मलाई के फायदे, उपयोग और नुकसान – Malai Benefits, Uses and Side Effects in Hindi

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डेयरी प्रोडक्ट कई तरह के होते हैं, और हर उत्पाद के अपने-अपने फायदे होते हैं। इन्हीं डेयरी उत्पादों में से एक है मलाई। दूध के अलावा इसकी मलाई भी सेहत के लिए कई प्रकार से फायदेमंद हो सकती है। यदि यह कहा जाए कि दूध में मौजूद कुछ गुण मलाई को भी गुणकारी बनाते हैं, तो यह गलत नहीं होगा। ऐसे में स्टाइलक्रेज के इस लेख में हम स्वास्थ्य के लिए मलाई के फायदे से जुड़ी कुछ विशेष जानकारियां साझा कर रहे हैं। यहां हम न सिर्फ मलाई के फायदे बताएंगे, बल्कि मलाई के नुकसान का भी जिक्र करेंगे। तो दूध की मलाई से जुड़ी ज्यादा से ज्यादा जानकारी के लिए लेख को अंत तक पढ़ें।

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लेख की शुरुआत करते हैं इस जानकारी के साथ कि मलाई सेहत के लिए कैसे फायदेमंद है।

मलाई आपके सेहत के लिए क्यों अच्छी है?

सेहत के लिए दूध के फायदे तो कई सारे हैं, ठीक उसी तरह दूध से बनी मलाई भी स्वास्थ्य के लिए कई मायनो में लाभकारी हो सकती है। मलाई पोषक तत्वों से भरपूर होती है। इसमें कई तरह के फैट, विटामिन्स, मिनरल्स, एमिनो एसिड मौजूद होते हैं, जो शरीर को सही तरीके से कार्य करने में सहायक हो सकते हैं।

साथ ही इसमें एंटीकैंसर, एंटीडायबिटिक, एंटीऑक्सीडेंट गुण शरीर में बीमारियों का जोखिम कम कर सकता है (1)। आगे हम सेहत के लिए मलाई के फायदे के बारे में विस्तार से बता रहे हैं।

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आर्टिकल के इस भाग में सेहत के लिए मलाई के फायदे विस्तार से पढ़ें।

मलाई के फायदे – Benefits of Malai in Hindi

ऊपर हमने मलाई में मौजूद गुणों और पौष्टिक तत्वों की जानकारी दी है। अब उन्हीं के आधार पर लेख के इस भाग में हम सेहत के लिए दूध की मलाई के फायदे से जुड़ी जानकारी दे रहे हैं। हालांकि, हम यहां स्पष्ट कर दें कि मलाई का उपयोग बीमारियों के जोखिम या लक्षणों को कम कर सकता है। इसलिए मलाई को किसी भी गंभीर बीमारी का इलाज समझने की भूल न करें। अब जानते हैं, सेहत के लिए मलाई के फायदे जो कुछ इस प्रकार हैं:

1. हड्डियों और मांशपेशियाें के लिए

हड्डियों और मांशपेशियों की कमजोरी को दूर कर उन्हें मजबूत रखने के लिए दूध और दूध से बने उत्पाद, जिनमें मलाई भी शामिल है, फायदेमंद हो सकते हैं। दरअसल, दूध और दूध से बने उत्पादों में प्रोटीन, मिनरल्स, कैल्शियम और विटामिन मौजूद होते हैं। दूध में पाए जाने वाले ये पोषक तत्व हड्डियों के स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद हो सकते हैं (2)

इसके अलावा दूध और डेयरी प्रोडक्ट में पाए जाने वाला कैल्शियम हड्डियों के साथ ही मांशपेशियों की मजबूती के लिए भी फायदेमंद हो सकता है। वहीं, इनमें मौजूद विटामिन डी शरीर में कैल्शियम के अवशोषण में मदद कर सकता है (3)। इस आधार पर यह कहा जा सकता है कि दूध की मलाई भी हड्डियों के लिए लाभकारी हो सकती है। हालांकि, सीधे तौर पर अभी इस विषय में और शोध की आवश्यकता है।

