मूली के पत्ते के फायदे और नुकसान – Radish Leaves Benefits and Side Effects in Hindi

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मूली के साथ ही उसकी हरी पत्तियों को आपने जरूर देखा होगा। ये स्वादिष्ट होने के साथ ही सेहत के लिए अच्छी मानी जाती हैं। इस हरी सब्जी का सेवन कई लोग करते हैं, लेकिन क्या कभी आपने सोचा है कि यह हमारे शरीर के लिए कितनी लाभदायक है। शायद नहीं! इसी वजह से हम यहां मूली के पत्ते खाने के फायदे के बारे में बता रहे हैं। साथ ही मूली के पत्तों के उपयोग और सावधानी के तौर पर मूली के पत्ते के नुकसान भी बताएंगे। यहां सभी जानकारी वैज्ञानिक शोध के आधार पर दी जाएंगी। बस, तो मूली के पत्तों को बारे विश्वसनीय जानकारी पाने के लिए लेख को अंत तक पढ़ें।

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सबसे पहले बताते हैं कि मूली के पत्ते क्या होते हैं।

मूली के पत्ते क्या हैं?

मूली के ऊपरी हिस्से को मूली के पत्ते कहा जाता है। यह किस्म की हरी सब्जी होती है, जिसका साग बनाकर अक्सर लोग खाते हैं। मूली के पत्ते पौष्टिक होने के साथ ही स्वाद में बेहतरीन होते हैं। इसका साग बनाने के साथ ही इसे कई अन्य तरीकों से भी उपयोग में लाया जाता है, जिसके बारे में आगे बताएंगे। इससे पहले हम मूली के पत्ते खाने के फायदे के बारे में बता रहे हैं।

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लेख के अगले हिस्से में हम मूली के पत्ते के फायदे के बारे में बता रहे हैं।

मूली के पत्ते के फायदे – Benefits of Radish Leaves in Hindi

मूली के पत्ते के फायदे किस तरह से शरीर को हो सकते हैं, इसकी पूरी जानकारी यहां दी गई है। बस ध्यान दें कि मूली के पत्ते किसी गंभीर बीमारी का इलाज नहीं हैं, बल्कि स्वस्थ रहने का एक तरीका है। शारीरिक समस्याओं से बचे रहने के लिए इसका सेवन किया जा सकता है। चलिए, पढ़ते हैं नीचे मूली के पत्तों के फायदे के बारे में।

1. इम्यूनिटी के लिए मूली के पत्ते खाने के फायदे

इम्यूनिटी को बढ़ाने में भी मूली के पत्ते मदद कर सकते हैं। दरअसल, मूली के पत्तों में आयरन और फास्फोरस जैसे मिनरल्स होते हैं, जो प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत कर सकते हैं। इसके अलावा, रोग प्रतिरोधक क्षमता के लिए आवश्यक खनिज विटामिन-सी, ए और थियामिन भी इसमें होते हैं (1)। इसके अलावा, मूली के पत्तों में प्रोटियोग्लाइकेन (Proteoglycan) एंटीजेनिक निर्धारक (Determinant) हैं। यह ऐसा अणु होता है, जिसे इम्यूनिटी के लिए जरूरी माना जाता है (2)

2. पाइल्स के लिए बेनिफिट्स ऑफ रैडिश लीव्ज

मूली के पत्ते का उपयोग पाइल्स से राहत पाने के लिए भी किया जाता है। बताया जाता है कि यह सूजन और इंफ्लेमेशन को कम करने में मदद कर सकता है। पाइल्स के लिए मूली के सूखे पत्तों का चूर्ण बनाकर बराबर मात्रा में चीनी और पानी के साथ मिलाएं। अब इस पेस्ट का सेवन किया जा सकता है। कुछ लोग इसे प्रभावित हिस्से में लगाने की सलाह भी देते हैं। इस पेस्ट के अलावा मूली के हरे पत्तों को आहार में शामिल करके भी पाइल्स को कम किया जा सकता है (1)

