नींबू के पत्ते के 11 फायदे और नुकसान – Benefits Of Lemon Leaves in Hindi

Written by

हर घर की रसोई में नींबू का उपयोग किया जाता है, लेकिन क्या आपको पता है कि इसकी पत्तियों को भी इस्तेमाल में लाया जा सकता है? जी हां, नींबू की तरह ही इसके पत्तों के भी कई लाभ होते हैं। नींबू के पत्ते के फायदे क्या हैं और कैसे होते हैं, जानने के लिए स्टाइलक्रेज के इस लेख को अंत तक पढ़ें। यहां नींबू के पत्ते का सेवन करने का तरीका और फायदों  के साथ ही नींबू के पत्ते के नुकसान की जानकारी भी दी गई है।

स्क्रॉल करें

चलिए, लेख की शुरुआत में नींबू की पत्ती के फायदे के बारे में जानते हैं।

 नींबू के पत्ते के फायदे – Benefits of Lemon Leaves in Hindi

नींबू के पत्ते का उपयोग करके शारीरिक रूप से स्वस्थ रहने के साथ ही मानसिक परेशानी से भी राहत मिल सकती है। इसी वजह से हम नीचे रिसर्च के आधार पर नींबू के पत्ते के फायदे बता रहे हैं। बस नींबू की पत्ती को किसी गंभीर बीमारी का इलाज समझने की भूल न करें।

1. माइग्रेन

नींबू के पत्ते के फायदे में माइग्रेन में होने वाले सिरदर्द की समस्या को ठीक करना शामिल है। एक वैज्ञानिक शोध में दिया है कि नींबू की पत्तियों में एंटी-ऑक्सीडेंट प्रभाव होता है (1)। यह एंटी-ऑक्सीडेंट प्रभाव शरीर के ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस को कम करके माइग्रेन की स्थिति में सुधार कर सकता है (2)।

2. घबराहट (नर्वसनेस)

घबराहट होने पर नींबू के पत्ते का उपयोग किया जा सकता है। एनसीबीआई (नेशनल सेंटर फॉर बायोटेक्नोलॉजी इंफॉर्मेशन) की वेबसाइट पर पब्लिश मेडिकल रिसर्च के अनुसार, अरोमाथेरेपी से एंग्जायटी यानी चिंता कम हो सकती है (3)। चिंता के कारण ही इंसान को घबराहट होती है (4)। नींबू की पत्ती और इससे बने तेल की खुशबू अच्छी होती है, जिस कारण इसे अरोमा थेरेपी के लिए इस्तेमाल किया जाता है (5)। इसी वजह से घबराहट में सुधार के लिए नींबू के पत्तों को जाना जाता है।

3. तनाव

नींबू की पत्ती के फायदे में तनाव को कम करना भी शामिल है। दरअसल, लेमन ऑयल यानी नींबू का तेल तनाव को कम करने के लिए प्राकृतिक उपचार का काम कर सकता है। इसमें एंटी-स्ट्रेस प्रभाव होता है, जो तनाव से राहत दिला सकता है। वहीं, लेमन ऑयल बनाने के लिए नींबू की पत्तियों का इस्तेमाल किया जाता है (6)। इसी वजह से नींबू के पत्तों को तनाव के लिए अच्छा माना जा सकता है।

4. किडनी स्टोन

किडनी स्टोन से बचाव के लिए भी नींबू के पत्ते के फायदे देखे जा सकते हैं। एक वैज्ञानिक अध्ययन की मानें, तो सिट्रिक एसिड किडनी स्टोन को बनने से रोक सकता है। साथ ही यह स्टोन को बढ़ने नहीं देता (7)। एक दूसरे शोध में दिया है कि नींबू के पत्तों में सिट्रिक एसिड पाया जाता है (8)। इस आधार पर कहा जा सकता है कि नींबू के पत्ते का उपयोग किडनी स्टोन के लिए फायदेमंद हो सकता है।

5. नाक से खून आना

नींबू की पत्ती के फायदे में नाक से खून आने की समस्या को कुछ कम करना भी शामिल है। दरअसल, विटामिन सी की कमी के कारण नाक से खून बह सकता है (9)। वहीं, नींबू के पत्ते में विटामिन सी की अच्छी मात्रा पाई जाती हैं, जो इस परेशानी से बचाव कर सकता है (8)।

