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मेटाबॉलिज्म बढ़ाने के उपाय और आहार – How To Increase Metabolism in Hindi

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मेटाबॉलिज्म बढ़ाने के उपाय और आहार – How To Increase Metabolism in Hindi Hyderabd040-395603080 September 5, 2019

मेटाबॉलिज्म के बारे में सुनते ही संतुलित वजन, पौष्टिक आहार, बेहतर रोग प्रतिरोधक क्षमता के बारे में बात की जाती है। आपका डॉक्टर भी आपसे कई बार इस बारे में जिक्र करता होगा, लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि यह आपके स्वास्थ के लिए इतना महत्वपूर्ण क्यों हैं? असल में, आपको स्वस्थ रखने के लिए शरीर में होने वाली कई गतिविधियां मेटाबॉलिज्म से जुड़ी होती हैं, लेकिन खराब जीवनशैली के चलते मेटाबॉलिज्म का स्तर गड़बड़ा जाता है। अब आप सोच रहे होंगे कि कैसे, तो इसी बारे में हम स्टाइलक्रेज के इस आर्टिकल में विस्तार से बता रहे हैं। इस आर्टिकल को पढ़ने के बाद आप यह जरूर कहेंगे कि मेटाबॉलिज्म तो काम की चीज है।

इस लेख में आप जानेंगे कि मेटाबॉलिज्म कम होने के लक्षण क्या हैं। साथ ही मेटाबॉलिज्म कैसे ठीक करें के जवाब भी इसी लेख में मिलेंगे।

आइए, सबसे पहले आपको बताते हैं कि मेटाबॉलिज्म क्या है।

मेटाबॉलिज्म क्या है – What is Metabolism in Hindi

आपके शरीर में हो रही रासायनिक प्रतिक्रियाओं को मेटाबॉलिज्म (चयापचय) कहा जाता है। ये रासायनिक प्रतिक्रियाएं आपके खाने को ऊर्जा में बदलने का काम करती हैं। दरअसल, चयापचय आपके शरीर में होने वाली लगभग हर गतिविधि के लिए जिम्मेदार होता है, जैसे (1):

  • सांस लेना
  • रक्त संचार
  • शरीर के तापमान को नियंत्रित करना
  • मांसपेशियों को सिकोड़ना
  • भोजन और पोषक तत्वों को पचाना
  • मूत्र और मल के माध्यम से शरीर से विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालना
  • मस्तिष्क और तंत्रिकाओं का सुचारु रूप से काम करना

आपको प्रतिदिन के काम करने के लिए सीमित मात्रा में ऊर्जा की जरूरत होती है। जब आप इस सीमित ऊर्जा के लिए जरूरत से ज्यादा खा लेते हैं, तो वह फैट के रूप में जमा होने लगता है और मोटापे का कारण बनता है। आपको एक दिन में कितनी ऊर्जा की आवश्यकता होती है, उसे ही शरीर की मेटाबॉलिज्म दर कहा जाता है। इसे तीन भागों में बांटा जा सकता है, जो इस प्रकार है (2):

  • बेसल मेटाबॉलिक रेट (Basal metabolic rate): यह वह ऊर्जा होती है, जिसका उपयोग शरीर तब करता है, जब आप आराम करते हैं। यह ऊर्जा आपके सारे तंत्रों को ठीक से काम करने में मदद करती है। यह आपकी पूरी ऊर्जा का लगभग 50 से 80 प्रतिशत होता है।
  • शारीरिक गतिविधि के दौरान उपयोग की जाने वाली ऊर्जा: अगर आप औसतन एक बार में 30 से 45 मिनट शारीरिक गतिविधि करने वाले व्यक्ति हैं, तो इस दौरान आपकी ऊर्जा का लगभग 20 प्रतिशत उपयोग होगा।
  • भोजन का थर्मिक प्रभाव: खाना खाने से लेकर पचाने तक की प्रक्रिया में आपकी पूरी ऊर्जा का लगभग 5 से 10 प्रतिशत उपयोग होता है।

सभी के शरीर में मेटाबॉलिज्म दर विभिन्न कारकों पर निर्भर करती है, जो इस प्रकार है (2):

  • शरीर का आकार।
  • शरीर में फैट की मात्रा।
  • डाइटिंग करने से या भूखे रहने से मेटाबॉलिज्म दर कम हो सकती है।
  • बढ़ती उम्र के साथ मेटाबॉलिज्म दर कम हो सकती है।
  • 30 की उम्र के बाद मांसपेशियां, लिवर, किडनी और दूसरे अंगों से कोशिकाएं कम होने लगती हैं। इस वजह से भी मेटाबॉलिज्म दर कम हो सकती है।
  • महिलाओं के अपेक्षा पुरुषों की मेटाबॉलिज्म दर ज्यादा होती है।
  • मेटाबॉलिज्म दर आनुवंशिक भी हो सकती है।
  • बीमारी के दौरान शरीर को नए टिश्यू बनाने और रोगों से लड़ने के लिए ज्यादा ऊर्जा की जरूरत होती है।
  • यह दर शारीरिक गतिविधियों पर भी निर्भर करती है।
  • कुछ प्रकार की दवाइयां, कैफीन और शरीर में निकोटीन की मात्रा।
  • किसी पोषक तत्व की कमी।
  • हार्मोनल असंतुलन के कारण होने वाली थायराइड की समस्या।

