नीम के पानी से नहाने के फायदे – Neem Ke Pani Se Nahane Ke Fayde In Hindi

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आयुर्वेद में नीम को एक कारगर औषधि का दर्जा दिया गया है। लंबे समय से नीम के पेड़ के विभिन्न भागों का इस्तेमाल कई शारीरिक समस्याओं के लिए किया जा रहा है। वहीं, त्वचा संबंधी समस्याओं की बात करें, तो माना जाता है कि नीम के पानी से नहाने से कई चर्म समस्याओं का प्रभाव कम हो सकता है। आइये, स्टाइलक्रेज के इस लेख में जानते हैं कि नीम लीव्स के पानी का उपयोग किस प्रकार शारीरिक समस्याओं के लिए लाभकारी हो सकता है। इस लेख में नीम के पानी में नहाने के फायदे और नीम के पानी से नहाने के नुकसान दोनों को विस्तार से बताया गया है।

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आइये, सबसे पहले जानते हैं कि नीम किस प्रकार शरीर के लिए लाभकारी है।

शरीर की देखभाल के लिए नीम – Neem For Body Care In Hindi

शरीर की देखभाल में नीम मुख्य भूमिका निभा सकता है। एनसीबीआई (नेशनल सेंटर फॉर बायोटेक्नोलॉजी इंफॉर्मेशन) की वेबसाइट पर प्रकाशित एक वैज्ञानिक अध्ययन के मुताबिक, नीम में एंटीबैक्टीरियल, एंटीफंगल, और एंटीवायरल गुण मौजूद होते हैं, जो शरीर को संक्रमण से बचाने का काम कर सकते हैं। साथ ही इसमें एंटी इंफ्लेमेटरी गुण भी होता है, जो सूजन की समस्या को कम करने का काम कर सकता है। इसके अलावा, ऐसा माना जाता है कि नीम में सांप के जहर के प्रभाव को कम करने की क्षमता भी होती है, हालांकि इसे लेकर अभी और सटीक शोध की आवश्यकता है (1)।

आगे और जानकारी है

अब विस्तार से जानिए नीम के पत्ते के पानी से नहाने के फायदे।

नीम के पानी से नहाने के फायदे – Health Benefits of Bathing With Neem Water in Hindi

नीम के पानी से नहाने के फायदे किस तरह काम कर सकते हैं, यह हम नीचे बता रहे हैं। वहीं, इस बात का ध्यान रखें कि यह किसी भी तरीके से शारीरिक समस्या का डॉक्टरी इलाज नहीं है। इसका उपयोग कुछ हद तक शारीरिक समस्याओं के प्रभाव को कम करने में मदद कर सकता है। अब आगे पढ़ें नीम के पानी में नहाने के फायदे :

1. एलर्जी से राहत

नीम का उपयोग एलर्जी से राहत पाने के लिए किया जा सकता है। इस संबंध में पब्लिश एक मेडिकल रिसर्च की मानें, तो नीम के अर्क में एंटी-एलर्जिक गुण पाया जाता है। यह गुण एलर्जी की समस्या से बचने के साथ ही इस समस्या को कम करने का भी काम कर सकता है। इसलिए, ऐसा माना जा सकता है कि नीम पानी से नहाने पर एलर्जी के जोखिम को कम किया जा सकता है (2)।

2. शरीर की दुर्गंध दूर करने के लिए

अगर नीम के पत्ते के पानी से नहाने के फायदे की बात की जाए, तो यह शरीर की दुर्गंध को कम करने का काम भी कर सकता है। दरअसल, शरीर से दुर्गंध आने का एक बड़ा कारण बैक्टीरिया को माना जाता है। दरअसल, पसीने के कारण बैक्टीरिया उत्पन्न होते हैं, जिससे बाद ये शरीर की दुर्गंध कारण बनते हैं (3)। वहीं, नीम में एंटी बैक्टीरियल गुण मौजूद होता है, जो कि बैक्टीरिया को नष्ट कर शरीर की दुर्गंध को कम कर सकता है (4)। फिलहाल, इस संबंध में अभी और वैज्ञानिक शोध की आवश्यकता है।

3. एंटी-फंगल प्रभाव

नीम लीव्स के पानी का उपयोग फंगल संक्रमण के जोखिम को कम करने के लिए किया जा सकता है। इससे जुड़े एक वैज्ञानक रिसर्च के अनुसार, नीम में एंटी-फंगल गुण पाए जाते हैं, जो फंगी यानी कवक से शरीर को बचाने और इसके प्रभाव को कम करने में मदद कर सकता है। इससे दाद और कैंडिडा (एक प्रकार का फंगस) संक्रमण से बचा जा सकता है (4)। ऐसे में कहा जा सकता है कि नीम के पानी में नहाने के फायदे एंटी-फंगल के रूप में भी काम कर सकते हैं।

4. सोरायसिस के लिए

सोरायसिस एक प्रकार की त्वचा से जुड़ी समस्या है। इसमें जलन और खुजली के साथ त्वचा पपड़ीदार और लाल हो जाती है (5)। सोरायसिस की समस्या को कम करने के लिए नीम के पानी से स्नान कर सकते हैं। एक वैज्ञानिक अध्ययन में दिया हुआ है कि नीम में एंटी-बैक्टीरियल प्रभाव पाए जाते हैं, जो सोरायसिस से कुछ हद तक राहत दिला सकते हैं (4)। ऐसे में इस समस्या के इलाज में नीम के पत्ते के पानी से नहाने के फायदे हो सकते हैं।

