मांसपेशियों का दर्द, कारण और घरेलू उपाय – Muscle Pain Treatment in Hindi

Medically reviewed by Dr. Zeel Gandhi, Ayurvedic Doctor, BAMS
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क्या आपको भी अचानक मांसपेशियों में खिंचाव और दर्द जैसी परेशानी होती है? अगर हां, तो आप इसे अनदेखा न करें। एक तरह से इसके जरिए शरीर आपको संकेत देता है कि आपको काम के साथ-साथ अपना ध्यान रखना और आराम करना भी जरूरी है। हालांकि, कई बार आप में से कई लोग मसल्स पेन का इलाज दर्द नाशक दवाइयों से करते हैं, जो सही नहीं है। इसलिए, स्टाइलक्रेज के इस लेख में हम मांसपेशियों में दर्द की आम, लेकिन गंभीर समस्या के बारे में न सिर्फ आपको जानकारी देंगे, बल्कि मसल्स पेन का घरेलू इलाज भी बताएंगे।

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लेख में सबसे पहले समझते हैं कि मांसपेशियों में दर्द क्यों होता है।

मांसपेशियों में दर्द क्यों होता है Why Do I have Muscle Pain

मसल पेन अक्सर तनाव, अधिक व्यायाम या फिर मांसपेशियों में चोट लगने के कारण होता है। यह एक ही समय में एक से अधिक मांसपेशियों में हो सकता है। इस दर्द में मांसपेशियों को घेरने वाले कोमल ऊतक भी शामिल हो सकते हैं। मांसपेशियों में खिंचाव या दर्द आम माना जाता है (1 )। एनसीबीआई (National Center for Biotechnology Information) की वेबसाइट पर प्रकाशित शोध की मानें तो आजकल के समय में यह एक प्रमुख समस्या है। लगभग 60 से 85 प्रतिशत आबादी को मसल्स पेन का सामना करना पड़ता है। शोध बताते हैं कि 70 से 80 वर्ष की आयु की सभी महिलाओं में से तकरीबन 7 प्रतिशत से अधिक महिलाएं फाइब्रोमायल्जिया सिंड्रोम (fibromyalgia syndrome – मांसपेशियों में दर्द की समस्या) से पीड़ित होती हैं (2 )।

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चलिए, अब मस्कुलर पेन के प्रकार जान लीजिए।

मांसपेशियों में दर्द के प्रकार Types Of Muscle Pain

  • आमतौर पर मांसपेशियां में दर्द तीन तरह के हो सकते हैं, जो इस प्रक्रार हैं (3) –
  • मांसपेशियों का दर्द, तनाव, अत्यधिक व्यायाम या फिर किसी प्रकार की चोट से जुड़ा हो सकता है।
  • मसल पेन किसी संक्रमण या फिर फ्लू से भी जुड़ा हो सकता है, जो पूरे शरीर को प्रभावित कर सकता है।
  • मांसपेशियों में दर्द का एक रूप फाइब्रोमायल्गिया भी हो सकता है, जिसमें मसल पेन के साथ-साथ नींद की समस्या, थकान और सिरदर्द की समस्या हो सकती है।

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यहां हम मांसपेशियों में दर्द के कारण बता रहे हैं।

मांसपेशियों में दर्द के कारण Causes of Muscle Pain Hindi

मांसपेशियों में तनाव का उपचार सही तरीके से करने के लिए मांसपेशियों में दर्द के कारण जान लेना भी जरूरी है, ताकि इसके इलाज में आसानी हो। नीचे हम मांसपेशियों में खिंचाव और दर्द के कारण बता रहे हैं (3)।

  • किसी प्रकार का चोट, घाव, मोच या खिंचाव
  • मांसपेशियों का बहुत अधिक उपयोग (जैसे – जरूरत से ज्यादा या गलत तरीके से व्यायाम व योग करने से)
  • तनाव के कारण

इसके अलावा, मांसपेशियों में खिंचाव के कारण कुछ अन्य भी हो सकते हैं (3):

