मोतियाबिंद के कारण, लक्षण और घरेलू इलाज – Home Remedies for Cataracts in Hindi

by

आंखें अनमोल हैं, इन्हें खास देखभाल की जरूरत है। जरा-सी लापरवाही भी आंखों की बीमारियों का कारण बन सकती है और मोतियाबिंद भी उन्हीं में से एक है। मोतियाबिंद आंख के लेंस का धुंधलापन है, जो दुनिया भर में अंधेपन का प्रमुख कारण है। मोतियाबिंद किसी भी उम्र में विभिन्न कारणों से हो सकता है। मोतियाबिंद से ग्रस्त लोगों की कुल संख्या 2020 तक बढ़कर 3.01 करोड़ होने का अनुमान है (1)। सिर्फ सही जानकारी और बेहतर इलाज से ही हम इस बीमारी से बच सकते हैं। स्टाइलक्रेज के इस आर्टिकल में हम मोतियाबिंद के कारण, लक्षण और कुछ घरेलू उपायों के बारे में ही बात करेंगे।

आइए, सबसे पहले जानते हैं कि मोतियाबिंद कितने प्रकार का होता है।

मोतियाबिंद के प्रकार – Types of Cataracts in Hindi 

मोतियाबिंद के कई प्रकार हो सकते हैं, लेकिन इनमें से चार प्रकार के मोतियाबिंद सबसे ज्यादा प्रभावित करते हैं, जो इस प्रकार हैं (2): 

  1. जन्मजात मोतियाबिंद (Congenital cataract) : इस प्रकार का मोतियाबिंद जन्म के समय से ही मौजूद रह सकता या फिर आपके शिशु को बाल्यावस्था के दौरान हो सकता है।
  1. सेकंडरी मोतियाबिंद (Secondary Cataract) : सेकंडरी मोतियाबिंद मधुमेह, ग्लूकोमा (नेत्र समस्या) सर्जरी या स्टेरॉयड जैसी दवाओं की वजह से हो सकता है।
  1. रेडियेशन मोतियाबिंद (Radiation Cataract): इस प्रकार का मोतियाबिंद कैंसर के इलाज के लिए कीमोथैरेपी प्रक्रिया के बाद रेडियेशन के कारण हो सकता है।
  1. ट्रॉमेटिक मोतियाबिंद (Traumatic Cataract): इस प्रकार का मोतियाबिंद आंखों के किसी घाव की वजह से हो सकता है। इसे दर्दनाक मोतियाबिंद भी कहा जाता है।

मोतियाबिंद के प्रकार जानने के बाद अब इसके कारणों के बारे में बात करते हैं।

मोतियाबिंद होने का कारण – Causes of Cataracts in Hindi

मोतियाबिंद के कारण निम्नलिखित हो सकते हैं (2):

  • प्रोटीन के कारण लैंस में धुंधलापन आना
  • घाव या चोट
  • रेडियेशन
  • स्टेरॉयड
  • धूम्रपान
  • पराबैंगनी विकिरण
  • मधुमेह या ग्लूकोमा

यहां हम जानेंगे कि अगर मोतियाबिंद हो जाता है, तो कौन से मोतियाबिंद के लक्षण दिखाई दे सकते हैं।

मोतियाबिंद के लक्षण – Symptoms of Cataracts in Hindi 

मोतियाबिंद के सबसे आम लक्षण कुछ इस प्रकार हैं (2):

  • धुंधला नजर आना।
  • रंग फीके दिखाई दे सकते हैं।
  • गाड़ियों की हेडलाइट्स, लैंप या धूप चमकदार दिखाई दे सकती है।
  • रोशनी के आसपास एक धुंधला-सा गोला दिखाई दे सकता है।
  • रात के समय कुछ ठीक से नजर न आना।
  • डबल विजन दिखाई देना। यह स्पष्ट लक्षण हो सकता है, क्योंकि इस समय मोतियाबिंद आंखों में फैल जाता है।
  • आपके चश्मे या कॉन्टैक्ट लेंस का नंबर बार-बार बदलना।

