माजूफल के फायदे और नुकसान – Majuphal (Oak Gall) Benefits and Side Effects in Hindi

Written by , MA (Journalism & Media Communication) Puja Kumari MA (Journalism & Media Communication) linkedin_icon
 • 
 

यह तो सभी जानते हैं कि फल और सब्जियों का सेवन सेहत के लिए लाभकारी होता है। साथ ही लगभग सभी फलों के बारे में जानते हैं, लेकिन कुछ फल ऐसे भी होते हैं, जिसकी जानकारी कम लोगों को ही होती है। दरअसल, ऐसे फल बाजार में आसानी से नहीं उपलब्ध होते, लेकिन स्वास्थ्य के लिहाज से गुणकारी होते हैं। ऐसा ही एक फल है माजूफल। अगर आप इस फल के बारे में नहीं जानते, तो कोई बात नहीं, हम आपको इसके बारे में हर तरह की जानकारी देंगे। स्टाइलक्रेज के इस लेख में हम माजूफल का उपयोग और माजूफल के फायदे के साथ ही माजूफल के नुकसान भी बताएंगे।

नीचे है जरूरी जानकारी

माजूफल के फायदे जानने से पहले हम जानेंगे कि माजूफल कहते किसे हैं।

माजूफल क्‍या है? – What is Majuphal (Oak Gall) in Hindi

माजूफल को ओक एप्पल, ओक गॉल, मस्काई, मंजाकनी और मस्‍की के नाम से भी जाना जाता है। यह फगेसी (Fagaceae) के परिवार से है। इसका वैज्ञानिक नाम क्वेरकस इंफेक्टोरिया (Quercus Infectoria) है। यह दो प्रकार के होते हैं। पहला प्रकार भारी व बाहरी हिस्सा नीला और बिना छेद वाला होता है। वहीं, दूसरा प्रकार हल्का, सफेद रंग का और छेद वाला होता है (1)। आयुर्वेद में इसके पौधे को महत्वपूर्ण माना गया है। इसके फल, पत्ते और छालों से बनाए गए पाउडर को कई समस्याओं से राहत पाने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। ओक गॉल की पत्तियों पर एक विशेष तरह का कीट होता है, जो इस फल का निर्माण करता है। जब यह फल पेड़ पर लगते हैं, तब यह उस कीट का घर होता है। फल के बनने के पांच से छह महीने के बाद वह कीट पत्तियों से बाहर निकल जाता है और फल सूख जाता है। इसके बाद माजूफल का उपयोग किया जा सकता है।

चलिए, अब जानते हैं माजूफल के फायदे के बारे में। 

माजूफल के फायदे – Benefits of Majuphal (Oak Gall) in Hindi

माजूफल एक आयुर्वेदिक फल होने के कारण इसके उपयोग से शरीर को कई लाभ हो सकते हैं, जिनके बारे में नीचे वैज्ञानिक शोध के अनुसार विस्तार से बताया जा रहा है।

1. कैंसर के लिए

कैंसर जैसी घातक बीमारी से हर कोई बचे रहना चाहता है। ऐसे में माजूफल के गुण कैंसर की समस्या को दूर रखने में मदद कर सकते हैं। इस संबंध में प्रकाशित एक वैज्ञानिक शोध में दिया हुआ है कि माजूफल में एंटी-कैंसर गुण होता है। यह कैंसर सेल्स को पनपने नहीं देता है, जिससे कैंसर नहीं होता है। माजूफल मुख्य रूप से सर्वाइकल कैंसर और ओवरिन कैंसर को पनपने से रोक सकता है (1) ध्यान रहे कि माजूफल को कैंसर का सटीक इलाज न समझें। यह सिर्फ कैंसर से बचे रहने में मदद कर सकता है। अगर किसी को कैंसर है, तो वह डॉक्टरी इलाज को प्राथमिकता दे और डॉक्टर की सलाह पर ही माजूफल का उपयोग करे।

2. घाव के लिए

माजूफल के फायदे घाव भरने के लिए भी हो सकते हैं। एक वैज्ञानिक शोध के मुताबिक, माजूफल के पत्ते में मौजूद एथेनॉल एक्सट्रेक्ट घाव भरने का काम कर सकता है। वहीं, इस शोध के अनुसार, माजूफल के पत्तियों में पाए जाने वाले एंटी-ऑक्सीडेंट एंजाइम के कारण ही घाव भरने वाले गुण प्रभावी रूप से काम कर पाते हैं। यह शोध चूहों पर किया गया है (1)। हां, अगर किसी का घाव बहुत गंभीर है, तो पहले डॉक्टरी इलाज कराएं। उसके बाद डॉक्टर के ही सलाह से माजूफल का इस्तेमाल करें।

3. मधुमेह में लाभकारी

डायबिटीज यानी मधुमेह की स्थिति में माजूफल सहायक साबित हो सकता है। दरअसल, माजूफल में एंटी-डायबिटिक गतिविधि पाई जाती है, जो रक्त में ग्लूकोज की मात्रा को कम करने का काम कर सकती है। इससे मधुमेह की समस्या से छुटकारा पाया जा सकता है (1)। ऐसे में कहा जा सकता है कि माजूफल के फायदे मधुमेह की स्थिति में सुधार कर सकते हैं।