6. अनिद्रा

अगर किसी को ठीक से नींद नहीं आती, तो वो नींबू के पत्तों का इस्तेमाल कर सकता है। एक वैज्ञानिक शोध में दिया है कि नींबू के पत्तियों से बनाए गए तेल को अनिद्रा की दवाई के रूप में उपयोग किया जा सकता है। इसमें मौजूद सिट्रिक एसिड और अल्कलॉइड को नींद से जुड़ी समस्या को दूर करने में फायदेमंद माना जाता है (10)।

7. अस्थमा

नींबू के पत्ते के फायदे अस्थमा के उपचार के लिए भी हो सकते हैं। एक शोध के अनुसार, इसे अस्थमा से बचाव के लिए उपयोग कर सकते हैं। दरअसल, नींबू के पत्ते में मौजूद सिट्रिक एसिड और अल्कलॉइड अस्थमा की परेशानी को कुछ कम कर सकते हैं। शोध की मानें, तो इसमें एंटी-इंफ्लेमेटरी प्रभाव भी होता है (10)। इसकी मदद से श्वसन नली की सूजन को कम करके अस्थमा से राहत मिल सकती है (11)।

8. पेट के कीड़ों से छुटकारा

नींबू के पत्ते का सेवन करने से पेट के कीड़ों को नष्ट किया जा सकता है। इस संबंध में प्रकाशित एक मेडिकल रिसर्च के मुताबिक, नींबू की पत्तियों में एंथेल्मिंटिक प्रभाव होता है। इसकी मदद से पेट के कीड़ों से छुटकारा पाने में मदद मिल सकती है। इसी कारण नींबू की पत्तियों का उपयोग पेट के कीड़ों को खत्म करने के लिए किया जाता है (1)।

9. वजन नियंत्रण के लिए

नींबू की पत्ती के फायदों में से एक वजन को नियंत्रित रखना भी है। एक वैज्ञानिक रिसर्च के मुताबिक, नींबू के पत्तों का जूस पीने से वजन कम हो सकता है। दरअसल, इसमें पेक्टिन नामक घुलनशील फाइबर होता है, जिसे वजन घटाने में कारगर माना जाता है (12)।

10. त्वचा के लिए

नींबू की पत्ती के उपयोग से त्वचा संबंधी समस्याओं को दूर रखा जा सकता है। इस संबंध में प्रकाशित एक मेडिकल रिसर्च की मानें, तो नींबू के पत्तों में प्रभावी एंटी माइक्रोबियल गुण होता है, जो ई.कोलाई जैसे कई बैक्टीरिया से बचाव करता है (13)। यह बैक्टीरिया त्वचा संबंधी संक्रमण का कारण बनता है (14 )। ऐसे में नींबू के पत्तों का उपयोग करके स्किन इंफेक्शन से बचा जा सकता है।

11. बालों के लिए

नींबू के पत्ते के फायदे बालों की समस्याओं से निजात पाने के लिए भी हो सकते हैं। दरअसल, विटामिन सी यानी एस्कॉर्बिक एसिड की कमी के कारण बाल रूखे और दो मुंहे हो सकते हैं (9)। ऐसे में नींबू के पत्तों में मौजूद एस्कॉर्बिक एसिड इन समस्याओं को कम कर सकता है (8)।

लेख पढ़ते रहें

आइए, अब जानते हैं कि नींबू की पत्तियों में किस तरह के औषधीय गुण होते हैं।

नींबू के पत्ते के पौष्टिक तत्व और गुण – Nutrition Facts of Lemon Leaves in Hindi

नींबू के पत्तों में कई प्रकार के औषधीय गुण होते हैं, जिसमें एंटीवायरल, एंटी ऑक्सीडेंट, एल्कलॉइड, टैनिन, फ्लेवोनोइड और फेनोलिक कंपाउंड शामिल हैं। साथ ही इसमें कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन और वसा जैसे पोषक तत्व भी मौजूद होते हैं। इसके अलावा, नींबू के पत्ते के औषधीय गुण में ये भी शामिल हैं (15) (1):

