठी

सामग्री :

  • 1 चम्मच मुलेठी का पाउडर
  • 1 कप पानी
  • शहद स्वादानुसार

उपयोग का तरीका :

  • एक कप पानी में एक चम्मच लिकोराइस पाउडर डालें।
  • इसे सॉस पैन में 5 मिनट के लिए उबाल लें।
  • फिर इसे थोड़ी देर हल्का ठंडा होने दें।
  • अब इसमें शहद मिलाएं और सेवन करें।
  • इस चाय को रोजाना 1 बार पी सकते हैं।

कैसे फायदेमंद हो सकता है?

लो बीपी का इलाज करने के लिए लिकोराइस का उपाय यानी मुलेठी का सेवन किया जा सकता है। इसकी जड़ें हाइपोटेंशन से पीड़ित व्यक्तियों के लिए लाभदायक हो सकती हैं। एक रिपोर्ट के अनुसार, लिकोराइस रक्तचाप को बढ़ाकर लो ब्लड प्रेशर की स्थिति में सुधार कर सकता है (9)। एक अन्य स्टडी में भी लगातार दो हफ्ते तक मुलेठी के सेवन से ब्लड प्रेशर बढ़ने की बात सामने आई है (10)।

5. लो ब्लड प्रेशर के लिए रोजमेरी 

सामग्री :

  • रोजमेरी तेल की 6 बूंदें
  • एक चम्मच नारियल या जैतून का तेल

उपयोग का तरीका :

  • नारियल या जैतून के तेल में रोजमेरी तेल को मिलाएं।
  • तेल के इस मिश्रण से पूरे शरीर की मालिश करें।
  • चाहें तो नहाने के पानी में भी रोजमेरी की कुछ बूंदें मिला सकते हैं।

कैसे फायदेमंद हो सकता है?

लो बीपी के उपाय में आप रोजमेरी तेल को शामिल कर सकते हैं। दरसअल, एनसीबीआई की वेबसाइट पर प्रकाशित 32 लोगों पर की गई एक स्टडी में रोजमेरी तेल को हाइपोटेंशन के लिए लाभकारी पाया गया है। रोजमेरी तेल अपने एंटीहाइपोटेंसिव गुण से निम्न रक्तचाप को ठीक कर सकता है (11)। बीपी लो होने के लक्षण और नुकसान से बचने के लिए इस तेल का इस्तेमाल किया जा सकता है। रोजमेरी तेल से एरोमा थेरेपी भी ली जा सकती है।

पढ़ते रहें आर्टिकल

6. लो बीपी के लिए नींबू का रस

सामग्री :

  • आधा नींबू
  • एक गिलास पानी

उपयोग करने का तरीका :

  • एक गिलास पानी में आधा नींबू निचोड़ें और पी जाएं।
  • लो बीपी होने पर नींबू पानी में नमक मिलाकर भी सेवन किया जा सकता है।

कैसे फायदेमंद हो सकता है?

जैसे कि हमने पहले ही जानकारी दी है कि हाइपोटेंशन का एक कारण शरीर में तरल की कमी भी है (3)। ऐसे में निर्जलीकरण के कारण हाइपोटेंशन से पीड़ित लोगों कि लिए नींबू का उपयोग कारगर उपाय हो सकता है। दरअसल, इस दौरान पानी का ज्यादा से ज्यादा सेवन जरूरी हो जाता है और नींबू का रस पानी में स्वाद जोड़ सकता है, जिससे मरीज ज्यादा से ज्यादा पानी पी सकता है (12)। साथ ही ध्यान रहे कि एक शोध में यह बात भी सामने आई है कि नींबू का सेवन और नियमित वॉक करने से रक्तचाप कम भी हो सकता है (13)। इसलिए, नींबू का सेवन संतुलित मात्रा में ही करें।

7. लो बीपी के लिए चाय 

सामग्री :

  • एक कप दूध
  • एक से दो चम्मच अपनी पसंद की कोई भी चाय पत्ती
  • एक चौथाई कप पानी
  • स्वादानुसार चीनी
  • एक सॉस पैन

उपयोग का तरीका :

  • सबसे पहले सॉस पैन में पानी उबाल लें।
  • फिर मध्यम आंच कर पानी में चीनी और चाय पत्ती डालें।
  • अब इसमें दूध डालें और चाय को खौलने दें।
  • जब चाय तैयार हो जाए तो गरमा गर्म सेवन करें।

कैसे फायदेमंद हो सकता है?