नाेट: ये लक्षण आंखों की अन्य समस्याओं का संकेत भी हो सकते हैं। अगर आपको इनमें से कोई भी लक्षण नजर आता हैं, तो तुरंत डॉक्टर से आंखें चेक करवाएं।

मोतियाबिंद के लक्षणों को जानने के बाद आइए जानते हैं कि इसे घरेलू उपाय से कैसे कम किया जा सकता है।

मोतियाबिंद कम करने के लिए घरेलू उपाय – Home Remedies To Cure Cataracts in Hindi 

मोतियाबिंद का इलाज अस्पताल में सर्जरी के द्वारा किया जाता है, लेकिन इसके जोखिम को कम करने के लिए आप कुछ घरेलू नुस्खों का उपयोग कर सकते हैं। यहां हम आपको मोतियाबिंद का घरेलू उपचार बता रहे हैं, जो मोतियाबिंद को कम करने में मदद कर सकते हैं।

1. लहसुन से मोतियाबिंद का इलाज

सामग्री
  • एक-दो लहसुन की कलियां 
क्या करें?
  • एक या दो लहसुन की कलियों को चबाएं।
  • आप अपने पसंदीदा व्यंजनों में भी लहसुन को शामिल कर सकते हैं। 
कब करें सेवन?

आप राेजा एक या दो बार इसका सेवन कर सकते हैं। 

कैसे है कारगर?

लहसुन में एंटीऑक्सीडेंट गुण पाए जाते हैं। यह आंखों में ऑक्सिडेटिव स्ट्रेस के कारण होने वाले प्रभाव को कम कर मोतियाबिंद को रोकने में मदद कर सकता है (3)।

[ पढ़े: Lahsun Khane Ke Fayde in Hindi ]

2. नींबू का रस

सामग्री :
  • आधा चम्मच नींबू का रस
  • 1 चम्मच पानी
  • कॉटन बॉल
 क्या करें?
  • नींबू के रस को एक चम्मच पानी के साथ मिलाएं।
  • फिर इसमें कॉटन बॉल को भिगोएं।
  • बंद पलकों के ऊपर कॉटन बॉल रखें और उसे लगभग 20 मिनट तक रहने दें।
  • अब कॉटन को हटाएं और सादे पानी से अपनी आंखें को धो लें।
कब करें उपयोग?

आप रोज कम से कम एक बार जरूर इसे करें।

कैसै है कारगर?

नींबू में साइट्रिक एसिड की मौजूदगी के कारण इसका नियमित उपयोग आंखों में जलन और अन्य लक्षणों को शांत करने में मदद कर सकता है। इसमें एंटीऑक्सीडेंट गुण भी होते हैं, जो मोतियाबिंद को कम करने में मदद कर सकते हैं (4)।

3. ग्रीन टी करे मोतियाबिंद का इलाज

सामग्री :
  • 1 चम्मच ग्रीन टी
  • 1 कप पानी 
क्या करें?
  • एक कप पानी में एक चम्मच ग्रीन टी मिलाएं और इसे उबाल लें।
  • इसे पीने से पहले इस चाय को थोड़ा ठंडा होने दें। 
कब करें उपयोग?

ग्रीन टी को रोजाना दो बार पिया जा सकता है। 

कैसे है कारगर?

ग्रीन टी में ईजीसीजी (epigallocatechin-3-gallate) नामक तत्व होता है, जो आपकी आंखों के लेंस को खराब से बचाने और मोतियाबिंद को कम करने में मदद कर सकता है (5)।

4. शहद

सामग्री :
  • 1 चम्मच शहद
  • 2 चम्मच पानी
क्या करें?
  • शहद को पानी के साथ मिलाएं।
  • इस घोल को अपनी आंखों में डालें और अतिरिक्त पानी को बहा दें।
  • आप नियमित रूप से एक चम्मच शहद का सेवन भी कर सकते हैं।
कब करें उपयोग?

