मुंहासों के लिए अरंडी के तेल के फायदे और उपयोग – Castor Oil To Treat Acne in Hindi

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मुंहासे ऐसे बिन बुलाए मेहमान होते हैं, जिन्हें भगाना किसी जंग से कम नहीं। ये किसी एक वजह से नहीं होते और इनसे छुटकारा पाने के लिए लोग न जाने कितने तरह के आधुनिक उपाय करते हैं। कई बार ये उपाय त्वचा पर नकारात्मक प्रभाव भी डाल देते हैं। ऐसे में प्राकृतिक उत्पाद जैसे अरंडी के तेल से बने फेस पैक का उपयोग करने से इन जिद्दी मुंहासों से आराम मिल सकता है। स्टाइलक्रेज के इस लेख में जानिए मुंहासों के लिए अरंडी के तेल के लाभ क्या हैं। इसके साथ ही आपको मुंहासों के लिए अरंडी के तेल के उपयोग से जुड़ी जरूरी जानकारी भी दी जाएगी। इस लेख में बताए गए फेस पैक का उपयोग करते समय इस बात का भी ध्यान रखना जरूरी है कि अरंडी का तेल मुंहासों का इलाज नहीं है, लेकिन ये पिंपल से निजात पाने में एक सहायक भूमिका जरूर निभा सकता है।

इस लेख के सबसे पहले भाग में जानिए मुंहासों के लिए अरंडी के तेल के फायदे।

मुंहासे के लिए अरंडी का तेल क्यों फायदेमंद है?

मुंहासों के लिए अरंडी के तेल का उपयोग इसमें मौजूद गुणों की वजह से किया जा सकता है। इस तेल में रिकिनोलेइक नामक एसिड पाया जाता है और इस एसिड में एंटीमाइक्रोबियल और एंटीबैक्टीरियल प्रभाव मौजूद होते हैं। ये गुण मुंहासे फैलाने वाले बैक्टीरिया को खत्म करने के साथ उनसे बचाव का काम कर सकते हैं। बैक्टीरिया त्वचा के पोर्स को ब्लॉक करने का काम करते हैं, जिससे मुंहासों की समस्या खड़ी होती है (1)। इसके साथ ही, इस तेल में एंटीइन्फ्लामेट्री गुण भी पाए जाते हैं, जो मुंहासों की वजह से हुई सूजन को कम करने में मदद कर सकते हैं (2)। अरंडी का तेल त्वचा को पर्यावरण के दुष्प्रभावों से बचाता है और उसे कोमल बनाए रखता है। इसके अलावा, इस तेल में मॉइस्चराइजिंग गुण भी होते हैं, जो त्वचा को रूखेपन से बचाने में मदद कर सकता है (3)।

लेख के अगले भाग में मुंहासों के लिए अरंडी के तेल के उपयोग से जुड़ी जानकारी दी गई है।

मुंहासे के लिए अरंडी के तेल का उपयोग – How to Use Castor Oil for Acne in Hindi

मुंहासों के लिए अरंडी के तेल का प्रयोग करने के विभिन्न तरीके हैं। इन सभी तरीकों को सामग्री और विधि सहित बताया गया है।

1. अरंडी का तेल

सामग्री : 

  • अरंडी का तेल
  • एक पतीला गर्म पानी
  • एक तौलिया

विधि : 

  • रात में सोने से पहले एक पतीले पानी को गर्म कर लें और अपने सिर को तौलिए से ढककर चेहरे पर भाप (स्टीम) लें।
  • लगभग पांच से आठ मिनट स्टीम लेने के बाद चेहरे को तौलिए की मदद से थपथपा कर पोंछ लें।
  • अब हाथों में दो से तीन बूंद अरंडी का तेल लेकर उंगलियों की मदद से चेहरे की मसाज करें।
  • कुछ देर चेहरे की मसाज करने के बाद अरंडी के तेल को चेहरे पर लगा कर ही सो जाएं।
  • सुबह उठकर तौलिया को गीला कर चेहरे को साफ करें और अंत में चेहरे को ठंडे पानी से धो लें।

 कितनी बार उपयोग करें : 

इस विधि को हफ्ते में दो बार दोहराया जा सकता है।

कैसे काम करता है :

