घरेलू उपचार

मुंह में छाले होने के कारण, लक्षण और उपचार – How To Get Rid Of Cold Sores in Hindi

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मुंह के छाले होना सामान्य बात है। इसे बीमारी तो नहीं कह सकते, लेकिन यह बीमार होने के लक्षण जरूर हैं। यह कभी भी और किसी को भी हो सकते हैं। अक्सर ऐसा बुखार होने के बाद या अंदरूनी बुखार होने पर गर्मी की वजह से होते हैं। ये होंठ या गाल में होते हैं और कष्टदायी होते हैं। वैसे तो ये कुछ दिनों में ठीक हो जाते हैं, लेकिन जब तक रहते हैं, व्यक्ति का खाना-पीना मुश्किल हो जाता है। इसलिए, अगर आप अपने मुंह के छाले की समस्या को जल्द ठीक करना चाहते हैं, तो इस लेख को जरूर पढ़ें। यहां हम न सिर्फ आपको मुंह में छाले होने के कारण बता रहे हैं, बल्कि मुंह के छालों के उपचार भी आपके साथ शेयर कर रहे हैं।

विषय सूची


सबसे पहले जान लेते हैं कि मुंह के छाले क्या होते हैं।

मुंह के छाले क्या होते हैं?

मुंह के छाले को कोल्‍ड सोर भी कहा जाता है। ये छोटे और तरल पदार्थ से भरे हुए होते हैं, जो आमतौर पर होंठों पर व उसके आस-पास या मुंह के अंदर गाल में होते हैं। ये किस करने से एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति को हो सकते हैं। ऐसा हर्पस सिंप्लेक्स वायरस (एचएसवी-1) के कारण होता है, जो करीब-करीब जेनिटल हर्पीज (एचएसवी-2) यानी गुप्तांग में होने वाले दाद की तहर होता है। यह दोनों वायरस मौखिक संभोग के कारण फैल सकते हैं। मुंह के छाले या कोल्‍ड सोर दिखाई दे या न दें, लेकिन यह एक से दूसरे को होने वाला संक्रामक रोग हैं।

ज्यादातर मुंह के छालों के पांच चरण होते हैं। इनके बारे में हम आपको आगे बता रहे हैं।

मुंह के छाले के पांच चरण – Stages Of Cold Sores in Hindi

पहला चरण – छाले निकलने से लगभग 24 घंटे पहले त्वचा में खुजली और असुविधा महसूस होने लगती है।
दूसरा चरण – इस चरण में आपको त्वचा पर द्रव्य से भरे छाले नजर आने लगेंगे।
तीसरा चरण – इसमें छाले फटते हैं और उसमें से द्रव्य का रिसाव होता है। यह चरण दर्दनाक होता है।
चौथा चरण – इस चरण में छाले सूखने लगते हैं और पपड़ी जमने लगती है। इससे खुजली भी हो सकती है।
पांचवा चरण – इस अंतिम चरण में पपड़ी निकल जाती है और छाला ठीक होने लगता है।

मुंह के छाले होने के लक्षण – Signs And Symptoms of cold sores in hindi

यहां हम मुंह के छाले होने के कुछ मुख्य लक्षण आपको बता रहे हैं, जिससे आप अंदाजा लगा सकते हैं कि आपको छाले होने वाले हैं।

  1. मुंह में जहां छाला होने वाला है वहां खुजली, जलन या फिर असुविधा महसूस होगी।
  2. फिर पहले एक छोटा सा द्रव्य भरा हुआ छाला होगा।
  3. यह छाले फट जाते हैं और इनके अंदर का द्रव्य बाहर निकलकर पपड़ी जमा देता है।

हर किसी में लक्षण एक जैसे नहीं होते हैं, इसलिए इन लक्षणों के अलावा भी कुछ और लक्षण हैं, जिसके बारे में हम नीचे बता रहे हैं।

  1. बुखार
  2. मसूड़ों में दर्द और सूजन
  3. गले में दर्द या खराश
  4. सिरदर्द
  5. मांसपेशियों में दर्द
  6. लिम्फ नोड में सूजन