लो बीपी के उपाय में चाय भी शामिल है। चाय का सेवन ऑर्थोस्टैटिक हाइपोटेंशन में लाभकारी हो सकता है। दरअसल, चाय में कैफीन होता है, जो लो ब्लड प्रेशर  पर प्रभावकारी हो सकता है। ऐसे में लो बीपी की समस्या से परेशान लोग अपने पूरे दिन की डाइट में एक या दो बार चाय को शामिल कर सकते हैं। साथ ही ध्यान रहे कि कैफीन से डिहाइड्रेशन की परेशानी भी हो सकती है, इसलिए संतुलित मात्रा में सेवन करना उचित हो सकता है (6)।

8. लो बीपी के लिए पोषक तत्व

कई बार पोषक तत्वों की कमी भी लो बीपी का कारण बन सकती है (14)। खासतौर पर, विटामिन बी 12 और फोलेट की कमी एनीमिया (खून की कमी) का कारण बन सकता है, जिससे लो बी पी की शिकायत हो सकती है। लेख में आगे हम लो ब्लड प्रेशर में क्या खाएं इस बारे में भी जानकारी देंगे।

बने रहें हमारे साथ

अब जानते हैं लो ब्लड प्रेशर के लिए डॉक्टर की सलाह की जरूरत कब हो सकती है। 

लो ब्लड प्रेशर के लिए डॉक्टर की सलाह कब लेनी चाहिए?

अगर लो ब्लड प्रेशर में नीचे बताई गई समस्याएं नजर आएं, तो तुरंत डॉक्टरी सलाह जरूरी होती है (2) :

  • काला या मरून मल आना।
  • छाती में दर्द होना।
  • चक्कर आना।
  • बेहोश होने पर देरी न करें।
  • 100 से ऊपर बुखार होने पर।
  • सांस लेने में कठिनाई महसूस होने पर।
  • हार्ट बीट के अनियमित होने पर डॉक्टर से चेकअप करवाएं।

अभी बाकी है जानकारी

अब जानते हैं कि लो ब्लड प्रेशर का उपचार के क्या तरीके हो सकते हैं।

लो ब्लड प्रेशर का इलाज – Treatments for Low Blood Pressure in Hindi

देखा जाए तो एक स्वस्थ व्यक्ति में लो ब्लड प्रेशर के उपचार की आवश्यकता नहीं होती है। बीपी लो होना सामान्य है और निम्न रक्तचाप के लक्षण कुछ घरेलू उपाय से ही ठीक हो सकते हैं। हां, अगर किसी को निम्न रक्तचाप की गंभीर समस्या है, तो उसे उपचार की आवश्यकता हो सकती है। लो ब्लड प्रेशर का उपचार उसके कारण और लक्षणों पर निर्भर करता है। नीचे हम उन्हीं के बारे में जानकारी दे रहे हैं (2)  :

  • बीपी लो का इलाज के लिए डॉक्टर शरीर में रक्त चढ़ाने की सलाह दे सकते हैं।
  • लो ब्लड प्रेशर का उपचार के तौर पर रक्तचाप बढ़ाने और हृदय की शक्ति में सुधार करने के लिए लो ब्लड प्रेशर की दवा दे सकते हैं।
  • बीपी लो का इलाज के लिए अन्य दवाएं, जैसे कि एंटीबायोटिक्स दे सकते हैं।
  • अगर किसी खास प्रकार की दवाइयों के वजह से लो बीपी हो, तो बीपी लो का इलाज के तौर पर दवाइयों की डोज में बदलाव किया जा सकता है।
  • डिहाइड्रेशन से बचने के लिए ज्यादा से ज्यादा तरल पदार्थ का सेवन करने की सलाह दी जा सकती है।

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निम्न रक्तचाप के घरेलू उपचार के साथ-साथ ब्लड प्रेशर लो में क्या खाएं, यह जानना भी जरूरी है। 

लो बीपी (निम्न रक्तचाप) में आहार – Low Blood Pressure Diet in Hindi

कई बार पोषक तत्वों की कमी से भी लो बीपी की समस्या हो सकती है। ऐसे में नीचे पढ़ें कि ब्लड प्रेशर लो में क्या खाएं :

  • जैसे कि हमने पहले ही जानकारी दी है कि विटामिन-बी12 और फोलेट की कमी एनीमिया का कारण बन सकती है, जिससे लो बीपी हो सकता है। ऐसे में व्यक्ति अपने लो ब्लड प्रेशर डाइट में विटामिन-बी12 और फोलेट युक्त खाद्य पदार्थों को शामिल कर सकता है (14)।
  • विटामिन-बी12 के लिए खाने में दही, चिकन, अंडे, दूध और दूध उत्पाद शामिल कर सकते हैं (15)। वहीं फोलेट के लिए खाने में साइट्रस फल, दूध उत्पाद, अंडा, नट्स, बीन्स शामिल कर सकते हैं (16)। अब अगर कोई यह पूछे कि लो ब्लड प्रेशर में क्या खाएं, तो विटामिन-बी12 और फोलेट को ध्यान में जरूर रखें।
  • कैफीन रक्तचाप को अस्थायी रूप से बढ़ाने में मदद कर सकता है। इसलिए, लो ब्लड प्रेशर डाइट में कॉफी या अन्य कैफीन युक्त खाद्य पदार्थों का सेवन कर सकते हैं (5)।
  • इन सबके साथ लो बीपी के उपाय के रूप में लो ब्लड प्रेशर डाइट चार्ट में हरी सब्जियों और फलों का भी नियमित सेवन करते रहें।

