नींबू के 14 फायदे, उपयोग और नुकसान – All About Lemon (Nimbu) in Hindi

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छोटा सा दिखने वाला नींबू औषधीय गुणों का खजाना है। इसके रस का इस्तेमाल जायकेदार व्यंजनों से लेकर कई तरह की रिफ्रेशिंग ड्रिंक्स बनाने के लिए किया जाता है। भले ही नींबू स्वाद में खट्टा हो, लेकिन नींबू के फायदे कई हैं। नींबू का उपयोग शरीर के लिए कई तरह से फायदेमंद हो सकता है। यही कारण है कि स्टाइलक्रेज के इस लेख में हम न सिर्फ नींबू के गुण बताएंगे बल्कि नींबू का उपयोग किन-किन तरीकों से किया जा सकता है, यह जानकारी भी साझा करेंगे। इस लेख में नींबू के फायदे और नुकसान दोनों के बारे में ही विस्तार से बताया गया है। आइए, इस लेख के जरिए जानते हैं नींबू के बारे में कुछ खास।

जानें विस्तार से

सबसे पहले जानते हैं कि नींबू में ऐसे कौन से औषधीय गुण हैं, जो इसे इतना लाभकारी बनाते हैं।

 नींबू के औषधीय गुण

नींबू खासतौर पर अपने खट्टे रस के लिए उपयोग में लाया जाता है। इसमें कई औषधीय गुण मौजूद हैं। यह विटामिन-सी से भरपूर होता है। इसके साथ ही इसमें कैल्शियम, पोटेशियम, फाइबर जैसे पोषक तत्व भी मौजूद होते हैं (1)। इसके अलावा, यह एंटी-कैंसर, एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटी-माइक्रोबियल गुणों से भी समृद्ध है। वहीं, यह रक्त को साफ करने और अस्थमा की स्थिति में भी उपयोगी हो सकता है (2) (3)। इन्हीं के बारे में हम आगे विस्तार से जानेंगे। आइए, जानते है नींबू खाने से क्या होता है।

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अब बारी आती है नींबू के फायदे के बारे में विस्तार से जानने की। लेख इस भाग में जानिए नींबू के फायदे क्या-क्या हैं।

नींबू के फायदे – Benefits of Lemon in Hindi

नीचे पढ़ें नींबू के फायदे स्वास्थ्य के लिए क्या-क्या हो सकते हैं।

1. वजन कम करने के लिए नींबू के फायदे

अगर कोई वजन घटाने के लिए प्राकृतिक उपाय की तलाश में है, तो नींबू लाभकारी हो सकता है। एनसीबीआई (National Center for Biotechnology Information) की वेबसाइट पर प्रकाशित चूहों पर किए गए एक अध्ययन के अनुसार, नींबू में मौजूद पॉलीफेनॉल्स बढ़ते मोटापे को नियंत्रित कर सकते हैं। शरीर में अतिरिक्त फैट के जमाव को रोकने के लिए ये पॉलीफेनॉल्स कारगर माने गए हैं (4)। इसके अलावा, इसी विषय पर किए गए एक अन्य शोध में, एक डिटॉक्स ड्रिंक के रूप में नींबू शरीर से फैट को कम करने में मदद कर सकता है (5)। इसके अलावा, नींबू को विटामिन-सी का भी अच्छा स्रोत माना गया है और वजन घटाने के लिए विटामिन-सी सबसे खास तत्व माना जाता है (6)। इतना ही नहीं, वजन घटाने के लिए कई लोग नींबू पानी में शहद का सेवन भी करते हैं, जो वजन घटाने के लिए एक सुरक्षित घरेलू उपाय हो सकता है (7)। हालांकि, इसके साथ डाइट और व्यायाम पर ध्यान देना भी आवश्यक है।

