नीम के फायदे, उपयोग और नुकसान – Neem Benefits, Uses and Side Effects in Hindi

by

नीम पर्यावरण के लिए जितना उत्तम है, उतना ही स्वास्थ्य के लिए बेहतर माना जाता है। शरीर से जुड़ी कई छोटी-बड़ी समस्याओं के लिए इसके पत्तों से लेकर इसकी छाल का इस्तेमाल सदियों से किया जा रहा है। आइए, स्टाइलक्रेज के इस लेख में जानते हैं कि नीम के फायदे किस प्रकार स्वास्थ्य लाभ दे सकते हैं। इसके अलावा, औषधि के रूप में नीम का उपयोग किस प्रकार किया जा सकता है, इस संबंध में भी जानकारी इस लेख में दी गई है। नीम लेख में बताई जाने वाली समस्याओं के लक्षण को कम कर सकता है, लेकिन इलाज नहीं कर सकता। इसलिए, किसी भी बीमारी के लिए डॉक्टरी उपचार को प्राथमिकता जरूर दें।

विषय सूची


आइए, सबसे पहले थोड़ा-सा नीम के बारे में जान लेते हैं।

नीम क्या है?  

नीम एक औषधीय पेड़ है, जिसके सभी भागों का इस्तेमाल स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद माना जाता है। यह  महोगनी परिवार से संबंध रखता है और इसका वानस्पतिक नाम अजादिरछा इंडिका (Azadirachta Indica) है। नीम के पेड़ का जीवनकाल 150-200 साल तक का हो सकता है। अनुमान यह है कि भारत में लगभग 18 लाख नीम के पेड़ हैं (1)। भारतीय आयुर्वेद में नीम अहम भूमिका रखता है। इसका इस्तेमाल त्वचा संबंधी समस्याओं से लेकर मधुमेह और कैंसर जैसी घातक बीमारियों के उपचार में किया जा सकता है।

आगे लेख में नीम के फायदों के बारे में विस्तारपूर्वक बताया गया है। आइए, जानते हैं नीम के स्वास्थ्यवर्धक गुणों के बारे में।

नीम के फायदे – Benefits of Neem in Hindi

नीम एंटीबैक्टीरियल, एंटीफंगल, एंटीऑक्सीडेंट और एंटीवायरल गुणों से भरपूर होता है (2)। इसके अलावा, इसमें कई गुण मौजूद होते हैं, जो कई तरह की शारीरिक परेशानियों को कम कर सकते हैं। नीचे जानिए सेहत के लिए नीम के लाभ क्या-क्या हो सकते हैं।

सेहत/स्वास्थ्य के लिए नीम  के फायदे – Health Benefits of Neem in Hindi

1. एंटीबैक्टीरियल गुण

नीम और नीम के तेल में एंटीबैक्टीरियल तत्व होते हैं (2) (3)। नीम के तेल का यह गुण त्वचा संबंधी समस्याओं के लिए कारगर हो सकता है। खुजली, रैशेज या त्वचा पर बैक्टीरियल संक्रमण की स्थिति में नीम के तेल का इस्तेमाल डॉक्टरी सलाह पर किया जा सकता है। ध्यान रहे कि जिनकी त्वचा ज्यादा संवेदनशील है, वो इस तेल का प्रयोग न करें।

2. रक्तचाप को नियंत्रित करता है

विशेषज्ञों के अनुसार, नीम के पत्तों का अर्क ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करने का काम कर सकता है। एनसीबीआई (नेशनल सेंटर फॉर बायोटेक्नोलॉजी इंफॉर्मेशन) की वेबसाइट पर प्रकाशित एक शोध में इस बात का पता चला है कि नीम के पत्तों का अर्क (NLE) उच्च रक्तचाप को सामान्य करने का काम कर सकता है। फिलहाल, यह परीक्षण सिर्फ चूहों पर किया गया है, इंसानों पर इसके प्रभाव को जानने के लिए अभी और शोध किए जाने की आवश्यकता है (4)

