मूंग दाल के फायदे, उपयोग और नुकसान – Mung Beans Benefits in Hindi

Medically reviewed by Neha Srivastava (Nutritionist), Nutritionist
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स्वाद और सेहत के हिसाब से दालें महत्वपूर्ण हैं। इन्हीं दालों में से एक है मूंग की दाल। मूंग दाल दो प्रकार की होती हैं, पहली हरी (छिलका सहित) और दूसरी पीली मूंग दाल। इसके अलावा, साबुत मूंग दाल का उपयोग भी किया जाता है। जहां एक ओर मूल रूप से इसका सेवन एशिया, यूरोप और अमेरिका में किया जाता है, वहीं भारत में मूंग दाल मुख्य भोजन का हिस्सा होने के साथ-साथ हमें स्वस्थ रखने में भी अहम भूमिका निभाती है। स्टाइलक्रेज के इस आर्टिकल में हम मूंग दाल के फायदे के बारे में बताएंगे। साथ ही जानेंगे कि मूंग दाल का उपयोग किस प्रकार से कर सकते हैं और इससे क्या-क्या नुकसान हो सकते हैं। आर्टिकल में दी गई जानकारी कई प्रकार के शोधों पर आधारित है, जिनमें से कुछ शोध जानवरों पर किए गए हैं, तो कुछ इंसानों पर। इसलिए, मूंग दाल का उपयोग औषधि के रूप में करने से पहले अपने डॉक्टर की सलाह जरूर लें।

नीचे विस्तार से पढ़ें

आर्टिकल में सबसे पहले जानते हैं कि मूंग की दाल सेहत के लिए कैसे फायदेमंद है।

मूंग दाल आपकी सेहत के लिए क्यों अच्छी है?

मूंग दाल फाइबर और प्रोटीन का एक अच्छा स्रोत है, इसके सेवन से हंगर हार्मोन (hunger hormone) प्रभावित होता है, जो भूख को नियंत्रित करता है। मूंग दाल का सेवन विशेष रूप से सूप और स्प्राउट के रूप में किया जा सकता है। मूंग दाल को स्प्राउट्स के तौर पर लेने से उसकी पौष्टिकता बढ़ जाती है। यह फाइबर से तो भरपूर होते ही हैं, साथ ही यह कंप्लीट प्रोटीन ( Albumin and Globulin) हैं। वहीं, डॉक्टर भी इसके सेवन की सलाह देते हैं। इसके पीछे मुख्य कारण है, इस दाल में पाए जाने वाले पोषक तत्व। एनसीबीआई (नेशनल सेंटर फॉर बायोटेक्नोलॉजी इंफार्मेशन) की वेबसाइट पर प्रकाशित शोध के अनुसार, मूंगदाल में प्रचुर मात्रा में पोषक तत्व होते हैं। इसमें सेहत के लिए जरूरी फ्लेवोनोइड्स, फेनोलिक एसिड, कार्बनिक एसिड, अमीनो एसिड, कार्बोहाइड्रेट और लिपिड जैसे पोषक तत्वों की अच्छी मात्रा पाई जाती है। इसके अलावा, मूंग दाल में एंटीऑक्सीडेंट, एंटीमाइक्रोबियल, एंटीइंफ्लेमेटरी, एंटीडायबिटिक, एंटीहाइपरटेंसिव और एंटीट्यूमर गुण पाए जाते हैं, जो कई बीमारियों को दूर करने में मददगार हो सकते हैं (1)।

आगे है और जानकारी

लेख के इस अहम हिस्से में हम मूंग दाल के फायदे के बारे में बता रहे हैं।

मूंग दाल के फायदे – Benefits Of Mung Beans in Hindi

नीचे हम क्रमवार मूंग दाल के फायदे बता रहे हैं। जानिए मूंग दाल का सेवन किस प्रकार शारीरिक समस्याओं पर अपना सकारात्मक प्रभाव छोड़ सकता है। वहीं, पाठक इस बात का भी ध्यान रखें कि मूंग की दाल किसी भी बीमारी का इलाज नहीं है। यह केवल समस्या के प्रभाव को कुछ हद तक कम करने में मददगार हो सकती है। अब पढ़ें आगे –

1. एंटीऑक्सीडेंट गुणों से भरपूर

यह तो हम ऊपर बता ही चुके हैं कि मूंग दाल में एंटीऑक्सीडेंट गुण पाए जाते हैं। इसके अलावा, मूंग की दाल में कुछ फ्लेवोनॉयड्स पाए जाते हैं, जो एंटीऑक्सीडेंट गुणों से भरपूर होते हैं। ये गुण ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस को दूर करने में मदद कर सकते हैं (1)। ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस के कारण कारण, डायबिटीज, हृदय रोग जैसी समस्याएं हो सकती हैं। एक अन्य शोध में पाया गया है कि मूंग के सूप में पाया जाने वाला एंटीऑक्सीडेंट गुण गर्मी के कारण होने वाले तनाव को भी दूर करने में कारगर हो सकता है (2)।