  • कुछ दवाइयां (जैसे- कोलेस्ट्रॉल, रक्तचाप आदि को कम करने के लिए)
  • डर्माटोमायोसिटिस (Dermatomyositis – सूजन संबंधी समस्या)
  • इलेक्ट्रोलाइट असंतुलन यानी पोटेशियम या कैल्शियम का बहुत कम सेवन
  • फाइब्रोमायल्जिया (fibromyalgia – मांसपेशियों में दर्द होना)
  • संक्रमण ( जैसे – फ्लू, लाइम रोग, मलेरिया, मांसपेशियों में फोड़ा, पोलियो आदि)
  • ल्यूपस (lupus – सूजन संबंधी परेशानी )
  • पोलिमेल्जिया रुमेटिका (Polymyalgia rheumatica – सूजन संबंधी विकार)
  • पॉलीमायोसिटिस (Polymyositis – मांसपेशियों में सूजन होना )
  • रबडोमायोलिसिस (Rhabdomyolysis -मांसपेशियों के ऊतकों का टूटना )
  • ज्यादा देर तक बाइक या गाड़ी में बैठकर सफर करने से, ज्यादा चलने से, ज्यादा देर तक खड़े रहने से या ज्यादा देर तक बैठने से मांसपेशियों में खिंचाव या दर्द हो सकता है।
  • किसी तरीके की बीमारी होने से जैसे – गठिया की समस्या, सूजन या फिर हड्डी व मांसपेशियों से संबंधित परेशानी के कारण।
  • गलत तरीके से सोने से भी मांसपेशियों में तनाव आता है।
  • मौसम में बदलाव के कारण भी ऐसा हो सकता है।

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मसल्स पेन के प्रकार जानने के बाद इनके लक्षणों को भी जानिए।

मांसपेशियों के दर्द के लक्षण Symptoms of Muscle Pain in Hindi

मांसपेशियां में दर्द, खुद में एक लक्षण है। जिसके पीछे कई कारण हो सकते हैं, जैसे – किसी प्रकार की चोट या मोच, जरूरत से ज्यादा एक्सरसाइज, तनाव, सूजन संबंधी समस्या आदि। इसके कारणों की चर्चा लेख के ऊपर के भाग में हमने की है (3)। हालांकि, मस्कुलर पेन की वजह से कुछ अन्य परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। जो इस प्रकार है –

  • शरीर में अधिक तेज या कम दर्द महसूस होना
  • मसल पेन के कारण चिड़चिड़ापन होना
  • मस्कुलर पेन असहजता महसूस होना
  • सूजन होना

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मस्कुलर पेन के लक्षणों को समझने के बाद मस्कुलर पेन के घरेलू इलाज जानिए।

मांसपेशियों का दर्द दूर करने के 14 घरेलू इलाज – 14 Home Remedies for Muscle Pain in Hindi

कई बार लोग मसल्स पेन का इलाज करने के चक्कर में कई तरह की दवाइयां लेने लगते हैं। इससे आगे चलकर कई तरह के नुकसान हो सकते हैं। इसलिए, नीचे हम आपको मसल्स पेन का घरेलू इलाज बता रहे हैं, जो न सिर्फ आसान है, बल्कि इनके साइड इफेक्ट न के बराबर है। तो चलिए जानते हैं मांसपेशियों में दर्द के लिए घर का उपचार –

1. लहसुन

सामग्री :

  • दो लहसुन की कली
  • दो चम्मच सरसों का तेल

उपयोग करने का तरीका :

  • सबसे पहले लहसुन की कलियों को अच्छे से छिलकर छोटे-छोटे टुकड़ों में काट लें।
  • इसके बाद उन टुकड़ों को सरसों तेल में डालकर कर हल्का गर्म कर लें।
  • फिर इस तेल से प्रभावित हिस्से की मालिश करें।
  • इस प्रक्रिया को दर्द से राहत मिलने तक किया जा सकता है।

कैसे है फायदेमंद:

मसल्स पेन का इलाज करने के लिए लहसुन का उपयोग करना फायदेमंद साबित हो सकता है। मांसपेशियों में दर्द की रोकथाम और हर्बस की भूमिका पर हुए शोध में बताया गया है कि लहसुन में मौजूद एलिसिन (Allicin) नामक कंपाउंड मांसपेशियां में दर्द को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। इसके पीछे इसके एंटीऑक्सीडेंट गुण को जिम्मेदार ठहराया जा सकता है। इसके अलावा यह व्यायाम से होने वाली मांसपेशियों की क्षति को कम करने में मददगार साबित हो सकता है (4)।

2. हॉट कंप्रेस

सामग्री :

  • हॉट बैग या साफ सूती कपड़ा

उपयोग करने का तरीका :

  • हॉट बैग को आवश्यकतानुसार तापमान तक चार्ज करें।
  • फिर इससे प्रभावित जगह की सिंकाई करें।
  • अगर हॉट बैग नहीं, तो उसके स्थान पर साफ और सूखे सूती कपड़े का इस्तेमाल कर सकते हैं।
  • इसके लिए सबसे पहले सूती कपड़े को अच्छे से कई तह में मोड़ लें।
  • इसके बाद गैस पर तवे को गर्म करें।
  • फिर इसी तवे पर मोड़े हुए सूती कपड़े को कुछ सेकंड के लिए हल्का गर्म करें।
  • सूती कपड़ा जब हल्का गर्म हो जाए तो उससे प्रभावित जगह की सिकाई करें।
  • इसके अलावा, गर्म सिकाई के लिए बाजार में मिलने वाले हॉट पैड का भी इस्तेमाल किया जा सकता है।
  • गर्म सिकाई के इस प्रक्रिया को दिन में दो बार किया जा सकता है।

