मार्शमैलो रूट के फायदे और नुकसान – Marshmallow Root Benefits and Side Effects in Hindi

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प्रकृति ने हमारी अच्छी सेहत और बीमारियों से लड़ने के लिए कई प्रकार की जड़ी-बूटियां तोहफे में दी हैं। हर जड़ी-बूटी का अपना अलग औषधीय महत्व है। इनमें से कई के बारे में हम जानते हैं और जरूरत पड़ने पर उनका इस्तेमाल भी करते हैं। वहीं, कुछ ऐसी भी खास जड़ी-बूटियां हैं, जिनके बारे में शायद अधिक लोग परिचित न हों। उन्हीं जड़ी बूटियों में से एक है मार्शमैलो रूट यानी मार्शमैलो की जड़। यही वजह है कि स्टाइलक्रेज के इस लेख में हम मार्शमैलो रूट के फायदे और उपयोग के बारे में विस्तार से बताने जा रहे हैं। साथ ही इस लेख में मार्शमैलो रूट के नुकसान से जुड़ी जानकारी भी दी गई है।

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आइये, लेख में सबसे पहले हम आपको बता दें कि मार्शमैलो रूट क्या है? 

मार्शमैलो रूट क्‍या है? – What Is Marshmallow Root in Hindi

मार्शमैलो एक औषधीय पौधा है। इसका वैज्ञानिक नाम एल्थिया ऑफिसिनैलिस (Althaea officinalis) है और यह मुख्य रूप से यूरोप, उत्तरी अफ्रीका और पश्चिमी एशिया से संबंध रखता है। इसकी जड़, पत्ते और फूल आमतौर पर पारंपरिक चिकित्सा में उपयोग किए जाते हैं। वहीं, इसमें कई खास औषधीय प्रभाव पाए जाते हैं, जिनमें एंटी-बैक्टीरियल, एंटीफंगल, एंटी-इंफ्लामेटरी, एंटी-कफ, एंटीवायरल और एंटी-यीस्ट शामिल हैं। इसके अलावा, इसका उपयोग हाइपरलिपिडेमिया (रक्त में लिपिड की अधिक मात्रा), सूजन, गैस्ट्रिक अल्सर और प्लेटलेट्स की समस्या के दौरान लाभकारी माना जाता है (1)। नीचे हम आपको मार्शमैलो रूट के फायदे के बारे में विस्तार से बता रहे हैं।

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आर्टिकल के इस हिस्से में सेहत के लिए मार्शमैलो रूट के फायदे के बारे में विस्तार से जानकारी दे रहे हैं। 

मार्शमैलो रूट के फायदे – Benefits of Marshmallow Root in Hindi

मार्शमैलो रूट में पाए जाने वाले औषधीय गुण इसे सेहत के लिए कई प्रकार से फायदेमंद बनाते हैं। यहां हम आपको बता रहे हैं कि मार्शमैलो रूट स्वास्थ्य के लिए किस प्रकार से फायदेमंद हो सकती है। वहीं, इस बात का ध्यान रखें कि मार्शमैलो की जड़ किसी भी बीमारी का इलाज नहीं है। इसका सेवन बीमारी से बचाव और इसके प्रभाव को कुछ हद तक कम करने के लिए किया जा सकता है। बीमारी का पूर्ण इलाज डॉक्टरी परामर्श पर ही निर्भर करता है। अब पढ़ें आगे –

1. कफ और सर्दी में

मार्शमैलो रूट के फायदे कफ और सर्दी में भी देखे जा सकते हैं। दरअसल, इसमें मौजूद पॉलीसेकेराइड में एंटीट्यूसिव प्रभाव पाया जाता है, यानी कफ से निजात दिलाने वाला गुण (2)। वहीं, एक अध्ययन में मार्शमैलो रूट युक्त एक हर्बल सिरप को कफ और कोल्ड के लिए प्रभावी पाया गया है (3)। इस आधार पर कहा जा सकता है कि कफ और सर्दी की समस्या में मार्शमैलो रूट एक कारगर उपाय हो सकती है।