  • अंतड़ियों के कीड़ों को नष्ट करने वाला एंथेल्मिंटिक गतिविधि।
  • पेट को फूलने से रोकने वाला एंटी-फ्लैटुलेंस प्रभाव होते हैं।
  • एंटीमाइक्रोबियल गुण बैक्टीरिया के नुकसान से बचाता है।
  • इसमें एंटी-कैंसर गतिविधि होती है, जो कैंसर सेल्स को विकसित होने से रोक सकता है।
  • सूजन को कम करने वाला एंटी-इंफ्लेमेटरी प्रभाव होता है।

लेख पढ़ना जारी रखें

आगे नींबू के पत्ते का उपयोग किस तरह से करें, यह जान लीजिए।

नींबू के पत्ते का उपयोग – How to Use Lemon Leaves in Hindi

नींबू के पत्ते का उपयोग कई प्रकार से किया जा सकता है। इनमें से कुछ तरीके इस तरह से हैं।

कैसे करें उपयोग :

  • मानसिक समस्या होने पर नींबू के पत्तों के रस को सूंघने की सलाह दी जाती है।
  • नींबू के पत्तों का रस और शहद को मिलाकर सेवन कर सकते हैं।
  • नींबू के पत्तों को पानी में उबालकर उस पानी को पी सकते हैं।
  • इसके रस को त्वचा पर भी लगा सकते हैं।
  • नींबू के पत्ती से बने पाउडर को भी इस्तेमाल में ला सकते हैं।
  • इसकी पत्तियों को कुछ खाद्य पदार्थ में तड़का लगाने के लिए उपयोग कर सकते हैं।

कब करें उपयोग :

  • इसके पत्तों को पानी में उबालकर सुबह पी सकते हैं।
  • शाम की चाय की तरह नींबू के पत्तों के पानी में शहद डालकर सेवन कर सकते हैं।
  • इसके रस को रात में सोने से पहले सूंघ सकते हैं।

कितना करें उपयोग: 

नींबू के पत्तियों को रोजाना कितना उपयोग करना चाहिए, इसपर किसी तरह का वैज्ञानिक अध्ययन प्रकाशित नहीं हुआ है। ऐसे में चुटकी भर से ज्यादा नींबू की पत्तियों का उपयोग न करें। एहतियातन इस संबंध में डायटीशियन की सलाह जरूर लें।

लेख अंत तक पढ़ें

अब हम नींबू के पत्ते के नुकसान की जानकारी दे रहे हैं।

नींबू के पत्ते के नुकसान – Side Effects of Lemon Leaves in Hindi

वैसे तो नींबू के पत्ते के नुकसान को लेकर ज्यादा वैज्ञानिक रिसर्च उपलब्ध नहीं हैं, पर इससे कुछ इस प्रकार के नुकसान हो सकते हैं:

  • अगर कोई मधुमेह की दवाई ले रहा है, तो वे बिना डॉक्टर की सलाह के नींबू के पत्ते का उपयोग न करें। नींबू के पत्तों का अर्क ग्लूकोज होमियोस्टेसिस से संबंधित एंजाइमों को प्रभावित कर ब्लड शुगर को कम कर सकता है (1)। ऐसे में मधुमेह की दवाई के साथ इसका सेवन करने से बीपी काफी लो होना का खतरा हो सकता है।
  • अधिक संवेदशील त्वचा वालों को इसके से एलर्जी हो सकती है।
  • गर्भवतियों और छोटे बच्चों को इसका उपयोग करने से पहले डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।

आप यह समझ ही गए होंगे कि नींबू की तरह ही इसकी पत्तियां भी लाभकारी होती हैं। बस तो अब नींबू की पत्तियों की अनदेखी न करें। इन्हें ताजा या फिर सुखाने के बाद पाउडर के रूप में इस्तेमाल कर सकते हैं। हां, अगर कोई गंभीर समस्या से जूझ रहा है, तो वे इसका उपयोग करने से पहले डॉक्टर से सलाह जरूर लें। अब अंत में नींबू के पत्तों से जुड़े कुछ सवालों के जवाब जान लेते हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या नींबू के पत्ते जहरीले होते हैं?