पांच साल तक के बच्चों को भी मुंह में छाले हो सकते हैं। मुंह के छाले होने के कई अन्य कारण हो सकते हैं और नीचे हम इन्हीं कुछ कारणों के बारे में आपको बता रहे हैं।

मुंह के छाले होने के कारण और जोखिम कारक – Causes And Risk Factors of cold sores in hindi

मुंह के छाले होने के मुख्य कारण हर्पस सिम्प्लेक्स वायरस हो सकता है। वहीं एचएसवी -2 (HSV-2) गुप्तांगों में दाद का कारण बनता है। दोनों ही चेहरे के साथ-साथ जननांगों में घावों का कारण बन सकते हैं। एक बार जब आपको यह वायरस हो जाता है, तो भले ही यह आपकी तंत्रिका कोशिकाओं (आपकी त्वचा में) में निष्क्रिय रहता है, लेकिन किसी भी समय यह उसी स्थान पर सक्रिय हो सकता है।

कुछ सामान्य कारक जिससे यह फिर से हो सकता है :

  • बुखार
  • विषाणुजनित संक्रमण या वायरल इंफेक्शन
  • हार्मोनल असंतुलन
  • थकान और तनाव
  • ज्यादा सूरज की रोशनी या हवा की वजह से
  • कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली

कुछ और ऐसे कारक जो कोल्‍ड सोर के जोखिम को बढ़ा सकते हैं :

  • एचआईवी/एड्स
  • जलने का घाव
  • एक्जिमा
  • कीमोथेरेपी जैसे उपचार
  • दवाइयां

मुंह के छाले के कारण तो अब आप जान ही गए हैं, अब मुंह के छाले के उपचार जान लेते हैं। हालांकि, छाले खुद-ब-खुद कुछ हफ्तों में ठीक हो जाते हैं, लेकिन जब तक रहते हैं, काफी दर्दनाक होते हैं। ऐसे में अगर कुछ घरेलू उपचार किए जाएं, तो ये जल्दी ठीक हो सकते हैं। नीचे हम मुंह के छाले ठीक करने के कुछ आसान घरेलू उपचार आपको बता रहे हैं।

मुंह के छाले ठीक करने के घरेलू उपचार –

1. टी ट्री ऑइल

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सामग्री
  • टी-ट्री ऑइल
  • रूई
कैसे उपयोग करें

रूई को टी-ट्री ऑइल में भिगोकर छाले पर लगाएं।

कब लगाएं ?

आप इसे दिनभर में दो बार लगा सकते हैं और सोने से पहले भी लगाएं।

कैसे फायदेमंद है ?

टी-ट्री ऑइल में एंटीवायरल गुण होते हैं, जो संक्रमण पैदा करने वाले वायरस को खत्म कर घाव को सूखने में मदद करता हैं (1)।

2. बर्फ

सामग्री
  • एक बर्फ का टुकड़ा
कैसे उपयोग करें
  • बर्फ के टुकड़े को छाले पर हल्के-हल्के से लगाएं।
कब लगाएं ?

आप पूरे दिन में दो बार इसे लगाएं।

कैसे फायदेमंद है ?

बर्फ छाले के सूजन को कम कर उसे जल्द ठीक होने में मदद करेगा (2)।

3. नारियल तेल

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सामग्री
  • नारियल तेल
  • रूई
कैसे उपयोग करें

अगर आपको महसूस हो रहा हो कि आपका छाला बढ़ रहा है, तो आप उस पर रूई से नारियल तेल लगा लें।

नारियल तेल को छाले पर लगा रहने दें।

कब लगाएं ?

आप दिनभर में हर एक घंटे में नारियल तेल को छाले पर लगाएं।

कैसे फायदेमंद है ?

नारियल का तेल अच्छा एंटीमाइक्रोबियल एजेंट है (3)। इसमें ट्राइग्लिसराइड्स (triglycerides) होता है, जो लॉरिक एसिड (lauric acid) और ओलिक एसिड (oleic acid) की तरह काम करता है। ये दोनों एसिड वायरस को मार सकते हैं और छाले को जल्दी ठीक कर सकते हैं।

4. सेब का सिरका

सामग्री
  • सेब का सिरका
  • रूई
कैसे उपयोग करें
  • छाले पर रूई से सेब का सिरका लगा लें।
  • फिर इसे सूखने दें।
कब लगाएं ?

