मूली के 13 फायदे, उपयोग और नुकसान – Radish (Mooli) Benefits, Uses and Side Effects in Hindi

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क्या आप भी उन लोगों में शामिल हैं, जिन्हें मूली खाना बिल्कुल पसंद नहीं है? अगर हां, तो यह लेख आपको जरूर पढ़ना चाहिए। सच मानिए, अगर आप मूली का सेवन औषधि के रूप में करते हैं, तो आप शरीर से जुड़ी कई गंभीर परेशानियों से निजात पा सकते हैं। इस लेख में हम मूली के जो फायदे बता रहे हैं, उन्हें जानने के बाद आपके अदंर मूली खाने की इच्छा पैदा हो सकती। आइए, जानते हैं कि आपके स्वास्थ्य के लिए मूली किस प्रकार फायदेमंद साबित हो सकती है। उससे पहले आप पढ़ लीजिए कि सेहत के लिए मूली क्यों अच्छी है?

मूली आपके सेहत के लिए क्यों अच्छी है?

मूली क्यों खानी चाहिए? इस सवाल का जवाब मूली को नापसंद करने वालों के लिए जानना जरूरी बन जाता है। आपको बता दें कि मूली उन खास चुनिंदा खाद्य पदार्थों में शामिल है, जो न सिर्फ भूख को शांत करती है, बल्कि संपूर्ण स्वास्थ्य का ध्यान भी रखती है। सामान्य-सी दिखने वाली यह जड़ विटामिन-सी और फोलेट का अहम स्रोत है। इसके अलावा, मूली कैल्शियम व पोटैशियम से भी समृद्ध होती है, जो रक्तचाप को नियंत्रित करने का काम करती हैं। मूली में मौजूद मैग्नीशियम मस्तिष्क और नर्वस सिस्टम की कार्यप्रणाली को सुचारू रूप से चलाने में मदद करता है। इसके अलावा, मूली में फाइबर की मात्रा भी मौजूद होती है, जो बेहतर पाचन तंत्र के लिए जरूरी है (1)। नीचे जानिए कि विभिन्न प्रकार की शारीरिक परेशानियों के लिए मूली आपकी किस प्रकार मदद कर सकती है।

चलिए, अब विस्तार से जान लेते हैं सेहत के लिए मूली के फायदों के बारे में।

मूली के फायदे – Benefits of Radish (Muli) in Hindi

1. हृदय स्वास्थ्य के लिए

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हृदय शरीर का अहम भाग होता है, जिसके स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखना जरूरी है। यहां मूली के फायदे देखे जा सकते हैं। उच्च रक्तचाप से हृदय रोग हो सकता है (2), जबकि कैल्शियम और पोटैशियम से समृद्ध मूली रक्तचाप को नियंत्रित करने का काम करती है (1)। इसके अलावा, मूली फाइबर जैसे पोषक तत्वों से भी भरपूर होती है, जो स्वस्थ ह्रदय के लिए जरूरी है (3), (4)।

मूली फोलेट का भी अच्छा स्रोत है, जिस कारण यह दिल में होने वाली घबराहट को रोकने का काम कर सकती है (3), (5)। मूली नाइट्रेट जैसे तत्वों से भी समृद्ध होती है, जो एथेरोस्क्लेरोसिस के खतरे को कम कर सकती है। एथेरोस्क्लेरोसिस ऐसी गंभीर समस्या है, जिसमें आर्टरी वॉल के अंदर और बाहर फैट व कोलेस्ट्रॉल जम जाता है (6)।

2. मधुमेह

डायबिटीज जैसी घातक बीमारी के लिए भी मूली खाने के फायदे देखे जा सकते हैं। मूली एंटी डायबिटिक के रूप में काम करती है। ऐसा इसमें एंटीऑक्सीडेंट और एनर्जी मेटाबॉलिज्म को बेहतर करने, ऑक्सिडेटिव स्ट्रेस को कम करने, ग्लूकोज को नियंत्रित करने और आंत में ग्लूकोज अवशोषण (Absorption) को कम करने की क्षमता का होना है (7)। जैसा कि हमने ऊपर बताया कि मूली विटामिन-सी का अच्छा स्रोत है और विटामिन-सी मधुमेह के मरीजों के लिए फायदेमंद हो सकता है। एक रिपोर्ट के अनुसार, विटामिन-सी इंसुलिन की बाधा पर प्रभावी रूप से काम कर सकता है (8)।