3. अस्थमा के लिए नीम के फायदे

अस्थमा जैसी श्वसन तंत्र से जुड़ी समस्या के लिए भी नीम के तेल के फायदे देखे जा सकते हैं। दरअसल, एक पारंपरिक औषधि के रूप में इस तेल का इस्तेमाल कई तरह की  शारीरिक समस्याओं के लिए किया जाता रहा है, जिसमें अस्थमा भी शामिल है (5)। हालांकि, यह अस्थमा पर कैसे काम करता है, इस पर अभी और शोध की आवश्यकता है।

4. अल्सर के उपचार में नीम का उपयोग

एक शोध के अनुसार, नीम की छाल का अर्क गैस्ट्रिक हाइपरएसिडिटी और अल्सर पर सकारात्मक प्रभाव दिखा सकता है (6)। इसके अलावा, एनसीबीआई के एक शोध में नीम के एंटीअल्सर गुण का जिक्र किया गया है (7) । इस आधार पर कहा जा सकता है कि नीम के गुण अल्सर से निजात दिलाने में एक सहायक भूमिका निभा सकते हैं।

5. डायबिटीज को नियंत्रित करता है

एनसीबीआई की वेबसाइट पर प्रकाशित एक रिसर्च से पता चलता है कि नीम हाइपोग्लाइसेमिक (ब्लड शुगर कम होने की प्रक्रिया) प्रभाव प्रदर्शित कर सकता है। हाइपोग्लाइसेमिक प्रभाव ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल में रखने का काम कर सकता है (8)। यह रिसर्च मधुमेह से प्रभावित खरगोशों पर किया गया था। मनुष्यों पर इसका प्रभाव कैसा होगा, इसके लिए और शोध की आवश्यकता है।

6. ओरल हेल्थ में नीम के फायदे

मुंह से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए नीम कारगर हो सकता है। माना जाता है कि ऐसे सभी माउथ क्लीनर प्रोडक्ट, जिनमें नीम का अर्क मौजूद होता है, मुंह के स्वास्थ्य के लिए अच्छे साबित हो सकते हैं। साथ ही नीम में मौजूद एंटीमाइक्रोबियल गुण दांतों में प्लाक को बढ़ाने वाले स्ट्रेप्टोकोकस म्यूटन (Streptococcus Mutans) जैसे बैक्टीरिया को पनपने से रोकने में मदद कर सकते हैं। इसके अलावा, एंटी इंफ्लेमेटरी गुणों से भरपूर नीम की पत्तियां मुंह और दांत में सूजन की स्थिति को ठीक करने में मदद कर सकती हैं। साथ ही नीम के गुण मसूड़ों में ब्लीडिंग को रोकने में भी मदद कर सकते हैं (9)

7. कुष्ठ रोग में नीम का उपयोग

नीम, कुष्ठ रोग के कुछ लक्षणों को कम करने में मदद कर सकता है। दरअसल, एनसीबीआई की वेबसाइट पर प्रकाशित एक स्टडी के अनुसार, नीम के बीज का तेल कुष्ठ रोग के उपचार में इस्तेमाल किया जा सकता है। यह अपने एंटीबैक्टीरियल गुण के कारण इस संक्रामक रोग को फैलने से रोक सकता है (10)। यहां हम स्पष्ट कर दें कि कुष्ठ रोग जैसी अवस्था में डॉक्टर से उपचार करना जरूरी है। साथ ही डॉक्टर की सलाह पर नीम का घरेलू उपचार भी किया जा सकता है।

8. मलेरिया के उपचार में नीम का उपयोग

मलेरिया के प्रभाव और इसके लक्षणों को कम करने में नीम के फायदे देखे जा सकते हैं। दरअसल, नीम की पत्तियां एंटीमलेरियल गुणों (Antimalarial Properties) से भरपूर होती हैं, जो मलेरिया की दवा के रूप में काम कर सकती हैं और इस समस्या से उबरने में मदद कर सकती हैं (11)

