ओमेगा-3 फैटी एसिड युक्त खाद्य पदार्थ – Omega 3 Fatty Acid Rich Foods in Hindi

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हमारा शरीर सही तरीके से काम करता रहे, इसके लिए जरूरी है कि संतुलित आहार लिया जाए, जिसमें स्वास्थ्यवर्धक तत्व शामिल हों। स्वास्थ्यवर्धक तत्वों की लंबी लिस्ट है, लेकिन स्टाइलक्रेज के इस लेख में हम ओमेगा-3 फैटी एसिड के बारे में बात करेंगे। इस लेख में जानेंगे कि ओमेगा-3 फैटी एसिड क्या है और ओमेगा-3 फैटी एसिड युक्त खाद्य पदार्थ कौन-कौन से हैं। साथ इस आर्टिकल में हम यह भी जानने का प्रयास करेंगे कि स्वास्थ्य को बनाए रखने में ओमेगा-3 फैटी एसिड की क्या भूमिका हो सकती है।

नीचे है विस्तृत जानकारी

आइए, सबसे पहले जानते हैं कि ओमेगा-3 फैटी एसिड किसे कहा जाता है।

ओमेगा-3 फैटी एसिड क्या है ? Introduction About Omega 3 Fatty Acid

ओमेगा -3 फैटी एसिड एक प्रकार का पॉलीअनसैचुरेटेड फैटी एसिड (PFA) हैं, जिसे आहार से प्राप्त किया जा सकता है। स्वास्थ्य के लिहाज से पॉलीअनसैचुरेटेड फैटी एसिड को अच्छा माना गया है। प्राकृतिक रूप से ओमेगा-3 फैटी एसिड कुछ पौधों, कुछ प्राणियों में पाया जाता है। ओमेगा-3 फैटी एसिड तीन प्रकार के होते हैं – लिनोलेनिक एसिड (ALA), इकोसापेंटेनोइक एसिड (EPA) और डोकोसाहेक्सैनोइक एसिड (DHA)। ये फैटी एसिड (Fatty Acid) होते हैं, इसलिए इन्हें विटामिन-एफ के नाम से भी जाना जाता है। कोशिका झिल्ली में पाए जाने वाले फॉस्फोलिपिड्स (एक प्रकार का फैट) के रूप में ओमेगा-3 फैटी एसिड जमा होता है और कोशिका को सही रूप से कार्य करने के लिए तरलता प्रदान करता है (1)

सरल शब्दों में ओमेगा-3 फैटी एसिड कोशिका को सही तरह से कार्य करने की क्षमता देते हैं। अपने इसी गुण के चलते यह फैटी एसिड सूजन को कम कर सकते है और पुरानी बीमारियों जैसे हृदय रोग, कैंसर और गठिया के जोखिम को कम करने में मदद कर सकते हैं। ओमेगा-3 फैटी एसिड तंत्रिका तंत्र यानी नर्व सिस्टम के विकास और कार्यों में भी सहायक हो सकते हैं (1)

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आइए, अब जानते हैं कि लाभकारी ओमेगा-3 फैटी एसिड युक्त खाद्य पदार्थ कौन-कौन से हैं। 

ओमेगा-3 फैटी एसिड युक्त खाद्य पदार्थ – Omega 3 Fatty Acid Rich Foods in Hindi

1. अलसी के बीज 

अलसी के बीज यानी फ्लेक्स सीड (Flexseed) में अल्फा-लिनोलेनिक एसिड (ALA) पाया जाता है, जो ओमेगा-3 फैटी एसिड में से एक है। यह ह्रदय रोग के खतरे को कम करने में सहायक है। इतना ही नहीं अलसी के बीज से निकाले गए तेल का सेवन करने से ह्रदय संबंधी बीमारी जैसे उच्च कोलेस्ट्रॉल और उच्च रक्तचाप के लक्षणों में भी कमी लाई जा सकती है। इस शोध में इस बात का भी जिक्र है फ्लैक्ससीड में एंटीऑक्सीडेंट पाया जाता है, जो टाइप 1 मधुमेह से 71% और टाइप 2 मधुमेह से 80% तक बचा सकता है। अलसी का सेवन करने से तनाव भी कुछ हद तक कम हो सकता है। यह सारी जानकारी एनसीबीआई (नेशनल सेंटर फॉर बायोटेक्नोलॉजी इंफॉर्मेशन) की वेबसाइट पर उपलब्ध है (2)

