मोशन सिकनेस के कारण, लक्षण और घरेलू इलाज – Home remedies for Motion Sickness in hindi

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सफर करते समय लोगों को उल्टी और बेचैनी जैसी समस्या का सामना करना पड़ता है। इस समस्या को मोशन सिकनेस कहा जाता है। इसमें उल्टी और बेचैनी के साथ ही चक्कर आना, पसीना आना और असहजता महसूस होती है। मोशन सिकनेस का सामना कार, ट्रेन, हवाई जहाज और विशेष रूप से नावों से यात्रा करने वालों को कभी-न-कभी करना ही पड़ता (1)। ऐसे में इससे जुड़ी जानकारी का होना जरूरी है। इससे सफर के दौरान होने वाली परेशानी को कुछ कम करने में मदद मिल सकती है। इसी उद्देश्य के साथ स्टाइलक्रेज के इस लेख में हम मोशन सिकनेस के कारण, लक्षण और प्रकार के बारे में विस्तार से बता रहे हैं।

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लेख की शुरुआत करते हैं मोशन सिकनेस के प्रकार के साथ।

मोशन सिकनेस कितने प्रकार का होता है – Types of Motion Sickness in Hindi

मोशन सिकनेस के यूं तो कोई प्रकार नहीं होते हैं। यह अपने आप में ही मोशन इलनेस का एक प्रकार है। फिर भी इसे मोशन के प्रकार के आधार पर विभाजित किया जा सकता है, जो कुछ इस तरह है (2)।

  • एयर सिकनेस : तेज हवा और हवाई यात्रा के दौरान महसूस होने वाली सिकनेस।
  • कार सिकनेस : कार में बैठने के दौरान होने वाली सिकनेस को मोशन सिकनेस का एक प्रकार माना जा सकता है।
  • सी सिकनेस : समुद्री यात्रा के दौरान होने वाली सिकनेस को सी सिकनेस कहते हैं। इस दौरान व्यक्ति सफर की गति को महसूस तो कर पाता है, लेकिन देख नहीं सकता, जिस कारण ऐसा होता है।
  • मूवी सिकनेस – यह मोशन सिकनेस का एक ऐसा प्रकार है, जिसमें मोशन दिखाई देता है, लेकिन महसूस नहीं होता है। ऐसा अधिकतर संवेदनशील लोगों को थिएटर में फिल्म देखते हुए होता है।

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मोशन सिकनेस के प्रकार के बाद हम बता रहे हैं कि मोशन सिकनेस के कारण क्या हो सकते हैं।

मोशन सिकनेस होने का कारण और जोखिम – Causes of Motion Sickness in Hindi

मोशन सिकनेस को ट्रैवल सिकनेस भी कहते हैं। ऐसे में इसका एक प्रमुख कारण ट्रैवल को माना जा सकता है (3)। दरअसल, इस दौरान बॉडी का सिग्नल मिसमैच होता है, जिसके कारण मोशन सिकनेस होता है। साथ ही मोशन सिकनेस को आंशिक रूप से अनुवांशिक भी माना जाता है (4)। मोशन सिकनेस का अधिक जोखिम किन्हें होता है, यह आगे जानिए (5)।

  • पुरुषों की तुलना में महिलाएं को मोशन सिकनेस होने का जोखिम अधिक होता है।
  • मोशन सिकनेस 6 साल की उम्र के आसपास शुरू होती है और 9 साल की उम्र में चरम पर होता है।
  • वर्टिगो (चक्कर आना) मोशन सिकनेस का एक जोखिम है।
  • वेस्टिबुलर (कान और मस्तिष्क का अंदरूनी हिस्सा, जो आंखों की गति और संतुलन को नियंत्रित करने में मदद करते हैं) संबंधी समस्या होने पर।
  • अंदरूनी कान को प्रभावित करने वाली बीमारी (मेनियर)।
  • माइग्रेन भी मोशन सिकनेस का जोखिम बढ़ा सकता है।
  • प्रेगनेंसी के दौरान होने वाले हार्मोनल बदलाव।
  • पीरियड्स को भी मोशन सिकनेस का जोखिम माना जाता है।