ऐसा आप रोजाना 1 से 2 बार कर सकते हैं। 

कैसे है कारगर?

शहद में एंटीबैक्टीरियल और एंटीइंफ्लेमेटरी गुण होते हैं। यह आंखों के लेंस में आई खराबी को ठीक करने में मदद कर सकता है। साथ ही भविष्य में आंखों को होने वाली किसी भी प्रकार की क्षति से बचा सकता है (6)।

5. विटामिन

विटामिन ई, विटामिन सी, विटामिन ए व विटामिन बी एंटीऑक्सीडेंट से समृद्ध होते हैं। ये मोतियाबिंद से आंखों की सुरक्षा करने में कारगर हो सकते हैं। इन विटामिन्स से भरपूर खाद्य पदार्थों का सेवन आंखों के कई रोगों को दूर कर सकता है। इस खाद्य पदार्थों में खट्टे फल, हरी पत्तेदार सब्जियां, दूध, पनीर, अंडे, एवोकाडो और बादाम शामिल हैं (7)। अगर आप इन विटामिन्स के सप्लीमेंट लेना चाहते हैं, तो पहले अपने डॉक्टर से जरूर पूछ लें।

6. मोतियाबिंद का घरेलू उपचार गाजर का रस

सामग्री :
  • 1 गिलास गाजर का रस
क्या करें?
  • एक गिलास गाजर के रस का सेवन करें। 
कब करें उपयोग?

आप इस रस का सेवन रोजाना कर सकते हैं। 

कैसे है कारगर?

गाजर विटामिन, खनिज और बीटा-कैरोटीन (एंटीऑक्सीडेंट) से समृद्ध होता है, जो आपकी आंखों की रोशनी बढ़ाने और सेल-डैमेज से लड़ने में मदद कर सकता है (8)। इसलिए, कहा जा सकता है कि गाजर मोतियाबिंद के जोखिम से बचाव कर सकता है। फिलहाल, इस विषय पर अभी और शोध की आवश्यकता है।

7. बादाम 

सामग्री :
  • 5-6 बादाम 
क्या करें?
  • बादाम को एक कटोरी पानी में डालकर रात भर के लिए रख दें।
  • दूसरे दिन भीगे हुए बादाम के छिलके उतारकर सेवन करें। 
कब करें उपयोग?

आप इसका सेवन रोजाना कर सकते हैं।

कैसे है कारगर?

बादाम विटामिन-ई का अच्छा स्रोत है, जो आंखों की देखभाल के साथ ही मोतियाबिंद को दूर करने में कारगर हो सकता है (9)।

8. पालक से हो मोतियाबिंद का घरेलू उपचार 

सामग्री :
क्या करें?
  • 1 गिलास पालक के जूस का सेवन करें। 
कब करें उपयोग?

आप इसका सेवन रोजाना कर सकते हैं। 

कैसे है कारगर?

पालक में ल्यूटन नामक पदार्थ पाया जाता है, जो आंखों के स्वास्थ्य को बढ़ाता है और मोतियाबिंद से आंखों की रक्षा करने में भी कारगर हो सकता है (8)।

9. मोतियाबिंद के इलाज के लिए अरंडी का तेल 

सामग्री :
  • अरंडी के तेल की 1-2 बूंदें
क्या करें?

रात को अरंडी के तेल की एक बूंद को आंखों में डाल कर सो जाएं। 

कब करें उपयोग?

ऐसा 1 से 6 महीने तक रोजाना करें। 

कैसे है कारगर?

