मैंगनीज के फायदे, इसकी कमी के कारण और लक्षण – Manganese Benefits in Hindi

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शरीर को स्वस्थ रखने के लिए पर्याप्त मात्रा में पोषक तत्वों का सेवन जरूरी माना जाता है। पोषक तत्व शरीर की कार्यप्रणाली को सुचारू रूप से चलाने में मदद करते हैं। वहीं, शरीर के लिए जरूरी पोषक तत्वों में एक नाम मैंगनीज का भी है, जिसकी चर्चा हमने स्टाइलक्रेज के इस लेख में की है। यहां आप मैंगनीज के फायदे के साथ ही मैंगनीज रिच फूड्स के विषय में अच्छी तरह जान पाएंगे। इसके अलावा, यहां अन्य जरूरी जानकारी को भी शामिल किया गया है।
शुरू करते हैं लेख

सबसे पहले मैंगनीज के विषय में जानकारी हासिल कर लेते हैं।

मैंगनीज क्या है? – What is Manganese in Hindi

मैंगनीज एक प्रकार का खनिज है जो शरीर को स्वस्थ रहने के लिए आवश्यक माना जाता है। यह शरीर में ऊर्जा बनाने और कोशिकाओं को क्षति से बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। इसके अलावा, मैंगनीज हड्डियों को मजबूत बनाने, प्रतिरक्षा प्रणाली को स्वस्थ बनाए रखने और प्रजनन के लिए आवश्यक माना जाता है (1)। लेख में आगे हमने अन्य मैंगनीज के फायदे के साथ-साथ मैंगनीज युक्त खाद्य पदार्थों के बारे में विस्तार से जानकारी दी है।

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अब जानेंगे मैंगनीज की कमी होने के कारण।

मैंगनीज की कमी होने के कारण – Causes of Manganese Deficiency in Hindi

नट्स, फलियां, बीज, चाय, साबुत अनाज और पत्तेदार हरी सब्जियां, ये सभी मैंगनीज के स्रोत माने जाते हैं। अगर इनका सेवन जरूरत से कम किया जाए, तो शरीर में मैंगनीज की कमी हो सकती है, जिसे मैंगनीज डेफिशियेंसी के नाम से जाना जाता है। इसके अलावा, मैंगनीज की कमी के कुछ अन्य कारण भी माने जा सकते हैं, जैसे (2) :

  • मैंगनीज के साथ कैल्शियम का सेवन
  • मैंगनीज के साथ आयरन का सेवन
  • फाइटिक एसिड के साथ मैंगनीज का सेवन
  • कम मात्रा में फैट का सेवन

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अब जरा मैंगनीज की कमी के लक्षण भी जान लीजिए।

मैंगनीज की कमी के लक्षण – Symptoms of Manganese Deficiency in Hindi

मैंगनीज और उसकी कमी के कारणों को समझने के बाद अब यह सवाल उठना लाजमी है कि शरीर में मैंगनीज की कमी है, तो इस बात का पता कैसे चलेगा? तो चलिये, हम यह भी बता देते हैं कि मैंगनीज की कमी के लक्षण क्या-क्या हैं (1) :

  • हड्डियों का कमजोर होना
  • बच्चों में खराब विकास होना
  • त्वचा पर चकत्ते होना
  • पुरुषों के बालों के रंग में बदलाव
  • मूड में बदलाव होना
  • मासिक धर्म के दौरान अधिक दर्द होना

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लेख के इस हिस्से में हम मैंगनीज के फायदे बता रहे हैं।

मैंगनीज के फायदे – Manganese Benefits In Hindi

यहां हम मैंगनीज के फायदे बताने जा रहे हैं। नीचे जानिए मैंगनीज का सेवन किस प्रकार स्वास्थ्य पर सकारात्मक प्रभाव डाल सकता है। पढ़ें मैंगनीज के फायदे :