5. एंटी-एजिंग के तौर पर

बढ़ती उम्र के लक्षण को कम करने में भी नीम बाथ मदद कर सकता है। इससे जुड़े एक वैज्ञानिक रिसर्च की मानें, तो नीम के पत्ते का एथेनॉलिक अर्क एंटी-एजिंग प्रभाव प्रदर्शित कर सकता है। एंटी-एजिंग प्रभाव बढ़ती उम्र के लक्षण जैसे झुर्रियां व महीन रेखाओं को कम करने में मदद कर सकता है (6)।

6. दर्द कम करने लिए

नीम के पानी में नहाने के फायदे दर्द को कम करने के रूप में भी देखे जा सकते हैं। एनसीबीआई की वेबसाइट पर पब्लिश एक वैज्ञानिक अध्ययन के मुताबिक, नीम में एनाल्जेसिक (दर्द निवारक) गुण मौजूद होता है। यह गुण दर्द से राहत दिलाने का काम कर सकता है। इस आधार पर माना जा सकता है कि नीम के पानी से स्नान करने से दर्द को कम किया जा सकता है (7)।

7. रूसी से छुटकारा

नीम के पानी से नहाने के फायदे की बात की जाए, तो यह रूसी की समस्या से निजात दिला सकता है। एक मेडिकल रिसर्च में दिया है कि नीम में एंटीफंगल और एंटीबैक्टीरियल गुण पाए जाते हैं, जो रूसी की समस्या को कम करने में मदद कर सकते हैं (8)। इस आधार पर हम डैंड्रफ के लिए नीम बाथ को कारगर मान सकते हैं।

8. बालों के लिए

नीम के पानी में नहाने के फायदे बालों पर भी नजर आ सकते हैं। एक वैज्ञानिक शोध में दिया हुआ है कि नीम स्कैल्प को ठंडा रखने और बालों को चमकदार व मुलायम बनाने के साथ ही बालों के विकास को बढ़ावा दे सकता है (9)। इसके अलावा, नीम के पानी से नहाने से रूसी की समस्या को भी कम किया जा सकता है, जिसकी जानकारी हम ऊपर दे चुके हैं।

लेख अंत तक पढ़ें

चलिए, अब जान लेते हैं नीम के पानी से नहाने के नुकसान।

नीम के पानी से नहाने के नुकसान – Side Effects of Neem Water Bath in Hindi

नीम के पानी से नहाने के नुकसान से जुड़े वैज्ञानिक शोध का अभाव है। फिर भी इसके कुछ संभावित नुकसान देखे जा सकते हैं, जो कुछ इस प्रकार हैं :

  • अधिक संवेदनशील त्वचा वालों में इससे हल्की जलन महसूस हो सकती है।
  • वैसे तो नीम एलर्जी की समस्या को कम कर सकता है (12)। वहीं, कुछ मामलों में यह एलर्जी को बढ़ाने का कारण भी बन सकता है (10)। फिलहाल, इस विषय में अभी और शोध की आवश्यकता है।

दोस्तों, अब आप समझ गए होंगे कि नीम के पत्ते को पानी में मिलाकर नहाना त्वचा व बालों के लिए किस प्रकार लाभकारी हो सकता है। इसलिए, नीम के पानी से नहाने के फायदे पाने के लिए हफ्ते में दो-तीन बार नीम के पानी से स्नान किया जा सकता है। वहीं, नीम के पानी से नहाने के बाद कुछ दुष्प्रभाव नजर आते हैं, तो इसका इस्तेमाल बंद करें और डॉक्टर से संपर्क जरूर करें। हम उम्मीद करते हैं कि यह लेख आपके लिए मददगार रहा होगा।

अब हम नीम लीव्स के पानी के उपयोग से जुड़े कुछ सवालों के जवाब दे रहे हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल :

क्या नीम का पानी त्वचा को काला करता है?

इस तथ्य से जुड़े वैज्ञानिक शोध का अभाव है। इससे जुड़ी जानकारी डॉक्टर से ली जा सकती है।

क्या हम रोजाना नीम के पानी से स्नान कर सकते हैं?

जी हां, अगर किसी को घमौरी या एलर्जी जैसी त्वचा समस्या है, तो नीम के पानी से समस्या ठीक होने तक रोजाना स्नान किया जा सकता है। वहीं, सामान्य रूप से हफ्ते में दो-तीन बार नीम बाथ लिया जा सकता है।

क्या नीम के पानी से नहाने से मुंहासे कम हो सकते हैं?

जी हां, नीम के पानी से नहाने पर मुंहासे की समस्या कम हो सकती है (4)।

10 Sources

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भूपेंद्र वर्मा ने सेंट थॉमस कॉलेज से बीजेएमसी और एमआईटी एडीटी यूनिवर्सिटी से एमजेएमसी किया है। भूपेंद्र को लेखक के तौर पर फ्रीलांसिंग में काम करते 2 साल हो गए हैं। इनकी लिखी हुई कविताएं, गाने और रैप हर किसी को पसंद आते हैं। यह अपने लेखन और रैप करने के अनोखे स्टाइल की वजह से जाने जाते हैं। इन्होंने कुछ डॉक्यूमेंट्री फिल्म की स्टोरी और डायलॉग्स भी लिखे हैं। इन्हें संगीत सुनना, फिल्में देखना और घूमना पसंद है।

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