2. फेफड़ों के कैंसर से बचाव में सहायक

कैंसर से बचाव में मार्शमैलो रूट फायदेमंद हो सकती है। इससे जुड़े एक शोध में पाया गया है कि मार्शमैलो के पॉलीसेकेराइड्स में एंटीप्रोलिफेरेटिव (कैंसर सेल्स ग्रोथ को रोकने वाला) गुण पाए जाते हैं, जो लंग्स के साथ लिवर और ब्रेस्ट कैंसर सेल्स को बढ़ने से रोकने में मदद कर सकते हैं। इसके अलावा, शोध में इस बात की जानकारी भी दी गई है कि मार्शमैंलो में एंटीकैंसर गुण पाए जाते हैं। यह गुण कैंसर के जोखिम से बचाव करने में फायदेमंद हो सकते हैं (4)। यहां हम पाठकों को बता दें कि मार्शमैलो की जड़ कैंसर का उपचार नहीं है। इसके लिए डॉक्टरी इलाज बहुत जरूरी है।

3. बैक्टीरियल संक्रमण के लिए

बैक्टीरियल संक्रमण से लड़ने और इससे बचाव में भी मार्शमैलो रूट के फायदे देखे जा सकते हैं। दरअसल, एनसीबीआई (National Center for Biotechnology Information) की वेबसाइट पर प्रकाशित एक शोध में जिक्र मिलता है कि मार्शमैलो की जड़ एस. म्यूटान और एल.एसिडोफिलस नामक बैक्टीरिया के खिलाफ एंटीबैक्टीरियल प्रभाव प्रदर्शित कर सकती है। हालांकि, अध्ययन में एंटीबैक्टीरियल प्रभाव के लिए और शोध के लिए भी कहा गया है (5)।

4. पाचन स्वास्थ्य के लिए

मार्शमैलो रूट पाचन समस्याओं से राहत देने में भी मदद कर सकती है। शोध में पाया गया कि मार्शमैलो रूट का उपयोग पारंपरिक चीनी चिकित्सा में कई प्रकार की समस्याओं के लिए किया जाता है। इन समस्याओं में एक है पाचन संबंधी विकार। मार्शमैलो का उपयोग इस समस्या को दूर करने में मदद कर सकता है (6)। इसके अलावा, एक अन्य शोध से पता चला है कि मार्शमैलो रूट में एंटासिड गुण पाए जाते हैं, जो पेट के एसिड स्तर को नियंत्रित करने के साथ कब्ज की समस्या में भी लाभकारी हो सकता है (7) (8)। इसके अलावा, मार्शमैलो रूट में लैक्सेटिव गुण भी पाए जाते हैं, जो मल निकासी प्रक्रिया में सुधार का काम कर सकते हैं (9)।

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5. शरीर के अतिरिक्त तरल को बाहर निकालना

मार्शमैलो का सेवन शरीर के अतिरिक्त तरल को बाहर निकालने में भी मदद कर सकता है। दरअसल, इसमें ड्यूरेटिक यानी मूत्रवर्धक गुण पाए जाते हैं। इस गुण के कारण मार्शमैलो रूट मूत्र के जरिए शरीर से अतिरिक्त तरल को बाहर निकालने में मदद कर सकती है (9)।

6. जख्म भरने के लिए

मार्शमैलो की रूट का उपयोग जख्म को भरने में मदद कर सकता है। इससे जुड़े एक शोध में पाया गया कि पारंपरिक चीनी चिकित्सा में मार्शमैलो का उपयोग सूजन को दूर करने के साथ ही घाव भरने के लिए भी किया जाता है (6)। हालांकि, घाव भरने के लिए मार्शमैलो रूट का कौन-सा गुण फायदेमंद होता है, यह अभी शोध का विषय है।

7. दर्द निवारक के रूप में

जख्म भरने के साथ ही मार्शमैलो रूट दर्द को दूर करने में भी मददगार हो सकती है। दरअसल, एक अध्ययन के अनुसार, मार्शमैलो रूट में मौजूद हाइपोलेटिन-8-ग्लूकोसाइड नामक फ्लेवोनॉयड में एनाल्जेसिक यानी दर्दनिवारक गुण मौजूद होते हैं। यह गुण शरीर से जुड़े दर्द को कम करने में मदद कर सकता है (10)।

8. त्वचा समस्याओं के लिए

मार्शमैलो रूट त्वचा की कई समस्याओं को कम करने में मदद कर सकती है। इससे जुड़े एक शोध में पाया गया कि मार्शमैलो की जड़ के अर्क में एंटी इंफ्लामेटरी गुण पाया जाता है। मार्शमैलों के अर्क में पाया जाने वाला यह गुण त्वचा संबंधित कई समस्याओं जैसे कि फुरुनकुलोसिस (त्वचा पर फोड़े) और एक्जिमा (त्वचा से जुड़ी सूजन) को ठीक करने में लाभदायक हो सकता है। शोध में इस बात का भी जिक्र किया गया है कि मार्शमैलो की जड़ का अर्क युक्त मलहम सूर्य की हानिकारक यूवी किरणों की वजह से होने वाली त्वचा की जलन को भी कम करने में मदद कर सकता है (11)।

