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मिट्टी के मटके का पानी पीने के फायदे – Clay Water Pot (Matka) benefits in Hindi

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मिट्टी के मटके का पानी पीने के फायदे – Clay Water Pot (Matka) benefits in Hindi Hyderabd040-395603080 November 1, 2019

गर्मी के मौसम में ठंडा पानी न मिले तो मानो प्यास ही नहीं बुझती। इसी कारण अक्सर आपने लोगों को देखा होगा कि कहीं से आते ही वे सीधे फ्रिज के पास पहुंच जाते हैं, लेकिन जब फ्रिज नहीं थे, तब भी लोग पानी को ठंडा करके ही पीते थे। फर्क सिर्फ इतना था कि तब फ्रिज की जगह मिट्टी के मटके का इस्तेमाल किया जाता था। आज भी कई घर ऐसे हैं, जहां पानी को ठंडा करने के लिए मिट्टी के मटके का इस्तेमाल होता है। अब आप कहेंगे जब पानी को ठंडा करने के बेहतरीन साधन उपलब्ध हैं, तो मटके का क्या काम? आपकी जानकारी के लिए बात दें कि मटके का पानी पीने के फायदे इतने हैं कि उन्हें जानने के बाद आप दोबारा फ्रिज की ओर मुड़कर नहीं देखेंगे। स्टाइलक्रेज के इस लेख में हम आपको मिट्टी के घड़े का पानी पीने के फायदे के बारे में विस्तार से जानकारी देंगे।

आइए, लेख में हम मटके का पानी पीने के फायदे के बारे में विस्तार से जानते हैं।

मटके का पानी पीने के फायदे – Clay Water Pot benefits in Hindi

1. ठंडा पानी

मिट्टी के मटके की खासियत यह है कि इसमें रखा पानी ठंडा रहता है। इसका बड़ा कारण यह है कि मटके में छोटे-छोटे छेद मौजूद होते हैं, जो हमें आंखों से दिखाई नहीं देते। इन छेदों से पानी धीरे-धीरे रिसता है, जिसकी वजह से मटके की सतह हमेशा नम रहती है और उस पर बाहर के तापमान का असर नहीं होता। इस कारण उसमें रखा पानी ठंडा बना रहता है (1)। गर्मियों में इस ठंडे पानी को पीने से प्यास लगने के समस्या से तो राहत मिलती ही है, साथ ही यह शरीर को हाइड्रेट रखने में भी मददगार साबित होता है।

2. पोरस

पोरस का अर्थ होता है झीना या हम इसे छोटे-छोटे छिद्र भी कह सकते हैं। ये मिट्टी के बर्तन में रखे पानी के वाष्पीकरण में सहायक होते हैं। इस क्रिया के कारण ही पानी में ठंडक उत्पन्न होती है। दरअसल, इन छोटे-छोटे छेदों के माध्यम से पानी रिसता है, जो वाष्प बनकर पानी में मौजूद गर्मी को लेकर उड़ जाता है। इससे मटके में मौजूद पानी ठंडा रहता है (1)। इस ठंडे पानी का सेवन शरीर को डिहाइड्रेशन के जोखिम से दूर रखने में सहायता कर सकता है।

3. एल्कलाइन

मिट्टी के मटके का पानी पीने से शरीर में एल्कलाइन की कमी को पूरा किया जा सकता है। दरअसल, मिट्टी कई तरह के मिनरल से समृद्ध होती है, जिसमें एल्यूमीनियम, आयरन और एल्कलाइन मुख्य होते हैं (2)। एल्कलाइन थकान, दस्त, हार्टबर्न, पाचन, डिहाइड्रेशन, जोड़ों में दर्द, कब्ज, तनाव और उच्च रक्तचाप को ठीक करने का काम कर सकता हैं (3)। चूंकि, मिट्टी के मटके में पानी रखने से मिट्टी के गुण पानी में भी आ जाते हैं, इस कारण मटके का पानी एल्कलाइन का एक अच्छा स्रोत माना जा सकता है।

4. चयापचय और पुरुषत्व में सुधार

मटके का पानी पीने के फायदे में चयापचय प्रक्रिया को मजबूत करना भी शामिल है। दरअसल, पानी ऊर्जा के अवशोषण में मदद करता है। इस कारण अगर शरीर में पानी की कमी हो जाए, तो चयापचय संबंधी समस्या उत्पन्न हो सकती है। ऐसे में प्रतिदिन 8 गिलास मिट्टी के मटके का पानी पीने पर इस समस्या से निजात पाई जा सकती है (4)। साथ ही ऐसा माना जाता है कि मिट्टी के मटके का पानी पुरुषत्व को बढ़ाने में भी सहायता करने का काम कर सकता है। फिलहाल, इस बात की पुष्टि के लिए अभी तक कोई वैज्ञानिक प्रमाण मौजूद नहीं है।