2. हीट स्ट्रोक को दूर करने में मददगार

अधिक गर्मी, डिहाइड्रेशन के कारण हीटस्ट्रोक की समस्या हो सकती है। यह समस्या आमतौर पर गर्मियों के मौसम में होती है। अधिक गर्मी के कारण और द्रव्य पदार्थों के कम सेवन से शरीर में पानी की कमी हो जाती है और इससे हीटस्ट्रोक का खतरा हो सकता है। चूहों पर किए गए शोध में पाया गया कि मूंग दाल में विटेक्सिन (vitexin) और आइसोविटेक्स (isovitexin) नामक घटक पाए जाते हैं, जिनमें एंटीऑक्सीडेंट प्रभाव मौजूद होता है। इस गुण के कारण हीटस्ट्रोक के खतरे को दूर करने में मदद मिल सकती है। इसलिए, गर्मी के मौसम में मूंग दाल का सूप पीना फायदेमंद हो सकता है (3)।

3. कोलेस्ट्रॉल को कम करने में फायदेमंद

मूंग की दाल में हाइपोकोलेस्ट्रोलेमिया यानी कोलेस्ट्रॉल को कम करने का प्रभाव पाया जाता है। इस प्रभाव के कारण मूंग की दाल रक्त में माैजूद कुल कोलेस्ट्रॉल और एलडीएल (खराब) कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम कर सकती हैं। इस आधार पर यह कोलेस्ट्रॉल को बढ़ने से रोकने के साथ ही इसके स्तर काे कम करने में फायदेमंद हो सकते हैं (4)।

4. रक्तचाप को नियंत्रित करे

मूंग दाल रक्तचाप को भी नियंत्रित करने में मदद कर सकती है। एनसीबीआई की वेबसाइट पर प्रकाशित चूहों के ऊपर किए गए शोध में पाया गया कि इसमें एंटीहाइपरटेंसिव गुण पाया जाता है। मूंग दाल में पाया जाने वाला यह गुण रक्तचाप को नियंत्रित करने के साथ-साथ उसे बढ़ने से रोकने और उससे होने वाली स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं को दूर करने में मदद कर सकता है (5)।

5. गर्भावस्था में फायदेमंद

गर्भावस्था के दौरान महिलाओं को भरपूर मात्रा में फोलेट युक्त खाद्य पदार्थ खाने की सलाह दी जाती है। वहीं, भ्रूण के विकास के लिए भी फोलेट जरूरी है। गर्भावस्था के समय फोलेट की कमी होने से मां और शिशु दोनों को समस्या हो सकती है (6)। वहीं, शोध में पाया गया है कि 100 ग्राम मूंगदाल में 625 माइक्रोग्राम फाेलेट की मात्रा पाई जाती है, जो गर्भावस्था के दौरान जन्म दोष को दूर करने के साथ ही पोषण में फायदेमंद हो सकती है (7)। वहीं, अगर मूंग दाल से बने कच्चे स्प्राउड्स का सेवन किया जाता है, तो इससे पेट खराब होने की आशंका हो सकती है। इस कारण गर्भावस्था में कच्चे स्प्राउट्स की जगह स्प्राउट उबालकर खाना बेहतर हो सकता है (8)।

6. पाचन में सुधार करने के लिए

मूंग दाल अन्य दालों की तुलना में हल्की और आसानी से पचने योग्य होती है। यह शरीर में फैटी एसिड ब्यूटेरेट (Fatty acid butyrate) के उत्पादन को बढ़ाती है, जो पाचन में मदद करता है और शरीर में गैस को बनने से रोक सकता है। इसके अलावा मूंग में फाइबर और प्रोटीन की मात्रा पाई जाती है, जो पाचन तंत्र को ठीक रखने के लिए जरूरी हैं। इसके अलावा, इसमें पाए जाने वाले अन्य घटक जैसे कि ट्रिप्सिन इन्हिबिटर्स (trypsin inhibitors), हीमगलगुटिनिन (hemagglutinin), टैनिन (tannins) और फाइटिक एसिड (phytic acid) भी पाचन तंत्र काे ठीक करने के साथ ही शरीर में मौजूद टॉक्सिक पदार्थों को बाहर निकालने में फायदेमंद हो सकते हैं (1)। वहीं, फाइटिक एसिड एक एंटीन्यूट्रियंट की तरह भी काम कर सकता है, यानी यह शरीर में मिनरल्स के अवशोषण को रोक सकता है। साथ ही स्प्राउटिंग, सोकिंग और कूकिंग के प्रभाव को भी कम कर सकता है। वहीं, नींबू का रस फाइटिक एसिड के प्रभाव को कम करने में मदद कर सकता है, इसलिए स्प्राउट या दाल बनाते समय नींबू का रस मिला लेना चाहिए। यह टेस्ट और स्वास्थ्य दोनों को बढ़ाने में मदद कर सकता है।