9. बालों के विकास के लिए

सेहत और त्वचा के साथ ही मार्शमैलो रूट का उपयोग बालों के विकास के लिए भी किया जा सकता है। इससे जुड़े एक शोध में पाया गया कि मार्शमैलो रूट के अर्क का उपयोग एंड्रोजेनिक एलोपेसिया (बाल झड़ने का एक प्रकार) के दौरान फायदेमंंद साबित हो सकता है। दरअसल, इसमें बालों को बढ़ाने के गुण पाए जाते हैं, जो बालों के विकास में मददगार हो सकते हैं (12)।

आगे भी है कुछ खास

जानते हैं मार्शमैलो रूट के उपयोग के बारे में। 

मार्शमैलो रूट का उपयोग – How to Use Marshmallow Root in Hindi

मार्शमैलो रूट काे कई प्रकार से उपयोग में लिया जा सकता है। यहां हम इसके कुछ खास उपयोग के बारे में बता रहे हैं।

  • मार्शमैलो रूट का उपयोग चाय के रूप में किया जा सकता है।
  • डॉक्टरी परामर्श पर मार्शमैलो रूट का उपयोग सप्लीमेंट के रूप में किया जा सकता है।
  • त्वचा के लिए मार्शमैलो रूट पाउडर का उपयोग जलन और सूजन को दूर करने के लिए किया जा सकता है।
  • मार्शमैलो रूट के पाउडर का उपयोग हेल्थ ड्रिंक के रूप में भी कर सकते हैं।

नीचे जाने कुछ खास

चलिए, अब जान लेते हैं कि मार्शमैलो रूट की चाय कैसे बनाई जाती है? 

मार्शमैलो रूट की चाय बनाने की विधि

मार्शमैलो रूट की चाय कई समस्याओं में फायदेमंद हो सकती है। यहां हम आपको बता रहे हैं मार्शमैलो रूट की चाय बनाने की आसान विधि के बारे में।

सामग्री:

  • 50 ग्राम मार्शमैलो की जड़ (ड्राई)
  • 2 कप पानी 

विधि:

  • सबसे पहले मार्शमैलो रूट को छिलकर साफ कर लें और छोटे-छोटे टुकड़ों में काट लें।
  • इसके बाद एक बर्तन में पानी डाल दें और गर्म होने के लिए रख दें।
  • थोड़ा उबाल आने पर इसमें मार्शमैलो रूट डाल दें।
  • बर्तन को ढक्कन से कवर कर दें और कम से कम 10 मिनट तक अच्छी तरह से उबलने दें।
  • इसके बाद इसे एक कप में छान लें।
  • मार्शमॉलो चाय तैयार है।

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जानते हैं कि मार्शमैलो रूट की खुराक कितनी होनी चाहिए।

मार्शमैलो रूट की खुराक

मार्शमॉलो रूट की चाय का नुस्खा काफी सरल है ना? लेकिन एक दिन में इसकी कितनी खुराक ली जा सकती है? यह हम नीचे बता रहे हैं।

पाउडर के रूप में 1 चम्मच मार्शमॉलो रूट दिन में एक बार ले सकते हैं। पूरे दिन में 1 कप मार्शमॉलो चाय भी ले सकते हैं। स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के लिए डॉक्टरी परामर्श पर इसकी कैप्सूल भी ली जा सकती है। हालांकि, इसकी दैनिक खुराक की मात्रा से जुड़ा कोई सटीक वैज्ञानिक प्रमाण उपलब्ध नहीं है, इसलिए इस विषय में डॉक्टर से सलाह लेना ज्यादा अच्छा होगा।

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आर्टिकल के इस हिस्से में जानते हैं मार्शमैलो रूट के नुकसान के बारे में। 

मार्शमैलो रूट के नुकसान – Side Effects of Marshmallow Root in Hindi

मार्शमैलो रूट पर हुए शोध में इसके फायदों की अधिक जानकारी मिलती है और नुकसान के ऊपर बहुत ही कम शोध उपलब्ध हैं। आइये, नीचे जानते हैं मार्शमैलो रूट के संभावित साइड इफेक्ट्स क्या-क्या हो सकते हैं –