कैसे है फायदेमंद :

मसल पेन ट्रीटमेंट के लिए हॉट पैक का इस्तेमाल करना लाभकारी हो सकता है। एनसीबीआई की वेबसाइट पर प्रकाशित एक शोध में पाया गया है कि हीट थेरेपी दर्द को कम करने में लाभकारी साबित हो सकती है (5)। वहीं, एक अन्य शोध में बताया गया है कि हीटिंग पैड या गर्म पानी की थैली से मांसपेशियों में होने वाले दर्द से काफी हद तक आराम मिल सकता है। गर्म पानी के सेक से न सिर्फ मांसपेशियों का दर्द, बल्कि कमर दर्द से भी राहत मिल सकती है, क्योंकि इससे शरीर में रक्त का प्रवाह काफी हद तक बेहतर हो सकता है (6)।

3. स्ट्रेच

मांसपेशियों में दर्द के लिए घर के उपचार की अगर बात करें, तो स्ट्रेचिंग अच्छा विकल्प हो सकता है। अगर कोई जिम जाता है या व्यायाम करता है, तो उसके बाद स्ट्रेचिंग जरूर करना चाहिए, क्योंकि कसरत करने से मांसपेशियां सिकुड़ जाती हैं। इससे मांसपेशियों में खिंचाव और दर्द की समस्या हो सकती है, इसलिए व्यायाम के पहले और तुरंत बाद स्ट्रेचिंग जरूर करनी चाहिए, ताकि मांसपेशियों में दर्द से बचा जा सके (3)।

4. अदरक का प्रयोग

सामग्री :

  • अदरक का एक छोटा टुकड़ा

उपयोग करने का तरीका :

  • सबसे पहले अदरक को पीस लें और फिर उसका रस निकाल लें।
  • अब इस रस को दर्द वाले हिस्से पर लगाएं।
  • इसका प्रयोग दर्द महसूस होने पर किया जा सकता है।

कैसे है फायदेमंद :

अदरक न सिर्फ खाने का स्वाद बढ़ाता है, बल्कि स्वास्थ्य के लिए भी फायदेमंद होता है। बता दें कि अदरक का उपयोग मांसपेशियों के दर्द में भी राहत दिला सकता है। दरअसल, अदरक में एनाल्जेसिक यानी दर्दनाशक और एंटी-इन्फ्लेमेटरी गुण (सूजन को कम करने वाला) मौजूद होते हैं। यही वजह है कि मसल्स पेन का घरेलू इलाज करने के लिए अदरक के उपयोग की सलाह दी जा सकती है (7)।

5. सरसों का तेल

सामग्री :

  • एक चम्मच सरसों का तेल

उपयोग करने का तरीका :

  • सबसे पहले सरसों के तेल को हल्का गर्म कर लें।
  • जब तेल गुनगुना हो जाए तो इससे प्रभावित जगह की मालिश करें।
  • इसका उपयोग सुबह शाम किया जा सकता है।

कैसे है फायदेमंद :

मांसपेशियों में दर्द का आयुर्वेदिक उपचार करने के लिए सरसों के तेल का इस्तेमाल किया जा सकता है। इस विषय पर हुए एक रिसर्च में साफतौर से इस बात का जिक्र मिलता है कि नियमित रूप से सरसों के तेल से मालिश करने से गठिया सहित मांसपेशियों में खिंचाव के कारण होने वाले दर्द से आराम पाने के लिए किया जा सकता सकता है (8)।

6. ठंडी सिकाई

सामग्री :

  • आइस पैक या फिर कोई गीला कपड़ा

उपयोग करने का तरीका :

  • आइस पैक को प्रभावित हिस्से पर रख कर 10 से 20 मिनट तक सिकाई करें।
  • इसका इस्तेमाल दिन भर में दो बार कर सकते हैं।

कैसे है फायदेमंद:

