मॉर्निंग वॉक (सुबह की सैर) करने के 20 फायदे – Morning Walk Benefits in Hindi

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क्या आप सुबह-सवेरे पैदल सैर पर निकलते हैं? अगर नहीं, तो जाना शुरू कर दीजिए। आप सच में हैरान रह जाएंगे कि सिर्फ आधे घंटे की मॉर्निंग वॉक आपके अंदर ताजगी भर देगी। वहीं लंबे समय से चली आ रही बीमारी में भी मॉर्निंग वॉक के फायदे हासिल होंगे (1)। इतना ही नहीं सुबह की सैर करने से आप अपने मूड को भी खुशनुमा बना सकते हैं। इन्हीं सब बातों को ध्यान में रखते हुए हम स्टाइलक्रेज के इस खास लेख में आपको सुबह की नियमित सैर करने के कई फायदे विस्तार से बताने जा रहे हैं।

शुरू करते हैं लेख

तो आइए सबसे पहले हम सुबह की सैर क्यों जरूरी है, इस बारे में थोड़ा जान लेते हैं।

सुबह की सैर जरूरी क्यों है?

सुबह की सैर करने से जीवन शैली से संबंधित कई गंभीर बीमारियों से बचा जा सकता है (1)। इसके अलावा सुबह सुबह घूमने के फायदे में मानसिक स्वास्थ्य को बढ़ावा देना भी शामिल है (2)। वहीं देखा जाए, तो सुबह की सैर बेहतर स्वास्थ्य के लिए आवश्यक शारीरिक गतिविधियों में से एक हो सकती है। क्योंकि, चलने के लिए हमें किसी विशेष कौशल, जिम या उपकरण की आवश्यकता नहीं होती है। वहीं सैर करना मध्यम से लेकर फुर्तीली शारीरिक गतिविधियों में शामिल है। इस कारण सुबह की सैर नींद की गुणवत्ता बढ़ाने के साथ ही याददाश्त और सोचने व सीखने की क्षमता में भी सुधार कर सकती है। इसके अलावा सुबह की सैर चिंता के लक्षणों को भी घटा सकती है (3)। ऐसे में बेहतर स्वास्थ्य को बनाए रखने के लिए सभी को सुबह की सैर को नियमित रूप से अपनाना चाहिए।

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यहां अब हम सुबह सुबह घूमने के फायदे पाने के लिए की जाने वाली तैयारी के बारे में जानेंगे।

मॉर्निंग वॉक के लिए क्या क्या चाहिए?

सुबह की सैर को निम्नलिखित चीजें आरामदायक बना सकती हैं। यह दी गई सभी जरूरी चीजें बाजार में आसानी से उपलब्ध हैं।

  • एक जोड़ी स्पोर्ट्स शूज
  • शॉर्ट्स या लेगिंग्स
  • शॉर्ट टी शर्ट
  • स्पोर्ट्स ब्रा (महिलाओं के लिए)
  • हेयर बैंड (महिलाओं के लिए)
  • स्पोर्ट्स वॉटर बॉटल
  • फिटबैंड (हार्ट बीट और कदमों को ट्रैक करने के लिए)

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अब हम शरीर के लिए मॉर्निंग वॉक के फायदे विस्तार से जानेंगे।

मॉर्निंग वॉक के फायदे – Benefits of Morning Walk in Hindi

यहां हम क्रमवार बताने जा रहे हैं कि किन शारीरिक समस्याओं में सुबह सुबह घूमने के फायदे हासिल किए जा सकते हैं। मगर, उसके साथ ही यह ध्यान रखना भी जरूरी है कि सुबह वॉक करने के फायदे केवल नीचे दी जाने वाली समस्याओं में राहत पहुंचा सकते हैं। इसे उन समस्याओं का उपचार नहीं कहा जा सकता है। किसी भी गंभीर बीमारी का इलाज डॉक्टरी परामर्श पर ही निर्भर करता है।