2. कैंसर के लिए नींबू

इसमें कोई शक नहीं कि कैंसर एक गंभीर बीमारी है और इसका एक मात्र उपाय डॉक्टरी इलाज ही है। हालांकि, जीवनशैली और खानपान की आदतों में बदलाव कर इसके जोखिम को कम जरूर किया जा सकता है (8)। खासतौर पर अगर सिट्रस फल जैसे – संतरे और नींबू की बात की जाए, तो इनके सेवन से कैंसर से बचाव हो सकता है (9)। इसके अलावा, एनसीबीआई की वेबसाइट पर प्रकाशित एक अध्ययन के अनुसार नींबू जैसे सिट्रस फलों का सेवन करने से अग्नाशय के कैंसर (Pancreatic Cancer) से बचा जा सकता है (10) (11)। वहीं, एक अन्य अध्ययन के अनुसार, नींबू में मौजूद फ्लेवोनोइड्स एंटीकैंसर के रूप में काम कर सकते हैं (12)। साथ ही सिट्रस फलों में एंटी-ट्यूमर और केमोप्रीवेंटिव गुण भी मौजूद है(13) (14)।

3. फीवर के लिए नींबू

बुखार होने के पीछे कई कारण हो सकते हैं, जिसमें बैक्टीरियल और वायरल संक्रमण प्रमुख हैं (15)। ऐसे में यहां नींबू का सेवन मददगार हो सकता है। कई लोग बुखार के लिए घरेलू उपाय के तौर पर भी नींबू का उपयोग करते हैं (3)। अगर बात करें नींबू के गुण की, तो यह विटामिन-सी से समृद्ध होता है और इससे बैक्टीरिया व वायरस के कारण होने वाले संक्रमण से बचाव करने में मदद मिल सकती है (16), (17)। हालांकि, इस बारे में सटीक वैज्ञानिक शोध की कमी है, लेकिन जैसा कि इसमें विटामिन-सी है, तो रोग-प्रतिरोधक क्षमता में सुधार और बुखार से बचाव के लिए घरेलू उपाय के तौर पर नींबू का सेवन लाभकारी हो सकता है। इसके अलावा, सामान्य गले की खराश के लिए भी नींबू का उपयोग किया जा सकता है (18)।

4. हृदय के लिए नींबू

नींबू का रस हृदय को स्वस्थ रखने में भी अहम भूमिका निभा सकता है। जैसा कि हमने बताया कि नींबू विटामिन-सी बड़ा स्रोत है और विटामिन-सी युक्त खाद्य पदार्थ कोरोनरी हृदय रोग के जोखिम को कम कर सकते हैं (19)। कई बार ब्लड प्रेशर की समस्या भी हृदय रोग का कारण बन सकती है (20)। ऐसे में कुछ वैज्ञानिक अध्ययन बताते हैं कि विटामिन-सी रक्तचाप को नियंत्रित करने का काम भी करता है, जो हृदय के लिए लाभकारी हो सकता है (21)। वहीं, नींबू जैसे सिट्रिक फल फ्लेवोनोइड्स से भरपूर होते हैं, जो एथेरोस्क्लेरोसिस (धमनियों में प्लाक जमना) के उपचार में मदद कर सकते हैं (22)। सिट्रस फ्लेवोनोइड्स की क्षमता की बात की जाए, तो यह ऑक्सीडेटिव तनाव, हाइपरलिपिडेमिया (Hyperlipidemia – खून में जमा फैट), सूजन को कम करने, धमनी रक्तचाप और लिपिड चयापचय में सुधार का काम कर सकता है (23)। हृदय को स्वस्थ रखने के लिए दैनिक जीवन में नींबू को शामिल किया जा सकता है।

5. किडनी स्टोन के लिए नींबू

जिनको किडनी स्टोन की शिकायत है, वो अपने डाइट में नींबू को शामिल कर सकते हैं। दरअसल, नींबू में मौजूद सिट्रेट गुण स्टोन्स को बनने से रोक सकता है (24)। ऐसे में भरपूर मात्रा में पानी के साथ-साथ नींबू पानी का सेवन भी लाभकारी हो सकता है। हालांकि, बेहतर है कि इस बारे में डॉक्टरी सलाह भी ली जाए।