5. गले के लिए आरामदायक

फ्रिज में रखा पानी अधिक ठंडा होता है, जो गले को नुकसान पहुंचा सकता है (5)। कभी-कभी यह गले में खराश का कारण भी बन जाता है। वहीं, मिट्टी के मटके का पानी सामान्यत ठंडा होता है, इसलिए यह गले पर कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं छोड़ता। इसलिए, यह कहना बिलकुल भी गलत नहीं होगा कि पिएं मिट्टी के घड़े का पानी और दें गले को आराम।

6. विषैले पदार्थों को करे दूर

मिट्टी के घड़े का पानी शरीर से विषाक्त पदार्थ को बाहर निकालने में भी मदद कर सकता है। दरअसल, मिट्टी में डिटॉक्सीफिकेशन का गुण होता है, जो पानी की सहायता से शरीर में समाकर विषैले पदार्थों को मल के साथ बाहर निकालने का काम कर सकता है (6)। इसलिए, मिट्टी के घड़े का पानी पीने के फायदे में शरीर को विषाक्त पदार्थों से मुक्त करना भी शामिल है।

7. पाचन

मटके का पानी पीने के फायदे में से एक है, पाचन क्रिया को मजबूत बनाना। शरीर की बड़ी आंत पानी को अवशोषित कर मल को बाहर करने का काम करती है, जो पाचन क्रिया का एक अहम हिस्सा है (7)।

8. एसिडिटी को करे दूर

मटके का पानी पीने के फायदे में एसिडिटी के इलाज को भी शामिल किया जा सकता है। इसके लिए मिट्टी में मौजूद मिनरल लाभदायक होते हैं। मिट्टी के मटके में पानी भरकर रखने से मिट्टी में पाए जाने वाले गुण पानी में समाहित हो सकते हैं, जिससे इसे पीने पर इस समस्या से निजात पाई जा सकती है (8)।

9. पीएच को संतुलित करना

शरीर के पीएच स्तर को संतुलित करने में एल्कलाइन की अहम भूमिका पाई गयी है। मिट्टी में एल्कलाइन पाया जाता है। वहीं, मिट्टी में पाए जाने वाले गुण मटके में रखे पानी में भी आ जाते हैं। इसलिए, ऐसा कहा जा सकता है कि मिट्टी के घड़े से पानी पीने पर शरीर के पीएच स्तर को संतुलित बनाए रखने में सहायता मिल सकती है (9)।

10. सनस्ट्रोक

सनस्ट्रोक के कारण शरीर का तापमान बढ़ने लगता है। इससे आपको चक्कर आ सकते हैं। ऐसे में शरीर के तापमान को कम करने के लिए मटके का पानी लाभदायक हो सकता है। मिट्टी के घड़े में रखा पानी ठंडा होता है, जो शरीर के तापमान को नियंत्रित करने में सहायक साबित हो सकता है (10)। वहीं, ऐसा माना जाता है कि मिट्टी में पाए जाने वाले मिनरल्स पानी में भी मिल जाते हैं, जो पसीने के माध्यम से शरीर से बाहर निकलने वाले मिनरल्स की कमी को पूरा करने में सहायक साबित होते हैं।

अब गर्मियों में फ्रिज के पानी का इतेमाल भूल जाइए और मिट्टी के मटके को अपनाइए। बिजली और पैसे की बचत के साथ-साथ मटके का पानी शरीर को भी लाभ पहुंचाने का काम कर सकता है। साथ ही आपको यह भी पता चल गया होगा कि मटके में रखा पानी ठंडा क्यों रहता है। ऐसे में अगर आप भी मटके के पानी के गुणों से प्रभावित हुए हैं, तो इसे नियमित रूप से इस्तेमाल में लाकर बेहतर स्वास्थ्य पाने की दिशा में एक अहम कदम उठाएं। वहीं, मटके का पानी पीने का अनुभव या कोई अन्य जानकारी हो, तो कमेंट बॉक्स के माध्यम से हम तक जरूर पहुंचाएं।

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Bhupendra Verma

भूपेंद्र वर्मा ने सेंट थॉमस कॉलेज से बीजेएमसी और एमआईटी एडीटी यूनिवर्सिटी से एमजेएमसी किया है। भूपेंद्र को लेखक के तौर पर फ्रीलांसिंग में काम करते 2 साल हो गए हैं। इनकी लिखी हुई कविताएं, गाने और रैप हर किसी को पसंद आते हैं। यह अपने लेखन और रैप करने के अनोखे स्टाइल की वजह से जाने जाते हैं। इन्होंने कुछ डॉक्यूमेंट्री फिल्म की स्टोरी और डायलॉग्स भी लिखे हैं। इन्हें संगीत सुनना, फिल्में देखना और घूमना पसंद है।

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