3. किडनी स्टोन

किडनी में हुई पथरी को ठीक करने के लिए मूली के फायदे देखे गए हैं। एक रिपोर्ट के अनुसार, मूली कैल्शियम ऑक्सालेट (किडनी स्टोन का एक प्रकार) को शरीर से बाहर निकालने का काम कर सकती है (9), (10)।

4. कैंसर

कैंसर जैसी घातक बीमारी से रोकथाम के लिए भी मूली के लाभ देखे गए हैं। मूली क्रुसिफेरस परिवार से संबंध रखती है, जिसके कंपाउंड पानी के साथ मिलते ही आइसोथियोसाइनेट में परिवर्तित हो जाते हैं। एक रिपोर्ट के अनुसार, आइसोथियोसाइनेट में एंटी कैंसर के साथ-साथ ह्रदय को लाभ देने वाले गुण भी हैं (11)। स्तन कैंसर के मामले में मूली कीमो प्रिवेंटिव प्रभाव दिखा सकती है। यह सीधे कैंसर कोशिकाओं के विकास को रोकती है (12)।

5. वजन घटाने के लिए

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मूली खाने के फायदे में शरीर का वजन नियंत्रण भी है। अगर आप मोटापे से परेशान हैं, तो मूली का सेवन शुरू कर सकते हैं। यह एक गुणकारी खाद्य पदार्थ है, जिसमें फैट की मात्रा कम और फाइबर की मात्रा ज्यादा होती है। फाइबर एक खास पोषक तत्व है, जो वजन घटाने के लिए सबसे खास तत्व माना जाता है (13)। फाइबर मोटापे और मोटापे से जुड़े जोखिमों को भी प्रभावी रूप से कम करता है (14)।

6. लीवर स्वास्थ्य

मूली के फायदे यहां कम नहीं होते, मूली लीवर स्वास्थ्य के लिए लाभकारी हो सकती है। एक रिपोर्ट के अनुसार, मूली के गुण लीवर को डिटॉक्सीफाई करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं। मूली ग्लूकोसाइनोलेट्स नामक तत्व से समृद्ध होती है, जो लीवर के स्वास्थ्य को बरकरार रखने का काम करती है (15)। वैज्ञानिक अध्ययन बताते हैं कि यूनानी और भारतीय पारंपरिक चिकित्सा में मूली का प्रयोग पीलिया और लीवर से जुड़ी अन्य बीमारियों का इलाज करने के लिए किया जाता रहा है (7)।

7. रक्तचाप

मूली के फायदे में रक्तचाप नियंत्रण भी आता है। मूली कैल्शियम और पोटैशियम जैसे खनीजों से भरपूर होती है और ये पोषक तत्व रक्तचाप को नियंत्रित करने में अहम भूमिका निभाते हैं (1)। एक रिपोर्ट के अनुसार विटामिन-सी से युक्त सप्लीमेंट सिस्टोलिक और डायस्टोलिक रक्तचाप को नियंत्रित कर सकते हैं (16)।

8. कब्ज

कब्ज जैसी समस्याओं को दूर करने के लिए भी मूली खाने के फायदे बहुत हैं। ऐसा मूली में मौजूद फाइबर की मात्रा के कारण है। फाइबर को उन खास पोषक तत्वों में गिना जाता है, जो आंतों को स्वस्थ रखने का काम करता है (1)। फाइबर कब्ज जैसी समस्याओं के लिए इसलिए भी जरूरी है, क्योंकि यह मल को नरम बनाकर मल निकासी की प्रक्रिया को सरल करता है (17)।