जैसा कि हमने ऊपर बताया कि मुंहासे के लिए अरंडी के तेल के लाभ इसमें मौजूद एंटीमाइक्रोबियल और एंटीबैक्टीरियल गुणों की वजह से प्राप्त किए जा सकते हैं। ये गुण त्वचा को मुंहासों से बचाने में मदद कर सकते हैं (2)। इसके साथ, इसके मॉइस्चराइजिंग गुण त्वचा को कोमल और मुलायम बनाए रखने में मदद कर सकते हैं (3)। मुंहासों के लिए अरंडी के तेल का प्रयोग करने से पहले चेहरे पर स्टीम लेने से त्वचा के रोमछिद्र खुल जाते हैं (4)। ऐसा करने से अरंडी का तेल त्वचा में आसानी से अवशोषित होकर काम कर सकता है।

2. अरंडी और जैतून का तेल

सामग्री :

  • दो चम्मच जैतून का तेल
  • एक चम्मच अरंडी का तेल

विधि :

  • एक बाउल में जैतून और अरंडी का तेल मिला लें।
  • रात में सोने से पहले एक बर्तन में पानी उबाल लें और अपने सिर को तौलिए से ढककर चेहरे पर भाप (स्टीम) लें।
  • लगभग पांच से आठ मिनट स्टीम लेने के बाद चेहरे को तौलिए की मदद से थपथपा कर पोंछ लें।
  • अब उंगलियों की मदद से बाउल में मौजूद तेल के मिश्रण से चेहरे पर मसाज करें।
  • कुछ देर चेहरे पर मसाज करने के बाद, तेल को चेहरे पर लगा कर ही सो जाएं।
  • सुबह उठ कर चेहरे को गीले तौलिए से साफ करें।
  • अंत में चेहरे को ठंडे पानी से धो लें।

कितनी बार उपयोग करें :

इस प्रयोग को हफ्ते में दो बार दोहराया जा सकता है।

कैसे काम करता है : 

मुंहासों के लिए अरंडी के तेल के फायदे बढ़ाने के लिए उसमें जैतून का तेल मिलाया जा सकता है। जैतून का तेल भी त्वचा के लिए लाभदायक माना जाता है। इसमें एंटीइन्फ्लामेट्री गुण होते हैं, जो मुहांसों की सूजन को कम करने में मदद कर सकते हैं। इसमें मौजूद पॉलीफेनल्स त्वचा को फ्री रेडिकल्स के प्रभाव से बचाने में मदद कर सकते हैं और एंटीऑक्सीडेंट गुण त्वचा को यूवी किरणों के हानिकारक प्रभाव से सुरक्षित रखने में मदद कर सकते हैं (3)। बता दें कि यूवी किरणों के दुष्प्रभाव मुंहासों को और जटिल बना सकते हैं (5)। इस तरह अरंडी के तेल के साथ जैतून के तेल के गुण मुहांसों पर सकारात्मक प्रभाव छोड़ सकते हैं।

3. अरंडी का तेल और बेकिंग सोडा

सामग्री :

  • एक चम्मच बेकिंग सोडा
  • एक चम्मच अरंडी का तेल

विधि :

  • मुंहासे के लिए अरंडी के तेल का लाभ उठाने के लिए उसे एक बाउल में बेकिंग सोडा के साथ मिला लें।
  • चेहरे को पानी से अच्छी तरह साफ करें और तौलिए से थपथपा कर पोंछ लें।
  • अब बेकिंग सोडा और अरंडी के तेल के मिश्रण को प्रभावित क्षेत्र पर लगाएं।
  • लगभग पांच से आठ मिनट रखने के बाद, उसे ठंडे पानी से धो लें।

कितनी बार उपयोग करें :

इसका उपयोग हफ्ते में तीन बार किया जा सकता है।

कैसे काम करता है :

मुंहासों के लिए अरंडी के तेल के फायदों के बारे में हम लेख में ऊपर बता चुके हैं। इसमें पाए जाने वाले एंटीमाइक्रोबियल गुण और एंटीबैक्टीरियल गुण मुंहासे फैलाने वाले बैक्टीरिया को खत्म करके त्वचा को एक्ने-फ्री रखने में मदद कर सकते हैं (2)। इसके साथ ही, इस पैक में बेकिंग सोडा का उपयोग करने से त्वचा को अन्य लाभ भी हो सकते हैं। बेकिंग सोडा त्वचा से अतिरिक्त तेल निकालने और त्वचा को मुलायम बनाए रखने में मदद कर सकता है (6)।

4. अरंडी का तेल और हल्दी

सामग्री :

  • एक चम्मच हल्दी
  • आधा चम्मच अरंडी का तेल

विधि :