मांसपेशियों में तनाव के उपचार के लिए बर्फ का पैक भी इस्तेमाल में लाया जा सकता है। खासकर, व्यायाम करने के बाद आइस पैक का उपयोग ज्यादा फायदेमंद हो सकता है (9)। वहीं, एनसीबीआई की वेबसाइट पर प्रकाशित शोध में भी बताया गया है कि ठंडी सिकाई मांसपेशियों में होने वाले दर्द को कम करने में काफी प्रभावी साबित हो सकती है (5)। इस आधार पर मस्कुलर पेन का घरेलू इलाज करने के लिए कोल्ड कंप्रेस का उपयोग करना भी लाभकारी माना जा सकता है।

7. हल्दी

सामग्री :

  • हल्दी – आधी चम्मच
  • पानी या दूध – एक ग्लास

उपयोग करने का तरीका :

  • एक पैन में पानी या दूध डाल कर उसमें हल्दी मिलाएं और उसे कुछ देर के लिए उबालें।
  • जब यह मिश्रण अच्छे से उबल जाए तो इसे ठंडा होने के लिए छोड़ दें।
  • फिर इसका सेवन करें।
  • रोजाना एक बार हल्दी से तैयार इस ड्रिंक का सेवन किया जा सकता है।

कैसे है फायदेमंद :

हल्दी का इस्तेमाल भी मांसपेशियों में दर्द की दवा के रूप में किया जा सकता है। इस पर हुए शोध बताते हैं कि हल्दी का सेवन डीओएमएस (delayed onset muscle soreness) यानी अधिक काम या एक्सरसाइज करने के कारण मांसपेशियों में होने वाले दर्द को कम करने के साथ-साथ मांसपेशियों के प्रदर्शन में सुधार कर सकता है (10)। बताया जाता है कि हल्दी में मौजूद करक्यूमिन एंटी इंफ्लामेट्री प्रभाव (सूजन को कम करने वाला) के साथ-साथ एनाल्जेसिक प्रभाव (दर्द से राहत दिलाने वाला) भी प्रदर्शित कर सकता है (11)। यही वजह है कि हल्दी का सेवन मसल पेन का इलाज करने के उपयोगी माना जा सकता है।

8. सेब का सिरका

सामग्री :

  • दो चम्मच सेब का सिरका

उपयोग करने का तरीका :

  • सेब के सिरके को अपने हाथों में लेकर प्रभावित जगह की मालिश करें।
  • इसके अलावा, चाहें तो एक ग्लास पानी में सेब का सिरका मिलाकर उसका सेवन भी कर सकते हैं।
  • इसका प्रयोग दिन भर में एक बार किया जा सकता है।

कैसे है फायदेमंद :

मसल्स पेन का घरेलू इलाज करने के लिए सेब का सिरका भी इस्तेमाल में लाया जा सकता है। इस बारे में एक शोध से जानकारी मिलती है कि सेब के सिरके का उपयोग दर्द को कम कर सकता है (12)। यही नहीं, एक अन्य शोध में यह भी बताया गया है कि सेब के सिरके में एंटी इंफ्लामेट्री गुण मौजूद होते हैं, जो सूजन को कम करने के साथ-साथ गठिया के कारण हो रहे दर्द से भी आराम दिलाने में मददगार साबित हो सकते हैं। इसके अलावा, एप्पल विनेगर में एंटिनोसाइसेप्टिव प्रभाव की भी पुष्टि हुई है, जो दर्द को कुछ हद तक कम करने में प्रभावी साबित हो सकता है (13)। ।

9. नीलगिरी का तेल

सामग्री :

  • एक चम्मच नीलगिरी का तेल

उपयोग करने का तरीका :

  • नीलगिरी के तेल को अपनी हथेलियों में लगाकर प्रभावित हिस्से की मालिश करें।
  • दर्द महसूस होने पर इसका प्रयोग किया जा सकता है।

कैसे है फायदेमंद :

मांसपेशियों में दर्द के लिए घर का उपचार, नीलगिरी के तेल की मदद से भी किया जा सकता है। बताया जाता है कि नीलगिरी के तेल का उपयोग कई तरह की शारीरिक समस्याओं को दूर कर सकता है। दरअसल, इसमें एनाल्जेसिक प्रभाव मौजूद होता है, जो दर्द से राहत दिलाने में कारगर साबित हो सकता है। इसके अलावा, नीलगिरी का तेल एंटी इंफ्लामेट्री गुण भी प्रदर्शित करता है, जो सूजन संबंधी समस्या से आराम दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है ( 14)।

10. कैमोमाइल

सामग्री :

  • दो चम्मच कैमोमाइल ऑयल

उपयोग करने का तरीका :

  • अपनी हथेलियों में कैमोमाइल के तेल को लगाकर दर्द वाले हिस्से की मालिश करें।
  • रोजाना एक बार इसका इस्तेमाल किया जा सकता है।

कैसे है फायदेमंद :

