मूंगफली के तेल के फायदे, उपयोग और नुकसान – Peanut Oil (Mungfali Tel) Benefits, Uses and Side Effects in Hindi

Medically reviewed by Neha Srivastava, MSc (Life Sciences) Neha Srivastava Neha SrivastavaMSc (Life Sciences)
Written by , MA (Journalism & Media Communication) Puja Kumari MA (Journalism & Media Communication)
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हमारे देश में खाना बनाने के जितने विकल्प हैं, उतने शायद ही कहीं हों। एक से बढ़कर एक पकवान आपको भारत में मिल जाएंगे। यहां स्वादिष्ट और पोषक तत्वों से भरपूर खाना बनाने के लिए तरह-तरह के तेलों का इस्तेमाल किया जाता है। स्टाइलक्रेज के इस लेख में हम ऐसे ही एक हेल्दी ऑयल के बारे में पढ़ेंगें, जिसे आप और हम मूंगफली के तेल (Peanut oil) के नाम से जानते हैं। इसे ग्राउंड नट ऑयल और आर्चीज ऑयल के नाम से भी जाना जाता है। इसमें से मूंगफली की तेज खुशबू आती है, लेकिन मूंगफली के तेल का उपयोग फायदेमंद भी हो सकता है। हम इस लेख में विस्तार जानेंगे कि यह तेल कितना फायदेमंद है और मूंगफली के तेल के नुकसान क्या-क्या हो सकते हैं।

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आइए, सबसे पहले जानते हैं कि मूंगफली का तेल कितने प्रकार का होता है। 

मूंगफली के तेल के प्रकार – Types of Peanut Oil in Hindi

मूंगफली के तेल के कई प्रकार हैं, जो उपयोग में लाए जाते हैं। ये सभी तेल मूंगफली से ही निकाले जाते हैं, लेकिन इनको तैयार करने का तरीका अलग होता है।

  1. रिफाइंड मूंगफली का तेल : इस मूंगफली के तेल को रिफाइन करके बनाया जाता है। इससे किसी भी प्रकार की एलर्जी का जोखिम कम होता है (1)
  2. कोल्ड-प्रेस्ड मूंगफली का तेल : इस प्रक्रिया में मूंगफली को पीसकर उससे तेल निकाल लिया जाता है। इसमें आयोडीन और लिओनिक एसिड की अच्छी मात्रा पाई जाती है (2)
  3. गौर्मेट पीनट ऑयल : यह रोस्टेड यानी भुना हुआ तेल होता है, जिसमें से मूंगफली की तेज खुशबू आती है।
  4. मूंगफली का मिश्रित तेल : मूंगफली का यह तेल अन्य समान स्वाद वाले तेल के साथ मिलाकर इस्तेमाल किया जाता है।

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आइए, अब जानते हैं कि मूंगफली के तेल का उपयोग कैसे फायदेमंद हो सकता है।

मूंगफली के तेल के फायदे – Benefits of Peanut Oil in Hindi

अगर मूंगफली के तेल को संतुलित मात्रा में उपयोग किया जाता है, तो इसके कई फायदे हासिल किए जा सकते हैं। मूंगफली के पोषक तत्व हमें स्वस्थ रहने में मदद करते हैं। साथ ही कुछ शारीरिक समस्याओं में इसके सेवन से फायदा हो सकता है। हां, अगर कोई गंभीर रूप से बीमार है, तो उसे डॉक्टर से ही इलाज करवाना चाहिए। यहां दी गई जानकारी वैज्ञानिक शोध पर आधारित है, जिसे मनुष्यों व जानवरों पर किया गया है।

1. हृदय के लिए मूंगफली के तेल के फायदे

ह्रदय को स्वस्थ रखने में कोलेस्ट्राल की अहम भूमिका होती है। कोलेस्ट्रॉल का बढ़ा हुआ स्तर कई तरह से हृदय रोगों के जोखिम पैदा कर सकता है (3)। मूंगफली के तेल का सेवन एचडीएल यानी अच्छे कोलेस्ट्रॉल को कम किए बिना हानिकारक कोलेस्ट्रॉल यानी एलडीएल को कम कर सकता है। मूंगफली के तेल का यह गुण हृदय के लिए सुरक्षात्मक हो सकता है। साथ ही इसमें आर्जिनिन, फ्लेवोनोइड्स और फोलेट्स जैसे तत्व शामिल हैं, जो हृदय स्वास्थ्य को बढ़ाते हैं। चूहों पर किए गए एक अध्ययन में यह बात स्पष्ट हुई है कि मूंगफली का रिफाइंड ऑयल, एथेरोस्क्लेरोसिस (धमनियों में वसा जमने की प्रक्रिया) को धीमा कर सकता है। इससे धमिनियां जाम नहीं होती और इनमें रक्त का प्रवाह सुचारू रह सकता है (4)। इस आधार पर कहा जा सकता है कि मूंगफली के तेल के फायदे हृदय स्वास्थ्य को बनाए रख सकते हैं।