3. डायबिटीज

डायबिटीज से परेशान लोग मूली के पत्तों को अपनी डाइट में शामिल कर सकते हैं। मूली के पत्तों का पानी से बना अर्क  अल्फा – ग्लूकोसाइडेज (α-glucosidase) गतिविधि को बाधित करके डायबिटीज की परेशानी को कम कर सकता है। इसका यह एंजाइमेटिक निषेध प्रभाव शरीर में ग्लूकोज की मात्रा को कम करके मधुमेह के प्रबंधन और रोकथाम में सहायक हो सकता है (3)। इसी वजह से डायबिटीज से जूझ रहे लोगों को मूली के पत्तों को डाइट में शामिल करने की सलाह दी जाती है (1)

4. पीलिया में मूली के पत्ते खाने के फायदे

पीलिया को ठीक करने में दवा के साथ ही आहार भी काफी अहम भूमिका निभाता है। एक रिसर्च पेपर में कहा गया है कि पीलिया में उबले हुए और बिना मसाले की सब्जियों को शामिल करना चाहिए, जिसमें मूली के पत्ते भी अहम भूमिका निभा सकते हैं (4)। भारतीय सरकार की स्वास्थ्य संबंधी पोर्टल में भी इस बात का जिक्र है। उसमें लिखा है कि मूली के पत्ते का करीब आधा लीटर रस प्रतिदिन पीने से लगभग दस दिनों में पीलिया रोग से छुटकारा मिल सकता है (5)

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5. अर्थराइटिस

मूली के पत्ते के फायदे में अर्थराइटिस में आराम दिलाना भी शामिल है। इंटरनेशनल जर्नल ऑफ फिजियोलॉजी, न्यूट्रिशन एंड फिजिकल एजुकेशन के अध्ययन में भी इसे फायदेमंद पाया गया है। शोध के मुताबिक मूली के पत्तों में  लूटोलिन (Luteolin) होता है, जो एंटी-इंफ्लेमेटरी गतिविधि को प्रदर्शित करता है। यह प्रभाव अर्थराइटिस से राहत पाने में मदद कर सकता है (6)

इसके अलावा, मूली के पत्तों में कौमारिक एसिड (Coumaric Acid) भी होता है (7)। रिसर्च के मुताबिक, यह एसिड एंटी-अर्थराइटिस प्रभाव दिखाता है (6)। इसी वजह से मूली के पत्तों को अर्थराइटिस के लिए फायदेमंद माना जाता है।

6. ब्लड प्रेशर

ब्लड प्रेशर को कम करने में भी मूली के पत्तों की मदद ली जा सकती है। जी हां, इसमें एंटीहाइपरटेंसिव प्रभाव पाया जाता है। चूहों पर किए गए अध्ययन में पाया गया है कि यह निट्रिक ऑक्साइड (NO) के सीरम कन्सन्ट्रेशन और  एंटीऑक्सीडेंट गतिविधियों को बढ़ाने का काम करता है। इसी विशेषता की वजह से यह एंटीहाइपरटेंसिव यानी उच्च रक्तचाप नियंत्रण का गुण प्रदर्शित करने में मदद कर सकता है (8)

7. पाचन के लिए मूली के पत्ते खाने के फायदे

मूली के पत्ते पाचन को बेहतर करने के लिए भी जाने जाते हैं। बताया जाता है कि वाइल्ड रैडिश के पत्तों में मौजूद पोषक तत्व जैसे कैल्शियम, आयरन, विटामिन-बी, सी, ई व के पाचन में मददगार हो सकते हैं। (9)। इसके अलावा, मूली के पत्तों में मौजूद फाइबर गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल फंक्शन को बेहतर करने में भी मदद कर सकता है। इसी का फंक्शन का एक हिस्सा डाइजेशन भी है (10)

8. फाइबर

मूली के पत्तों में कहा जाता है बहुत फाइबर होता है। एक रिसर्च में भी इस बात का जिक्र है। रिसर्च में कहा गया है कि मूली के पत्तों के पाउडर में फाइबर की अधिक मात्रा होती है। यह पेट के स्वास्थ्य को बनाए रखने में मदद कर सकता है (11) (10)