1. गठिया और ऑस्टियोपोरोसिस से बचाए

अनियंत्रित जीवनशैली और बढ़ती उम्र का एक नकारात्मक प्रभाव गठिया और ऑस्टियोपोरोसिस जैसी समस्याओं के रूप में देखने को मिल सकता है। दरअसल, ऑस्टियोपोरोसिस एक ऐसी समस्या है, जिसमें हड्डियों का घनत्व कम होने लगता है। इस कारण हड्डियां पतली और कमजोर हो जाती हैं। इस वजह से हड्डियों में दर्द भी होता है। वहीं स्थिति अत्यधिक गंभीर होने पर हड्डियां आसानी से टूट सकती हैं। ऐसे में सबसे अधिक कूल्हे, रीढ़ और कलाई की हड्डियां प्रभावित होती हैं (4)। वहीं एनसीबीआई की वेबसाइट पर प्रकाशित एक शोध के में स्पष्ट रूप से स्वीकार किया गया है कि सुबह सुबह घूमने के फायदे हड्डियों के घनत्व को बढ़ाने में मदद कर सकते हैं। ऐसे में सुबह की सैर करना ऑस्टियोपेनिया या ऑस्टियोपोरोसिस की समस्या में सहायक हो सकता है (5)

इसी तरह गठिया से संबंधित मामलों में स्वास्थ्य विशेषज्ञ शारीरिक रूप से सक्रिय होने की सलाह देते हैं, जिसके लिए सुबह की सैर को उपयोगी माना जाता है। विशेषज्ञों के अनुसार, गठिया की समस्या को कम करने के लिए एक वयस्क को प्रति सप्ताह कम से कम 150 मिनट तक मध्यम गति से की जाने वाली शारीरिक गतिविधियों में हिस्सा लेना चाहिए। इसके तहत पैदल चलना, तैरना या साइकिल चलाना जैसी गतिविधि को अपनाया जा सकता है (6)। यही वजह है कि गठिया या कमजोर होती हड्डियों की समस्या से जूझ रहे लोगों के लिए सुबह की सैर करना एक प्रभावकारी व्यायाम साबित हो सकता है।

2. डिप्रेशन से राहत दिलाए

इस समय की सबसे बड़ी बीमारियों में डिप्रेशन को गिना जाता है। इसे मूड डिसऑर्डर भी कहा जाता है, क्योंकि इसके कारण व्यक्ति का मानसिक स्तर बदलता रहता है। इसके रोगी के मन में उदासी, हानि, क्रोध या निराशा की भावनाएं उत्पन्न हो सकती हैं, जो रोजमर्रा के जीवन को भी प्रभावित कर सकती हैं (7)। वहीं, इस समस्या को कम करने में सुबह की सैर प्रभावकारी हो सकती है। वहीं एनसीबीआई पर प्रकाशित एक शोध में भी इस बात को स्वीकार किया गया है। शोध में माना गया है कि अगर डिप्रेशन के मरीज रोज 20 से 40 मिनट की सैर करें, तो उनकी स्थिति में काफी सुधार देखने को मिल सकता है (2)। इस लिहाज से डिप्रेशन की समस्या में रोजाना नियमित सुबह की सैर करना लाभकारी माना जा सकता है।

3. मधुमेह को नियंत्रित करे

मधुमेह अनियंत्रित जीवनशैली के कारण होने वाली आम बीमारियों में से एक है। वहीं अगर सुबह की सैर की जाए, तो इस समस्या को कुछ हद तक कम कर सकते हैं। एक शोध के अनुसार, सैर करने जैसी शारीरिक गतिविधि को अपनाने से टाइप 2 डायबिटीज का जोखिम 20 से 30 फीसदी तक कम होता है। वहीं सुबह की सैर मेटाबोलिक सिंड्रोम के जोखिम को कम कर हाई ब्लड शुगर को नियंत्रित कर सकती है (8)। इस तरह सुबह सैर करने के फायदे मधुमेह के मरीजों के लिए भी लाभकारी हो सकते हैं।

