पेट के निचले हिस्से में दर्द के कारण, लक्षण और घरेलू इलाज – Lower Abdominal Pain In Hindi

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महिला हो या पुरुष दोनों को कभी न कभी पेट में दर्द तो हुआ ही होगा, लेकिन क्या कभी आपको पेट के निचले हिस्से में दर्द से जूझना पड़ा है? अगर नहीं, तो इसके बारे में जानना जरूरी है, ताकि आप इससे अपना बचाव और इसका इलाज सही तरीके से कर पाएं। स्टाइलक्रेज के इस लेख में हम विस्तार से बता रहे हैं पेट के निचले हिस्से में दर्द के कारण, लक्षण और पेट के निचले हिस्से में दर्द के घरेलू इलाज के बारे में। साथ ही इससे जुड़ी अन्य जरूरी जानकारी भी यहां साझा की गई है। वहीं, लेख में दी गई सभी जानकारी वैज्ञानिक अध्ययनों पर आधारित है। आइये, लेख में आगे बढ़ते हैं और जानते हैं विस्तार से इसके बारे में।

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आर्टिकल में सबसे पहले हम आपको बता रहे हैं पेट के निचले हिस्से में दर्द क्या है।

पेट के निचले हिस्से में दर्द : What is Lower abdominal pain

पेट के निचले हिस्से में होने वाला दर्द महिला और पुरुष किसी को भी हो सकता है। यह पेल्विक पेन (Pelvic pain) के रूप में सामने आ सकता है, जिसमें गर्भाशय, अंडाशय, फैलोपियन ट्यूब, गर्भाशय ग्रीवा और योनि से जुड़ी समस्या इसका कारण हो सकती है। वहीं, पुरुषों में इसका कारण प्रोस्टेट से जुड़ी कोई समस्या हो सकती है। वैसे तो इस दर्द का होना सामान्य है, लेकिन यह दर्द अगर तीर्व हो और सहन करना मुश्किल हो, तो शीघ्र ही डॉक्टर के पास चेकअप के लिए जाना चाहिए (1)। नीचे विस्तार से जानिए इससे जुड़ी जरूरी बातें।

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आगे जानिए पेट दर्द और पेट के निचले हिस्से में दर्द के बीच क्या अंतर होता है।

पेट दर्द और पेट के निचले हिस्से में दर्द के बीच अंतर

पेट दर्द और पेट के निचले हिस्से में दर्द के बीच बड़ा अंतर है। ये अंतर इनके अंतर्गत आने वाले शारीरिक भाग के रूप में देखा जा सकता है। जैसे पेट, छाती और ग्रोइन (वो भाग जहां से पेट का क्षेत्र खत्म होता है और जांघ शुरू होती है) के बीच का हिस्सा होता है। इस भाग में होने वाले दर्द को पेट दर्द का कारण माना जा सकता है (2)। वहीं, लोअर एब्डोमिनल दर्द को पेल्विक क्षेत्र में होने वाले दर्द के रूप में देखा जाता है, जिसमें गर्भाशय, अंडाशय, फैलोपियन ट्यूब, गर्भाशय ग्रीवा और योनी महिलाओं में और पुरुषों में लिंग व अंडकोष जैसे रिप्रोडक्टिव अंग शामिल होते हैं (1)।

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आर्टिकल में आगे जानते हैं निचले एब्डोमिनल पेन के लक्षण के बारे में।

निचले एब्डोमेन में दर्द के लक्षण क्या हैं?

लोवर एब्डोमिनल दर्द के कई लक्षण हो सकते हैं, जिनके आधार पर इस समस्या को दूर करने के लिए इलाज किया जा सकता है। नीच हम आपको बता रहे हैं लोअर एब्डोमेन पेन के लक्षण क्या-क्या हो सकते हैं (3) –

  • शारीरिक संबंध बनाते समय असहनीय दर्द होना।
  • मासिक धर्म के दौरान तीर्व दर्द होना।
  • मल त्यागने के दौरान दर्द महसूस होना।
  • लंबे समय तक बैठने के बाद दर्द महसूस होना है।
  • कुछ भारी उठाने पर दर्द महसूस हो सकता है।

नोट – ऊपर बताए गए लक्षण निचले एब्डोमेन में दर्द के सामान्य लक्षण हैं। इसके और भी कई लक्षण हो सकते हैं, जो इसके होने के कारण पर निर्भर करते हैं।