7. मधुमेह काे नियंत्रित करने के लिए

मधुमेह की समस्या रक्त में मौजूद शुगर का स्तर बढ़ने के कारण हो सकती है। इस समस्या से बचने के लिए मूंग दाल का सेवन किया जा सकता है। एनसीबीआई की वेबसाइट पर प्रकाशित चूहों पर किए गए शोध में पाया गया कि काली मूंग की दाल में एंटीऑक्सीडेंट और एंटीडायबिटिक गुण पाए जाते हैं। यह गुण रक्त में मौजूद ग्लूकोज के स्तर को कम करने में फायेदमंद हो सकते हैं (9) (10)। वहीं, अगर कोई डायबिटीज से ग्रस्त है, तो उसे डॉक्टर की ओर से दी गई दवा का सेवन जरूर करना चाहिए।

8. एंटीमाइक्रोबियल गुण से भरपूर मूंग दाल

मूंग में पाए जाने वाले पॉलीफेनोल्स में एंटीमाइक्रोबियल, एंटी बैक्टीरियल और एंटीफंगल गुण पाए जाते हैं। मूंग बीज में पाए जाने वाले ये गुण कई प्रकार के फंगस को दूर करने के साथ-साथ विभिन्न प्रकार के संक्रमण को भी दूर करने में मदद कर सकते हैं। मूंग में मौजूद उपरोक्त गुणों के कारण विभिन्न तरह के फंगस को दूर किया जा सकता है (1)।

9. एंटीइंफ्लेमेटरी गुण

मूंग दाल के लाभ इसमें मौजूद गुणों और पोषक तत्वों के कारण ही होते हैं। उन्हीं में से एक है इसका एंटीइंफ्लेमेटरी गुण। यह गुण कई प्रकार की सूजन को दूर करने में मददगार हो सकता है। पशुओं पर किए गए एक शोध के मुताबिक, मूंग दाल में पाए जाने वाले पॉलीफेनॉल्स, जैसे कि विटेक्सिन, गैलिक एसिड, और आइसोविटेक्सिन में एंटीइंफ्लेमेटरी गुण पाया जाता है। यह गुण सूजन वाले क्षेत्र में दर्द और सूजन के इलाज में मदद कर सकते हैं (1)।

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मूंग दाल के फायदे के बाद आगे हम मूंग दाल के पौष्टिक तत्वों के बारे में बता रहे हैं।

मूंग दाल के पौष्टिक तत्व – Mung Beans Nutritional Value in Hindi

मूंग दाल में मौजूद पौष्टिक तत्व इस प्रकार हैं (7)।

पोषक तत्वमात्रा प्रति 100 ग्राम
पानी9.05 ग्राम
कैलोरी347 kcal
प्रोटीन23.86 ग्राम
फैट1.15 ग्राम
कार्बोहाइड्रेट62.62 ग्राम
फाइबर16.3 ग्राम
शुगर6.6 ग्राम
मिनरल्स
कैल्शियम132 मिलीग्राम
आयरन6.74 मिलीग्राम
मैग्नीशियम189 मिलीग्राम
फास्फोरस367 मिलीग्राम
पोटैशियम1246 मिलीग्राम
सोडियम15 मिलीग्राम
जिंक2.68 मिलीग्राम
मैंगनीज1.035 मिलीग्राम
कॉपर0.941 मिलीग्राम
सेलेनियम8.2 माइक्रोग्राम
विटामिन
विटामिन सी4.8 मिलीग्राम
थायमिन0.621 मिलीग्राम
राइबोफ्लेविन0.233 मिलीग्राम
नियासिन2.251 मिलीग्राम
विटामिन-बी 60.382 मिलीग्राम
फोलेट625 माइक्रोग्राम
कोलीन97.9 मिलीग्राम
विटामिन-ए6 माइक्रोग्राम
बीटा कैरोटिन68 माइक्रोग्राम
विटामिन-ए IU114 IU
विटामिन- इ0.51 माइक्रोग्राम
विटामिन-के9 माइक्रोग्राम
लिपिड
फैटी एसिड टोटल सैचुरेटेड0.348 ग्राम
फैटी एसिड टोटल मोनोअनसैचुरेटेड0.161 ग्राम
फैटी एसिड टोटल पॉलीअनसैचुरेटेड0.384 ग्राम