4. हृदय स्वास्थ्य को सुधारे

हृदय स्वास्थ्य को बनाए रखने में भी मॉर्निंग वॉक के फायदे मददगार हो सकते हैं। सुबह की नियमित सैर से हृदय संबंधित बीमारियों के जोखिम को कम करने में मदद मिल सकती है (9)। इतना ही नहीं अध्ययनों से इस बात की भी पुष्टि होती है कि चलने की प्रक्रिया जितनी बढ़ाएंगे, हृदय से जुड़ी समस्याओं का जोखिम उतना ही कम करने में मदद मिल सकेगी (10)। इस आधार पर हृदय की बीमारी से जूझ रहे मरीजों के लिए सुबह की सैर करना फायदेमंद माना जा सकता है।

5. कैंसर के जोखिम को कम करे

यहां हम यह नहीं कर रहे हैं कि मॉर्निंग वॉक कैंसर का सटीक इलाज है, लेकिन विभिन्न शोधों से यह स्पष्ट होता है कि सैर करना कैंसर के जोखिम को कम कर सकता है। शोध बताते हैं कि प्रति सप्ताह जहां 3 घंटे की सैर स्तन कैंसर की स्थिति को बेहतर बना सकती है। वहीं प्रति सप्ताह 6 घंटे की सैर करने से कोलन कैंसर से बचाव किया जा सकता है (11)। इसके अलावा महिलाओं से जुड़े कैंसर जैसे :- एंडोमेट्रियम कैंसर (गर्भाशय की अंदरूनी परत पर होने वाला कैंसर), अंडाशय कैंसर और गर्भाशय ग्रीवा के कैंसर के जोखिम को भी 20 से 30 फीसदी तक सुबह की सैर के माध्यम से कम किया जा सकता है (12)। वहीं एक अन्य शोध से पता चलता है कि चलने या दौड़ने जैसी शारीरिक गतिविधि किडनी कैंसर से लड़ने में भी मदद कर सकती है (13)

इसके अलावा, एक अन्य अध्ययन से भी ज्ञात होता है कि कैंसर के इलाज के दौरान होने वाले शारीरिक दर्द को कम करने में भी सैर करने के फायदे सहायक हो सकते हैं (14)। इस तरह सुबह घूमने के फायदे कैंसर के जोखिम को कुछ हद तक कम करने में मददगार माने जा सकते हैं। हालांकि, यह ध्यान रखना जरूरी है कि कैंसर एक घातक और जानलेवा बीमारी है। इसलिए सुबह की सैर केवल कैंसर के डॉक्टरी इलाज को प्रभावी बनाने में मदद कर सकती है। इस समस्या का पूर्ण इलाज डॉक्टरी सलाह पर ही निर्भर करता है।

6. दिमागी कार्यक्षमता बढ़ाए

सुबह की सैर दिमागी कार्यक्षमता पर किस तरह का प्रभाव डालती है, इस मामले पर एनसीबीआई पर पिट्सबर्ग विश्वविद्यालय द्वारा किया गया एक शोध उपलब्ध है। शोध के अनुसार, नियमित तौर पर लगभग 1 मील तक चलने से मस्तिष्क के विभिन्न क्षेत्रों का विस्तार किया जा सकता है। ऐसे में डिमेंशिया (भूलने की बीमारी) जैसी मानसिक स्थिति में लगभग 50 फीसदी तक सुधार संभव है। दरअसल, डिमेंशिया की स्थिति मस्तिष्क का लचीलापन कम होने के कारण हो सकती है, जिसकी वजह से मस्तिष्क की नसे पतली होने लगती हैं और उनके संदेश पहुंचाने की प्रक्रिया (Interconnection) प्रभावित हो जाती है। वहीं, चलने की प्रक्रिया मस्तिष्क के विभिन्न क्षेत्रों का विस्तार कर सकती है, जो दिमागी कार्यक्षमता को बढ़ा कर इससे जुड़ी स्थितियों में भी सुधार ला सकती है (15)। इसे देखते हुए यह कहना गलत नहीं होगा कि सुबह घूमने के फायदे न सिर्फ याददाश्त को बढ़ाने में सहायक हैं, बल्कि भूलने की आदत में भी इससे सुधार आ सकता है।