अलसी में ओमेगा-3 फैटी एसिड की मात्रा :

एक चम्मच अलसी के बीज में 2.350 ग्राम अल्फा-लिनोलेनिक एसिड (ALA) पाया जाता है, जोकि ओमेगा-3 फैटी एसिड में से एक है। वहीं, अलसी के बीज के एक चम्मच तेल में इस गुणकारी तत्व की मात्रा 7.249 ग्राम है (2)

2. मछली 

ओमेगा-3 फैटी एसिड की पूर्ति के लिए मछली का सेवन भी लाभकारी साबित हो सकता है। खासतौर से ठंडे पानी में पाई जाने वाली मोटी मछलियां ओमेगा-3 फैटी एसिड का बड़ा स्रोत हैं, जैसे – सैल्मन, मैकेरल, टूना, हेरिंग और सार्डिन में उच्च मात्रा में ओमेगा -3 फैटी एसिड होता है। वहीं, बास, तिलपिया, कॉड और शेलफिश जैसी कम फैट वाली मछलियों में ओमेगा-3 फैटी एसिड की मात्रा कम हो सकती है। मछली में ओमेगा-3 फैटी एसिड की मात्रा इस बात पर भी निर्भर करती है कि उनको क्या खिलाया जा रहा है (3)।  

3 औंस (लगभग 85 ग्राम) मछलियों में पाई जाने वाली ओमेगा-3 की मात्रा (3) :
  • सैल्मन : DHA – 1.24 ग्राम, EPA – 0.59 ग्राम
  • मैकेरल : DHA – 0.59 ग्राम, EPA – 0.43 ग्राम
  • टूना :  DHA  – 0.09 ग्राम, EPA – 0.01 ग्राम
  • हेरिंग : DHA  – 0.94 ग्राम, EPA – 0.77 ग्राम
  • सार्डिन : DHA – 0.74 ग्राम, EPA – 0.45 ग्राम
  • बास : DHA – 0.47 ग्राम, EPA – 0.18 ग्राम
  • तिलपिया : ALA – 0.04 ग्राम, DHA –  0.11 ग्राम
  • कॉड : DHA – 0.10 ग्राम, EPA – 0.04 ग्राम

3. कॉड लिवर तेल 

कॉड लिवर तेल को ओमेगा 3 फैटी एसिड युक्त खाद्य पदार्थ नहीं, बल्कि इसका सप्लीमेंट माना जाता है। इसे कॉड मछली के लिवर से निकाला जाता है (4)। कॉड लिवर ऑयल में एंटीबैक्टीरियल और एंटीइन्फेक्शन गुण पाए जाते हैं, जो त्वचा के लिए लाभकारी हो सकते हैं (5)। सर्जरी के बाद रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने के लिए कई बार डॉक्टर फिश ऑयल्स का सेवन करने का सुझाव देते हैं (6)

100 ग्राम कॉड ऑयल में ओमेगा-3 फैटी एसिड की मात्रा (7) :
  • EPA : 6.898 ग्राम
  • DHA : 10.968 ग्राम