अरंडी के तेल में शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट गुण होता है (10)। यह आपकी आंखों को होने वाले ऑक्सिडेटिव क्षति को ठीक करने में मदद करता है, जिसका सकारात्मक प्रभाव मोतियाबिंद के खतरे को कम करने में मदद कर सकता है (5)।

10. सेब का सिरका 

सामग्री :
  • 1 बड़ा चम्मच सेब का सिरका
  • 1 गिलास गर्म पानी
  • 1 बड़ा चम्मच शहद
क्या करें?
  • एक गिलास गर्म पानी में एक चम्मच शहद और सेब का सिरका मिलाएं।
  • अच्छी तरह से मिल जाने पर इसका सेवन करें।
  • आप पानी के बजाय गाजर के रस का भी उपयोग कर सकते हैं। 
कब करें उपयोग?

इसे रोजाना एक बार सेवन कर सकते हैं।

कैसे है कारगर?

सेब का सिरका एंटीऑक्सीडेंट गुणों से भरपूर होता है, जो आपकी आंखों के स्वास्थ्य के लिए बेहद फायदेमंद माना जाता है। सेब के सिरका का नियमित सेवन क्षतिग्रस्त आंखों के लेंस की मरम्मत में मदद कर सकता है (11)

11. एसेंशियल ऑयल से मोतियाबिंद का इलाज 

सामग्री :
  • हल्दी के तेल की 1-2 बूंदें
क्या करें?
  • हल्दी के तेल की एक या दो बूंदें लें और इसे अपनी हथेलियों पर लेकर रगड़ें।
  • इसे बंद आंखों पर लगाएं और कुछ मिनटों के लिए ऐसे ही छोड़ दें।
  • इसके बाद आंखों को सादे पानी से धो लें। 
कब करें उपयोग?

ऐसा आप रोजाना 1 से 2 बार कर सकते हैं। 

कैसे है कारगर?

हल्दी के तेल में एंटीऑक्सीडेंट और एंटी इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं, जो मोतियाबिंद के इलाज में सहायक हो सकते हैं। यह तेल आंखों को ऑक्सिडेटिव स्ट्रेस से बचाने में मदद करता है। साथ ही आंखों की रोशनी को बेहतर बनाने और मोतियाबिंद के जोखिम को कम करने में मदद कर सकता है (12)।

12. एलोवेरा

सामग्री :
  • 1 बड़ा चम्मच एलोवेरा जेल
क्या करें?
  • ताजे एलोवेरा जेल को कुछ देर के लिए फ्रिज में रख दें
  • जब यह ठंडा हो जाए, तो इसे बंद पलकों पर लगाएं।
  • इसे 15 से 20 मिनट के लिए ऐसा ही छोड़ दें और बाद में पानी से धो लें। 
कब करें उपयोग?

इसे रोजाना उपयोग किया जा सकता है। 

कैसे है कारगर?

एलोवेरा में कई औषधीय गुण होते हैं। इसके इथेनॉल और एथिल एसीटेट (Ethanol and Ethyl Acetate) एक्सट्रेट (अर्क) को आंखों के लिए आई ड्रॉप के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है, जो आंखों में सूजन और आंखों के बाहरी हिस्से जैसे कॉर्निया (Cornea) का इलाज कर सकता है (13)। हालांकि, मोतियाबिंद के लिए यह कितना फायदेमंद होगा, इस पर अभी और शोध की आवश्यकता है।

[ पढ़े: एलोवेरा (घृतकुमारी) के 21 फायदे, उपयोग और नुकसान ]

13. नारियल पानी

सामग्री :
  • नारियल पानी
क्या करें?
कब करें उपयोग

इसका सेवन आपको रोजाना कम से कम एक बार करना चाहिए।

कैसे है कारगर?

माना जाता है कि नारियल पानी मोतियाबिंद के लिए कारगर हो सकता है। इसमें पाए जाने वाले पोषक तत्व आपकी आंखों को तुरंत पोषण प्रदान कर सकते हैं। यह आपकी आंखों के लेंस को पोषण देने के साथ ही तेजी से ठीक करने में मदद कर सकता है। लेंस को पोषण देने से यह न्यूक्लियर मोतियाबिंद को दूर करने में कारगर हो सकता है (14)। 

14. अलसी का तेल 

सामग्री :
  • आधा चम्मच अलसी का तेल
क्या करें?
  • आप अपने पसंदीदा पकवान बनाते समय अलसी के तेल का इस्तेमाल कर सकते हैं। 
कब करें उपयोग?