7. वजन घटाने के लिए

अनियंत्रित खान-पान और खराब जीवनशैली को मोटापे का एक बड़ा कारण माना जाता है। वहीं खराब जीवनशैली में न सिर्फ अधिक खानपान, बल्कि शारीरिक गतिविधियों और सोने की गुणवत्ता को भी जोड़ा जा सकता है। इस तरह की गतिविधियां शरीर का बॉडी मॉस इंडेक्स (BMI) बढ़ा सकती हैं, जिससे शरीर का वजन भी बढ़ता है (16)। ऐसे में उचित डाइट के साथ एक स्वस्थ्य जीवनशैली वजन को नियंत्रित करने के लिए आवश्यक मानी जाती है। वहीं, विशेषज्ञों का कहना है कि आहार में कोई बड़ा बदलाव किए बिना सुबह की सैर वजन घटाने में मदद कर सकती है (17)। वहीं मोटापे से परेशान लोगों पर किए गए एक शोध में पाया गया कि मात्र चलने से ही शरीर का फैट कम हो सकता है, शरीर में लोचता बढ़ सकती है और मांसपेशियों को मजबूती भी मिल सकती है (18), (19)

8. प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाए

शारीर की प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने के मामले में भी सुबह चलने के फायदे सहायक हो सकते हैं। यह बात सुबह की सैर से संबंधित एक शोध से स्पष्ट होती है। शोध में माना गया है कि प्रतिदिन 30 मिनट की सैर रक्त प्रवाह को बढ़ाकर शरीर में ऑक्सीजन की मात्रा पहुंचा सकती है। इस तरह सुबह की सैर प्रतिरोधक प्रणाली को कुछ हद तक मजबूत कर बीमारियों से लड़ने की क्षमता प्रदान कर सकती है (20)

9. थकान दूर करने के लिए

सुबह घूमने के फायदे में से एक यह भी है कि इससे शारीरिक थकान को दूर करने में भी मदद मिल सकती है। दरअसल, चलने से मल्टीपल स्क्लेरोसिस (शरीर के उत्तकों को नुकसान पहुंचना) के जोखिम को कम किया जा सकता है, जिससे शारीरिक थकान को कम करने में मदद मिल सकती है (21)। बता दें कि मल्टीपल स्क्लेरोसिस तंत्रिका तंत्र से जुड़ी एक बीमारी है, जो मस्तिष्क और रीढ़ की हड्डियों को प्रभावित करती है। इसमें शरीर के उत्तकों को नुकसान पहुंचता है, जिसकी वजह से मस्तिष्क और शरीर के बीच संदेश की क्रिया प्रभावित हो सकती है। साथ ही यह समस्या मांसपेशियों में कमजोरी और सामान्य शारीरिक संतुलन बनाए रखने में भी बाधा उत्पन्न कर सकती है, जिसके कारण थकान आ सकती है (22)। इस आधार पर यह माना जा सकता है कि मॉर्निंग वॉक शारीरिक थकान को दूर करने में भी मदद कर सकती है।