4. माउथ अल्सर के लिए

माजूफल के गुण माउथ अल्सर से छुटकारा दिला सकते हैं। इस संबंध में प्रकाशित एक मेडिकल रिसर्च में दिया हुआ है कि माजूफल में एंटी-बैक्टीरियल गुण पाए जाते हैं, जो मुंह के बैक्टीरिया को नष्ट करने में मदद कर सकते हैं। इससे मुंह के अल्सर का प्रभावी रूप से इलाज हो सकता है (2)। लिहाजा, माउथ अल्सर की स्थिति में माजूफल का उपयोग किया जा सकता है।

5. स्किन के लिए

त्वचा की कई समस्याओं से निजात दिलाने में भी माजूफल मददगार हो सकता है। एनसीबीआई (नेशनल सेंटर फॉर बायोटेक्नोलॉजी इंफॉर्मेशन) की वेबसाइट पर पब्लिश एक रिसर्च के अनुसार, माजूफल त्वचा की सूजन और जली हुई त्वचा के आयुर्वेदिक इलाज का काम कर सकता है। इसके लिए माजूफल के घाव भरने वाले गुण सहायक हो सकते हैं (3)। फिलहाल, इस पर अभी और शोध की आवश्यकता है।

6. दस्त के लिए

माजूफल के फायदे में डायरिया यानी दस्त से छुटकारा दिलाने में भी हो सकता है। इससे जुड़े एक वैज्ञानिक शोध के मुताबिक, माजूफल में एंटी-डायरिया गुण पाए जाते हैं, जो दस्त का प्रभावी तरीके से इलाज करने में मदद कर सकते हैं (2)। इससे पेट से जुड़ी कई अन्य समस्याओं से भी राहत मिल सकती है।

7. योनि रोग के लिए

योनि से जुड़ी कई समस्याओं से निजात दिलाने में भी माजूफल के फायदे देखे गए हैं। एक वैज्ञानिक शोध की माने, तो माजूफल के अर्क में एंटीमाइक्रोबियल प्रभाव पाए जाते हैं, जो योनि में संक्रमण की समस्या को कम कर सकते हैं। इससे योनि की खुजली और जलन से भी राहत मिल सकती है। इसके अलावा, माजूफल योनि में कसावट लाने में भी मदद कर सकता है (4)। ऐसे में योनि की कई समस्याओं से छुटकारा पाने के लिए माजूफल का उपयोग किया जा सकता है।

आगे भी पढ़ें

इस लेख के अगले भाग में हम माजूफल के पौष्टिक तत्वों की जानकारी दे रहे हैं।

माजूफल के पौष्टिक तत्व – Majuphal Nutritional Value in Hindi

माजूफल में कई तरह के पोषक तत्व होते हैं, जो इसे इतना उपयोगी बनाते हैं। इन पोषक तत्वों में मुख्य रूप से अल्कलॉइड्स, टैनिनस, कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन, अमीनो एसिड, फैट, ऑयल, स्टेरॉयड, वोलेटाइल ऑयल, ग्लाइकोसाइड और फ्लेवोनोइड शामिल होते हैं (5)। माजूफल में इन पोषक तत्वों की कितनी मात्रा होती है, इस संबंध में अभी किसी तरह का शोध उपलब्ध नहीं है।

आखिर माजूफल को इस्तेमाल कैसे किया जा सकता है, इस बारे में जान लेते हैं।

माजूफल का उपयोग – How to Use Majuphal in Hindi

माजूफल का कई तरह से उपयोग किया जा सकता है, जिनके बारे में हम नीचे विस्तार पूर्वक बता रहे हैं।

कैसे खाएं :

  • माजूफल के पाउडर को गुनगुने पानी में मिलाकर सेवन किया जा सकता है।
  • माजूफल के पाउडर की चाय बनाकर पिया जा सकता है।
  • इसके पाउडर को ऐसे ही सेवन किया जा सकता है।

कब खाएं :

  • माजूफल के पाउडर को गुनगुने पानी में मिलकर सुबह खाली पेट ले सकते हैं।
  • माजूफल की चाय को सुबह या शाम ले सकते हैं।

कितना खाएं :

  • माजूफल को कितनी मात्रा में लेना है यह सेवन करने वाली की उम्र और स्वास्थ्य पर निर्भर करता है। फिर भी बेहतर होगा कि इसे सीमित मात्रा में ही लें। अपने लिए माजूफल की सही मात्रा जानने के लिए आहार विशेषज्ञ से संपर्क करें।

नीचे स्क्रॉल करें

आइए, अब जानते हैं कि माजूफल को लंबे समय तक स्टोर करके कैसे रखा जा सकता है।

माजूफल को लंबे समय तक सुरक्षित कैसे रखें?

