मैकेरल मछली के फायदे और नुकसान – Mackerel Fish Benefits and Side Effects in Hindi

Written by , (शिक्षा- एमए इन जर्नलिज्म मीडिया कम्युनिकेशन)

शरीर को स्वस्थ रखने के लिए पोषक तत्वों से भरपूर आहार का सेवन आवश्यक होता है। इसके लिए कुछ लोग फल व हरी सब्जियों को आहार का हिस्सा बनाते हैं। वहीं, कुछ लोग मांसाहारी खाद्य पदार्थों का सेवन करते हैं। मासांहारी खाद्य पदार्थो में मछली ज्यादातर लोगों की पसंदीदा होती है। लाजवाब स्वाद के साथ ही मछली खाने के सेहत के लिए कई फायदे होते हैं। स्टाइलक्रेज के इस आर्टिकल में आज हम एक खास प्रकार की मछली के बारे में बात कर रहे हैं, जिसका नाम है मैकेरल। इस लेख में मैकेरल मछली के फायदे और उपयोग के तरीके से जुड़ी जानकारी साझा करेंगे। मैकरल मछली से जुड़ी संपूर्ण विस्तृत जानकारी के लिए लेख को अंत तक अवश्य पढ़ें।

नीचे है पूरी जानकारी

मैकेरल फिश इन हिंदी में सबसे पहले जानते हैं मैकेरल मछली के फायदे के बारे में।

मैकेरल मछली के फायदे – Benefits of Mackerel Fish in Hindi

मैकेरल मछली को आहार का हिस्सा बनाना स्वास्थ्य के लिए लाभकारी हो सकता है। नीचे क्रमवार तरीके से इसके फायदों के बारे में बता रहे हैं। वहीं, इस बात का अवश्य ध्यान रखें कि मैकेरल मछली किसी भी बीमारी का सटीक उपचार नहीं है। यह सिर्फ नीचे दी गई परेशानियों से बचाव व कुछ हद तक इनके लक्षणों को कम करने में सहायक हो सकती है।

1. ह्रदय के लिए फायदेमंद

हृदय स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने में मैकेरल मछली खाने के फायदे देखे जा सकते हैं। दरअसल, एक शोध में बताया गया है कि मैकेरल मछली ओमेगा 3 फैटी एसिड का अच्छा स्रोत होती है। इस वजह से इसका सेवन हृदय को स्वस्थ बनाए रखने के साथ ही स्ट्रोक के जोखिम को कम करने में मदद कर सकता है (1)।

इसके अलावा, ओमेगा 3 फैटी एसिड युक्त मैकेरल मछली शरीर में गुड कोलेस्ट्रोल के स्तर को बढ़ाने के साथ हृदय को खून के थक्के जमा होने व सूजन से बचाने में सहायक हो सकती है। यही वजह है कि हफ्ते में दो बार मैकेरल मछली खाने की सलाह दी जाती है (2)।

2. रक्तचाप नियंत्रण में सहायक

मैकेरल फिश खाने के फायदे रक्तचाप को नियंत्रित रखने के लिए देखे जा सकते हैं। जैसा कि ऊपर लेख में पहले ही बताया जा चुका है कि मैकेरल मछली में ओमेगा 3 फैटी एसिड प्रचूर मात्रा में मौजूद होता है (1)। वहीं, ओमेगा 3 फैटी एसिड बढ़ते रक्तचाप की समस्या से निजात दिलाने में असरदार हो सकता है (3)। ऐसे में यह कहना गलत नहीं होगा कि उच्च रक्तचाप को नियंत्रित करने में मैकेरल मछली का सेवन उपयोगी साबित हो सकता है।

