मुगदर व्यायाम के लाभ और करने का तरीका – Mugdar Exercise in Hindi

Written by , (शिक्षा- एमए इन मास कम्युनिकेशन)

पुरानी कहावत है कि स्वस्थ तन में ही स्वस्थ मन रहता है। इसलिए कसरत यानी एक्सरसाइज को बेहतर स्वास्थ्य के लिए काफी उपयोगी माना जाता है। मगर, आजकल की व्यस्त जिंदगी में लोगों के पास इतना समय नहीं होता कि वह एक्सरसाइज के लिए जिम जाने का वक्त निकाल सकें। ऐसे में प्राचीन भारतीय मुगदर व्यायाम काफी बेहतर विकल्प साबित हो सकता है। वजह यह है कि इसे आसानी से घर पर किया जा सकता है। वहीं कुश्ती और देसी पहलवानी से जुड़े लोगों की पहली पसंद में मुगदर व्यायाम आज भी शामिल है। यही वजह है कि स्टाइलक्रेज के इस लेख में हम मुगदर व्यायाम के लाभ बताने जा रहे हैं। ताकि मुगदर एक्सरसाइज के फायदे बेहतर तरीके से समझे जा सकें।

शुरू करते हैं लेख

तो आइए मुगदर व्यायाम के लाभ से पहले हम मुगदर व्यायाम क्या है, यह जान लेते हैं।

मुगदर व्यायाम क्‍या है – What is Mugdar Exercise in Hindi

मुगदर व्यायाम के लाभ जानने से पहले जरूरी है, यह जान लेना कि मुगदर व्यायाम है क्या? तो बता दें कि यह एक लकड़ी के उपकरण मुगदर (लकड़ीनुमा गदा) के माध्यम से किया जाने वाला व्यायाम है। इसमें मुगदर को उठाकर सिर के ऊपर घुमाया जाता है। मुगदर को घुमाने की प्रक्रिया में एक चक्कर घड़ी की सुई की दिशा में लिया जाता है, तो दूसरा चक्कर घड़ी की विपरीत दिशा में लगाया जाता है। इससे कमर के ऊपरी हिस्से को मजबूत बनाने में काफी मदद मिल सकती है (1)। हालांकि, मुगदर एक्सरसाइज के फायदे इसके अलावा भी कई हैं, जिनके बारे में हम लेख आगे विस्तार से बताएंगे।

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लेख के अगले भाग में हम मुगदर व्यायाम के लाभ जानेंगे।

मुगदर व्यायाम करने के फायदे – Benefit of Mugdar Exercise in Hindi

यहां हम क्रमवार मुगदर व्यायाम के लाभ बताने जा रहे हैं। ताकि मुगदर एक्सरसाइज के फायदे क्या-क्या हैं, इस बात को आसानी से समझा जा सके। यह फायदे कुछ इस प्रकार हैं :

1. कंधों को बनाए मजबूत

मुगदर व्यायाम के लाभ की बात की जाए तो सबसे बड़ा फायदा यह है कि इसे करने से कंधे मजबूत और सुडौल बनते हैं। इसलिए कंधों को मजबूत बनाने वाले व्यायाम में मुगदर व्यायाम को शामिल किया जा सकता है। दरअसल, जब मुगदर को सिर के चारो ओर गोल-गोल घुमाया जाता है, तो इसका सबसे ज्यादा जोर कंधों पर आता है। इससे कंधे को मजबूत बनाने में मदद मिल सकती है। इस बात को एनसीबीआई (National Center for Biotechnology Information) की वेबसाइट पर प्रकाशित एक शोध में सीधे तौर पर माना गया है (2)।

इसके अलावा दो अलग-अलग शोध से भी इस बात का इशारा मिलता है। पहले शोध में माना गया है कि अधिक वजन के साथ एक्सरसाइज करने से मांसपेशियों को मजबूती हासिल होती है (3)। वहीं दूसरे शोध में जिक्र मिलता है कि जो एक्सरसाइज कंधे के जोड़ों पर सीधा प्रभाव डालती हैं, वह कंधों को मजबूत बनाने में मदद कर सकती हैं (4)। इस आधार पर कंधों को मजबूत बनाने में मुगदर एक्सरसाइज के फायदे सहायक माने जा सकते हैं।