1. हड्डियों के लिए

हड्डियों के लिए मैंगनीज युक्त खाद्य पदार्थ का सेवन फायदेमंद माना जा सकता है। एनसीबीआई (National Center for Biotechnology Information) की वेबसाइट पर प्रकाशित एक शोध से जानकारी मिलती है कि शरीर में मैंगनीज की कमी के कारण हड्डियों का सही निर्माण बाधित हो सकता है और साथ ही यह स्थिति हड्डियों की क्षति का कारण बन सकती है (3)। वहीं, मैंगनीज का सेवन हड्डी की गुणवत्ता सुधारने के लिए लाभकारी माना जा सकता है। शोध में जिक्र मिलता है हड्डियों के कार्टिलेज और कोलेजन (एक प्रकार का प्रोटीन) के निर्माण के लिए मैंगनीज अहम भूमिका निभा सकता है (4)।

2. फ्री रेडिकल्स से बचाव

मैंगनीज युक्त आहार फ्री रेडिकल्स को डिटॉक्स करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। दरअसल, यह मैंगनीज सुपरऑक्साइड डिसम्यूटेज (MnSOD) नामक एंटीऑक्सीडेंट एंजाइम का एक भाग है, जो मुक्त कणों को डिटॉक्स करने का कार्य कर सकता है (5)। बता दें कि फ्री रेडिकल्स ऑक्सीडेटिव तनाव का कारण बन सकते हैं, जिससे कैंसर, अल्जाइमर (भूलने की बीमारी) हृदय रोग व आंखों से जुड़ी समस्या का जोखिम खड़ा हो सकता है (6)।

3. ब्लड शुगर को नियंत्रित करने के लिए

मैंगनीज का सेवन मधुमेह की समस्या से बचाव का काम कर सकता है। दरअसल, एक शोध से जानकारी मिली है कि खून में मैंगनीज का निम्न स्तर मधुमेह की समस्या के जोखिम को बढ़ा सकता है। ऐसे में मैंगनीज का सेवन, इस समस्या के जोखिम को कम करने में मददगार साबित हो सकता है। ऐसा इसलिए, क्योंकि मैंगनीज इन्सुलिन के स्राव को बढ़ा सकता है (7)। इससे मधुमेह की समस्या की रोकथाम में मदद मिल सकती है। हालांकि, इस विषय पर अभी और शोध किए जाने की आवश्यकता है।

4. मिर्गी से बचाव

मिर्गी एक मस्तिष्क विकार है, जिसमें रोगी को बार-बार दौरे पड़ते हैं (8)। वहीं, एनसीबीआई की वेबसाइट पर प्रकाशित एक शोध में बताया है कि मैंगनीज का सेवन बार-बार दौरे पड़ने की समस्या को कम करने में कुछ हद तक लाभकारी हो सकता है। वहीं, इसमें मैंगनीज के अलावा, विटामिन-बी 6, मैग्नीशियम, विटामिन-ई और ओमेगा-3 फैटी एसिड जैसे पोषक तत्वों का भी जिक्र मिलता है (9)।

5. चयापचय दर के लिए

शरीर में चयापचय यानी मेटाबॉलिज्म के लिए भी मैंगनीज जरूरी माना जाता है। दरअसल, मैंगनीज मेटाबॉलिज्म से जुड़ी कई गतिविधियों के लिए जरूरी पोषक तत्वों में गिना जाता है, जिनमें सामान्य मानव विकास, नवर्स सिस्टम, इम्यून सिस्टम, रिप्रोडक्टिव हार्मोन सिस्टम, एंटीऑक्सीडेंट एंजाइम व एनर्जी मेटाबॉलिज्म शामिल हैं (10)।

6. ब्लड प्रेशर के लिए

मैंगनीज का सेवन उच्च रक्तचाप की समस्या को कम करने में भी प्रभावी हो सकता है। इस बारे में एनसीबीआई की वेबसाइट पर एक शोध प्रकाशित है, जिसमें बताया गया है कि मैंगनीज में रक्तचाप को कम करने की क्षमता होती है (11)। इस आधार पर यह माना जा सकता है कि मैंगनीज युक्त खाद्य पदार्थ का सेवन शरीर में रक्तचाप को नियंत्रित रखने में मदद कर सकता है।
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7. सूजन में मददगार