2. मस्तिष्क को स्वस्थ रखने में मूंगफली के तेल के फायदे

मूंगफली और मूंगफली का तेल नियासिन व विटामिन-ई का अच्छा स्रोत है। ये दोनों कॉग्निटिव (मस्तिष्क संबंधी) हेल्थ को बढ़ाने में सहायक हो सकते हैं। इन गुणों के कारण मूंगफली अल्जाइमर (याददाश्त संबंधी रोग) और उम्र के साथ दिखाई देने वाली मानसिक कमजोरी को कम कर सकता है। साथ ही इसमें रेसवेराट्रॉल पाया जाता है, जो तंत्रिका तंत्र विकार के जोखिम को कुछ हद तक कम कर सकता है (5)। इस आधार पर कहा जा सकता है मूंगफली का तेल तंत्रिका तंत्र और मस्तिष्क कार्यप्रणाली में सुधार ला सकता है।

3. इंसुलिन सेंसटिविटी में सुधार करे

इंसुलिन सेंसिटिविटी में सुधार करने में भी मूंगफली का तेल मदद कर सकता है। दरअसल, इंसुलिन प्रतिरोध से मोटापा व डायबिटीज जैसी समस्या हो सकती है (6)। ऐसे में इंसुलिन सेंसिटिविटी को बेहतर बनाना जरूरी है। मूंगफली तेल में मौजूद ओलिक एसिड इंसुलिन उत्पादन में नकारात्मक प्रभाव डालने वाले इंफ्लेमेटरी साइटोकाइन टीएनएफ-अल्फा के प्रभाव को कम करने में मदद कर सकता है। इससे टाइप-2 डायबिटीज पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है (7)

4. कैंसर से बचाव में मूंगफली के तेल के फायदे

कैंसर एक जटिल बीमारी है, जिसके इलाज के लिए गहन चिकित्सा प्रक्रिया से गुजरने की जरूरत होती है। हां, नियमित दिनचर्या और संतुलित भोजन के जरिए इस खतरनाक बीमारी से बचाव किया जा सकता है। इस संतुलित भोजन में मूंगफली का तेल भी शामिल है। मूंगफली और इसके उत्पादों में अनसैचुरेटेड फैट, कुछ विटामिन और खनिज पाए जाते हैं और ये सभी बायोएक्टिव तत्व कैंसररोधी प्रभाव दिखा सकते हैं। इसके सेवन से प्रोस्टेट ट्यूमर के विकास में 40 प्रतिशत और शरीर के अन्य भागों में फैलने वाले कैंसर की घटनाओं में लगभग 50 प्रतिशत तक कमी आ सकती है। इसमें पाए जाने वाले फाइटोस्टेरोल और रेसवेराट्रॉल में कीमोप्रिवेंटिव गुण पाया जाता है, जो कैंसर को पनपने से रोक सकता है। एक वैज्ञानिक रिसर्च के अनुसार, ये तत्व कैंसर सेल के विकास में बाधा उत्पन्न कर सकते हैं। साथ ही मूंगफली में हेल्दी फैट, प्रोटीन और फाइबर पाए जाते हैं, जो फेफड़े, पेट, ओवरी, प्रोस्टेट और स्तन कैंसर के विकास को कम कर सकते हैं (5) 

5. जोड़ों के दर्द में राहत दे

मूंगफली के तेल में पॉलीअनसेचुरेटेड फैटी एसिड होते है (8)वैज्ञानिक अध्ययन के अनुसार, पॉलीअनसेचुरेटेड फैटी एसिड रुमेटाइड अर्थराइटिस (गठिया) जैसे जोड़ों के दर्द की समस्या से बचाव कर सकते हैं (9)। इसके अलावा, गठिया और जोड़ों के दर्द से राहत पाने के लिए मूंगफली के तेल को सीधे त्वचा पर लगाया जा सकता है। हालांकि, यह किस गुण के चलते जोड़ों के दर्द से राहत दिलाता है, उस पर और वैज्ञानिक शोध की जरूरत है (10)