6. एनीमिया से बचाव के लिए नींबू

अगर शरीर को सही मात्रा में आयरन न मिले, तो खून की कमी यानी एनीमिया का जोखिम हो सकता है (25)। ऐसे में एनसीबीआई की वेबसाइट पर प्रकाशित स्टडी के अनुसार, अगर आयरन युक्त खाद्य पदार्थों के साथ विटामिन-सी युक्त आहार का सेवन किया जाए, तो शरीर में आयरन के सही अवशोषण में मदद मिल सकती है (26) (27)। इस स्थिति में आयरन युक्त आहार के साथ नींबू, जो कि एक विटामिन-सी युक्त खाद्य पदार्थ है लाभकारी हो सकता है और खून की कमी के जोखिम से बचाव कर सकता है।

7. रोग प्रतिरोधक क्षमता

अगर व्यक्ति की रोग प्रतिरोधक क्षमता यानी इम्यून पावर सही हो, तो व्यक्ति का शरीर बीमारियों के जोखिम से बच सकता है। ऐसे में विटामिन-सी रोग प्रतिरोधक क्षमता में सुधार करने में काफी सहायक हो सकता है। विटामिन-सी कई तरह की शारीरिक समस्याओं से शरीर का बचाव कर सकता है (28) (29)। ऐसे में रोग प्रतिरोधक क्षमता में सुधार करने, खुद को बीमारी से बचाव करने के लिए घरलू उपाय के तौर नींबू  को आहार में शामिल किया जा सकता है।

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8. लिवर के लिए नींबू रस के फायदे

नींबू या नींबू रस के फायदे की बात की जाए, तो यह लिवर के लिए भी काफी फायदेमंद हो सकता है। दरअसल, एनसीबीआई की वेबसाइट पर प्रकाशित एक शोध में, अल्कोहल से प्रभावित लीवर पर नींबू की सुरक्षात्मक प्रतिक्रिया देखी गई है। इसका कारण नींबू में मौजूद हेपटॉपरटेक्टिव (Hepatoprotective) गुण को माना जा सकता है (30)। इसके अलावा, एक अन्य शोध के अनुसार, बिना चीनी का फर्मेन्टेड नींबू जूस लिवर की सूजन और चोट में सुधार करने में सहायक हो सकता है (31)। दरअसल, ये शोध जानवरों पर किए गए हैं, ऐसे में इंसानों पर इसका कितना असर होगा, इस बारे में अभी और शोध की जरूरत है। हालांकि, लिवर को स्वस्थ रखने के लिए नींबू के जूस का सेवन किया जा सकता है।

9. श्वसन स्वास्थ्य के लिए नींबू

श्वसन समस्या की बात करें, श्वसन तंत्र के संक्रमण से कई तरह की समस्याएं जैसे – दमा, खांसी, ब्रोंकाइटिस, निमोनिया या अन्य फेफड़ों से संबंधित परेशानियां हो सकती है (32)। ऐसे में शोध के अनुसार विटामिन-सी श्वसन तंत्र के संक्रमण से बचाव में सहायक हो सकता है (33)। विटामिन-सी युक्त नींबू का सेवन सूजन और संक्रमण से भी लड़ने में सहायक हो सकता है। इतना ही नहीं, नींबू का जूस और शहद मिलाकर घरेलू कफ सिरप भी तैयार कर सेवन किया जा सकता है (34)। इतना ही नहीं, विटामिन-सी पूरक और चिकित्सीय खुराक का कॉम्बिनेशन सीने में दर्द, बुखार और ठंड लगने की समस्या से भी राहत दिला सकता है (35)।

10. ब्लड प्रेशर के लिए नींबू

नींबू में मौजूद विटामिन-सी ब्लड प्रेशर को संतुलित रखने का काम काम कर सकता है (21)। इसके अलावा, इसी विषय में किए गए शोध में यह भी पाया गया है कि नींबू का सेवन और नियमित वॉक करने से रक्तचाप का स्तर कम हो सकता है (36)। हालांकि, अगर कोई ब्लड प्रेशर की दवाइयों का सेवन कर रहा है, तो नींबू का उपयोग करने से पहले, एक बार डॉक्टरी सलाह भी जरूर लें।