मैंगनीज का उपयोग सूजन संबंधी समस्याओं से बचाव में मददगार हो सकता है। बताया जाता है कि मैंगनीज में एंटी इंफ्लामेटरी गुण मौजूद होते हैं, जो शरीर से जुड़ी सूजन को कम करने व इससे जोखिम को कम करने में मदद कर सकता है (12)। ऐसे में यह कहना गलत नहीं होगा कि सूजन की समस्या से राहत पाने के लिए मैंगनीज के फायदे देखे जा सकते हैं।

8. थायराइड की समस्या में

मैंगनीज का सेवन थायराइड की समस्या में भी लाभकारी माना जा सकता है। विषय से जुड़े शोध में जिक्र मिलता है कि मैंगनीज, डियोडिनेज (Deiodinase – थायराइड हार्मोन की एक्टिवेट और डीएक्टिवेट प्रक्रिया में शामिल पेरोक्साइड एंजाइम) एंजाइम) नामक एंजाइम को नियंत्रित करके सीधे थायराइड हार्मोन को प्रभावित कर सकता है (13)। फिलहाल, इसकी कार्यप्रणाली को लेकर अभी और शोध किए जाने की आवश्यकता है। थायराइड के लिए मैंगनीज सप्लीमेंट लेने से पहले डॉक्टरी से परामर्श जरूर करें।

9. पीएमएस में सहायक

मासिक धर्म के कुछ दिनों पहले से दस्त, कब्ज, फूड क्रेविंग, सिरदर्द, स्तनों में सूजन, अनिद्रा, मूड का बदलना या फिर चिड़चिड़ापन होना पीएमएस यानी प्रीमेंस्ट्रुअल सिंड्रोम (Premenstrual syndrome) कहलाता है (14)। इस बारे में एक शोध से जानकारी मिलती है कि मैंगनीज के साथ कैल्शियम के सेवन से पीएमएस सिंड्रोम के लक्षणों, जैसे – दर्द, अकेलापन, चिंता, बेचैनी, चिड़चिड़ापन, अवसाद और तनाव की समस्या में सुधार हो सकता है। हालांकि, इसमें मैंगनीज अकेले कितना प्रभावी हो सकता है, फिलहाल इस बारे में अभी और शोध किए जाने की आवश्यकता है (2)।

10. ब्लड क्लॉटिंग

मैंगनीज पर हुए शोध में साफतौर से यह बताया गया है कि मैंगनीज, शरीर की कई प्रक्रियाओं में मददगार हो सकता है, जिसमें ब्लड क्लॉटिंग और हेमोस्टेसिस (रक्तस्राव को रोकने वाला प्रभाव) भी शामिल है। बता दें कि जब शरीर में या शरीर पर कोई चोट लगती है, तो ब्लड क्लॉटिंग प्रभाव रक्त के बहाव को रोकने का काम करता है (15)।

11. मस्तिष्क स्वास्थ्य के लिए

मस्तिष्क के लिए भी मैंगनीज जरूरी माना जाता है। दरअसल, एनसीबीआई की वेबसाइट पर प्रकाशित एक शोध में साफ तौर से जिक्र मिलता है कि मैंगनीज तंत्रिका और मस्तिष्क विकास के साथ-साथ संज्ञानात्मक कार्यप्रणाली (सोचने, समझने, याद करने व निर्णय लेने की दिमागी क्षमता) के लिए जरूरी है (16)।
वहीं, एक अन्य शोध में साफतौर से इस बात का जिक्र मिलता है कि मैंगनीज मस्तिष्क के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है (17)। इस आधार पर यह कहना गलत नहीं होगा कि अपने आहार में मैंगनीज युक्त खाद्य पदार्थों को शामिल करना मस्तिष्क विकास में मददगार हो सकता है।

