मारुला तेल के फायदे, उपयोग और नुकसान – Marula Oil Benefits, Uses and Side Effects in Hindi

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दैनिक जीवन में स्वास्थ्य के लिए लोग कई तरह के तेलों का उपयोग करते हैं। वहीं, कुछ ऐसे भी गुणकारी तेल होते हैं, जिनके बारे में ज्यादा लोगों को पता नहीं होता है। मारुला तेल, उन्हीं में से एक है। कई पाठकों के लिए यह एक नया नाम हो सकता है। यही वजह है कि स्टाइलक्रेज के इस लेख में हम मारुला तेल के बारे में आवश्यक जानकारी दे रहे हैं। यहां आप जान पाएंगे कि शरीर के लिए मारुला तेल के फायदे किस प्रकार काम करते हैं और मारुला तेल का उपयोग किस प्रकार किया जा सकता है। ध्यान रखें कि मारुला तेल लेख में बताई गई किसी भी बीमारी का मेडिकल ट्रीटमेंट नहीं है। यह सिर्फ इनके प्रभाव को कुछ हद तक कम करने में सहायक भूमिका निभा सकता है।

नीचे विस्तार से जानें

इस लेख के शुरुआत में हम मारुला तेल के फायदे बताएंगे।

मारुला तेल के फायदे – Benefits of Marula Oil in Hindi

मारुला तेल के स्वास्थ्य फायदे क्या-क्या हो सकते हैं, यह जानकारी हम नीचे बता रहे हैं –

1. स्ट्रेच मार्क्स के लिए

मारुला तेल का उपयोग करके स्ट्रेच मार्क्स से आराम पाया जा सकता है। एनसीबीआई (National Center for Biotechnology Information) की वेबसाइट पर प्रकाशित एक वैज्ञानिक शोध में बताया गया है कि मारुला तेल का इस्तेमाल घाव के आसपास और निशानों (Scar) के लिए किया जा सकता है। यह स्कार टिश्यू (निशान का कारण बनने वाले टिश्यू) से बचाव और उपचार में मददगार हो सकता है (1)। इसलिए, ऐसा माना जा सकता है कि मारुला तेल के फायदे स्ट्रेच मार्क्स हटाने के उपाय के रूप में कुछ हद तक मददगार हो सकते हैं। फिलहाल, स्ट्रेच मार्क्स पर मारुला तेल सीधे तौर पर कैसे काम करता है, इस पर अभी और शोध किए जाने की जरूरत है।

उपयोग की विधि:

  • सबसे पहले आवश्यकतानुसार तेल को हल्का गर्म कर लें।
  • फिर उसे हाथ में लेकर स्ट्रेच मार्क्स वाले भाग पर लगाएं।
  • कुछ मिनट तक हल्की मसाज करें।
  • इसे त्वचा में अशोषित होने दें।
  • इस आप रात में सोने से पहले लगा सकते हैं।

2. मुंहासों के लिए

मारुला तेल में लिनोलेनिक नाम का फैटी एसिड पाया जाता है। यह त्वचा के लिए फायदेमंद माना जाता है। यही वजह है कि इसका इस्तेमाल कई कॉस्मेटिक उत्पादों में किया जाता है। इससे संबंधित एक शोध में जिक्र मिलता है लिनोलेनिक एसिड मुंहासों की समस्या से आराम दिलाने में मददगार हो सकता है। इसके अलावा, लिनोलेनिक एसिड त्वचा को मॉइस्चराइज करने का काम भी कर सकता है (2)।

उपयोग की विधि:

  • उंगलियों की मदद से मारुला तेल की कुछ बूंदें मुंहासे वाले हिस्से पर लगाएं।
  • इसे कुछ घंटों तक त्वचा पर लगे रहने दें।
  • फिर गुनगुने पानी से चेहरे को धो लें।

3. फटे होंठ ठीक करने के लिए

होंठ फटने की समस्या से परेशान व्यक्ति के लिए मारुला तेल घरेलू उपचार के रूप में काम कर सकता है। दरअसल, होंठ फटने का एक मुख्य कारण होंठों में नमी की कमी है। वहीं, इस तेल में मॉइस्चराइजिंग प्रभाव होता है, जो होंठों की नमी को बरकरार रखने में मदद कर सकता है (1)। इसलिए, फटे होंठों से छुटकारा पाने के लिए इसका इस्तेमाल किया जा सकता है।