11. मुंहासों के लिए नींबू

नींबू सिर्फ स्वास्थ्य के लिए ही नहीं बल्कि त्वचा के लिए भी लाभकारी हो सकता है। मुंहासों से प्रभावित त्वचा पर नींबू का जूस या नींबू का तेल लगाया जा सकता है (37)। हल्के-फुल्के मुंहासो के लिए इसे एक प्रभावकारी घरेलू नुस्खे की तरह उपयोग किया जा सकता है।

12. स्ट्रेच मार्क्स

शरीर के वजन और आकार में बदलाव के कारण नजर आने वाले स्ट्रेच मार्क्स कई लोगों के लिए परेशानी का कारण बन सकते हैं (38)। ऐसे में विटामिन-सी स्ट्रेच मार्क्स की समस्या को कम कर सकता है। एक स्टडी के अनुसार विटामिन-सी त्वचा में कोलेजन को बढ़ाकर स्ट्रेच मार्क्स को कम करने में सहायक हो सकता है (39)। ऐसे में स्ट्रेच मार्क्स की परेशानी को कम करने के लिए नींबू का सहारा ले सकते हैं। हालांकि, स्ट्रेच मार्क्स के दाग को पूरी तरह खत्म नहीं किया जा सकता है, लेकिन उपाय करने से दाग हल्के हो सकते हैं। इसके अलावा नींबू एक घरेलू उपाय के तौर पर है, इसे लेकर शोध का अभाव है, इसलिए नींबू का असर यह दाग की स्थिति पर भी निर्भर करता है।

13. झुर्रियों के लिए

झुर्रियों को कम करने के लिए नींबू कारगर हो सकता है। नींबू में मौजूद विटामिन-सी की यहां सुरक्षात्मक भूमिका देखी जा सकती है। विटामिन-सी एक कारगर एंटीऑक्सीडेंट है और झुर्रियों को हटाकर एजिंग के प्रभाव को कम करने में मदद कर सकता है। इसमें मौजूद एंटी-एजिंग गुण इसका कारण हो सकता है (40)। इसके अलावा, विटामिन-सी कोलेजन को बढ़ा सकता है और सूर्य की हानिकारक पराबैंगनी किरणों से त्वचा की रक्षा भी कर सकता है (41)। ऐसे में नींबू का उपयोग किया जा सकता है। वहीं, एक अन्य शोध में यह बात भी सामने आई है कि सिट्रस फलों के जूस के सेवन से ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस के कारण होने वाली प्रीमैच्योर स्किन एजिंग से बचाव हो सकता है (42)। तो, नींबू का रस लगाना और इसका सेवन करना दोनों मामलों में यह लाभकारी हो सकता है।

14. बालों के लिए नींबू

बालों की बात करें, तो डैंड्रफ की समस्या काफी आम है। डैंड्रफ लगभग 50 प्रतिशत आबादी को प्रभावित करती है (43)। ऐसे में बालों में नींबू का रस लगाने के फायदे में नींबू का रस डैंड्रफ कम करने के लिए एक आसान घरेलू उपाय हो सकता है। नींबू स्कैल्प और बालों को स्वस्थ रखने में सहायक हो सकता है (44)। अब सवाल यह उठता है कि बालों में नींबू कैसे लगाएं, तो हम बता दें कि एक कटोरी में निम्बू का रस निकालें और रूई की मदद से लगाएं।

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अब जानते हैं कि बेनिफिट्स ऑफ लेमन के लिए इसमें ऐसे कौन से औषधीय गुण शामिल हैं।