माजूफल को दो रूप में उपयोग किया जाता है। ऐसे में इन दोनों रूपों में इसे सुरक्षित कैसे रखा जा सकता है, इस बारे में नीचे बता रहे हैं:

  • अगर कोई माजूफल खरीद रहा है, तो इसे एयरटाइट सूखे डिब्बे में डालकर रखें।
  • वहीं, माजूफल के पाउडर का पैकेट खोलने के बाद बचे हुए पाउडर को पैकेट सहित एयर टाइट डिब्बे में रख दें।

अभी बाकी है जानकारी

इस लेख के अगले भाग में हम माजूफल कहां से खरीदे, इस संबंध में जानकारी दे रहे हैं।

माजूफल कहां से खरीदें?

माजूफल एक तरह का आयुर्वेदिक फल है। इसलिए, इसे या इसके पाउडर को विश्वसनीय आयुर्वेदिक दुकान से खरीद सकते हैं। इसे ऑनलाइन भी खरीद सकते हैं, लेकिन इसे विश्वसनीय वेबसाइट से खरीदना ही बेहतर होगा। क्योंकि, कई बार इसके नकली पाउडर मिलने के जोखिम बने रहते हैं।

पढ़ते रहें यह आर्टिकल

अब हम आगे माजूफल के नुकसान के बारे में बता रहे हैं।

माजूफल के नुकसान – Side Effects of Majuphal (Oak Gall) in Hindi

जिस तरह माजूफल के फायदे हो सकते हैं, उसी प्रकार ममाजूफल के नुकसान भी हो सकते हैं। इन नुकसानों के बारे में आगे बताया जा रहा है।

  • जिन लोगों को खाद्य पदार्थ से जल्दी एलर्जी होती है, उन्हें माजूफल के सेवन से एलर्जी होने का जोखिम बना रहता है।
  • इसमें एंटी-डायबिटिक गुण होने के कारण इसे अधिक मात्रा में लेने से सामान्य रक्त शुगर वालों के रक्त में शुगर की कमी हो सकती है (1)
  • माजूफल को अधिक मात्रा में लेने से किडनी डैमेज हो सकती है (6)

माजूफल को उन चुनिंदा आयुर्वेदिक फलों में गिना जाता है, जिन्हें खासकर किसी समस्या के इलाज के लिए उपयोग किया जाता है। यह अन्य फलों की तरह सामान्य बाजार में आसानी से नहीं मिलता है, लेकिन इसका फायदा अन्य फलों से बेहतर हो सकता है। ऐसे में ऊपर बताए गए किसी भी समस्या से निपटने में यह मददगार साबित हो सकता है। जैसा कि आप जान चुके हैं कि यह आयुर्वेदिक फल है, इसलिए गंभीर समस्या से जूझ रहे या गर्भवती व बच्चों को देने से पहले डॉक्टरी सलाह लेना जरूरी है। हम आशा करते हैं कि हमारे लेख में दी गई हर जानकारी रीडर के लिए उपयोगी साबित होगी।

References

Articles on StyleCraze are backed by verified information from peer-reviewed and academic research papers, reputed organizations, research institutions, and medical associations to ensure accuracy and relevance. Read our editorial policy to learn more.

  1. Oak Galls : The Medicinal Ball
    http://jpsionline.com/admin/php/uploads/185_pdf.pdf
  2. Phytochemical Screening, Formulation and Evaluation of Dried Galls of Quercus Infectoria Oliv
    https://globalresearchonline.net/journalcontents/v26-1/20.pdf
  3. The effect of Quercus brantii gall extract on burn wound healing in rat
    https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC5110664/
  4. The Effect of Extract of Oak Gall for Vaginal Tightening and Rejuvenation in Women with Vaginal Relaxation
    https://www.scirp.org/journal/paperinformation.aspx?paperid=73010
  5. PHYTOCHEMICAL SCREENING AND EVALUATION OF ANTIFUNGAL ACTIVITY OF GALL EXTRACTS OF QUERCUS INFECTORIA
    https://ijpsr.com/bft-article/phytochemical-screening-and-evaluation-of-antifungal-activity-of-gall-extracts-of-quercus-infectoria/?view=fulltext
  6. Investigation of the Antibacterial Activity and Subacute Toxicity of a Quercus crassifolia Polyphenolic Bark Extract for its Potential Use in Functional Foods
    https://pubmed.ncbi.nlm.nih.gov/31206188/
Puja Kumari

Puja Kumariहेल्थ एंड वेलनेस राइटर

पुजा कुमारी ने बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में एमए किया है। इन्होंने वर्ष 2015 में अपने करियर की शुरुआत न्यूज आधारित वेब पोर्टल से की थी। अब तक इनके 2 हजार से भी ज्यादा आर्टिकल प्रकाशित हो चुके हैं। पुजा को विभिन्न विषयों पर लेख लिखना पसंद है, लेकिन इनका सबसे ज्यादा पसंदीदा विषय घर की...read full bio

ताज़े आलेख