2. प्रतिरक्षा प्रणाली के लिए

कमजाेर प्रतिरक्षा प्रणाली के कारण कई प्रकार के संक्रमण और बीमारियां होने की आशंका हो सकती है। वहीं, मलाई का सेवन प्रतिरक्षा प्रणाली को दुरुस्त करने में लाभदायक हो सकता है। एक रिसर्च में पाया गया कि डेयरी उत्पादों में सेचुरेटेड फैटी एसिड की अच्छी मात्रा होती है। मलाई जैसे डेयरी उत्पादों में पाया जाने वाला फैटी एसिड प्रतिरक्षा प्रणाली के कार्यों को सुधार करने में मददगार हो सकता है (4)

3. लाल रक्त कोशिकाओं के लिए

मलाई का सेवन लाल रक्त कोशिकाओं को बढ़ाने में भी मददगार हो सकता है। रिसर्च के मुताबिक शरीर में लाल रक्त कोशिकाओं की कमी के कारण पर्निशियस एनीमिया की समस्या हो सकता है। विटामिन बी12 की कमी लाल रक्त कोशिकाओं की कमी और पर्निशियस एनीमिया (Pernicious anemia) का मुख्य कारणों में से एक है (5)

ऐसे में लाल रक्त कोशिकाओं के निर्माण के लिए शरीर को विटामिन बी12 की जरूरत होती है। वहीं, डेयरी उत्पाद में विटामिन बी12 की अच्छी मात्रा पाई जाती है, जो शरीर में लाल रक्त कोशिकाओं की कमी के जोखिम को कम कर सकता है (6)। ऐसे में इस आधार पर माना जा सकता है कि अन्य पौष्टिक आहार के साथ डाइट में दूध की मलाई को शामिल करना अच्छा विकल्प हो सकता है।

4. आंखों के लिए

दूध की मलाई का सेवन आंखों को स्वस्थ रखने में मददगार हो सकता है। दरअसल दूध और इससे बने उत्पादों में जिंक की अच्छी मात्रा पाई जाती है। साथ ही इनमें एंटीऑक्सीडेंट विटामिन और मिनरल होते हैं, जो बढ़ती उम्र में होने वाले नेत्र संबंधी समस्याओं के जोखिम को कम कर सकते हैं (7)। ऐसे में स्वाद के साथ-साथ आंखों को स्वस्थ रखने के लिए मलाई को डाइट में शामिल करना अच्छा विकल्प हो सकता है।

5. किडनी की समस्या में

किडनी की समस्या के दौरान भी दूध की मलाई फायदेमंद हो सकती है। दरअसल, किडनी संबंधी समस्या होने पर बहुत अधिक या बहुत कम प्रोटीन खाने से व्यक्ति अस्वस्थ महसूस कर सकता है। वहीं, संतुलित मात्रा में प्रोटीन का सेवन करने से गुर्दे के कार्य प्रणाली को प्रभावित होने से बचा सकता है और रक्त में अपशिष्ट (Waste) पदार्थों के स्तर को कम करने में सहायक हो सकता है (8)

ऐसे में किडनी को स्वस्थ रखने के लिए मलाई को शामिल कर सकते हैं। हालांकि, ध्यान रहे प्रोटीन युक्त खाद्य पदार्थों का अधिक मात्रा में सेवन लाभ के बजाय हानि भी पहुंचा सकता है। साथ ही अगर किसी को किड्नी से जुड़ी गंभीर समस्या है तो वह मेडिकल ट्रीटमेंट को प्राथमिकता दें और मलाई के सेवन से पहले डॉक्टरी सलाह लें।

6. मस्तिष्क को रखे दुरुस्त

शरीर के साथ ही मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी दूध और इससे बने प्रोडक्टस फायदेमंद हो सकते हैं। एक शोध के मुताबिक डेयरी उत्पादों में मौजूद विटामिन बी12, कैल्शियम और प्रोबायोटिक्स सहित अन्य घटक उम्र बढ़ने के दौरान मस्तिष्क की कार्य प्रणाली को बढ़ाने का काम कर सकते हैं। इसके साथ ही दूध और इससे बने उत्पाद मस्तिष्क के संज्ञानात्मक कार्य के प्रति सुरक्षात्मक प्रभाव डाल सकता है। यह अल्जाइमर रोग के जोखिम को भी कम कर सकता है (9)