उपयोग की विधि:

  • मारुला तेल को होठों पर लिप बाम की तरह लगाएं।
  • इसे रातभर लगाकर रख सकते हैं।

4. ब्रिटल नेल्स के लिए

नाजुक और कमजोर नाखूनों को ब्रिटल नेल्स कहते हैं। ऐसे में ब्रिटल नेल्स की स्थिति में सुधार के लिए अन्य उपचारों के साथ मॉइस्चराइजर का उपयोग भी किया जाता है (3)। जैसा कि हमने ऊपर बताया कि मारुला तेल में मॉइस्चराइजिंग प्रभाव पाया जाता है (1)। इसलिए, ऐसा माना जा सकता है कि मारुला तेल का उपयोग ब्रिटल नेल्स पर कुछ हद तक सकारात्मक प्रभाव दिखा सकता है। फिलहाल, इस संबंध में और शोध की आवश्यकता है।

उपयोग की विधि:

  • रात में सोने से पहले मारुला तेल को हाथों और पैरों के नाखूनों पर अच्छी तरह लगा लें।
  • रोजाना इस उपाय को किया जा सकता है।

5. बढ़ती उम्र के लक्षण कम करने के लिए

बढ़ती उम्र के लक्षण कम करने में मारुला तेल कितना लाभदायक होगा, इस पर फिलहाल सटीक वैज्ञानिक शोध का अभाव है। वहीं, एनसीबीआई की वेबसाइट पर प्रकाशित एक वैज्ञानिक शोध से पता चलता है कि मारुला की डंठल से प्राप्त इथेनॉलिक अर्क एंटी एजिंग प्रभाव प्रदर्शित कर सकते हैं, जिससे बढ़ती उम्र के लक्षण जैसे झुर्रियों को कम किया जा सकता है (1)

6. मुलायम त्वचा के लिए

मारुला तेल के फायदे त्वचा को मुलायम बनाने का काम भी कर सकते हैं। दरअसल, त्वचा में नमी को बरकरार रखकर त्वचा को मुलायम रखा जा सकता है। जैसा कि हम ऊपर बता चुके हैं कि मारुला तेल में मॉइस्चराइजिंग और हाइड्रेटिंग प्रभाव होते हैं, जो त्वचा में नमी को बनाए रखने में सहायक हो सकते हैं (1)

उपयोग की विधि:

  • इसे सामान्य तेल या बॉडी लोशन की तरह त्वचा पर लगाया जा सकता है।

7. बाल और स्कैल्प को स्वस्थ रखने के लिए

बालों का झड़ना और उनके सफेद होने के पीछे कई कारण हो सकते हैं, जिनमें ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस भी शामिल है (4)। यहां मारुला तेल कुछ हद तक फायदेमंद साबित हो सकता है, क्योंकि इसमें एंटीऑक्सीडेंट गुण पाया जाता है (5)। यह गुण ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस के कारण होने वाली बालों और स्कैल्प  की समस्याओं को ठीक करने में सहायक भूमिका निभा सकता है। वहीं, एनसीबीआई के एक शोध में जिक्र मिलता है कि मारुला तेल का इस्तेमाल डैमेज, कमजोर और रुखे बालों के लिए बने कई शैंपू में किया जाता है (1)। फिलहाल, बालों पर मारुला सीधे तौर पर कैसे काम करता है, इसके लिए अभी और शोध किए जाने की जरूरत है।

उपयोग की विधि:

  • नहाने के बाद सामान्य हेयर ऑयल की जगह मारुला हेयल ऑयल का प्रयोग करें।
  • इसे रात में सोने से पहले भी लगा सकते हैं।

और जानकारी के लिए करें स्क्रॉल

चलिए अब जानते हैं कि मारुला तेल का उपयोग किस प्रकार किया जा सकता है।

मारुला तेल का उपयोग – How to Use Marula Oil in Hindi

मारुला तेल को कई तरह से उपयोग किया जा सकता है। नीचे जानिए इसके उपयोग के विभिन्न तरीके-

