नेटल टी पीने के 6 फायदे और नुकसान – Nettle Tea Benefits and Side Effects in Hindi

Written by , (शिक्षा- बैचलर ऑफ जर्नलिज्म एंड मीडिया कम्युनिकेशन)

लोग आजकल चाय की चुस्कियां स्वाद के लिए ही नहीं, बल्कि सेहतमंद रहने के लिए भी लेते हैं। इन दिनों बाजार में  औषधीय गुणों से भरपूर तरह-तरह की चाय मौजूद है। इन्हीं में से एक नेटल टी भी है। यह हर्बल नेटल टी पीने के फायदे क्या हैं, इस विषय पर हम स्टाइलक्रेज के इस लेख में बता रहे हैं। साथ ही इसका उपयोग और नेटल टी पीने के नुकसान की जानकारी भी आपको यहां मिलेगी। बस ध्यान दें कि नेटल टी नीचे बताई गई समस्याओं का इलाज नहीं है। इसमें सिर्फ शारीरिक परेशानियों से बचाव और उन्हें कुछ हद तक नियंत्रित करने की क्षमता होती है।

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चलिए, सीधे लेख के मुख्य विषय यानी नेटल टी पीने के फायदे के बारे में जान लेते हैं।

नेटल टी पीने के फायदे – Benefits of Nettle Tea in Hindi

औषधीय गुणों से भरपूर बिच्छू बूटी से बनाई जाने वाली नेटल टी में कई विटामिन और मिनरल्स होते हैं (1)। जाहिर सी बात है बिच्छू बूटी से बनने वाली चाय में भी उसके गुण मौजूद होंगे ही। इसी वजह से नेटल टी को दूसरे देशों में भी औषधि के रूप में इस्तेमाल किया जा जाता है (2)। आगे हमने बिच्छू बूटी और उसके अर्क में मिलने वाले गुणों और प्रभाव के आधार पर नेटल टी के फायदे बताए हैं, जो कुछ इस प्रकार हैं।

1. डायबिटीज

साल 2013 में हुए एक रिसर्च में कहा गया है कि बिच्छू का अर्क रक्त शर्करा को कम करके टाइप-2 डायबिटीज को नियंत्रित कर सकता है (3)। बताया जाता है कि इससे टाइप-2 मधुमेह रोगियों का फास्टिंग ब्लड शुगर कम हो सकता है (4)। दरअसल, इसमें हाइपोग्लाइसेमिक प्रभाव होता है, जो ग्लूकोज को आंत में अवशोषित होने से रोकने की क्षमता प्रदर्शित कर सकता है (5)। ऐसे में कहा जा सकता है कि नेटल टी से डायबिटीज से बचाव हो सकता है।

2. अर्थराइटिस

नेटल टी में एंटी इंफ्लेमेटरी प्रभाव होता है। इस प्रभाव से ऑटोइम्यून बीमारी जैसे रूमेटाइड अर्थराइटिस के लक्षण को कुछ कम किया जा सकता है। साथ ही नेटल टी ऑस्टियोअर्थराइटिस (गठिया का एक प्रकार) के लक्षण और जोड़ों के दर्द को भी कम कर सकता है। इसी वजह से कहा जाता है कि अर्थराइटिस में नेटल टी मददगार हो सकती है (1)

3. यूरिनरी ट्रैक्ट हेल्थ

यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन से बचाव करने में भी बिच्छू बूटी मददगार साबित हो सकती है (6)। दरअसल, बैक्टीरिया के कारण यह इंफेक्शन होता है (7)। ऐसे में माना जाता है कि बिच्छू की पत्तियों में मौजूद एंटी बैक्टीरियल प्रभाव यूटीआई से बचाने का काम कर सकता है (5)

साथ ही प्रोस्टेट के बढ़ने से भी यूरिनरी ट्रैक्ट संबंधित परेशानी हो सकती है (8)। एनसीबीआई द्वारा प्रकाशित एक वेबसाइट में लिखा है कि बिच्छू के अर्क में बढ़े हुए प्रोस्टेट ग्रंथि के लक्षण को कम करने की क्षमता हो सकती है (9)। इसी वजह से नेटल टी को यूरिनरी ट्रैक्ट हेल्थ के लिए अच्छा माना जा सकता है।

4. स्ट्रेस दूर करे

बिच्छू बूटी से संबंधित एक शोध के अनुसार, इसकी पत्तियों में स्ट्रेस कम करने वाला प्रभाव भी हो सकता है। रिसर्च में कहा गया है कि बिच्छू बूटी स्ट्रेस कम कर सकती है, लेकिन इसके पीछे का कारण स्पष्ट नहीं है (1)। वहीं, इससे संबंधित एक अन्य रिसर्च पेपर के मुताबिक, बिच्छू बूटी में मैग्नीशियम होता है, जिसे तनाव को कम व दूर करने के लिए प्रभावी माना जाता है (5)। इस आधार पर कहा जा सकता है कि नेटली टी से स्ट्रेस भी दूर हो सकता है।

5. इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए

बिच्छू बूटी के फायदे में इम्यूनिटी बढ़ाना भी शामिल है। इससे संबंधित एक रिसर्च की मानें, तो इसमें इम्यून रिस्पांस यानी रोग प्रतिरोधक प्रतिक्रिया को बेहतर करने वाला प्रभाव हो सकता है। बताया जाता है कि बिच्छू बूटी के अर्क में मौजूद लिगनेन कंपाउंड प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया में सुधार करते हैं। इसके अलावा, यह रोग प्रतिरक्षा क्षमता को बढ़ाने और बेहतर करने में भी मदद कर सकता है (1)

6. हार्ट हेल्थ

हृदय को स्वस्थ रखने में भी नेटल टी सहायक हो सकती है। दरअसल, बिच्छू बूटी में क्वेरसेटिन, कैम्पफेरोल और रुटिन जैसे फ्लेवोनोइड्स होते हैं। ये सभी फ्लेवोनोइड्स शरीर में एंटीऑक्सीडेंट और एंटी इंफ्लेमेटरी प्रभाव दिखाते हैं। इन प्रभावों की वजह से बिच्छू बूटी ऑक्सीडेटिव डैमेज को कम करके हृदय रोग से बचाने में मदद कर सकती है। रिसर्च में कहा गया है कि नेटल टी भी यह प्रभाव प्रदर्शित कर सकती है (5)

लेख में बने रहें

आगे नेटल टी के उपयोग के बारे में जानते हैं। इसके बाद हम नेटल टी पीने के नुकसान भी बताएंगे।

नेटल टी का उपयोग – How to Use Nettle Tea in Hindi

बिच्छू बूटी से बनी नेटल टी का उपयोग सुबह, शाम या दोपहर किसी भी समय किया जा सकता है। इसे अपनी सामान्य चाय की जगह भी रोजाना एक से दो बार पी सकते हैं। ध्यान दें कि संवेदनशील और गंभीर शारीरिक समस्याओं से जूझ रहे लोगों को डॉक्टर से पूछकर ही नेटल टी को अपनी डाइट में शामिल करना चाहिए।

अंत तक पढ़ें लेख

अब एक नजर नेटल टी पीने के नुकसान पर डाल लेते हैं।

ज्यादा नेटल टी पीने के नुकसान – Side Effects of Nettle Tea in Hindi

ज्यादा नेटल टी पीने से कुछ नुकसान भी हो सकते हैं। नेटली टी के ये नुकसान क्या हैं, जानने के लिए इस लेख को आगे पढ़ें (1)

  • नेटल टी पीने से स्किन रैशेज हो सकते हैं। रिसर्च में कहा गया है कि ऐसा बहुत कम मामलों में होता है।
  • डायबिटीज की दवा का सेवन करने वालों का ग्लूकोज लेवल बहुत कम हो सकता है, क्योंकि इसमें एंटीडायबिटिक प्रभाव होता है।
  • नाक में भारीपन महसूस हो सकता है।
  • छींक आना या खुजली जैसी परेशानी हो सकती है।

नेटल टी यानी बिच्छू बूटी से बनी चाय सेहत के लिए कितनी फायदेमंद हो सकती है, यह आप समझ ही गए होंगे। इस चाय की चुस्की को सेहत की चुस्की कहा जाए, तो कुछ गलत नहीं होगा। बस आप इसे अपनी डाइट में शामिल करने से पहले इसके फायदे के साथ ही नुकसान पर भी गौर कर लें। दोनों पहलुओं को समझने के बाद ही इसे पीने व न पीने का फैसला लेना चाहिए। अगर इसे डाइट में शामिल कर रहे हैं, तो इसका सेवन अधिक मात्रा में बिल्कुल भी न करें, क्योंकि किसी भी चीज की अति नुकसान पहुंचा सकती है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या नेटल टी महंगी है?

हां, नेटल टी अन्य चाय के मुकाबले थोड़ी महंगी हो सकती है।

मैं नेटली टी को आसानी से कहां से खरीद सकता हूं?

आप नेटल टी को आसानी से ऑनलाइन इस लिंक पर क्लिक करके खरीद सकते हैं।

क्या हर रोज बिछुआ चाय पीना सुरक्षित है?

हां, स्वस्थ व्यक्ति रोजाना बिछुआ चाय पी सकते हैं। शारीरिक समस्या से जूझ रहे या फिर दवाओं का सेवन कर रहे लोगों को इस चाय को डाइट में शामिल करने से पहले एक बार डॉक्टर से परामर्श करना जरूरी है।

क्या बिछुआ चाय सोने में मदद करती है?

हां, नेटल टी पीने के बाद अच्छी नींद आ सकती है। इससे संबंधित एक रिसर्च में लिखा है कि बिच्छू बूटी युक्त टैबलेट का सेवन करने से किडनी संबंधी समस्या से जूझ रहे लोगों को नींद की कमी की परेशानी से कुछ राहत मिली। साथ ही इससे नींद की अवधि यानी स्लीप ड्यूरेशन भी बढ़ सकता है (10)

क्या बिछुआ चाय पीने से पेशाब आता है?

हां, बिछुआ चाय में ड्यूरेटिक प्रभाव होता है, जिस कारण पेशाब आ सकता है (5)

Sources

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