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आर्टिकल के इस हिस्से में हम आपको बता रहे हैं कि निचले एब्डोमेन में दर्द का कारण क्या है।

निचले एब्डोमेन में दर्द का कारण क्या है

निचले एब्डोमेन में दर्द के कारण कई हो सकते हैं। नीचे विस्तार से निचले एब्डोमेन में दर्द का कारण बताया जा रहा है (3)।

  • इर्रिटेबल बॉउल सिंड्रोम : यह आंतों से जुड़ा विकार है, जो पेट में ऐंठन, दर्द, गैस, दस्त और कब्ज की समस्या का कारण बन सकता है।
  • मस्कुलोस्केलेटल पेल्विक फ्लोर पेन : यह पेल्विक की मांसपेशियों और हड्डियों से जुड़ा दर्द है।
  • पेनफुल ब्लेडर सिंड्रोम : यह एक गंभीर क्रॉनिक स्थिति है, जो मूत्राशय को प्रभावित करती है। इसमें मूत्राशय में दर्द, जलन और दवाब महसूस होता है (4)।
  • प्रिफेलर न्यूरोपैथी : यह समस्या मस्तिष्क और रीढ़ की हड्डी से शरीर के बाकी हिस्सों तक संदेश ले जाने और लाने वाली तंत्रिकाओं (Peripheral nerves) के क्षतिग्रस्त होने पर होती है (5)।

इसके अलावा, पेट के निचले हिस्से में दर्द के अन्य कारण भी हो सकते हैं – (6)

  • मूत्र पथ के संक्रमण यानी यूटीआई
  • किडनी स्टोन
  • गर्भाशय संबंधी विकार
  • लाेअर लोब निमोनिया, एक प्रकार का निमोनिया है, जो फेफड़े को प्रभावित करता है।
  • कोलेसिस्टिटिस (पित्ताशय की सूजन)
  • गैस्ट्रोएंट्राइटिस (आंत से जुड़ा संक्रमण)
  • वैस्कुलाइटिस यानी रक्त वाहिकाओं की सूजन

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यहां हम जानते हैं निचले पेट में दर्द की जटिलताओं के बारे में।

पेट के निचले हिस्से में दर्द की संभावित जटिलताएं क्या हैं?

पेट के निचले हिस्से में दर्द कई जटिलताएं उत्पन्न कर सकता है, जिसमें से कुछ के बारे में हम नीचे बता रहे हैं (3) :

  • पेल्विक दर्द की क्रॉनिक स्थिति
  • अनिद्रा की समस्या
  • सर्जरी
  • संक्रमण
  • रक्तस्राव की समस्या

और भी जानकारी

नीचे हम बता रहे हैं पेट के निचले हिस्से में होने वाले दर्द को दूर करने के घरेलू उपचार।

पेट के निचले हिस्से में दर्द को कम करने के घरेलू उपचार

नीचे अब हम पेट के निचले हिस्से में दर्द को कम करने के घरेलू उपचार बता रहे हैं। वहीं, इस बात का भी ध्यान रखें कि नीचे बताए जा रहे उपाय किसी भी तरीके से पेट के निचले हिस्से में दर्द का डॉक्टरी इलाज नहीं हैं। ये केवल कुछ हद तक आराम देने में मदद कर सकते हैं।

1. फाइबर युक्त खाद्य पदार्थों का सेवन

फाइबर युक्त खाद्य पदार्थों का सेवन कई समस्याओं को दूर रखने में मददगार हो सकते हैं। शोध में पाया गया कि फाइबर युक्त खाद्य पदार्थ ना सिर्फ पाचन क्षमता में सुधार कर सकता है बल्कि इर्रिटेबल बाउल सिंड्रोम के लक्षण जैसे कब्ज और दस्त को दूर कर पेट के निचले भाग में होने वाले दर्द से निजात दिलाने में सहायक हो सकता है (7)। वहीं, हम लेख में बता चुके हैं कि इर्रिटेबल बाउल सिंड्रोम भी पेट के निचले हिस्से में दर्द का एक कारण हो सकता है। फाइबर के अच्छे स्रोत के रूप में फल, सब्जियों और अनाज को शामिल किया जाता सकता है (8)।

2. नियमित व्यायाम

नियमित रूप से की गई एक्सरसाइज भी पेट के निचले हिस्से में होने वाले दर्द में राहत का काम कर सकती है। विशेषज्ञ की देखरेख में की गई एक्सरसाइज पेल्विक क्षेत्र की मांसपेशियों को मजबूत करने में मदद कर सकती हैं। इनमें रिलेक्सिंग टेक्निक, स्ट्रैचिंग एक्सरसाइज और स्ट्रेटनिंग पेल्विक फ्लोर मसल एक्सरसाइज को शामिल किया जा सकता है (3)।