मांसपेशियों में खिंचाव के कारण होने वाले दर्द से राहत पाने के लिए कैमोमाइल का तेल का उपयोग भी अच्छा उपाय हो सकता है। बताया जाता है कि कैमोमाइल तेल मस्कुलर पेन (खासकर अधिक व्यायाम के कारण) गठिया, सूजन, मोच की वजह से होने वाले मसल स्ट्रेन से राहत दिलाकार मांसपेशियों को आराम पहुंचा सकता है (15)। ऐसे यह कहना गलत नहीं होगा कि मांसपेशियों में तनाव के उपचार के लिए कैमोमाइल का तेल लाभकारी साबित हो सकता है।

11. लाल मिर्च

सामग्री :

  • 1 से 2 छोटी चम्मच लाल मिर्च पाउडर
  • 4 से 5 चम्मच ऑलिव ऑयल

उपयोग करने का तरीका :

  • जैतून के तेल में लाल मिर्च डालकर उसे हल्का गर्म कर लें।
  • इसके बाद इसे थोड़ा ठंडा होने के लिए छोड़ दें।
  • फिर, इससे प्रभावित हिस्से की मालिश करें।
  • दिन में एक बार इस प्रक्रिया को अपना सकते हैं।

कैसे है फायदेमंद :

शायद जानकर ताज्जुब हो लेकिन, मसल पेन का इलाज करने के लिए घर में रखी लाल मिर्च भी उपयोगी साबित हो सकती है। ऐसा इसलिए, क्योंकि लाल मिर्च में कैप्सेसिन मौजूद होता है, जो एनाल्जेसिक यानी दर्दनाशक प्रभाव प्रदर्शित कर सकता है। इस पर हुए शोध में साफ तौर से इस बात की जानकारी मिलती है कि लाल मिर्च का इस्तेमाल गठिया संबंधी विकार, फाइब्रोमायल्गिया, चोट, पीठ दर्द सहित अन्य कारणों से हो रही मस्कुलर पेन को कम करने में प्रभावी साबित हो सकता है (16)। वहीं, जैतून के तेल को भी मांसपेशियों में तनाव के उपचार के लिए एक बेहतरीन नुस्खा माना जाता है (17)।

12. तुलसी का रस

सामग्री :

  • एक से दो चम्मच तुलसी का रस

उपयोग करने का तरीका :

  • तुलसी के रस के प्रभावित हिस्सों की मालिश करें।
  • मसल पेन से राहत मिलने तक इसका उपयोग रोजाना कर सकते हैं।

कैसे है फायदेमंद :

तुलसी का इस्तेमाल भी मसल्स पेन ट्रीटमेंट के लिए किया जा सकता है। दरअसल, हाल के अध्ययनों में ही यह पाया गया है कि तुलसी में एनाल्जेसिक (दर्द निवारक) गुण होते हैं (18)। इसका यह गुण मांसपेशियों में दर्द का आयुर्वेदिक उपचार करने में लाभकारी साबित हो सकता है। इस आधार पर यह कहना गलत नहीं होगा कि मस्कुलर पेन का घरेलू इलाज करने के लिए तुलसी का रस एक कारगर उपाय साबित हो सकता है।

13. दालचीनी या दालचीनी तेल

सामग्री :

  • दो चम्मच दालचीनी का तेल

उपयोग करने का तरीका :

  • दालचीनी के तेल को अपनी हथेलियों में लगाएं और उससे प्रभावित हिस्से की मालिश करें।

कैसे है फायदेमंद :

दालचीनी के तेल का उपयोग मांसपेशियों में दर्द का आयुर्वेदिक उपचार करने के लिए किया जा सकता है। इस पर हुए शोध से इस बात की जानकारी मिलती है कि आयुर्वेदिक चिकित्सा में दालचीनी के तेल का उपयोग गठिया, जोड़ों के दर्द और जकड़न के लिए किया जाता है। इसके अलावा, शोध में यह भी बताया गया है कि जो लोग नियमित रूप से दालचीनी का सेवन करते हैं उनमें मांसपेशियों और जोड़ों के दर्द से जुड़ी समस्या कम हो सकती है (19)।

इसके अलावा एक अन्य शोध में इस बात को सिद्ध किया गया है कि दालचीनी के तेल में एंटी इंफ्लामेट्री गुण मौजूद होते हैं, जो सूजन को कम करने में प्रभावी साबित हो सकते हैं। इसके अलावा इस तेल में एंटीनोसिसेप्टिव (antinociceptive) प्रभाव भी मौजूद होता है जो दर्द को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है (20)। इस आधार पर मसल पेन का इलाज करने के लिए दालचीनी का तेल एक कारगर उपाय साबित हो सकता है।