आप इसे दिनभर में तीन बार लगा सकते हैं।

कैसे फायदेमंद है ?

सेब का सिरका एंटी-माइक्रोबियल एजेंट है (4)। यह संक्रमण पैदा करने वाले वायरस को खत्म कर कोल्ड सोर से छुटकारा दिलाता है।

5. पिपरमिंट तेल

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सामग्री
  • पिपरमिंट का तेल
  • रूई
कैसे उपयोग करें
  • रूई को पिपरमिंट ऑइल में भिगोकर छाले पर लगाएं।
  • 15 से 20 मिनट तक इसे लगे रहने दें और फिर धो लें।
कब लगाएं ?

आप इसे दिनभर में तीन बार लगा सकते हैं।

कैसे फायदेमंद है ?

पिपरमिंट का तेल हर्पस सिम्प्लेक्स वायरस के खिलाफ काम करता है और वायरस के प्रभाव को कम (virucidal activity) करने का काम करता है (5)। इसके अलावा, अध्ययन में यह भी निष्कर्ष निकाला गया है कि इसे बार-बार होने वाला हर्पीस संक्रमण में भी इस्तेमाल किया जा सकता है। इसके लगातार उपयोग से छाले आसानी से ठीक हो सकते हैं।

6. हाइड्रोजन पेरोक्साइड

सामग्री
  • हाइड्रोजन पेरोक्साइड
  • रूई
कैसे उपयोग करें
  • हाइड्रोजन पेरोक्साइड में रूई भिगोकर अपने छाले पर लगाएं।
कब लगाएं ?

आप हर दो-तीन घंटे के अंतराल पर इसे लगाएं।

कैसे फायदेमंद है ?

हाइड्रोजन पेरोक्साइड विभिन्न वायरस के प्रभाव की निष्क्रियता में मदद कर सकता है (6)। यह खून बहना, दर्द कम करने में और छाले को सुखाकर छोटा करने में मदद कर सकता है।

सावधानी : ध्यान रहे कि आप पानी में तीन प्रतिशत घुला हाइड्रोजन पेरोक्साइड ही लें, अगर आप सिर्फ हाइड्रोजन पेरोक्साइड त्वचा पर लगाएंगे तो आपकी त्वचा जल सकती है। आपको बाजार में किसी भी दवाई की दूकान में पानी में घुला हाइड्रोजन पेरोक्साइड आसानी से मिल जाएगी।

7. लहसुन

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सामग्री
  • लहसुन की एक छोटी कली
कैसे उपयोग करें
  • लहसुन की कली को कुचलकर छाले पर लगाएं।
  • बेहतर परिणाम के लिए आप सुबह-सुबह लहसुन का सेवन भी कर सकते हैं।
कब लगाएं ?

इसे दिनभर में दो से तीन बार लगाएं

कैसे फायदेमंद है ?

लहसुन में मौजूद यौगिक और गुण हर्पीस सिंप्लेक्स वायरस टाइप-1 के प्रभाव को कम कर सकता है (7)। यह छाले को ठीक करने का बहुत ही आसान और सस्ता उपाय है।

8. विच हेजल

सामग्री
  • विच हेजल (बाजार में या ऑनलाइन उपलब्ध है)
  • रूई
कैसे उपयोग करें
  • विच हेजल में रूई को भिगोकर उसे छाले पर लगाएं।
  • फिर इसे सूखने दें।
कब लगाएं ?

आप इसे दिनभर में एक या दो बार लगाएं।

कैसे फायदेमंद है ?

विच हेजल में एंटी-इंफ्लेमेटरी, एंटीबैक्टीरियल और एस्ट्रिंजेंट गुण मौजूद हैं (8)। इसलिए, यह कोल्ड सोर के सूजन और दर्द को कम कर इसे ठीक करने में मदद करता है।

सावधानी : संवेदनशील त्वचा पर विच हेजल से जलन हो सकती है, इसलिए इसका एक बार पैच टेस्ट जरूर कर लें।

9. लेमन बाम ऑइल

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सामग्री
  • लेमन बाम ऑइल
  • रूई
कैसे उपयोग करें
  • रूई से लेमन बाम ऑइल को अपने छाले पर लगाएं।
  • फिर इसे अपने आप सूखने दें।
  • अगर आप इसे धोना चाहते हैं, तो लगाने के 15 से 20 मिनट बाद इसे धो दें।
कब लगाएं ?