3. मधुमेह में मददगार

मैकेरल फिश के सेवन से मधुमेह यानी टाइप 2 डायबिटीज का जोखिम कम हो सकता है। दरअसल, इस संबंध में एक शोध किया गया। परीक्षण के दौरान कुछ पुरुषों को नियमित रूप से मैकेरल फिश का सेवन कराया गया। शोध में यह बात सामने आई कि मैकेरल मछली का सेवन करने से टाइप 2 डायबिटीज के जोखिम को कम किया जा सकता है। इसके पीछे मैकेरल फिश में मौजूद ओमेगा 3 फैटी एसिड व विटामिन डी को प्रभावी माना जा सकता है (4)।

4. रोग प्रतिरोधक क्षमता के लिए

शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता यानी इम्यून सिस्टम को बूस्ट करने के लिए भी मैकरल मछली असरदार हो सकती है। दरअसल, मैकेरल फिश में विटामिन-डी प्रचूर मात्रा में मौजूद होता है (5)। शोध की मानें, तो विटामिन डी को इम्यूनोमॉड्यूलेशन के लिए जाना जाता है (6)। इम्यूनोमॉड्यूलेशन यानी शरीर में आवश्यकतानुसार रोग प्रतिरोधक क्षमता का खुद-ब-खुद बढ़ना व कम होना। इसके अलावा इसमें सेलेनियम भी मौजूद होता है (5)। ऐसे में सेलेनियम की कमी से होने वाली इम्यून सिस्टम की कमजोरी से बचा जा सकता है (7)।

5. कोलेस्ट्रॉल के लिए

कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित करने के लिए भी मैकेरल मछली के फायदे देखे जा सकते हैं। दरअसल, मैकेरल मछली में भरपूर मात्रा में ओमेगा 3 फैटी एसिड मौजूद होता है। ओमेगा 3 फैटी एसिड शरीर में एचडीएल यानी अच्छे कोलेस्ट्रॉल के स्तर को बढ़ाने में मददगार हो सकता है (2)। बता दें कि गुड कोलेस्ट्रोल एलडीएल यानी खराब कोलेस्ट्रॉल को कम करने में सहायक हो सकता है (8)।

6. वजन कम करने में मददगार

मैकेरल मछली मोटापे से राहत दिलाने व वजन को नियंत्रित करने में लाभकारी हो सकती है। एक शोध में साफतौर से इस बात का जिक्र मिलता है कि मैकेरल मछली में पॉलीअनसैचुरेटेड फैटी एसिड पाया जाता है, जिस वजह से इसका सेवन वजन कम करने से जुड़ा हुआ है (9)। ऐसे में वजन को नियंत्रित करने का प्रयास कर रहे लोग मैकरेल मछली को भूनकर आहार का हिस्सा बना सकते हैं।

7. गठिया या जोड़ों के दर्द में लाभकारी

मैकेरेल फिश का उपयोग गठिया की समस्या को दूर करने के लिए भी प्रभावकारी साबित हो सकता है। चूहों पर किए एक शोध में इसकी पुष्टि होती है। शोध में बताया गया है कि मैकेरल फिश के अर्क में एंटीऑक्सीडेंट व एंटीइंफ्लेमेटरी प्रभाव होते हैं, जो गठिया की समस्या में राहत प्रदान कर सकते हैं (10)। इसलिए, गठिया के मरीजों को मैकेरल फिश को आहार का हिस्सा बनाने की सलाह दी जाती है।

8. कैंसर में सहायक

कैंसर से बचाव में मैकेरल मछली के फायदे सहायक हो सकते हैं। इसकी पुष्टि दो अलग-अलग शोध से होती है। मैकेरल मछली से संबंधित एक शोध में पाया गया है कि इसमें पॉलीअनसैचुरेटेड फैटी एसिड होते हैं, जो कैंसर के जोखिम को काफी हद तक कम कर सकते हैं (11)।

वहीं, एनसीबीआई की साइट पर प्रकाशित एक अन्य शोध में भी इस बात का जिक्र मिलता है कि मैकेरल फिश का सेवन ब्रेस्ट कैंसर से बचाव कर सकता है (12)। इस आधार पर यह माना जा सकता है कि कैंसर से बचाव के लिए मैकेरल मछली लाभकारी हो सकती है।