10. फेफड़ों की कार्यक्षमता सुधारे

रोजाना 30 मिनट मॉर्निंग वॉक करने से फेफड़ों की कार्यक्षमता बढ़ सकती है। इसकी वजह यह है कि किसी भी तरह की शारीरिक गतिविधि करते समय फेफड़े शरीर में ऑक्सीजन प्रवाहित करते हैं, जिससे शरीर को ऊर्जा मिलती है और कार्बन डाई ऑक्साइड शरीर से बाहर निकलती है। वहीं हृदय मांसपेशियों में ऑक्सीजन पहुंचाने में मदद करता है। इसी तरह जब मांसपेशियां अधिक कार्य करती हैं, तो शरीर को कार्बन डाई ऑक्साइड बनाने के लिए अधिक मात्रा में ऑक्सीजन की जरूरत होती है। इस वजह से सांस लेने की दर भी बढ़ जाती है (23)। इस तरह नियमित रूप से सुबह चलने के फायदे फेफड़ों की कार्यक्षमता को बढ़ाने में भी सहायक माने जा सकते हैं।

11. तनाव से मुक्ति

सुबह की सैर को तनाव दूर करने का प्रभावी तरीका माना जा सकता है। तनाव शरीर पर विपरीत प्रभाव डाल सकता है, जो विभिन्न शारीरिक-मानसिक समस्याओं की वजह बन सकता है। वहीं मॉर्निंग वॉक से मस्तिष्क में रक्त का संचालन बेहतर होता है और मूड भी सही बना रहता है, जिससे तनाव को कम करने में मदद मिल सकती है (24)। इस तरह सुबह की सैर मन को तरोताजा करके तनाव के जोखिम को कम करने का काम कर सकती है।

12. कोलेस्ट्रॉल रहता है नियंत्रित

नियमित रूप से मॉर्निंग वॉक किया जाए, तो बढ़ते कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित किया जा सकता है (25) (26)। वहीं, विशेषज्ञ कोलेस्ट्रॉल नियंत्रित रखने के लिए वयस्कों को हर सप्ताह ढाई घंटे तक और किशोरों व बच्चों को लगभग 1 घंटे तक मध्यम गति वाले व्यायाम (Moderate-Intensity Exercise) करने की सलाह देते हैं। इसमें तेज गति से चलना भी शामिल है (27)। इस आधार पर सुबह की सैर को बढ़े हुए कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित करने के मामले में भी लाभकारी माना जा सकता है।

13. धमनियों में रुकावट (एथेरोस्क्लेरोसिस) से बचाए

एथेरोस्क्लेरोसिस (Atherosclerosis) एक सामान्य स्वास्थ्य विकार माना जा सकता है। अक्सर बढ़ती उम्र, खराब जीवनशैली और शारीरिक गतिविधियों की कमी के कारण यह समस्या अधिक देखी जाती है। इस स्थिति में धमनियों (हृदय से रक्त को आगे पहुंचाने वाली रक्त वाहिकाएं) में वसायुक्त पदार्थ बनने लगता है। इसके कारण यह पतली होने लगती है, जिससे शरीर में खून का प्रवाह प्रभावित हो सकता है (28)। वहीं स्थिति गंभीर होने पर परिधीय धमनी रोग (Peripheral Artery Disease) का जोखिम बढ़ जाता है, जो मुख्य रूप से हाथों-पैरों के सुन्न होने की समस्या बढ़ा सकता है। वहीं, इस तरह की समस्या से बचने में सैर करने के फायदे हो सकते हैं (29)। इस समस्या से बचने के लिए हफ्ते में 5 दिन 30 मिनट की सैर करना प्रभावकारी हो सकता है (28)