इस तेल को दिनभर में तीन बार लगाएं।

कैसे फायदेमंद है ?

लेमन बाम ऑइल घाव को भर सकता है और इसमें एंटीवायरल गुण होता है। यह संक्रमण पैदा करने वाले वायरस को कम कर सकता है और छाले को ठीक कर सकता है (9)।

10. वनिला

सामग्री
  • शुद्ध वनिला का रस
  • रूई
कैसे उपयोग करें
  • यदि आपको लगे कि आपको छाला निकलने वाला है या आपको सूजन महसूस हो, तो वनिला रस में रूई भिगोकर लगाएं।
  • इसे थोड़े देर रूई से लगाएं रखें, फिर हटा दें।
कब लगाएं?

इसे दिनभर में चार से पांच बार लगाएं।

कैसे फायदेमंद है ?

कोल्ड सोर के लिए वनिला रस असरदार घरेलू उपचार है। इसमें 35% अल्कोहल होता है, यह कीटाणुओं को बढ़ने से रोकने में मदद कर सकता है (10)।

11. समुद्री नमक

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सामग्री
  • चुटकीभर समुद्री नमक
कैसे उपयोग करें
  • अपने हाथ को अच्छे से धोकर सी सॉल्ट को अपने छाले पर लगाएं।
  • 30 सेकंड तक अपनी उंगली को छाले पर रखे रहें।
  • फिर धो लें।
कब लगाएं ?

इसे दिनभर में दो-तीन बार लगाएं।

कैसे फायदेमंद है ?

नमक में एंटी-माइक्रोबियल और वायरस को निष्क्रिय करने के गुण मौजूद होते हैं, जो कोल्ड सोर को ठीक कर सकते हैं (11)।

12. शहद

सामग्री
  • आधा चम्मच शहद
कैसे उपयोग करें
  • अपनी उंगली से शहद को अपने कोल्ड सोर पर लगाएं।
  • फिर पांच से आठ मिनट के लिए इसे लगा रहने दें।
  • उसके बाद पानी से धो लें।
कब लगाएं ?

दिनभर में दो बार लगाएं।

कैसे फायदेमंद है ?

शहद में एंटी-माइक्रोबियल गुण होते हैं (12)। यह न सिर्फ छाले को ठीक कर सकता है, बल्कि छाले के जलन से भी त्वचा को आराम देगा। इसके लगातार उपयोग से छाले जल्दी ठीक हो सकते हैं।

13. एकिनेसिया

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सामग्री
  • एकिनेसिया का एक टी-बैग
  • एक कप गर्म पानी
कैसे उपयोग करें
  • उबलते गर्म पानी में एकिनेसिया टी-बैग को 10 मिनट तक डुबाकर रखें।
  • फिर इस चाय को गरमा-गर्म पिएं।
कब लगाएं ?

इस हर्बल चाय के दिनभर में दो-तीन कप पिएं।

कैसे फायदेमंद है ?

एकिनेसिया शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करता है और वायरल संक्रमण से लड़ने में मदद करता है (13)।

सावधानी : जब आपका कोल्ड सोर ठीक हो जाए, तो इस चाय का सेवन बंद कर दें।

14. मुलेठी की जड़

सामग्री
  • एक चम्मच मुलेठी की जड़ का पाउडर
  • एक या दो चम्मच पेट्रोलियम जेली (वैसलीन)
कैसे उपयोग करें
  • मुलेठी के पाउडर को जेली के साथ मिलाकर चिपचिपा पेस्ट बना लें।
  • इसे कोल्ड सोर पर लगाकर सूखने दें।
कब लगाएं?

इसे दिनभर में हर कुछ घंटों में लगाएं।

कैसे फायदेमंद है ?