  • मुंहासे के लिए अरंडी के तेल का उपयोग करने के लिए उसे एक बाउल में हल्दी के  साथ अच्छी तरह मिलाकर पेस्ट बना लें।
  • इसके बाद चेहरे को साफ पानी से धोकर, तौलिए से थपथपा कर पोंछ लें।
  • अब अरंडी के तेल और हल्दी से बने पेस्ट को एक्ने से प्रभावित त्वचा पर लगाएं।
  • कुछ देर रखने के बाद चेहरे को साफ पानी से धो लें।

कितनी बार उपयोग करें :

इस विधि का उपयोग हर रोज किया जा सकता है।

कैसे काम करता है : 

मुंहासे के लिए अरंडी के तेल के फायदे तो आप जान गए हैं। इसके साथ हल्दी मिलाने से यह पैक और प्रभावी हो सकता है। दरअसल, अरंडी के तेल के साथ हल्दी भी मुंहासों की समस्या से आराम दिलाने में मदद कर सकती है। हल्दी में मौजूद एंटी माइक्रोबियल गुण मुंहासों का कारण बनने वाले बैक्टीरिया से लड़ने का काम कर सकते हैं और साथ ही इसमें मौजूद एंटी इंफ्लेमेटरी गुण त्वचा पर पिम्पल की वजह से हुई सूजन को कम करने में मदद कर सकते हैं। इसके अलावा, हल्दी सोरायसिस (त्वचा पर खुजली और लाल चकत्ते) एजिंग जैसी त्वचा समस्याओं पर भी प्रभावी असर दिखा सकती है (7)। इस तरह मुंहासे के लिए अरंडी के तेल के लाभ हल्दी के उपयोग के साथ बढ़ सकते हैं।

5. अरंडी का तेल और जिंक ऑक्साइड

सामग्री :

  • आठ बड़े चम्मच अरंडी का तेल
  • दो बड़े चम्मच बीसवैक्स
  • एक बड़ा चम्मच जिंक ऑक्साइड
  • आपकी पसंद अनुसार किसी भी एसेंशियल ऑयल की 10 बूंदें
  • डबल बॉयलर
  • एक जार

विधि :

  • डबल बॉयलर में अरंडी का तेल लें और उसमें बीसवैक्स डाल कर पिघला लें।
  • वैक्स के पिघल जाने के बाद, डबल बॉयलर को गैस से उतार लें और उसमें जिंक ऑक्साइड मिला लें।
  • अच्छी तरह मिला लेने के बाद इस घोल में एसेंशियल ऑयल की 10 बूंदे मिला लें और अच्छी तरह मिक्स कर लें।
  • अंत में इसे एक जार में भर कर रख दें।
  • इस घोल का उपयोग प्रभावित क्षेत्र पर ऑइंटमेंट की तरह किया जा सकता है।
  • प्रभावित क्षेत्र पर इसे लगाकर रात भर के लिए छोड़ दें और सुबह ठंडे पानी से धो लें।

कितनी बार उपयोग करें :

मुंहासों के लिए अरंडी के तेल से बने इस ऑइंटमेंट का उपयोग रोज किया जा सकता है। 

कैसे काम करता है : 

जिंक के साथ मुंहासों के लिए अरंडी के तेल के लाभ दोगुना हो सकता है। जिंक, पिम्पल के कारण बनने वाले बैक्टीरिया को खत्म कर सकता है और उन्हें फिर से पनपने से रोक सकता है, जिससे मुंहासों की समस्या से आराम मिल सकता है। इसके साथ, जिंक में एंटीइन्फ्लामेट्री गुण होते हैं, जो मुंहासों की सूजन को कम कर सकते हैं। जिंक के एंटी एंड्रोजेनिक गुण (एण्ड्रोजन नामक हार्मोन का प्रभाव कम करने वाले) त्वचा में अत्यधिक सीबम का उत्पादन नियंत्रित करने में मदद कर सकते हैं (8)। दरअसल, मुंहासों का एक कारण त्वचा में मौजूद सिबेशॅस (ऑयल ग्लैंड्स) से अत्यधिक सीबम का निकलना भी होता है (9)। ऐसे में सीबम का उत्पादन नियंत्रित करने से एक्ने की समस्या से कुछ हद तक आराम मिल सकता है।

आगे जानिए कि मुंहासे के लिए अरंडी के तेल के लाभ काम करने में कितना समय लेते हैं।

मुंहासों को साफ करने में अरंडी के तेल को कितना समय लगता है?