ये जानने के बाद कि मेटाबॉलिज्म क्या है और ये किन बातों पर निर्भर करता है, आइए अब आपको बताते हैं कि मेटाबॉलिज्म बढ़ाने के लिए क्या करें।

मेटाबॉलिज्म बढ़ाने के उपाय – How To Increase Metabolism in Hindi

ऊपर आपने जाना कि आपके शरीर के लिए मेटाबॉलिज्म कितना जरूरी है। अगर यह ठीक नहीं रहा, तो उसका असर आपके शरीर पर पड़ सकता है। अब नीचे हम आपको मेटाबॉलिज्म ठीक करने के उपाय बता रहे हैं, जो आसान और असरदार साबित हो सकते हैं।

1. ग्रीन टी

Green tea Pinit

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ग्रीन टी में एपिगैलोकैटेचिन-3-गैलेट (epigallocatechin-3-gallate) नाम का एक तत्व पाया जाता है, जो मेटाबॉलिज्म बढ़ाने में मदद करता है। इससे हृदय रोग और मधुमेह का जोखिम कम हो सकता है। इसके अलावा, ग्रीन टी मेटाबॉलिज्म पर भी असर करता है और यह ग्लूकोज मेटाबॉलिज्म में भी सुधार कर सकता है, जो डायबिटीज के मरीजों के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है। इसके अलावा, ग्रीन टी में एंटीओबेसिटी गुण मौजूद होते हैं, जो मोटापे की समस्या से भी बचाव कर सकते हैं (3)।

कैसे इस्तेमाल करें:

आप इसे दिन में दो बार सुबह और शाम पी सकते हैं।

2. नट्स

एक शोध के अनुसार, मेटाबॉलिज्म को प्रभावित करने वाले के कारणों को कम करने में नट्स मदद कर सकते हैं, जैसे मेटाबोलिक सिंड्रोम और अधिक मोटापा। मेटाबोलिक सिंड्रोम से ह्रदय रोग, टाइप 2 मधुमेह व स्ट्रोक जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है, जिससे आपकी मेटाबॉलिज्म दर कम हो सकती है। फिलहाल, इस पर अभी कम शोध हुए हैं कि इनके कौन से गुण लाभदायक हो सकते हैं (4)।

कैसे इस्तेमाल करें:

सुबह नाश्ते में चार-छह भीगे हुए बादाम का सेवन करें। आप चाहें तो दही के साथ 15-20 इन-शेल पिस्ता (अनसाल्टेड) या कुछ अखरोट आदि डाल कर खा सकते हैं।

3. कॉफी

अगर आप भी ये सोचते हैं कि मेटाबॉलिज्म बढ़ाने के लिए क्या करें, तो चाय छोड़ कर कॉफी पीना शुरू कर दें। यह आपके शरीर के मेटाबॉलिज्म दर को बढ़ाकर फैट ऑक्सीकरण को बढ़ाता है। इसका मतलब यह है कि कॉफी ऑक्सीजन के साथ मिलकर खाने को ऊर्जा के रूप में बदलता है और उसे फैट के रूप में जमा होने से बचाता है। एक वैज्ञानिक शोध के अनुसार, अगर मोटे लोग सीमित मात्रा में कैफीनयुक्त कॉफी का सेवन करते हैं, तो मोटापा कुछ हद तक कम हो सकता है (5)।

कैसे इस्तेमाल करें:

रोज दो कप ब्लैक कॉफी पिएं।

4. ताजे फल

Fresh fruit Pinit

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शोध के अनुसार, मेटाबॉलिज्म बढ़ाने के आहार में ताजे फल शामिल करने के बहुत फायदे हैं। कुछ फलों में एंटी-ओबेसिटी गुण पाए जाते हैं, जो मोटापा कम करने में मदद करके मेटाबॉलिज्म को बढ़ाने का काम करते हैं (6)। फलों में फाइबर और पानी की भरपूर मात्रा होती है, जिससे इन्हें पचाना आसान होते है। अधिकांश फलों में फैट और कैलोरी की मात्रा कम होती है, लेकिन ये आसानी से पेट भर देते हैं (7)। कुछ फलों में शुगर की मात्रा पाई जाती है, जिससे मधुमेह के बढ़ने का खतरा बढ़ सकता है। इसलिए, अगर आपको मधुमेह की समस्या है, तो फल खाने से पहले एक बार अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर कर लें।