2. हाथों की ताकत को बढ़ाए

मुगदर एक्सरसाइज के फायदे में हाथों को मजबूती प्रदान करना भी शामिल है। इस बात की पुष्टि दो अलग-अलग शोध से होती है। पहले शोध में यह माना गया है कि मुगदर को पकड़ कर नीचे से ऊपर की तरफ उठाने, साइड से ऊपर की तरफ उठाने और सर के चारो तरफ घुमाने पर हाथों से ताकत लगानी पड़ती है (2)। वहीं एक अन्य शोध में माना गया है कि क्रिकेट खेलने वाले खिलाड़ियों में सामान्य के मुकाबले किसी भी चीज को पकड़ने की ताकत अधिक होती है। वजह यह है कि इस खेल में खिलाड़ी गेंद को मारने के लिए बैट का इस्तेमाल करते हैं और इसके लिए बार-बार वह अपने शरीर का जोर लगाकर हाथों से बैट को घुमाते हैं। इससे खिलाड़ियों के हाथ मजबूत और ताकतवर बन जाते हैं (5)। ठीक ऐसे ही मुगदर व्यायाम को करने के लिए मुगदर को बार-बार उठाना और सिर के चारो ओर घुमाना भी हाथों को मजबूती प्रदान करने में मदद कर सकता है।

3. हृदय स्वास्थ्य को रखे दुरुस्त

मुगदर एक्सरसाइज के फायदे हृदय स्वास्थ्य को बनाए रखने में भी उपयोगी साबित हो सकते हैं। दरअसल, एनसीबीआई पर प्रकाशित एक शोध में माना गया है कि वजन उठाने वाली एक्सरसाइज हृदय को स्वस्थ रखने में मदद कर सकती है। साथ ही धमनी संबंधित हृदय जोखिमों को दूर करने में भी सहायक साबित हो सकती है (6)। वहीं मुगदर व्यायाम भी एक तरह की वेटलिफ्टिंग एक्सरसाइज है (2)। इस आधार पर यह माना जा सकता है कि मुगदर व्यायाम करने से हृदय को स्वस्थ बनाए रखने में मददगार साबित हो सकता है।

4. मुगदर व्यायाम से शरीर के ऊपरी भाग का विकास

शरीर के ऊपरी हिस्से को मजबूत बनाने के लिए भी मुगदर व्यायाम का अभ्यास किया जा सकता है। यह बात अखाड़ा पहलवानों द्वारा अपनाई जाने वाली एक्सरसाइज पर किए गए एक शोध में माना गया है। शोध में माना गया है कि मुगदर व्यायाम शरीर के ऊपरी हिस्से की मांसपेशियों को मजबूती प्रदान करने का काम कर सकता है। साथ ही यह मुख्य रूप से पसलियों को मजबूत कर सीने की मांसपेशियों को शक्ति प्रदान करता है। इसके आलावा फेफड़े की कार्यक्षमता को भी बढ़ावा देने में यह व्यायाम सहायक है (1)। इस आधार पर यह माना जा सकता है कि मुगदर एक्सरसाइज के फायदे शरीर के ऊपरी हिस्से को अंदर और बहार से मजबूत कर उसके विकास में भी मददगार हो सकते हैं।

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मुगदर व्यायाम के लाभ के बाद अब हम इसे करने का तरीका जानेंगे।

मुगदर व्यायाम करने का तरीका – How to do Mugdar Exercise in Hindi

यहां हम मुगदर व्यायाम करने का आसान तरीका बता रहे हैं, जो कुछ इस प्रकार है :

  • सबसे पहले दो सामान्य भार वाले मुगदरों का चुनाव करें और उन्हें हाथों में पकड़ कर सीधे खड़े हो जाएं।
  • फिर अपने दाएं हाथ के मुगदर को उठाते हुए सिर के ऊपर तक ले जाएं और सिर के ऊपर से गोल घुमाते हुए नीचे की ओर लाएं।
  • फिर यही प्रक्रिया बाएं हाथ के मुगदर के साथ दोहराएं।
  • इस प्रकार मुगदर व्यायाम का एक चरण पूरा होता है।
  • शुरुआती अभ्यास में इस प्रक्रिया को करीब 10 से 15 बार दोहराएं।
  • साथ ही यह भी सुनिश्चित करें कि शुरुआती अभ्यास के लिए चुने गए मुगदर अधिक वजन के न हों।
  • धीरे-धीरे अभ्यास हो जाने पर मुगदरों के वजन को बढ़ाया जा सकता है।