मूंग दाल खाने के फायदे और पोषक तत्वों के बाद जानते हैं कि मूंग दाल का उपयोग कैस कर सकते हैं।

मूंग दाल का उपयोग – How to Use Mung Beans in Hindi

मूंग दाल का उपयोग कई प्रकार से किया जा सकता है। यहां हम इसके कुछ आसान उपयोगों के बारे में बता रहे हैं।

  • मूंग दाल का उपयोग आमतौर पर स्प्राउट बनाने के लिए किया जाता है।
  • मूंग दाल से जायकेदार दाल बनाई जा सकती है।
  • मूंग दाल का उपयोग फेस मास्क बनाने के लिए कर सकते हैं।
  • बालों के लिए भी मूंग दाल के फायदे देखे गए हैं। इसका उपयोग हेयर मास्क के रूप में भी किया जा सकता है।
  • दक्षिण भारत में इसका उपयोग सांभर और चटनी बनाने के लिए किया जाता है।
  • मूंग दाल का उपयोग करके स्वादिष्ट हलवा व अन्य मिठाई बनाई जा सकती हैं।

मात्रा: प्रतिदिन 100 ग्राम तक मूंग दाल का सेवन किया जा सकता है। इसके अलावा, एक कटोरी मूंग दाल स्प्राउट का सेवन कर सकते हैं। बेहतर होगा कि आप एक बार डॉक्टर या आहार विशेषज्ञ से जरूर पूछ लें कि आपके स्वास्थ्य के अनुसार दिनभर में कितनी मूंग की दाल खाई जा सकती है।

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मूंग दाल खाने के फायदे और उपयोग के बाद जानते हैं मूंग दाल के नुकसान के बारे में।

मूंग दाल के नुकसान – Side Effects of Mung Beans in Hindi

मूंग दाल के लाभ के साथ-साथ मूंग दाल के नुकसान भी देखे गए हैं। यहां हम इससे होने वाले नुकसान के बारे में बता रहे हैं।

  • मूंग दाल का उपयोग लो शुगर की समस्या वालों के लिए नुकसानदायक हो सकता है। इसमें मौजूद एंटीडायबिटिक गुण रक्त में मौजूद शुगर के स्तर को कम कर सकता है। इससे यह हानिकारक प्रभाव दिखा सकता है (10)।
  • जिन लोगों की त्वचा संवेदनशील होती है या फिर जिन्हें एलर्जी की समस्या होती उनके लिए मूंग दाल से बना फेस मास्क हानिकारक हो सकता है।
  • इसमें एंटीहाइपरटेंसिव गुण होता है। इसलिए, अगर किसी का रक्तचाप पहले से कम है, तो इस अवस्था में मूंग दाल के सेवन से समस्या और बढ़ सकती है (5)।

अब हम उम्मीद कर सकते हैं कि अब आप मूंग दाल खाने के फायदे अच्छी तरह समझ गए होंगे। साथ ही मूंग दाल का उपयोग किस प्रकार किया जा सकता है, इसकी भी आपको जानकारी हो गई होगी। अब आप चाहें, तो इसे दैनिक आहार का हिस्सा बनाकर इसके औषधीय लाभ प्राप्त कर सकते हैं। इस दाल का सेवन गर्भावस्था के दौरान भी फायदेमंद माना जाता है। साथ ही यह आसानी से पच जाती है। वहीं, इसके सेवन की मात्रा का भी पूरा ध्यान रखें, क्योंकि इसकी अधिक मात्रा लेख में बताए गए मूंग दाल के नुकसान का कारण बन सकती है। आशा करते हैं कि यह लेख आपको पसंद आया होगा।

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अर्पिता ने पटना विश्वविद्यालय से मास कम्यूनिकेशन में स्नातक किया है। इन्होंने 2014 से अपने लेखन करियर की शुरुआत की थी। इनके अभी तक 1000 से भी ज्यादा आर्टिकल पब्लिश हो चुके हैं। अर्पिता को विभिन्न विषयों पर लिखना पसंद है, लेकिन उनकी विशेष रूचि हेल्थ और घरेलू उपचारों पर लिखना है। उन्हें अपने काम के साथ एक्सपेरिमेंट करना और मल्टी-टास्किंग काम करना पसंद है। इन्हें लेखन के अलावा डांसिंग का भी शौक है। इन्हें खाली समय में मूवी व कार्टून देखना और गाने सुनना पसंद है।

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