7. शारीरिक विकास के लिए

यह बात तो हर किसी को पता होगी कि शारीरिक विकास के लिए संतुलित आहार के रूप में दूध कितना जरूरी माना जाता है। वहीं, दूध की मलाई भी शारीरिक विकास को बढ़ाने में सहायक भूमिका निभा सकती है। इस विषय पर हुई एक रिसर्च के अनुसार डेयरी उत्पाद सामान्य वृद्धि और विकास के लिए आवश्यक माने जाने वाले जरूरी पोषक तत्वों का एक महत्वपूर्ण स्रोत हैं (10)

इनमें मौजूद कैल्शियम, प्रोटीन, विटामिन डी और पोटेशियम जैसे पोषक तत्व शारीरिक विकास को बढ़ाने में मददगार हो सकते हैं (11)। हालांकि, ध्यान रखना चाहिए कि दूध और इसके उत्पादों का अधिक सेवन मोटापा की समस्या का कारण भी बन सकता है। इसलिए, मलाई का सेवन भी सीमित मात्रा में ही करना फायदेमंद हो सकता है (12)

8. त्वचा के लिए लाभदायक

अभी तक हमने सेहत के लिए मलाई के फायदे बताएं, लेकिन सेहत के साथ-साथ त्वचा के लिए भी मलाई काफी लाभकारी है। अगर स्वास्थ्य के लिए मलाई खाने के लाभ हैं, तो त्वचा के लिए मलाई लगाने के फायदे हैं। ड्राई स्किन के लिए घरेलू उपाय के तौर पर मलाई एक प्रभावकारी प्राकृतिक मॉइस्चराइजर है। त्वचा को मॉइस्चराइज करने के साथ-साथ यह त्वचा को आराम भी पहुंचा सकती है। डार्क सर्कल को कम करने में और त्वचा पर चमक लाने में भी मलाई लाभकारी हो सकती है (13)। तो चमकती त्वचा के साथ-साथ स्वस्थ त्वचा पाने के लिए त्वचा पर मलाई का उपयोग करना अच्छा विकल्प हो सकता है।

आगे पढ़ें कुछ खास

लेख के इस भाग में हम जानेंगे मलाई के उपयोग के बारे में।

मलाई का उपयोग – How to Use Malai in Hindi

मलाई का उपयोग कई प्रकार से किया जा सकता है, सेवन के साथ ही मलाई लगाने के फायदे भी हैं। तो यहां हम मलाई के उपयोग से जुड़ी जानकारियां साझा कर रहे हैं।

  • मलाई का उपयोग मलाई कोफता बनाने में किया जा सकता है।
  • मलाई को कई प्रकार की सब्जियों में भी बड़े चाव से मिलाया जाता है।
  • दूध के साथ सीधे तौर पर मलाई का सेवन किया जा सकता है।
  • इसके अलावा इसे त्वचा पर भी नमी पाने के लिए सीधे तौर पर उपयोग किया जा सकता है।
  • मलाई लगाने के फायदे भी हैं, बेसन के साथ या अन्य सामग्री के साथ मलाई मिलाकर फेस पैक भी उपयोग कर सकते हैं।

मात्रा: मलाई की सेवन करने योग्य मात्रा अलग-अलग व्यक्ति की उम्र और स्वास्थ्य स्थिति के हिसाब से अलग-अलग हो सकती है। हालांकि, इसकी कितनी मात्रा का सेवन करना चाहिए, इस विषय पर फिलहाल कोई शोध उपलब्ध नहीं है। ऐसे में कभी-कभी दो से तीन चम्मच मलाई को सीधे तौर पर खा सकते हैं या सब्जी बनाने में उपयोग कर सकते हैं। बेहतर है इस बारे में व्यक्ति एक बार डॉक्टरी सलाह भी लें।