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अब हम मोशन सिकनेस के लक्षण बता रहे हैं।

मोशन सिकनेस के लक्षण – Symptoms of Motion Sickness in Hindi

मोशन सिकनेस होने पर कई तरह के लक्षण नजर आते हैं। इनसे पता चलता है कि मोशन सिकनेस है या नहीं। ये लक्षण कुछ इस प्रकार हैं (3) (4) (2) ।

  • अस्वस्थता व बेचैनी (Malaise)
  • खाने में रुचि न होना (एनोरेक्सिया)
  • मतली
  • जम्हाई आना
  • आहें भरना
  • लार का बढ़ना
  • डकार आना
  • सिरदर्द होना
  • धुंधली दृष्टि
  • शरीर को स्थिर न कर पाना (Spatial disorientation)
  • नींद आना (Drowsiness)
  • ध्यान केंद्रित करने में कठिनाई
  • कभी-कभी उल्टी होना
  • ठंडा पसीना आना
  • गंभीर मामलों में चलने में असमर्थता
  • लगातार उल्टी होने जैसा होना (Intractable retching)

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लेख में आगे बढ़ते हुए जानिए मोशन सिकनेस कम करने के घरेलू उपाय।

मोशन सिकनेस कम करने के लिए घरेलू उपाय – Home Remedies To Cure Motion Sickness in Hindi

मोशन सिकनेस की समस्या को कुछ घरेलू उपायों को अपनाकर कम किया जा सकता है, जिनके बारे में हम नीचे बता रहे हैं:

1. कच्चा अदरक

सामग्री:

  • एक इंच अदरक

उपयोग की विधि:

  • सबसे पहले अदरक को छोटे टुकड़ों में काट लें।
  • फिर इसे चबा सकते हैं।
  • मोशन सिकनेस से बचने के लिए इसे यात्रा के दौरान भी चबा सकते हैं।

कैसे है लाभकारी:

मोशन सिकनेस से राहत पाने के लिए अदरक का इस्तेमाल कर सकते हैं। एनसीबीआई (नेशनल सेंटर फॉर बायोटेक्नोलॉजी इंफॉर्मेशन) की वेबसाइट पर पब्लिश एक वैज्ञानिक रिसर्च के मुताबिक, अदरक मोशन सिकनेस से बचाने के लिए दवाई का काम कर सकता है। दरअसल, अदरक का सेवन करने से गैस्ट्रिक डिसरिथमिया यानी पेट में होने वाले अजीब से एहसास और प्लाज्मा वैसोप्रेसिन (हार्मोन) की वृद्धि को रोकते हुए मोशन सिकनेस को कम कर सकता है (6)।

2. एसेंशियल ऑयल्स

(क) पेपरमिंट ऑयल

सामग्री:

  • दो से तीन बूंद पेपरमिंट ऑयल

उपयोग की विधि:

  • सबसे पहले एक साफ रूई या रुमाल में पेपरमिंट तेल की बूंदें डालें।
  • फिर मोशन सिकनेस महसूस होने पर इसे सूंघ लें।
  • जब भी जी मिचलाने लगे जरूरत के हिसाब से इसका इस्तेमाल कर सकते हैं।

कैसे है लाभकारी:

पुदीना का तेल यानी पेपरमिंट ऑयल का उपयोग करके मोशन सिकनेस को कम किया जा सकता है। इस संबंध में प्रकाशित एक वैज्ञानिक शोध की मानें, तो पेपरमिंट में एंटी एमेटिक प्रभाव होता है, जो उल्टी और मतली के एहसास को कम कर सकता है। इस आधार पर माना जा सकता है कि पुदीना का तेल मोशन सिकनेस में राहत दिला सकता है (7)।

(ख) अदरक का तेल

सामग्री:

  • 2-3 बूंद अदरक का तेल

उपयोग की विधि:

  • एक साफ रुमाल पर अदरक के तेल की कुछ बूंदें डालें।
  • इसे मोशन सिकनेस लगने पर सूंघे।