और भी है बहुत कुछ

यहां अब हम मुगदर व्यायाम करते समय बरती जाने वाली सावधानियों के बारे में बताएंगे।

मुगदर व्यायाम की सावधानियां – Mugdar Exercise Precautions In Hindi

मुगदर व्यायाम करते समय कुछ सावधानियों का ध्यान रखना जरूरी है। यह सावधानियां कुछ इस प्रकार हैं :

  • मुगदर व्यायाम का शुरुआती अभ्यास किसी ट्रेनर की उपस्थिति में ही करना चाहिए।
  • मुगदर व्यायाम की शुरुआत करते समय हमेशा कम वजन वाले मुगदरों का इस्तेमाल करना चाहिए।

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सावधानियों के बाद अब हम मुगदर व्यायाम के कुछ नुकसान जानेंगे।

मुगदर व्यायाम करने के नुकसान – Mugdar Exercise Side Effects In Hindi

मुगदर व्यायाम के लाभ और इससे जुड़ी सावधानियों के बाद यहां हम मुगदर व्यायाम के नुकसान बताने जा रहे हैं। मुगदर व्यायाम से होने वाले यह नुकसान कुछ इस प्रकार हैं :

  • बिना अभ्यास अधिक वजन वाले मुगदरों को उठाने से मांसपेशियों में खिंचाव पैदा हो सकता है।
  • शुरुआती समय में जरूरत से अधिक मुगदरों को उठाने के कारण सिर में चोट भी लग सकती है।
  • गर्दन, कंधे, कलाई या पीठ में दर्द की स्थिति में मुगदर व्यायाम को करने से बचना चाहिए, नहीं तो समस्या अधिक बढ़ सकते है।

लेख को पढ़ने के बाद मुगदर एक्सरसाइज के फायदे तो अच्छे से समझ आ ही गए होंगे। वहीं इस बात का भी कोई शक नहीं रह जाता कि यह व्यायाम हमारे शरीर का हर तरह से विकास कर सकता है। साथ ही हमें मजबूत और ताकतवर बनाने में भी मदद कर सकता है। मगर, मुगदर व्यायाम के लाभ हमें तभी सबसे ज्यादा और पूरी तरह से मिलेंगे, जब इसे सही ढंग से किया जाए। तो लेख में दिए मुगदर व्यायाम के फायदों के साथ ही इससे जुड़ी सावधानियों और होने वाले नुकसान पर भी जरूर गौर करें। उसके बाद ही इसे अभ्यास में लाएं। उम्मीद है, बेहतर सेहत और स्वास्थ्य को बनाए रखने में यह लेख काफी मददगार साबित होगा। ऐसे ही अन्य विषयों के बारे में जानने के लिए पढ़ते रहें स्टाइलक्रेज।

Sources

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  1. STUDY OF PULMONARY FUNCTION TESTS IN INDIVIDUALS EN GAGED IN TRADITIONAL INDIAN EXERCISES IN AKHADA
    https://www.researchgate.net/publication/307751024_STUDY_OF_PULMONARY_FUNCTION_TESTS_IN_INDIVIDUALS_EN_GAGED_IN_TRADITIONAL_INDIAN_EXERCISES_IN_AKHADA
  2. KINEMATIC AND KINETIC VARIABLES DIFFER BETWEEN KETTLEBELL SWING STYLES
    https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC5455182/
  3. Muscle strengthening through high-resistance weight training in patients with neuromuscular disorders

    https://pubmed.ncbi.nlm.nih.gov/3337636/

  4. Shoulder strengthening exercises adapted to specific shoulder pathologies can be selected using new simulation techniques: a pilot study
    https://pubmed.ncbi.nlm.nih.gov/28913728/
  5. AN ASSOCIATION OF HAND GRIP STRENGTH WITH SOME ANTHROPOMETRIC VARIABLES IN INDIAN CRICKET PLAYERS
    http://facta.junis.ni.ac.rs/pe/pe200902/pe200902-01.pdf
  6. Weightlifting training in cardiac patients. Considerations
    https://pubmed.ncbi.nlm.nih.gov/2291031/
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अनुज जोशी ने दिल्ली विश्वविद्यालय से बीकॉम और कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में एमए किया है। अनुज को प्रिंट... more

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