महत्वपूर्ण जानकारी नीचे है 

आगे हम मूली के पत्ते के पौष्टिक तत्वों के बारे में बता रहे हैं।

मूली के पत्ते के पौष्टिक तत्व – Radish Leaves Nutritional Value in Hindi

मूली की पत्तियों को इसकी जड़ यानी मूली से भी पोषक बताया जाता है। इसमें उच्च स्तर के प्रोटीन, कैल्शियम और एस्कॉर्बिक एसिड (विटामिन-सी) होते हैं। साथ ही टोटल फिनोल भी जड़ के मुकाबले मूली के पत्तों में दो-गुना होता है। इसमें एंटीऑक्सीडेंट क्षमता भी पाई जाती है (12)। इनके अलावा, इसमें आयरन, फोलिक एसिड और फॉस्फोरस जैसे खनिज भी मौजूद हैं (1)

अंत तक पढ़ें 

अब जानते हैं मूली के पत्ते का उपयोग करने का तरीका।

मूली के पत्ते का उपयोग – How to Use Radish Leaves in Hindi

मूली के पत्ते के फायदे के साथ ही इसके उपयोग का तरीका पता होना भी जरूरी है। इसी वजह से हम आगे मूली के पत्ता का उपयोग करने के तरीकों के बारे में बता रहे हैं।

  • मूली के पत्ते का उपयोग करने का सबसे आसान तरीका इसका साग बनाना है। इसे काटकर साग बना सकते है।
  • मूली के पत्तों को उबालकर और फिर पीसकर भी बना सकते हैं। इसे काफुली व काफली कहा जाता है।
  • मूली के पत्ता का उपयोग सूप बनाने में भी किया जा सकता है।
  • मूली के पत्तों का जूस बनाकर पी सकते हैं।
  • इसकी भरवा रोटी भी बनाई जा सकती है।
  • मूली के पत्तों का सलाद बनाकर खा सकते हैं।
  • मिक्स वेज बनाने में इसका इस्तेमाल कर सकते हैं।
  • इसका इस्तेमाल सुबह, शाम और रात को कभी भी खाने के लिए किया जा सकता है।

सेवन की सुरक्षित मात्रा: पीलिया के लिए एक दिन में मूली के पत्ते का आधा लिटर जूस पीने की सलाह दी जाती है। वहीं, इसके साग व अन्य सामग्रियों से जुड़ी प्रतिदिन की खुराक की कोई सटीक जानकारी नहीं है। वैसे, दिन भर में इसे अपने एक आहार का हिस्सा बना सकते हैं।

बने रहें हमारे साथ

लेख के अगले भाग में हम मूली के पत्तों को सुरक्षित रखने का तरीका बता रहे हैं। फिर मूली के पत्ते के नुकसान जानेंगे।

मूली के पत्ते को लंबे समय तक सुरक्षित कैसे रखें

मूली के पत्तों को लंबे समय तक सुरक्षित रखने के लिए सबसे पहले उसे मूली से अलग कर लें। अब उसमें लगी मिट्टी को अच्छे से छाड़ लें। अब इसे ऐसे ही फ्रिज में सब्जी रखने वाले बॉक्स में डाल दें। लंबे समय तक इसका इस्तेमाल करना हो, तो एक नमी युक्त कपड़े में लपेटकर रख सकते हैं। ध्यान दें कपड़ा गिला न हो, उसमें बस नमी हो। कुछ लोग पत्तों को धोकर फ्रिज में डाल देते हैं। ऐसा न करें, इससे पत्ते जल्दी खराब हो सकते हैं।

 आगे नुकसान पढ़ें 

अब मूली के पत्ते खाने के नुकसान पर एक नजर डाल लेते हैं।

मूली के पत्ते के नुकसान – Side Effects of Radish Leaves in Hindi

मूली के पत्ते खाने के फायदे के साथ ही मूली के पत्ते के नुकसान भी हो सकते हैं। हालांकि, मूली के पत्ते खाने के नुकसान पर ज्यादा शोध मौजूद नहीं है। फिर भी हम मूली के पत्तों के कुछ सामान्य नुकसान के बारे में बता रहे हैं।