6. स्किन एजिंग में मूंगफली के तेल के फायदे

मूंगफली के तेल का उपयोग त्वचा को स्वस्थ रखने में भी कारगर हो सकता है, इसलिए इसे स्किन एजिंग से बचाने वाले तेलों की सूची में शामिल किया जा सकता है। यह त्वचा को नमी प्रदान कर सकता है और सूरज की हानिकारक यूवी किरणों से भी सुरक्षा दे सकता है (11)। मूंगफली के तेल में मौजूद विटामिन-ई भी समय से पहले त्वचा पर नजर आने वाले बढ़ती उम्र के लक्षणों से बचा सकता है (8) (12)। इन तथ्यों के आधार पर कहा जा सकता है कि मूंगफली के तेल स्किन एजिंग के लक्षणों को कम कर सकते हैं।

7. स्कैल्प सोरायसिस में लाभदायक

फ्लुओसिनोलोन एसिटोनाइड 0.01% मूंगफली तेल से प्राप्त एक घटक है, जिसका इस्तेमाल बालों की जड़ों में होने वाले स्कैल्प सोरायसिस से निजात देने में सहायक हो सकता है (13)। इसका नियमित इस्तेमाल बालों की जड़ों को कोमलता प्रदान करके सोरायसिस की स्थिति में सुधार ला सकता है, क्योंकि इसमें इमाल्यंट गुण होते हैं (14)  

8. बालों को लंबा करने में मूंगफली के तेल के फायदे

मूंगफली का तेल बालों को नमी दे सकता है। इसे अगर बालों में लगाया जाए, तो यह रूसी से राहत दे सकता है। इसका सेवन बाल झड़ने की स्थिति में सुधार ला सकता है। मूंगफली का तेल खाने के फायदे में बालों को घना करना भी शामिल है। अगर इसका नियमित इस्तेमाल किया जाए, तो यह दो मुंहे और क्षतिग्रस्त बालों को दोबारा स्वस्थ और सुंदर बना सकता है (15)। फिलहाल, इस विषय पर और शोध किए जाने की जरूरत है। 

मजेदार है न जानकारी 

लेख के अगले हिस्से में पढ़ते हैं कि मूंगफली के तेल में कौन कौन से से पोषक तत्व पाए जाते हैं। 

मूंगफली के तेल के पौष्टिक तत्व – Peanut Oil Nutritional Value in Hindi

यह तो आप जान ही चुके हैं कि मूंगफली के तेल के फायदे शरीर को तंदुरुस्त बनाने में कितने मददगार हो सकते हैं। आइए, अब एक नजर डालते हैं इसके पोषक तत्वों पर (8)

पोषक तत्वमात्रा प्रति 100 ग्राम
ऊर्जा884 कैलोरी
फैट (वसा)100 ग्राम
आयरन0.03 मिलीग्राम
जिंक0.01 मिलीग्राम
कोलीन0.1 मिलीग्राम
विटामिन-ई15.7 मिलीग्राम
विटामिन-के0.7 माइक्रोग्राम
फैटी एसिड (सैचुरेटेड)16.9 ग्राम
फैटी एसिड (मोनोअनसैचुरेटेड)46.2 ग्राम
फैटी एसिड (पॉलीअनसैचुरेटेड)32 ग्राम

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लेख के अगले हिस्से में जानते हैं कि मूंगफली के तेल का उपयोग कैसे किया जा सकता है। 

मूंगफली के तेल का उपयोग – How to Use Peanut Oil in Hindi

मूंगफली का तेल इस्तेमाल करने के बहुत से तरीके हैं, जिन्हें हम निम्न बिन्दुओं के माध्यम से समझा रहे हैं।

  • रिफाइंड मूंगफली का तेल हल्की खुशबू वाला होता है। इसका इस्तेमाल भूनने, तलने और फ्लेवर के लिए किया जा सकता है।
  • भुना हुआ मूंगफली का तेल सुगंधित होता है और आमतौर पर इसका इस्तेमाल खाद्य पदार्थों में फ्लेवर की तरह किया जाता है।
  • मूंगफली के भुने तेल को सलाद में डालकर खा सकते हैं।
  • इसके तेल को अकेले या किसी अन्य तेल के साथ मिलाकर त्वचा और बालों में लगाया जा सकता है।

