Written by , (शिक्षा- एमए इन जर्नलिज्म मीडिया कम्युनिकेशन)

यूं तो नियमित रूप से चाय का इस्तेमाल सभी करते होंगे और इसके विभिन्न रूपों जैसे :- ग्रीन टी, ब्लैक टी और दूध वाली चाय से भी परिचित होंगे। मगर, इन दिनों चाय का एक खास प्रकार काफी चलन में है। इसे माचा चाय या माचा टी के नाम से जाना जाता है। यह अपने औषधीय गुणों के साथ-साथ अपने आकर्षक स्वाद के कारण अधिक लोकप्रिय है। यह एक जापानी चाय है, जिसे चाय के पौधे (कैमेलिया साइनेंसिस) की पत्तियों को विशेष विधि से सुखाकर तैयार किया जाता है। यही वजह है कि स्टाइलक्रेज के इस लेख में हम माचा चाय पीने के फायदे और उपयोग के बारे में विस्तार से बताने जा रहे हैं।

शुरू करते हैं लेख

तो आइए सबसे पहले हम लेख में आगे बढ़कर माचा चाय पीने के फायदे जान लेते हैं।

माचा चाय पीने के फायदे – Benefits of Matcha Tea in Hindi

यहां हम क्रमवार माचा चाय पीने के फायदे बताने जा रहे हैं, ताकि इसकी उपयोगिता को आसानी से समझा जा सके।

1. एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर

माचा चाय एंटीऑक्सीडेंट गुणों से भरपूर होती है। इस बात की पुष्टि एनसीबीआई की वेबसाइट पर प्रकाशित माचा चाय से संबंधित एक शोध से होती है। शोध में माना गया है कि माचा चाय में पॉलीफिनोल्स और विटामिन सी के साथ ही रयूटिन (Rutin) जैसे तत्व पाए जाते हैं, जो शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट (मुक्त कणों को नष्ट करने वाला) प्रभाव प्रदर्शित करते हैं। साथ ही शोध में यह भी जिक्र मिलता है कि मुक्त कणों के प्रभाव के कारण डायबिटीज, एथीरियोलिसिस (धमनियों में वसा का जमाव) और उम्र संबंधी तंत्रिका संबंधी विकार पैदा हो सकते हैं। ऐसे में माचा टी का एंटीऑक्सीडेंट प्रभाव इन समस्याओं के जोखिम को कम करने में सहायक हो सकता है (1)। इस आधार पर माना जा सकता है कि माचा चाय पीने के फायदे मुक्त कणों के प्रभाव को कम कर शारीरिक स्वास्थ्य को बनाए रखने में मदद कर सकते हैं।

2. उपापचय प्रक्रिया को बढाए

माचा ग्रीन टी उपापचय प्रक्रिया को बढ़ाने का काम भी कर सकती है। इस बात को चाय से संबंधित एक शोध में साफ तौर पर स्वीकार किया गया है। शोध में जिक्र मिलता है कि माचा चाय के पौधे (कैमेलिया साइनेंसिस) में कैटेचिन नाम का एक खास तत्व पाया जाता है। यह तत्व सम्पूर्ण शरीर की उपापचय प्रक्रिया को बढ़ावा देने में मदद कर सकता है। इससे बढ़े हुए वजन, हाई कोलेस्ट्रोल और इंसुलिन की असक्रियता को ठीक करने में मदद मिल सकती है (2)। ऐसे में यह कहना गलत नहीं होगा कि शारीरिक उपापचय प्रक्रिया को सुधार माचा चाय के फायदे व्यक्ति को स्वस्थ बनाए रखने में मदद कर सकते हैं।

3. वजन घटाने में फायदेमंद- Weight Loss

माचा चाय के फायदे में वजन नियंत्रण भी शामिल हैं। लेख में आपको पहले ही बताया जा चुका है कि माचा चाय में मौजूद कैटेचिन उपापचय प्रक्रिया को सुधार कर बढ़े हुए वजन को कम करने में मदद कर सकता है। वहीं यह शरीर पर जमा अतिरिक्त चर्बी को हटाने में भी सहायता कर सकता है (2)। इस आधार पर यह माना जा सकता है कि माचा ग्रीन टी का सेवन वजन को नियंत्रित करने के उपाय के तौर पर उपयोगी हो सकता है।