3. गर्म पानी

सामान्य पेट के निचले हिस्से के दर्द को दूर करने के लिए गर्म पानी फायदेमंद हो सकता है। इसके लिए लोअर एब्डोमिनल पर गर्म पानी की बोतल या फिर हॉट वाटर बैग रख सकते हैं। इससे दर्द में थोड़ी राहत मिल सकती है। हालांकि, यह उपाय कितना कारगर होगा, इसे लेकर सटीक वैज्ञानिक प्रमाण का अभाव है। वहीं, अगर दर्द ज्यादा है, तो डॉक्टर से संपर्क जरूर करें।

4. पानी का सेवन

निचले पेट दर्द की स्थिति में पानी या फलों के रस का सेवन भी फायदेमंद हो सकता है। दरअसल, पानी की पर्याप्त मात्रा इर्रिटेबल बॉउल सिंड्रोम के लक्षण जैसे कब्ज में मददगार हो सकती है। जैसा कि हमने ऊपर बताया कि इर्रिटेबल बॉउल सिंड्रोम भी पेट के निचले हिस्से में दर्द का एक कारण है। पानी पीने से कब्ज की समस्या को दूर किया जा सकता है। इसके अलावा, इससे दस्त के कारण होने वाली पानी की कमी को भी दूर किया जा सकता है (9)। फिलहाल, इस पर अभी और शोध की आवश्यकता है।

5. मेडिटेशन

मेडिटेशन के द्वारा भी दर्द की अवस्था को कम किया जा सकता है। इससे जुड़े एक शोध में जिक्र मिलता है कि माइंडफुलनेस थेरेपी (इसमें मेडिटेशन भी शामिल है), जो मुख्य रूप से तनाव को कम करने के लिए की जाती है, इर्रिटेबल बॉउल सिंड्रोम में सुधार का काम कर सकती है। वहीं, हम बता चुके हैं कि पेट के निचले हिस्से में दर्द का एक कारण इर्रिटेबल बॉउल सिंड्रोम भी है। इससे हम यह कह सकते हैं कि मेडिटेशन, पेट के निचले हिस्से में होने वाले दर्द के समय फायदेमंद हो सकता है (10)।

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यहां हम आपको बता रहे हैं कि कब डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए।

डॉक्टर की मदद कब लें : When to seek medical help

पेट के निचले हिस्से में दर्द की कुछ अवस्थाओं में डॉक्टर को दिखाना जरूरी हो सकता है। यहां हम बता रहे हैं कि डॉक्टर के पास कब जाना चाहिए।

  • गंभीर दर्द की स्थिति।
  • गर्भावस्था में पेट के निचले हिस्से में अधिक दर्द होने पर।
  • गर्भावस्था में योनि से रक्तस्राव होने पर।
  • कई घंटों तक दर्द बना रहने पर।
  • बुखार आने पर।
  • गैस पास करने में असमर्थता होने पर।
  • पेशाब करने में कठिनाई होने पर।
  • शारीरिक संबंध बनाते समय अधिक दर्द होने पर।

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जानते हैं निचले पेट दर्द के निदान के बारे में।

निचले पेट दर्द का निदान

निचले पेट दर्द का निदान करने के लिए नीचे बताए गए टेस्ट किए जा सकते हैं (11) –

  • सीटी स्कैन : इसे टेस्ट के जरिए निचले पेट दर्द का कारण और इसकी गंभीरता की जांच की जा सकती है।
  • अल्ट्रासाउंड : सीटी स्कैन के अलावा, डॉक्टर अल्ट्रासाउंड के जरिए भी पेट के निचले हिस्से में दर्द के कारण का पता लगा सकता है। इसके अलावा, डॉक्टर एक्स-रे भी कर सकता है।
  • यूरीन टेस्ट : मूत्र मार्ग से जुड़े संक्रमण का पता लगाने के लिए डॉक्टर यूरीन टेस्ट भी कर सकता है।
  • लिंग और अंडकोष की जांच : पुरुषों में पेट के निचले हिस्से में दर्द का पता लगाने के लिए लिंग और अंडकोष की जांच भी की जा सकती है।
  • रक्त की जांच – किसी भी प्रकार के संक्रमण की जांच के लिए डॉक्टर ब्लड टेस्ट भी कर सकता है।