14. आराम

मसल्स पेन का इलाज करने के लिए आराम करना भी एक बेहतरीन उपाय है। दरअसल, सही इलाज और दवाइयों के साथ-साथ ठीक तरह से आराम करने से मस्कुलर पेन के जल्द से जल्द ठीक होने की संभावना बढ़ जाती है (5)। इसलिए, व्यायाम या अन्य कोई काम करने पर, कुछ वक्त के लिए आराम जरूर करें। तभी मसल्स पेन का इलाज में सहायता मिल सकती है।

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लेख के इस हिस्से में मसल्स पेन ट्रीटमेंट अन्य विकल्प जानिए।

मांसपेशियों में दर्द के लिए अन्य उपचार Other Treatments For Muscle Pain In Hindi

मस्कुलर पेन का घरेलू इलाज तो आप जान ही चुके हैं। चलिए अब जरा मसल्स पेन ट्रीटमेंट के लिए कुछ अन्य विकल्पों को भी जान लीजिए।

  • नॉन स्टेरॉयडल दवाएं – मसल्स पेन की दवा के तौर पर नॉन स्टेरॉयडल का उपयोग किया जा सकता है (21)। मांसपेशियों के दर्द को कम करने में यह काफी हद तक मददगार साबित हो सकता है।
  • एंटी इंफ्लामेट्री दवाएं – एंटी इंफ्लामेंट्री ड्रग्स का उपयोग भी मांसपेशियों में दर्द की दवा के लिए किया जा सकता है (21)। ये दवाएं सूजन के कारण होने वाली समस्याओं से राहत दिलाने में लाभकारी साबित हो सकती हैं।
  • स्प्रे का उपयोग – मसल पेन की दवा के रूप में एनाल्जेसिक (दर्दनाशक) और एंटी इंफ्लामेंट्री (सूजन को कम करने वाला) गुण वाले स्प्रे का इस्तेमाल करना भी फायदेमंद साबित हो सकता है (22)।

अभी बाकी है जानकारी

मसल पेन की दवा जानने के बाद यह भी जान लीजिए कि इस दौरान क्या खाना चाहिए और क्या नहीं।

मांसपेशियों के दर्द को कम करने के लिए क्या खाएं और क्या न खाएं? What to Eat and What not to Eat to Reduce Muscle pain In Hindi

मांसपेशियों में दर्द के लिए घर का उपचार करने के साथ-साथ सही उचित खान पान होना भी जरूरी है, तभी इससे जल्दी छुटकारा पाया जा सकता है। इसलिए यहां हम बता रहे हैं कि मसल पेन के दौरान क्या खाना चाहिए और क्या नहीं खाना चाहिए।

क्या खाना चाहिए-

मस्कुलर पेन के दौरान एंटीऑक्सीडेंट युक्त खाद्य पदार्थों के साथ-साथ एंटी इंफ्लामेट्री फूड्स का सेवन करना लाभकारी साबित हो सकता है, जैसे (23) (24)-

  • चेरी का रस
  • अनार का रस
  • चुकंदर का रस
  • प्रोटीन युक्त खाद्य पदार्थ (जैसे दूध, मांस, मछली, अंडे और सोया)
  • कार्बोहाइड्रेट युक्त खाद्य पदार्थ (जैसे – ब्रेड, पास्ता, चावल, आलू, बीन्स और फल)
  • एंटी इंफ्लामेट्री फूड्स ( जैसे -जामुन, चाय और नट्स)
  • क्रिएटिन
  • ओमेगा -3 पॉलीअनसेचुरेटेड फैटी एसिड
  • विटामिन डी

क्या नहीं खाना चाहिए –

मस्कुलर पेन के दौरान ऐसे चीजों के सेवन से बचना चाहिए, जो सूजन को बढ़ावा दे सकते हैं। यहां हम उन्ही खाद्य पदार्थों की जिक्र कर रहे हैं (25) –

  • रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट (जैसे – सफेद ब्रेड और पेस्ट्री )
  • फ्रेंच फ्राइज और अन्य तले हुए खाद्य पदार्थ
  • सोडा और अन्य चीनी युक्त मीठे पेय पदार्थ
  • रेड मीट (बर्गर) और प्रोसेस्ड मीट (हॉट डॉग, सॉसेज)
  • मार्जरीन
  • शराब
  • धुम्रपान

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यहां मांसपेशियों में दर्द से राहत पाने के कुछ और सामान्य टिप्स

मांसपेशियों के दर्द को कम करने के लिए जीवनशैली में बदलाव Lifestyle Changes to reduce Muscle Pain