12. शरीर में ऊर्जा और कार्यात्मक क्षमता बढ़ाने में सहायक

एनसीबीआई की वेबसाइट पर प्रकाशित एक शोध की मानें, तो मैंगनीज ऊर्जा उत्पादन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है (18)। साथ ही एक अन्य शोध में जिक्र मिलता है कि मैंगनीज, कोशिकाओं में ऊर्जा के स्तर को नियंत्रित करने में मदद कर सकता है। साथ ही एनर्जी मेटाबॉलिज्म में अहम योगदान दे सकता है (19)। इसलिए, शरीर में ऊर्जा के स्तर को बनाए रखने के लिए अन्य जरूरी खाद्य पदार्थों के साथ मैंगनीज युक्त खाद्य पदार्थों का सेवन भी किया जा सकता है।

अभी बाकी है जानकारी

मैंगनीज के फायदे बताने के बाद हम मैंगनीज रिच फूड्स के बारे में जानकारी दे रहे हैं।

मैंगनीज के स्रोत – Manganese Food Sources in Hindi

ऐसे कई खाद्य पदार्थ हैं, जो मैंगनीज से समृद्ध होते हैं। यहां हम उन्हीं मैंगनीज युक्त खाद्य पदार्थों का जिक्र कर रहे हैं, जिनका सीमित मात्रा में सेवन स्वास्थ्य के लिए लाभकारी माना जा सकता है। मैंगनीज के स्रोत, कुछ इस प्रकार हैं (1) :

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अब जरा ये भी जान लीजिए कि मैंगनीज का सेवन कितनी मात्रा में करना चाहिए।

मैंगनीज की दैनिक जरूरत – Recommended Daily Intake Of Manganese

मैंगनीज की कमी को पूरा करने के लिए सही मात्रा में इसका सेवन करना बेहद जरूरी है। इसलिए, यहां हमने उम्र के आधार पर किसे कितनी मात्रा में मैंगनीज का सेवन करना चाहिए, इस बारे में बता रहे हैं (20) :

उम्र दैनिक जरूरत 
जन्म से लेकर 6 महीने तक0.003 एमजी
7 से 12 महीने तक0.06 एमजी
1 से 3 साल1.2 एमजी
4 से 8 साल1.5 एमजी
9 से 13 साल (लड़का)1.9 एमजी
9 से 13 साल (लड़की)1.6 एमजी
14 से 18 साल (लड़का)2.2 एमजी
14 से 18 साल (लड़की)1.6 एमजी
वयस्क पुरुष2.3 एमजी
वयस्क महीला1.8 एमजी
गर्भवती महिला2.0 एमजी
स्तनपान कराने वाली माताएं2.6 एमजी

अभी आगे और है जानकारी

अब बारी है कुछ सावधानियों के बारे में जानने की।

मैंगनीज के सेवन के समय बरती जाने वाली सावधानियां – Precautions to Take while taking Manganese

मैंगनीज रिच फूड्स के सेवन के समय कुछ सावधानियां बरतनी बेहद जरूरी है, नहीं तो यह शरीर के लिए हानिकारक भी सिद्ध हो सकता है। चलिए, जल्दी से जान लेते हैं सावधानियां (2) :

  • अगर कोई क्विनोलोन (एंटीबायोटिक्स का एक प्रकार) का प्रयोग कर रहा है, तो ऐसी स्थिति में उसे एंटीबायोटिक दवाओं के कम से कम एक घंटे बाद ही मैंगनीज की खुराक लेने की सलाह दी जाती है।
  • यही नहीं, टेट्रासाइक्लिन (एक प्रकार का एंटीबायोटिक) के सेवन के दो घंटे पहले या चार घंटे बाद ही मैंगनीज का सेवन करना चाहिए।
  • वहीं, एंटीसाइकोटिक दवाओं (मनोविकृति से जुड़ी) के साथ ही मैंगनीज का सेवन हानिकारक साबित हो सकता है।
  • मैंगनीज के साथ कैल्शियम या आयरन लेने से शरीर में मैंगनीज की मात्रा कम हो सकती है।
  • इसके अलावा, मैंगनीज के साथ जिंक लेने से शरीर में मैंगनीज की मात्रा बढ़ सकती है। इस वजह मैंगनीज के दुष्प्रभाव भी बढ़ सकते हैं।
  • साथ ही फाइटिक एसिड (Phytic acid) युक्त खाद्य पदार्थों के सेवन के कम से कम दो घंटे पहले या दो घंट बाद ही मैंगनीज लेने की सलाह दी जाती है।
  • साथ ही मैंगनीज को सप्लीमेंट के तौर पर लेने से पहले एक बार डॉक्टरी सलाह जरूर लें।