इसे दैनिक आहार के रूप में उपयोग किया जा सकता है। 

कैसे है कारगर?

अलसी का तेल ओमेगा-3 फैटी एसिड का एक समृद्ध स्रोत है, जो इसे मोतियाबिंद के इलाज के लिए सबसे अच्छे उपचारों में से एक बनाता है। ओमेगा-3 फैटी एसिड एंटीऑक्सीडेंट और एंटीफ्लेमेंटरी गुणों से समृद्ध होता है। यह मोतियाबिंद से हाेने वाले आंखों के विकारों, जैसे मैक्यूलर डी-जनरेशन के खिलाफ अच्छी तरह से काम कर सकता है (15)। मैक्यूलर डी-जनरेशन उम्र के साथ होने वाली आंखों की समस्या है, जिसमें देखने की क्षमता धीरे-धीरे कम होने लगती है।

15. अदरक

सामग्री :
  • आधा चम्मच अदरक का रस
  • आधा चम्मच नींबू का रस
  • 1 चम्मच पानी
  • कॉटन बॉल
 क्या करें?
  • नींबू और अदरक के रस को मिलाएं।
  • फिर इस मिश्रण में एक चम्मच पानी मिलाएं।
  • अब मिश्रण में दो कॉटन बॉल को भिगोकर अपनी बंद आंखों पर रखें।
  • इन्हें 15 से 20 मिनट तक ऐसे ही रहने दें और फिर हटा लें।
कब करें उपयोग?

ऐसा रोजाना 1 से 2 बार करें। 

कैसे है कारगर?

अदरक में एंटीफ्लेमेटरी और एंटीऑक्सीडेंट गुण होते हैं (16), (17)। ये गुण आपकी आंखों में आई सूजन को कम करने और मोतियाबिंद को दूर करने में मदद कर सकते हैं। साथ ही आंखों को ऑक्सिडेटिव क्षति से बचा सकते हैं (7)।

[ पढ़े: अदरक के 24 फायदे, उपयोग और नुकसान ]

16. गिंको बाइलोबा 

सामग्री :
  • 40-120 मिलीग्राम गिंको बाइलोबा
क्या करें?
  • 40 से 120 मिलीग्राम गिंको बाइलोबा की खुराक लें।
कब करें उपयोग?

इसे रोजाना दिन में एक बार लें।

कैसे है कारगर?

गिंको बाइलोबा में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट गुण होते हैं, जो रेडियेशन से होने वाले मोतियाबिंद को कम करने में सकारात्मक प्रभाव दिखा सकते हैं (18)।

17. प्याज का रस

सामग्री
  • 10 ग्राम प्याज का रस
  • 10 ग्राम अदरक का रस
  • 10 ग्राम नींबू का रस
  • 50 ग्राम शहद
 क्या करें?
  • इन सभी सामग्रियों को आपस में मिक्स करके किसी साफ बोतल में डालकर ठंडी जगह पर रख दें। आप इसे एक महीने तक फ्रिज में स्टोर करके भी रख सकते हैं।
  • अब आप इस मिश्रण में दो-दो बूंदें अपनी दोनों आंखों में डाल सकते हैं।
 कब करें उपयोग?

इस घरेलू उपचार का इस्तेमाल रोज किया जा सकता है।

 कैसे है कारगर?

एक अध्ययन के अनुसार, प्याज के रस को नियमित रूप से इस्तेमाल करने से आंखों की कार्यप्रणाली में सुधार हो सकता है। 2009 में इंडियन जर्नल ऑफ ऑप्थेल्मोलॉजी में प्रकाशित एक रिसर्च में भी कहा गया है कि प्याज के रस का इस्तेमाल करने से मोतियाबिंद से बचा जा सकता है (19)।  

18. व्हीटग्रास जूस

सामग्री :
  • 1 गिलास व्हीटग्रास का जूस
क्या करें?
  • रोजाना 1 गिलास व्हीटग्रास जूस का सेवन करें। 
कब करें उपयोग?