मांसपेशियों में दर्द के लिए सिर्फ घरेलू उपाय ही नहीं, बल्कि कुछ अन्य बातों का भी ध्यान रख जीवन शैली में बदलाव करना भी जरूरी है। इसलिए, मसल पेन का इलाज के लिए नीचे बताए गए टिप्स का ध्यान रखें :

  • व्यायाम – मांसपेशियों में दर्द और खिंचाव से बचने के लिए हल्के-फुल्के व्यायाम करना जरूरी है। इसके लिए वॉकिंग, साइकिल चलाना और तैराकी जैसी एरोबिक गतिविधियों को अपनाया जा सकता है। ध्यान रहे कि किसी भी एक्सरसाइज को विशेषज्ञ की देखरेख में ही करें। ज्यादा भारी एक्सरसाइज न करें, बल्कि क्षमता के अनुसार ही एक्सरसाइज करें और व्यायाम से पहले व बाद में वॉर्म-अप करना न भूलें (5)।
  • योग – अगर बात करें योग कि, तो आजकल योग से कई बीमारियां ठीक हो जाती हैं। मांसपेशियों में दर्द के उपाय के लिए योग का सहारा भी लिया जा सकता है (26)। बस ध्यान रहे कि किसी भी योग को विशेषज्ञ की सलाह के अनुसार ही करें ।
  • तनाव मुक्त रहें – जैसा कि हमने लेख में बताया है कि मसल पेन का एक कारण तनाव को भी माना गया है (5)। ऐसे में इस समस्या को दूर रखने के लिए जरूरी है कि स्ट्रेस फ्री यानी तनाव मुक्त रहें।
  • सही खान-पान – कई बार पौष्टिक तत्वों की कमी भी मांसपेशियों में दर्द का कारण बन जाती है। इसलिए, अपने खाने-पीने का खास ध्यान रखें। अपनी डाइट में हरी-सब्जियों, फल व ड्राई फ्रूट्स को जरूर शामिल करें। साथ ही उन खाद्य पदार्थों का सेवन करें, जिनमें एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण मौजूद हों (24)।
  • धूम्रपान और शराब से दूरी – शरीर को बीमारियों से दूर रखने के लिए धूम्रपान और शराब से दूरी बनान सबसे जरूरी है। इसलिए जितना हो सकते धूम्रपान और शराब के सेवन से परहेज करें।

पढ़ते रहें

लेख के सबसे अंत में जानेंगे मांसपेशियों में तनाव के लिए डॉक्टर से कब संपर्क करना चाहिए।

डॉक्टर को कब दिखाएं When to consult a Doctor

यहां बताए गए लक्षणों के दिखने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए (5) –

  • अगर मांसपेशियों में दर्द तीन दिनों से अधिक समय तक रहता है।
  • अगर मस्कुलर पेन अधिक गंभीर या असहनीय हो।
  • किसी प्रकार के संक्रमण का संकेत हो जैसे कि कोमल मांसपेशियों के आसपास सूजन या लालिमा होना।
  • जिस हिस्से की मांसपेशियों में दर्द होता है (उदाहरण के लिए, पैरों में) वहां का परिसंचरण खराब होना। ।
  • अगर मांसपेशियों में दाने हो रहे हों।
  • मांसपेशियों में दर्द किसी दवा की खुराक शुरू करने या बदलने से जुड़ा हो, जैसे कि स्टेटिन।
  • वजन अचानक बढ़ गया हो, या सामान्य से कम पेशाब हो रहा हो।
  • सांस लेने में तकलीफ हो रही हो या निगलने में कठिनाई होती हो।
  • मांसपेशियों में कमजोरी या शरीर का कोई हिस्सा हिल नहीं रहा हो।
  • उल्टी की समस्या हो रही हो ।
  • तेज बुखार की समस्या हो रही हो।

मांसपेशियों में दर्द और खिंचाव की समस्या को हल्के में लेकर अनदेखा न करें, क्योंकि आगे चलकर यह समस्या गंभीर रूप भी ले सकती है। लेख में बताए गए मांसपेशियों में दर्द की दवा और घरेलू उपाय हल्के-फुल्के दर्द के लिए हैं। जिसकी मदद से मांसपेशियों में दर्द होने पर उससे छुटकारा पाया जा सकता है। वहीं, अगर मसल पेन पुराना हो और इन उपायों के बाद भी ठीक न हो रहा हो या फिर लेख में बताए गए किसी भी एक लक्षण के दिखने पर बिना देर किए डॉक्टर से संपर्क जरूर करें। आशा करते हैं कि यह लेख आपके लिए लाभकारी साबित रहा होगा। अब आगे हम पाठकों द्वारा पूछे गए सवालों के जवाब दे रहे हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

मुझे मांसपेशियों में दर्द के बारे में कब चिंतित होना चाहिए?