  • स्तनपान के दौरान बच्चे के लिए मार्शमैलो रूट असुरक्षित हो सकती है। इसलिए, इस दौरान इसके सेवन से परहेज करें (13)। हालांकि, इस दौरान यह किस प्रकार का नुकसान पहुंचा सकती है, फिलहाल, इससे जुड़े सटीक शोध का अभाव है।
  • मार्शमैलो रूट रक्त शर्करा के स्तर को कम कर सकती है। इसलिए, कोई अगर मधुमेह की दवाई ले रहा है, तो इसके सेवन से बचे। इसका सेवन ब्लड शुगर के स्तर को जरूरत से ज्यादा कम कर सकता है (14)।
  • संवेदनशील त्वचा वालों के लिए मार्शमैलो रूट से एलर्जी की समस्या हो सकती है।

मार्शमैलो रूट से जुड़ी तमाम जानकारी के बाद अब हम उम्मीद कर सकते हैं कि आप मार्शमैलो रूट के फायदे और नुकसान अच्छी तरह समझ गए होंगे। साथ ही मार्शमैलो रूट का उपयोग किसी प्रकार किया जा सकता है, इसकी भी आपको अच्छी समझ हो गई होगी। अब आप चाहें, तो डॉक्टरी परामर्श पर इसे इस्तेमाल में ला सकते हैं। वहीं, इसके सेवन की सही मात्रा से जुड़ी जानकारी डॉक्टर से जरूर ले लें, ताकि आप इससे होने वाले नुकसान से बचे रहें। आशा करते हैं कि मार्शमैलो रूट के फायदे की जानकारी देता यह आर्टिकल आपके लिए लाभकारी रहा होगा। 

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

मार्शमैलो रूट कहां से खरीद सकते हैं?

मार्शमॉलो रूट को किसी आयुर्वेदिक दुकान से या ऑनलाइन ऑर्डर किया जा सकता है।

क्या स्लिपरी एल्म और मार्शमैलो रूट को एक साथ ले सकते हैं?

स्लिपरी एल्म और मार्शमैलो रूट सेहत के लिए फायदेमंद माने जाते हैं (15)। वहीं, इन्हें एक साथ लेने से पहले एक बार डॉक्टरी परामर्श जरूर लें।

क्या मार्शमैलो रूट रक्त में मौजूद शुगर के स्तर को कम कर सकती है?

हां, इससे जुड़े एक वैज्ञानिक अध्ययन में इसके हाइपोग्लाइसेमिक (रक्त शर्करा कम करने वाला) प्रभाव के बारे में पता चलता है, यानी मार्शमैलो की जड़ ब्लड शुगर को कम करने में मदद कर सकती है (14)।

मार्शमैलो रूट की चाय का स्वाद कैसे होता है?

मार्शमैलो रूट की चाय का स्वाद थोड़ा मीठा और थोड़ा मिट्टी जैसा होता है।

क्या मार्शमैलो रूट जीईआरडी के लिए अच्छी है?

हां, मार्शमैलो रूट जीईआरडी (एसिड रिफ्लक्स) के लिए फायदेमंद हो सकती है। इसमें एंटासिड गुण पाए जाते हैं, जो एसिड को नियंत्रित करने में मदद कर सकता है (7)।

मार्शमैलो रूट की गंध कैसी होती है?

मार्शमैलो रूट की गंध हल्की मिट्टी जैसी होती है।

संदर्भ (Sources):

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Saral Jain

सरल जैन ने श्री रामानन्दाचार्य संस्कृत विश्वविद्यालय, राजस्थान से संस्कृत और जैन दर्शन में बीए और डॉ. सी. वी. रमन विश्वविद्यालय, छत्तीसगढ़ से पत्रकारिता में बीए किया है। सरल को इलेक्ट्रानिक मीडिया का लगभग 8 वर्षों का एवं प्रिंट मीडिया का एक साल का अनुभव है। इन्होंने 3 साल तक टीवी चैनल के कई कार्यक्रमों में एंकर की भूमिका भी निभाई है। इन्हें फोटोग्राफी, वीडियोग्राफी, एडवंचर व वाइल्ड लाइफ शूट, कैंपिंग व घूमना पसंद है। सरल जैन संस्कृत, हिंदी, अंग्रेजी, गुजराती, मराठी व कन्नड़ भाषाओं के जानकार हैं।

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