कैसे है लाभकारी:

मोशन सिकनेस के उपचार में अदरक के तेल का नाम भी शामिल है। एक वैज्ञानिक अध्ययन में दिया है कि अदरक के तेल से मोशन सिकनेस का इलाज हो सकता है। दरअसल, अदरक के रस में एंटी मोशन सिकनेस प्रभाव होता है। इससे मोशन सिकनेस और उल्टी की स्थिति से कुछ हद तक राहत मिल सकती है (8)। इस आधार पर कहा जा सकता है कि अदरक के तेल में भी यह प्रभाव हो सकता है।

3. नींबू

सामग्री :

  • एक नींबू

उपयोग की विधि:

  • यात्रा के दौरान हमेशा एक नींबू साथ रखें।
  • इसे बीच-बीच में सूंघते रहें या फिर आधा काट कर चीभ में लगा सकते हैं।

कैसे है लाभकारी:

मोशन सिकनेस के लक्षण को कम करने के लिए नींबू का उपयोग किया जा सकता है। रिसर्च में बताया गया है कि यात्रा के दौरान मोशन सिकनेस महसूस होने पर नींबू का रस या टुकड़ा फायदेमंद साबित हो सकता है (9)। नींबू के सेवन से मोशन सिकनेस के लक्षण उल्टी और मतली कम हो सकते हैं (10)। यही नहीं, नींबू को सूंघने से भी मतली और उलटी से राहत मिल सकती है (11)।

4. पिकल जूस (अचार का रस)

सामग्री:

  • एक से दो चम्मच अचार का रस

उपयोग की विधि:

  • जब भी मोशन सिकनेस महसूस होने लगे तब इसके रस को थोड़ा सा पी सकते हैं।
  • इसे जरूरत महसूस होने पर ही इस्तेमाल करें।

कैसे है लाभकारी:

अचार का रस मोशन सिकनेस की स्थिति से राहत दिला सकता है। दरअसल, मोशन सिकनेस की वजह से जी मिचलना, उल्टी, पसीना आने जैसे कई लक्षण नजर आते हैं (5)। इनकी वजह से शरीर में इलेक्ट्रोलाइट का बैलेंस बिगड़ सकता है (12)। इससे स्थिति और गंभीर बनती जाती है। ऐसे में अचार का सेवन करके शरीर के इलेक्ट्रोलाइट लेवल को नियंत्रित किया जा सकता है (13)। इसी वजह से आचार के रस को भी मोशन सिकनेस के लिए अच्छा माना गया है।

5. विटामिन

सामग्री:

  • विटामिन बी6 या बी12

उपयोग की विधि:

  • डॉक्टर की सलाह पर मोशन सिकनेस होने पर विटामिन का सप्लीमेंट ले सकते हैं।

कैसे है लाभकारी:

मोशन सिकनेस से राहत पाने के लिए विटामिन बी 6 और बी 12 का सेवन किया जा सकता है। दरअसल, विटामिन बी 12 की कमी होने से मोशन सिकनेस होने का जोखिम बढ़ जाता है। ऐसे में इसे मोशन सिकनेस के इलाज के लिए प्रभावी माना गया है (14)। साथ ही विटामिन बी 6 को मॉर्निंग सिकनेस (मोशन सिकनेस का लक्षण) के इलाज के लिए इस्तेमाल में लाया जा सकता है। इसे मॉर्निंग सिकनेस यानी उलटी और मतली के इलाज के रूप में उपयोग में लाने की मंजूरी यूनाइटेड स्टेट फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (एफडीए) ने भी दी है (15)।

6. कैमोमाइल टी

सामग्री:

  • एक चम्मच कैमोमाइल टी
  • एक कप पानी

उपयोग की विधि:

  • एक कप पानी में कैमोमाइल डालकर उबाल लें।
  • इसके बाद इसे एक कप में छानकर निकाल लें ।
  • अब गरमा गर्म इसकी चुस्कियों का आनंद ले सकते हैं।
  • चाहें तो इसमें स्वाद के लिए शहद भी मिला सकते हैं।