9. त्वचा के लिए

त्वचा के लिए भी मैकेरल मछली के फायदे हासिल किए जा सकते हैं। दरअसल, मछली में फैटी एसिड होते हैं, जो त्वचा पर बढ़ती उम्र के दिखने वाले प्रभावों को कम कर सकते हैं। साथ ही ये सूरज की हानिकारक किरणों से त्वचा को होने वाले नुकसान से सुरक्षा प्रदान कर सकते हैं। इसके अलावा, मैकेरल मछली का सेवन त्वचा को हाइड्रेट रखने में भी मदद कर सकता है। इसके पीछे इसमें मौजूद एमोलिएंट प्रभाव काम करता है (13)।

10. बालों के लिए

बालों से जुड़ी समस्या से छुटकारा पाने में मैकेरेल मछली सहायक हो सकती है। एनसीबीआई की वेबसाइट पर प्रकाशित एक शोध में साफतौर से बताया गया है कि मैकेरल मछली के तेल में डोकोसाहेक्सैनोइक एसिड और ईकोसापेंटेनोइक एसिड होते हैं। ये दोनों तत्व बालों के झड़ने की समस्या के साथ ही साथ बालों के विकास में भी मददगार हो सकते हैं (15)।

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इस लेख के अगले भाग में हम मैकेरल मछली के पौष्टिक तत्वों के बारे में बताने जा रहे हैं।

मैकेरल मछली के पौष्टिक तत्व – Mackerel Fish Nutritional Value in Hindi

मैकेरल मछली में मौजूद पोषक तत्वों के बारे में जानने के लिए नीचे दी गई तालिका से सहायता ले सकते हैं (5)।

पोषक तत्व  मात्रा 
पानी 63.6 ग्राम 
ऊर्जा205  किलो कैलोरी 
प्रोटीन18.6 ग्राम
टोटल लिपिड (फैट) 13.9 ग्राम
कैल्शियम 12 ग्राम
आयरन1.63 ग्राम
मैग्नीशियम76 मिलीग्राम
फास्फोरस217 मिलीग्राम
पोटैशियम 314 मिलीग्राम
सोडियम 90 मिलीग्राम
जिंक0.63 मिलीग्राम
सेलेनियम44.1 यूजी
विटामिन-सी0.4 मिलीग्राम
विटामिन-बी 8.71 यूजी
कॉपर0.073 मिलीग्राम
विटामिन-ए 167 आईयू
विटामिन-ई1.52 मिलीग्राम
विटामिन-डी 16.1 यूजी

नीचे भी पढ़ें

लेख में आगे जानते हैं कि मैकेरल मछली का उपयोग कैसे करें।

मैकेरल मछली का उपयोग – How to Use Mackerel Fish in Hindi

मैकेरल मछली का उपयोग कई तरीके से किया जा सकता है, जिसके बारे में हम नीचे बता रहे हैं।

कैसे खाएं:

  • मैकेरल फिश की करी बनाकर सेवन किया जा सकता है।
  • मैकेरल मछली को फ्राई करके भी खा सकते हैं।
  • अगर चाहें तो मैकेरल फिश से बिरयानी तैयार कर सकते हैं
  • मैकेरल फिश मंचूरियन भी लोग बहुत चाव से खाते हैं।
  • फिश का सूप बनाकर आहार में शामिल किया जा सकता है।
  • फिश का टिक्का या कटलेट बनाकर भी सेवन कर सकते हैं।

कितना खाएं:

द अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन के अनुसार, ओमेगा-3 से भरपूर मैकेरल मछली का सेवन सप्ताह में करीब दो बार किया जा सकता है। वहीं, एक बार में लगभग 100 ग्राम इसका सेवन करने की सलाह दी गई है (3)। वैसे सभी का स्वास्थ्य और खाना खाने की क्षमता अलग होती है। ऐसे में मैकेरल मछली के सेवन की सही मात्रा की जानकारी के लिए एक बार आहार विशेषज्ञ से अवश्य पूछें।