नींबू के पौष्टिक तत्व – Lemon Nutritional Value in Hindi

नीचे हम नींबू में मौजूद पौष्टिक तत्वों की सूची साझा कर रहे हैं (1)।

पौष्टिक तत्वप्रति 100 ग्राम
पानी88.98 ग्राम
ऊर्जा29 केसीएएल
प्रोटीन1.1 ग्राम
टोटल लिपिड (फैट)0.3 ग्राम
कार्बोहाइड्रेट9.32 ग्राम
फाइबर2.8 ग्राम
शुगर2.5 ग्राम
कैल्शियम26 मिलीग्राम
आयरन 0.6 मिलीग्राम
मैग्नीशियम8 मिलीग्राम
फास्फोरस16 मिलीग्राम
पोटेशियम138 मिलीग्राम
सोडियम2 मिलीग्राम
जिंक0.06  मिलीग्राम
कॉपर0.037 मिलीग्राम
मैंगनीज0.03 मिलीग्राम
 सेलेनियम0.4 माइक्रोग्राम
विटामिन-सी53 मिलीग्राम
विटामिन बी 60.08 मिलीग्राम
फोलेट, टोटल 11 माइक्रोग्राम
कोलीन, टोटल5.1 मिलीग्राम
विटामिन ए, आरएई1 माइक्रोग्राम
कैरोटीन बीटा3 माइक्रोग्राम
कैरोटीन अल्फा1 माइक्रोग्राम
विटामिन ए आईयू22 आईयू
ल्यूटिन-जिआजेंथिन11 माइक्रोग्राम
विटामिन-ई (अल्फा टोकोफेरॉल)0.15 मिलीग्राम
फैटी एसिड्स, टोटल सैचुरेटेड0.039  ग्राम
फैटी एसिड्स, टोटल मोनोअनसैचुरेटेड0.011 ग्राम
फैटी एसिड्स, टोटल पोलीअनसैचुरेटेड0.089 ग्राम

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लेख के इस भाग में हम नींबू के उपयोग के सही तरीकों की जानकारी देंगे।

नींबू का उपयोग – How to Use Lemon in Hindi

नीचे पढ़ें नींबू के फायदे के लिए इसका किन-किन तरीकों से उपयोग किया जा सकता है।

  • नींबू का उपयोग जूस के तौर पर किया जा सकता है।
  • नींबू के रस का उपयोग सलाद में किया जा सकता है।
  • नींबू की चाय पी सकते हैं।
  • नींबू का उपयोग सोडा या मोजितो बनाने में किया जा सकता है। कई लोग खाना खाने के बाद निम्बू पानी पीने के फायदे के लिए नींबू सोडा का सेवन करते हैं।
  • गैस की समस्या हो, तो आधे नींबू पर अजवाइन डालकर और फिर तवे पर उसे गर्म करके चाट सकते हैं।
  • नींबू का अचार बनाया जा सकता है।
  • नींबू का रस मुंहासों पर या स्ट्रेच मार्क्स पर लगा सकते हैं।
  • डैंड्रफ दूर करने के लिए भी कई लोग नींबू के रस का उपयोग करते हैं।
  • बालों में मेहंदी लगाते वक्त नींबू का रस डाल सकते हैं।
  • फ्रिज या माइक्रोवेव साफ करने के लिए नींबू का उपयोग किया जा सकता है।
  • कपड़ों को साफ करने के लिए भी नींबू के जूस का उपयोग किया जा सकता है।

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अब बारी आती है नींबू का प्रयोग करने के लिए नींबू पानी बनाने की विधि जानने की।

नींबू पानी बनाने की विधि

नीचे पढ़ें नींबू पानी के फायदे के लिए नींबू पानी बनाने की आसान विधि।

सामग्री

एक से दो गिलास पानी

  • एक नींबू
  • स्वादानुसार चीनी
  • स्वादानुसार काला नमक (वैकल्पिक)
  • स्वादानुसार चाट मसाला (वैकल्पिक)
  • एक से दो बर्फ के टुकड़े (वैकल्पिक)