  • मारुला के तेल को मॉइश्चराइजर की तरह इस्तेमाल किया जा सकता है।
  • इसे बालों में भी इस्तेमाल किया जा सकता है।
  • कई जगह मारुला तेल को कुकिंग ऑयल की तरह भी इस्तेमाल किया जाता है।
  • मुंहासों के लिए इसे प्रभावित त्वचा पर लगाया जा सकता है।

पढ़ते रहें आर्टिकल

मारुला तेल का उपयोग जानने के बाद, आगे जानिए मारुला तेल के नुकसान के विषय में।

मारुला तेल के नुकसान – Side Effects of Marula Oil in Hindi

मारुला तेल के अधिक मात्रा में इस्तेमाल करने से कुछ दुष्प्रभाव नजर आ सकते हैं, जिनमें निम्न रक्तचाप, त्वचा में जलन, खुजली, लालिमा और गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल जैसी समस्याएं शामिल हैं। हालांकि, मारुला तेल के दुष्प्रभावों पर शोध का अभाव है, लेकिन ऐसा माना जाता है कि जो लोग हृदय रोग, स्ट्रोक, सर्जरी और एथेरोस्क्लेरोसिस के लिए दवाई ले रहे हैं, उन पर इसका हानिकारक प्रभाव पड़ सकता है।

  • एक शोध के मुताबिक, मारुला तेल में हाइपोग्लाइकेमिक गुण होता है। तीन सप्ताह तक मारुला के अर्क के सेवन से रक्तचाप में कमी पाई गई। ऐसे में इसका उपयोग सामान्य रक्तचाप वालों के रक्तचाप में कमी कर सकता है (6)।
  • कई बार मारुला तेल के उपयोग से अधिक संवेदनशील त्वचा वाले व्यक्ति को एलर्जी हो सकती है, जिससे त्वचा में सूजन, लालिमा और खुजली हो सकती हैं।
  • मारुला तेल को त्वचा और बालों में लगाने के अलावा भोजन तैयार करने में भी इस्तेमाल किया जा सकता है। वहीं, कुछ लोगों को इसके सेवन से पेट में जलन, मतली, उल्टी या अपच की समस्या हो सकती है।

उम्मीद करते हैं कि अब आप अच्छी तरह जान गए होंगे कि मारुला तेल के फायदे किस प्रकार शरीर के लिए काम कर सकते हैं। विशेषज्ञों की राय पर इस तेल का इस्तेमाल लेख में बताई गईं शारीरिक समस्याओं के लिए किया जा सकता है। वहीं, इसके इस्तेमाल के दौरान किसी भी तरह के दुष्प्रभाव नजर आते हैं, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। हम आशा करते हैं कि हमारा यह लेख आपके लिए उपयोगी सिद्ध होगा।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या मारुला तेल, आर्गन तेल से बेहतर होता है?

यह त्वचा के प्रकार पर निर्भर करता है। कुछ लोगों की त्वचा पर मारुला तेल बेहतर लाभ पहुंचाता है, तो कुछ लोगों की त्वचा पर आर्गन तेल। इसलिए, आपके लिए कौन-सा तेल बेहतर है, इस पर बिना वैज्ञानिक शोध के टिप्पणी नहीं की जा सकती।

क्या मारुला तेल नाखून के लिए अच्छा होता है?

हां, लेख में ऊपर विस्तार से बताया गया है कि इसमें मॉइस्चराइजिंग गुण होते हैं, जो त्वचा के साथ-साथ नाखूनों को भी मॉइस्चराइज करने में मदद कर सकते हैं।

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Bhupendra Verma

भूपेंद्र वर्मा ने सेंट थॉमस कॉलेज से बीजेएमसी और एमआईटी एडीटी यूनिवर्सिटी से एमजेएमसी किया है। भूपेंद्र को लेखक के तौर पर फ्रीलांसिंग में काम करते 2 साल हो गए हैं। इनकी लिखी हुई कविताएं, गाने और रैप हर किसी को पसंद आते हैं। यह अपने लेखन और रैप करने के अनोखे स्टाइल की वजह से जाने जाते हैं। इन्होंने कुछ डॉक्यूमेंट्री फिल्म की स्टोरी और डायलॉग्स भी लिखे हैं। इन्हें संगीत सुनना, फिल्में देखना और घूमना पसंद है।

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