कैसे इस्तेमाल करें:

मेटाबॉलिज्म बढ़ाने के भोजन में आप निम्नलिखित फल शामिल कर सकते हैं (7) :

  • एक मध्यम आकार का सेब (72 कैलोरी)
  • एक मध्यम आकार का केला (105 कैलोरी)
  • 1 कप ब्लूबेरी (83 कैलोरी)
  • 1 कप अंगूर (100 कैलोरी)

आप चाहें तो इन फलों का जूस बना कर भी पी सकते हैं, लेकिन डॉक्टर जूस की जगह फल को खाना ज्यादा फायदेमंद मानते हैं। ध्यान रखें कि इन्हें खाते वक्त आप इनमें चीनी न मिलाएं।

5. प्रोटीन युक्त खाद्य पदार्थ

एक वैज्ञानिक शोध के अनुसार, आहार में फैट की मात्रा कम करके और प्रोटीन की मात्रा बढ़ाने से वजन नियंत्रित करने में सहायता मिल सकती है। इसके लिए आप नियमित रूप से व्यायाम करें और प्रोटीन युक्त खाद्य पदार्थों का सेवन करें। प्रोटीन युक्त आहार लेने से अधिक समय तक भूख नहीं लगती और आप कम खाते हैं। इससे आपका वजन नियंत्रित रहता है और मेटाबॉलिज्म के स्तर में सुधार होता है। खाने से मिलने वाली ऊर्जा का सबसे बड़ा स्रोत प्रोटीन होता है (8)।

कैसे इस्तेमाल करें:

चयापचय बढ़ाने के भोजन में लीन प्रोटीन स्रोत जैसे- मछली, सोया, मशरूम, टोफू, फलियां, बीन्स, अंडे, दूध, दही व चीज़ आदि का सेवन कर सकते हैं (9)।

6. सब्जियां

मेटाबॉलिज्म बढ़ाने के भोजन में सब्जियों को शामिल करने के बहुत फायदे हैं। सब्जियों में फाइटोकेमिकल्स व एंटी-ओबेसिटी एजेंट होते हैं, ये मोटापा बढ़ाने वाले एडिपोस टिश्यू (adipose tissue) को बढ़ने से रोकते हैं और मेटाबॉलिज्म बढ़ाने में सहायक होते हैं। साथ ही सब्जियां एडिपोस टिश्यू की वजह से होने वाले ऑक्सिडेटिव स्ट्रेस और इन्फ्लेमेशन से भी बचाती हैं (10)। इसके अलावा, फलों की ही तरह ज्यादातर सब्जियों में फैट और कैलोरी की मात्रा भी कम होती है और वे आसानी से पेट भर देती हैं (7)। इससे भूख कम लगती है और वजन नियंत्रित रहता है और आप ऊपर पढ़ ही चुके हैं कि वजन संतुलित रहने से मेटाबॉलिज्म भी बेहतर रहता है।

कैसे इस्तेमाल करें:

आप अपने आहार में प्याज, सलाद पत्ता, शिमला मिर्च, गोभी, शकरकंद व ब्रोकली जैसी सब्जियों को शामिल कर सकते हैं (10) (11)। इसके अलावा, आप अपने डॉक्टर से बात करके एक डाइट चार्ट भी बनवा सकते हैं, जिसमें आपको यह बताया जाएगा कि क्या खाना है और कितना खाना है आदि।

7. फुल-फैट दही

Full-fat yogurt Pinit

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दही में लैक्टिक एसिड बैक्टीरिया पाए जाते हैं, जो आंत के लिए अच्छे होते हैं और बेहतर पाचन में सहायता करते हैं। ये आपकी भूख को नियंत्रित करने में मदद करते हैं और ब्लड शुगर को भी संतुलित करते हैं। इसलिए आप शरीर का वजन नियंत्रित करने, ऊर्जा संतुलन और टाइप 2 मधुमेह से निपटने के लिए दही की सहायता ले सकते हैं (12)।

कैसे इस्तेमाल करें:

मेटाबॉलिज्म बढ़ाने के आहार में एक बाउल दही शामिल कर लें। आप इसका सेवन दिन में दो बार कर सकते हैं। आप चाहें तो बाजार से ग्रीक योगर्ट लाकर, उसका भी सेवन कर सकते हैं। नाश्ते में ग्रीक योगर्ट का सेवन करना ज्यादा लाभकारी हो सकता है।