कुछ हफ्तों तक इसका सेवन करें। 

कैसे है कारगर?

व्हीटग्रास मोतियाबिंद के इलाज के लिए एक प्रभावी घरेलू उपचार है। यह एंटीऑक्सीडेंट और एंटीइंफ्लेमेटरी गुणों से समृद्ध होता है (20)। ये दोनों गुण आपकी दृष्टि दोष को दूर करने, नजर को बढ़ाने और मोतियाबिंद को रोकने में मदद कर सकते हैं (7)।

19. जैतून का तेल 

सामग्री :
  • जैतून का तेल (आवश्यकतानुसार)
क्या करें?
  • अपने पसंदीदा व्यंजनों और सलाद में जैतून का तेल मिला सकते हैं।
  • आप अपनी आंखों में जैतून के तेल की एक बूंद डाल सकते हैं। 
कब करें उपयोग?

आपको यह नियमित रूप से करना चाहिए। 

कैसे है कारगर?

अगर आप मोतियाबिंद से लड़ना चाहते हैं, तो जैतून का तेल आपके लिए सही विकल्प हो सकता है। जैतून के तेल में ल्यूटिन व जेक्सैन्थिन नामक घटक होता है (21), जो क्षतिग्रस्त आंखों को ठीक करने में मदद करता है और आपकी आंखों को मोतियाबिंद से सुरक्षा प्रदान करता है (22)।

नोट : अगर आपकी आंखों की सर्जरी हुई है, तो इन घरेलू उपचार को अपनाने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें।

मोतियाबिंद से बचने कि लिए घरेलू उपाय के बाद जानते हैं कि किन खाद्य पदार्थों का सेवन करना चाहिए।

मोतियाबिंद के लिए आहार – Diet For Cataracts in Hindi

बढ़ती उम्र के साथ-साथ शरीर में पोषक तत्वों की कमी मोतियाबिंद का कारण बन सकती हैं। नीचे कुछ चुनिंदा खाद्य पदार्थों की सूची दी जा रही है, जिनका सेवन आंखों के स्वास्थ्य के लिए अच्छा माना जाता है (23)

  1. ल्यूटिन व जेक्सैथीन : ब्रोकली, ब्रसेल्स स्प्राउट्स (Brussels sprouts), कोलार्ड साग (collard greens), मकई, केल (Kale), संतरा, पपीता, पालक व अंडे आदि।
  1. ओमेगा-3 फैटी एसिड : अलसी, अलसी का तेल, सैलमन मछली व अखरोट आदि।
  1. विटामिन्स 
  • विटामिन ए : खुबानी, गाजर, आम, लाल मिर्च, रिकोटा पनीर (पार्ट-स्किम), पालक व शकरकंद।
  • विटामिन सी : ब्रोकली, ब्रसेल्स स्प्राउट्स, अंगूर, कीवी, संतरा, लाल मिर्च व स्ट्रॉबेरी।
  • विटामिन ई : बादाम, ब्रोकली, पीनट बटर, पालक, सूरजमुखी के बीज आदि। 
  1. जिंक : काबूली चना, पोर्क, रेड मीट व दही आदि। 

मोतियाबिंद के लिए स्वस्थ आहार जानने के बाद आगे जानिए मोतियाबिंद से बचने के कुछ जरूरी सुझाव।

मोतियाबिंद से बचने के उपाय – Prevention Tips for Cataracts in Hindi

मोतियाबिंद से बचने के लिए आप निम्नलिखित बातों का जरूर ध्यान रखें (2):

  • नियमित रूप से आंखों की जांच करवाएं।
  • धूम्रपान न करें।
  • मधुमेह जैसी चिकित्सा स्थिति मोतियाबिंद का जोखिम बढ़ा सकती हैं। इसलिए, इसका उपचार ठीक से करवाएं।
  • स्वस्थ आहार का चुनाव करें।
  • सनग्लास का इस्तेमाल करें।
  • अल्कोहल का सेवन न करें।

मोतियाबिंद से बचने के लिए डॉक्टर की सलाह भी जरूरी है, जानते हैं कि डॉक्टर की सलाह कब लेनी चाहिए।

डॉक्टर की सलाह कब लेनी चाहिए? 