14. बनी रहती है त्वचा की चमक

स्वस्थ त्वचा दो कारकों पर निर्भर करती है, जिसमें एक है शरीर की आंतरिक स्थिति और दूसरी है बाहरी स्थिति, जिसमें मुख्य रूप से पर्यावरणीय प्रभाव, धूम्रपान, प्रदूषण, नींद की कमी और खराब पोषण शामिल हैं। वहीं बात करें शरीर की आंतरिक देखभाल की, तो इसके लिए जरूर है कि शरीर के अंदर फ्री रेडिकल्स (हानिकारक मुक्त कण) की रोकथाम की जाए और साथ ही संतुलित आहार भी लिया जाए। वहीं अध्ययनों से पता चलता है कि शारीरिक गतिविधि करने (व्यायाम) से शरीर में ऑक्सीजन की प्रतिक्रिया बढ़ती है (Reactive Oxygen Species), जिससे त्वचा की कोशिकाएं को सुरक्षा मिलती है। इस तरह शारीरिक व्यायाम एंटी-एजिंग प्रभाव भी प्रदर्शित करता है। साथ ही यह ऑक्सीडेटिव तनाव को कम करने में भी त्वचा की मदद कर सकता है (30)। इस आधार पर सुबह की सैर को प्राकृतिक रूप से बढ़ती उम्र के लक्षणों को दूर करके त्वचा की चमक बनाए रखने में मददगार माना जा सकता है।

15. स्वस्थ बाल

महिलाओं में विटामिन डी सीरम का कम स्तर कुछ हद तक फीमेल पैटर्न हेयर लॉस की समस्या के लिए जिम्मेदार माना जा सकता है (31)। वहीं, सुबह की सैर बाल झड़ने की इस समस्या से राहत दिला सकती है। दरअसल, सूर्य की किरणें विटामिन डी का एक स्रोत होती हैं। वहीं, सुबह की सैर करने से त्वचा के जरिए हमारा शरीर सूर्य की किरणों से विटामिन डी की पूर्ति कर सकता है (32)। इस आधार पर यह कह सकते हैं कि सुबह की सैर शरीर में विटामिन डी का स्तर बढ़ाकर बालों को स्वस्थ रखने में मदद कर सकता है।

16. रोगमुक्त रखे

मॉर्निंग वॉक आपको आंतरिक और बाहरी रूप से स्वस्थ रखने का काम करती है। शोध के अनुसार, चलने जैसी एक्सरसाइज करने से शरीर में ऑक्सीजन की खपत 11 फीसदी तक बढ़ जाती है, जिससे शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली भी मजबूत होती है। वहीं चलने की प्रक्रिया से न्यूट्रोफिल (एक प्रकार की सफेद रक्त कोशिकाएं) और नैचुरल किलर ब्लड सेल्स (इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाने वाली कोशिकाएं) के स्तर में भी सुधार देखा जाता है (20)। इस तरह मॉर्निंग वॉक को इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाकर शरीर को रोगमुक्त रखने में भी उपयोगी माना जा सकता है।

17. अच्छी नींद को बढ़ावा

दिन भर का तनाव अक्सर नींद को छीन लेता है, जिससे शरीर को पर्याप्त आराम नहीं मिल पाता है। वहीं, अगर सुबह की सैर की आदत डाल ली जाए, तो रात को अच्छी नींद का आनंद मिल सकता है। दरअसल, पैदल चलने की आदत नींद में बाधा बनने वाले कारकों (जैसे :- तनाव) को कम करने में मदद कर सकते हैं। इस वजह से मॉर्निंग वॉक को नींद की अवधि बढ़ाने में कारगर माना जा सकता है (33)। तो, अगर किसी को रात में नींद न आने की समस्या है, तो वे सुबह की सैर करना शुरू कर सकते हैं।

18. दिमागी कार्यक्षमता को कमजोर होने से बचाए

अध्ययनों के अनुसार, उम्र बढ़ने के साथ-साथ याददाश्त कम होने लगती है। यह समस्या रोजाना पैदल चलने वाली महिलाओं (65 वर्ष से अधिक) की तुलना में कम पैदल चलने वाली महिलाओं में ज्यादा पाई जा सकती है। वहीं, पैदल चलना उम्र-संबंधी मानसिक बीमारियों को दूर रखने का एक शानदार तरीका है। नियमित रूप से चलने और दिनभर एक्टिव रहने से वैस्कुलर डिमेंशिया (Vascular Dementia) जैसी मानसिक बीमारी का जोखिम 70 प्रतिशत तक कम हो सकता है (34)। इस आधार पर वाकिंग के फायदे ज्ञान क्षमता बढ़ाने में भी मददगार हो सकते हैं।