9. ल्यूकोडर्मा

त्वचा के लिए भी मूली के गुण बहुत हैं। ल्यूकोडर्मा एक त्वचा संबंधी समस्या है, जिसमें स्किन सफेद धब्बों का शिकार हो जाती है और अपना प्राकृतिक रंग खो बैठती है। इस बीमारी को विटिलिगो के नाम से भी जाना जाता है। ल्यूकोडर्मा के इलाज के लिए आप मूली का प्रयोग कर सकते हैं। मूली एंटीऑक्सीडेंट और विटामिन (विटामिन ए, सी और ई) से समृद्ध होती है, जो इस त्वचा रोग को ठीक करने का काम कर सकती है (3) (18)।

10. बढ़ाती है रोग प्रतिरोधक क्षमता

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शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए आप मूली का सेवन कर सकते हैं। यह एक गुणकारी खाद्य पदार्थ है, जो विटामिन-सी से भरपूर होता है। एक रिपोर्ट के अनुसार, विटामिन-सी इम्यून सिस्टम को मजबूत करने का काम कर सकता है और सर्दी जैसी समस्याओं से छुटकारा दे सकता है (19)। इसके अलावा, मूली विटामिन-बी6, ई, ए, जींक, आयरन व सेलेनियम जैसे पोषक तत्वों से समृद्ध होती है। ये सभी तत्व रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने का काम करते हैं (20)।

11. पाचन में सहायक

यहां हम मूली में मौजूद फाइबर की भूमिका देख सकते हैं। फाइबर एक खास पोषक तत्व है, जो भोजन को पचाने में मदद करता है और कब्ज जैसी समस्या से निजात दिलाने का काम करता है (3), (21)।

12. ऑस्टियोअर्थराइटिस

ऑस्टियोअर्थराइटिस गठिया का एक प्रकार है, जो कूल्हे, घुटने, गर्दन व पीठ के निचले हिस्से या हाथों के जोड़ों को अपना निशाना बनाता है। इससे निजात पाने के लिए आप मूली का सेवन कर सकते हैं। मूली पॉली सैचुरेटेड फैटी एसिड से समृद्ध होती है, जो गठिया पर सकारात्मक प्रभाव डालती है। इसके अलावा, मूली में विटामिन-के भी होता है, जो कार्टिलेज (मुलायम टिशू जो टखनों, कोहनी व घुटनों समेत शरीर के कई हिस्सों में पाया जाता है) मेटाबॉलिज्म के लिए लाभदायक हो सकता है। यह कोशिकाओं के विकास को बढ़ावा देता है और इनके प्रसार में मदद करता है (3), (22)।

13. त्वचा के लिए

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त्वचा के लिए मूली के लाभ बहुत हैं। इसमें विटामिन-सी की अधिकता होती है, जो त्वचा के लिए एक कारगर एंटीऑक्सीडेंट के रूप में काम करता है। विटामिन स्किन में कोलेजन को बढ़ाने का काम करता है। साथ ही यह त्वचा को गोरा बनाता है, सूर्य की हानिकारक किरणों से बचाव करता और एजिंग के प्रभाव को कम करने का काम करता है (3), (23)।

मूली खाने के फायदे जानने के बाद चलिए अब जान लेते हैं मूली में मौजूद पोषक तत्वों के बारे में।

मूली के पौष्टिक तत्व – Radish Nutritional Value in Hindi

पोषक तत्वमात्रा प्रति 100 ग्राम
पानी

95.27g

ऊर्जा

16kacl

प्रोटीन

0.68g

कार्बोहाइड्रेट

3.40g

कुल लिपिड (वसा)

0.10g

फाइबर, कुल डाइटरी

1.6g

शुगर, कुल

1.86g

मिनरल्स
कैल्शियम

25mg

आयरन

0.34mg

मैग्नीशियम

10mg

फास्फोरस

20mg

पोटैशियम

233mg

सोडियम

39mg

जिंक

0.28mg

विटामिन
विटामिन सी

14.8mg

थियामिन

0.012mg

राइबोफ्लेविन

0.039mg

नियासिन

0.254mg

विटामिन-बी6

0.071mg

फोलेट, डीएफई

25µg

विटामिन-बी12

0.00µg

विटामिन ए, RAE

0µg

विटामिन ए IU

7IU

विटामिन ई (अल्फा-टोकोफेरॉल)

0.00mg

विटामिन-डी (डी 2 + डी 3)