मुलेठी की जड़ में ग्लिसराइजिन होता है, जो वायरस को बढ़ने से और संक्रमण को दोबारा होने से रोकता है (14)। यह पेट्रोलियम जेली के साथ मिलकर कोल्ड सोर को भरने में मदद करता है।

15. युकेलिप्टस का तेल

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सामग्री
  • युकेलिप्टस का तेल
  • रूई
कैसे उपयोग करें
  • रूई को युकेलिप्टस के तेल में भिगोकर छाले पर लगाएं।
  • उसके बाद इसे सूखने दें
  • फिर धो लें
कब लगाएं ?

हर एक घंटे बाद इसे लगाएं।

कैसे फायदेमंद है ?

युकेलिप्टस का तेल हर्पीस सिम्प्लेक्स वायरस पर असर करके उसे खत्म कर सकता है और मुंह के छाले को जल्द ठीक करने में मदद कर सकता है (15)।

16. दूध

सामग्री
  • एक चम्मच दूध
  • रूई
कैसे उपयोग करें
  • दूध में रूई को भिगोएं और इसे कोल्ड सोर पर लगाएं।
  • इसे थोड़े देर के लिए मुंह के छाले पर लगाएं रखें।
  • फिर धो लें।
कब लगाएं ?

इसे हर दो घंटे में लगाएं।

कैसे फायदेमंद है ?

दूध में एंटीवायरल और एंटी-बैक्टीरियल गुण होते हैं (16)। यह न सिर्फ संक्रमण को ठीक कर सकता है, बल्कि त्वचा को आराम भी देगा।

17. टूथब्रश

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आपको जानकर हैरानी होगी कि हम टूथब्रश का जिक्र क्यों कर रहे हैं। आपका टूथब्रश भी छालों में मुख्य भूमिका निभाता है। अगर आपको मुंह में छाले हो रहे हैं, तो अपना टूथब्रश बदल लें। टूथब्रश अगर ज्यादा पुराना हो, तो यह कीटाणुओं की वजह बन सकता है और वायरस भी फैला सकता है। जब भी आपके छाले ठीक हो जाएं, तो आप अपना टूथब्रश बदलकर नया टूथब्रश उपयोग करें, ताकि आपको फिर से छाले न हों।

18. विटामिन-ई

सामग्री
  • विटामिन-ई का तेल या कैप्सूल
  • रूई
कैसे उपयोग करें
  • विटामिन-ई के तेल में रूई भिगोकर अपने छालों पर लगाएं।
  • आप विटामिन-ई के कैप्सूल को तोड़कर उसके अंदर के द्रव्य को भी छाले पर लगा सकते हैं।
  • फिर इसे सूखने दें।
  • साथ ही आप अपने आहार में विटामिन-ई वाले खाने को शामिल करें।
कब लगाएं?

दिनभर में कई बार इसे लगाएं।

कैसे फायदेमंद है ?

विटामिन-ई में मौजूद एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण छालों में सूजन और जलन से आराम देता है। वहीं, यह वायरल इंफेक्शन को दोबारा होने से रोकता है (17), (18)।

19. एलोवेरा जेल

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सामग्री
  • एलोवेरा जेल (आवश्यकतानुसार)
  • रूई
कैसे उपयोग करें
  • आवश्यकतानुसार रूई पर एलोवेरा जेल लगाएं।
  • फिर इसे हल्के से मुंह के छाले पर लगाएं।
  • एलोवेरा जेल को सूखने तक लगा रहने दें।
  • फिर धो लें।
कब लगाएं ?

आप इसे दिनभर में दो से तीन बार लगाएं।

कैसे फायदेमंद है ?