जी नहीं, नींबू के पत्ते जहरीले नहीं होते हैं, पर फिर भी इसे सीधे तौर पर चबाने की सलाह नहीं दी जाती है।

क्या चाय के लिए नींबू के पत्तों का उपयोग कर सकते हैं?

जी हां, चाय के लिए नींबू के पत्तों का उपयोग कर सकते हैं।

क्या नींबू के पत्तों को उबाल कर पी सकते हैं?

जी बिल्कुल, नींबू के पत्तों को उबालकर उस पानी को पिया जा सकता है। इसके सेवन का यह सबसे अच्छा तरीका होता है।

चाय के लिए नींबू के पत्तों को कैसे सुखाते हैं?

नींबू के ताजे पत्तों को तोड़कर धो लें। फिर इसे कुछ घंटे धूप में सूखने दें। जब ठीक से सूख जाएं, तब इसे चाय के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं।

Sources

Articles on StyleCraze are backed by verified information from peer-reviewed and academic research papers, reputed organizations, research institutions, and medical associations to ensure accuracy and relevance. Check out our editorial policy for further details.

  1. Effect of a traditional syrup from Citrus medica L. fruit juice on migraine headache: A randomized double blind placebo controlled clinical trial
    https://www.academia.edu/28757250/Effect_of_a_traditional_syrup_from_Citrus_medica_L_fruit_juice_on_migraine_headache_A_randomized_double_blind_placebo_controlled_clinical_trial
  2. The Use of Antioxidants in the Treatment of Migraine
    https://pubmed.ncbi.nlm.nih.gov/32012936/
  3. The Effect of Aromatherapy on Anxiety in Patients
    https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC5111093/
  4. Generalized Anxiety Disorder: When Worry Gets Out of Control
    https://www.nimh.nih.gov/health/publications/generalized-anxiety-disorder-gad/
  5. Lemon as a source of functional and medicinal ingredient: A review
    https://www.researchgate.net/publication/336135127_Lemon_as_a_source_of_functional_and_medicinal_ingredient_A_review
  6. Biological Activities and Safety of Citrus spp. Essential Oils
    https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC6073409/
  7. Medical and Dietary Therapy for Kidney Stone Prevention
    https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC4265710/
  8. Citrus limon (Lemon) Phenomenon—A Review of the Chemistry
    Pharmacological Properties
  9. Vitamin C
    https://medlineplus.gov/ency/article/002404.htm
  10. A Critical Review on Nutritional and Medicinal Importance of Lemon
    https://www.actascientific.com/ASAG/pdf/ASAG-03-0481.pdf
  11. Which anti-inflammatory drug should we use in asthma
    https://pubmed.ncbi.nlm.nih.gov/22210376/
  12. BASKETFUL BENEFIT OF CITRUS LIMON
    https://www.researchgate.net/publication/304995022_BASKETFUL_BENEFIT_OF_CITRUS_LIMON
  13. Study on Different Extraction Methods and Antimicrobial Potential of Citrus Peel and Leaf
    https://www.ijcmas.com/9-11-2020/Mohit%20Roop%20Rai
  14. Fatal Escherichia coli skin and soft tissue infections in liver transplant recipients: report of three cases
    https://pubmed.ncbi.nlm.nih.gov/23278949/
  15. In-vitro anthelmintic activity of Citrus limon leaf and its phytochemical investigation
    https://www.phytojournal.com/archives/2020/vol9issue3/PartM/9-3-56-257.pdf
Was this article helpful?
The following two tabs change content below.
भूपेंद्र वर्मा ने सेंट थॉमस कॉलेज से बीजेएमसी और एमआईटी एडीटी यूनिवर्सिटी से एमजेएमसी किया है। भूपेंद्र को लेखक के तौर पर फ्रीलांसिंग में काम करते 2 साल हो गए हैं। इनकी लिखी हुई कविताएं, गाने और रैप हर किसी को पसंद आते हैं। यह अपने लेखन और रैप करने के अनोखे स्टाइल की वजह से जाने जाते हैं। इन्होंने कुछ डॉक्यूमेंट्री फिल्म की स्टोरी और डायलॉग्स भी लिखे हैं। इन्हें संगीत सुनना, फिल्में देखना और घूमना पसंद है।

ताज़े आलेख