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अब जानते हैं मलाई के नुकसान से जुड़ी जानकारियों के बारे में।

मलाई के नुकसान – Side Effects of Malai in Hindi

जहां एक ओर मलाई सेहत के लिए फायदेमंद है तो वहीं अधिक मात्रा के कारण मलाई के नुकसान भी हो सकते हैं। हम यहां मलाई के उन्हीं दुष्प्रभाव के बारे में बता रहे हैं।

  • दूध फासफोरस का अच्छा स्रोत माना जाता है, वहीं मलाई भी दूध से बनती है तो इसमें भी इसकी मात्रा अधिक हो सकती है। वहीं, रक्त में बहुत अधिक फास्फोरस हड्डियों से कैल्शियम खींच सकता है, जिससे हड्डियां कमजोर हो सकती हैं और टूटने का जोखिम बढ़ सकता है (14)
  • डेयरी उत्पाद प्रोटीन से भी भरपूर होते हैं। बहुत अधिक प्रोटीन रक्त में अपशिष्ट (Waste) का निर्माण कर सकता है, जिसे किडनी शरीर से बाहर निकालता है। अगर ऐसा नहीं हुआ तो खून में यही वेस्ट जमा हो सकते हैं (15)
  • कुछ लोगों दूध प्रोटीन से एलर्जी होने की आशंका हो सकती है (16)। ऐसे में उन्हें मलाई से भी एलर्जी हो सकती है।
  • दूध में लैक्टोज होता है, जो मलाई में भी हो सकता है। लैक्टोज कभी-कभी पाचन प्रक्रिया को खराब कर सकता है। इस कारण किसी-किसी को दस्त, ब्लोटिंग या गैस की समस्या हो सकती है (17)

इस लेख में हमने दूध की मलाई के फायदे और नुकसान दोनों ही बताए गए हैं। मलाई के फायदे शरीर को तभी होते हैं, जब इसे संतुलित मात्रा में सेवन किया जाए। बेशक, मलाई के गुण स्वस्थ और तंदुरुस्त रख सकते हैं, लेकिन इस बात का ध्यान रखना भी जरूरी है कि कहीं मलाई का सेवन करने से किसी तरह की समस्या न हो। दूध की मलाई के फायदे के लिए इसका उपयोग कई प्रकार से किया जा सकता है, जैसा कि लेख में दिया गया है। उम्मीद है कि यह लेख आपको पसंद आया होगा। स्वास्थ्य से जुड़ी ऐसी ही अन्य रोचक जानकारियों के लिए पढ़ते रहें स्टाइलक्रेज के लेख।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या मलाई खाना सेहत के लिए अच्छा है?

हां, मलाई में कई प्रकार के पोषक तत्व पाए जाते हैं, जो इसे सेहत के लिए फायदेमंद बनाते हैं।

क्या मलाई से वजन को कम किया जा सकता है?

शोध में यह पाया गया है कि दूध या डेयरी प्रोडक्ट्स युक्त डाइट मोटापे के जोखिम को कम कर सकता है (16)। हालांकि, एक अन्य रिसर्च के अनुसार मलाई जैसे डेयरी प्रोडक्ट्स का अधिक सेवन माेटापा की समस्या का कारण बनने की बात भी सामने आई है (12)। ऐसे में मलाई वजन कम कर सकता है या नहीं, इसे लेकर संशय बना हुआ है।

क्या मलाई त्वचा के लिए अच्छी है?

हां, त्वचा की कई समस्याओं में मलाई लगाने के फायदे हो सकते हैं, दरअसल दूध और इसकी मलाई में मौजूद लैक्टोफेरिन होता जो फायदेमंद होता है (18)

क्या मलाई बालों के लिए अच्छी है?

हां, दूध और इसकी मलाई में में कैल्शियम और प्रोटीन की अच्छी मात्रा होती है। दोनों पोषक तत्व बालों के विकास के लिए महत्वपूर्ण बिल्डिंग ब्लॉक की तरह काम कर सकते हैं (19)

क्या दूध की मलाई खाना सेहत के लिए अच्छा है?