कैसे है लाभकारी:

कैमोमाइल टी के इस्तेमाल से मोशन सिकनेस के उपचार में मदद मिल सकती है। एनसीबीआई की वेबसाइट पर प्रकाशित एक मेडिकल रिसर्च की मानें, तो कैमोमाइल एक अच्छे डाइजेस्टिव रिलैक्सेंट के रूप में कार्य करता है। इससे पेट में होने वाले अजीब से एहसास और मोशन सिकनेस की समस्या को दूर करने में सहायता मिल सकती है (16)।

7. मुलेठी की जड़

सामग्री:

  • एक चम्मच लिकोरिस रूट (मुलेठी की जड़)
  • एक कप पानी

उपयोग की विधि:

  • एक चाय बनाने वाले बर्तन में पानी को उबाल लें।
  • अब उबलते पानी में एक चम्मच मुलेठी के जड़ मिलाएं।
  • करीब 5 मिनट तक उबालने दें और फिर इसे छान लें।
  • अब इसके स्वाद का मजा ले सकते हैं।

कैसे है लाभकारी:

मोशन सिकनेस के उपचार के रूप में मुलेठी की जड़ का भी इस्तेमाल किया जा सकता है। इससे जुड़ी मेडिकल रिसर्च के मुताबिक, मुलेठी की जड़ पेट की समस्या के साथ ही मतली और उल्टी को कम कर सकती है (17)। हम ऊपर बता ही चुके हैं कि मोशन सिकनेस के लक्षणों में मतली और उल्टी भी शामिल हैं (3)। ऐसे में मुलेठी को मोशन सिकनेस के लिए भी अच्छा माना जा सकता है।

8. हाइड्रेटेड रहें

सामग्री:

  • पानी और फल का जूस

उपयोग की विधि:

कैसे है लाभकारी:

शरीर को हाइड्रेट बनाए रखने से भी मोशन सिकनेस से बचा जा सकता है। इसके लिए अधिक से अधिक पानी का सेवन करें। साथ ही यात्रा के दौरान कम मात्रा में ही खाद्य पदार्थ का सेवन करें। यही नहीं, नशीले आहार का सेवन भी यात्रा के दौरान करने से बचें। इससे मोशन सिकनेस का जोखिम कम होता है (18)।

9. ब्लैक होरहाउंड

सामग्री:

  • एक चम्मच ब्लैक होरहाउंड
  • एक कप पानी

उपयोग की विधि:

  • सबसे पहले पानी में ब्लैक होरहाउंड को अच्छी तरह मिलाएं।
  • अब इसे चाय बनाने वाले बर्तन में डालकर उबाल लें।
  • अच्छी तरह उबलने के बाद इसे छानकर कप में निकाल लें।
  • अब इसके स्वाद का आनंद ले सकते हैं।

कैसे है लाभकारी:

ब्लैक होरहाउंड का उपयोग कर मोशन सिकनेस के लक्षण को कम किया जा सकता है। एनसीबीआई की वेबसाइट पर पब्लिश शोध की मानें, तो ब्लैक होरहाउंड में एंटी एमेटिक्स और सेडेटिव प्रभाव होते हैं। एंटी एमेटिक को मतली और उल्टी से राहत दिलाने के लिए जाना जाता है और सेडेटिव गुण व्यक्ति को शांत एहसास करा सकता है (19)। इस आधार पर ब्लैक होरहाउंड को मोशन सिकनेस के लिए अच्छा माना जा सकता है।

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चलिए, अब जानते है मोशन सिकनेस से बचने के तरीके।

मोशन सिकनेस से बचने के उपाय – Prevention Tips for Motion Sickness in Hindi

मोशन सिकनेस से बचने के तरीके जानना जरूरी है, ताकि शरीर को अस्वस्थ होने से रोका जा सका। इसके लिए नीचे बताए जा रहे मोशन सिकनेस से बचने के तरीके को अपनाया जा सकता है (4) (20)।