4. तनाव को कम करे 

तनाव की स्थिति में भी माचा चाय को उपयोग में लाया जा सकता है। माचा चाय से संबंधित एक शोध से यह बात साफ होती है। शोध में माना गया है कि माचा चाय में थियानिन और आर्गिनिन नाम के दो खास तत्व पाए जाते हैं, जो एंटीस्ट्रेस (तनाव कम करने वाला) प्रभाव प्रदर्शित करते हैं (3)। इस आधार पर यह कहा जा सकता है कि माचा चाय पीने के फायदे तनाव कम करने में भी सकारात्मक प्रभाव प्रदर्शित कर सकते हैं।

5. ऊर्जा प्रदान करे

त्वरित ऊर्जा हासिल करने के लिए भी माचा चाय को उपयोग में लाया जा सकता है। एनसीबीआई की वेबसाइट पर प्रकाशित एक शोध से इस बात का इशारा मिलता है। शोध में माना गया है कि माचा चाय के पौधे में मौजूद पॉलीफिनोल्स शरीर में मौजूद अतिरिक्त चर्बी को गलाकर ऊर्जा प्रदान करने में मदद कर सकते हैं। इसके लिए 3 से चार कप ग्रीन टी का उपयोग किया जा सकता है (4)। वहीं मचा टी ग्रीन टी की सम्पूर्ण पत्तियों को पीस कर तैयार की जाती है। इसलिए इसे भी दिन में तीन से चार कप तक पिया जा सकता है (5)।

6. बढ़े कोलेस्ट्रोल को नियंत्रित करे 

हाई कोलेस्ट्रोल की समस्या में भी माचा चाय सहायक साबित हो सकती है। माचा चाय से संबंधित एक शोध से यह बात स्पष्ट होती है। शोध में माना गया है कि माचा चाय का अर्क सम्पूर्ण लिपिड प्रोफाइल को ठीक करने के साथ ही बढ़े हुए कोलेस्ट्रोल को कम करने में भी मदद कर सकती है (6)। इस आधार पर यह कहना गलत नहीं होगा कि माचा चाय का उपयोग कोलेस्ट्रोल को नियंत्रित करने के लिए भी किया जा सकता है।

पढ़ते रहें लेख

लेख के अगले भाग में अब हम माचा चाय के पोषक तत्वों के बारे में जानकारी हासिल करेंगे।

माचा चाय के पौष्टिक तत्व – Matcha Tea Nutritional Value in Hindi

नीचे दिए गए चार्ट के माध्यम से हम माचा चाय के पोषक तत्वों के बारे में विस्तार से जान सकते हैं (7)।

पोषक तत्व मात्रा प्रति 100 ग्राम
एनर्जी500 kcal
प्रोटीन12.5 g
टोटल लिपिड फैट25 g
कार्बोहाइड्रेट57.5 g
फाइबर टोटल डाईट्री7.5 g
शुगर (एनएलईए)25 g
शुगर एडेड22.5 g
मिनरल्स
कैल्शियम92 mg
आयरन2.55 mg
पोटेशियम625 mg
सोडियम138 mg
लिपिड
फैटी एसिड (सैचुरेटेड)6.25 g

लेख में आगे बढ़ें 

यहां अब हम माचा चाय को उपयोग करने के तरीके जानेंगे।

माचा चाय का उपयोग – How to Use Matcha Tea in Hindi 

जैसा कि हम आपको लेख में पहले ही बता चुके हैं कि चाय के पौधे की हरी पत्तियों को विशेष तरह से सुखाकर माचा चाय को तैयार किया जाता है। ऐसे में इसे कई तरीकों से उपयोग में लाया जा सकता है, जो कुछ इस प्रकार हैं :