नोट : यहां नमूने के तौर पर खाद्य पदार्थ बताए गए हैं। व्यक्ति चाहे तो अपनी उम्र और शारीरिक स्थिति के अनुसार लो ब्लड प्रेशर डाइट चार्ट की जानकारी आहार विशेषज्ञ या डॉक्टर से भी ले सकते हैं।

अब जानते हैं लो बीपी से बचाव के उपाय।

लो ब्लड प्रेशर से बचाव – Prevention Tips for Low BP in Hindi

नीचे बताए गए उपायों को फॉलो कर लो ब्लड प्रेशर से बचाव किया जा सकता है (2) :

  • ज्यादा से ज्यादा तरल पदार्थ का सेवन करें।
  • सोने या कहीं बैठने के बाद धीरे-धीरे उठें या धीरे बैठें। न तो झटके से उठें और न बैठें।
  • शराब का सेवन न करें।
  • ज्यादा देर तक खड़े न रहें।
  • कम्प्रेशन स्टॉकिंग्स पहनें ताकि पैरों में रक्त इकट्ठा न हो।

निम्न रक्तचाप के लक्षण और उपचार संबंधी सावधानी बरतकर निम्न रक्तचाप की स्थिति से बचा जा सकता है। अगर बार-बार लो बीपी के लक्षण देखते हैं, तो तुरंत बीपी की जांच कराएं। साथ ही इस लेख में बताए गए लो निम्न रक्तचाप के घरेलू उपचार भी आजमा सकते हैं। ये बीपी लो के घरेलू उपाय लक्षणों को कम करके कुछ राहत दिला सकते हैं। वहीं, अगर बीपी लो होने की समस्या गंभीर है, तो लो ब्लड प्रेशर का उपचार कराना जरूरी हो सकता है। ऐसे में बीपी लो के घरेलू उपाय पर निर्भर न रहकर निम्न रक्तचाप का इलाज डॉक्टर या विशेषज्ञ से कराएं। हमारी यही राय है कि निम्न रक्तचाप के लक्षण से बचने के लिए सही आहार लें और जीवनशैली में बदलाव करें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

अगर रक्तचाप अचानक कम हो जाए तो क्या करें?

अगर बीपी अचानक से कम हो जाए, तो लेख में बताए गए बीपी लो के घरेलू उपाय में से कोई भी उपाय अपना सकते हैं।

क्या निम्न रक्तचाप से थकावट हो सकती है?

हां, निम्न रक्तचाप से थकावट हो सकती है। देखा जाए तो यह लो बीपी के लक्षणों में से एक है (3)।

क्या निम्न रक्तचाप के कारण दिल का दौरा पड़ सकता है?

हां, अगर लो ब्लड प्रेशर की गंभीर समस्या हो तो दिल का दौरा पड़ सकता है (2)।

क्या थकान निम्न रक्तचाप का लक्षण है?

हां, थकान लो बीपी के लक्षणों में से एक है (3)।

यदि रक्तचाप बहुत कम है तो आप क्या कर सकते हैं?

अगर रक्तचाप बहुत कम हो जाए, तो बिना देरी के डॉक्टरी की सलाह लेना जरूरी है।

मैं अपना रक्तचाप तुरंत कैसे बढ़ा सकता हूं?

तुरंत रक्तचाप बढ़ाने के लिए ऊपर लेख में बताए गए घरेलू उपाय किए जा सकते हैं।

क्या लो ब्लड प्रेशर होने से पसीना आ सकता है?

किसी तरह के शॉक के वजह से ब्लड प्रेशर लो होने पर पसीना आ सकता है (1)।

क्या बीपी लो में कॉफी के फायदे हो सकते हैं?

हां, बीपी लो में कॉफी के फायदे हो सकते हैं, क्योंकि इसमें कैफीन होता है, जो लाभकारी हो सकता है। इस संबंध में ऊपर लेख में विस्तार से बताया गया है।

16 संदर्भ (Sources)

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Arpita Biswas

अर्पिता ने पटना विश्वविद्यालय से मास कम्यूनिकेशन में स्नातक किया है। इन्होंने 2014 से अपने लेखन करियर की शुरुआत की थी। इनके अभी तक 1000 से भी ज्यादा आर्टिकल पब्लिश हो चुके हैं। अर्पिता को विभिन्न विषयों पर लिखना पसंद है, लेकिन उनकी विशेष रूचि हेल्थ और घरेलू उपचारों पर लिखना है। उन्हें अपने काम के साथ एक्सपेरिमेंट करना और मल्टी-टास्किंग काम करना पसंद है। इन्हें लेखन के अलावा डांसिंग का भी शौक है। इन्हें खाली समय में मूवी व कार्टून देखना और गाने सुनना पसंद है।

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