कब खाएं :

  • मैकेरल फिश का सेवन लंच या डिनर, अपनी इच्छानुसार किसी भी समय किया जा सकता है।
  • शाम में स्नैक्स के समय मैकेरल फिश का सेवन टिक्का या कटलेट के रूप में किया जा सकता है।

नीचे है और जानकारी

आगे जानिए मैकेरल मछली के नुकसान के बारे में।

मैकेरल मछली के नुकसान – Side Effects of Mackerel Fish in Hindi

मैकेरल मछली के फायदों से तो आप अच्छे से वाकिफ हो गए होंगे, लेख में आगे इसके कुछ संभावित नुकसान के बारे में बता रहे हैं, जो कुछ इस प्रतार हैं:

  • कुछ मछलियों में अधिक मात्रा में मरकरी मौजूद होता है, जिसमें एक नाम मैकेरल का भी है। ऐसे में गर्भवती महिलाओं के लिए अत्यधिक मात्रा में इसका सेवन नुकसान का कारण बन सकता है (3)। गर्भवती महिलाओं को मैकेरल फिश का सेवन करने से पहले डॉक्टर से परामर्श लेना चाहिए।
  • गर्भवती महिलाओं के अलावा बच्चों के लिए भी मैकेरल मछली का सेवन हानिकारक हो सकता है (3)।
  • मैकेरल फिश में ओमेगा 3 फैटी एसिड उच्च मात्रा में होता है (1)। इसकी अधिकता रक्त में शुगर के स्तर को बढ़ा सकती है। इससे डायबिटीज को नियंत्रित करने में समस्या हो सकती है (16)।
  • जैसा कि हमने ऊपर बताया कि मैकेरल फिश उच्च रक्तचाप नियंत्रण में सहायक हो सकती है। ऐसे में लो बीपी वाले लोगों द्वारा इसका अत्यधिक सेवन जोखिम पैदा कर सकता है (17)।

इस लेख में आपने जाना कि मैकेरल फिश को आहार में शामिल करके कितने लाभ हो सकते हैं। साथ ही मैकेरल मछली का उपयोग करते समय बरती जाने वाली सावधानियों के बारे में भी जानकारी दी गई है। इसलिए, मैकेरल फिश के फायदे हासिल करने के लिए, इसका सेवन सीमित मात्रा में ही करें। इस तरह के अन्य खाद्य पदार्थों के बारे में जानकारी हासिल करने के लिए आप हमारी वेबसाइट पर पब्लिश दूसरे लेख भी पढ़ सकते हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या मैकेरल फिश रोज खाना अच्छा है?

नहीं, लेख में बताया जा चुका है कि मैकेरल फिश का सेवन हफ्ते में दो बार किया जा सकता है। अत्यधिक मात्रा में इसका सेवन कई परेशानियों का कारण बन सकता है।

क्या मैकेरल मछली त्वचा के लिए अच्छी है?

हां, मैकेरल फिश में ओमेगा 3 फैटी एसिड मौजूद होता है (1)। यह त्वचा की सूजन को कम करने के साथ मुंहासों से राहत दिला सकता है (18)।

मैकेरल मछली इंसानों के लिए क्यों महत्वपूर्ण हैं?

मैकेरल फिश पोषक तत्वों कैल्शियम, पोटैशियम, मैगनिशियम व कई सारे विटामिन से भरपूर होता है (5)। ऐसे में यह त्वचा, बालों, वजन कम करने, गठिया के अलावा अन्य स्वास्थ समस्याओं में लाभकारी हो सकते हैं।

क्या मैकेरल मछली चिकन से ज्यादा हेल्दी है?

जहां मैकेरल मछली ओमेगा-3 से समृद्ध है, वहीं चिकन प्रोटीन से भरपूर होता है, तो ऐसे में यह बताना थोड़ा कठिन है कि मछली और चिकन में से क्या ज्यादा हेल्दी है।

Sources

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