8. डार्क चॉकलेट

एक शोध के अनुसार, 14 दिन तक रोज 40 ग्राम डार्क चॉकलेट का सेवन करने से मेटाबॉलिज्म दर बेहतर हो सकती है। इसके गुण स्ट्रेस हार्मोन को नियंत्रित करते हैं और आपको तनाव जैसी समस्याओं से राहत दिलाने में मदद कर सकते हैं (13)। इसके अलावा, डार्क चॉकलेट में कोको होता है, जिसमें एंटी-ओबेसिटी गुण होते हैं। इसलिए, यह मोटापे को कम करने में मदद कर सकती है (14)। आप मधुमेह में भी इसका उपयोग कर सकते हैं। डार्क चॉकलेट में मौजूद कोको में एंटीऑक्सीडेंट गुण पाए जाते हैं, जो इंसुलिन संवेदनशीलता को बढ़ाते हैं और टाइप 2 डायबिटीज से आराम पाने में लाभदायक हो सकते हैं (15)।

कैसे इस्तेमाल करें:

जब भी आप तनाव या नकारात्मक महसूस करें, तो डार्क चॉकलेट का एक टुकड़ा खा लें।

9. हल्दी

हल्दी में एंटी-इन्फ्लेमेटरी और एंटीऑक्सीडेंट गुण पाए जाते हैं, जिन्हें मेटाबॉलिज्म ठीक करने के उपाय के रूप में उपयोग किया जा सकता है। हल्दी के गुण मोटापे और मेटाबोलिक रोग जैसे ह्रदय रोग, स्ट्रोक, टाइप 2 मधुमेह आदि से बचाने में सहायक हो सकते हैं (16)।

कैसे इस्तेमाल करें:

आप रात को सोने से पहले हल्दी वाला दूध पी सकते हैं। आप चाहें तो हल्दी की चाय भी बना कर पी सकते हैं और स्वाद के लिए उसमें शहद भी मिला सकते हैं।

10. सेब का सिरका

Apple vinegar Pinit

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मेटाबॉलिज्म तेज करने के उपाय में सेब का सिरका लाभदायक साबित हो सकता है। सेब के सिरके में एंटीऑक्सीडेंट गुण होते हैं, जो ऑक्सिडेटिव स्ट्रेस से आराम दिलाते हैं। साथ ही, इसका उपयोग आपको मोटापे की वजह से होने वाले ह्रदय रोग से भी बचा सकता है। इतना ही नहीं, सेब के सिरके के सेवन से रक्तचाप और कोलेस्ट्रोल को नियंत्रित रखने में भी सहायता मिल सकती है (17)।

कैसे इस्तेमाल करें:

आप रोज खाने से पहले एक गिलास पानी में एक चम्मच सेब का सिरका मिलाकर पी सकते हैं। आप इसका सेवन दिन में दो से तीन बार कर सकते हैं। अगर आपको एसिडिटी की समस्या है, तो इसे प्रयोग करने से पहले एक बार अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर कर लें।

11. मिर्च

शायद इस बात पर आपको यकीन नहीं होगा कि मिर्च स्वाद के साथ सेहत भी देती है। मिर्च में कैपसाइसिन (Capsaicin) नाम का एक सक्रिय पदार्थ पाया जाता है, जो वजन कम करने में मदद कर सकता है। इसके अलावा, मिर्च शरीर में इंसुलिन के स्तर को भी नियंत्रित करता है, जिससे वजन नियंत्रित रहता है और ओबेसिटी, मधुमेह व ह्रदय रोग जैसी बीमारियों से भी बचाता है (18)।

कैसे इस्तेमाल करें:

मेटाबॉलिज्म बढ़ाने के आहार में आप पूरे दिन में एक या दो हरी मिर्च शामिल कर सकते हैं। इसके अलावा, आप लाल मिर्च पाउडर को स्वादानुसार अपने खाने में उपयोग कर सकते हैं। अगर आपको पेट संबंधी समस्या है, तो मिर्च खाने से पहले एक बार अपने डॉक्टर की सलाह जरूर लें।

मेटाबॉलिज्म बढ़ाने के अन्य उपाय जानने के लिए पढ़ते रहिए यह आर्टिकल।

12. मेथी के बीज

मेथी के बीज के गुण शरीर में फैट टिश्यू को कम करके और पाचन एंजाइम, एंटीऑक्सीडेंट, ब्लड शुगर के स्तर को नियंत्रित करके और इंसुलिन संवेदनशीलता को बढ़ाकर मेटाबॉलिज्म में सुधार करने में मदद करते हैं। साथ ही ये ऑक्सिडेटिव स्ट्रेस से आराम दिलाते हैं और रक्तचाप को नियंत्रित रखने में मदद करते हैं (19)। जैसा कि हम आपको बता चुके हैं कि इन सारी समस्याओं से आपका मेटाबॉलिज्म दर कम हो सकती है। इसीलिए, ऐसे में मेथी के बीज का उपयोग आपके लिए फायदेमंद हो सकता है।

कैसे इस्तेमाल करें:

मेटाबॉलिज्म तेज करने के उपाय के लिए दो चम्मच मेथी के बीज को रात भर के लिए पानी में भिगो कर रख दें। फिर सुबह पानी को छान लें और उसका सेवन करें। आप चाहें तो मेथी को खाना बनाते वक्त मसाले की तरह सब्जी में भी उपयोग कर सकते हैं।

13. लसहुन

लहसुन का सेवन रक्त में ट्राइग्लिसराइड, लिपिड और हानिकारक कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करने में मदद कर सकता है। लसहुन में एंटी-इन्फ्लेमेटरी और एंटीऑक्सीडेंट गुण होते हैं, जो मेटाबॉलिज्म को बढ़ाते हैं और मोटापे व मधुमेह जैसी बीमारी से आराम दिला सकते हैं (20)।

कैसे इस्तेमाल करें:

रोज सुबह लसहुन की एक कली खा सकते हैं। आप चाहे तो मेटाबॉलिज्म ठीक करने के उपाय के लिए लसहुन को सूप और सब्जियों में भी डाल कर खा सकते हैं।

14. दालचीनी

Cinnamon Pinit

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क्या आपने कभी सोचा था कि वो सामग्री जो आपके खाने का स्वाद बढ़ाती है, वो आपको वजन नियंत्रित करने में भी मदद कर सकती है? जी हां, शोध के अनुसार दालचीनी मेटाबोलिक सिंड्रोम जैसे ह्रदय रोग, मधुमेह व स्ट्रोक आदि से आराम दिलाने में मदद कर सकती है। इसमें सिनेमल्डीहाइड (cinnamaldehyde), सिनामेट (cinnamate), सिनामिक एसिड और यूजेनॉल (eugenol) जैसे यौगिक होते हैं, जो ब्लड शुगर, मोटापे और उच्च रक्तचाप को नियंत्रित करने में मदद करते हैं (21)।

कैसे इस्तेमाल करें:

आप दालचीनी के पाउडर को चाय, जूस, सलाद व सूप आदि में मिलाकर उसका सेवन कर सकते हैं। आप इसका उपयोग खाना बनाते वक्त भी कर सकते हैं ।

15. मसूर की दाल

मसूर की दाल प्रोटीन का अच्छा स्रोत है। यह दाल फाइबर, खनिज और विटामिन से भी भरपूर होती है। यह अपने बायोएक्टिव कंपाउंड्स की वजह से आपको मोटापे, मधुमेह, हृदय रोग और कैंसर जैसी विभिन्न बीमारियों से बचाने में मदद कर सकती है। साथ ही मसूर की दाल में एंटीऑक्सीडेंट, एंटी-इंफ्लेमेटरी, एंटीडायबिटीक, एंटीकैंसर, एंटी-ओबेसिटी गुण भी मौजूद हैं, जो मेटाबॉलिज्म ठीक करने के उपाय की तरह काम करते हैं। मसूर की दाल में पॉलीफेनोल नाम के तत्व पाए जाते हैं, जो मेटाबोलिक सिंड्रोम जैसे मधुमेह, ओबेसिटी व ह्रदय रोग आदि का खतरा कम करने में मदद करते हैं (22)। इन सभी बीमारियों की वजह से आपका मेटाबॉलिज्म दर कम हो सकता है।

कैसे इस्तेमाल करें:

मेटाबॉलिज्म बढ़ाने के आहार में आप दाल को शामिल कर सकते हैं और आप चाहें तो दाल का पानी पी भी सकते हैं ।

16. अजवायन

अजवायन में एंटीऑक्सीडेंट व एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण पाए जाते हैं, जो मेटाबॉलिज्म बढ़ाने में मदद करते हैं। ये शरीर में ऊर्जा का व्यय बढ़ाते हैं और भूख को कम करके भोजन का सेवन कम करने में मदद करते हैं। ये प्रोस्टाग्लैंडीन (Prostaglandin) के स्तर को नियंत्रित रख कर रक्तचाप और कोलेस्ट्रोल को भी नियंत्रित रखने में मदद करते हैं (23)। प्रोस्टाग्लैंडीन एक तरह का रासायनिक कंपाउंड है, जो शरीर में हार्मोन की तरह काम करता है।

कैसे इस्तेमाल करें:

आप सूप, सलाद व स्मूदी में अजवाइन का सेवन कर सकते हैं या इसे अपने आहार में भी शामिल कर सकते हैं।

17. सरसों

Mustard Pinit

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मेटाबॉलिज्म ठीक करने के उपाय की बात करें, तो सरसों भी फायदेमंद हो सकता है। सरसों के तेल में डायसेलिग्लिसरॉल (Diacylglycerol) नामक तत्व पाया जाया है, जो वजन कम करने में मदद करता है (24)। इसके अलावा, सरसों में पाए जाने वाला इरुसिक एसिड (Erucic acid) हानिकारक कोलेस्ट्रोल को कम करने में मदद कर सकता है (25)। इन तत्वों की वजह से सरसों आपका मेटाबॉलिज्म बढ़ने में मदद कर सकता है।