9. पाचन क्रिया सुधारने में मददगार

नीम के पत्तों के अर्क में एंटीस्पास्मोडिक (पेट और आंत में ऐंठन कम करने वाले) गुण पाए जाते हैं। इस चमत्कारिक पेड़ में शरीर को डिटॉक्स (हानिकारक तत्व को बाहर) करने की क्षमता भी रहती है। साथ ही नीम पाचन क्रिया को सुधारने का काम भी कर सकता है (12)

10. लिवर को स्वस्थ रखने में नीम का प्रयोग

लिवर के लिए नीम लाभकारी हो सकता है। दरअसल, नीम की पत्तियों में हेप्टोप्रोटेक्टिव (Hepatoprotective) यानि लिवर को सुरक्षा देने वाला गुण मौजूद होता है। इसकी पत्तियां लिवर से जुड़ी बीमारियों पर सकारात्मक प्रभाव दिखा सकती हैं। इसके लिए डॉक्टरी परामर्श पर नीम की पत्तियों के रस का सेवन किया जा सकता है (13)। एक अन्य रिसर्च के अनुसार, नीम के फूल में कीमो-प्रिवेंटिव (Chemopreventive) प्रभाव होता है, जो लिवर कैंसर को पनपने से रोकने में मदद कर सकता है। (14)

11. कैंसर से लड़ने में मदद करता है नीम

एनसीबीआई की वेबसाइट पर प्रकाशित एक शोध के अनुसार, नीम के बीज, पत्ते, फूल और फलों का अर्क विभिन्न प्रकार के कैंसर के विरुद्ध कीमोप्रिवेंटिव और एंटीट्यूमर गुण को प्रदर्शित कर सकता है। इसके अलावा, नीम का अर्क कैंसर कोशिकाओं के प्रसार को रोकने का काम भी कर सकता है (15)। इसलिए, कैंसर को होने से रोकने के लिए नीम का प्रयोग किया जा सकता है। साथ ही हम स्पष्ट कर दें कि कैंसर जानलेवा बीमारी है। इसलिए, अगर किसी को यह रोग है, तो उसे डॉक्टर से अपना इलाज करवाना चाहिए। सिर्फ घरेलू उपचार के भरोसे रहना उचित नहीं है।

12. कोलेस्ट्रॉल स्तर को कम करता है नीम

एनसीबीआई ने इस संबंध में एक रिसर्च को प्रकाशित किया है। इस रिसर्च के अनुसार, नीम की पत्तियों का अर्क खून में कोलेस्ट्रॉल की मात्रा को कम कर सकता है। फिलहाल, यह शोध चूहों पर किया गया है। मनुष्यों पर इसके प्रभाव को जानने के लिए और शोध की आवश्यकता है (16)। वहीं, अगर किसी को कोलेस्ट्रॉल की समस्या है, तो उसे डॉक्टर की ओर से दी गई दवा का सेवन जरूर करना चाहिए। साथ ही खान-पान पर ध्यान देना भी जरूरी है। सिर्फ दवा खाने या फिर घरेलू उपचार करने भर से कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित करना मुश्किल है।

आतंरिक स्वास्थ्य के लिए नीम के फायदे जानने के बाद अब आगे जानिए त्वचा के लिए नीम के लाभ।

त्वचा के लिए नीम के फायदे – Skin Benefits of Neem in Hindi

त्वचा के लिए नीम किसी वरदान से कम नहीं है। यह त्वचा संबंधी कई समस्याओं से निजात दिलाने का काम कर सकता है। आइए, जानते हैं कि त्वचा के लिए नीम कितना फायदेमंद है।

1. घाव और रैशेज के लिए नीम

नीम एंटी बैक्टीरियल, एंटी फंगल और एंटी इंफ्लेमेटरी गुणों से समृद्ध होता है, जो त्वचा पर घाव और रैशेज को जल्द भरने में मदद कर सकता है (9)।

कैसे इस्तेमाल करें :

सामग्री :

  • मुट्ठी भर नीम की पत्तियां
  • दो छोटे चम्मच पानी

प्रयोग की विधि :