बनाने की विधि

  • सबसे पहले नींबू को दो टुकड़ों में काट लें।
  • अब पानी को किसी जग में निकाल लें और इसमें नींबू को निचोड़ लें।
  • फिर पानी में चीनी, काला नमक और चाट मसाला डालकर तब तक मिलाएं जब तक सभी सामग्री पानी में अच्छी तरह मिल न जाएं।
  • अब इसे छान लें और गिलास में बर्फ के टुकड़े डालकर सर्व करें।

नींबू पानी के बाद अब बारी है, नींबू की चाय बनाने के बारे में जानने की।

नींबू की चाय बनाने की विधि

नींबू चाय के फायदे के लिए नीचे पढ़ें आसान तरीके से नींबू की चाय बनाने की विधि।

सामग्री

  • एक से दो कप पानी
  • अपनी पसंद का एक टी बैग
  • एक छोटा चम्मच नींबू का रस
  • एक चम्मच शहद
  • आधा चम्मच पुदीने के पत्ते (वैकल्पिक)

बनाने की विधि

  • पहले पानी को एक पैन में उबाल लें।
  • अब इसे एक कप में निकाल लें।
  • फिर इसमें टी बैग डालकर, थोड़ी देर रहने दें।
  • अब इसमें नींबू का जूस, पुदीने के पत्ते और शहद मिलाकर सेवन करें।

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अब जानते हैं, नींबू को लंबे वक्त तक सुरक्षित रखने का तरीका। 

नींबू को लम्बे समय तक सुरक्षित कैसे रखें

नीचे जानिए नींबू को लंबे वक्त तक सुरक्षित कैसे रखा जा सकता है (16) –

  • सबसे पहले सही नींबू का चुनाव करें।
  • कभी भी नर्म और गले हुए नींबू न खरीदें।
  • भूरे रंग के धब्बे वाले नींबू न खरीदें।
  • ऐसे नींबू चुनें, जो चमकीले पीले हों।
  • अब नींबू को रूम टेम्प्रेचर पर रख सकते है। रूम टेम्प्रेचर पर रखने से नींबू कम से कम सात दिन सुरक्षित रह सकते हैं।
  • वहीं, फ्रिज में रखने से कई हफ्तों तक नींबू सुरक्षित रह सकते हैं।

जुड़े रहिये

नींबू के फायदे कई सारे हैं, लेकिन इसका अधिक सेवन बेनिफिट्स ऑफ लेमन को साइड इफेक्ट्स में भी बदल सकता है। ऐसे में, लेख के इस भाग में हम नींबू के नुकसान बताने जा रहे हैं।

नींबू के नुकसान – Side Effects of Lemon in Hindi

नींबू खाने के फायदे और नुकसान दोनों होते हैं। लेमन के फायदे के बाद अब नीचे पढ़ें नींबू के नुकसान।

  • नींबू का अधिक सेवन दांत खट्टे कर सकता है। नींबू से हानि की बात करें, तो नींबू का सेवन टूथ इनेमल (दांतों की बाहरी परत) को खराब कर सकता है (45) (46) (47)।
  • नींबू से हानि की बात करें, तो संवेदनशील त्वचा वाले लोगों को स्किन पर नींबू के उपयोग से रैशेज या एलर्जी की समस्या हो सकती है (48)। इसके साथ ही नींबू से फाइटोफोटोडर्माटाइटिस (Phytophotodermatitis), की समस्या भी हो सकती है। फाइटोफोटोडर्माटाइटिस एक फोटोटॉक्सिक रिएक्शन है, जो किसी खास प्रकार के पौधे के संपर्क से आने से हो सकता है। इसमें त्वचा सूर्य की किरणों के प्रति संवेदनशील हो जाती है, जिसके बाद त्वचा में सूजन, रैशेज या फफोले भी हो सकते हैं (49) (50)।
  • अगर किसी को नींबू से एलर्जी की समस्या है, तो उसे ओरल एलर्जी सिंड्रोम (खाद्य पदार्थ से एलर्जी) हो सकता है (51)। इसमें गले में खराश, होंठो में सूजन और बुखार जैसी स्थिति हो सकती है। इसके अलावा, एनाफिलेक्सिस (Anaphylaxis – गंभीर एलर्जी की समस्या) भी हो सकता है, हालांकि यह काफी दुर्लभ है (52)। यह संवेदनशील व्यक्ति, जिसे सिट्रिक खाद्य पदार्थों से फूड इनटॉलेरेंस की समस्या हो, उसे भी हो सकता है (53)।
  • नींबू विटामिन-सी का बड़ा स्रोत है और विटामिन-सी के अत्यधिक सेवन से दस्त, मतली और पेट में ऐंठन की समस्या हो सकती है (54)।