  • माचा चाय को गर्म पानी में उबालकर पीने के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है।
  • वहीं इसे बेक किए गए खाद्यों में मिलाकर भी उपयोग में लाया जा सकता है।
  • नूडल्स के साथ भी इसे मिलाकर भी खाने के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है।
  • वहीं घर पर तैयार की गई स्मूदी में भी माचा चाय के पाउडर को मिलकर इस्तेमाल में लाया जा सकता है।

मात्रा- विशेषज्ञों के मुताबिक 24 घंटे में करीब 292 मिलीग्राम तक माचा पाउडर का इस्तेमाल किया जा सकता है। यानी चाय के रूप में दिन में करीब 4 कप तक माचा चाय पी जा सकती है। वहीं अन्य खाद्य सामग्रियों की बात करने को इसे करीब आधा चम्मच (टी स्पून) तक इस्तेमाल किया जा सकता है (8)।

अंत तक पढ़ें लेख

अंत में अब हम माचा चाय के नुकसान के बारे में बताएंगे। 

ज्यादा माचा चाय पीने के नुकसान – Side Effects of Matcha Tea in Hindi

यह तो हम सभी जानते हैं कि किसी भी चीज की अधिकता हमेशा हानिकारक होती है। ठीक वैसे ही माचा चाय के फायदे के साथ-साथ माचा चाय पीने के नुकसान भी नजर आ सकते हैं, जो कुछ इस प्रकार हैं (9):

  • अधिक मात्रा में सेवन के कारण माचा चाय के नुकसान के रूप में पित्त और लिवर की समस्या देखने को मिल सकती हैं।
  • डायबिटीज को नियंत्रित करने के लिए इसका अधिक इस्तेमाल भी डायबिटीज मरीजों के लिए हानिकारक साबित हो सकता है। इसलिए डायबिटीज की समस्या से पीड़ित को माचा चाय पीने के नुकसान को ध्यान में रखते हुए ही इसे इस्तेमाल में लाना चाहिए। वरना माचा चाय पीने के नुकसान उठाने पड़ सकते हैं।
  • माचा चाय का अधिक सेवन थायराइड हार्मोन को जरूरत से अधिक बढ़ा सकता है। ऐसे में हाइपरथायराइड का जोखिम बढ़ सकता है।
  • अधिक मात्रा में कैफीन के कारण हृदय संबंधी समस्या से पीड़ित व्यक्तियों को इसके अधिक सेवन से बचना चाहिए।
  • गर्भवती महिलाओं को भी कैफीन के अधिक उपयोग से बचना चाहिए इसलिए उन्हें माचा चाय को दिन में दो कप से अधिक नहीं लेना चाहिए। वहीं यह भी जरूरी है कि गर्भवती इसे इस्तेमाल में लाने से पूर्व एक बार डॉक्टर से जरूर सलाह ले लें।
  • माचा चाय में मौजूद कैफीन कुछ खास दवाओं के साथ मूत्रवर्धक प्रभाव प्रदर्शित कर सकता है, जिससे बार-बार पेशाब का अनुभव हो सकता है। इसलिए किसी नियमित दवा का सेवन करने वाले लोग माचा चाय को इस्तेमाल में लाने से पूर्व डॉक्टर से परामर्श जरूर कर लें।

लेख के माध्यम से हमने माचा चाय पीने के फायदे जाने, जिससे हमें पता चला कि इसका उपयोग किन  बीमारियों से राहत पाने में मदद कर सकता है। ऐसे में माचा चाय को इस्तेमाल करने का ख्याल न आए, यह तो मुमकिन नहीं हैं। तो अधिक क्या सोचना, लेख में दिए माचा चाय को उपयोग में लाने के तरीकों को ध्यान से पढ़ें और उन्हें अमल में लाएं। साथ ही इसकी ली जाने वाली संतुलित मात्रा को जरूर ध्यान में रखें। वजह यह है कि अधिक मात्रा में सेवन से माचा चाय के नुकसान भी प्रदर्शित हो सकते हैं। उम्मीद है, माचा चाय से जुड़ा यह लेख आपको पसंद आया होगा। ऐसे ही अन्य विषयों के बारे में जानने के लिए पढ़ते रहें स्टाइलक्रेज।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या माचा चाय बहुत महंगी है?