एलोवेरा जेल के एंटीवायरल गुण और इसका ठंडक प्रदान करने वाला गुण कोल्ड सोर को जल्द ठीक करने में मदद कर सकता है, इसलिए यह एक असरदार घरेलू उपाय है (19)।

सावधानी : अगर आप गर्भवती हैं या कोई बीमारी होने के कारण नियमित डॉक्टर के पास जांच के लिए जा रहे हैं, तो ऊपर दिए गए किसी भी प्रकार के उपचार से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श लें। इन उपायों को करने से पहले डॉक्टर से सलाह और पैच टेस्ट भी जरूर करें, क्योंकि हर किसी की त्वचा एक जैसी नहीं होती। हर त्वचा की जरूरत अलग-अलग होती है। इसलिए इन उपायों को करते वक्त अगर आपको जलन या खुजली महसूस हो, तो तुरंत इसे बंद करें। इसके अलावा, अगर आपके मुंह के छाले कई हफ्तों से है और ठीक नहीं हो रहे हैं, तो एक बार आप अपने डॉक्टर से बात करें। वह मुंह के छाले की दवा देंगे, ताकि आपके छाले जल्दी ठीक हो जाएं।

मुंह के छाले दूर करने के लिए इन घरेलू उपायों के साथ-साथ अगर आप नीचे दिए गए कुछ टिप्स को फॉलो करेंगे, तो छाले न सिर्फ जल्दी ठीक होंगे, बल्कि दोबारा इंफेक्शन होने से भी बचाव होगा।

मुंह के छाले या कोल्ड सोर से बचाव कैसे करें – How To Prevent Cold Sores in Hindi

  • डॉक्टर से सलाह करके आप मुंह के छाले की दवा ले सकते हैं और नियमित तौर पर डॉक्टर द्वारा लिखी गई एंटीवायरल दवाओं का प्रयोग करें।
  • प्रतिदिन सनब्लॉक लगाएं।
  • कोल्ड सोर या मुंह के छाले से पीड़ित लोगों के साथ शारीरिक संपर्क से बचें।
  • कोल्ड सोर प्रभावित व्यक्ति के बर्तन, तौलिए, होंठ बाम आदि को प्रयोग न करें।
  • समय-समय पर अपने हाथों को धोते रहें, ताकि उनके जरिए संक्रमण आपके मुंह में न चले जाए।
  • अपने तनाव के स्तर को कम करने की कोशिश करें।

मुंह के छाले को ज्यादा दिनों तक अनदेखा न करें, नहीं तो इससे अन्य परेशानियां हो सकती हैं। इनके बारे में हम आगे विस्तार से बता रहे हैं

मुंह के छाले से होने वाली अन्य परेशानियां – Complications in cold sore in hindi

मुंह में छाले पैदा करने वाले वायरस कुछ लोगों को शरीर के अन्य हिस्सों में भी समस्या पैदा कर सकते हैं।

एचएसवी-1 और एचएसवी-2 दोनों मुंह से उंगलियों तक फैल सकते हैं। इस तरह के संक्रमण को हर्पीज विलो के रूप में जाना जाता है। यह उन बच्चों में आम है, जो अपना अंगूठा चूसते हैं।
यह वायरस आंखों के संक्रमण का भी कारण बन सकता है। बार-बार संक्रमण होने से आंखों पर भी इसका प्रभाव पड़ सकता है। आंखों की रोशनी कम हो सकती है या जा भी सकती है।
एक्जिमा से पीड़ित लोगों को पूरे शरीर में छाले फैलने का खतरा हो सकता है। यहां तक कि उन्हें आपात चिकित्सा की भी जरूरत पड़ सकती है।
जिन लोगों का इम्यून सिस्टम कमजोर है, उनमें यह वायरस रीढ़ की हड्डी और मस्तिष्क को भी प्रभावित कर सकता है।

अब आपको पता चल ही गया होगा कि बिना देर करे सही वक्त पर कोल्ड सोर या मुंह के छाले का उपचार करना कितना जरूरी है। चिकित्सा के साथ-साथ आप ऊपर दिए गए घरेलू उपायों पर भी ध्यान दें। अपने अनुभव हमारे साथ कमेंट बॉक्स में जरूर शेयर करें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

मुंह के छाले (cold sores) और नासूर (canker sores) में क्या फर्क है ?