जैसा कि हमने लेख के शुरुआत में बताया कि मुंहासे होने की कोई एक वजह नहीं होती। ये कई अलग अलग वजहों से हो सकते हैं, जैसे हॉर्मोनल बदलाव, आनुवंशिक कारण, प्रदूषण, मेकअप, तनाव आदि (10)। इसके अलावा, सभी की त्वचा एक समान नहीं होती, जिस कारण किसी भी ट्रीटमेंट को काम करने में कम या ज्यादा समय लग सकता है। इन विभिन्न कारणों के वजह से यह कहना मुश्किल होगा कि मुंहासे के लिए अरंडी के तेल के फायदे कितने समय में कारगर साबित होंगे। आप चाहें तो इस विषय पर एक बार त्वचा विशेषज्ञ से बात कर सकते हैं।

आगे जानिए कि मुंहासो के लिए अरंडी के तेल का प्रयोग करते समय किन बातों का ध्यान रखना जरूरी है।

बचाव – Caution

किसी भी उपचार के दौरान कुछ बातों को ध्यान में रखने से वह उपचार ज्यादा प्रभावी तरीके से काम करता है। उसी प्रकार मुंहासे के लिए अरंडी के तेल का उपयोग करते समय नीचे बताई गई बातों को ध्यान में रखने से फायदा मिल सकता है।

  • मुंहासो के लिए अरंडी के तेल से बने किसी भी फेस पैक का उपयोग करने से पहले पैच टेस्ट कर लें।
  • इन फेस पैक का उपयोग करने से पहले चेहरे को अच्छी तरह साफ कर लें। त्वचा पर  किसी भी प्रकार की गंदगी रहने से फेस पैक का प्रभाव कम हो सकता है।
  • इन फेस पैक को चेहरे पर लगाने के बाद घर से बाहर न निकलें। ऐसा करने से चेहरे पर धूप और प्रदूषण का प्रभाव पड़ सकता है और मुंहासे कम होने की जगह बढ़ सकते हैं।
  • चेहरे को धोने के बाद थपथपा कर पोंछ लें। रगड़ कर पोंछने से चेहरे पर रैशेज पड़ सकते हैं।
  • चेहरे को धोने के बाद मॉइस्चराइजर लगाएं। ऐसा न करने से त्वचा रूखी और खींची हुई महसूस हो सकती है।
  • अगर आप किसी खास समस्या जैसे सोरायसिस या डर्मेटाइटिस (त्वचा पर लाल खुजलीदार चकत्ते की समस्या) से ग्रसित हैं तो मुंहासो के लिए अरंडी के तेल का प्रयोग करने से पहले डॉक्टर से परामर्श अवश्य कर लें।
  • अगर ऊपर बताए गए फेस पैक की किसी सामग्री से आपको एलर्जी है, तो उस फेस पैक का उपयोग न करें।
  • मुंहासे के लिए अरंडी के तेल का उपयोग के बाद अगर आपको चेहरे पर जलन, खुजली या कोई अन्य समस्या होती है, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।

मुंहासे के लिए अरंडी के तेल के फायदे के बारे में तो अब आप अच्छी तरह समझ गए होंगे। लेख में बताए गए उपचार मुंहासों से बचाव व इनके प्रभाव को कम करने में मददगार साबित हो सकते हैं। खास बात यह है कि मुंहासे के लिए अरंडी के तेल से बने ये घरेलू फेस पैक बाजार में मिलने वाले एंटी एक्ने उत्पादों की तुलना में ज्यादा सुरक्षित हैं। हम आशा करते हैं कि इन उपायों की मदद से आपको मुंहासों से आराम मिलेगा। इसके अलावा, आपके लिए कौन-सा उपाय सबसे कारगर रहा, इस बारे में हमे नीचे कमेंट बॉक्स में लिखकर अवश्य बताएं। साथ ही अन्य जानकारी के लिए आप कमेंट बॉक्स में अपना सवाल छोड़ सकते हैं।

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Soumya Vyas

सौम्या व्यास ने माखनलाल चतुर्वेदी विश्वविद्यालय, भोपाल से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में बीएससी किया है और इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ जर्नलिज्म एंड न्यू मीडिया, बेंगलुरु से टेलीविजन मीडिया में पीजी किया है। सौम्या एक प्रशिक्षित डांसर हैं। साथ ही इन्हें कविताएं लिखने का भी शौक है। इनके सबसे पसंदीदा कवि फैज़ अहमद फैज़, गुलज़ार और रूमी हैं। साथ ही ये हैरी पॉटर की भी बड़ी प्रशंसक हैं। अपने खाली समय में सौम्या पढ़ना और फिल्मे देखना पसंद करती हैं।

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