  • सबसे पहले नीम की पत्तियों को पानी के साथ पीस कर पेस्ट बना लें।
  • इस पेस्ट को आप सीधे त्वचा पर लगा सकते हैं।
  • त्वचा पर घाव के लिए नीम की पत्तियों का लेप (पेस्ट) लगाया जा सकता है।
  • रैशेज के लिए नीम की पत्तियों का लेप या नीम के तेल की कुछ बूंदों का प्रयोग किया जा सकता है।
  • जिनकी त्वचा संवेदनशील है, वो इस उपाय को न करें।

2. मुंहासों के लिए नीम के फायदे

एक वैकल्पिक उपचार के रूप में नीम का इस्तेमाल मुंहासों से निजात पाने के लिए किया जा सकता है। जैसा कि हमने ऊपर बताया कि यह एंटी बैक्टीरियल और एंटी इंफ्लेमेटरी गुणों से समृद्ध होता है। यह न सिर्फ मुंहासे, बल्कि त्वचा से जुड़े फंगल और बैक्टीरियल संक्रमण पर भी सकारात्मक प्रभाव दिखा सकता है (17)। घाव, रैशेज और मुंहासों के लिए नीम को उपयोग करने का तरीका एक ही है, जो हम नीचे बता रहे हैं।

कैसे इस्तेमाल करें :

सामग्री :

  • मुट्ठी भर नीम की पत्तियां
  • दो छोटे चम्मच पानी

प्रयोग की विधि :

  • सबसे पहले नीम की पत्तियों को पानी के साथ पीस कर पेस्ट बना लें।
  • इस पेस्ट को आप सीधे त्वचा पर लगा सकते हैं।
  • त्वचा पर घाव के लिए नीम की पत्तियों का लेप (पेस्ट) लगाया जा सकता है।
  • रैशेज के लिए नीम की पत्तियों का लेप या नीम के तेल की कुछ बूंदों का प्रयोग किया जा सकता है।
  • इसी तरह मुंहासों के लिए नीम की पत्तियों का पेस्ट  बनाकर प्रभावित जगह पर लगाया जा सकता है।
  • साथ ही रूई की मदद से नीम के तेल की एक-दो बूंदों को मुंहासों वाली जगह पर लगाया जा सकता है।
  • जिनकी त्वचा संवेदनशील है, वो इस उपाय को न करें।

नोट – नीम का तेल बोतलबंद मिलता है, जिसे किसी भी आयुर्वेदिक स्टोर से खरीदा जा सकता है, लेकिन बेहतर होगा कि इसे घर में बनाया जाए।

त्वचा के लिए नीम के लाभ जानने के बाद अब जानिए नीम बालों के लिए कितना लाभकारी है।

बालों के लिए नीम के फायदे – Hair Benefits of Neem in Hindi

मानव जाति के लिए नीम के फायदे अनगिनत हैं। बालों की समस्याओं के लिए नीम एक शानदार आयुर्वेदिक औषधि साबित हो सकता है। आइए, जानते हैं कि नीम का इस्तेमाल बालों की समस्याओं के लिए कैसे किया जा सकता है :

1. जूं और लीख (lice) को खत्म करने में उपयोगी है नीम

जूं और लीख से छुटकारा पाने के लिए नीम एक कारगर उपचार हो सकता है। एक वैज्ञानिक शोध में नीम के तेल को जुओं के खिलाफ कारगर उपाय माना गया है। यह खासकर बच्चों में सिर की जूं के उपचार में इसे प्रभावी माना जा सकता है (17)

कैसे करें इस्तेमाल :

सामग्री :

  • चार से पांच बूंद नीम का तेल
  • दो चम्मच सरसों/नारियल तेल

प्रयोग की विधि :

  •  नीम के तेल की कुछ बूंदों को सरसों या नारियल तेल के साथ मिलाकर सिर की मालिश करें।
  • दो घंटे बाद सिर को किसी अच्छे शैम्पू से धो लें।