कैसे इस्तेमाल करें:

आप खाना बनाने में सरसों का उपयोग कर सकते हैं। आप चाहें तो सरसों का साग बनाकर उसका सेवन कर सकते हैं।

18. हर्ब्स

तनाव भी वजन बढ़ने का एक अहम कारण होता है, जिससे आपका मेटाबॉलिज्म कम होता है। ऐसे में हर्ब्स आपकी मदद करते हैं। इनमें एंटी-एंग्जायटी गुण पाए जाते हैं, जो तनाव को कम करके रोग प्रतिरोधक क्षमता को बेहतर करते हैं, ग्लूकोज मेटाबॉलिज्म को ठीक करते हैं और ऊर्जा बढ़ाते हैं। ये आपका तनाव कम करके ब्लड शुगर और रक्तचाप को नियंत्रित रखने में मदद करते हैं (26)।

कैसे इस्तेमाल करें:

आप इन्हें अरोमाथेरेपी के रूप में इस्तेमाल कर सकते हैं। उसके लिए इन हर्ब्स के एसेंशियल ऑयल की कुछ बूंदें डिफ्यूजर में डाल कर कमरे में रख दें। ये निम्नलिखित हर्ब्स आपके काम आ सकती हैं जैसे:

  • शिजण्ड्रा (schizandra)
  • अश्वगंधा (ashwagandha)
  • मुलेठी (licorice)
  • कोडोनोपसिस (codonoposis)
  • वेलेरियन (Valerian)
  • कृष्णकमल (passionflower)
  • कैलिफोर्निया खसखस (California poppy)
  • हॉप्स (hops)
  • नींबू बाम (lemon balm)

19. जैतून का तेल

एक शोध के अनुसार, जैतून के तेल में 30 फेनोलिक कंपाउंड पाए जाते हैं। ये कंपाउंड शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट होते हैं, जो ऑक्सिडेटिव स्ट्रेस और ह्रदय रोग से बचाते हैं (27)। इसके साथ ही ओलिव ऑयल प्लाज्मा ट्राइग्लिसराइड्स व खराब कोलेस्ट्रोल को कम करके ह्रदय रोग के खतरे को भी कम करता है और मेटाबॉलिज्म की दर को बढ़ाता है (28)।

कैसे इस्तेमाल करें:

मेटाबॉलिज्म बढ़ाने के भोजन में आप अपने साधारण तेल की जगह जैतून के तेल का उपयोग कर सकते हैं।

20. ऊलौंग चाय

Oolong tea Pinit

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ऊलौंग चाय को वजन कम करने के लिए फायदेमंद बताया गया है। शोध के अनुसार, यह चाय फैट ऑक्सीडेशन और मेटाबोलिक दर को बढ़ाती है (29)। इसमें मौजूद पोलीमराइज्ड पॉलीफेनोल्स (polymerized polyphenols) नाम के आर्गेनिक कंपाउंड शरीर में ऊर्जा को बढ़ाकर, मेटाबोलिक दर को बेहतर करने में मदद करते हैं (30)। ऊलौंग चाय में एंटी-स्ट्रेस गुण भी पाए जाते हैं, जिसका प्रभाव प्लाज्मा टॉयगलेसीराइड मेटाबोलिज्म (plasma TG metabolism) पर पड़ता है (31)।

कैसे इस्तेमाल करें:

अधिकतम लाभ पाने के लिए भोजन से पहले ऊलौंग चाय पिएं।

21. ओमेगा-3 फैटी एसिड

ओमेगा-3 पॉलीअनसैचुरेटेड फैटी एसिड में एंटी-इन्फ्लेमेटरी गुण और हाइपेरिग्लीसेरिडेमिक गुण (रक्त में एक तरह के फैट को बढ़ने से रोकने वाले) पाए जाते हैं। ये वजन कम करने में शायद लाभदायक न हों, लेकिन वजन बढ़ने की समस्या को रोकने में सहायता कर सकते हैं (32)। जिन खाद्य पदार्थों में ओमेगा-3-फैटी एसिड की अच्छी मात्रा होती है, वो मेटाबॉलिज्म दर सुधारने में मदद कर सकते हैं (33)।

कैसे इस्तेमाल करें:

चयापचय बढ़ाने के भोजन में मछली के तेल, मछली (त्वचा के साथ), सन बीज, पालक, सोयाबीन, अखरोट, चिया बीज, कद्दू के बीज और अंडे की जर्दी का सेवन करें।