मुंह के छाले (cold sores)

  •  ये छोटे तरल पदार्थ से भरे हुए छाले होते हैं, जो नाक, होंठ या मुंह के चारों ओर कहीं भी समूहों में होते हैं।
  • कोल्ड सोर छोटे बच्चों के मुंह के अंदर भी हो सकते हैं।
  • ये अत्यधिक संक्रामक हैं और चुंबन जैसे सीधे संपर्क से एक व्यक्ति से दूसरे में फैल सकते हैं।
  • इन्हें ठीक होने में दो-चार सप्ताह लग सकते हैं।
  • ये हर्पस सिम्प्लेक्स वायरस (एचएसवी) के कारण होते हैं।

नासूर

ये छोटे दर्दनाक घाव होते हैं, जो आपके मुंह के नरम ऊतकों और मसूड़ों पर होते हैं।
आम तौर पर ये मुंह के बाहर नहीं होते हैं।
नासूर संक्रामक नहीं हैं।
ये एक-दो सप्ताह में ठीक हो जाते हैं।
नासूर क्यों होता है, इसकी कोई ठोस वजह सामने नहीं आई है, लेकिन यह माना जाता है कि ये तनाव, कुछ खाद्य पदार्थों और मुंह के कुछ हाइजीन उत्पादों जैसे – टूथपेस्ट या माउथ वॉश के कारण हो सकता है।

मुंह के छाले के लिए डॉक्टर से कब सलाह लें ?

यदि आपको मुंह के छाले बार-बार हो रहे हैं या दो सप्ताह के बाद भी ठीक नहीं होते हैं, तो डॉक्टर से परामर्श करना जरूरी है। अगर संक्रमण आपके शरीर के अन्य हिस्सों में भी फैल रहा है, तो आपको तुरंत डॉक्टर से बात करनी चाहिए।

मुंह के छाले ठीक होने में कितना वक्त लगता है ?

मुंह के छाले पूरी तरह ठीक होने में लगभग दो से चार हफ्ते लगते हैं।

किन खाद्य पदार्थों से मुंह के छाले हो सकते हैं ?

कुछ खाद्य पदार्थ हैं, जो हर्पस वायरस को बढ़ावा दे सकते हैं, जैसे – गेहूं, बादाम, पीनट र और अंगूर के रस, क्योंकि ये आर्जिनिन के स्रोत हैं। आर्जिनिन ने हर्पस वायरस बार-बार हो सकता है, इसलिएबट इससे दूर रहें।

मुंह के अंदर के छालों से कैसे छुटकारा पाया जा सकता है ?

इस लेख में बताए गए ज्यादातर नुस्खे जैसे – शहद, दूध, एलोवेरा जेल, नारियल तेल, लहसुन और एकिनेसिया (Echinacea) मुंह के अंदर के छालों के लिए उपयोग किया जा सकता है। आप इस बात का ध्यान रखें कि आपको इनमें से किसी चीज से एलर्जी न हो।

क्या पिंपल मुंह के छाले का रूप ले सकते हैं?

नहीं, पिंपल मुंह के छाले का रूप नहीं ले सकते हैं, क्योंकि पिंपल बैक्टीरिया संक्रमण के कारण होते हैं, जबकि कोल्ड सोर वायरल संक्रमण का परिणाम होता है।

क्या कोल्ड सोर का मतलब है कि आपको एसटीडी है ?

मुंह के छाले आमतौर पर हर्पस सिम्प्लेक्स वायरस-1 के कारण होते हैं। इसका यौन संक्रमित बीमारियों से कोई लेना-देना नहीं है। हालांकि, कुछ मामलों में दोनों वायरस से चेहरे और गुप्तांग दोनों जगह कोल्ड सोर हो सकता है।

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Arpita Biswas

अर्पिता ने पटना विश्वविद्यालय से मास कम्यूनिकेशन में स्नातक किया है। इन्होंने 2014 से अपने लेखन करियर की शुरुआत की थी। इनके अभी तक 1000 से भी ज्यादा आर्टिकल पब्लिश हो चुके हैं। अर्पिता को विभिन्न विषयों पर लिखना पसंद है, लेकिन उनकी विशेष रूचि हेल्थ और घरेलू उपचारों पर लिखना है। उन्हें अपने काम के साथ एक्सपेरिमेंट करना और मल्टी-टास्किंग काम करना पसंद है। इन्हें लेखन के अलावा डांसिंग का भी शौक है। इन्हें खाली समय में मूवी व कार्टून देखना और गाने सुनना पसंद है।

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