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आइए, अब जानते है कि मूंगफली के तेल के सेवन से क्या साइड इफेक्ट नजर आ सकते हैं।

मूंगफली के तेल के नुकसान – Side Effects of Peanut Oil in Hindi

मूंगफली के तेल के फायदे जानने के बाद यह भी जानना बहुत जरूरी हैं कि मूंगफली के तेल के नुकसान क्या हैं। मूंगफली का सेवन करने से पहले कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है, आइए जानते हैं कि वो कौन सी बातें हैं।

  • मूंगफली के तेल में ओमेगा-6 फैटी एसिड पाया जाता है। अधिक मात्रा में ओमेगा-6 फैटी एसिड का सेवन हृदय रोग, नॉन एल्कोहलिक फैटी लिवर, मोटापा, रुमेटाइड अर्थराइटिस, अल्जाइमर रोग और इंफ्लेमेटरी बाउल सिंड्रोम के जोखिम को बढ़ा सकता है (16)
  • जिन लोगों को मूंगफली से एलर्जी है या किसी प्रकार की नट एलर्जी है, उन्हें मूंगफली का तेल नुकसान दे सकता है। इसके सेवन से पित्ती उछलना, सांस लेने में तकलीफ या पेट में गड़बड़ जैसे एलर्जिक रिएक्शन नजर आ सकते हैं (17)

इस लेख में आपने जाना कि मूंगफली के तेल के फायदे क्या हैं और मूंगफली के तेल का उपयोग कितना लाभकारी हो सकता है। मूंगफली के तेल के नुकसान से बचने के लिए इसका सेवन हमेशा संतुलित मात्रा में ही करना चाहिए। मूंगफली के तेल का सेवन कितनी मात्रा में करें, यह जानने के लिए डायटीशियन की सलाह लेना सही रहेगा, क्योंकि स्वास्थ्य के अनुसार सभी की जरूरत अलग-अलग हो सकती है। ऐसी ही उपयोगी जानकारी के लिए स्टाइलक्रेज के अन्य लेख भी जरूर पढ़ें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

मूंगफली के तेल का सबसे अच्छा विकल्प क्या है?

बादाम का तेल इसका एक अच्छा विकल्प हो सकता है, क्योंकि दोनों तेल एक समान तापमान पर गर्म होते हैं।

मूंगफली का तेल कब तक चलता है?

सीलबंद मूंगफली का तेल लगभग एक साल तक रह सकता है, लेकिन एक बार खोलने पर, यह केवल चार से छह महीने तक चल सकता है।

क्या मूंगफली का तेल, जैतून के तेल से बेहतर है?

मूंगफली का तेल और जैतून के तेल में से एक को बेहतर कहना मुश्किल होगा, क्योंकि दोनों का इस्तेमाल अलग-अलग तरीके से किया जाता है। एक तरफ मूंगफली के तेल का हाई हीटिंग पॉइंट होता है, जिस वजह से इसका इस्तेमाल खाना बनाने के लिए किया जाता है। वहीं, ऑलिव ऑयल का इस्तेमाल सैलेड की ड्रेसिंग के तौर पर किया जाता है।

मूंगफली का तेल कितनी देर में गरम होता है?

मूंगफली के तेल को गर्म होने में लगभग 10 मिनट लगते हैं।

मूंगफली का तेल कितने तापमान पर खौल सकता है?

मूंगफली का तेल लगभग 450 डिग्री फारेनहाइट पर खौल सकता है। इसका स्मोक पॉइंट काफी ज्यादा होता है, जिस वजह से इसका इस्तेमाल खाने की चीजों को तलने के लिए किया जाता है।

References

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  2. Physicochemical properties of cold pressed sunflower, peanut, rapeseed, mustard and olive oils grown in the Eastern Mediterranean region
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  7. Oleic acid and peanut oil high in oleic acid reverse the inhibitory effect of insulin production of the inflammatory cytokine TNF-alpha both in vitro and in vivo systems
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  8. Oil, peanut, salad or cooking
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  10. Peanut Oil
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Neha Srivastava

Neha SrivastavaPG Diploma In Dietetics & Hospital Food Services

Neha Srivastava - Nutritionist M.Sc -Life Science PG Diploma in Dietetics & Hospital Food Services. I am a focused health professional and I am determined to promote healthy living. I have worked for Apollo Hospitals in Hyderabad and gained rich experience in Dietetics and Hospital Food Services. I have conducted several Diet Counselling Sessions in various Multi National Companies like...read full bio

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