लेख के अंत में अब आप अच्छी तरह समझ गए होंगे कि नींबू का उपयोग किस प्रकार शरीर के लिए फायदेमंद हो सकता है। साथ ही नींबू खाने से क्या होता है, इस सवाल का जवाब भी आपको मिल गया होगा। दोस्तों, नींबू के गुण अनेक हैं और इसका सही प्रकार से किया गया इस्तेमाल आपको फायदा पहुंचा सकता है। वहीं, लेख में हमने नींबू के फायदे और नुकसान दोनों के बारे में विस्तार से बता दिया है। इसके सेवन के दौरान अगर ऊपर बताए गए दुष्प्रभाव नजर आते हैं, तो इसका इस्तेमाल बंद करें और डॉक्टर से संपर्क करें। उम्मीद करते हैं कि पाठकों को यह लेख पसंद आया होगा।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

नींबू की तासीर कैसी होती है?

नींबू की तासीर ठंडी होती है।

क्या कीटो डाइट में नींबू को शामिल कर सकते हैं?

हां, कीटो डाइट में नींबू का जूस या नींबू को शामिल किया जा सकता है (55)। हालांकि, बेहतर है कि इस बारे में डायटीशियन या डॉक्टर से सलाह लें।

क्या नींबू क्षतिग्रस्त त्वचा के लिए अच्छा है?

संवेदनशील त्वचा वाले व्यक्ति को नींबू से रैशेज हो सकते हैं, इसलिए इस बारे त्वचा विशेषज्ञ की सलाह आवश्यक है (50)।

क्या शिशुओं के लिए नींबू के कोई स्वास्थ्य लाभ हैं?

लेमन विटामिन-सी से भरपूर होता है, जो कि बच्चे की रोग-प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ा सकता है (28) (56)। हालांकि, यह बच्चे की उम्र और स्वास्थ्य पर निर्भर करता है कि उसे नींबू का सेवन कराया जाए या नहीं, इसलिए बेहतर है बच्चे को नींबू देने से पहले डॉक्टरी परामर्श लें।

क्या गर्भावस्था के दौरान नींबू फायदेमंद है?

हां, गर्भावस्था के दौरान नींबू का सेवन करने से जी मिचलाने की समस्या से राहत मिल सकती है (57)। हालांकि, बेहतर है कि इस बारे में एक बार डॉक्टरी सलाह भी ली जाए।

क्या नींबू के बीज के नुकसान हो सकते हैं?

नींबू के बीज के नुकसान की बात करें, तो जानवरों पर किए गए एक शोध में इसका एंटी-फर्टिलिटी प्रभाव सामने आया है (58)।

59 संदर्भ (Sources):

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Arpita Biswas

अर्पिता ने पटना विश्वविद्यालय से मास कम्यूनिकेशन में स्नातक किया है। इन्होंने 2014 से अपने लेखन करियर की शुरुआत की थी। इनके अभी तक 1000 से भी ज्यादा आर्टिकल पब्लिश हो चुके हैं। अर्पिता को विभिन्न विषयों पर लिखना पसंद है, लेकिन उनकी विशेष रूचि हेल्थ और घरेलू उपचारों पर लिखना है। उन्हें अपने काम के साथ एक्सपेरिमेंट करना और मल्टी-टास्किंग काम करना पसंद है। इन्हें लेखन के अलावा डांसिंग का भी शौक है। इन्हें खाली समय में मूवी व कार्टून देखना और गाने सुनना पसंद है।

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