19. एजिंग से राहत

बढ़ती उम्र के दिखने वाले प्रभावों को रोकने में भी वाकिंग के फायदे सहायक हो सकते हैं। अक्सर देखा गया है कि उम्र बढ़ने के साथ-साथ मांसपेशियों, हड्डियों व अन्य शारीरिक शारीरिक स्थिति के साथ ही मानसिक क्षमता भी कम होने लगती है। वहीं मॉर्निंग वॉक वृद्ध लोगों में एजिंग से जुड़ी कई समस्याओं को दूर कर सकती हैं। दरअसल, नियमित रूप से चलने से न सिर्फ मांसपेशियों को मजबूत बनाया जा सकता है, बल्कि अधिक वजन, हृदय रोग, हड्डियों की कमजोरी और दिमागी कार्यक्षमता को बेहतर बनाए रखने में भी मदद मिल सकती है। चूंकि यह सभी समस्याएं वृद्ध लोगों में सामान्य तौर पर बढ़ती उम्र के प्रभाव के रूप में देखने को मिलती है (35)। इस आधार पर यह माना जा सकता है कि बढ़ती उम्र के लक्षणों और समस्याओं को कम करने में भी कुछ हद तक सुबह की सैर फायदेमंद साबित हो सकती है।

20. संपूर्ण स्वास्थ्य

चलना एक ऐसा एरोबिक व्यायाम है, जो दिल के दौरे की रोकथाम से लेकर उच्च रक्तचाप को कम करने और मस्कुलोस्केलेटल विकारों (मांसपेशियों और हड्डी के विकार) के उपचार में भी प्रभावी हो सकता है। सुबह घूमने के फायदे से संबंधित एक शोध में इस बात को साफ तौर पर स्वीकार किया गया है। शोध में माना गया है कि सिर्फ 30 मिनट या उससे अधिक की सैर हृदय गति को नियंत्रित करने के साथ पैरों की मांसपेशियों और शरीर के निचले हिस्से को मजबूत बनाने में मदद कर सकती है। साथ ही यह शरीर के जोड़ों की लोचता को बढ़ाकर, शरीर के आकार को बेहतर बनाने में भी मदद कर सकती है (36)। इसलिए प्राकृतिक रूप से शरीर के सम्पूर्ण स्वास्थ्य को बनाए रखने के लिए मॉर्निंग वॉक को एक अच्छा विकल्प माना जा सकता है। 

लेख में आगे बढ़ें

सुबह घूमने के फायदे जानने के बाद आगे जानिए इसे करने की कुछ जरूरी टिप्स।

मॉर्निंग वॉक के लिए कुछ और टिप्स – Other Useful Tips for Walking in Hindi

सुबह की सैर करने के दौरान कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना भी आवश्यक है। यह बातें कुछ इस प्रकार हैं :