धुंधला दिखाई देना, रात के समय देखने में परेशानी होना, डबल विजन की समस्या जैसे मोतियाबिंद के लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें (2)।

इस आर्टिकल के माध्यम से आपको पता चल गया होगा कि मोतियाबिंद दुनिया में अंधेपन का एक प्रमुख कारण है। इससे बचने का एक ही उपाय है, इसके बारे में सही जानकारी और जागरूकता, जिसे इस लेख के माध्यम से आपके साथ साझा किया गया है। इस लेख को पढ़ने के बाद अब आप जान गए होंगे कि मोतियाबिंद किस प्रकार फैलता है और इसके क्या-क्या कारण हो सकते हैं। साथ में आप यह भी जान गए होंगे कि घर में ही मोतियाबिंद का इलाज और इससे बचाव किस प्रकार किया जाए। आशा है कि यह लेख आपके लिए मददगार साबित होगा। अन्य जानकारी के लिए या किसी सुझाव के लिए आप नीचे कमेंट बॉक्स की मदद ले सकते हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

मोतियाबिंद होने कि औसत आयु क्या है?

40-60 वर्ष और उससे अधिक आयु के व्यक्ति आमतौर पर मोतियाबिंद से प्रभावित होते हैं। उम्र का बढ़ना इसके जोखिम कारक में से एक है (2)।

अगर मोतियाबिंद का इलाज न किया जाए तो क्या होगा?

अगर इलाज न किया जाए तो मोतियाबिंद के कारण व्यक्ति अंधा हो सकता है (2)।

क्या सर्जरी के बिना मोतियाबिंद ठीक हो सकता हैं?

मोतियाबिंद को ठीक करने के लिए पहले इससे संबंधित कुछ रोगों जैसे मधुमेह आदि का इलाज करना जरूरी है। इससे मोतियाबिंद ठीक हो सकता है। साथ ही मोतियाबिंद की दवाइयां दी जाती हैं (2)। इसके अलावा, ऊपर बताए गए मोतियाबिंद का घरेलू उपचार भी इस्तेमाल कर सकते हैं।

मोतियाबिंद को ठीक होने में कितना समय लगता है?

ज्यादातर मामलों में उपचार के बाद मोतियाबिंद आठ सप्ताह में ठीक हो जाता है। वहीं, सर्जरी के बाद कुछ महीनों के भीतर ही मोतियाबिंद ठीक हो सकता है (2)।

और पढ़े:

Was this article helpful?
The following two tabs change content below.

Saral Jain

सरल जैन ने श्री रामानन्दाचार्य संस्कृत विश्वविद्यालय, राजस्थान से संस्कृत और जैन दर्शन में बीए और डॉ. सी. वी. रमन विश्वविद्यालय, छत्तीसगढ़ से पत्रकारिता में बीए किया है। सरल को इलेक्ट्रानिक मीडिया का लगभग 8 वर्षों का एवं प्रिंट मीडिया का एक साल का अनुभव है। इन्होंने 3 साल तक टीवी चैनल के कई कार्यक्रमों में एंकर की भूमिका भी निभाई है। इन्हें फोटोग्राफी, वीडियोग्राफी, एडवंचर व वाइल्ड लाइफ शूट, कैंपिंग व घूमना पसंद है। सरल जैन संस्कृत, हिंदी, अंग्रेजी, गुजराती, मराठी व कन्नड़ भाषाओं के जानकार हैं।

ताज़े आलेख

scorecardresearch