22. आयरन समृद्ध भोजन

शोध के अनुसार, शरीर में आयरन की कमी से मेटाबॉलिज्म दर कम हो सकती है। यह न सिर्फ आपके बेसल मेटाबॉलिक रेट को कम करता है, बल्कि शारीरिक गतिविधि के दौरान इस्तेमाल होने वाली ऊर्जा को भी कम करता है। इसके अलावा, यह कोशिकाओं में ऑक्सीजन पहुंचाने में कमी करता है, जिससे वो ठीक तरह से काम नहीं कर पाते (34)।

कैसे इस्तेमाल करें:

चयापचय बढ़ाने के भोजन में आयरन से समृद्ध आहार जैसे- हरी पत्तेदार सब्जियां, समुद्री भोजन, बीन्स, मटर, चुकंदर, दाल, डार्क चॉकलेट, किशमिश और पिस्ता का सेवन कर सकते हैं ।

मेटाबॉलिज्म ठीक करने के उपाय के अलावा कुछ और बातों पर भी ध्यान देने की जरूरत है, जिनके बारे में लेख के अगले भाग में बताया गया है।

मेटाबॉलिज्म बढ़ाने के लिए कुछ और टिप्स – Other Tips To Increase Metabolism in Hindi

हम निम्नलिखित टिप्स की मदद से आपको बताते हैं कि मेटाबॉलिज्म कैसे ठीक करें :

23. तनाव कम करना

edge off Pinit

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तनाव के कारण कई सेहत संबंधी समस्याएं जैसे – मोटापा, डायबिटीज व शरीर में सूजन हो सकती है। इन सारे कारणों से आपका मेटाबॉलिज्म दर कम हो सकता है (35)। इसलिए, जितना हो सके तनाव से दूर रहने की कोशिश करें। तनाव कम करने के लिए आप अपनी मनपसंद चीजें करें, जैसे – पढ़ना, घूमना, फिल्म देखना, खाना बनाना, या जो भी आपको पसंद हो। तनाव कम करने के लिए आप योग भी कर सकते हैं, यह आपको तनाव, अवसाद, चिंता आदि से आराम दिलाएगा (36)।

24. खूबू पानी पिएं

पानी आपको वजन कम करने में मदद कर सकता है। एक शोध के अनुसार, 500 मिली लीटर पानी मेटाबोलिक दर को 30 प्रतिशत तक बढ़ा सकता है और ऑक्सीडेशन को कम करता है (37)। एक दिन में कम से कम 2 लीटर पानी पिएं और अपनी मेटाबॉलिज्म दर को बढ़ाएं।

25. शराब का सेवन न करें

Do not consume alcohol Pinit

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शरीर पर शराब के दुष्प्रभाव के बारे में हम सुनते आ रहे हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि शराब आपका वजन बढ़ाती है? जी हां, एक रिपोर्ट के अनुसार शराब खाने को ऊर्जा में परिवर्तित होने से रोकती है, जिससे वह फैट के रूप में जमा होने लगता है। इसके अलावा, नशे में खाने से आपको पेट भरने की संतुष्टि नहीं होती और आप जरूरत से ज्यादा खा लेते हैं (38)। इसलिए, मेटाबॉलिज्म तेज करने के उपाय में बेहतर होगा कि आप शराब का सेवन करने से बचें। हालांकि, अभी तक यह पूरी तरह से स्पष्ट नहीं है कि शराब के सेवन से वजन बढ़ने का कितना खतरा हो सकता है, लेकिन बेहतर यह है कि आप इसका सेवन न करें।

26. नाश्ता न छोड़ें

कई लोगों का ऐसा मानना है कि खाना छोड़ने से उनका वजन कम हो जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं है। नाश्ता ऐसा आहार है, जिसे न खाना वजन बढ़ने का कारण हो सकता है। शोध की मानें, तो नाश्ता आपको दिन भर के कामों के लिए पर्याप्त ऊर्जा देता है। इसके अलावा, यह आपके दिमाग के स्वास्थ के लिए भी फायदेमंद होता है (39)। नाश्ता छोड़ने से टाइप 2 डायबिटीज और ह्रदय रोग का खतरा भी बढ़ जाता है (40)। आप नाश्ते में लीन प्रोटीन, डाइटरी फाइबर और स्वस्थ फैट युक्त खाद्य पदार्थों को शामिल करें, जैसे – फल व नट्स के साथ ग्रीक दही, प्रोटीन पैनकेक, अंडे के साथ एवोकाडो टोस्ट व होल ग्रेन टोस्ट आदि।