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अब नीचे जानिए इससे जुड़े मेडिकल ट्रीटमेंट के बारे में।

पेट के निचले हिस्से में दर्द के लिए मेडिकल ट्रीटमेंट

पेट के निचले हिस्से में दर्द का इलाज इसके कारणों पर निर्भर करता है। इसके लिए डॉक्टर ऊपर बताए गए टेस्ट कर निचले पेट के दर्द का कारण पता लगाएगा और फिर कारण पकड़ आने पर इलाज प्रक्रिया को आगे बढ़ाएगा। वहीं, साधारण दर्द की स्थिति में डॉक्टर पेन किलर या अन्य दवा दे सकता है। इसके अलावा, डॉक्टर खानपान से जुड़ी सावधानियां भी बता सकता है (12)।

जानें और

यहां हम आपको बता रहे हैं पेट के निचले हिस्से में दर्द से बचने के लिए क्या नहीं करना चाहिए।

पेट के निचले हिस्से में दर्द से बचने के लिए कौन-कौन सी चीजों से बचना चाहिए

पेट के निचले हिस्से के दर्द को रोकने के लिए कुछ चीजों का परहेज किया जा सकता है, जैसे –

  • अल्कोहल का सेवन न करें, क्योंकि यह दर्द को बदतर बना सकता है।
  • बिना डॉक्टर की सलाह के किसी भी दवा का सेवन न करें।
  • कुछ समय के लिए शारीरिक संबंध से परहेज किया जा सकता है।
  • मसालेदार और देर से पचने वाले आहार का सेवन न करें, इससे मल त्यागने में समस्या हो सकती है।

आर्टिकल के माध्यम से आपने पेट के निचले हिस्से में दर्द के बारे में विस्तार से जाना। साथ ही यहां हमने इससे निपटने के कुछ घरेलू उपाय भी बताए हैं। अब हम उम्मीद करते हैं कि आप स्वयं का और अपने परिवार का पेट के निचले हिस्से में होने वाले दर्द से बचाव कर पाएंगे। वहीं, दर्द अगर ज्यादा हो या अन्य गंभीर लक्षण दिखाई दें, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। इसकी जटिलताओं से बचे रहने के लिए आपका जागरूक रहना बहुत जरूरी है। स्वास्थ्य संबंधी अधिक जानकारी के लिए बने रहिए स्टाइलक्रेज के साथ।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल :

महिलाओं में पेट के निचले हिस्से में दर्द का क्या कारण होता है?

महिलाओं में पेट के निचले हिस्से में दर्द होने के कई कारण हो सकते हैं। जैसे मासिक धर्म, गर्भावस्था, यूटीआई या इर्रिटेबल बॉउल सिंड्रोम।

पेट दर्द के बारे में कब चिंतित होना चाहिए?

जब पेट दर्द की स्थिति अधिक गंभीर होने लगे और इसके साथ अन्य लक्षण दिखाई देने लगें।

पेट के निचले हिस्से में कौन से अंग होते हैं?

जैसा कि हमने लेख में बताया कि महिलाओं के पेट के निचले हिस्से में गर्भाशय, अंडाशय, फैलोपियन ट्यूब, गर्भाशय ग्रीवा और योनि जैसे अंग होते हैं। वहीं, पुरुषों में लिंग, मुत्राशय, प्रोस्टेट और अंडकोश जैसे अंग शामिल हैं।

12 संदर्भ (Sources):

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Saral Jain

सरल जैन ने श्री रामानन्दाचार्य संस्कृत विश्वविद्यालय, राजस्थान से संस्कृत और जैन दर्शन में बीए और डॉ. सी. वी. रमन विश्वविद्यालय, छत्तीसगढ़ से पत्रकारिता में बीए किया है। सरल को इलेक्ट्रानिक मीडिया का लगभग 8 वर्षों का एवं प्रिंट मीडिया का एक साल का अनुभव है। इन्होंने 3 साल तक टीवी चैनल के कई कार्यक्रमों में एंकर की भूमिका भी निभाई है। इन्हें फोटोग्राफी, वीडियोग्राफी, एडवंचर व वाइल्ड लाइफ शूट, कैंपिंग व घूमना पसंद है। सरल जैन संस्कृत, हिंदी, अंग्रेजी, गुजराती, मराठी व कन्नड़ भाषाओं के जानकार हैं।

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