  • जॉगिंग करते वक्त अपना पोश्चर सीधा रखें, खासकर जब आप बॉडी टोन के उद्देश्य से यह शारीरिक क्रिया कर रहे हैं।
  • वाकिंग के फायदे आपको ऊर्जावान बनाते हैं और इससे शरीर में रक्त का संचार भी सुचारू रूप से बना रहता है। इसलिए कोशिश करें कि सूर्य की पहली किरणों के साथ सुबह की सैर करें। इससे शरीर को पर्याप्त रूप में विटामिन-डी मिलेगा।
  • अगर शरीर से अतिरिक्त फैट कम करना चाहते हैं, तो सुबह कुछ दूरी तक तेज दौड़ने का अभ्यास करें।
  • भोजन के तुरंत बाद व्यायाम न करें।
  • मॉर्निंग वॉक के दौरान अत्यधिक पानी न पिएं।
  • मॉर्निंग वॉक की शुरुआत कर रहे हैं, तो पहले कुछ दिन अपनी गति को सामान्य रखें और धीरे-धीरे गति को बढ़ाएं।
  • सुबह की सैर के लाभ पाने के लिए रोजाना कम से कम 30 मिनट की वॉक करें।
  • अगर घर में पालतू जानवर हैं, तो सुबह के समय उन्हें साथ लेकर टहलने जा सकते हैं। इससे भी सुबह की सैर के लाभ पाए जा सकते हैं।
  • लिफ्ट का कम इस्तेमाल करके भी सुबह की सैर के लाभ पाए जा सकते हैं। ऐसे में जितना संभव हो सीढ़ियों का ही इस्तेमाल करें।
  • घर के आस-पास लगने वाली बाजार या दुकान पर जाने के लिए पैदल ही जाएं।
  • सुबह की सैर करते समय हमेशा पैदल चलने वाले रास्ते का ही इस्तेमाल करें। सड़क के बीच में न चलें।

अब तो आप अच्छे से समझ गए होंगे कि सुबह की सैर दिन की शुरुआत करने का एक शानदार तरीका है। एक बार जब आप इसे अपनी दिनचर्चा का हिस्सा बना लेंगे, तो आप अपने में कई सकारात्मक बदलाव महसूस कर पाएंगे। मॉर्निंग वॉक की गिनती एक संपूर्ण फिजिकल एक्टिविटी के रूप में की जाती है। शरीर को बीमारी का घर बनाने और दवाइयों का बोझ बढ़ाने से अच्छा है कि प्राकृतिक रूप से शरीर को स्वस्थ रखा जाए। ऐसे में सुबह की सैर के लाभ पाने के लिए नियमित दिनचर्या में इस आदत को शामिल करना बेहद लाभकारी साबित हो सकता है। उम्मीद है, मॉर्निंग वॉक से जुड़ा यह लेख आपको पसंद आया होगा। ऐसे में इस लेख को अपने करीबी और दोस्तों के साथ शेयर करना बिल्कुल न भूलें, ताकि उन्हें भी सुबह की सैर के सभी फायदे पता चल सकें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

मॉर्निंग वॉक से आपकी त्वचा को क्या फायदा होता है?

जैसा लेख में बता चुके हैं कि चलने से शरीर में ऑक्सीडेटिव तनाव कम किया जा सकता है, जो त्वचा की कोशिकाओं को सुरक्षा प्रदान करने में मदद कर सकता है। साथ ही इससे त्वचा के लिए एंटी-एजिंग प्रभाव भी प्रदर्शित होता है (30)। इस आधार पर अगर बढ़ती उम्र से जुड़ी त्वचा की परेशानियों को कम करना है, तो सुबह की सैर फायदेमंद हो सकती है।

क्या सुबह की सैर पेट की चर्बी कम करती है?

सुबह की सैर के समय तेज गति से चलना वजन घटाने में सहायक साबित हो सकता है। बशर्ते, इसके साथ ही संतुलित खान-पान को भी अपनाया जाए (17)। ऐसे में यह माना जा सकता है कि सुबह की सैर पेट की चर्बी कम करने के उपाय में भी मदद कर सकती है।

सुबह कितनी देर तक चलना चाहिए?

वाकिंग के फायदे पाने के लिए सुबह करीब 20 से 40 मिनट तक सैर करने की सलाह दी जाती है (2)

क्या सर्दियों में मॉर्निंग वॉक करना अच्छा है?

हां, सुबह की सैर किसी भी मौसम में की जा सकती है। इसके लिए बस आपको कुछ खास तैयारी करने की आवश्यकता हो सकती है, जैसे सर्दियों के मौसम में गर्म कपड़े पहनकर ही सुबह की सैर करने जाएं। वहीं बारिश के दिनों में बाहर टहलने की बजाय घर में ही थोड़ा-बहुत टहलना अच्छा विकल्प हो सकता है।

Sources

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