4. ओएस्टर

सी फूड को भी ओमेगा-3 फैटी एसिड का अच्छा स्रोत माना गया है, जिसमें ओएस्टर नाम सबसे ऊपर आताा है। इसे आम भाषा में सीप भी कहा जाता है। इसका सेवन ह्रदय रोग से बचाव के लिए किया जा सकता है। एनसीबीआई (नेशनल सेंटर फॉर बायोटेक्नोलॉजी इंफार्मेशन) द्वारा प्रकाशित एक स्टडी में पाया गया है कि ओमेगा-3 फैटी एसिड युक्त ओएस्टर दिल की धड़कनों को सामान्य रखकर हार्ट अटैक का खतरा कम करने में मदद कर सकता है। इसके अलावा, यह रक्त वाहिनियों को स्वस्थ बनाए रखने और खून को जमने से रोकने में मदद कर सकता है (8) 

ओएस्टर में पाई जाने वाली ओमेगा-3 फैटी एसिड की मात्रा : 

लगभग 85 ग्राम ओएस्टर में ALA की मात्रा 0.14 ग्राम है। इस गुणकारी सी फूड में EPA की मात्रा 0.23 ग्राम होती है और DHA 0.30 ग्राम पाया जाता है (3)

5. चिया सीड

चिया सीड भी ओमेगा-3 फैटी एसिड का बेहतरीन वानस्पतिक स्रोत है। यह सीरम लिपिड प्रोफाइल में सुधार लाकर ह्रदय को स्वस्थ रख सकता है (9)। एनसीबीआई की वेबसाइट पर प्रकाशित एक शोध में पाया गया है कि चिया सीड का सेवन मीनोपॉज के बाद महिलाओं में प्लाज्मा ओमेगा-3 फैटी एसिड (ALA और EPA) में वृद्धि कर सकता है। इस शोध में यह भी पाया गया है कि यह प्लाज्मा में DPA और DHA नाम के फैटी एसिड में बढ़ोत्तरी नहीं करता है (10)। प्लाज्मा खून में पाए जाने वाला वह तरल पदार्थ है, जो शरीर के सभी अंगों तक पोषक तत्व, हार्मोंस और प्रोटीन को ले जाने का काम करता है (11)। इसलिए, कहा जा सकता है कि चिया सीड का सेवन ह्रदय और रक्त संबंधी तंत्र के लिए अच्छा हो सकता है।

चिया सीड में पाई जाने वाली ओमेगा-3 फैटी एसिड की मात्रा :

करीब 28 ग्राम चिया सीड में 5.06 ग्राम अल्फा-लिनोलेनिक एसिड (ALA) पाया जाता है (3) 

आगे है और जानकारी

6. अखरोट

ओमेगा-3 फैटी एसिड आहार में अखरोट का नाम न लें, तो ये लिस्ट अधूरी है। ड्राई फ्रूट के रूप में इसका व्यापक इस्तेमाल होता है, क्योंकि यह स्वादिष्ट है और शरीर के लिए अच्छा माना जाता है। खासतौर पर अखरोट का सेवन न्यूरोजेनरेटिव (अल्जाइमर और पार्किंसन्स) बीमारियों में लाभदायक हो सकता है। एक वैज्ञानिक शोध में पाया गया है कि अखरोट में मौजूद ओमेगा-3 फैटी एसिड नर्व सिस्टम में सुधार करके बढ़ती उम्र और बीमारी के कारण होने वाली न्यूरोजेनरेटिव समस्याओं से बचाव कर सकता है (12)

अखरोट में पाई जाने वाली ओमेगा-3 फैटी एसिड की मात्रा :

करीब 28 ग्राम अखरोट में 2.57 ग्राम अल्फा-लिनोलेनिक एसिड (ALA) पाया जाता है (3)

7. अंडे

अंडे में पॉलीअनसैचुरेटेड फैटी एसिड पाया जाता है और ओमेगा-3 फैटी एसिड इसी का एक रूप है। साथ ही इसमें ल्यूटिन और जैक्सेंथीन जैसे तत्व भी मौजूद होते हैं, जो आंखों के लिए अच्छे माने जाते हैं (13)। एक वैज्ञानिक शोध इस बात की पुष्टि करता हैं कि बढ़ती उम्र में होने वाले दृष्टि दोष (Age-related Macular Degeneration) के लिए अंडे का सेवन फायदेमंद हो सकता है (14)