  • संवेदनशील लोगों को मूली के पत्ते खाने के नुकसान हो सकते हैं। इसके पत्ते एलर्जी और त्वचा में सूजन पैदा कर सकते हैं। इस पौधे की पत्तियों में ग्लूकोपरिन (Glucoparin) होता है, जो एलर्जी का कारण बन सकता है (2)। हालांकि, यह पत्तों के संपर्क में आने से होता है। इसे खाने से एलर्जी होती है या नहीं यह स्पष्ट नहीं है।
  • जैसे कि हमने ऊपर बताया है कि यह मधुमेह को कम कर सकता है। ऐसे में कम ब्लड ग्लूकोज वालों को इसका सेवन करने से ऊर्जा की कमी का एहसास हो सकता है।
  • लो बीपी वालों को भी इसका सेवन संयमित मात्रा में ही करना चाहिए, क्योंकि इसमें ब्लड प्रेशर कम करने का गुण होता है।

मूली के पत्तों के फायदे और नुकसान दोनों ही आप जान चुके हैं। यहां दी गई जानकारी से स्पष्ट हो ही गया होगा कि मूली से ज्यादा गुणकारी इसके पत्ते होते हैं। शायद इसी वजह से बड़े-बुजुर्ग हमेशा मूली के साथ इनके पत्तों का भी इस्तेमाल करने की सलाह देते हैं। अब अगर कभी आप मूली खरीदकर लाएं, तो उनके पत्तों को यूं ही न फेंक दें। उसका साग या सूप बनाकर जरूर पिएं। चलिए, अब आगे पाठकों द्वारा अक्सर पूछे जाने वाले सवाल के जवाब जान लेते हैं।

 अक्सर पूछे जाने वाले सवाल:


क्या मूली के पत्ते मधुमेह के लिए अच्छे हैं?


हां, मूली के पत्ते डायबिटीज के लिए अच्छे होते हैं। विस्तार से इसके बारे में ऊपर बताया गया है।

मूली के पत्ते कैसे दिखते हैं?


मूली के पत्ते अन्य हरी सब्जी की तरह ही दिखते हैं। यह थोड़े, लंबे और पतले हो सकते हैं। परिपक्व मूली के पत्ते हल्के खुरदूरे और उग रहे मूली के पत्ते मुलायम होते हैं।

क्या मूली के पत्ते जहरीले होते हैं?


नहीं, मूली के पत्ते जहरीले नहीं होते हैं।

क्या मैं मूली के पत्तों का रस निकाल सकता हूं?


हां, मूली के पत्तों का रस निकालकर पिया जा सकता है।

क्या मूली के पत्ते फ्रिज कर सकते हैं?


मूली के पत्तों का इस्तेमाल ज्यादा दिनों तक करने के लिए इन्हें फ्रिज किया जा सकता है। हां, फ्रिजर से निकालने के कुछ घंटों बाद ही इसे बनाना होगा, वरना यह बहुत मुलायम होकर इस्तेमाल करने लायक नहीं रहेंगे। हो सके, तो इसे नॉर्मल तरीके से फ्रिज में रख दें। वैसे मूली के पत्तों का उपयोग ताजा करना ही बेहतर होता है।

 

12 संदर्भ (Sources):

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vinita pangeni

विनिता पंगेनी ने एनएनबी गढ़वाल विश्वविद्यालय से मास कम्यूनिकेशन में बीए ऑनर्स और एमए किया है। टेलीविजन और डिजिटल मीडिया में काम करते हुए इन्हें करीब चार साल हो गए हैं। इन्हें उत्तराखंड के कई पॉलिटिकल लीडर और लोकल कलाकारों के इंटरव्यू लेना और लेखन का अनुभव है। विशेष कर इन्हें आम लोगों से जुड़ी रिपोर्ट्स करना और उस पर लेख लिखना पसंद है। इसके अलावा, इन्हें बाइक चलाना, नई जगह घूमना और नए लोगों से मिलकर उनके जीवन के अनुभव जानना अच्छा लगता है।

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