0.0µg

विटामिन-डी

0IU

विटामिन-के (फाइलोक्विनोन)

1.3µg

लिपिड
फैटी एसिड, कुल सैचुरेटेड

0.032g

फैटी एसिड, कुल मोनोअनसैचुरेटेड

0.017g

फैटी एसिड, कुल पॉलीअनसैचुरेटेड

0.048g

फैटी एसिड, कुल ट्रांस

0.000g

कोलेस्ट्रॉल

0mg

मूली के गुण और इसमें मौजूद पौष्टीक तत्व जानने के बाद अब जानते हैं कि इसका उपयोग किस प्रकार किया जाए।

मूली का उपयोग – How to Use Radish (Mooli) in Hindi

मूली का सेवन आप विभिन्न तरह से कर सकते हैं। नीचे जानिए मूली के सेवन के कुछ बेहतरीन तरीके :

  • भोजन के साथ आप मूली को कच्चा यानी सलाद के रूप में खा सकते हैं।
  • आप मूली की सब्जी बनाकर खा सकते हैं, जिस प्रकार आप रोजाना हरी सब्जियों को बनाते हैं।
  • आप मूली का अचार बना सकते हैं।
  • आप मूली का सूप बनाकर भी पी सकते हैं।
  • आप मूली की पत्तियों का साग बनाकर भी खा सकते हैं।

त्वचा के लिए मूली

  • एक ताजी मूली का रस निकाल लें।
  • अब इस रस को चेहरे पर लगाएं।
  • 20 मिनट बाद चेहरे को ठंडे पानी से धो लें।
  • चेहरे से गंदगी व कील-मुंहासे आदि हटाने के लिए हफ्ते में दो बार इसका उपाय करें।

नोट – जिनकी स्किन संवेदनशील है, वो त्वचा विशेषज्ञ से परामर्श लेकर ही मूली के रस का इस्तेमाल करें।

मूली खाने के फायदे और इसके उपयोग के तरीके जानने के बाद अब जानते हैं मूली के नुकसान।

मूली के नुकसान – Side Effects of Radish in Hindi

मूली एक गुणकारी सब्जी है, जो विभिन्न समस्याओं से निजात दिलाने का काम कर सकती है, लेकिन इसका अत्यधिक सेवन शरीर को नुकसान भी पहुंचा सकता है। जैसा कि हमने बताया कि मूली विटामिन-सी से भरपूर होती है और शरीर में विटामिन-सी की अधिकता नीचे बताई जा रही समस्याओं का कारण बन सकती है (3), (24) :

  • पेट में दर्द या जलन
  • डायरिया

मूली के इतने सारे फायदे जानने के बाद अब आपको इसे नियमित सेवन के लिए मन बना लेना चाहिए। अगर आप लेख में बताए गई किसी भी बीमारी से ग्रसित हैं, तो आप मूली का सेवन एक औषधि के रूप में करें। हो सकता है कि इसके उपयोग के दौरान कुछ दुष्प्रभाव सामने आएं, ऐसी अवस्था में आप घबराए नहीं और डॉक्टर से संपर्क करें। आशा है कि मूली पर लिखा यह लेख आपको पसंद आया होगा। किसी भी प्रकार की सलाह या सवाल के लिए आप नीचे दिए कमेंट बॉक्स के माध्यम से हमसे जुड़ सकते हैं।

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Nripendra Balmiki

नृपेंद्र बाल्मीकि एक युवा लेखक और पत्रकार हैं, जिन्होंने उत्तराखंड से पत्रकारिता एवं जनसंचार में स्नातकोत्तर (एमए) की डिग्री प्राप्त की है। नृपेंद्र विभिन्न विषयों पर लिखना पसंद करते हैं, खासकर स्वास्थ्य संबंधी विषयों पर इनकी पकड़ अच्छी है। नृपेंद्र एक कवि भी हैं और कई बड़े मंचों पर कविता पाठ कर चुके हैं। कविताओं के लिए इन्हें हैदराबाद के एक प्रतिष्ठित मीडिया संस्थान द्वारा सम्मानित भी किया जा चुका है।

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