पढ़ते रहें

लेख के अंत में हम मैंगनीज के नुकसानों के बारे में जानेंगे।

मैंगनीज साइड इफेक्ट – Manganese Side Effects in Hindi

मैंगनीज पर हुए अध्ययनों की मानें, तो मैंगनीज युक्त खाद्य पदार्थ और पेय पदार्थों के सेवन को किसी भी प्रकार से नुकसान की संभावना नहीं है। हालांकि, मैंगनीज के बहुत उच्च स्तर वाले पानी का सेवन विषाक्तता का कारण बन सकता है। इसके अलावा, वेल्डिंग या खनन कार्यों वाली जगहों पर मैंगनीज युक्त धूल में सांस लेना भी मैंगनीज विषाक्तता का एक अन्य माना जा सकता है। इस वजह से निम्नलिखित लक्षण दिख सकते हैं, जैसे (1) :

इस लेख को पढ़ने के बाद मैंगनीज और इससे होने वाले फायदों के बारे में तो आप अच्छी तरह वाकिफ हो चुके होंगे। साथ ही मैंगनीज की कमी के लक्षण क्या हो सकते हैं, इस बारे में भी अब कोई संशय नहीं रह गया होगा। ऐसे में अब आप बेझिझक होकर मैंगनीज रिच फूड्स को अपने आहार में शामिल कर सकते हैं। वहीं, इसके सेवन के समय इसकी मात्रा का ध्यान रखना बिल्कुल भी न भूलें, नहीं तो इसके दुष्परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं। पोषक तत्वों के साथ-साथ स्वास्थ्य से जुड़ी ऐसी ही जानकारी के लिए पढ़ते रहें स्टाइलक्रेज।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल :

मैंगनीज शरीर के लिए क्या करता है?

मैंगनीज शरीर में ऊर्जा बनाने और कोशिकाओं को क्षति से बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है (1)। यह और भी कई तरीके से शरीर के लिए लाभकारी हो सकता है। इस विषय में हमने लेख में विस्तार से बताया है।

मैंगनीज कब लेना चाहिए?

मैंगनीज युक्त खाद्य पदार्थों का सेवन आपके निर्धारित भोजन के समय किया जा सकता है। वहीं, इसके सप्लीमेंट से जुड़ी जानकारी के लिए डॉक्टर से संपर्क करें।

क्या मैंगनीज वजन कम करने में मदद करता है?

वजन कम करने के लिए मैंगनीज मदद कर सकता है या नहीं, फिलहाल इस बारे में अभी और रिसर्च किये जाने की आवश्यकता है।

क्या मैंगनीज को रोजाना लेना सुरक्षित है?

हां, मैंगनीज युक्त खाद्य पदार्थों का सेवन रोजाना किया जा सकता है, वहीं इसके सप्लीमेंट लेने से पहले डॉक्टरी सलाह जरूर लें।

क्या मैंगनीज त्वचा के लिए अच्छा है?

हां, मैंगनीज त्वचा के लिए लाभकारी माना जा सकता है। यह त्वचा को झुर्रियों से बचाने में सहायक हो सकता है (21)। फिलहाल, इस विषय में अभी और शोध किए जाने की आवश्यकता है।

Sources

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आवृति गौतम ने सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ साउथ बिहार से मास कम्युनिकेशन में एमए किया है। इन्होंने अपने करियर की शुरूआत डिजिटल मीडिया से ही की थी। इस क्षेत्र में इन्हें काम करते हुए दो वर्ष से ज्यादा हो गए हैं। आवृति को स्वास्थ्य विषयों पर लिखना और अलग-अलग विषयों पर विडियो बनाना खासा पसंद है। साथ ही इन्हें तरह-तरह की किताबें पढ़ने का, नई-नई जगहों पर घूमने का और गाने सुनने का भी शौक है।

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