  • लंबी यात्रा करते समय शरीर की पोजीशन को बदलते रहें
  • चलती गाड़ियों में पढ़ने से बचें
  • फ्रंट सीट पर बैठें
  • सामने की ओर ध्यान केंद्रित करें
  • अपनी सांसों पर नियंत्रण रखें
  • निकोटीन के उपयोग से बचें, जैसे धूम्रपान करना
  • पसंदीदा संगीत सुनें
  • तबीयत खराब रहने पर यात्रा करने से बचें
  • यात्रा के दौरान पीछे की सीट पर न बैठें
  • आगे की सीट पर बैठकर खिड़की से बाहर की ओर देखें
  • मोशन सिकनेस बड़े वाहन में कम होता है, इसलिए छोटी नाव के बजाय बड़े जहाज पर यात्रा करें
  • आंखें बंद करना भी मोशन सिकनेस को दूर करने का अच्छा तरीका हो सकता है
  • यात्रा से 24 घंटे पहले और यात्रा के दौरान अल्कोहल का सेवन न करें
  • कोशिश करें कि छोटी यात्राओं के दौरान कुछ भी न खाएं-पिएं
  • लंबी यात्रा के दौरान कम-से-कम खाएं-पिएं।

मोशन सिकनेस कोई गंभीर या लंबे समय तक चलने वाली बीमारी नहीं है, लेकिन सफर के दौरान यह समस्या का एक कारण बन सकती है। इसे दूर करने के लिए लेख के माध्यम से मोशन सिकनेस को जाना जा सकता है। यहां हमने मोशन सिकनेस के लक्षण भी बताए हैं, जिसे पहचान कर मोशन सिकनेस का इलाज और मोशन सिकनेस से बचने के तरीके को अपनाया जा सकता है। समय पर किया गया उपचार समस्या को कुछ हद तक कम कर सकता है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

मोशन सिकनेस के लिए मुझे डॉक्टर के पास कब जाना चाहिए?

यात्रा समाप्त होने के कुछ मिनट या घंटे बाद आमतौर पर मोशन सिकनेस दूर हो जाता है। अगर आपको काफी देर तक चक्कर आने, सिरदर्द और उल्टी हो रही है व सुनने की क्षमता कम लग रही है, तो डॉक्टर को जरूर दिखाएं।

मोशन सिकनेस के लिए सबसे अच्छी दवा कौन सी है?

मोशन सिकनेस के लिए ओवर द काउंटर दवा ली जा सकती है। इसके अलावा, पेपरमिंट ऑयल, नींबू जैसे घरेलू नुस्खों का भी इस्तेमाल कर सकते हैं। ये दवा की तरह ही प्रभावी हैं।

मोशन सिकनेस के लिए प्रेशर प्वाइंट कहां होता है?

मोशन सिकनेस के लिए प्रेशर प्वाइंट कलाई के नीचे तीन अंगुल की चौड़ाई में दो टेंडन के बीच में होता है, जिसे नी गुआन पी6 (Nei guan P6 या PC6) कहा जाता है। आमतौर पर यह मतली, पेट खराब, मोशन सिकनेस और सिरदर्द से राहत दिलाने में मदद करता है।

मोशन सिकनेस कितने समय तक चल सकता है?

यह आमतौर पर एक या दो घंटे तक रहता है, लेकिन कुछ लोगों में यह कई दिनों तक चल सकता है। खासकर, लंबी समुद्री यात्रा के बाद।

क्या मोशन सिकनेस की गोलियां सुरक्षित हैं?

हां, डॉक्टर की सलाह से ली जाने वाली मोशन सिकनेस की गोलियां सुरक्षित हो सकती हैं।

क्या मैं रोज मोशन सिकनेस की गोलियां ले सकता हूं?

हां, वयस्क और 12 वर्ष से अधिक उम्र के बच्चे आमतौर पर मोशन सिकनेस को रोकने या उसका इलाज करने के लिए आवश्यकतानुसार हर 4 से 6 घंटे में दवा ले सकते हैं (21)।

Sources

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