निम्नलिखित लक्षणों के दिखने पर मांसपेशियों में दर्द के बारे में चिंतित होना चाहिए (5) –

  • अगर मांसपेशियों में दर्द तीन दिनों से अधिक समय तक रहता है।
  • अगर मस्कुलर पेन अधिक गंभीर या असहनीय हो।
  • किसी प्रकार के संक्रमण का संकेत हो जैसे कि कोमल मांसपेशियों के आसपास सूजन या लालिमा होना।
  • जिस हिस्से की मांसपेशियों में दर्द होता है (उदाहरण के लिए, पैरों में) वहां का परिसंचरण खराब होना। ।
  • अगर मांसपेशियों में दाने हो रहे हों।
  • मांसपेशियों में दर्द किसी दवा की खुराक शुरू करने या बदलने से जुड़ा हो, जैसे कि स्टेटिन।

मांसपेशियों में दर्द कब तक रह सकता है?

आमतौर पर मांसपेशियों में दर्द 4-5 दिनों तक बना रह सकता है (27)। हालांकि यह उसके कारण पर भी निर्भर करता है।

क्या मांसपेशियों में खिंचाव होने पर मालिश करनी चाहिए?

हां, मांसपेशियों में खिंचाव होने पर मालिश किया जा सकता है। एक शोध में इस बात का जिक्र मिलता है कि मालिश की मदद से मांसपेशियों में खिंचाव के कारण होने वाले दर्द से राहत मिल सकती है (28)।

पुरानी मांसपेशियों के दर्द में क्या मदद कर सकता है?

पुरानी मांसपेशियों के दर्द से राहत पाने के लिए लेख में बताए गए मसल्स पेन का घरेलू इलाज अपनाया जा सकता है। हालांकि अगर दर्द अधिक पुराना है तो इसे डॉक्टर से दिखाना ज्यादा बेहतर विकल्प होगा।

मेरी मांसपेशियों में हर समय दर्द क्यों रहता है?

मांसपेशियों में हर समय दर्द होने के पीछे कई कारण हो सकते हैं, जैसे -जरूरत से ज्यादा व्यायाम करना, किसी प्रकार के चोट के कारण, तनाव के कारण या फिर सूजन संबंधी समस्याओं के कारण आदि (4)। लेख में हमने इसके कारणों की चर्चा विस्तार से की है।

क्या मांसपेशियों में दर्द महीनों तक रह सकता है?

आमतौर पर मांसपेशियों में दर्द कुछ ही दिनों में ठीक हो जाता है। लेकिन कुछ गंभीर मामलों में यह महीनों तक रह सकता है। उदाहरण के लिए मायोफेशियल पेन सिंड्रोम (Myofascial pain syndrome – मांसपेशियों में पुराना दर्द) (29)।

क्या निर्जलीकरण से मांसपेशियों में दर्द हो सकता है?

हां, निर्जलीकरण से मांसपेशियों में दर्द हो सकता है (30)।

मांसपेशियों में दर्द की सबसे अच्छी दवा कौन सी है?

सामान्य तौर पर मांसपेशियों में दर्द की दवा के लिए नॉन स्टेरॉयडल और एंटी इंफ्लामेट्री दवाओं का उपयोग करने की सलाह दी जाती है (21)। वहीं, मसल्स पेन की सबसे अच्छी दवा के लिए एक बार डॉक्टरी परामर्श लेना बेहतर होगा।

क्या रोजमेरी का तेल मांसपेशियां में दर्द से आराम दिला सकता है?

हां, रोजमेरी का तेल मांसपेशियां में दर्द से आराम दिला सकता है। दरअसल, इसमें एनाल्जेसिक प्रभाव मौजूद होता है, जो दर्द से आराम दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है (31)।

संदर्भ (Sources) :

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आवृति गौतम ने सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ साउथ बिहार से मास कम्युनिकेशन में एमए किया है। इन्होंने अपने करियर की शुरूआत डिजिटल मीडिया से ही की थी। इस क्षेत्र में इन्हें काम करते हुए दो वर्ष से ज्यादा हो गए हैं। आवृति को स्वास्थ्य विषयों पर लिखना और अलग-अलग विषयों पर विडियो बनाना खासा पसंद है। साथ ही इन्हें तरह-तरह की किताबें पढ़ने का, नई-नई जगहों पर घूमने का और गाने सुनने का भी शौक है।

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