अंडे में पाई जाने वाली ओमेगा-3 फैटी एसिड की मात्रा :

ओमेगा-3 फैटी एसिड युक्त आहार में अंडा शामिल है। इसमें अल्प मात्र में ओमेगा-3 फैटी एसिड पाया जाता है। एक अंडे में 0.03 ग्राम DHA पाया जाता है (3)।  

8. सोयाबीन

सोयाबीन में प्रचुर मात्रा में ओमेगा-3 फैटी एसिड मौजूद होता है। अगर इसका सेवन संतुलित मात्रा में किया जाए, तो यह स्वास्थ्य के लिए लाभकारी हो सकता है (3)। वहीं, एक शोध में बताया गया है कि सोयाबीन ओमेगा-6 का भी अच्छा स्रोत है। इसलिए, अगर इसका अधिक सेवन किया जाए, तो यह अतिरिक्त कैलोरी का कारण बन सकता है, जिससे मोटापा बढ़ने का डर होता है (15)। इसलिए, सोयाबीन को किसी भी रूप में खाने से पहले डॉक्टर से सलाह जरूर लें।

9. कैनोला तेल

कैनोला तेल को सरसों की प्रजाति के एक पौधे से प्राप्त किया जाता है। इस पौधे को रेपसीड या सफेद सरसों के नाम से जाना जाता है। इसके बीज से निकाला गया कैनोला ऑयल स्वास्थ्य को कई लाभ दे सकता है। एनसीबीआई की वेबसाइट पर छपी एक स्टडी के अनुसार, ओमेगा-3 फैटी एसिड युक्त आहार के रूप में कैनोला ऑयल ह्रदय के लिए अच्छा हो सकता है। यह लिपिड प्रोफाइल में सुधार ला सकता है। कैनोला तेल का सेवन सूजन, मेटाबॉलिज्म विकार, इंसुलिन संवेदनशीलता व कैंसर कोशिका के विकास के जोखिम से बचा सकता है (16)

इस आर्टिकल में हमने जाना कि ओमेगा-3 फैटी एसिड क्या है और यह हमारे शरीर के लिए किस तरह फायदेमंद हो सकता है। इस लेख में ये जानकारी देने का भी प्रयास किया गया है कि किन पदार्थों का सेवन करने से ओमेगा-3 फैटी एसिड की पूर्ति की जा सकती है। उम्मीद है कि आपको यह जानकारी पसंद आई होगी। ओमेगा-3 फैटी एसिड युक्त आहार की जरूरत सभी के स्वास्थ्य और उम्र के अनुसार अलग-अलग होती है, इसलिए आप इन पदार्थों का सेवन करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें कि आपको ओमेगा-3 फैटी एसिड कितनी मात्रा में लेना चाहिए। ऐसे ही और महत्वपूर्ण जानकारी के लिए पढ़ते रहें स्टाइलक्रेज।

16 सन्दर्भ (Sources)

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Auli Tyagi

औली त्यागी उभरती लेखिका हैं, जिन्होंने हरिद्वार (उत्तराखंड) से पत्रकारिता और जनसंचार में एम.ए. की डिग्री हासिल की है। औली को लेखन के क्षेत्र में दो साल का अनुभव है। औली प्रतिष्ठित दैनिक अखबार और कम्युनिटी रेडियो स्टेशन से ट्रेनिंग ले चुकी हैं। औली सामाजिक मुद्दों पर लिखना पसंद करती हैं। लेखन के अलावा इन्हें वीडियो एडिटिंग और फोटोग्राफी का तकनीकी ज्ञान भी हैं। इन्हें हिंदी और उर्दू साहित्य में विशेष रुचि है।

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