हां, दूध की मलाई सेहत के लिए फायदेमंद है, बस इसका सेवन सीमित मात्रा में किया जाए तो।

मलाई के पोषक तत्व कौन-कौन से हैं?

दूध और दूध से बने उत्पादों, जैसे कि मलाई, में प्रोटीन, मिनरल्स, कैल्शियम और विटामिन की अच्छी मात्रा होती है (2)

Sources

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  1. Butter, Ghee, and Cream Products
    https://www.researchgate.net/publication/284481060_Butter_Ghee_and_Cream_Products
  2. Calcium and Vitamin D: Important at Every Age
    https://www.bones.nih.gov/health-info/bone/bone-health/nutrition/calcium-and-vitamin-d-important-every-age
  3. Effects of Dairy Products Consumption on Health: Benefits and Beliefs—A Commentary from the Belgian Bone Club and the European Society for Clinical and Economic Aspects of Osteoporosis, Osteoarthritis and Musculoskeletal Diseases
    https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC4703621/
  4. Pernicious anemia
    https://medlineplus.gov/ency/article/000569.htm
  5. Your Guide to Anemia
    https://www.nhlbi.nih.gov/files/docs/public/blood/anemia-yg.pdf
  6. Nutrients for the aging eye
    https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC3693724/
  7. Chronic Kidney Disease and Nutrition
    https://www.health.govt.nz/system/files/documents/topic_sheets/ckd-and-nutrition.pdf
  8. Preventive Effects of Dairy Products on Dementia and the Underlying Mechanisms
    https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC6073537/
  9. Role of Milk and Dairy Products in Growth of the Child
    https://pubmed.ncbi.nlm.nih.gov/31991434/
  10. Dairy and dairy alternatives
    https://www.betterhealth.vic.gov.au/health/healthyliving/Dairy-and-dairy-alternatives
  11. Growth and Development of Preschool Children (12–60 Months): A Review of the Effect of Dairy Intake
    https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC7699766/
  12. DEVELOPMENT OF HERBAL FACIAL MASK CREAM FROM SUAN SUNANDHA PALACE FACIAL BEAUTY
    http://www.iraj.in/journal/journal_file/journal_pdf/6-332-148826702723-26.pdf
  13. Eating & Nutrition for Hemodialysis
    https://www.niddk.nih.gov/health-information/kidney-disease/kidney-failure/hemodialysis/eating-nutrition
  14. Nutrition for Children with Chronic Kidney Disease
    https://www.niddk.nih.gov/health-information/kidney-disease/children/caring-child-kidney-disease/nutrition-chronic-kidney-disease
  15. Milk and dairy products: good or bad for human health? An assessment of the totality of scientific evidence
    https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC5122229/
  16. Lactose Intolerance
    https://www.niddk.nih.gov/health-information/digestive-diseases/lactose-intolerance/all-content
  17. Effects of Lactoferrin on Subjective Skin Conditions in Winter: A Preliminary, Randomized, Double-Blinded, Placebo-Controlled Trial
    https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC6896904/
  18. Nutrition of women with hair loss problem during the period of menopause
    https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC4828511/
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सरल जैन ने श्री रामानन्दाचार्य संस्कृत विश्वविद्यालय, राजस्थान से संस्कृत और जैन दर्शन में बीए और डॉ. सी. वी. रमन विश्वविद्यालय, छत्तीसगढ़ से पत्रकारिता में बीए किया है। सरल को इलेक्ट्रानिक मीडिया का लगभग 8 वर्षों का एवं प्रिंट मीडिया का एक साल का अनुभव है। इन्होंने 3 साल तक टीवी चैनल के कई कार्यक्रमों में एंकर की भूमिका भी निभाई है। इन्हें फोटोग्राफी, वीडियोग्राफी, एडवंचर व वाइल्ड लाइफ शूट, कैंपिंग व घूमना पसंद है। सरल जैन संस्कृत, हिंदी, अंग्रेजी, गुजराती, मराठी व कन्नड़ भाषाओं के जानकार हैं।

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