27. हेल्दी स्नैक्स खाएं

कोशिश करें कि एक बार में पेट भर कर न खाएं और हर दो घंटे में कुछ न कुछ खाते रहें। ऐसे में ट्रांस-फैट से भरे खाद्य पदार्थ खाने से बचें, जैसे – आलू वेफर्स व डीप फ्राई आहार आदि। ये मोटापे और टाइप 2 मधुमेह के खतरे को बढ़ाते हैं और आपकी मेटाबोलिक दर को कम करते हैं (41)। आप दही, पिस्ता, बेबी गाजर, फल, ग्रीन टी, ऊलौंग चाय, ब्लैक कॉफी व नारियल पानी आदि का सेवन कर सकते हैं। ये खाद्य पदार्थ फाइबर और फाइटोन्यूट्रिएंट से भरपूर होते हैं, जो आपके पेट को देर तक भरा हुआ रखते हैं, जिससे आपको जल्दी भूख नहीं लगती। इस तरह ये आपके चयापचय दर को बढ़ाने में मदद कर सकते हैं।

28. आलस में न रहें

Don't be lazy Pinit

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आजकल की जीवनशैली में हम आराम के इतने आदी हो चुके हैं कि हम स्वयं से कुछ करना ही नहीं चाहते। सीढ़ियों की जगह लिफ्ट का इस्तेमाल करते हैं, थोड़ी दूर जाने के लिए भी गाड़ी का उपयोग करते हैं, पूरा दिन डेस्क जॉब पर बैठ कर काम करना, देर से सोना और देर तक सोना, ये सब हमारी जीवनशैली का हिस्सा बन गया है। इससे शरीर में फैट की मात्रा बढ़ती है और मेटाबॉलिज्म दर प्रभावित होती है।

आप लिफ्ट की जगह सीड़ियों का उपयोग करें, छोटी दूरी के लिए चल कर जाएं, दिन भर में कोई न कोई शारीरिक गतिविधि करते रहें। इससे आपकी ऊर्जा का उपयोग होगा और फैट की मात्रा कम होगी। इसके अलावा एक्सरसाइज करने से टाइप 2 डायबिटीज, स्ट्रोक, तनाव, अवसाद व उच्च रक्तचाप आदि समस्याओं से राहत मिलती है (42)।

29. पर्याप्त नींद लें

नींद की कमी ग्लूकोज मेटाबॉलिज्म और मेटाबॉलिज्म को नियंत्रित करने वाले हार्मोस में बदलाव ला सकती है यानी लेप्टिन का स्तर कम हो जाता है और घ्रेलिन हार्मोन (ghrelin hormone) के स्तर में वृद्धि होती है। घ्रेलिन हार्मोन भूख बढ़ाता है और शरीर में फैट जमा करता है (43)। ऐसे में दिमाग को यह संदेश नहीं मिल पाता कि आपको कितना खाना है और शरीर में कितना फैट जमा है। यह वजन बढ़ाने का एक कारण बन सकता है, जिससे आपका मेटाबॉलिज्म दर कम हो सकता है।

30. खूब हंसे

Laughed a lot Pinit

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मेटाबॉलिज्म तेज करने के उपाय में हंसना सबसे आसान उपायों में से एक है। हंसी योग (laughter yoga) के बारे में तो आपने सुना ही होगा। यह योग आपका मूड ठीक करता है और आपके ऊर्जा व्यय व हृदय गति को बढ़ाता है। इससे आपको तनाव जैसी समस्याओं से भी राहत मिलती है और आपकी मेटाबोलिक दर बेहतर होती है (44) (45)।

अब तो आप मेटाबॉलिज्म के बारे में सब कुछ अच्छी तरह समझ गए होंगे। ये क्या होता है और इसमें कमी क्यों आती है। साथ ही आपको यह भी पता चल गया होगा कि मेटाबॉलिज्म बढ़ाने के लिए क्या करें। अगर आपने ध्यान दिया हो, तो ये सारे उपाय बहुत आसान हैं, जिन्हें आप आराम से अपने दैनिक जीवन में शामिल कर सकते हैं। आप आज से ही मेटाबॉलिज्म तेज करने के उपाय को अपनाएं और शरीर को सुंदर व सुडौल बनाएं। साथ ही, यह लेख आपके लिए कितना फायदेमंद रहा, हमें नीचे दिए कमेंट बॉक्स में लिख कर जरूर बताएं।

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Soumya Vyas

सौम्या व्यास ने माखनलाल चतुर्वेदी विश्वविद्यालय, भोपाल से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में बीएससी किया है और इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ जर्नलिज्म एंड न्यू मीडिया, बेंगलुरु से टेलीविजन मीडिया में पीजी किया है। सौम्या एक प्रशिक्षित डांसर हैं। साथ ही इन्हें कविताएं लिखने का भी शौक है। इनके सबसे पसंदीदा कवि फैज़ अहमद फैज़, गुलज़ार और रूमी हैं। साथ ही ये हैरी पॉटर की भी बड़ी प्रशंसक हैं। अपने खाली समय में सौम्या पढ़ना और फिल्मे देखना पसंद करती हैं।

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