2. रूसी (Dandruff) में नीम के फायदे

डैंड्रफ के लिए नीम का तेल प्रकृति का उपहार साबित हो सकता है। नीम का तेल केवल डैंड्रफ ही नहीं हटाता, बल्कि स्कैल्प को साफ रखने का काम भी कर सकता है। दरअसल, नीम के एंटीफंगल गुण रूसी में लाभकारी होते हैं (18)।

कैसे इस्तेमाल करें :

  • नीम के तेल से बालों की मालिश की जा सकती है।
  •  नीम के तेल को शैंपू के साथ इस्तेमाल कर बालों को धोया जा सकता है।

लेख के इस भाग में जानिए नीम का उपयोग कैसे किया जा सकता है।

नीम का उपयोग – How to Use Neem in Hindi

नीचे बताए गए तरीकों से नीम का इस्तेमाल किया जा सकता है –

  • नीम के पत्तों का लेप फेस मास्क के रूप में किया जा सकता है।
  • ब्लड प्यूरीफायर के रूप में आधे कप पानी में आधा चम्मच नीम की पत्तियों का रस मिलाकर सेवन किया जा सकता है।
  • घाव पर नीम की पत्तियों का लेप लगाया जा सकता है।

नीम के उपयोग की मात्रा : नीम की कितनी मात्रा का इस्तेमाल करना चाहिए, यह व्यक्ति की उम्र और स्वास्थ्य स्थिति पर निर्भर करता है। इस संबंध में अभी कोई ठोस वैज्ञानिक प्रमाण उपलब्ध नहीं है। इसलिए, डॉक्टर की सलाह पर ही इसका इस्तेमाल करें।

लेख के अंत में जानिए नीम से होने वाले कुछ दुष्प्रभावों के बारे में।

नीम के नुकसान – Side Effects of Neem in Hindi

नीम कहने को तो प्रकृति का वरदान है, लेकिन इसका इस्तेमाल सतर्कता के साथ ही किया जाना चाहिये, आइये जानते हैं क्यों (19) :

  • बच्चों में नीम के तेल का सेवन उल्टी, अधिक नींद और श्वसन संबंधी समस्याओं का कारण बन सकता है।
  • नीम के तेल का टॉक्सिक प्रभाव डायरिया और मतली का कारण भी बन सकता है।

नीम का पेड़ औषधीय गुणों से भरपूर होता है, लेकिन इसके टॉक्सिक प्रभाव को अनदेखा नहीं किया जाना चाहिये। उम्मीद है कि इस लेख के जरिए आप त्वचा, बालों और सेहत के लिए नीम के फायदे जान गए होंगे। साथ ही आपको नीम के नुकसान के विषय में भी जानकारी मिल गई होगी। इसके अलावा, लेख में नीम के उपयोग संबंधी जानकारी भी साझा की गई है। यहां एक बार आपको फिर से बता दें कि नीम लेख में बताई गईं किसी भी बीमारी का इलाज नहीं है, लेकिन ये इन समस्याओं के प्रभाव को कम करने में मदद जरूर कर सकता है। लेख से जुड़ी अन्य जानकारी के लिए आप नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स की मदद ले सकते हैं।

Was this article helpful?
The following two tabs change content below.

Auli Tyagi

औली त्यागी उभरती लेखिका हैं, जिन्होंने हरिद्वार (उत्तराखंड) से पत्रकारिता और जनसंचार में एम.ए. की डिग्री हासिल की है। औली को लेखन के क्षेत्र में दो साल का अनुभव है। औली प्रतिष्ठित दैनिक अखबार और कम्युनिटी रेडियो स्टेशन से ट्रेनिंग ले चुकी हैं। औली सामाजिक मुद्दों पर लिखना पसंद करती हैं। लेखन के अलावा इन्हें वीडियो एडिटिंग और फोटोग्राफी का तकनीकी ज्ञान भी हैं। इन्हें हिंदी और उर्दू साहित्य में विशेष रुचि है।

ताज़े आलेख

scorecardresearch