अगर कीमत के लिहाज से देखा जाये तो यह थोड़ी महंगी जरूर है, लेकिन इसके गुणों और फायदों को देखते हुए यह हरगिज महंगी नहीं लगेगी। सामान्य तौर पर बाजार में माचा चाय का 100 ग्राम का पैक करीब 1000 से 1500 रूपये तक उपलब्ध है।

माचा चाय और ग्रीन टी में क्या अंतर है?

माचा टी और ग्रीन टी दोनों ही एक ही पौधे (कैमेलिया साइनेंसिस) से तैयार की जाती हैं। मगर, इन दोनों में सबसे बड़ा अंतर निम्न बिन्दुओं के माध्यम से समझा जा सकता है।

  • माचा टी में ग्रीन टी की तुलना में अधिक एंटीऑक्सीडेंट प्रभाव मौजूद होते हैं (1)।
  • ग्रीन टी पौधे (कैमेलिया साइनेंसिस) कि पत्तियों को सुखाकर और फिर रिफाइन करके तैयार की जाती है। वहीं माचा टी इस पौधे की पत्तियों का चूर्ण रूप है (5)।

माचा चाय में कैफीन की मात्रा कितनी होती है?

एक ग्राम माचा चाय में करीब 44 मिलीग्राम तक कैफीन मौजूद होती है (3)।

एक दिन में कितने कप माचा चाय पीनी चाहिए?

लेख में पहले ही बताया जा चुका है कि दिन में करीब तीन से चार कप तक माचा चाय पी जा सकती है।

माचा चाय बनाने के लिए ठंडा पानी ठीक रहेगा या फिर गर्म पानी ही जरूरी है?

लेख में हम आपको पहले ही बता चुके हैं कि माचा चाय ग्रीन की पत्तियों का पाउडर रूप है और इसे चाय के साथ ही खाद्य पदार्थों में मिलकर भी उपयोग किया जा सकता है। इसलिए इसे ठंडे और गर्म दोनों ही तरह के पानी के साथ इस्तेमाल में लाया जा सकता है। मगर, इसे गर्म पानी के साथ लेना अधिक फायदेमंद माना जाता है।

Sources

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    1. Antioxidant Properties and Nutritional Composition of Matcha Green Tea
      7231151/https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC
    2. Mechanisms of Body Weight Reduction and Metabolic Syndrome Alleviation by Tea
      https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC4991829/
    3. Stress-Reducing Function of Matcha Green Tea in Animal Experiments and Clinical Trials
      https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC6213777/
    4. Applications of Tea (Camellia sinensis) and Its Active Constituents in Cosmetics
      https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC6930595/
    5. Review on Herbal Teas
      https://citeseerx.ist.psu.edu/viewdoc/download?doi=10.1.1.588.4184&rep=rep1&type=pdf
    6. The effects of the aqueous extract and residue of Matcha on the antioxidant status and lipid and glucose levels in mice fed a high-fat diet
      https://pubmed.ncbi.nlm.nih.gov/26448271/
    7. GREEN TEA, MATCHA
      https://fdc.nal.usda.gov/fdc-app.html#/food-details/873890/nutrients
    8. Matcha Green Tea Drinks Enhance Fat Oxidation During Brisk Walking in Females
      https://www.researchgate.net/publication/322588491_Matcha_Green_Tea_Drinks_Enhance_Fat_Oxidation_During_Brisk_Walking_in_Females
    9. Beneficial effects of green tea: A literature review
      .https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC2855614/#:~:text=Adverse%20effects%20of%20green%20tea,-Although%20green%20tea&text=EGCG%20of%20green%20tea%20extract,pancreas%20and%20liver%20%5B113%5D
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पुजा कुमारी ने बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में एमए किया है। इन्होंने वर्ष 2015 में अपने... more

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